रांची में 17 मई को JPSC बैकलॉग परीक्षा, 64 केंद्रों के 200 मीटर दायरे में धारा-163 लागू
रांची, 15 मई 2026: झारखंड लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित झारखंड संयुक्त असैनिक सेवा (बैकलॉग) प्रारंभिक प्रतियोगिता परीक्षा-2025 के शांतिपूर्ण व कदाचार मुक्त संचालन के लिए जिला प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है।
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अनुमंडल दंडाधिकारी, सदर रांची श्री कुमार रजत ने B.N.S.S. की धारा-163 के तहत 17 मई 2026 को रांची के सभी 64 परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर की परिधि में निषेधाज्ञा लागू कर दी है। यह आदेश सुबह 7 बजे से रात 8 बजे तक प्रभावी रहेगा।
इन 5 चीजों पर रहेगा प्रतिबंध
1. पांच या अधिक व्यक्तियों का एक जगह जमा होना। सरकारी ड्यूटी और शवयात्रा को छूट।
2. लाउडस्पीकर या किसी भी ध्वनि विस्तारक यंत्र का उपयोग।
3. बंदूक, रिवाल्वर, बम, बारूद जैसे अस्त्र-शस्त्र ले जाना।
4. लाठी-डंडा, तीर-धनुष, गड़ासा-भाला जैसे हरवे हथियार ले जाना।
5. किसी भी तरह की बैठक या आमसभा का आयोजन।
पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों को इन प्रतिबंधों से छूट दी गई है।
क्यों लगाया गया प्रतिबंध?
उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी श्री मंजूनाथ भजन्त्री एवं अपर जिला दंडाधिकारी विधि-व्यवस्था श्री राजेश्वर नाथ आलोक ने परीक्षा के लिए दंडाधिकारियों के साथ भारी पुलिस बल तैनात किया है। प्रशासन को आशंका है कि असामाजिक तत्व परीक्षा केंद्रों पर भीड़ लगाकर विधि-व्यवस्था भंग करने की कोशिश कर सकते हैं। इसी को रोकने के लिए निषेधाज्ञा जारी की गई है।
64 केंद्रों पर होगी परीक्षा
परीक्षा रांची के प्रमुख स्कूल-कॉलेजों में होगी। इसमें ST. Xavier's College, DAV Nandraj Modern School, St. Joseph Girls High School, Carmel Girls High School, St. Aloysius High School, Firayalal Public School, DAV Gandhinagar, Vivekananda Vidya Mandir Dhurwa सहित 64 केंद्र शामिल हैं।
प्रशासन ने परीक्षार्थियों व अभिभावकों से अपील की है कि केंद्रों पर अनावश्यक भीड़ न लगाएं और शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने में सहयोग करें। आदेश का उल्लंघन करने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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कोलकाता/रांची:-उद्योग मंत्री श्री संजय प्रसाद यादव ने बुधवार को पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के थिएटर रोड में झाक्राफ्ट के नए इंपोरियम का उद्घाटन किया । इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह एम्पोरियम केवल उत्पादों की बिक्री का केंद्र नहीं होगा, बल्कि यह झारखंड के हजारों कारीगरों के सपनों, मेहनत और आत्मविश्वास का प्रतीक बनेगा। इससे ग्रामीण रोजगार को बढ़ावा मिलेगा, महिला सशक्तिकरण को मजबूती मिलेगी। झारक्राफ्ट लगातार राज्य के कारीगरों, बुनकरों और ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने तथा उनके हुनर को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच प्रदान करने का कार्य कर रहा है।


May 15 2026, 19:11
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