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आज से दिल्ली में नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन-2026, सीएम हेमंत सोरेन करेंगे अध्यक्षता, क्या है कार्यक्रम का उद्देश्य

#nationalstakeholdersconsultation2026innewdelhi

देश की नई दिल्ली में बुधवार यानी 8 जुलाई से झारखंड सरकार की ओर से दो दिवसीय नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन-2026 कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। 8 और 9 जुलाई को आयोजित होने वाले कार्यक्रम में भाग लेने के लिए खास तौर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, उद्योग, पर्यटन, आइटी समेत कई विभागों के सचिव नई दिल्ली पहुंच गए हैं।

करीब 100 अग्रणी टेक कंपनियां होंगी शामिल

नई दिल्ली के ताज पैलेस होटल में आयोजित इस दो दिवसीय सम्मेलन का उद्देश्य राज्य में निवेश आकर्षित करना, आईटी, एआई और पर्यटन क्षेत्रों को बढ़ावा देना है। जिसमें देश-विदेश की लगभग 100 अग्रणी टेक कंपनियां, उद्योगपति, निवेशक, नीति-निर्माता और अर्थशास्त्री सामिल हो रहे हैं।

राष्ट्रीय स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन का उद्देश्य

कार्यक्रम के दौरान झारखण्ड की आईटी, आईटीईएस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल गवर्नेंस से जुड़ी भावी विकास रणनीति देश-विदेश के उद्योग जगत और नीति-निर्माताओं के समक्ष रखी जाएगी। राष्ट्रीय स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन का उद्देश्य झारखण्ड को भारत के एआई परिदृश्य में एक ऐसे राज्य के रूप में स्थापित करना है, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को केवल तकनीकी नवाचार के रूप में नहीं, बल्कि सुशासन, पारदर्शिता एवं नागरिक-केंद्रित सेवा वितरण के प्रभावी माध्यम के रूप में अपनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

होर्मुज स्ट्रेट से भारत आ रहे जहाज पर ड्रोन हमला, क्रू मेंबर सुरक्षित

#indiaboundshipattackedwithdroneinhormuzstrait

कतर से भारत आ रहे एक जहाज पर होर्मुज स्ट्रेट में कथित तौर पर हमला हुआ है। एलएनजी लेकर आ रहे टैंकर जहाज-अल रकियात पर होर्मुज में ड्रोन से हमला किया गया। हमले का शिकार हुए जहाज पर 29 क्रू सदस्य हैं, जिनमें चार भारतीय नागरिक हैं। हमले में किसी के हताहत होने की जानकारी नहीं है।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास हमला

न्यूज एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार सूत्रों ने बताया कि कतर से भारत आ रहे एक जहाज पर कथित तौर पर ड्रोन से हमला हुआ। हमले के बाद जहाज के इंजन रूम में आग लग गई, जिससे बहुत ज्यादा धुआं निकलने लगा। यह जहाज कतर के रास लाफान से भारत के गुजरात के दहज जा रहा है। यह घटना ओमान की खाड़ी में होर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज) के पास हुई।

होर्मुज में कई जहाजों पर हमले

मंगलवार, 7 जुलाई का दिन होर्मुज स्ट्रेट में भारी तनाव वाला रहा है। भारत आ रहे जहाज के अलावा भी कई टैकरों पर हमले हुए हैं। ब्रिटिश सेना ने मंगलवार को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे तीन जहाजों पर हमलों की पुष्टि की है। यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशन्स ने बताया कि जहाजों को अज्ञात प्रक्षेपास्त्र से निशाना बनाया गया।

