/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs1/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs4/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs5/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs1/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs4/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs5/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs1/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs4/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs5/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs1/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs4/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs5/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs1/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs4/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs5/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs1/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs4/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs5/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs1/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs4/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs5/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs1/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs4/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs5/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs1/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs4/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs5/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs1/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs4/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs5/1630055818836552.png StreetBuzz दुनिया में इस बार सुपर एल-नीनो बढ़ाएगा मुश्किल, 150 साल का टूटेगा रिकॉर्ड, भारत पर कितना होगा असर? India
दुनिया में इस बार सुपर एल-नीनो बढ़ाएगा मुश्किल, 150 साल का टूटेगा रिकॉर्ड, भारत पर कितना होगा असर?

#superelnino2026startsinmayheatwaveweakmonsoondroughtor_floods

देश के अधिकांश हिस्सों में पारा 45 से 48 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया। दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत इस समय भीषण गर्मी और लू की चपेट में है। आने वाले दिनों में इस भीषण गर्मी और लू से राहत मिलने के आसार नहीं दिख रहे हैं। मौसम का ये असर भारत ही नहीं पूरी दुनिया के लिए 2 बेहद चिंता बढ़ाने वाला है।

शक्तिशाली 'सुपर एल-नीनो' आकार ले रहा

इस साल कहीं रिकॉर्ड गर्मी तो कहीं कमजोर मानसून, कहीं सूखा तो कहीं बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाएं देखने को मिल सकती हैं। दरअसल, वैज्ञानिकों की मानें तो भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर में एक शक्तिशाली 'सुपर एल-नीनो' आकार ले रहा है, जो 1877 के बाद की सबसे विनाशकारी मौसम संबंधी घटना साबित हो सकता है। अक्टूबर 2026 से फरवरी 2027 तक 'सुपर' अलनीनो की सबसे अधिक संभावना है।

हो सकता है अब तक के सबसे शक्तिशाली अलनीनो

अलनीनो प्राकृतिक अलनीनो-दक्षिणी दोलन (ENSO) जलवायु चक्र का गर्म चरण है, जो उष्णकटिबंधीय प्रशांत महासागर के जल में एक से ज्यादा बार होने वाला मौसमी बदलाव है, जो पूरी दुनिया के तापमान को बेहद बढ़ा देता है, जिससे विश्व भर में मौसम के पैटर्न और फसलों पर प्रभाव पड़ता है। यदि सुपर अलनीनो आता है, तो यह अब तक के सबसे शक्तिशाली अलनीनो के बराबर हो सकता है। 1877 का वह विनाशकारी अलनीनो जिसने 1876 से 1878 तक वैश्विक अकाल को जन्म दिया था। इस अकाल में 5 करोड़ से अधिक लोग मारे गए थे, जो उस समय विश्व की जनसंख्या का 3% था।

क्या होता है अल नीनो?

'अल नीनो' स्पेनिश भाषा का शब्द है, जिसका मतलब होता है 'छोटा बच्चा' या 'बालक'। यह नाम मौसम में होने वाले एक बड़े बदलाव को दिया गया है, जो हर कुछ साल में प्रशांत महासागर में दिखाई देता है। अल नीनो का असर दक्षिण अमेरिका के पास प्रशांत महासागर में शुरू होता है, लेकिन इसका प्रभाव हजारों किलोमीटर दूर भारत तक महसूस किया जाता है. सामान्य परिस्थितियों में दक्षिण अमेरिका के पास समुद्र का पानी ठंडा रहता है, जबकि इंडोनेशिया और फिलीपींस की ओर पानी ज्यादा गर्म होता है. इस दौरान पूर्व से पश्चिम की ओर चलने वाली हवाएं, जिन्हें ट्रेड विंड्स कहा जाता है, गर्म पानी को एशिया की तरफ धकेलती रहती हैं। इससे दक्षिण अमेरिका की ओर ठंडा पानी ऊपर आता रहता है और एशिया की तरफ गर्म पानी जमा रहता है। हर 2 से 7 साल में कभी-कभी ये ट्रेड विंड्स कमजोर पड़ जाती हैं। तब प्रशांत महासागर का गर्म पानी वापस दक्षिण अमेरिका की ओर बहने लगता है। इस दौरान महासागर का तापमान सामान्य से 0.5 डिग्री सेल्सियस या उससे ज्यादा बढ़ जाता है। इसी स्थिति को अल नीनो कहा जाता है। समुद्र का पानी गर्म होने से वहां बादल ज्यादा बनते हैं और भारी बारिश दक्षिण अमेरिका की तरफ होने लगती है, जबकि एशिया की ओर बादल कम पहुंचते हैं।

