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रांची में बैठे प्रदर्शनकारियों से राहुल गांधी ने की बात, मांगों पर सीएम हेमंत से बात करने का दिलाया भरोसा

#jharkhand

झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे युवाओं को कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने हर संभव मदद देने का आश्वासन दिया है। झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी की भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं के खिलाफ यह प्रदर्शन हो रहा है। आज 14वें दिन भी स्टूडेंट्स आंदोलन कर रहे हैं। इस बीच लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रदर्शनकारी छात्रों से फोन पर बात की है और हर संभव मदद का भरोसा दिया है। बता दें कि कांग्रेस राज्य में सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) नीत गठबंधन का एक घटक दल है।

छात्रों को दिया हर संभव मदद का भरोसा

छात्र नेताओं ने दावा किया कि गुरुवार देर शाम राहुल गांदी से फोन पर बातचीत हुई। धरना दे रहे छात्र नेताओं की राहुल गांधी से बातचीत रांची महानगर कांग्रेस अध्यक्ष कुमार राजा के मोबाइल फोन के माध्यम से कराई गई। बातचीत के दौरान राहुल गांधी ने प्रदर्शनकारियों से अपनी मांगों का विवरण भेजने को कहा और उन्हें आश्वासन दिया कि वह उनकी समस्याओं को लेकर राज्य सरकार से बात करेंगे। वो इस मामले को लेकर सीएम हेमंत सोरेन से भी बात कर सकते हैं।

मांगों की सूची व्हाट्सएप पर मंगाई

ये बातचीत लगभग 10 मिनट तक चली। राहुल गांधी ने प्रदर्शनकारी छात्रों से कहा कि वे अपनी सभी मांगों का विस्तृत ज्ञापन उन्हें व्हाट्सएप पर भेजें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वह पूरे मामले पर झारखंड सरकार से बात करेंगे और छात्रों की मांगों के समाधान का प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि छात्रों की आवाज सुनी जानी चाहिए और उनके साथ न्याय होना चाहिए।

क्या है छात्रों की मांगें?

प्रदर्शनकारी 14वीं झारखंड लोक सेवा आयोग सिविल सेवा परीक्षा रद्द करने और भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच की मांग कर रहे हैं। उनकी मांग है कि यह जांच या तो केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से कराई जाए या फिर राज्य के बाहर के उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीशों के एक पैनल से कराई जाए। उन्होंने जेपीएससी और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) में व्यापक सुधारों पर भी जोर दिया।

वार्ता के लिए 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल गठित

इधर, प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों ने गतिरोध को समाप्त करने के लिए सरकार के साथ बातचीत करने के लिए 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल गठित किया। प्रतिनिधिमंडल में आठ छात्र प्रतिनिधियों के अलावा दो पत्रकार और एक अधिवक्ता को शामिल किया गया। छात्रों ने स्पष्ट किया है कि सरकार के समक्ष केवल छात्र प्रतिनिधि ही अपनी मांगें रखेंगे। पत्रकार और अधिवक्ता केवल अभिभावक एवं मार्गदर्शक की भूमिका में मौजूद रहेंगे।

जेपीएससी-जेएससीसी परीक्षा विवाद पर डटे आंदोलकारी छात्र, सीएम हेमंत से वार्ता का इंतजार

#jpscjsccexamcontroversystudentstoholdtalkswith_government

झारखंड में झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की 14वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में चल रहा छात्र आंदोलन अब एक व्यापक अभियान का रूप ले चुका है। छात्रों का आरोप है कि राज्य में भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता लगातार सवालों के घेरे में रही है। आंदोलनकारी छात्रों का कहना है कि सिर्फ 14वीं जेपीएससी ही नहीं बल्कि पिछले सात वर्षों में जेपीएससी और जेएसएससी की कई भर्ती परीक्षाएं विवादों में रही हैं। इसलिए वे केवल एक परीक्षा की नहीं बल्कि वर्ष 2019 से अब तक आयोजित सभी विवादित भर्ती परीक्षाओं की सीबीआई जांच कराने की मांग कर रहे हैं।

आंदोलनकारी छात्रों का प्रतिनिधिमंडल तैयार

जयपाल सिंह स्टेडियम में जारी छात्रों आंदोलन के बीच बातचीत का रास्ता भी खुल गया है। सरकार के साथ होने वाली बातचीत को लेकर आंदोलनकारी छात्रों ने प्रतिनिधिमंडल की सूची जारी कर दी है। इस प्रतिनिधिमंडल के नेतृत्व में राज्य सरकार के साथ वार्ता होगी। प्रतिनिधिमंडल में आठ छात्र प्रतिनिधियों के अलावा दो पत्रकार और एक वकील को शामिल किया गया। हालांकि उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि वार्ता के दौरान सभी मांगे और तथ्य केवल छात्र प्रतिनिधि ही सरकार के सामने रखेंगे।

वार्ता के प्रस्ताव के बाद भी नहीं आया बुलावा

सरकार की ओर से वार्ता का प्रस्ताव दिए जाने के बावजूद अब तक छात्र प्रतिनिधियों को औपचारिक रूप से बातचीत के लिए नहीं बुलाया गया है। इससे आंदोलनरत छात्रों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। आंदोलनकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि सरकार के साथ होने वाली वार्ता सकारात्मक नहीं रही, तो 10 अगस्त को विधानसभा का घेराव किया जाएगा। आंदोलन अब तक पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से चल रहा है। प्रदर्शन स्थल पर राष्ट्रभक्ति गीतों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से छात्र अपनी बात रख रहे हैं।

छात्रों की प्रमुख मांगें हैं

-वर्ष 2019 से अब तक JPSC और JSSC की सभी विवादित परीक्षाओं की CBI जांच।

-जिन परीक्षाओं में अनियमितता साबित हो, उन्हें रद्द कर दोबारा परीक्षा कराई जाए।

-दोषी अधिकारियों, कर्मचारियों, बिचौलियों और लाभार्थियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई हो।

-भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाए।

-भविष्य में पेपर लीक रोकने के लिए मजबूत सुरक्षा व्यवस्था लागू की जाए।

झारखंड सरकार युवाओं को दे रही रोजगार के अवसर; जेएसएससी सीजीएल-2023 के सफल अभ्यर्थियों ने संभाली जिम्मेदारी।