कतर ने हंले के खिलाफ विरोध दर्ज कराया

इस संबंध में कतर के विदेश मंत्रालय ने भी बयान जारी किया। कतर ने ईरान के उप-राजदूत को तलब कर टैंकर-अल-रकियात को निशाना बनाए जाने के खिलाफ विरोध दर्ज कराया। विरोध दर्ज कराते हुए कतर ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य के पास से गुजरते समय टैंकर को निशाना बनाया जाना निंदनीय है। यह हमला अंतरराष्ट्रीय नौवहन (नेविगेशन) सुरक्षा कानून का गंभीर उल्लंघन है। इससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर खतरा पैदा हो गया है। टैंकर पर हमला अंतरराष्ट्रीय कानून के नियमों का भु स्पष्ट उल्लंघन है।

अमेरिका का ईरान पर नया हमला, होर्मुज में 3 जहाजों पर हमले से गुस्से में यूएस

#middleeastconflictusstrikesagainstiran

पश्चिम एशिया में एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। अमेरिका ने ईरान के खिलाफ नए हमले किए हैं। अमेरिका का कहना है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजर रहे तीन व्यापारिक जहाजों पर हुए हमलों के जवाब में यह कार्रवाई की गई। इस घटना के बाद अमेरिका और ईरान के बीच तनाव और बढ़ गया है।

युद्धविराम के बाद नए सैन्य हमलों की शुरुआत

अमेरिका और ईरान के बीच पिछले महीने हुए युद्धविराम के बाद अमेरिकी सेना ने बुधवार तड़के ईरान के खिलाफ नए सैन्य हमलों की शुरुआत कर दी, साथ ही ईरानी तेल की अंतरराष्ट्रीय बिक्री के लिए दी गई अहम छूट भी रद्द कर दी।

होर्मुज में व्यावसायिक जहाजों पर हमले से भड़का यूएस

अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुताबिक ईरान ने रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे व्यावसायिक जहाजों को निशाना बनाया था। इसी के जवाब में अमेरिकी सेना ने ईरान के कुछ ठिकानों पर हमले किए। अमेरिका ने ईरान के इस आक्रामक रवैये को अनुचित, खतरनाक और युद्धविराम का स्पष्ट उल्लंघन बताया है।

ईरान के सैन्य ठिकानों को बनाया निशाना

अमेरिकी सैन्य कमान एक अमेरिकी अधिकारी के मुताबकि, उनकी सेना ने ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम, तटीय निगरानी सिस्टम, जमीन से हवा में मार करने वाली मिसाइलों और एंटी-शिप क्रूज मिसाइलों और ड्रोन लॉन्च साइट्स पर हमले किए हैं। अधिकारी ने कहा कि ईरान की बंदरगाह सुविधाओं को भी निशाना बनाया जा रहा है।

तेल बेचने की छूट वापस ली

इन सैन्य हमलों से कुछ ही समय पहले अमेरिका ने ईरान को दी गई एक अस्थायी प्रतिबंध छूट भी वापस ले ली। इस छूट के तहत ईरान को जून में हुए समझौता ज्ञापन के आधार पर कच्चे तेल का उत्पादन, बिक्री और आपूर्ति करने की अनुमति मिली हुई थी। यह छूट 21 अगस्त तक लागू रहने वाली थी, लेकिन अमेरिका ने इसे समय से पहले ही समाप्त कर दिया।

इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के दौरे पर रवाना हुए पीएम मोदी, जानें क्यों अहम है ये यात्रा?

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के त्रिपक्षीय दौरे के लिए रवाना हो गए। पीएम मोदी की यह यात्रा भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी, महासागर विजन के साथ-साथ एक स्वतंत्र और खुले इंडो-पैसिफिक के प्रति भारत के दृष्टिकोण को और मजबूत करेगी। इस दौरान व्यापार, निवेश, रक्षा, प्रौद्योगिकी, हिंद-प्रशांत क्षेत्र में रणनीतिक सहयोग और द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के लिए कई अहम बैठकें होंगी। यात्रा के दौरान महत्वपूर्ण समझौतों और घोषणाओं पर भी नजर रहेगी।