भट्टी बन जाएगी धरती

विशेषज्ञों के अनुसार इस साल अल नीनो और ज्यादा खतरनाक रूप ले सकता है. इसे 'सुपर अल नीनो' कहा जाता है। दरअसल, धरती के पानी के नीचे बहुत ज्यादा गर्म पानी का बड़ा भंडार बन गया है। ये ऊपर आ रहा है और हवा के साथ मिलकर हवा को और गर्म कर रहा हैष पूरी पृथ्वी पहले से ही ग्लोबल वॉर्मिंग से गर्म हो रही है। इसलिए जब एल नीन्यो आता है, तो उसका असर और तेज हो जाता है। कुछ विशेषज्ञ कह रहे हैं कि इस साल वाला 150 साल में सबसे मजबूत एल नीन्यो हो सकता है। अगर इस साल का एल नीन्यो, सुपर एल नीन्यो बन गया तो मॉनसून और भी कमजोर हो सकता है यानी बहुत कम बारिश हो सकती है, सूखा पड़ सकता है। गर्मी और हीटवेव की लहरें और लंबी और तेज चलेंगी। और उत्तर भारत पर, मध्य भारत पर और पश्चिम भारत पर सबसे ज्यादा असर पड़ेगा ऐसा हुआ तो। सुपर एल नीन्यो अगर हो गया तो भट्टी बन जाएगी धरती।

पश्चिम बंगाल के मदरसों में वंदे मातरम अनिवार्य, शुभेंदु अधिकारी सरकार का बड़ा फैसला

#westbengalsuvendugovtbigdicisionvandematarammandatoryinall_madrasa

पश्चिम बंगाल की बीजेपी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। अब बंगाल के सभी मदरसों में क्लास शुरू होने से पहले प्रार्थना के दौरान वंदे मातरम गाना अनिवार्य होगा। इसके लिए अल्पसंख्यक कार्य और मदरसा शिक्षा विभाग ने आदेश जारी कर दिया है।

शिक्षा मंत्री खुदीराम टुडू ने की पुष्टि

राज्य के अल्पसंख्यक मामलों और मदरसा शिक्षा मंत्री खुदीराम टुडू ने इसकी पुष्टि की। उन्होंने कहा कि राज्य के अन्य सरकारी स्कूलों की तरह अब मान्यता प्राप्त मदरसों में भी ‘वंदे मातरम्’ गाना अनिवार्य होगा। इससे पहले यह नियम केवल सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में लागू था।

मदरसों में ‘वंदे मातरम्’ गाना अनिवार्य

तुडू ने बताया कि पश्चिम बंगाल में कई सरकारी स्कूल ऐसे हैं, जहां पढ़ाई संताली भाषा में होती है। जब उन स्कूलों में ‘वंदे मातरम्’ अनिवार्य है, तो मान्यता प्राप्त मदरसों में इसे अनिवार्य क्यों नहीं किया जा सकता? इस संबंध में पश्चिम बंगाल मदरसा शिक्षा निदेशालय ने एक आधिकारिक आदेश जारी कर राज्य के सभी सहायता प्राप्त मदरसों में ‘वंदे मातरम्’ गाना अनिवार्य कर दिया है।

स्कूलों के बाद अब मदरसों के लिए आदेश

इससे पहले मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी सरकार ने 14 मई को स्कूल शिक्षा विभाग के तहत आने वाले सभी सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में वंदे मातरम को अनिवार्य किया था। अतिरिक्त मुख्य सचिव द्वारा जारी अधिसूचना में कहा गया था कि पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य के स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत आने वाले सभी स्कूलों में कक्षाएं शुरू होने से पहले प्रार्थना सभा के दौरान राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्' गाना तत्काल प्रभाव से अनिवार्य कर दिया है। अब इसी नीति को बढ़ाते हुए इसे मदरसों में भी लागू कर दिया गया है।

आपका प्रधानमंत्री और गृहमंत्री गद्दार है...', राहुल गांधी का विवादित बयान

#rahulgandhicallspmandhomeminister_traitors

लोकसभा में नेता विपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने विवादित बयान दिया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह को 'गद्दार' कहा है। राहुल के इस बयान पर बीजेपी ने पलटवार किया है। बीजेपी ने कहा है कि राहुल पाकिस्तान की भाषा बोलते हैं। उनकी सोच अर्बन नक्सल जैसी है।

पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह गद्दार हैं-राहुल गांधी

राहुल गांधी ने रायबरेली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को लेकर विवादित बयान दिया है। राहुल गांधी ने कहा कि एक तरफ प्रधानमंत्री लोगों से अपील करते हैं कि सोना मत खरीदो, पेट्रोल-डीजल कम इस्तेमाल करो और दूसरी तरफ खुद महंगी विदेश यात्राओं पर निकल जाते हैं। राहुल गांधी ने आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह गद्दार हैं।

नरेंद्र मोदी ने हिंदुस्तान के आर्थिक सिस्टम को बेच दिया-राहुल गांधी

कांग्रेस सांसद ने आगे कहा, नरेंद्र मोदी ने हिंदुस्तान के आर्थिक सिस्टम को बेच दिया है। फिर से बोलता हूं, नरेंद्र मोदी ने हिंदुस्तान के आर्थिक सिस्टम को बेच दिया है। उसने अडानी को, अंबानी को और अमेरिका को हिंदुस्तान का आर्थिक सिस्टम पकड़ा दिया है। अब आर्थिक तूफान आ रहा है और नरेंद्र मोदी और हिंदुस्तान की सरकार आपको नहीं बचा पाएगी। देखना, दो-तीन महीने में आपको पता लग जाएगा। कैसा जबरदस्त झटका लगने वाला है। और आप याद रखना, नरेंद्र मोदी कहेंगे, आपसे कहेंगे, रोएंगे, जैसे कोविड के समय रोया था। जैसे नोटबंदी के समय रोया था। रोएंगे और कहेंगे मेरी गलती नहीं है। और मैं आपको बता रहा हूं कि गलती सिर्फ नरेंद्र मोदी, अमित शाह और आरएसएस की है। क्योंकि इन्होंने संविधान को खत्म किया है।

