/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs1/1714541855430118.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs4/1714541855430118.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs5/1714541855430118.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs1/1714541855430118.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs4/1714541855430118.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs5/1714541855430118.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs1/1714541855430118.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs4/1714541855430118.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs5/1714541855430118.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs1/1714541855430118.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs4/1714541855430118.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs5/1714541855430118.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs1/1714541855430118.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs4/1714541855430118.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs5/1714541855430118.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs1/1714541855430118.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs4/1714541855430118.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs5/1714541855430118.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs1/1714541855430118.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs4/1714541855430118.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs5/1714541855430118.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs1/1714541855430118.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs4/1714541855430118.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs5/1714541855430118.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs1/1714541855430118.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs4/1714541855430118.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs5/1714541855430118.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs1/1714541855430118.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs4/1714541855430118.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs5/1714541855430118.png StreetBuzz अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस ने मुंबई में 1,000 मेगावाट के पावर लिंक का शुभारंभ किया क्लीन एनर्जी सप्लाई बढ़ाने के दिशा में उठाया अहम कदम shishir Verma
अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस ने मुंबई में 1,000 मेगावाट के पावर लिंक का शुभारंभ किया क्लीन एनर्जी सप्लाई बढ़ाने के दिशा में उठाया अहम कदम

मुंबई,  अप्रैल 2026: मुंबई और पूरे मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन (एमएमआर) में बिजली व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए, अदाणी इलेक्ट्रिसिटी मुंबई इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (एईएसएल), जो अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड (एईएसएल) की सहायक कंपनी है, ने कुदुस और आरे के बीच 1,000 मेगावाट (एमडब्ल्यू) क्षमता की हाई-वोल्टेज डायरेक्ट करंट (एचवीडीसी) ट्रांसमिशन लाइन शुरू कर दी है।
यह प्रोजेक्ट 30 किलोमीटर लंबी ओवरहेड लाइन और 50 किलोमीटर लंबा अंडरग्राउंड कॉरिडोर मिलाकर बनाया गया है। इसे खास तौर पर घनी आबादी वाले शहरी इलाके की सीमाओं को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया है। इसके साथ ही, इस प्रोजेक्ट में दुनिया का पहला कॉम्पैक्ट एचवीडीसी सबस्टेशन भी शामिल है, जो ऐसे भीड़भाड़ वाले शहरों के लिए बेहद उपयुक्त है।
अक्टूबर 2020 में हुए मुंबई ब्लैकआउट के बाद, जब शहर की बिजली व्यवस्था की कमजोरियां सामने आई थीं, उसी के बाद इस प्रोजेक्ट की योजना बनाई गई। यह प्रोजेक्ट बिजली ग्रिड को और ज्यादा मजबूत और भरोसेमंद बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
इस प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य मुंबई और मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन (एमएमआर) को शहर के बाहर से ज्यादा बिजली प्राप्त करने में सक्षम बनाना है, जिसमें अन्य क्षेत्रों में बनने वाली रिन्यूएबल ऊर्जा भी शामिल है।
हालांकि मुंबई पहले से ही नेशनल ग्रिड से जुड़ा हुआ है, लेकिन यह एचवीडीसी लिंक उस कनेक्टिविटी को और बेहतर बनाता है। इससे बिजली का प्रवाह, खासकर रिन्यूएबल ऊर्जा को जोड़ने के लिए ज्यादा नियंत्रित, अधिक प्रभावी और ज्यादा क्षमता के साथ हो पाता है।
भारत के सबसे ज्यादा बिजली खपत वाले शहरी क्षेत्रों में से एक मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन के लिए यह प्रोजेक्ट बिजली सप्लाई के तरीके में एक बड़ा बदलाव दर्शाता है। इस अतिरिक्त 1,000 मेगावाट क्षमता से शहर के अंदर बनने वाली बिजली पर निर्भरता कम होगी, बिजली ग्रिड और मजबूत बनेगा और बड़े स्तर पर आउटेज का खतरा भी कम होगा।