रवाना होने से पहले क्या बोले पीएम मोदी

तीन देशों की यात्रा के लिए रवाना होने से पहले पीएम मोदी ने कहा कि इसका मकसद इन कीमती विकास साझेदारों के साथ आर्थिक और रणनीतिक सहयोग को बढ़ाना और यह सुनिश्चित करना होगा कि आने वाले समय में हमारे देश के युवाओं को और मौके मिलें।

आर्थिक और रणनीतिक सहयोग बढ़ेगा

पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपना लेख साझा किया और कहा, ‘अगले कुछ दिनों में मैं इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में अलग-अलग कार्यक्रमों में शामिल हो रहा हूं। इन मीटिंग का मकसद अहम विकास साझेदारों के साथ आर्थिक और रणनीतिक सहयोग को बढ़ाना और यह सुनिश्चित करना होगा कि आने वाले समय में हमारे देश के युवाओं को और मौके मिलें।’

इंडोनेशिया से होगी दौरे की शुरूआत

प्रधानमंत्री मोदी अपने तीन देशों के दौरे की शुरुआत 6 से करेंगे। पीएम मोदी 11 जुलाई तक इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की यात्रा पर रहेंगे। अपनी यात्रा की शुरूआत इंडोनेशिया से करेंगे। इंडोनेशिया के राष्ट्रपति महामहिम प्रबोवो सुबियांतो के निमंत्रण पर वे 6 से 8 जुलाई तक इंडोनेशिया में रहेंगे। इस यात्रा के दौरान, वे इंडोनेशिया में रहने वाले भारतीय प्रवासियों से भी बातचीत करेंगे। राष्ट्रपति प्रबोवो के साथ योग्याकार्ता स्थित प्रंबानन मंदिर परिसर का दौरा भी करेंगे।

8 से 10 जुलाई तक मेलबर्न का दौरा

दौरे के दूसरे चरण में प्रधानमंत्री ऑस्ट्रेलिया पहुंचेंगे। मोदी 8 से 10 जुलाई तक ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न का दौरा करेंगे। यह यात्रा ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज के निमंत्रण पर हो रही है। यहां मेलबर्न में भारत-ऑस्ट्रेलिया वार्षिक नेताओं का शिखर सम्मेलन आयोजित होगा। क्वॉड के तहत सहयोग को और मजबूत करने पर भी जोर रहेगा। दौरे के अंतिम चरण में प्रधानमंत्री मोदी न्यूजीलैंड जाएंगे। भारत और न्यूजीलैंड ने इसी साल मुक्त व्यापार समझौते पर साइन किए हैं।

चार दशक बाद भारतीय पीएम का न्यूजीलैंड दौरा

ऑस्ट्रेलिया के बाद प्रधानमंत्री मोदी 10 से 11 जुलाई तक न्यूजीलैंड के ऑकलैंड की आधिकारिक यात्रा करेंगे। करीब चार दशक बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की यह पहली आधिकारिक न्यूजीलैंड यात्रा होगी। ऑकलैंड में प्रधानमंत्री मोदी न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। दोनों नेता व्यापार, वाणिज्य, रक्षा और अन्य क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग की समीक्षा करेंगे, जिनमें पिछले दो वर्षों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है।

ममता बनर्जी हाउस अरेस्ट…', बारुईपुर जाने से पहले सिक्यॉरिटी बढ़ाने पर टीएमसी का गंभीर आरोप

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पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के बारुईपुर में 12 साल वर्षीय बच्ची के दुष्कर्म और हत्या के मामले को लेकर सूबे की राजनीति गरमा गई है। पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी इस घटना के बाद बारुईपुर का दौरा करने वाली हैं। हालांकि, इससे पहले उनके आवास की सुरक्षा बढ़ा दी गई। आवास के बाहर सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है।वहां बैरिकेड्स भी लगाए गए हैं। इसका मकसद ममता बनर्जी को बारुईपुर जाने से रोकना है। टीएमसी ने इसे पूर्व मुख्यमंत्री को नजरबंद करने की साजिश बताया है।