रांची: झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) द्वारा आयोजित CGL-2023 परीक्षा में सफलता प्राप्त कर विभिन्न अंचलों में नियुक्त हुए अंचल निरीक्षक (सर्किल इंस्पेक्टर) और कानूनगो ने सोमवार को रांची के उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी श्री मंजूनाथ भजन्त्री से औपचारिक मुलाकात की। समाहरणालय स्थित सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में उपायुक्त ने नए अधिकारियों का मार्गदर्शन किया।

सरकार की नीतियों का परिणाम

उपायुक्त ने सभी नव नियुक्त कर्मचारियों को बधाई देते हुए कहा कि उनकी नियुक्ति राज्य सरकार की दूरदर्शी नीतियों और युवाओं को रोजगार देने की प्रतिबद्धता का सुखद परिणाम है। उन्होंने जोर दिया कि प्रतिभाशाली अधिकारियों के आने से जिले की प्रशासनिक व्यवस्था और अधिक सशक्त होगी।

डीसी के 4 महत्वपूर्ण गुरुमंत्र:

उपायुक्त ने नव नियुक्त अधिकारियों को संबोधित करते हुए चार प्रमुख बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित करने को कहा:

सीखने की प्रवृत्ति: प्रशासनिक करियर की शुरुआत में निरंतर सीखना आवश्यक है। कभी भी अहंकार (ईगो) को अपने काम के बीच न आने दें।

क्षेत्रीय अनुभव: कागजी कार्यवाही के साथ-साथ फील्ड में जाकर भूमि संबंधी मामलों और राजस्व संग्रहण की बारीकियों को समझें।

जनता से व्यवहार: आम जनता के साथ शालीनता और धैर्य से पेश आएं। दुर्व्यवहार किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

ईमानदारी: अपने कार्यों में पूर्ण पारदर्शिता और निष्पक्षता बरतें ताकि शासन की छवि उज्ज्वल बनी रहे।

अबुआ साथी: जनता के लिए नई पहल

कार्यक्रम के दौरान रांची जिला प्रशासन के आधिकारिक व्हाट्सएप नंबर 9430328080 (अबुआ साथी) का भी उल्लेख किया गया, जिसके माध्यम से जनता सीधे अपनी शिकायतें दर्ज करा सकती है। उपायुक्त ने विश्वास जताया कि ये युवा अधिकारी राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर उतारने में सेतु का काम करेंगे।

उत्पाद सिपाही बहाली की दौड़ 10 सितंबर से फिर शुरू, पलामू के चियांकी केंद्र में परीक्षा नहीं |

Ranchi | 10-09-2024 : एडीजी मुख्यालय आरके मल्लिक ने कहा कि जेएसएससी द्वारा आयोजित उत्पाद सिपाही (JSSC Excise Constable) की बहाली के लिए शारीरिक दक्षता परीक्षा छह केंद्रों पर 10 सितंबर से शुरू होगी. वहीं, पलामू के चियांकी हवाई अड्डा स्थित केंद्र पर अब शेष शारीरिक दक्षता परीक्षा नहीं होगी. इस केंद्र के शेष अभ्यर्थियों, जिनकी परीक्षा तीन से नौ सितंबर 2024 तक होनी थी, वह अब बाकी के छह चयन पर्षद के केंद्रों पर ली जायेगी. यह परीक्षा 19-20 सितंबर तक होगी. क्योंकि 14 से 17 सितंबर तक अवकाश है.



झारखंड कैबिनेट का बड़ा फैसला: पेसा नियमावली 2025 को मंजूरी, JSSC परीक्षा नियमों में संशोधन और नई नियुक्तियों का रास्ता साफ

रांची: मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में मंगलवार को झारखंड मंत्रालय में मंत्रिपरिषद की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में राज्य के विकास, रोजगार और सामाजिक न्याय से जुड़े कई अहम प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। कैबिनेट ने पेसा (PESA) नियमावली 2025 के गठन को स्वीकृति देकर अनुसूचित क्षेत्रों के लिए ऐतिहासिक कदम उठाया है।

प्रमुख निर्णय और उनके प्रभाव:

1. नियुक्ति और रोजगार में तेजी: सरकार ने JSSC की मैट्रिक और इंटरमीडिएट स्तर की परीक्षा संचालन नियमावलियों में आवश्यक संशोधन किए हैं, जिससे लंबित नियुक्तियों में तेजी आएगी। साथ ही, सीधी नियुक्ति हेतु नई आयु सीमा का निर्धारण और परिवहन विभाग में 21 मोटरयान निरीक्षकों (MVI) के पदों के सृजन को मंजूरी दी गई है।

2. कस्तूरबा विद्यालयों का कायाकल्प: राज्य के 21 कस्तूरबा गाँधी बालिका विद्यालयों में छात्रावास निर्माण के लिए ₹51.16 करोड़ की भारी-भरकम राशि स्वीकृत की गई है। इसके अतिरिक्त, आकांक्षा कार्यक्रम के शिक्षकों के मानदेय में भी वृद्धि की गई है।

3. सड़क और इंफ्रास्ट्रक्चर: दुमका और जमशेदपुर (बहरागोड़ा) में सड़कों के सुदृढ़ीकरण और चौड़ीकरण के लिए लगभग ₹73 करोड़ के प्रस्तावों को प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। वहीं, सरकारी आवासों और कार्यालयों के पुनर्विकास के लिए NBCC के साथ MoU को हरी झंडी मिली है।

4. लापरवाह डॉक्टरों पर कार्रवाई: कर्तव्य से अनधिकृत रूप से गायब रहने के कारण साहेबगंज की चिकित्सा पदाधिकारी डॉ० मिनी सिन्हा और ओरमांझी की दंत चिकित्सक डॉ० रीमा को सेवा से बर्खास्त करने का कड़ा फैसला लिया गया है।

5. किसानों और पशुपालकों के लिए पहल: राँची के काँके स्थित राजकीय बेकन फैक्ट्री को पुनर्जीवित करने के लिए हैदराबाद के राष्ट्रीय मांस अनुसंधान संस्थान के साथ समझौता किया गया है। साथ ही बागवानी विकास के लिए बेंगलुरु के संस्थान से परामर्शी सेवा लेने पर सहमति बनी है।

हाईकोर्ट के फैसले से JSSC-CGL अभ्यर्थियों में खुशी की लहर!