यह विकास अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड के उस बड़े लक्ष्य को दिखाता है, जिसमें वह भारत की बढ़ती रिन्यूएबल ऊर्जा क्षमता को सपोर्ट करने के लिए आधुनिक ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर बना रहा है। जैसे-जैसे शहरों में बिजली की मांग बढ़ रही है, वैसे-वैसे दूर-दराज इलाकों में बनने वाली साफ ऊर्जा को शहरों के ग्रिड से जोड़ना बहुत जरूरी होता जा रहा है। इससे विकास को बनाए रखने के साथ-साथ कार्बन उत्सर्जन कम करने के लक्ष्य को भी पूरा किया जा सकता है।
इस प्रोजेक्ट में वोल्टेज सोर्स को वेटर (वीएससी) आधारित एचवीडीसी तकनीक का उपयोग किया गया है। यह तकनीक बिजली के प्रवाह को तेज़ और ज्यादा सटीक तरीके से नियंत्रित करने में मदद करती है, जिससे वोल्टेज स्थिर रहता है और पूरी ग्रिड अधिक भरोसेमंद बनती है। खास तौर पर, जहां जगह कम होती है जैसे घनी आबादी वाले शहरों में, वहां यह तकनीक और भी ज्यादा प्रभावी साबित होती है।
यह तकनीक कई महत्वपूर्ण संचालन संबंधी फायदे प्रदान करती है, जैसे जरूरत के अनुसार वोल्टेज को तुरंत स्थिर बनाए रखने की क्षमता, लंबी दूरी तक बिजली भेजने में होने वाले नुकसान को कम करना, और ब्लैक-स्टार्ट सुविधा, जिसके माध्यम से पूरी तरह से बिजली जाने की स्थिति में बिना किसी बाहरी स्रोत के भी सिस्टम को दोबारा शुरू किया जा सकता है। इन सभी विशेषताओं के कारण बिजली कटौती के समय तेजी से बहाली संभव होती है और पूरी बिजली व्यवस्था अधिक मजबूत और भरोसेमंद बनती है।
कुदुस–आरे एचवीडीसी लिंक दुनिया के सबसे बड़े शहरी एचवीडीसी कनेक्शनों में से एक है और इससे मुंबई में बाहर से आने वाली बिजली की हिस्सेदारी काफी बढ़ने की उम्मीद है। इससे शहर के अंदर बनने वाली बिजली पर दबाव कम होगा और जैसे-जैसे मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन में बिजली की मांग बढ़ती जाएगी, वैसे-वैसे यह प्रोजेक्ट बिजली ग्रिड को और ज्यादा मजबूत और भरोसेमंद बनाने में मदद करेगा।
अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड के सीईओ कंदर्प पटेल ने कहा, "आरे–कुदुस ट्रांसमिशन लाइन के शुरू होने के साथ, मुंबई के पास अब एक आधुनिक पावर कॉरिडोर है, जो बड़े स्तर पर रिन्यूएबल ऊर्जा को उच्च विश्वसनीयता के साथ जोड़ने में सक्षम है। यह अब तक के सबसे तेज़ी से पूरे किए गए एचवीडीसी प्रोजेक्ट्स में से एक है, जिसमें एडवांस वीएससी
आधारित एचवीडीसी तकनीक का उपयोग किया गया है। यह प्रोजेक्ट ग्रिड की स्थिरता को बेहतर बनाता है, मौजूदा नेटवर्क पर दबाव कम करता है और शहर की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करता है। यह मुंबई के लिए एक स्वच्छ और अधिक मजबूत ऊर्जा भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।"

अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड के बारे में जानकारी
अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड, अदाणी समूह का हिस्सा है और ऊर्जा क्षेत्र के विभिन्न पहलुओं में कार्य करने वाला एक बहुआयामी संगठन है, जैसे विद्युत प्रसारण, वितरण, स्मार्ट मीटरिंग और शीतलन समाधान। एईएसएल देश की सबसे बड़ी निजी प्रसारण कंपनी है, जिसका कुल प्रसारण नेटवर्क 27,949 सर्किट किलोमीटर है और परिवर्तन क्षमता 1,23,175 एमवीए है। अपने खुदरा विद्युत वितरण व्यवसाय में, एईएसएल लगभग 1.3 करोड़ उपभोक्ताओं को सेवा प्रदान करता है, जिसमें मुंबई महानगर और मुद्रा एसईजेड औद्योगिक क्षेत्र शामिल हैं। कंपनी अपने स्मार्ट मीटरिंग व्यवसाय को तेज़ी से बढ़ा रही है और भारत की अग्रणी स्मार्ट मीटरिंग समेकक बनने की दिशा में अग्रसर है। एईएसएल अपने डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क के विस्तार, समानांतर लाइसेंसों के माध्यम से एकीकृत सेवाओं, तथा प्रतिस्पर्धी और अनुकूलित खुदरा समाधानों, जिसमें हरित ऊर्जा की महत्वपूर्ण हिस्सेदारी शामिल है, के जरिए अंतिम उपभोक्ता तक ऊर्जा पहुंचाने के तरीके में परिवर्तन ला रही है। एईएसएल विश्वसनीय, किफायती और टिकाऊ तरीके से ऊर्जा क्षेत्र में बदलाव लाने के लिए एक प्रेरक शक्ति के रूप में कार्य कर रही है।
*एपैरल ग्रुप के ब्रांड विक्टोरिया सीक्रेट इंडिया ने तृप्ति डिमरी को बनाया ब्रांड एंबेसडर*
*अब तृप्ति डिमरी होंगी विक्टोरिया सीक्रेट इंडिया का चेहरा, अपैरल ग्रुप ने किया ऐलान*
*दिल्ली, अप्रैल 2026* : ग्लोबल फैशन और लाइफस्टाइल रिटेल कंपनी, अपैरल ग्रुप ने एक नए अध्याय की शुरुआत करते हुए, तृप्ति डिमरी को विक्टोरिया सीक्रेट इंडिया की पहली ब्रांड एंबेसडर घोषित किया है।
विक्टोरिया सीक्रेट, जिसमें इसके प्रमुख ब्रांड्स विक्टोरिया सीक्रेट और पिंक शामिल हैं, ने भारत में अपना समर सिग्नेचर कैंपेन लॉन्च किया है। ये ब्रांड्स आत्मविश्वास, खुशी और आकर्षण को बढ़ावा देने पर फोकस करते हैं। इस कैंपेन में जानी-मानी भारतीय अभिनेत्री और नई ब्रांड एंबेसडर तृप्ति डिमरी नजर आ रही हैं। समर सिग्नेचर कलेक्शन में आरामदायक और आसानी से पहनने वाली लॉन्जरी और स्लीपवियर शामिल हैं, जिनमें ब्रांड का सिग्नेचर स्ट्राइप डिज़ाइन देखने को मिलता है। इस कलेक्शन की सादगी और ग्लैमर के साथ तृप्ति का सहज आत्मविश्वास इस कैंपेन को और भी खास बनाता है।
इस कलेक्शन में सिग्नेचर स्ट्राइप लोगो टी-शर्ट, वायरलेस ब्रा और सिग्नेचर स्ट्राइप लोगो पैंटी जैसे प्रोडक्ट्स शामिल हैं, जो रोज़मर्रा के आराम के लिए बनाए गए हैं। वहीं, स्लीपवेयर में सिग्नेचर स्ट्राइप्ड साटन स्लिप और सिग्नेचर स्ट्राइप्ड साटन लॉन्ग पायजामा सेट शामिल हैं, जो आराम के साथ हल्कापन और लक्ज़री एहसास देते हैं। इसके साथ ही समर सिग्नेचर के साथ कूल एयर कलेक्शन और कैंपेन भी लॉन्च किया गया है, जिसमें तृप्ति डिमरी नजर आ रही हैं। इसमें कूलब्रा शामिल है, जो खास फैब्रिक से बना है और पहनने पर ठंडक का एहसास देता है, साथ ही जल्दी सूखने वाला और बेहद सॉफ्ट है, जिसे दिन से रात तक आसानी से पहना जा सकता है।
उक्त घोषणा पर बात करते हुए, अपैरल ग्रुप इंडिया के सीईओ अभिषेक बाजपेयी ने कहा, "भारत विक्टोरिया सीक्रेट के लिए तेजी से बढ़ता हुआ अत्यंत महत्वपूर्ण मार्केट है। तृप्ति डिमरी आज की उस नई पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करती हैं, जो आत्मविश्वास, अपनी अलग पहचान और ग्लोबल फैशन सेंस को महत्व देती है।"
इस साझेदारी पर तृप्ति डिमरी ने कहा, "विक्टोरिया सीक्रेट के साथ जुड़कर मैं बेहद उत्साहित हूँ। यह एक ऐसा ब्रांड है, जो हर महिला की अपनी पहचान को सेलिब्रेट करता है और उसे आत्मविश्वास के साथ खुद को अपनाने के लिए प्रेरित करता है। सिग्नेचर कूलब्रा और समर सिग्नेचर कलेक्शन खास तौर पर आराम और सहजता पर आधारित हैं और यही बात मुझे सबसे ज्यादा पसंद आई।"
पिछले कुछ वर्षों में अपैरल ग्रुप भारत में विक्टोरिया सीक्रेट की उपस्थिति का लगातार विस्तार कर रहा है। प्रमुख महानगरों में अपने रिटेल नेटवर्क को मजबूत करने के साथ-साथ, कंपनी अपनी वेबसाइट और ऐप के जरिए एक मजबूत ओम्नीचैनल अनुभव भी तैयार कर रही है। तृप्ति डिमरी की नियुक्ति इस बात का संकेत है कि ब्रांड भारत में अपने निवेश को और बढ़ाने तथा फैशन के प्रति विशेष रुझान रखने वाले भारतीय ग्राहकों के साथ गहरा जुड़ाव बनाने के लिए कार्यरत है।
अधिक जानकारी के लिए विक्टोरिया सीक्रेट इंडिया की वेबसाइट विजिट करें:  victoriassecret.in
प्रिज़्म का मोटल 6 कैंकून में आयोजित करेगा फ्रेंचाइज़ कन्वेंशन, मनाएगा अमेरिकन हॉस्पिटैलिटी का जश्न

प्रिज़्म कैंकून में करेगा मोटल 6 फ्रेंचाइज़ कन्वेंशन, जुटेंगे दुनियाभर के पार्टनर्स

भारतीय-अमेरिकी गुजराती कम्युनिटी समेत कई फ्रेंचाइज़ ऑनर्स मून पैलेस कैंकून में होंगे शामिल

