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परीक्षा शुल्क में 46% वृद्धि, अंकसूची सत्यापन शुल्क ₹5000 एवं प्रतिवर्ष 5% शुल्क वृद्धि का निर्णय छात्र विरोधी : अभाविप

रायपुर-  अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप), रायपुर महानगर ने पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा परीक्षा शुल्क, अंकसूची सत्यापन शुल्क तथा अन्य शैक्षणिक शुल्कों में की गई भारी वृद्धि का कड़ा विरोध किया है। परिषद का मानना है कि एक शासकीय विश्वविद्यालय का मूल उद्देश्य विद्यार्थियों को सुलभ, गुणवत्तापूर्ण एवं किफायती शिक्षा उपलब्ध कराना होता है, किंतु विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा हाल ही में लिए गए निर्णय छात्रों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ डालने वाले तथा शिक्षा के बढ़ते व्यापारीकरण को बढ़ावा देने वाले हैं।

अभाविप ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने सेमेस्टर परीक्षा शुल्क ₹1075 एवं वार्षिक परीक्षा शुल्क ₹1085 को बढ़ाकर सीधे ₹1580 कर दिया है, जो लगभग 46 प्रतिशत की एकमुश्त वृद्धि है। यह वृद्धि विशेष रूप से गरीब, मध्यमवर्गीय एवं ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाले विद्यार्थियों के लिए गंभीर आर्थिक संकट उत्पन्न करेगी। इसके साथ ही आगामी सत्रों में प्रतिवर्ष 5 प्रतिशत शुल्क वृद्धि का प्रावधान लागू करना यह दर्शाता है कि विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों के हितों की अपेक्षा राजस्व वृद्धि को प्राथमिकता दे रहा है। परिषद का मानना है कि इस प्रकार का निर्णय उच्च शिक्षा को आम विद्यार्थियों की पहुंच से दूर करने वाला है।

अभाविप ने अंकसूची एवं पाठ्यक्रम सत्यापन शुल्क को बढ़ाकर ₹5000 किए जाने के निर्णय पर भी गंभीर आपत्ति व्यक्त की है। परिषद के अनुसार नौकरी, उच्च शिक्षा अथवा अन्य शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए सत्यापन की आवश्यकता पड़ने वाले विद्यार्थियों एवं भूतपूर्व छात्रों के लिए इतनी बड़ी राशि देना अत्यंत कठिन होगा। इसी प्रकार उपाधि प्रमाण पत्र प्राप्त करते समय नाम अथवा अन्य विवरणों में सुधार के लिए ₹500 शुल्क निर्धारित करना भी अनुचित है, क्योंकि अनेक मामलों में त्रुटियां विश्वविद्यालय स्तर की लिपिकीय गलतियों के कारण उत्पन्न होती हैं, जिसका आर्थिक भार विद्यार्थियों पर नहीं डाला जाना चाहिए।

अभाविप रायपुर महानगर मंत्री सुजल गुप्ता ने कहा कि, “पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा लिया गया यह निर्णय छात्रों के हितों पर सीधा प्रहार है। एक ओर देश में उच्च शिक्षा को अधिक सुलभ और समावेशी बनाने की बात की जा रही है, वहीं दूसरी ओर विश्वविद्यालय प्रशासन विद्यार्थियों पर लगातार आर्थिक बोझ बढ़ाने का कार्य कर रहा है। परीक्षा शुल्क में 46 प्रतिशत की वृद्धि, प्रतिवर्ष शुल्क बढ़ाने का निर्णय अभाविप किसी भी परिस्थिति में छात्रों के हितों से समझौता नहीं होने देगा।

अभाविप ने विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग की है कि परीक्षा शुल्क में की गई 46 प्रतिशत वृद्धि को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए, प्रतिवर्ष 5 प्रतिशत शुल्क वृद्धि के निर्णय को निरस्त किया जाए, अंकसूली एवं पाठ्यक्रम सत्यापन शुल्क को युक्तिसंगत बनाया जाए तथा नामांकन एवं पंजीयन सुधार शुल्क को समाप्त किया जाए। परिषद ने स्पष्ट किया है कि यदि छात्र हितों की अनदेखी करते हुए इन जनविरोधी निर्णयों को वापस नहीं लिया गया तो अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद छात्र समुदाय के साथ व्यापक एवं उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी ज्ञापन में मुख्य रूप से प्रदेश सह मंत्री प्रथम फूटाने, महानगर सह मंत्री आशीष, मन, शीतल,सुनाए, संकल्प, निखिल ,भागीरथी एवं अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