CBI जांच की मांग वाली याचिका खारिज; रिजल्ट जारी करने का निर्देश मिलते ही रांची में जश्न

रांची, 4 दिसंबर 2025।

झारखंड उच्च न्यायालय द्वारा झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) संयुक्त स्नातक स्तरीय परीक्षा (CGL) के कथित पेपर लीक मामले में सीबीआई जांच की मांग वाली याचिका को खारिज कर देने के बाद राज्यभर के हजारों अभ्यर्थियों में खुशी की लहर दौड़ गई है। बुधवार को फैसला आने के कुछ ही घंटों के भीतर, राजधानी रांची के अल्बर्ट एक्का चौक पर बड़ी संख्या में अभ्यर्थी जमा हो गए और जमकर जश्न मनाया।

जश्न और अभ्यर्थियों की प्रतिक्रिया

खुशी का इजहार: अभ्यर्थियों ने ढोल-नगाड़ों की थाप पर खुशी जाहिर की और एक-दूसरे को मिठाइयां खिलाकर अपनी खुशी बांटी।

राहत की सांस: अभ्यर्थियों का कहना है कि वे लंबे समय से रिजल्ट जारी होने का इंतजार कर रहे थे, जिससे उनकी तैयारी और रोजगार दोनों प्रभावित हो रहे थे। हाईकोर्ट द्वारा रिजल्ट जारी कर नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए जाने के बाद उन्होंने राहत की सांस ली है।

नई शुरुआत: कई अभ्यर्थियों ने इस फैसले को अपने 'करियर की नई शुरुआत' बताते हुए सरकार और आयोग से जल्द से जल्द प्रक्रिया पूरी करने की अपील की।

न्यायालय का फैसला

हाईकोर्ट की खंडपीठ, जिसमें चीफ जस्टिस तरलोक सिंह चौहान और जस्टिस राजेश शंकर शामिल थे, ने 3 नवंबर को सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था।

मुख्य निर्णय: अदालत ने बुधवार को सीबीआई जांच की मांग को खारिज कर दिया और आयोग को परिणाम जारी करने का निर्देश दिया।

रोक: हालांकि, कोर्ट ने उन दस अभ्यर्थियों के रिजल्ट पर रोक लगा दी है, जिन्होंने कथित तौर पर नेपाल में रहकर परीक्षा की तैयारी की थी।

याचिकाकर्ताओं की दलीलें

याचिका दायर करने वाले अभ्यर्थियों की ओर से वरीय अधिवक्ता अजीत कुमार और अधिवक्ता समीर रंजन ने बहस की थी। उन्होंने सुनवाई के दौरान दावा किया था कि 22 सितंबर 2024 को आयोजित परीक्षा से पहले प्रश्न पत्र लीक हुआ था। उनकी दलीलों में व्हाट्सएप चैट, संदिग्धों के बयान, नेपाल कनेक्शन और कथित भुगतान के सबूतों का हवाला दिया गया था।

अल्बर्ट एक्का चौक पर जुटे अभ्यर्थियों ने कहा कि हाईकोर्ट का यह निर्णय उनके भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। इस फैसले से लंबे समय से अटकी भर्ती प्रक्रिया का रास्ता साफ हो गया है और हजारों युवाओं में नई उम्मीद जगी है।

सर्प संरक्षणकर्मी शिव खनाल सम्मानित

असिस्टेंट प्रोफेसरों की नियुक्ति पर हाईकोर्ट सख्त, JPSC ने कहा- 'दो महीने में शुरू होगी बहाली प्रक्रिया'

रांची: झारखंड उच्च न्यायालय में आज विश्वविद्यालयों में नियमित असिस्टेंट प्रोफेसरों और गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों की नियुक्ति से जुड़ी जनहित याचिका पर सुनवाई हुई। मुख्य न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान और न्यायमूर्ति राजेश शंकर की खंडपीठ ने इस मामले में झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) को कई निर्देश दिए हैं।

468 पदों पर दो माह में शुरू होगी बहाली

सुनवाई के दौरान JPSC के अधिवक्ता अभय प्रकाश ने कोर्ट को बताया कि रांची विश्वविद्यालय से 468 असिस्टेंट प्रोफेसर के पदों की मांग प्राप्त हुई है, जिनमें से 431 पद सामान्य नियुक्ति के हैं और 37 पद बैकलॉग के हैं। JPSC ने अदालत को आश्वासन दिया कि इन सभी पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया अगले दो महीनों के भीतर शुरू कर दी जाएगी और इसके लिए जल्द ही विज्ञापन जारी होगा। इसके साथ ही, वर्ष 2018 में विज्ञापित 400 पदों की लंबित नियुक्ति प्रक्रिया को भी पूरा किया जाएगा।

JSSC को भी जारी हुआ नोटिस

उच्च न्यायालय ने इस मामले में झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) को भी प्रतिवादी बनाते हुए नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने JSSC को विश्वविद्यालयों में तृतीय श्रेणी के गैर-शैक्षणिक कर्मियों की नियुक्ति को लेकर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। याचिकाकर्ताओं ने कोर्ट में दलील दी थी कि नियमित नियुक्ति के बजाय संविदा पर हो रही नियुक्तियां नियमों का उल्लंघन हैं, जिससे शैक्षणिक गुणवत्ता प्रभावित हो रही है।

खंडपीठ ने इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 22 अगस्त 2025 की तारीख तय की है।

झारखंड में 8200 नए शिक्षकों की बंपर भर्ती जल्द: सरकारी स्कूलों को मिलेगी नई ऊर्जा!