ममता बनर्जी के घर के बाहर भारी पुलिस बल और बैरिकेड्स लगा

टीएमसी ने बताया कि ममता बनर्जी का घर कालीघाट में है। उनके घर के बाहर की संकरी गली में 10 से ज्यादा पुलिस की गाड़ियां खड़ी कर दी गई हैं। पास में ही पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी का भी घर है। वहां भी पुलिस तैनात है। टीएमसी विधायक कुणाल घोष ने सोशल मीडिया पर लिखा कि पूर्व सीएम बारुईपुर जाने वाली थीं। लेकिन उन्हें घर से निकलने से रोकने के लिए बाहर भारी पुलिस बल और बैरिकेड्स लगा दिए गए।

ममता ने पूछा- क्या वे मुझे नजरबंद करने की कोशिश कर रहे हैं?

बारुईपुर में एक नाबालिग लड़की से कथित दुष्कर्म और हत्या के बाद पीड़िता के परिवार से मिलने के उनके प्रस्तावित दौरे से पहले पूर्व सीएम ममता बनर्जी के कालीघाट स्थित घर के बाहर केंद्रीय बल और पुलिसकर्मी तैनात किए गए। इस पर ममता बनर्जी ने कहा कि उन्होंने 11 साल की लड़की के परिवार से मिलने के लिए बारुईपुर जाने का प्लान बनाया था। ऐसा क्या हुआ कि इतनी बड़ी संख्या में पुलिस तैनात की गई है? मैं बारुईपुर जाकर परिवार से मिलना चाहती थी। उन्होंने मेरे घर के बाहर इतनी पुलिस क्यों लगा दी है? क्यों? क्या वे मुझे नजरबंद करने की कोशिश कर रहे हैं?’

टीएमसी ने कहा- सुपर इमरजेंसी

वहीं, टीएमसी सांसद डोला सेन ने इसे सुपर इमरजेंसी करार दिया। डोला सेन ने पत्रकारों से कहा कि बंगाल और कोलकाता में क्या हो रहा है? हर कोई जानता है कि बारुईपुर में क्या हुआ। दीदी (ममता बनर्जी) जन-नेता हैं। इतनी भयानक घटना के बाद वह वहां जाना चाहती थीं। लेकिन क्या उन्होंने उन्हें नजरबंद कर दिया है? ऐसा करके क्या वे दीदी को रोक पाएंगे? मुझे इसी वजह से यहां आना पड़ा। बिना किसी वजह के यहां इतनी पुलिस और प्रशासन तैनात कर दिया गया है। पुलिस प्रशासन जो कर रहा है, वह सही नहीं है। यह सुपर इमरजेंसी है।

क्या है मामला?

यह सारा विवाद बच्ची का शव मिलने के कुछ घंटों बाद शुरू हुआ। यह बच्ची एक दिन पहले लापता हो गई थी। उसका शव कोलकाता से करीब 15 किलोमीटर दूर बारुईपुर के सूर्यपुर हाट इलाके में मिला। बच्ची का शव एक बोरे में भरा हुआ था। इसके बाद स्थानीय लोग भड़क गए। लोगों ने सड़कें जाम कर दीं और टायर जलाए। गुस्साए लोगों ने पुलिस की गाड़ियों में भी तोड़फोड़ की। लोग दोषियों पर तुरंत कार्रवाई की मांग कर रहे थे। बाद में यह घटना और हिंसक हो गई। एक गुस्साई भीड़ ने अपराध में शामिल होने के आरोपी एक व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या कर दी। पुलिस ने बच्ची की मौत के मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया है।

दिल्ली को मिलेगी 300 नई इलेक्ट्रिक बसों की सौगात, 7 जुलाई को अमित शाह करेंगे शुभारंभ