नयी पीढ़ी के लिए सौगात है पर्यावरण संरक्षण, साई कॉलेज में पौधरोपण कर मना पर्यावरण दिवस

अम्बिकापुर- जब हम पर्यावरण के प्रति सचेत होते हैं तो अपनी नयी पीढ़ी के लिए सौगात तैयार देते हैं। यह बातें श्री साई बाबा आदर्श स्नातकोत्तर महाविद्यालय में पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य पर इको क्लब के तत्वावधान में आयोजित व्याख्यान के दौरान प्राचार्य डॉ.राजेश श्रीवास्तव ने कही। उन्होंने कहा कि जल-जंगल-जमीन हमारी आवश्यकता है और इसे बचाना हमारा दायित्व है। हरियाली रहेगी तो श्वास लेने के लिए स्वच्छ हवा मिलेगी, बारिश अच्छी होगी तो बेहतरीन फसल मिलेगी। डॉ. श्रीवास्तव ने कहा कि हमे विकास तो चाहिए लेकिन पर्यावरण की कीमत पर नहीं बल्कि पर्यावरण को संरक्षित करते हुए।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए लाइफ साईंस विभाग के अध्यक्ष और इको क्लब प्रभारी डॉ. अरविन्द तिवारी ने कहा कि हमारा महाविद्यालय पर्यावरण और हरियाली का मॉडल है। पौधरोपण से हरियाली को हमेशा मजबूत किया गया है। उन्होंने वैश्विक परिदृश्य में पर्यावरण की महत्ता से अवगत कराया।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए स्वीप नोडल डॉ. अजय कुमार तिवारी ने पृथ्वी पर हुए उल्कापात, डायनोसोर के विलुप्त होने, सुनामी, कोरोना काल के दौरान पर्यावरण की बदली स्थिति से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि पृथ्वी के संतुलन में दूसरे ग्रहों को बड़ा योगदान है। हमे हवा, पानी की गुणवत्ता बनाये रखनी होगी। डॉ. जगमीत कौर ने शैक्षिक गतिविधियों के दौरान पर्यावरण संरक्षण के कार्यक्रम से अवगत कराया। उन्होंने विद्यार्थियों को हरियाली बचाने और संवर्धन के लिए आह्वान किया।

कार्यक्रम का संचालन इको क्लब सदस्य दीपक तिवारी ने किया। उन्होंने भारतीय ज्ञान परम्परा और वर्तमान जीवन में होने वाले पर्यावरणीय बदलाव से अवगत कराया। इस अवसर पर महाविद्यालय परिसर में अभिभावक और विद्यार्थियों ने पौधरोपण कर हरियाली का संदेश दिया।

कार्यक्रम के दौरान कम्प्यूटर एंड आईटी विभाग के अध्यक्ष डॉ. विवेक कुमार गुप्ता, शिक्षा विभाग के अध्यक्ष डॉ. दिनेश शाक्य, राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी देवेन्द्र दास सोनवानी, कंचन साहू, विभा तिवारी, चांदनी व्यापारी, रेखा हलदार, सूर्य ज्योति, रागिनी सिंह तथा विद्यार्थी आदि उपस्थित रहे।

कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता विश्वविद्यालय में ABVP का प्रदर्शन, 15 सूत्रीय मांगों को लेकर कुलपति कार्यालय का घेराव

रायपुर- अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) ने मंगलवार को कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय में प्रशासनिक अनियमितताओं, छात्र समस्याओं और कथित भ्रष्टाचार के विरोध में प्रदर्शन किया। परिषद कार्यकर्ताओं ने 15 सूत्रीय मांगों को लेकर कुलपति कार्यालय का घेराव किया और विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

अभाविप ने आरोप लगाया कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेश और विश्वविद्यालय द्वारा सेवा समाप्ति की कार्रवाई के बावजूद पूर्व एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. शाहिद अली को बिना वैधानिक आदेश के दोबारा विश्वविद्यालय में प्रवेश दिया गया है। परिषद ने इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। साथ ही वर्ष 2019 में डॉ. शैलेन्द्र खण्डेलवाल की नियुक्ति प्रक्रिया पर भी सवाल उठाते हुए जांच कराने की मांग की गई।