झा. डेस्क

झारखंड के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर करने और शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। राज्य सरकार जल्द ही 8200 नए शिक्षकों की भर्ती करने जा रही है, जिससे हजारों युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे और राज्य के शैक्षिक परिदृश्य में एक नई ऊर्जा का संचार होगा। झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) द्वारा संचालित इस भर्ती प्रक्रिया में 5600 प्राथमिक शिक्षक (कक्षा 1 से 5 के लिए) और 2600 विज्ञान शिक्षक (कक्षा 6 से 8 के लिए) शामिल होंगे।

यह भर्ती उन स्कूलों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है जो वर्तमान में केवल एक शिक्षक के भरोसे चल रहे हैं। JSSC ने स्पष्ट किया है कि ऐसे स्कूलों को भर्ती प्रक्रिया में प्राथमिकता दी जाएगी ताकि वहां छात्रों को पर्याप्त शैक्षणिक सहायता मिल सके। यह सुनिश्चित करेगा कि सुदूर और ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चे भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से वंचित न रहें। प्राथमिक स्तर पर 5600 शिक्षकों की नियुक्ति से बुनियादी शिक्षा की नींव मजबूत होगी, जिससे छोटे बच्चों को बेहतर मार्गदर्शन मिलेगा। वहीं, माध्यमिक स्तर पर 2600 विज्ञान शिक्षकों की भर्ती से विज्ञान शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा, जो कि आज के तकनीकी युग में अत्यंत आवश्यक है। यह कदम छात्रों को वैज्ञानिक सोच विकसित करने और भविष्य में विज्ञान-आधारित करियर चुनने के लिए प्रेरित करेगा।

इस वृहद भर्ती अभियान से न केवल शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि शिक्षकों पर काम का बोझ भी कम होगा, जिससे वे अपने छात्रों पर अधिक ध्यान केंद्रित कर पाएंगे। इसके अतिरिक्त, बड़ी संख्या में शिक्षकों की उपलब्धता से कक्षाओं में छात्र-शिक्षक अनुपात बेहतर होगा, जो सीखने के माहौल को और अधिक प्रभावी बनाएगा। झारखंड सरकार का यह निर्णय राज्य के शिक्षा क्षेत्र में एक मील का पत्थर साबित होगा, जिससे लाखों छात्रों का भविष्य उज्ज्वल होगा। आगामी दिनों में झारखंड कर्मचारी चयन आयोग द्वारा इस भर्ती से संबंधित विस्तृत अधिसूचना जारी की जाएगी, जिसमें आवेदन प्रक्रिया, पात्रता मानदंड और चयन प्रक्रिया की पूरी जानकारी उपलब्ध होगी।यह भर्ती झारखंड के युवाओं के लिए एक सुनहरा अवसर है जो शिक्षण के क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहते हैं।

फर्जी विज्ञापन द्वारा युवाओं सेकिया जा रहा है ठगी का प्रयास,NHM निदेशक ने की अपील, किसी फर्जी विज्ञापन से रहे सावधान


झारखंड में एक तो बेरोजगारी चरम पर है।युवकों की नौकरी नहीं लग रही , jpsc और jssc पर तरह तरह के आरोप लग रहे है। जो परीक्षा संचालित किए जाते है उनपर पर्चा लीक होने का आरोप लग रहे है ऐसे में बेरोजगार की ठगने का नया हथकंडा अपनाया जा रहा है।

क्या है मामला

बेरोजगार युवाओं को ठगने के लिए ठग अलग-अलग हथकंडे अपनाते रहते हैं. मामला झारखंड में एक फर्जी वेबसाइट की है. जिसके माध्यम से बेरोजगार युवाओं से नौकरी के नाम पर ठगी की जा रही है. इस फर्जी वेबसाइट पर झारखंड ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन समिति के नाम पर विभिन्न पदों की नियुक्तियों के लिए आवेदन मांग रही है.

NHM निदेशक ने की अपील

फर्जी विज्ञापन निकाल कर बेरोजगार युवाओं से परीक्षा फीस के नाम पर पैसे ऐंठने की जानकारी झारखंड के राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) और स्वास्थ्य विभाग तक पहुंच चुकी है. इस दौरान NHM के अभियान निदेशक अबु इमरान ने युवा वर्ग से अपील कर कहा कि स्वास्थ्य विभाग में नौकरी दिलाने वाले फर्जी विज्ञापनों से सावधान रहें.

अभियान निदेशक को विभिन्न माध्यमों से जानकारी मिली थी कि ‘ई-औषधि’ नाम के एक फर्जी विज्ञापन के माध्यम से प्रोजेक्ट मैनेजर और अन्य पदों पर भर्ती निकाली गई है.जबकि ये विज्ञापन के तरफ से नही निकाला गया है।

विज्ञापन से विभाग का कोई लेना देना नहीं

अबू इमरान ने कहा कि इस विज्ञापन से झारखंड सरकार के स्वास्थ्य विभाग और इसके अनुषंगी इकाइयों का कोई लेना देना नहीं है. यह विज्ञापन फर्जी है और राज्य के बेरोजगार युवा इस फर्जी विज्ञापन के झांसे में न आएं. अभियान निदेशक अबु इमरान ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के वरिष्ठ अधिकारियों को इस संबंध में जांच और कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं.

विभाग की ये है प्रक्रिया

अबु इमरान ने कहा है कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन और इसके अनुषंगी इकाइयों में भर्ती विज्ञापन आईपीआरडी द्वारा जारी की जाती है. विज्ञापन की जानकारी राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, झारखंड की अधिकृत वेबसाइट https://jrhms.jharkhand.gov.in/ पर भी दी जाती है.

इस वेबसाइट को बताया फर्जी

झारखंड राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की ओर से बताया गया है कि e-aushadhijharkhand.online यह एक फर्जी वेबसाइट है. इस संदर्भ में आयुष निदेशालय की निदेशक सीमा उदयपुरी ने भी स्पष्ट किया है कि आयुष निदेशालय के द्वारा e-aushadhi के लिए कोई भी नियुक्तियां नहीं निकाली गई है।

परीक्षा और नियुक्ति के लिए न ही किसी तरह की राशि की मांग की गई है. उन्होंने कहा कि e- aushadhijharkhand.online वेबसाइट पर दिए गए सभी नियुक्ति फर्जी हैं और आयुष निदेशालय द्वारा ऐसी कोई भर्ती नहीं की जा रही है. यह वेबसाइट पूर्ण रूप से फर्जी है.