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को और अधिक आधुनिक एवं पर्यावरण-अनुकूल बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 7 जुलाई को आरके पुरम में आयोजित एक समारोह में 300 नई इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे।
अधिकारियों के अनुसार, नई बसों की खेप दिल्ली पहुंच चुकी है और विभिन्न डिपो में इनके संचालन की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। इन बसों के सड़कों पर उतरने से यात्रियों को बेहतर, सुरक्षित और सुविधाजनक सार्वजनिक परिवहन सेवा उपलब्ध होगी।
दिल्ली ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (डीटीसी) के मुताबिक, नई बसों में अधिकांश 9 मीटर लंबी इलेक्ट्रिक बसें हैं, जिन्हें राजधानी के भीड़भाड़ वाले और व्यस्त मार्गों पर संचालित किया जाएगा। इससे यात्रियों का इंतजार कम होगा, कनेक्टिविटी बेहतर होगी और अंतिम छोर (लास्ट-माइल) तक परिवहन सुविधा मजबूत होगी।
अधिकारियों का कहना है कि इलेक्ट्रिक बसों के बेड़े में यह बढ़ोतरी राजधानी में वायु प्रदूषण और कार्बन उत्सर्जन को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगी। इन बसों में महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
वर्तमान में दिल्ली में 6,100 से अधिक इलेक्ट्रिक बसें संचालित हो रही हैं। नई 300 बसों के शामिल होने के बाद यह संख्या और बढ़ जाएगी। दिल्ली सरकार का लक्ष्य वर्ष 2026 के अंत तक राजधानी में 7,500 बसें संचालित करने तथा 2029 तक 14,000 इलेक्ट्रिक बसों का बेड़ा तैयार करने का है। इसका उद्देश्य निजी वाहनों पर निर्भरता कम करना, सार्वजनिक परिवहन को अधिक सुलभ बनाना और स्वच्छ, हरित एवं टिकाऊ परिवहन प्रणाली को बढ़ावा देना है।
दिल्ली के चंदन होला की फैक्ट्री में भीषण आग, 15 दमकल गाड़ियों ने घंटों की मशक्कत के बाद पाया काबू


नई दिल्ली। दक्षिण दिल्ली के चंदन होला इलाके में रविवार तड़के एक फैक्ट्री में भीषण आग लगने से इलाके में हड़कंप मच गया। आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया, जिसके चलते दिल्ली फायर सर्विस को बड़े स्तर पर राहत एवं बचाव अभियान चलाना पड़ा। आग बुझाने के लिए 15 दमकल गाड़ियों को मौके पर तैनात किया गया।
दमकल विभाग के अनुसार, आग लगने की सूचना रात करीब 2:11 बजे कंट्रोल रूम को मिली। सूचना मिलते ही दमकल की टीमें मौके पर पहुंचीं, लेकिन आग तेजी से पूरी फैक्ट्री में फैल चुकी थी। हालात की गंभीरता को देखते हुए आग को पहले 'मेक-4' और बाद में 'मेक-6' श्रेणी में घोषित किया गया, जिसके बाद अतिरिक्त दमकल वाहन और संसाधन तत्काल मौके पर भेजे गए।
आग बुझाने के अभियान में 6 वॉटर टेंडर, 7 वॉटर बाउजर, एक BFT और एक MP सहित कुल 15 दमकल वाहन लगाए गए। राहत एवं बचाव कार्य की निगरानी डिविजनल ऑफिसर आर. अटवाल, एडीओ संतोष, एडीओ सरबजीत समेत वरिष्ठ अधिकारी लगातार करते रहे।
दमकल कर्मियों ने कई घंटे तक कड़ी मशक्कत करते हुए आग को आसपास की इमारतों तक फैलने से रोकने में सफलता हासिल की। समाचार लिखे जाने तक आग पर पूरी तरह काबू पाने के प्रयास जारी थे।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, जिससे बड़ी जनहानि टल गई। आग लगने के कारणों का अभी पता नहीं चल सका है। दमकल विभाग और संबंधित एजेंसियां आग के कारणों की जांच में जुटी हैं। आग पूरी तरह बुझने के बाद हुए नुकसान का विस्तृत आकलन किया जाएगा।
पेपर लीक के खिलाफ राहुल गांधी का ‘छात्रों की गूंज’ अभियान, दिल्ली में कांग्रेस की बड़ी तैयारी