बीजेपी ने किया पलटवार

राहुल गांधी के बयान पर बीजेपी ने भी पलटवार किया है। बीजेपी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कहा है कि राहुल गांधी ने 140 करोड़ देशवासियों को गद्दार कहा है। राहुल का बयान पाकिस्तान जैसी है। राहुल गांधी का रिमोट कंट्रोल देश विरोधी तत्वों के हाथों में है। कांग्रेस नेता हर वक्त देशविरोधी बातें करते हैं। राहुल गांधी की भाषा माओवादी, मुस्लिम लीग और अर्बन नक्सल जैसी है।

राहुल मानसिक संतुलन खो बैठे हैं- राकेश त्रिपाठी

बीजेपी प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने उन्हें आदतन अपराधी करार दिया। त्रिपाठी ने कहा कि राहुल गांधी आदतन अपराधी हैं। वो कई बार कोर्ट से फटकार पा चुके हैं। राहुल गांधी का अपनी भाषा पर नियंत्रण नहीं है और वो मानसिक संतुलन खो बैठे हैं। उन्होंने जो बयान दिया है इसका खामियाजा पूरी कांग्रेस पार्टी को भुगतना पड़ेगा।

पीएम मोदी को नॉर्वे के अखबार ने बताया 'संपेरा', जानें कैसे एक पत्रकार के एक सवाल से बढ़ा विवाद

#norwayaftenpostencartoonmodicontroversypressfreedom_debate

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अपने पांच देशों की यात्रा के अंतिम चरण में इटली पहुंच चुके हैं। हालांकि, नॉर्वे दौरा लगातार चर्चा में बना हुआ है। ये चर्चा उस वक्त शुरू हुई, जब नॉर्वे की राजधानी ओस्लो में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने एक महिला पत्रकार, हेले लिंग स्वेंडसन, ने अचानक प्रोटोकॉल तोड़कर चिल्लाते हुए एक तीखा सवाल पूछा। वहीं, वहीं अब नॉर्वे के एक अख़बार में पीएम मोदी पर छपा कार्टून सुर्ख़ियां बटोर रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नॉर्वे दौरा उस वक्त विवादों में आ गया, जब वे नॉर्वे के प्रधानमंत्री योनास गार स्टोरे से मीटिंग के बाद जा रहे थे तब वहां की पत्रकार हेला लेंग ने उनसे सवाल पूछा था लेकिन पीएम बिना जवाब दिए आगे बढ़ गए। सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए वीडियो में पत्रकार हेला लिंग को यह कहते हुए सुना जा सकता है, "प्रधानमंत्री मोदी, आप दुनिया की सबसे स्वतंत्र प्रेस के सवालों को क्यों नहीं लेते?"

हेला लिंग ने वीडियो शेयर करते हुए लिखा, "भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मेरे सवाल का जवाब नहीं दिया। मुझे इसकी उम्मीद भी नहीं थी। वर्ल्ड प्रेस फ़्रीडम इंडेक्स में नॉर्वे पहले स्थान पर है और भारत 157वें स्थान पर है।"

हेला लेंग के इस सोशल मीडिया पोस्ट के बाद नॉर्वे में बारतीय दूतावास ने बयान जारी किया और भारतीय विदेश मंत्रालय की प्रेस कॉन्फ़्रेंस में आकर सवाल पूछने को कहा।प्रेस कॉन्फ़्रेंस में उनकी और भारतीय विदेश मंत्रालय के अधिकारियों के बीच हुई तीखी बहस हो गई।

नॉर्वे की पत्रकार के तीखे सवाल

ओस्लो में भारतीय विदेश मंत्रालय की प्रेस कॉन्फ़्रेंस में हेला लेंग ने सवाल पूछा, "भारत और नॉर्वे एक दूसरे के साथ मज़बूत साझेदारी कर रहे हैं। लेकिन हम आप पर भरोसा क्यों करें? क्या आप वादा करते हैं कि अपने देश में हो रहे मानवाधिकार उल्लंघन को रोकेंगे। आपके प्रधानमंत्री मुश्किल सवालों का जवाब देना कब शुरू करेंगे।" जब विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि उन्होंने सवाल सुन लिया है और इसका जवाब देंगे, तो नॉर्वे की उस पत्रकार ने कहा कि उन्हें इसका जवाब फ़ौरन चाहिए।

भारतीय विदेश मंत्रालय में सचिव ने दिया जवाब

उसी प्रेस कॉन्फ़्रेंस में भारत के विदेश मंत्रालय में सचिव (पश्चिम) सीबी जॉर्ज ने इस सवाल के जवाब में कहा, "भारत बेहद प्राचीन सभ्यता है। करीब पाँच हजार साल पुरानी सभ्यता। हमने जीरो का आविष्कार किया। हमने योग का आविष्कार किया।"