रांची में बैठे प्रदर्शनकारियों से राहुल गांधी ने की बात, मांगों पर सीएम हेमंत से बात करने का दिलाया भरोसा

#jharkhand

झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे युवाओं को कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने हर संभव मदद देने का आश्वासन दिया है। झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी की भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं के खिलाफ यह प्रदर्शन हो रहा है। आज 14वें दिन भी स्टूडेंट्स आंदोलन कर रहे हैं। इस बीच लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रदर्शनकारी छात्रों से फोन पर बात की है और हर संभव मदद का भरोसा दिया है। बता दें कि कांग्रेस राज्य में सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) नीत गठबंधन का एक घटक दल है।

छात्रों को दिया हर संभव मदद का भरोसा

छात्र नेताओं ने दावा किया कि गुरुवार देर शाम राहुल गांदी से फोन पर बातचीत हुई। धरना दे रहे छात्र नेताओं की राहुल गांधी से बातचीत रांची महानगर कांग्रेस अध्यक्ष कुमार राजा के मोबाइल फोन के माध्यम से कराई गई। बातचीत के दौरान राहुल गांधी ने प्रदर्शनकारियों से अपनी मांगों का विवरण भेजने को कहा और उन्हें आश्वासन दिया कि वह उनकी समस्याओं को लेकर राज्य सरकार से बात करेंगे। वो इस मामले को लेकर सीएम हेमंत सोरेन से भी बात कर सकते हैं।

मांगों की सूची व्हाट्सएप पर मंगाई

ये बातचीत लगभग 10 मिनट तक चली। राहुल गांधी ने प्रदर्शनकारी छात्रों से कहा कि वे अपनी सभी मांगों का विस्तृत ज्ञापन उन्हें व्हाट्सएप पर भेजें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वह पूरे मामले पर झारखंड सरकार से बात करेंगे और छात्रों की मांगों के समाधान का प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि छात्रों की आवाज सुनी जानी चाहिए और उनके साथ न्याय होना चाहिए।

क्या है छात्रों की मांगें?

प्रदर्शनकारी 14वीं झारखंड लोक सेवा आयोग सिविल सेवा परीक्षा रद्द करने और भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच की मांग कर रहे हैं। उनकी मांग है कि यह जांच या तो केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से कराई जाए या फिर राज्य के बाहर के उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीशों के एक पैनल से कराई जाए। उन्होंने जेपीएससी और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) में व्यापक सुधारों पर भी जोर दिया।

वार्ता के लिए 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल गठित

इधर, प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों ने गतिरोध को समाप्त करने के लिए सरकार के साथ बातचीत करने के लिए 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल गठित किया। प्रतिनिधिमंडल में आठ छात्र प्रतिनिधियों के अलावा दो पत्रकार और एक अधिवक्ता को शामिल किया गया। छात्रों ने स्पष्ट किया है कि सरकार के समक्ष केवल छात्र प्रतिनिधि ही अपनी मांगें रखेंगे। पत्रकार और अधिवक्ता केवल अभिभावक एवं मार्गदर्शक की भूमिका में मौजूद रहेंगे।

जेपीएससी-जेएससीसी परीक्षा विवाद पर डटे आंदोलकारी छात्र, सीएम हेमंत से वार्ता का इंतजार

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झारखंड में झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की 14वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में चल रहा छात्र आंदोलन अब एक व्यापक अभियान का रूप ले चुका है। छात्रों का आरोप है कि राज्य में भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता लगातार सवालों के घेरे में रही है। आंदोलनकारी छात्रों का कहना है कि सिर्फ 14वीं जेपीएससी ही नहीं बल्कि पिछले सात वर्षों में जेपीएससी और जेएसएससी की कई भर्ती परीक्षाएं विवादों में रही हैं। इसलिए वे केवल एक परीक्षा की नहीं बल्कि वर्ष 2019 से अब तक आयोजित सभी विवादित भर्ती परीक्षाओं की सीबीआई जांच कराने की मांग कर रहे हैं।

आंदोलनकारी छात्रों का प्रतिनिधिमंडल तैयार

जयपाल सिंह स्टेडियम में जारी छात्रों आंदोलन के बीच बातचीत का रास्ता भी खुल गया है। सरकार के साथ होने वाली बातचीत को लेकर आंदोलनकारी छात्रों ने प्रतिनिधिमंडल की सूची जारी कर दी है। इस प्रतिनिधिमंडल के नेतृत्व में राज्य सरकार के साथ वार्ता होगी। प्रतिनिधिमंडल में आठ छात्र प्रतिनिधियों के अलावा दो पत्रकार और एक वकील को शामिल किया गया। हालांकि उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि वार्ता के दौरान सभी मांगे और तथ्य केवल छात्र प्रतिनिधि ही सरकार के सामने रखेंगे।

वार्ता के प्रस्ताव के बाद भी नहीं आया बुलावा

सरकार की ओर से वार्ता का प्रस्ताव दिए जाने के बावजूद अब तक छात्र प्रतिनिधियों को औपचारिक रूप से बातचीत के लिए नहीं बुलाया गया है। इससे आंदोलनरत छात्रों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। आंदोलनकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि सरकार के साथ होने वाली वार्ता सकारात्मक नहीं रही, तो 10 अगस्त को विधानसभा का घेराव किया जाएगा। आंदोलन अब तक पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से चल रहा है। प्रदर्शन स्थल पर राष्ट्रभक्ति गीतों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से छात्र अपनी बात रख रहे हैं।

छात्रों की प्रमुख मांगें हैं

-वर्ष 2019 से अब तक JPSC और JSSC की सभी विवादित परीक्षाओं की CBI जांच।

-जिन परीक्षाओं में अनियमितता साबित हो, उन्हें रद्द कर दोबारा परीक्षा कराई जाए।

-दोषी अधिकारियों, कर्मचारियों, बिचौलियों और लाभार्थियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई हो।

-भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाए।

-भविष्य में पेपर लीक रोकने के लिए मजबूत सुरक्षा व्यवस्था लागू की जाए।

झारखंड सरकार युवाओं को दे रही रोजगार के अवसर; जेएसएससी सीजीएल-2023 के सफल अभ्यर्थियों ने संभाली जिम्मेदारी।