सूरत, अप्रैल 2026: रितेश अग्रवाल द्वारा स्थापित, अमेरिकन होटल ब्रांड्स मोटल 6 और स्टूडियो 6 की पैरेंट कंपनी प्रिज़्म, जी6 हॉस्पिटैलिटी का वार्षिक फ्रेंचाइज़ कन्वेंशन आयोजित करने जा रही है। यह आयोजन 27 से 29 अप्रैल, 2026 तक मैक्सिको के मून पैलेस कैंकून में होगा। इसमें उत्तर अमेरिका के कई फ्रेंचाइज़ ऑनर्स और पार्टनर्स शामिल होंगे। इनमें भारतीय-अमेरिकी और खास तौर पर गुजराती कम्युनिटी के लोग भी बड़ी संख्या में मौजूद रहेंगे। ऐसे में यह आयोजन भारत की उद्यमशीलता को वैश्विक मंच पर दर्शाने वाला शानदार माध्यम साबित होगा।
यह कन्वेंशन एक बड़ा आयोजन है, जो दिसंबर 2024 में प्रिज़्म द्वारा जी6 हॉस्पिटैलिटी को खरीदने के बाद हो रहा है। गुरुग्राम स्थित यह हॉस्पिटैलिटी टेक प्लेटफॉर्म अब मोटल 6 और स्टूडियो 6 जैसे ब्रांड्स को संचालित कर रहा है, जिनकी उपस्थिति अमेरिका और कनाडा के कई शहरों में है। अब इन ब्रांड्स का संचालन भारतीय स्वामित्व में हो रहा है, जो भारतीय-अमेरिकी बिज़नेस कम्युनिटी के लिए एक अहम् उपलब्धि मानी जा रही है। इस कम्युनिटी ने पिछले कई दशकों से इस फ्रेंचाइज़ नेटवर्क के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
रितेश अग्रवाल, फाउंडर, प्रिज़्म, ने कहा, " मोटल 6 और स्टूडियो 6 की नींव कई फ्रेंचाइज़ पार्टनर्स की मेहनत, त्याग और उद्यमशील विचारों ने रखी है। इनमें भारतीय-अमेरिकी, खासकर गुजरात से जुड़े लोग भी शामिल हैं, जो एक सपना लेकर इस देश में आए थे और कुछ बड़ा बनाने के सार्थक प्रयास किए। कैंकून में इस कम्युनिटी को एक साथ लाना सिर्फ एक बिज़नेस कन्वेंशन नहीं है, बल्कि भारतीय उद्यमिता की ताकत का जश्न है। यह भारत का क्षण है और हमें इस पर गर्व है।“
भारतीय संस्कृति और समुदाय का जश्न
इस कन्वेंशन में भारत के कई जाने-माने कलाकार और एंटरटेनर्स शामिल होंगे। 27 अप्रैल को ऋषभ (रिखीराम) शर्मा सितार वादन के साथ इस कार्यक्रम की शुरुआत करेंगे। 28 अप्रैल को फाल्गुनी पाठक, जो गरबा और भारतीय लोक संगीत का बड़ा नाम हैं और खासकर गुजराती समुदाय में बेहद लोकप्रिय हैं, एक खास सांस्कृतिक शाम का नेतृत्व करेंगी।वहीं, मशहूर कॉमेडियन और टीवी कलाकार सुनील ग्रोवर अपने अंदाज़ में लोगों को हँसाएँगे। वहीं, 29 अप्रैल को होने वाली गाला नाइट में भारत के मशहूर प्लेबैक सिंगर सोनू निगम अपनी प्रस्तुति देंगे, जिन्हें दुनियाभर में भारतीय समुदाय के बीच काफी पसंद किया जाता है।
आर्टिस्ट लाइनअप को सोच-समझकर इस तरह तैयार किया गया है कि वह फ्रेंचाइज़ कम्युनिटी की सांस्कृतिक पहचान को बखूबी दर्शाए। खास तौर पर फाल्गुनी पाठक का शामिल होना, उन गुजराती फ्रेंचाइज़ मालिकों को सम्मान देने जैसा है, जिन्होंने कई पीढ़ियों से अमेरिका में मोटल 6 नेटवर्क को मजबूत बनाए रखा है।

भविष्य की तैयारी: बिज़नेस से जुड़े अहम् सेशंस
सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ-साथ इस कन्वेंशन में बिज़नेस से जुड़े कई अहम् सेशंस भी आयोजित किए जाएँगे। इनमें होटल वैल्यूएशन और एग्जिट स्ट्रेटजी, एस्टेट और सक्सेशन प्लानिंग, बढ़ती ब्याज दरों के बीच फाइनेंसिंग, एआई आधारित प्रॉपर्टी मैनेजमेंट, रेवेन्यू मैनेजमेंट और एक्सटेंडेड स्टे ग्रोथ, सेफ्टी, ट्रैफिकिंग रिस्क प्रिवेंशन और नई पीढ़ी के फैमिली बिज़नेस लीडरशिप जैसे विषय शामिल होंगे, जो खास तौर पर भारतीय-अमेरिकी ऑनर कम्युनिटी के लिए बेहद जरूरी हैं।
सोनल सिन्हा, सीईओ, जी6 हॉस्पिटैलिटी, ने कहा, "यह कॉन्फ्रेंस हमारे लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण पड़ाव है। पिछले एक साल में हमने अपने फ्रेंचाइज़ पार्टनर्स के साथ मिलकर बिज़नेस को मजबूत करने, संचालन के तरीके में संरचना और एकरूपता लाने और एक ज्यादा मजबूत प्लेटफॉर्म बनाने पर काम किया है। यह प्रगति हम सबने मिलकर हासिल की है और अब हम अपने सभी ऑनर्स को एक साथ लाकर इसका जश्न मनाने और आगे की दिशा तय करने के लिए उत्साहित हैं।"
प्रिज़्म (पहले ओयो के नाम से जाना जाता था) एक हॉस्पिटैलिटी टेक प्लेटफॉर्म है, जिसकी स्थापना रितेश अग्रवाल ने की थी। यह कई देशों में ओयो, मोटल 6, स्टूडियो 6, बेलविला, डैनसेंटर, संडे होटल्स और इनोव8 कोवर्किंग जैसे ब्रांड्स के तहत होटल और वेकेशन रेंटल्स का संचालन करता है। प्रिज़्म को सॉफ्टबैंक, माइक्रोसॉफ्ट, एयरबीएनबी, सिक्वोया और लाइटस्पीड जैसे निवेशकों का समर्थन प्राप्त है।
सेसमी वर्कशॉप इंडिया और एबॉट ने मिलकर ‘सेहतमंद आदतें’ कार्यक्रम को किया डिजिटल लॉन्च, अब Chalo! Sesame Street ऐप पर उपलब्ध