परिषद ने विश्वविद्यालय परिसर में करीब 7 करोड़ रुपये की लागत से बने नए ऑडिटोरियम की स्थिति को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े किए। अभाविप का कहना है कि उद्घाटन से पहले ही ऑडिटोरियम क्षतिग्रस्त होने लगा है, जिससे निर्माण कार्य में भ्रष्टाचार की आशंका बढ़ गई है। संगठन ने इसकी उच्च स्तरीय तकनीकी जांच की मांग की है।

प्रदर्शन के दौरान विद्यार्थियों ने परीक्षा अवधि में लगातार बिजली कटौती, छात्रावास में दूषित पेयजल, मेस की खराब गुणवत्ता, खेल सुविधाओं की कमी, बस परिवहन की अव्यवस्था और स्टूडियो सुविधाएं छात्रों के लिए उपलब्ध नहीं होने जैसे मुद्दे भी उठाए।

अभाविप के प्रदेश मंत्री अनंत सोनी ने कहा कि विश्वविद्यालय शिक्षा और अकादमिक उत्कृष्टता का केंद्र होना चाहिए, लेकिन यहां अनियमितताओं को संरक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सेवा समाप्ति के बाद भी किसी व्यक्ति को कार्य करने की अनुमति देना प्रशासनिक पारदर्शिता पर सवाल खड़े करता है। उन्होंने दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।

वहीं, रायपुर महानगर मंत्री एवं विश्वविद्यालय छात्र सुजल गुप्ता ने कहा कि करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित ऑडिटोरियम की गुणवत्ता संदिग्ध नजर आ रही है। उन्होंने छात्रावासों में शुद्ध पेयजल, स्वच्छ शौचालय, इंडक्शन उपयोग की अनुमति और आधुनिक स्टूडियो को विद्यार्थियों के लिए तत्काल शुरू करने की मांग की।

घंटों चले प्रदर्शन और घेराव के बाद कुलसचिव ने अभाविप प्रतिनिधियों से चर्चा की। इस दौरान उन्होंने डॉ. शाहिद अली प्रकरण की जांच, ऑडिटोरियम निर्माण की तकनीकी जांच और विद्यार्थियों से जुड़ी समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया।

अभाविप ने फिलहाल आंदोलन स्थगित करने की घोषणा की है। हालांकि परिषद ने चेतावनी दी है कि यदि तय समय सीमा में मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो शिक्षा मंत्री और राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा जाएगा तथा उग्र आंदोलन किया जाएगा।

पत्रकारिता विश्वविद्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार और अव्यवस्था को लेकर अभाविप का प्रदर्शन 2 जून को

रायपुर- अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद रायपुर महानगर द्वारा 2 जून को कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय में व्याप्त कथित भ्रष्टाचार, वित्तीय अनियमितताओं और छात्र समस्याओं के विरोध में प्रदर्शन किया जाएगा। परिषद का आरोप है कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा बर्खास्त पूर्व प्रोफेसर को प्रशासन ने पिछले दरवाजे अवैध रूप से पुन: प्रवेश देने का कार्य कर रही है। इसके अलावा लगभग 7 करोड़ की लागत से निर्मित नए ऑडिटोरियम के निर्माण कार्य में गंभीर अनियमितताओं की आशंका जताई गई है।

अभाविप ने यह भी आरोप लगाया है कि परीक्षाओं के दौरान लगातार 2-2 दिनों तक बिजली बाधित रहने से विद्यार्थियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा है। करोड़ों रुपए की लागत से बना मीडिया स्टूडियो पिछले एक वर्ष से बंद पड़ा है, जबकि छात्रावासों की हालत दयनीय है। इन सभी मुद्दों पर प्रशासन की उदासीनता के विरोध में परिषद आंदोलन करेगी।

खलिबा में महिला स्वास्थ्य के प्रति किया सचेत, विद्यार्थियों ने रैली निकाल दी नुक्कड़ नाटक की प्रस्तुति

अम्बिकापुर- ग्राम खलीबा में वूमेन वेलफयर एंड एंटी सेक्सुअल हैरासमेंट सेल, जेंडर इशू क्लब तथा सोशल वर्क कमेटी के तत्वावधान में जागरूकता अभियान चलाया गया। विद्यार्थियों ने जागरूकता रैली निकाल कर ग्रामीणों को जागरूक किया गया। विद्यार्थियों ने महिलाओं की माहवारी स्वच्छता पर आधारित नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत कर किशोरी तथा बालिकाओं को अपनी सेहत के प्रति सचेत किया।