रांची: झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) द्वारा आयोजित CGL-2023 परीक्षा में सफलता प्राप्त कर विभिन्न अंचलों में नियुक्त हुए अंचल निरीक्षक (सर्किल इंस्पेक्टर) और कानूनगो ने सोमवार को रांची के उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी श्री मंजूनाथ भजन्त्री से औपचारिक मुलाकात की। समाहरणालय स्थित सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में उपायुक्त ने नए अधिकारियों का मार्गदर्शन किया।

सरकार की नीतियों का परिणाम

उपायुक्त ने सभी नव नियुक्त कर्मचारियों को बधाई देते हुए कहा कि उनकी नियुक्ति राज्य सरकार की दूरदर्शी नीतियों और युवाओं को रोजगार देने की प्रतिबद्धता का सुखद परिणाम है। उन्होंने जोर दिया कि प्रतिभाशाली अधिकारियों के आने से जिले की प्रशासनिक व्यवस्था और अधिक सशक्त होगी।

डीसी के 4 महत्वपूर्ण गुरुमंत्र:

उपायुक्त ने नव नियुक्त अधिकारियों को संबोधित करते हुए चार प्रमुख बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित करने को कहा:

सीखने की प्रवृत्ति: प्रशासनिक करियर की शुरुआत में निरंतर सीखना आवश्यक है। कभी भी अहंकार (ईगो) को अपने काम के बीच न आने दें।

क्षेत्रीय अनुभव: कागजी कार्यवाही के साथ-साथ फील्ड में जाकर भूमि संबंधी मामलों और राजस्व संग्रहण की बारीकियों को समझें।

जनता से व्यवहार: आम जनता के साथ शालीनता और धैर्य से पेश आएं। दुर्व्यवहार किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

ईमानदारी: अपने कार्यों में पूर्ण पारदर्शिता और निष्पक्षता बरतें ताकि शासन की छवि उज्ज्वल बनी रहे।

अबुआ साथी: जनता के लिए नई पहल

कार्यक्रम के दौरान रांची जिला प्रशासन के आधिकारिक व्हाट्सएप नंबर 9430328080 (अबुआ साथी) का भी उल्लेख किया गया, जिसके माध्यम से जनता सीधे अपनी शिकायतें दर्ज करा सकती है। उपायुक्त ने विश्वास जताया कि ये युवा अधिकारी राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर उतारने में सेतु का काम करेंगे।

उत्पाद सिपाही बहाली की दौड़ 10 सितंबर से फिर शुरू, पलामू के चियांकी केंद्र में परीक्षा नहीं |

Ranchi | 10-09-2024 : एडीजी मुख्यालय आरके मल्लिक ने कहा कि जेएसएससी द्वारा आयोजित उत्पाद सिपाही (JSSC Excise Constable) की बहाली के लिए शारीरिक दक्षता परीक्षा छह केंद्रों पर 10 सितंबर से शुरू होगी. वहीं, पलामू के चियांकी हवाई अड्डा स्थित केंद्र पर अब शेष शारीरिक दक्षता परीक्षा नहीं होगी. इस केंद्र के शेष अभ्यर्थियों, जिनकी परीक्षा तीन से नौ सितंबर 2024 तक होनी थी, वह अब बाकी के छह चयन पर्षद के केंद्रों पर ली जायेगी. यह परीक्षा 19-20 सितंबर तक होगी. क्योंकि 14 से 17 सितंबर तक अवकाश है.



झारखंड कैबिनेट का बड़ा फैसला: पेसा नियमावली 2025 को मंजूरी, JSSC परीक्षा नियमों में संशोधन और नई नियुक्तियों का रास्ता साफ

रांची: मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में मंगलवार को झारखंड मंत्रालय में मंत्रिपरिषद की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में राज्य के विकास, रोजगार और सामाजिक न्याय से जुड़े कई अहम प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। कैबिनेट ने पेसा (PESA) नियमावली 2025 के गठन को स्वीकृति देकर अनुसूचित क्षेत्रों के लिए ऐतिहासिक कदम उठाया है।

प्रमुख निर्णय और उनके प्रभाव:

1. नियुक्ति और रोजगार में तेजी: सरकार ने JSSC की मैट्रिक और इंटरमीडिएट स्तर की परीक्षा संचालन नियमावलियों में आवश्यक संशोधन किए हैं, जिससे लंबित नियुक्तियों में तेजी आएगी। साथ ही, सीधी नियुक्ति हेतु नई आयु सीमा का निर्धारण और परिवहन विभाग में 21 मोटरयान निरीक्षकों (MVI) के पदों के सृजन को मंजूरी दी गई है।

2. कस्तूरबा विद्यालयों का कायाकल्प: राज्य के 21 कस्तूरबा गाँधी बालिका विद्यालयों में छात्रावास निर्माण के लिए ₹51.16 करोड़ की भारी-भरकम राशि स्वीकृत की गई है। इसके अतिरिक्त, आकांक्षा कार्यक्रम के शिक्षकों के मानदेय में भी वृद्धि की गई है।

3. सड़क और इंफ्रास्ट्रक्चर: दुमका और जमशेदपुर (बहरागोड़ा) में सड़कों के सुदृढ़ीकरण और चौड़ीकरण के लिए लगभग ₹73 करोड़ के प्रस्तावों को प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। वहीं, सरकारी आवासों और कार्यालयों के पुनर्विकास के लिए NBCC के साथ MoU को हरी झंडी मिली है।

4. लापरवाह डॉक्टरों पर कार्रवाई: कर्तव्य से अनधिकृत रूप से गायब रहने के कारण साहेबगंज की चिकित्सा पदाधिकारी डॉ० मिनी सिन्हा और ओरमांझी की दंत चिकित्सक डॉ० रीमा को सेवा से बर्खास्त करने का कड़ा फैसला लिया गया है।

5. किसानों और पशुपालकों के लिए पहल: राँची के काँके स्थित राजकीय बेकन फैक्ट्री को पुनर्जीवित करने के लिए हैदराबाद के राष्ट्रीय मांस अनुसंधान संस्थान के साथ समझौता किया गया है। साथ ही बागवानी विकास के लिए बेंगलुरु के संस्थान से परामर्शी सेवा लेने पर सहमति बनी है।

हाईकोर्ट के फैसले से JSSC-CGL अभ्यर्थियों में खुशी की लहर!