नई दिल्ली:सेसमी वर्कशॉप इंडिया ने वैश्विक हेल्थकेयर कंपनी एबॉट के सहयोग से आज Chalo! Sesame Street ऐप पर ‘सेहतमंद आदतें – Sehatmand Aadatein’ लॉन्च किया। यह कार्यक्रम बच्चों और परिवारों को खेल-खेल में सही खान-पान और अच्छी आदतें सिखाने के लिए बनाया गया है, ताकि वे छोटी-छोटी बातों से स्वस्थ जीवन की शुरुआत कर सकें।
इससे पहले, इसी साल सेसमी वर्कशॉप इंडिया ने एबॉट के सहयोग से भारत में Healthy Habits कार्यक्रम शुरू किया था। इसका उद्देश्य बच्चों और परिवारों को बचपन से ही सही खान-पान, शारीरिक गतिविधि और रोज़मर्रा की अच्छी आदतें अपनाने के लिए प्रेरित करना था। यह कार्यक्रम आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से और हिंदी में आसान सामग्री के जरिए लोगों तक पहुंचाया गया, ताकि स्वास्थ्य से जुड़ी बातें सरल और रोज़मर्रा की ज़िंदगी में अपनाने लायक बन सकें।
अब ‘सेहतमंद आदतें’ को ऐप पर लाकर इसे और आसान और इंटरैक्टिव बना दिया गया है, ताकि बच्चे घर पर भी इसे सीख और अपनाकर अभ्यास कर सकें।
इस कार्यक्रम में 40 मिनट से ज़्यादा का मजेदार कंटेंट और 55 इंटरैक्टिव एक्टिविटी शामिल हैं, जिससे बच्चे खेल-खेल में सीखते हैं। कहानियों, गानों और Sesame Street के पसंदीदा किरदारों के जरिए बच्चों को संतुलित आहार, सही खाने की आदतें और रोज़ की हेल्दी रूटीन के बारे में सिखाया जाता है।
Chalo! Sesame Street ऐप को अब तक लगभग 1.58 लाख बार डाउनलोड किया जा चुका है। यह ऐप 4 से 7 साल के बच्चों के लिए बनाया गया है, जिसमें पढ़ाई, गणित, भावनात्मक विकास और जीवन कौशल सिखाने वाली गतिविधियाँ शामिल हैं। यह भारत सरकार के NIPUN Bharat Mission के लक्ष्यों के अनुरूप है और बच्चों को खेल-खेल में सीखने का मौका देता है।
इस ऐप की खास बात यह है कि यह बच्चों को सिर्फ देखने नहीं, बल्कि भाग लेकर सीखने के लिए प्रेरित करता है, जिससे उनके शारीरिक और मानसिक विकास में मदद मिलती है। इसमें स्क्रीन टाइम को संतुलित रखने के लिए टाइमर जैसी सुविधाएं भी दी गई हैं।
यह ऐप YouTube आधारित लर्निंग प्लेटफॉर्म है, जो वीडियो और गेम्स के जरिए बच्चों को एक्टिव लर्निंग का अनुभव देता है। इसमें शिक्षक और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता भी बच्चों की प्रगति को ट्रैक कर सकते हैं और WhatsApp के जरिए कंटेंट शेयर कर सकते हैं।
इस पहल के जरिए सेसमी वर्कशॉप इंडिया और एबॉट का उद्देश्य है कि बच्चों और परिवारों तक सही और आसान स्वास्थ्य संबंधी जानकारी पहुंचाई जाए, ताकि वे रोज़मर्रा की जिंदगी में अच्छी आदतें अपना सकें।
सोनाली खान, मैनेजिंग ट्रस्टी, सेसमी वर्कशॉप इंडिया ट्रस्ट ने कहा:
“आजकल बच्चे ज्यादा पैकेज्ड और मीठा खाना खा रहे हैं और स्क्रीन के सामने ज्यादा समय बिता रहे हैं। ‘सेहतमंद आदतें’ के जरिए हम बच्चों और उनके परिवारों को मजेदार तरीके से सही खान-पान, नियमित व्यायाम और अच्छी नींद जैसी आदतें सिखाना चाहते हैं, ताकि ये उनकी रोज़मर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन जाएं।”
सेसमी वर्कशॉप इंडिया बच्चों को स्मार्ट, मजबूत और संवेदनशील बनाने के लिए काम करता है। यह संस्था खेल-खेल में सीखने, डिजिटल प्लेटफॉर्म और सामुदायिक कार्यक्रमों के जरिए बच्चों और परिवारों को बेहतर जीवन के लिए प्रेरित करती है।
इंदौर में स्टूडेंट्स के सपनों को हकीकत से जोड़ने वाला मंच बना 'माफिया इंक चैंपियनशिप और आंत्रप्रेन्योरशिप एंड इनोवेशन समिट-2026'