नई दिल्ली। देशभर में पेपर लीक और प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में कांग्रेस ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में शुरू किए गए ‘छात्रों की गूंज’ अभियान को व्यापक स्तर पर चलाने की तैयारी तेज कर दी है। पार्टी 25 जून से 9 अगस्त तक देश के 28 राज्यों और 28 प्रमुख शहरों में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित कर छात्रों की आवाज को राष्ट्रीय मंच देने का दावा कर रही है।
इसी कड़ी में दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव के निर्देश पर प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें अभियान की रूपरेखा और कार्यक्रमों की रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में नेताओं ने आरोप लगाया कि लगातार हो रहे पेपर लीक और परीक्षा संबंधी अनियमितताओं से लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है, लेकिन सरकार इस गंभीर मुद्दे पर प्रभावी कार्रवाई करने में विफल रही है।
दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डॉ. नरेंद्र नाथ ने बताया कि राजस्थान के कोटा में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के बाद राहुल गांधी ने इस अभियान को राष्ट्रीय स्तर पर चलाने की घोषणा की थी। उन्होंने बताया कि दिल्ली में 2 से 6 जुलाई तक विधानसभा स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जबकि 14 जुलाई को राजधानी में एक बड़ा कार्यक्रम प्रस्तावित है, जिसके आयोजन स्थल की घोषणा जल्द की जाएगी।
डॉ. नरेंद्र नाथ ने दावा किया कि पिछले कुछ वर्षों में देशभर में कई प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक होने की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे छात्रों में गहरा आक्रोश है। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले में केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्रालय की जवाबदेही तय होनी चाहिए तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
बैठक में एआईसीसी के दिल्ली प्रभारी काजी निज़ामुद्दीन, सह-प्रभारी दानिश अबरार, संगठन महासचिव अनिल भारद्वाज सहित कई वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं ने भाग लिया। कांग्रेस का कहना है कि यह अभियान छात्रों की समस्याओं को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता तथा जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
विहिप के अध्यक्ष आलोक कुमार ने अयोध्या पुलिस को लिखा पत्र, चढ़ावा चोरी पर विपक्ष के दावों के सबूत मांगे

#vhppresidentdemandsprobeagainstpriyankagandhikejriwalinrammandirdonationscam

अयोध्या के राम मंदिर चंदा चोरी मामले में विपक्ष लगातार हमलावर है। अब विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने विपक्षी नेताओं पर बड़ा पलटवार किया है। विहिप के राष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने इस मामले के मुख्य जांच अधिकारी को एक पत्र लिखा है। पत्र में उन्होंने प्रियंका गांधी वाड्रा, राम गोपाल यादव, संजय सिंह, अरविंद केजरीवाल समेत कई नेताओं के हालिया बयानों पर आपत्ति जताई गई है और पुलिस से कार्रवाई से मांग की गई है।

आरोप लगाने वाले नेताओं के बयान दर्ज कराने की मांग

विहिप के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने अयोध्या सीओ आशुतोष तिवारी को पत्र लिखा है। पत्र में कहा गया है कि राम जन्मभूमि थाने में दर्ज एफआईआर की निष्पक्ष, बड़े स्तर पर तथ्यपरक जांच के लिए सार्वजनिक रूप से बड़े आरोप लगाने वाले नेताओं के बयान भी दर्ज किए जाएं। आलोक कुमार ने यह मांग भी की है कि यदि इन नेताओं के आरोप निराधार और झूठे पाए जाते हैं तो इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