CBI जांच की मांग वाली याचिका खारिज; रिजल्ट जारी करने का निर्देश मिलते ही रांची में जश्न

रांची, 4 दिसंबर 2025।

झारखंड उच्च न्यायालय द्वारा झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) संयुक्त स्नातक स्तरीय परीक्षा (CGL) के कथित पेपर लीक मामले में सीबीआई जांच की मांग वाली याचिका को खारिज कर देने के बाद राज्यभर के हजारों अभ्यर्थियों में खुशी की लहर दौड़ गई है। बुधवार को फैसला आने के कुछ ही घंटों के भीतर, राजधानी रांची के अल्बर्ट एक्का चौक पर बड़ी संख्या में अभ्यर्थी जमा हो गए और जमकर जश्न मनाया।

जश्न और अभ्यर्थियों की प्रतिक्रिया

खुशी का इजहार: अभ्यर्थियों ने ढोल-नगाड़ों की थाप पर खुशी जाहिर की और एक-दूसरे को मिठाइयां खिलाकर अपनी खुशी बांटी।

राहत की सांस: अभ्यर्थियों का कहना है कि वे लंबे समय से रिजल्ट जारी होने का इंतजार कर रहे थे, जिससे उनकी तैयारी और रोजगार दोनों प्रभावित हो रहे थे। हाईकोर्ट द्वारा रिजल्ट जारी कर नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए जाने के बाद उन्होंने राहत की सांस ली है।

नई शुरुआत: कई अभ्यर्थियों ने इस फैसले को अपने 'करियर की नई शुरुआत' बताते हुए सरकार और आयोग से जल्द से जल्द प्रक्रिया पूरी करने की अपील की।

न्यायालय का फैसला

हाईकोर्ट की खंडपीठ, जिसमें चीफ जस्टिस तरलोक सिंह चौहान और जस्टिस राजेश शंकर शामिल थे, ने 3 नवंबर को सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था।

मुख्य निर्णय: अदालत ने बुधवार को सीबीआई जांच की मांग को खारिज कर दिया और आयोग को परिणाम जारी करने का निर्देश दिया।

रोक: हालांकि, कोर्ट ने उन दस अभ्यर्थियों के रिजल्ट पर रोक लगा दी है, जिन्होंने कथित तौर पर नेपाल में रहकर परीक्षा की तैयारी की थी।

याचिकाकर्ताओं की दलीलें

याचिका दायर करने वाले अभ्यर्थियों की ओर से वरीय अधिवक्ता अजीत कुमार और अधिवक्ता समीर रंजन ने बहस की थी। उन्होंने सुनवाई के दौरान दावा किया था कि 22 सितंबर 2024 को आयोजित परीक्षा से पहले प्रश्न पत्र लीक हुआ था। उनकी दलीलों में व्हाट्सएप चैट, संदिग्धों के बयान, नेपाल कनेक्शन और कथित भुगतान के सबूतों का हवाला दिया गया था।

अल्बर्ट एक्का चौक पर जुटे अभ्यर्थियों ने कहा कि हाईकोर्ट का यह निर्णय उनके भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। इस फैसले से लंबे समय से अटकी भर्ती प्रक्रिया का रास्ता साफ हो गया है और हजारों युवाओं में नई उम्मीद जगी है।

सर्प संरक्षणकर्मी शिव खनाल सम्मानित

असिस्टेंट प्रोफेसरों की नियुक्ति पर हाईकोर्ट सख्त, JPSC ने कहा- 'दो महीने में शुरू होगी बहाली प्रक्रिया'

रांची: झारखंड उच्च न्यायालय में आज विश्वविद्यालयों में नियमित असिस्टेंट प्रोफेसरों और गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों की नियुक्ति से जुड़ी जनहित याचिका पर सुनवाई हुई। मुख्य न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान और न्यायमूर्ति राजेश शंकर की खंडपीठ ने इस मामले में झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) को कई निर्देश दिए हैं।

468 पदों पर दो माह में शुरू होगी बहाली

सुनवाई के दौरान JPSC के अधिवक्ता अभय प्रकाश ने कोर्ट को बताया कि रांची विश्वविद्यालय से 468 असिस्टेंट प्रोफेसर के पदों की मांग प्राप्त हुई है, जिनमें से 431 पद सामान्य नियुक्ति के हैं और 37 पद बैकलॉग के हैं। JPSC ने अदालत को आश्वासन दिया कि इन सभी पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया अगले दो महीनों के भीतर शुरू कर दी जाएगी और इसके लिए जल्द ही विज्ञापन जारी होगा। इसके साथ ही, वर्ष 2018 में विज्ञापित 400 पदों की लंबित नियुक्ति प्रक्रिया को भी पूरा किया जाएगा।

JSSC को भी जारी हुआ नोटिस

उच्च न्यायालय ने इस मामले में झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) को भी प्रतिवादी बनाते हुए नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने JSSC को विश्वविद्यालयों में तृतीय श्रेणी के गैर-शैक्षणिक कर्मियों की नियुक्ति को लेकर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। याचिकाकर्ताओं ने कोर्ट में दलील दी थी कि नियमित नियुक्ति के बजाय संविदा पर हो रही नियुक्तियां नियमों का उल्लंघन हैं, जिससे शैक्षणिक गुणवत्ता प्रभावित हो रही है।

खंडपीठ ने इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 22 अगस्त 2025 की तारीख तय की है।

झारखंड में 8200 नए शिक्षकों की बंपर भर्ती जल्द: सरकारी स्कूलों को मिलेगी नई ऊर्जा!