- स्टूडेंट्स को मिला स्टार्टअप इकोसिस्टम, बिज़नेस सोच और लीडरशिप को करीब से समझने का मौका
- 5 कॉलेजों के 700 से ज्यादा स्टूडेंट्स ने मैनेजमेंट गेम के जरिए खुद को आजमाया
- 1 लाख रुपए का नकद पुरस्कार, पेड इंटर्नशिप और रियल इंडस्ट्री एक्सपोज़र
- इन्वेस्टर्स, आंत्रप्रेन्योर्स और एजुकेशनिस्ट्स एक ही छत के नीचे

इंदौर, फरवरी, 2026: इंदौर में आयोजित आंत्रप्रेन्योरशिप एंड इनोवेशन समिट-2026 उन स्टूडेंट्स के लिए एक ऐसा मंच बनकर सामने आया, जो पढ़ाई के साथ-साथ कुछ नया करने का सपना देखते हैं। यह सिर्फ एक कॉन्फ्रेंस नहीं थी, बल्कि स्टूडेंट्स को यह समझाने की एक कोशिश थी कि आज के दौर में करियर के रास्ते सिर्फ नौकरी से होकर ही नहीं जाते हैं। इसी सोच के साथ माफिया इंक चैंपियनशिप और इंदौर स्टूडेंट आंत्रप्रेन्योरशिप कॉन्फ्रेंस-2026 (आईएसईसी-2026) का आयोजन किया गया। यह आयोजन इंदौर स्थित आईपीएस एकेडमी में आयोजित किया गया, जहाँ सुबह से ही स्टूडेंट्स की भारी उपस्थिति और उत्साह देखने को मिला। 'भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम का विकास और छात्र आंत्रप्रेन्योरशिप पर उसका असर; थीम पर आधारित उक्त समिट ने यह स्पष्ट कर दिया कि आज का छात्र सिर्फ नौकरी की तलाश में नहीं है, बल्कि वह खुद कुछ नया शुरू करना चाहता है। सबसे विशेष बात, यह इंदौर में इस तरह का पहला आयोजन है।

माफिया इंक के संस्थापक मधुकर केशवमूर्ति सौरभ राठौर और मुख्य कार्यकारी अधिकारी समेत कार्यक्रम के दौरान कई दिग्गज उपस्थित रहे, जिन्होंने स्टूडेंट्स का मार्गदर्शन किया तथा मध्यप्रदेश के स्टार्टअप इकोसिस्टम और स्टूडेंट आंत्रप्रेन्योरशिप पर बात रखी, जिनमें हेमंत राजोरिया, क्लाइंट सक्सेस पार्टनर, स्टार्टअप बैंकिंग, आईडीएफसी फर्स्ट बैंक; संजय कुमार शर्मा, डिविज़नल मैनेजर, एलआईसी; रोहित प्रसाद, प्रोडक्ट मैनेजर, एलआईसी; नेहा गौर, सीईओ, पीआर 24x7; तथा स्टार्ट अप इकोसिस्टम से किंजल्क पंचोली के नाम शामिल हैं। इस आयोजन में डॉ. मोहित दुबे, प्रो वाइस चांसलर, एमआईटी एडीटी यूनिवर्सिटी, सुंदर रामकृष्णन समेत कई जाने-माने स्टार्टअप लीडर्स और इकोसिस्टम बिल्डर्स मौजूद रहे। उन्होंने स्टूडेंट्स को बताया कि आज छोटे शहरों से भी बड़े स्टार्टअप्स निकल रहे हैं। जरुरत है, तो सिर्फ सही समय पर सही एक्सपोज़र और सही गाइडेंस की। साथ ही, स्टूडेंट्स को स्टार्टअप स्किल्स के तहत प्रॉब्लम को समझने और उसका सर्वश्रेष्ठ हल निकालने पर प्रकाश डाला।

पूरे आयोजन का सबसे बड़ा आकर्षण रहा माफिया इंक चैंपियनशिप, जो एक स्ट्रेटेजिक मैनेजमेंट गेम है। जनवरी 2026 से लेकर 6 फरवरी, 2026 तक यह टूर्नामेंट चला। इस संस्करण में माफिया इंक चैंपियनशिप के जरिए इंदौर के 5 कॉलेजों के करीब 700 स्टूडेंट्स जुड़े। कैंपस राउंड में 100 स्टूडेंट्स का चयन किया गया, जिनमें से आगे बढ़ते हुए इन कॉलेजों ने सिटी क्वालिफायर में हिस्सा लिया और अंततः 30 छात्र फाइनल्स में पहुँचे। फिनाले के दौरान स्टेज पर लाइव गेम खेला गया, जिसमें स्टूडेंट्स को कम समय में फैसले लेने, टीम को साथ लेकर चलने और दबाव में सही डिसीजन लेने की चुनौती दी गई। लब्धि नाहर, पहल जैन, माधवी धुदानी, लक्ष्मी चौधरी, रवि ठाकुर, भावेश निकुम्बे और शीतल सोमानी विनर्स रहे, जिन्हें कुल 1 लाख रुपए के नकद पुरस्कार समेत पेड इंटर्नशिप का मौका भी मिलेगा, जिससे वे रियल वर्क कल्चर को करीब से समझ सकें।