भारत ने बताया कैसे दुनिया ने किया विश्वास

जब सीबी जॉर्ज ये कह रहे थे, तब पत्रकार ने उन्हें फिर टोककर कहा कि आप सीधे मेरे सवाल का जवाब दीजिए। इस पर सीबी जॉर्ज ने कहा, "ये मेरी प्रेस कॉन्फ़्रेंस है। आपने सवाल किया है। अब आपको मेरा जवाब सुनने का धैर्य होना चाहिए।" पत्रकार ने फिर कहा कि आप योग वगैरह की बात ना करके सीधे सवाल का जवाब दें। सीबी जॉर्ज ने तब फिर कहा, "मैं भरोसे की ही बात कर रहा हूँ। जब पूरी दुनिया कोविड महामारी से जूझ रही थी। तब हमने दुनिया के 150 से ज़्यादा देशों को वैक्सीन और दवा दी। पूरी दुनिया को हमने संकट से उबारने में मदद की। दुनिया ने हम पर विश्वास जताया। ये होता है भरोसा।"

भारतीय अधिकारी ने बताया भारत पर भरोसे का मतलब

इस दौरान पत्रकार बार-बार टोकती रहीं कि मानवाधिकार उल्लंघन के बारे में पूछे उनके सवाल का सीधा जवाब दिया जाए। सीबी जॉर्ज ने इसके जवाब में भारत में आयोजित जी20 समिट का ज़िक्र करते हुए कहा कि रूस-यूक्रेन युद्ध जैसे मुश्किल हालात में भारत की मेज़बानी में सभी देश एक ही प्लेटफ़ॉर्म पर आए। उन्होंने कहा, "भारत ने सबको एक किया और पहली बार अफ़्रीकन यूनियन को हम जी20 का स्थाई सदस्य बनाने में सफल रहे। अफ़्रीकी देशों की चिंताओं को भारत ने मंच दिया। ये होता है भरोसा।" सीबी जॉर्ज के जवाब देने के दौरान ही वो पत्रकार प्रेस कॉन्फ़्रेंस छोड़कर चली गईं।

अब नॉर्वे के अखबार में पीएम मोदी पर कार्टून छपा

इस विवाद के बीच अब नॉर्वे के एक अख़बार में पीएम मोदी पर छपा कार्टून सुर्ख़ियां बटोर रहा है। नॉर्वे के सबसे बड़े और प्रभावशाली अख़बारों में से एक 'आफ़्टेनपोस्टेन' ने एक कार्टून प्रकाशित किया है। जिसमें उन्हें ‘संपेरे’ के रूप में दिखाया गया है और पेट्रोल पंप के पाइप को सांप की तरह दर्शाया गयाहै। यह कार्टून एक ओपिनियन लेख के साथ प्रकाशित हुआ था, जिसमें पीएम मोदी के लिए हेडलाइन दी गई है, ‘एक चालाक और थोड़ा खीज दिलाने वाला आदमी’।

भारत-नॉर्वे के रिश्ते पर पड़ेगा असर?

पीएम के दौरे और उससे पैदा हुए विवाद के बाद सवाल उठ रहें हैं कि क्या भारतच और नॉर्वे रे रिश्तों पर इसका असर पड़ेगा। एक्सपर्ट्स का मानना है कि नॉर्वे के अखबार में छपे कार्टून के कारण दोनों देशों के कूटनीतिक रिश्तों पर कोई निगेटिव प्रभाव नहीं पड़ने वाला है। हालांकि, इतना जरूर है कि इस कार्टून विवाद के कारण भारत की आम जनता के बीच इस मुद्दे ने तूल जरूर पकड़ लिया है। एक बड़ी आबादी इसे देश के अपमान से जोड़कर देख रही हैं।

पीएम मोदी-डोनाल्ड ट्रंप की हो सकती है मुलाकात, जी-7 समिट के दौरान होगी मीटिंग!

#pmnarendramodianduspresidentdonaldtrumplikelytomeet

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच जल्द ही मुलाकात हो सकती है। ये मुलाकात भारत या अमेरिका में नहीं बल्कि फ्रांस में होने की संभावना है। दरअसल, फ्रांस में आगामी जून महीने में G-7 शिखर सम्मेलन का आयोजन होने जा रहा है। फ्रांस में होने वाले जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय बातचीत हो सकती है। अगर यह मुलाकात होती है तो करीब डेढ़ साल बाद मोदी और ट्रंप आमने-सामने बैठकर वैश्विक और द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा करेंगे।

ट्रंप G7 शिखर सम्मेलन में लेंगे हिस्सा

अमेरिकी मीडिया Axios की रिपोर्ट के मुताबिक राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी जी7 नेताओं की बैठक में शामिल होंगे। रिपोर्ट के अनुसार ट्रंप जी7 बैठक में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, वैश्विक व्यापार, अपराध नियंत्रण और चीन पर निर्भरता कम करने जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाना चाहते हैं। अमेरिकी प्रशासन की कोशिश है कि अमेरिकी तकनीक आधारित एआई टूल्स को दुनिया भर में बढ़ावा दिया जाए और क्रिटिकल मिनरल सप्लाई चेन में चीन की पकड़ कमजोर की जाए।