पत्र में चार प्रमुख नेताओं के बयानों का जिक्र

पत्र में चार प्रमुख नेताओं के सार्वजनिक बयानों का उल्लेख किया गया है। डीसीपी को लिखे गए लेटर में आलोक कुमार ने कहा है कि अरविंद केजरीवाल, समाजवादी पार्टी के नेता राम गोपाल यादव, आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह और कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा द्वारा लगाए गए आरोपों के पीछे क्या तथ्यात्मक आधार है, इसकी जांच की जानी चाहिए। साथ ही इन नेताओं से दिए गए बयान के स्रोत के बारे में पूछा जाना चाहिए।

नेताओं के बयान को लेकर मांगे सबूत

आलोक कुमार ने लेटर में लिखा कि यदि इन नेताओं के पास विश्वसनीय साक्ष्य हैं तो वे जांच एजेंसी को सच्चाई तक पहुंचने में महत्वपूर्ण मदद कर सकते हैं। इन नेताओं ने टीवी चैनलों, सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी और वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगाए हैं। कुछ नेताओं ने ₹200 करोड़ से लेकर ₹20,000 करोड़ तक की कथित अनियमितताओं के दावे किए हैं।

झूठे आरोपों पर भी कार्रवाई की भी मांग

पत्र में कहा गया कि यदि इतने बड़े आरोप लगाए गए हैं तो संभव है कि उनके पास इस संबंध में कुछ तथ्य, दस्तावेज या जानकारी हो। पत्र में कहा गया है कि यदि कोई व्यक्ति अपने आरोपों के समर्थन में विश्वसनीय सामग्री देता है तो इससे जांच एजेंसी को सच्चाई तक पहुंचने में मदद मिलेगी. लेकिन यदि जांच में यह पाया जाता है कि आरोप जानबूझकर झूठे, लापरवाह या बिना किसी आधार के लगाए गए हैं, तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई पर भी विचार किया जाना चाहिए

भारत-अमेरिका की दोस्ती वैश्विक भलाई की ताकत…”यूएस की 250वीं वर्षगांठ पर पीएम मोदी का ट्रंप को संदेश

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका के 250वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और अमेरिकी जनता को शुभकामनाएं दी हैं। अपने संदेश में उन्होंने भारत-अमेरिका संबंधों को वैश्विक भलाई के लिए एक मजबूत ताकत बताया है। साथ ही उन्होंने अमेरिका के लिए आने वाले वर्षों में और अधिक समृद्धि, शांति और प्रगति की कामना की है।

दोनों देशों के बीच केवल रणनीतिक साझेदारी नहीं-पीएम मोदी

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, '1.4 अरब भारतीयों की ओर से मैं राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और संयुक्त राज्य अमेरिका के लोगों को आपके ऐतिहासिक 250वें स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक बधाई देता हूं।' उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच केवल रणनीतिक साझेदारी ही नहीं, बल्कि लोकतंत्र, कानून के शासन और लोगों की असीम क्षमता में साझा विश्वास भी है।

अमेरिका के लिए समृद्धि, शांति और प्रगति की कामना

प्रधानमंत्री ने कहा कि यही मूल्य भारत-अमेरिका की मित्रता को वैश्विक भलाई की एक मजबूत शक्ति बनाते हैं। उन्होंने अमेरिका के लिए आने वाले 250 वर्षों में और अधिक समृद्धि, शांति और प्रगति की कामना करते हुए भारत-अमेरिका साझेदारी के नई ऊंचाइयों तक पहुंचने की उम्मीद जताई।

आईएनएस सुदर्शिनी अमेरिका स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम

इस अवसर पर न्यूयॉर्क स्थित भारतीय मिशन ने भी अमेरिकी नागरिकों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। मिशन ने अपने संदेश में कहा कि भारत और अमेरिका “वी द पीपल”, स्वतंत्रता, आजादी और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति साझा प्रतिबद्धता का उत्सव मनाते हैं। वहीं, अमेरिका की 250वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए भारतीय नौसेना ने आईएनएस सुदर्शिनी को अमेरिका भेजा है।