मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने की SIR की समीक्षा, 14 जुलाई को सभी बूथों पर 'चुनाव पाठशाला' के निर्देश

रांची। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री के. रवि कुमार ने कहा कि राज्य में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत बीएलओ द्वारा मतदाताओं तक इन्यूमरेशन फॉर्म उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने मतदाताओं से आग्रह किया है कि बीएलओ द्वारा दिए गए इन्यूमरेशन फॉर्म को यथाशीघ्र भरकर एवं हस्ताक्षर कर लौटा दें । श्री के रवि कुमार शुक्रवार को जूम मीट के माध्यम से सभी जिलों के जिला निर्वाचन पदाधिकारी, ईआरओ, एईआरओ, उप निर्वाचन पदाधिकारी, कंप्यूटर ऑपरेटर एवं बीएलओ सुपरवाईजर से जूम मीट के माध्यम से की समीक्षा बैठक कर रहे थे।
श्री के रवि कुमार ने कहा कि जिन क्षेत्रों में डिजिटाइजेशन का काम धीमी गति से चल रहा है, वहां विशेष कैंप लगाकर कार्य में तेजी लाई जाए ताकि इसे समय सीमा के भीतर पूरा किया जा सके। उन्होंने कहा कि इन्यूमरेशन फॉर्म केवल पात्र भारतीय नागरिकों द्वारा ही भरा जाना है अपात्र व्यक्ति/व्यक्ति के लिए एवं गैर भारतीय/गैर भारतीय के लिए इन्यूमरेशन फॉर्म नहीं भरे जाने हैं। लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 31 के तहत किसी भी विदेशी नागरिक द्वारा अवैध रूप से फॉर्म भरना, गलत या भ्रामक जानकारी देना, अथवा बिना हस्ताक्षर किए फॉर्म जमा न करना एक दंडनीय अपराध है। ऐसा करने वाले विदेशी नागरिकों के खिलाफ ERO द्वारा सीधे FIR दर्ज की जाएगी।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया एक सहभागी एवं पारदर्शी प्रक्रिया है। प्रत्येक स्तर पर इससे सम्बन्धी जानकारियों एवं वस्तु स्थितियों से मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों एवं जनसाधारण को अवगत कराना अनिवार्य है। उन्हों कहा कि एएसडीडी सूची के सत्यापन हेतु आगामी 14 जुलाई को सभी जिलों में बीएलओ एवं बीएलए-2 की एक संयुक्त बैठक आयोजित करने का निर्देश दिया। इसके साथ ही उन्होंने 14 जुलाई को ही राज्य के सभी मतदान केंद्रों पर अनिवार्य रूप से 'चुनाव पाठशाला' का आयोजन हेतु भी निर्देश दिए । उन्होंने कहा कि चुनाव पाठशाला में एएसडीडी की सूची को पढ़कर उपस्थित सभी लोगों को सुनाया जाए ताकि प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बनी रहे।
श्री के. रवि कुमार ने कहा कि इन्यूमरेशन फॉर्म भरने से संबंधित किसी भी प्रकार के संशय या तकनीकी समस्या को दूर करने के लिए हर स्तर पर सभी संबंधित पदाधिकारियों को ट्रेनिंग दी गई है। यदि किसी मतदाता को इन्यूमरेशन फॉर्म भरने में किसी प्रकार का संशय होता है तो अपने बीएलओ, वोलेंटियर्स से सहायता ले सकते है अथवा मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय द्वारा जारी किए गए एआई वीडियो ट्यूटोरियल की भी सहायता ले सकते है यह वीडियो मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है ।
श्री के रवि कुमार ने समीक्षा के क्रम में सभी पदाधिकारियों द्वारा क्षेत्र में कार्य करने के दौरान आ रहे समस्याओं एवं संशयों को सुना एवं आवश्यक दिशा निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मतदाता इन्यूमरेशन फॉर्म भरते समय वर्तमान के अपनी सभी जानकारियों को सही सही भरें, वर्तमान के अन्य दस्तावेज में यदि कोई त्रुटि है तो उसे केवल मिलान करने के लिए वोटर आईडी में त्रुटि वाले जानकारी न भरें। उन्होंने कहा कि मैपिंग वाले कॉलम में जानकारियों को भरते समय उसे विगत के एसआईआर सूची में जो जानकारी दी गई है उसे ठीक वैसा ही भरें।