अगला चरण मई से अगस्त के बीच आयोजित किए जाने की योजना है। इस दौरान, 27 कॉलेजों के करीब 5,000 से 6,000 स्टूडेंट्स को इस स्टूडेंट आंत्रप्रेन्योरशिप प्लेटफॉर्म से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।

कार्यक्रम की शुरुआत आयोजक तथा माफिया इंक के संस्थापक मधुकर केशवमूर्ति के सम्बोधन से हुई। उन्होंने कहा कि आज का छात्र सिर्फ डिग्री नहीं चाहता, वह रियल लाइफ स्किल्स सीखना चाहता है। इसी सोच के साथ इस पूरे प्लेटफॉर्म को तैयार किया गया है, ताकि छात्र क्लासरूम से बाहर निकलकर असली दुनिया की चुनौतियों को समझ सकें।

कार्यक्रम के दौरान हुए थिंक टैंक सेशन में इन्वेस्टर्स, आंत्रप्रेन्योर्स और एजुकेशनिस्ट्स ने स्टूडेंट्स से खुलकर बातचीत की। यहाँ कोई फॉर्मल लेक्चर नहीं था, बल्कि असली ज़िंदगी के एक्सपीरियंस, गलत फैसले, असफलताएँ और उनसे मिली सीख पर खुली चर्चा हुई। स्टूडेंट्स के लिए यही सेशंस सबसे ज्यादा कनेक्टिंग साबित हुए।

समस्त वक्ताओं ने कहा कि यदि स्टूडेंट्स को सही प्लेटफॉर्म और सही माहौल मिले, तो इंदौर जैसे शहर भी बड़े स्टार्टअप हब बन सकते हैं।

कार्यक्रम के समापन पर सौरभ राठौर, मुख्य कार्यकारी अधिकारी- माफिया इंक ने कहा कि यह पहल सिर्फ एक दिन का इवेंट नहीं है। आने वाले महीनों में इस चैंपियनशिप से जुड़े गेम्स और मोमेंट्स को डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर शेयर किया जाएगा, ताकि और भी ज्यादा स्टूडेंट्स इससे प्रेरणा ले सकें।

यह आयोजन आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) द्वारा सह-प्रस्तुत किया गया। इसके साथ इंदौर मैनेजमेंट एसोसिएशन, लक्ष्य एनजीओ, पीआर 24x7, नेक्सस इंदौर और आईपीएस एकेडमी सहयोगी संस्थाओं के रूप में जुड़े रहे।

आंत्रप्रेन्योरशिप एंड इनोवेशन समिट-2026 ने यह स्पष्ट कर दिया कि इंदौर का स्टूडेंट अब सिर्फ सुनने वाला नहीं, बल्कि आगे बढ़कर करने वाला बनना चाहता है। ऐसे में, यह मंच उन युवाओं के लिए एक मजबूत शुरुआत साबित हुआ, जो पढ़ाई के साथ-साथ अपने आइडियाज़ को उड़ान देना चाहते हैं।
युवाओं के लिए नए ऑप्शन लाया मेडुसा; अब झारखंड में भी मिलेगा प्रीमियम टेस्ट

झारखंड, अप्रैल 2026: आज के समय में युवा सिर्फ ड्रिंक नहीं, बल्कि बेहतर टेस्ट और नया अनुभव चाहते हैं। ऐसे में, अच्छे ब्रांड्स की पहुँच हर शहर तक होना जरूरी हो जाता है। इसी जरूरत को समझते हुए मेडुसा बेवरेजेस अब झारखंड में कदम रख रहा है, जिससे यहाँ के ग्राहकों को भी प्रीमियम क्वालिटी का फायदा मिल सकेगा।

झारखंड में कंपनी का विस्तार देशभर में अपनी पकड़ मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा प्रयास माना जा रहा है। अब मेडुसा अपने प्रोडक्ट्स, यानि मेडुसा प्रीमियम बियर, मेडुसा एयर और मेडुसा एक्स हाउस ऑफ द ड्रैगन को रांची, जमशेदपुर, धनबाद और बोकारो जैसे शहरों में उपलब्ध कराएगा। रिटेल दुकानों के जरिए ग्राहकों तक इसकी पहुँच बनाई जाएगी।

झारखंड को कंपनी एक तेजी से बढ़ते बाजार के रूप में देख रही है, जहाँ युवाओं की संख्या ज्यादा है और प्रीमियम प्रोडक्ट्स की माँग भी बढ़ रही है। बढ़ती आय और शहरी लाइफस्टाइल इसे और मजबूत बनाते हैं।

कंपनी के एमडी और सीईओ अवनीत सिंह ने कहा, "झारखंड में हमारी एंट्री पूर्वी भारत में एक अहम् शुरुआत है। हम लगातार अपने नेटवर्क को मजबूत कर रहे हैं, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों तक बेहतर अनुभव पहुँचा सकें। यहाँ युवाओं के बीच प्रीमियम सेगमेंट में काफी सम्भावनाएँ हैं।"