इसी दौरान विद्यार्थियों ने वृद्धा आश्रम में बुजुर्गों से मिल कर उनकी स्थितियों को परखा। अवलोकन कार्य के दौरान उनकी समस्याओं और संस्था द्वारा दी जाने वाली सुविधाओं की जानकारी प्राप्त की गयी। वृद्धों को फल एवं जलपान वितरण किया गया।

इस दौरान वूमेन वेलफयर एंड एंटी सेक्सुअल हैरासमेंट सेल प्रभारी डॉ. अलका पांडेय, जेंडर इशू क्लब प्रभारी डॉ. जगमीत कौर तथा सोशल वर्क कमेटी प्रभारी रौनक निशा ने विद्यार्थियों का सहयोग किया।

एनआईसी में संचार और डेटा संरक्षण से अवगत हुए साई कॉलेज के विद्यार्थी

अम्बिकापुर- श्री साई बाबा आदर्श स्नातकोत्तर महाविद्यालय के बीसीए द्वितीय सेमेस्टर एवं एम.एससी. द्वितीय सेमेस्टर के विद्यार्थियों ने सोशल स्किल आउटरीच के तहत नेशनल इन्फार्मेटिक सेन्टर का शैक्षिक भ्रमण किया। इस दौरान विद्याथियों ने सूचना प्रौद्योगिकी, ई-गवर्नेंस एवं सरकारी डिजिटल सेवाओं की कार्यप्रणाली से अवगत हुए तथा व्यावहारिक एवं तकनीकी दक्षता हासिल किये।

विद्यार्थियों ने एनआईसी के वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग रूम, सर्वर रूम एवं डाटा सेंटर रूम की गतिविधियों को देखा। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग रूम में विद्यार्थियों को सरकारी विभागों में उपयोग होने वाली आधुनिक डिजिटल संचार प्रणाली के बारे में जानकारी दी गई। गरियाबंद के जिला सूचना विज्ञान अधिकारी नेहरू लाल निराला से लाइव वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सत्र के माध्यम से संवाद किया। इस दौरान विद्यार्थियों को इंटर-डिस्ट्रिक्ट डिजिटल कम्युनिकेशन एवं ई-गवर्नेंस प्रणाली की वास्तविक कार्यप्रणाली समझने का अवसर मिला।

साइंटिस्ट-डी एवं जिला सूचना विज्ञान अधिकारी जि़याउर रहमान ने विद्यार्थियों को एनआईसी की कार्यप्रणाली, ई-गवर्नेंस सेवायें, नेटवर्किंग, साइबर सुरक्षा, सर्वर प्रबंधन एवं सरकारी डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के बारे में बताया।

सहायक जिला सूचना विज्ञान अधिकारी अभिलेख चंद्राकर, नेटवर्क इंजीनियर शैलेन्द्र कुशवाहा, नवेद अंसारी ने विद्यार्थियों को सर्वर प्रबंधन, नेटवर्किंग इंफ्रास्ट्रक्चर, डाटा स्टोरेज, डाटा बैकअप एवं साइबर सुरक्षा प्रणाली का प्रदर्शन कर व्यावहारिक जानकारी दी।

शैक्षिक भ्रमण का नेतृत्व कम्प्यूटर एंड आईटी विभागाध्यक्ष डॉ. विवेक कुमार गुप्ता ने किया तथा राहुल कुंडू ने सहयोग किया।

सफलता के साथ भी सफलता के बाद भी आपके साथ है महाविद्यालय, विदाई समारोह को संस्मरणों से किया जीवंत

अम्बिकापुर- कला संकाय के विषय व्यक्तित्व निर्माण करते हैं और इससे समाज की बुनियाद मजबूत होती है। यह बातें शनिवार को भूगोल एवं एमएसडब्ल्यू विभाग के विदाई समारोह के दौरान प्राचार्य डॉ. राजेश श्रीवास्तव ने कही। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि आपने जो महाविद्यालय के विद्यार्थी जीवन में सीखा, वह आपकी पहचान है। अपनी पहचान को गुणवत्ता के साथ जोड़ें क्योंकि सफलता ही आपको स्थापित करेगी। इस अवसर पर डॉ. श्रीवास्तव ने सभी को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनायें दी।