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि झारखंड विशेष गहन पुनरीक्षण में बीएलओ द्वारा मतदाताओं के घर-घर तक दो प्रतियों में इन्यूमरेशन फॉर्म पहुंचाया जा रहा है। फॉर्म के सबसे ऊपरी हिस्से पर मतदाता के क्षेत्र की बूथ लेवल अधिकारी का नाम और मोबाइल नंबर अंकित होता है, जिससे किसी भी समस्या के समाधान के लिए उनसे संपर्क किया जा सके। फॉर्म के सबसे ऊपरी और पहले भाग में मतदाता का नाम, एपिक नंबर, पता, भाग संख्या, विधानसभा क्षेत्र और राज्य का नाम जैसी आवश्यक जानकारियां पहले से ही प्रिंटेड होती हैं। इसके साथ ही एक यूनिक क्यूआर कोड और पुरानी मुद्रित फोटो भी दी गई होती है, जिसके ठीक बगल में मतदाता को अपनी नई रंगीन पासपोर्ट साइज फोटो चिपकानी होगी या बीएलओ अपने बीएलओ ऐप में भी फोटो अपलोड कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि फॉर्म के दूसरा भाग में पिछले SIR में दर्ज विवरण को मतदाता की जन्म तिथि के अनुसार तीन अलग-अलग स्थितियों में भरना होता है:
पहली स्थिति: यदि मतदाता का जन्म 1 जुलाई 1987 से पहले भारत में हुआ है, तो प्रपत्र के बाएं हिस्से में विगत एसआईआर के मतदाता सूची के हूबहू केवल स्वयं का नाम, एपिक नंबर, पिता का नाम, संबंध, जिला, राज्य, विधानसभा क्षेत्र संख्या और भाग व क्रम संख्या दर्ज करनी होगी।
दूसरी स्थिति: यदि जन्म 1 जुलाई 1987 से 2 दिसंबर 2004 के बीच हुआ है, तो फॉर्म के दाएं हिस्से में विगत एसआईआर के मतदाता सूची के हूबहू माता या पिता में से किसी एक का विवरण (नाम, एपिक संख्या, उनके पिता का नाम, संबंध, जिला, राज्य और पूर्व दर्ज विधानसभा क्षेत्र व भाग/क्रम संख्या) भरना होगा।
तीसरी स्थिति: यदि मतदाता का जन्म 2 दिसंबर 2004 के बाद हुआ है, तो दाएं हिस्से को एक लकीर के माध्यम से दो भागों में विभाजित करके विगत एसआईआर के मतदाता सूची के हूबहू एक तरफ पिता और दूसरी तरफ माता, दोनों का विवरण स्पष्ट रूप से भरना है।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि इन्यूमरेशन फॉर्म के तीसरा भाग में सामान्य व्यक्तिगत जानकारी भरनी है। इस भाग को भरते समय वर्तमान के अन्य दस्तावेज में यदि कोई त्रुटि है तो उसे केवल मिलान करने के लिए वोटर आईडी में त्रुटि वाले जानकारी न भरें। इस भाग में मतदाता को अपनी कुछ सामान्य और मूलभूत जानकारियां दर्ज करनी होती हैं। इसमें जन्म तिथि (DD/MM/YYYY प्रारूप में), उपलब्ध होने पर आधार नंबर (वैकल्पिक), मोबाइल नंबर, पिता/अभिभावक का नाम और उनकी एपिक संख्या (यदि उपलब्ध हो), माता का नाम और उनकी एपिक संख्या, तथा आवश्यकतानुसार पति/पत्नी का नाम व उनकी मतदाता क्रमांक संख्या दर्ज करनी होती है।
श्री के रवि कुमार न कहा कि इन्यूमरेशन फॉर्म के चौथा भाग में घोषणा और हस्ताक्षर करना है फॉर्म के इस अंतिम हिस्से में तीन महत्वपूर्ण कानूनी घोषणाएं दी गई हैं। इनमें यह प्रमाणित करना होता है कि मतदाता ने किसी अन्य देश की नागरिकता प्राप्त नहीं की है, वह किसी अन्य विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में शामिल नहीं है, और दी गई सभी जानकारियां पूरी तरह सत्य हैं। यदि मतदाता स्वयं फॉर्म भर रहा है या परिवार का कोई वयस्क सदस्य किसी सदस्य की अनुपस्थिति में इसे भर रहा है, तो उन्हें सबसे नीचे दाहिनी तरफ अपने हस्ताक्षर करने होंगे। यदि कोई अन्य वयस्क सदस्य हस्ताक्षर कर रहा है, तो उसे मतदाता से अपने संबंध का उल्लेख भी करना होगा।
इस अवसर पर अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री सुबोध कुमार, अवर निर्वाचन पदाधिकारी श्री सुनील कुमार सहित सभी जिलों के जिला निर्वाचन पदाधिकारी ईआरओ, एईआरओ, उप निर्वाचन पदाधिकारी, कंप्यूटर ऑपरेटर एवं बीएलओ सुपरवाईजर उपस्थित थे ।
8 hours ago
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