झा. डेस्क

झारखंड के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर करने और शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। राज्य सरकार जल्द ही 8200 नए शिक्षकों की भर्ती करने जा रही है, जिससे हजारों युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे और राज्य के शैक्षिक परिदृश्य में एक नई ऊर्जा का संचार होगा। झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) द्वारा संचालित इस भर्ती प्रक्रिया में 5600 प्राथमिक शिक्षक (कक्षा 1 से 5 के लिए) और 2600 विज्ञान शिक्षक (कक्षा 6 से 8 के लिए) शामिल होंगे।

यह भर्ती उन स्कूलों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है जो वर्तमान में केवल एक शिक्षक के भरोसे चल रहे हैं। JSSC ने स्पष्ट किया है कि ऐसे स्कूलों को भर्ती प्रक्रिया में प्राथमिकता दी जाएगी ताकि वहां छात्रों को पर्याप्त शैक्षणिक सहायता मिल सके। यह सुनिश्चित करेगा कि सुदूर और ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चे भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से वंचित न रहें। प्राथमिक स्तर पर 5600 शिक्षकों की नियुक्ति से बुनियादी शिक्षा की नींव मजबूत होगी, जिससे छोटे बच्चों को बेहतर मार्गदर्शन मिलेगा। वहीं, माध्यमिक स्तर पर 2600 विज्ञान शिक्षकों की भर्ती से विज्ञान शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा, जो कि आज के तकनीकी युग में अत्यंत आवश्यक है। यह कदम छात्रों को वैज्ञानिक सोच विकसित करने और भविष्य में विज्ञान-आधारित करियर चुनने के लिए प्रेरित करेगा।

इस वृहद भर्ती अभियान से न केवल शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि शिक्षकों पर काम का बोझ भी कम होगा, जिससे वे अपने छात्रों पर अधिक ध्यान केंद्रित कर पाएंगे। इसके अतिरिक्त, बड़ी संख्या में शिक्षकों की उपलब्धता से कक्षाओं में छात्र-शिक्षक अनुपात बेहतर होगा, जो सीखने के माहौल को और अधिक प्रभावी बनाएगा। झारखंड सरकार का यह निर्णय राज्य के शिक्षा क्षेत्र में एक मील का पत्थर साबित होगा, जिससे लाखों छात्रों का भविष्य उज्ज्वल होगा। आगामी दिनों में झारखंड कर्मचारी चयन आयोग द्वारा इस भर्ती से संबंधित विस्तृत अधिसूचना जारी की जाएगी, जिसमें आवेदन प्रक्रिया, पात्रता मानदंड और चयन प्रक्रिया की पूरी जानकारी उपलब्ध होगी।यह भर्ती झारखंड के युवाओं के लिए एक सुनहरा अवसर है जो शिक्षण के क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहते हैं।

फर्जी विज्ञापन द्वारा युवाओं सेकिया जा रहा है ठगी का प्रयास,NHM निदेशक ने की अपील, किसी फर्जी विज्ञापन से रहे सावधान


झारखंड में एक तो बेरोजगारी चरम पर है।युवकों की नौकरी नहीं लग रही , jpsc और jssc पर तरह तरह के आरोप लग रहे है। जो परीक्षा संचालित किए जाते है उनपर पर्चा लीक होने का आरोप लग रहे है ऐसे में बेरोजगार की ठगने का नया हथकंडा अपनाया जा रहा है।

क्या है मामला

बेरोजगार युवाओं को ठगने के लिए ठग अलग-अलग हथकंडे अपनाते रहते हैं. मामला झारखंड में एक फर्जी वेबसाइट की है. जिसके माध्यम से बेरोजगार युवाओं से नौकरी के नाम पर ठगी की जा रही है. इस फर्जी वेबसाइट पर झारखंड ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन समिति के नाम पर विभिन्न पदों की नियुक्तियों के लिए आवेदन मांग रही है.

NHM निदेशक ने की अपील

फर्जी विज्ञापन निकाल कर बेरोजगार युवाओं से परीक्षा फीस के नाम पर पैसे ऐंठने की जानकारी झारखंड के राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) और स्वास्थ्य विभाग तक पहुंच चुकी है. इस दौरान NHM के अभियान निदेशक अबु इमरान ने युवा वर्ग से अपील कर कहा कि स्वास्थ्य विभाग में नौकरी दिलाने वाले फर्जी विज्ञापनों से सावधान रहें.

अभियान निदेशक को विभिन्न माध्यमों से जानकारी मिली थी कि ‘ई-औषधि’ नाम के एक फर्जी विज्ञापन के माध्यम से प्रोजेक्ट मैनेजर और अन्य पदों पर भर्ती निकाली गई है.जबकि ये विज्ञापन के तरफ से नही निकाला गया है।

विज्ञापन से विभाग का कोई लेना देना नहीं

अबू इमरान ने कहा कि इस विज्ञापन से झारखंड सरकार के स्वास्थ्य विभाग और इसके अनुषंगी इकाइयों का कोई लेना देना नहीं है. यह विज्ञापन फर्जी है और राज्य के बेरोजगार युवा इस फर्जी विज्ञापन के झांसे में न आएं. अभियान निदेशक अबु इमरान ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के वरिष्ठ अधिकारियों को इस संबंध में जांच और कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं.

विभाग की ये है प्रक्रिया

अबु इमरान ने कहा है कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन और इसके अनुषंगी इकाइयों में भर्ती विज्ञापन आईपीआरडी द्वारा जारी की जाती है. विज्ञापन की जानकारी राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, झारखंड की अधिकृत वेबसाइट https://jrhms.jharkhand.gov.in/ पर भी दी जाती है.

इस वेबसाइट को बताया फर्जी

झारखंड राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की ओर से बताया गया है कि e-aushadhijharkhand.online यह एक फर्जी वेबसाइट है. इस संदर्भ में आयुष निदेशालय की निदेशक सीमा उदयपुरी ने भी स्पष्ट किया है कि आयुष निदेशालय के द्वारा e-aushadhi के लिए कोई भी नियुक्तियां नहीं निकाली गई है।

परीक्षा और नियुक्ति के लिए न ही किसी तरह की राशि की मांग की गई है. उन्होंने कहा कि e- aushadhijharkhand.online वेबसाइट पर दिए गए सभी नियुक्ति फर्जी हैं और आयुष निदेशालय द्वारा ऐसी कोई भर्ती नहीं की जा रही है. यह वेबसाइट पूर्ण रूप से फर्जी है.