इससे पहले प्राध्यापक और विद्यार्थियों ने मां सरस्वती और श्री साई नाथ की तस्वीर पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। सभी का स्वागत बैच लगाकर तथा पुष्प गुच्छ प्रदान कर किया गया।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कला एवं मानविकी विभाग के अध्यक्ष डॉ. आर.एन. शर्मा ने कहा कि सफलता के साथ भी सफलता के बाद भी महाविद्यालय परिवार आपके साथ है। आप अपनी सफलताओं से हमें अवगत करायें जिस पर हमारे जश्न की बुनियाद तैयार होगी। डॉ. शर्मा ने कहा कि आप भाग्यशाली हैं कि आर्ट्स के विद्यार्थी हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं में विज्ञान, चिकित्सा, इंजीनियरिंग के विद्यार्थी आर्ट्स विषय का चयन कर सफलता हासिल करते हैं। संघ लोक सेवा आयोग, प्रदेश के आयोगों में वरियता सूची में आर्ट्स विषय के प्रतियोगी शामिल रहते हैं। उन्होंने कहा कि आप सुनियोजित तरीके से पढ़ाई कीजिये, सफलता आपके साथ होगी।

प्रवीण खलखो, साहिना परवीन, खूशबू तिर्की ने कॉलेज के दिनों की यादें साझा कीं। विद्यार्थियों ने रंगारंग प्रस्तुतियों से सराबोर कर दिया।

कार्यक्रम का संचालन पूजा मिश्रा और करीना भगत ने किया।

कार्यक्रम के दौरान कम्प्यूटर एंड आईटी विभाग के अध्यक्ष डॉ. विवेक कुमार गुप्ता, लाइफ साईंस विभाग के अध्यक्ष डॉ. अरविन्द तिवारी, शिक्षा विभाग के अध्यक्ष डॉ. दिनेश शाक्य, फिजीकल साईंस विभाग के अध्यक्ष शैलेष देवांगन तथा सभी प्राध्यापक और विद्यार्थी उपस्थित रहे।

सेवा और करूणा का पर्याय है रेडक्रॉस, साई कॉलेज में मना विश्व रेडक्रॉस दिवस

अम्बिकापुर- सेवा का प्रतिफल हमेशा कल्याणकारी होता है। रेडक्रॉस सेवा और करूणा का पर्याय है। यह बातें श्री साई बाबा आदर्श स्नातकोत्तर महाविद्यालय में रेडक्रॉस दिवस के उपलक्ष्य पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्राचार्य डॉ. राजेश श्रीवास्तव ने कही। उन्होंंने सेवा और चिकित्सा क्षेत्र में सहयोग और समर्पण के महत्व को अवगत कराते हुए कहा कि पेनसिलीन का आविष्कार की कहानी से अवगत कराया। सर अलेक्जेंडर फ्लेमिंग ने १९२८ में लंदन के सेंट मैरी अस्पताल में अथक परिश्रम से किया था। यह दुनिया की पहली एंटीबायोटिक दवा है, जिसकी खोज एक फंगस (पेनिसिलियम नोटेटम) से अचानक हुई जब उन्होंने देखा कि फंगस ने बैक्टीरिया के विकास को रोक दिया। डॉ. श्रीवास्तव ने यूथ रेडक्रॉस के विद्यार्थियों को सम्बोधित करते हुए बताया कि इंटरनेशनल रेड क्रॉस सोसाइटी की स्थापना १७ फरवरी १८६३ को स्विट्जरलैंड के जेनेवा में हेनरी ड्यूनेंट द्वारा की गई थी। ८ मई को विश्व रेडक्रॉस दिवस मनाया जाता है।

इस अवसर यूथ रेडक्रॉस प्रभारी डॉ. एलपी गुप्ता ने सभी कार्यकर्ताओं को कर्तव्य एवं दायित्व के प्रति प्रेरित किया। कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम प्रभारी देवेन्द्र दास सोनवानी ने किया। इस अवसर पर स्वीप नोडल अधिकारी डॉ. अजय कुमार तिवारी, सहायक प्राध्यापक सोनाली गोस्वामी तथा चांदनी व्यापारी उपस्थित रहीं।