मैक्रों के विशेष आमंत्रण पर फ्रांस जा सकते हैं पीएम मोदी

फ्रांस के एवियन-लेस-बैंस में 15 से 17 जून तक G7 शिखर सम्मेलन का आयोजन होगा। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने प्रधानमंत्री मोदी को इस बैठक में शामिल होने के लिए विशेष रूप से आमंत्रित किया है। हालांकि भारत इस समूह का सदस्य नहीं है, फिर भी एक महत्वपूर्ण भागीदार देश के तौर पर भारत को बुलाया गया है।

करीब 16 महीने बाद ट्रंप-मोदी की मुलाकात

जी-7 की बैठक पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हैं। यह इसलिए क्योंकि पीएम मोदी और डोनाल्ड ट्रंप की यह संभावित मुलाकात करीब 16 महीने बाद होने वाली है। माना जा रहा है कि दोनों नेता व्यापार, तकनीक और वैश्विक मुद्दों पर बातचीत कर सकते हैं। इससे पहले पीएम मोदी और ट्रंप के बीच आखिरी मुलाकात पिछले साल फरवरी में हुई थी, जब ट्रंप के विशेष आमंत्रण पर पीएम मोदी अमेरिका गए थे। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय बैठक हुई थी। इस दौरान टैरिफ, संबंध, व्यापार, आतंकवाद, रक्षा जैसे मुद्दों पर बातचीत हुई थी।

पीएम मोदी का रोम में भव्य स्वागत, सेल्फी शेयर कर इटली की प्रधानमंत्री बोलीं- आपका स्वागत मेरे दोस्त

#pmnarendramodiselfiewithgiorgiameloni 

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पांच देशों की यात्रा के अंतिम चरण में मंगलवार को इटली पहुंचें। जहां उनका स्वागत इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने एक खास अंदाज में सेल्फी लेकर किया। रोम पहुंचने पर इटली की पीएम जॉर्जिया मेलोनी ने एक खास सेल्फी एक्स पर शेयर करते हुए उनका स्वागत किया है।

इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के विशेष निमंत्रण पर पीएम मोदी इटली पहुंचे हैं। पीएम मोदी के इटली पहुंचते ही मोदी-मेलोनी की बहुचर्चित सेल्फी पूरी दुनिया में छा गई। जॉर्जिया मेलोनी ने अपनी और नरेंद्र मोदी की एक तस्वीर 'एक्स' पर शेयर किया और पोस्ट में लिखा, 'मेरे दोस्त रोम में आपका स्वागत है। इस दौरे पर पीएम मोदी की रोम में जॉर्जिया मेलोनी के अलावा इटली के राष्ट्रपति सर्जियो मटारेला से बैठक होनी है।

रोम में पीएम का किया भव्य स्वागत

इससे पहले दिन में पीएम मोदी रोम पहुंचे, जहां भारतीय समुदाय ने उनका भव्य स्वागत किया। होटल पहुंचने पर प्रधानमंत्री ने प्रवासी भारतीयों से मुलाकात की और वहां आयोजित सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आनंद लिया। इस दौरान पीएम मोदी ने लोगों से बातचीत की और एक बच्चे को ऑटोग्राफ भी दिया, जिसने उनका चित्र बनाकर उन्हें भेंट किया था।

भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे पर होगा फोकस

वहीं, पीएम मोदी ने इटली पहुंचने पर एक्स पर कहा कि मैं रोम पहुंच गया हूं। मैं राष्ट्रपति सर्जियो मैटरेला और प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी से मिलूंगा और उनके साथ चर्चा करूंगा। इस दौरे का मुख्य जोर भारत और इटली के बीच सहयोग को मजबूत करने पर होगा। इसमें भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारा (IMEC) पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। मैं संयुक्त राष्ट्र के खाद्य और कृषि संगठन (FAO) के मुख्यालय का दौरा करूंगा, जिससे वैश्विक खाद्य सुरक्षा के प्रति भारत की प्रतिबद्धता मजबूत होगी।

आवारा कुत्तों पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, डॉग लवर्स की याचिका की खारिज, नहीं बदला अपना पुराना आदेश

#supremecourtdecisiononstreetdogsrefusestochangeitsprevious_order

सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्‍तों पर अपने पूर्व के फैसलों को बदलने की मांग को खारिज कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों के बढ़ते खतरे और उनसे जुड़ी सार्वजनिक सुरक्षा चिंताओं को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए अपने 25 नवंबर के आदेश में बदलाव करने से साफ इनकार कर दिया है। कोर्ट ने साफ कहा कि वह जमीनी सच्चाइयों से आंखें बंद नहीं की जा सकती। अदालत ने सार्वजनिक सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा कि सरकारों की जिम्मेदारी है कि नागरिकों को भयमुक्त वातावरण उपलब्ध कराया जाए।

नसबंदी के बाद पुरानी जगहों पर छोड़ने का निर्देश देने से इनकार

स्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस एनवी अंजारिया की पीठ ने सुनवाई की। अदालत ने शैक्षणिक संस्थानों, बस स्टैंडों, रेलवे स्टेशनों, खेल परिसरों, अस्पतालों आदि जगहों से आवारा कुत्तों को हटाने के अपने पूर्व के निर्देशों को बदलने से इनकार कर दिया और कुत्तों को नसबंदी के बाद वापस पुरानी जगहों पर छोड़ने का निर्देश देने से इनकार कर दिया।