हमें गौरवान्वित करती है आपकी सफलता, विदाई समारोह में वरिष्ठों के साथ खिले चेहरे

अम्बिकापुर- आपके लिए जीवन में अवसर बहुत हैं, बस समय पर सही निर्णय लेना होगा। यह बातें शनिवार को श्री साई बाबा आदर्श स्नातकोत्तर महाविद्यालय में फिजीकल साईंस एम.एससी के विद्यार्थियों के विदाई समारोह के दौरान प्राचार्य डॉ. राजेश श्रीवास्तव ने कही। उन्होंने कहा कि आपकी सफलता हमें गौरान्वित करती है। आप अपनी सफलता से अपने महाविद्यालय परिवार को अवगत करायें जिस पर हम सभी जश्न मनायें।

डॉ. श्रीवास्तव ने कहा कि स्नातकोत्तर की उपाधि के बाद और शोध कार्य के साथ कैट, गेट की परीक्षाओं में जा सकते हैं। गणित, तर्कशक्ति और अंग्रेजी की दक्षता से आपको बैंकिंक, एसएसएसी में नियमित सफलता मिलेगी। इससे पहले सभी विभागाध्यक्ष और विद्यार्थियों ने मां सरस्वती और श्री साई नाथ की तस्वीर पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। सभी का स्वागत बैच लगा कर तथा पुष्प गुच्छ प्रदान कर किया गया।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए फिजीकल साईंस विभाग के अध्यक्ष डॉ. शैलेष देवांगन ने कहा कि आपकी उपलब्धियां, आपकी मेरिट के साथ दिखती हैं। डॉ. देवांगन ने कहा कि एम.एससी के विद्यार्थियों को गेट की भी परीक्षा में शामिल होना चाहिए। इससे उनके लिए और अवसर बनते हैं। उन्होंने सभी विद्यार्थियों का आह्वान करते हुए कहा कि स्वयं पर विश्वास रखिये आपकी मेहनत अवश्य सफलता दिलायेगी।

इस अवसर पर शमन खान, अरविन्द, दीप्ति, प्रीतम पटेल आदि ने महाविद्यालय में बिताये रोमांचक पलों की यादें साझा किया। विद्यार्थियों ने केक काट कर खुशियों का इजहार किया और रंगारंग प्रस्तुतियों से सभी को सराबोर कर दिया।

कार्यक्रम के दौरान एनईपी प्रभारी डॉ. आर.एन. शर्मा, लाईफ साईंस विभाग के अध्यक्ष अरविन्द तिवारी, कम्प्यूटर एंड आईटी विभाग के अध्यक्ष विवेक कुमार गुप्ता, शिक्षा विभाग के अध्यक्ष डॉ. दिनेश शाक्य, वाणिज्य एवं प्रबंध विभाग के अध्यक्ष डॉ. राकेश कुमार सेन तथा सभी विद्यार्थी और प्राध्यापक उपस्थित रहे।

पारस ग्रुप ऑफ फाउंडेशन का 10वां स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया, ‘उत्कर्ष उत्सव 2026’ में 51 महिलाओं सहित कई संस्थाएं सम्मानित

रायपुर- पारस ग्रुप ऑफ फाउंडेशन ने पारस इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन के 10वें स्थापना दिवस के अवसर पर ‘पारस दशाब्दी उत्कर्ष उत्सव 2026’ का भव्य आयोजन किया। यह कार्यक्रम केवल एक उत्सव नहीं था, बल्कि समाज में उत्कृष्ट कार्य कर रही महिलाओं और संस्थाओं को सम्मानित करने का एक प्रेरणादायक मंच भी बना।

कार्यक्रम में 500 से अधिक महिलाओं की उपस्थिति ने पूरे आयोजन को खास बना दिया। बड़ी संख्या में महिलाओं की भागीदारी से माहौल उत्साह और ऊर्जा से भर गया। यह आयोजन इस बात का प्रतीक रहा कि समाज में अच्छे कार्यों को पहचान और सम्मान देना कितना जरूरी है।

इस मौके पर विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाली 51 महिलाओं को सम्मानित किया गया। साथ ही 7 गैर-सरकारी संस्थाओं (एनजीओ) को भी उनके सराहनीय योगदान के लिए मंच पर सम्मान मिला।

कार्यक्रम की एक विशेष पहल उन संयुक्त परिवारों को सम्मानित करना भी रही, जिनमें चार पीढ़ियां एक साथ रह रही हैं। इस पहल के जरिए परिवारिक एकता और भारतीय संस्कृति के महत्व को उजागर किया गया।

इस आयोजन में पारस ग्रुप ऑफ फाउंडेशन की अध्यक्षा डॉ. कविता कुंभज, सचिव मूलचंद कश्यप, कोषाध्यक्ष राहुल कुंभज एवं उपाध्यक्ष ज्योति की उपस्थिति रही। उनके नेतृत्व में कार्यक्रम बेहद सुव्यवस्थित और सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष विभा अवस्थी, छत्तीसगढ़ बाल आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा एवं छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध गायक विवेक शर्मा , एसीपी सीमा अहिवारा जी, पार्षद कृतिका जैन जी उपस्थित रहे। इसके अलावा कई विशिष्ट अतिथि, समाजसेवी और गणमान्य नागरिक भी कार्यक्रम में शामिल हुए।

इस आयोजन का उद्देश्य समाज में सकारात्मक कार्य करने वाले लोगों और संस्थाओं को प्रोत्साहित करना था। सम्मान प्राप्त करते समय प्रतिभागियों के चेहरे पर खुशी और गर्व साफ दिखाई दे रहा था, जो कार्यक्रम की सफलता को दर्शाता है।

कार्यक्रम को सफल बनाने में कई सहयोगियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। इनमें कमलेश जैन (श्रीमती चम्पा इंदिरा देवी जैन चैरिटेबल ट्रस्ट रायपुर), गीता वर्मा, रुद्रांश ज्वेलर्स, डी.पी. गोस्वामी, अनिकेता भारद्वाज (डीएसी एकेडमी), रूपेंद्र साहू एवं हर्षा साहू (छत्तीसगढ़ डिफेंस एकेडमी), जय करण (जेई एलीवेटर), राहुल गुप्ता (लवकुश सेल्स एंड फर्नीचर), विनोद (तिरुपति धार्मिक यात्रा), राम तिवारी (मौलश्री मसाले), अजय साहू (अवधेश एप्टेक कम्प्यूटैक), ललित एवं लक्ष्मण (डीबी ग्राफिक्स), भास्कर साहू (एमवीएल फिल्म फोटोग्राफी), संजय महतो (माहतो स्टूडियो) एवं दीपक्षा (जैनम एकेडमी) सहित अन्य सहयोगी शामिल रहे।

इसके अलावा पियूष जैन, देवेंद्र चतुर्वेदी, हरदीप कौर, रात्रि लहरी, लाहोटी, शेखर वर्मा, रघुनाथ भरद्वाज, डॉ. उदय भान सिंह, अजय श्रीवास्तव, ब्रज यादव, भूपेंद्र मानिकपुरी, कमल साहू एवं प्रिय गुप्ता सहित कई गणमान्य लोग कार्यक्रम में मौजूद रहे। पारस ग्रुप ऑफ फाउंडेशन द्वारा सभी सहयोगी साथियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम के दौरान सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने भी सभी का मन मोह लिया। खासतौर पर नन्हे बच्चों द्वारा प्रस्तुत साउथ क्लासिकल डांस ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया और खूब तालियां बटोरीं।

इस आयोजन को सफल बनाने में संस्थान के स्टाफ की भी अहम भूमिका रही। रानी सिंह ठाकुर, काजल, अतुल, पियूष और राधिका ने व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से संभालने में सराहनीय योगदान दिया।

कार्यक्रम का संचालन रात्रि लहरी और काजल ने बहुत ही सहज और प्रभावशाली ढंग से किया, जिससे पूरा कार्यक्रम व्यवस्थित और रोचक बना रहा।

पारस इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन की 10 साल की यह यात्रा संघर्ष, मेहनत और समर्पण की कहानी है। एक छोटे स्तर से शुरुआत कर आज यह संस्थान शिक्षा के क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बना चुका है।

‘पारस दशाब्दी उत्कर्ष उत्सव 2026’ केवल एक आयोजन नहीं था, बल्कि समाज में सकारात्मक कार्य करने वालों को सम्मान देने और दूसरों को प्रेरित करने का एक सशक्त माध्यम भी बना।

यह आयोजन पारस ग्रुप ऑफ फाउंडेशन की सामाजिक प्रतिबद्धता और सेवा भावना को दर्शाता है, जो आने वाले समय में और भी बड़े कार्यों की प्रेरणा देता रहेगा।