कुत्तों के काटने की घटना लगातार जारी

जस्टिस विक्रम नाथ की पीठ ने फैसला सुनाते हुए कहा, कुत्तों के काटने की घटना लगातार जारी है और यह दिखाता है कि संबंधित अथॉरिटी की लापरवाही है। डॉग बाइट की समस्या चिंता में डालने वाली है। राजस्थान के गंगानगर, सीकर, उदयपुर और भीलवाड़ा से हमें चौंकाने वाले आंकड़े मिले हैं। तमिलनाडु समेत दूसरे राज्यों से भी ऐसे ही आंकड़े सामने आए हैं। दिल्ली के IGI एयरपोर्ट में भी जनवरी से अब तक 31 डॉग बाइट की घटनाएं हुई हैं। विदेशी पर्यटकों को भी कुत्तों ने काटा है। देश भर में रैबीज से मौत की कई घटनाएं हुई हैं।

राइट टू लाइफ को लेकर राज्य सरकारों पर सख्त

शीर्ष अदालत ने कहा, "Animal Birth Control" नियमों को सही तरीके से लागू करने में गंभीर लापरवाही हुई है, जिसकी वजह से समस्या बढ़ी। राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों का यह दायित्व है कि लोगों के जीवन की रक्षा करें। राइट टू लाइफ की रक्षा करना राज्य और यूटी की जिम्मेदारी है।सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने कहा कि यदि राज्य सरकारों और स्थानीय निकायों ने समय रहते दूरदर्शिता के साथ काम किया होता, तो आज स्थिति इतनी गंभीर नहीं होती। अदालत ने यह भी संकेत दिया कि सार्वजनिक स्थानों पर लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस मुद्दे पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती।

गाइडलाइंस का कड़ाई से पालन करने का निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को Animal Birth Control (ABC) गाइडलाइंस का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। अदालत ने चेतावनी दी कि यदि निर्देशों का पालन नहीं किया गया तो संबंधित राज्यों के खिलाफ अवमानना कार्यवाही शुरू की जा सकती है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आवारा कुत्तों की समस्या से निपटने के लिए प्रभावी, व्यवस्थित और वैज्ञानिक कदम उठाना बेहद जरूरी है। अदालत ने निर्देश दिया कि देश के हर जिले में कम से कम एक ABC सेंटर स्थापित किया जाए, जहां प्रशिक्षित पशु चिकित्सकों और आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित हो। अदालत ने माना कि मौजूदा व्यवस्था कई स्थानों पर बेहद कमजोर है और इसका सीधा असर आम नागरिकों की सुरक्षा पर पड़ रहा है।

केजरीवाल-सिसोदिया को हाईकोर्ट का नोटिस, जस्टिस स्वर्ण कांता के खिलाफ अभियान चलाने का आरोप

#delhihighcourtissuesnoticetoarvindkejriwalandmanishsisodia

दिल्ली हाई कोर्ट ने शराब नीति मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा को निशाना बनाने के लिए कथित तौर पर चलाए गए एक सुनियोजित सोशल मीडिया अभियान के संबंध में अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और अन्य को नोटिस जारी किया है।

चार हफ्ते में मांगा जवाब

दिल्ली हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने 'आप' के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं को आपराधिक अवमानना के मामले में कारण बताओ नोटिस जारी किया है। अदालत ने अवमानना मामले में सभी नेताओं को अपना जवाब दाखिल करने के लिए चार सप्ताह का समय दिया है। मामले की अगली सुनवाई 4 अगस्त को होगी।

आप नेताओं पर अवमानना करने के आरोप

आम आदमी पार्टी के नेताओं पर जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा के खिलाफ कथित तौर पर 'मानहानिकारक और अपमानजनक' टिप्पणियां करने का आरोप है। सुनवाई जस्टिस नवीन चावला और जस्टिस रविंदर डुडेजा की बेंच के पास है। जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने केजरीवाल समेत आम आदमी पार्टी के अन्य नेताओं के खिलाफ आपराधिक अवमानना की कार्यवाही शुरू करने के आदेश दिए थे। न्यायमूर्ति स्वर्णकांता शर्मा ने कहा था कि वे आबकारी नीति मामले के कुछ बरी किए गए आरोपियों द्वारा सोशल मीडिया पर उनके और अदालत के खिलाफ की गई अत्यंत अपमानजनक, मानहानिकारक और घृणित टिप्पणियों पर चुप नहीं रह सकती हैं।

कई सोशल मीडिया पोस्ट पर आपत्ति

जस्टिस स्वर्ण कांत शर्मा ने जोर देकर कहा था कि दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री ने कानूनी उपायों को अपनाने के बजाय सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ बदनामी का एक "सोचा-समझा अभियान" चलाया, और यह साफ किया कि सभी आरोपियों को बरी करने के खिलाफ सीबीआई की याचिका पर अब कोई दूसरी बेंच सुनवाई करेगी। जस्टिस स्वर्ण कांत शर्मा ने उन लोगों के कई सोशल मीडिया पोस्ट पर आपत्ति जताई, जिन पर अवमानना का आरोप है। इन पोस्ट में उन पर "राजनीतिक निष्ठा" और "जुड़ाव" रखने का आरोप लगाया गया था और कथित तौर पर वाराणसी के एक शिक्षण संस्थान में दिए गए उनके भाषण का एक गुमराह करने वाला "एडिट किया हुआ" वीडियो पोस्ट करके उन्हें निशाना बनाया गया था।

पेट्रोल-डीजल आज फिर हो गया महंगा, एक हफ्ते में दूसरी बार बढ़े दाम

#petroldieselpriceshikedbyabout90paisea_litre

देश में आम आदमी पर महंगाई की एक और मार पड़ी है। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में मंगलवार को फिर से बढ़ोतरी कर दी गई। तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल दोनों के दाम में करीब 90 पैसे प्रति लीटर तक का इजाफा किया है। एक हफ्ते के भीतर ईंधन की कीमतों में यह दूसरी बढ़ोतरी है।

19 मई को सुबह-सुबह नए रेट जारी कर दिए गए हैं। देश के कई शहरों में आज पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बदलाव हुआ है। ऐसे में दिल्ली से लेकर मुंबई, जयपुर, पटना और हैदराबाद तक कई शहरों में नई कीमतें लागू हो गई हैं।

तीन दिन पहले ही बढ़े थे दाम

इस नई बढ़ोतरी से ठीक तीन दिन पहले, शुक्रवार को ही केंद्र सरकार ने देशभर में पेट्रोल और डीजल दोनों की कीमतों में तीन-तीन रुपये प्रति लीटर का भारी इजाफा किया था। उस बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में पेट्रोल 94.77 रुपये से बढ़कर 97.77 रुपये और डीजल 87.67 रुपये से बढ़कर 90.67 रुपये हो गया था।

देश अलग-अलग शहरों में पेट्रोल-डीजल का ताजा भाव

• दिल्ली में पेट्रोल ₹0.87 महंगा होकर ₹98.64 प्रति लीटर और डीजल ₹0.91 बढ़कर ₹91.58 प्रति लीटर हो गया है।

• मुंबई में पेट्रोल ₹0.91 बढ़कर ₹107.59 प्रति लीटर और डीजल ₹0.94 महंगा होकर ₹94.08 प्रति लीटर बिक रहा है।

• कोलकाता में पेट्रोल ₹1 बढ़कर ₹109.70 प्रति लीटर और डीजल ₹0.94 चढ़कर ₹96.07 प्रति लीटर पहुंच गया है।

• चेन्नई में पेट्रोल ₹0.79 महंगा होकर ₹104.46 प्रति लीटर और डीजल ₹0.86 बढ़कर ₹96.11 प्रति लीटर हो गया है।

• गुरुग्राम में पेट्रोल ₹0.82 बढ़कर ₹99.29 प्रति लीटर और डीजल ₹0.86 महंगा होकर ₹91.80 प्रति लीटर बिक रहा है।

• नोएडा में पेट्रोल ₹1.15 चढ़कर ₹98.91 प्रति लीटर और डीजल ₹1.22 बढ़कर ₹92.21 प्रति लीटर हो गया है।

• बेंगलुरु में पेट्रोल ₹0.95 महंगा होकर ₹107.12 प्रति लीटर और डीजल ₹0.94 बढ़कर ₹95.04 प्रति लीटर पहुंच गया है।

• भुवनेश्वर में पेट्रोल ₹0.52 बढ़कर ₹105.09 प्रति लीटर और डीजल ₹0.57 महंगा होकर ₹96.68 प्रति लीटर बिक रहा है।

• चंडीगढ़ में पेट्रोल ₹0.83 बढ़कर ₹98.10 प्रति लीटर और डीजल ₹0.84 चढ़कर ₹86.09 प्रति लीटर हो गया है।

• हैदराबाद में पेट्रोल ₹0.99 महंगा होकर ₹111.88 प्रति लीटर और डीजल ₹0.99 बढ़कर ₹99.95 प्रति लीटर पहुंच गया है.

• जयपुर में पेट्रोल ₹1.71 बढ़कर ₹109.32 प्रति लीटर और डीजल ₹1.60 महंगा होकर ₹94.50 प्रति लीटर बिक रहा है।

• लखनऊ में पेट्रोल ₹0.68 बढ़कर ₹98.40 प्रति लीटर और डीजल ₹0.72 चढ़कर ₹91.73 प्रति लीटर हो गया है।

• पटना में पेट्रोल ₹1.10 महंगा होकर ₹110.02 प्रति लीटर और डीजल ₹1.08 बढ़कर ₹96.05 प्रति लीटर पहुंच गया है।

पश्चिमी एशिया युद्ध के कारण दुनिया भर में ऊर्जा संकट

पेट्रोल और डीजल के दामों में इस तरह की लगातार बढ़ोतरी के पीछे अंतरराष्ट्रीय कारण बहुत बड़ी वजह हैं। दरअसल, पश्चिमी एशिया के देशों में चल रहे संघर्ष और युद्ध के कारण दुनिया भर में ऊर्जा का बहुत बड़ा संकट खड़ा हो गया है। इस विवाद के कारण समुद्री व्यापार के सबसे अहम रास्तों में से एक होर्मुज जलडमरूमध्य में रुकावट आ गई है। इसी साल 28 फरवरी से अमेरिका और इस्राइल का ईरान के साथ युद्ध शुरू हो गया था, जिसके बाद से ब्रेंट कच्चे तेल की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई हैं। कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास घूम रही है, हालांकि मौजूदा अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप और ईरान इस इलाके में लंबे समय के युद्धविराम के लिए बातचीत करने की कोशिश कर रहे हैं।

पाकिस्तान के पूर्व पीएम इमरान खान को सत्ता से हटाने में अमेरिका का हाथ? सामने आ गई सीक्रेट फाइल

#pakistanexpmimrankhanousterusinvolvementleakedcablereveals

इमरान खान को सत्ता से हटाने को लेकर विदेशी साजिश वाले आरोप फिर से चर्चा में हैं। पाकिस्तान की राजनीति में सालों से चर्चा में रहा एक खुफिया मैसेज यानी “साइफर” अब फिर सुर्खियों में है। अब इस कथित सीक्रेट दस्तावेज की तस्वीरें सामने आई हैं। इससे पता चला है कि इमरान खान के वो दावे सौ फीसदी सही थे जिसमें उन्होंने साइफर का हवाला देते हुए अमेरिका पर अपनी सरकार को गिराने का आरोप लगाया था।

इमरान खान के अविश्वास प्रस्ताव में हारने से ठीक पहले हुई थी बैठक

'ड्रॉप साइट' नाम की वेबसाइट ने 'साइफर' नाम का सीक्रेट डॉक्यूमेंट लीक किया है। यह वही सीक्रेट राजनयिक दस्तावेज है, जिसे लेकर पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान लगातार विदेशी साजिश का आरोप लगाते रहे थे। इस दस्तावेज को 'केबल I-0678' के रूप में पहचाना गया है। इसमें पाकिस्तान के तत्कालीन वाशिंगटन स्थित राजदूत और अमेरिकी विदेश विभाग के वरिष्ठ अधिकारी डोनाल्ड लू के बीच हुई एक बैठक का ब्योरा दर्ज है। यह बैठक अप्रैल 2022 में इमरान खान के अविश्वास प्रस्ताव में हारने से ठीक पहले हुई थी।

इमरान खान के जाने के बाद शहबाज बने पाक पीएम

दस्तावेज में कहा गया कि सत्ता परिवर्तन होने पर अमेरिका और यूरोप के साथ पाकिस्तान के रिश्तों में सुधार संभव होगा। इसमें संकेत दिया गया कि इमरान खान के पद पर बने रहने की स्थिति में पाकिस्तान को कूटनीतिक अलगाव का सामना करना पड़ सकता है। जो बाइडेन उस वक्त अमेरिका के राष्ट्रपति हुआ करते थे। इमरान खान के जाने के बाद शहबाज शरीफ देश के प्रधानमंत्री बने थे।

पाकिस्तान और अमेरिका से संबंध सुधारे

ड्रॉप साइट ने दस्तावेजों के हवाले से बताया है कि इमरान खान की सरकार गिरने के बाद पिछले पांच सालों में अमेरिका-पाकिस्तान संबंधों को एक नया रूप दिया गया और वॉशिंगटन और इस्लामाबाद को आपसी शक-शुबहे के माहौल से निकालकर एक-दूसरे के करीब ला दिया।

इमरान खान बार-बार किया था ये दावा

इमरान खान ने अपनी सत्ता जाने से पहले और संसद में सरकार गिरने के बाद बार-बार यह दावा किया था कि अमेरिका ने उनकी स्वतंत्र विदेश नीति और रूस और चीन के खिलाफ उसके साथ पूरी तरह से न जुड़ने के कारण उन्हें सत्ता से हटाने के लिए पर्दे के पीछे से काम किया। इमरान खान ने पाकिस्तान की वंशवादी राजनीतिक पार्टियों जैसे पाकिस्तान मुस्लिम लीग-N और पाकिस्तान पीपल्स पार्टी पर भी आरोप लगाया कि वे उनकी सरकार को गिराने के लिए विदेशी ताकतों के साथ मिलकर काम कर रही थीं।

इमरान खान सरकार और अमेरिका के बीच तनाव के कारण

रिपोर्ट के मुताबिक, इमरान खान सरकार और अमेरिका के बीच तनाव कई मुद्दों पर बढ़ाः-

1. अफगानिस्तान मुद्दा: अमेरिका चाहता था कि पाकिस्तान अपनी जमीन ड्रोन ऑपरेशन के लिए दे, लेकिन इमरान खान ने साफ इनकार कर दिया था।

2. रूस यात्रा: फरवरी 2022 में इमरान खान रूस पहुंचे और उसी दिन यूक्रेन पर हमला शुरू हुआ। इस मुलाकात ने अमेरिका को नाराज कर दिया। दस्तावेज में यह भी कहा गया कि रूस यात्रा ने दोनों देशों के रिश्तों में ‘दरार’ डाल दी थी।

3. यूएन वोटिंग: पाकिस्तान ने रूस के खिलाफ प्रस्ताव पर वोटिंग से दूरी बनाई, जिससे पश्चिमी देशों की नाराजगी और बढ़ गई।