मेडुसा प्रीमियम बियर जहाँ स्मूद और बैलेंस्ड स्वाद के लिए जानी जाती है, वहीं मेडुसा एयर हल्की और ज्यादा रिफ्रेशिंग है, जो लंबे समय तक आराम से एंजॉय की जा सकती है। इस तरह कंपनी अलग-अलग पसंद के हिसाब से विकल्प दे रही है।

फिलहाल दिल्ली में करीब 10% मार्केट शेयर के साथ मेडुसा तेजी से आगे बढ़ रहा है। आने वाले समय में कंपनी अपने डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क को और मजबूत करेगी और देश के दूसरे राज्यों में भी विस्तार करेगी। झारखंड में एंट्री के साथ मेडुसा ने अपनी ग्रोथ की दिशा में एक और मजबूत कदम बढ़ा दिया है
देखिए, ‘ज़ॉम्बी’ का वर्ल्ड टेलीविज़न प्रीमियर एक्शन सिनेमा पर 10 अप्रैल को शाम 7:30 बजे

*मुंबई, अप्रैल 2026:* हँसी, हंगामा और खूब मस्ती के लिए तैयार हो जाइए, क्योंकि ‘ज़ॉम्बी’ का वर्ल्ड टेलीविज़न प्रीमियर शुक्रवार, 10 अप्रैल को शाम 7:30 बजे एक्शन सिनेमा पर होने जा रहा है। भुवन नुल्लन के निर्देशन में बनी यह फिल्म हॉरर और कॉमेडी का एक अलग ही मेल लेकर आती है। फिल्म में योगी बाबू और यशिका आनंद लीड रोल में नजर आते हैं।


एक अचानक हुए अजीब से ज़ॉम्बी हमले के बीच सेट यह कहानी अपने अलग-अलग किरदारों और उनके रिएक्शन के साथ आगे बढ़ती है। योगी बाबू अपनी खास कॉमिक टाइमिंग के साथ एक ऐसे इंसान का किरदार निभाते हैं, जो अजीब हालात में फंस जाता है, वहीं यशिका आनंद का ऐश्वर्या का किरदार इस ग्रुप में एक नई ऊर्जा जोड़ती है। फिल्म में बिजली रमेश, टीएम कार्तिक श्रीनिवासन और गोपी जैसे कलाकार भी अहम् भूमिकाओं में नज़र आते हैं। हर किरदार अपनी अलग पहचान  है, कोई खुद को बहुत होशियार समझता है, तो कोई हर चीज से घबरा जाता है और इसी वजह से इन सबका यह सफर और भी मजेदार बन जाता है। फिल्म डर के पलों को भी हँसी में बदल देती है, जिससे इसकी रफ्तार लगातार बनी रहती है और दर्शक जुड़े रहते हैं।


कहानी कुछ दोस्तों के ग्रुप की है, जो अपनी रोजमर्रा की एक जैसी जिंदगी से ब्रेक लेने के लिए एक ट्रिप प्लान करते हैं , जहाँ उनकी मुलाकात ऐश्वर्या से होती है। लेकिन, उनकी यह सपनों की छुट्टी उस समय अचानक बदल जाती है, जब वे ज़ॉम्बी के प्रकोप का सामना करते हैं। इस अजीब और डरावनी स्थिति को समझने और उससे बच निकलने की जद्दोजहद में, जो कहानी सामने आती है, वह एक बेहद मज़ेदार और रोमांचक सफर बन जाती है, जिसमें भ्रम, डर और ज़ोरदार हँसी के पल शामिल हैं।

*देखना न भूलें ‘ज़ॉम्बी’, टीवी पर पहली बार, 10 अप्रैल को शाम 7:30 बजे, सिर्फ एक्शन सिनेमा पर।*
ऑल इंडिया एससी/एसटी/ओबीसी एंड माइनॉरिटी फेडरेशन ने डॉ. अतुल मलिकराम को सौंपी मध्य प्रदेश की कमान

इंदौर, अप्रैल 2026: ऑल इंडिया एससी/एसटी/ओबीसी एंड माइनॉरिटी फेडरेशन ने संगठन की मजबूती और विस्तार की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए राजनीतिक रणनीतिकार डॉ. अतुल मलिकराम को मध्य प्रदेश का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया है। संगठन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री आर.ए. वासनिक (बंटी वासनिक) की अनुशंसा पर जारी इस नियुक्ति आदेश में डॉ. मलिकराम के सामाजिक कार्यों के प्रति समर्पण और उनकी सक्रियता को मुख्य आधार बताया गया है। केंद्र सरकार के एससी आयोग द्वारा मान्यता प्राप्त इस संगठन का उद्देश्य वंचित और अल्पसंख्यक वर्गों के अधिकारों की रक्षा करना है। डॉ. अतुल मलिकराम की इस नियुक्ति से उम्मीद जताई जा रही है कि प्रदेश में सामाजिक सशक्तिकरण के अभियानों को नई ऊर्जा और रणनीतिक दिशा मिलेगी।

इस अवसर पर *डॉ. अतुल मलिकराम* ने अपने विजन को स्पष्ट करते हुए कहा कि, "नेतृत्व का असली अर्थ केवल पद प्राप्त करना नहीं है, बल्कि उन आवाजों को ताकत देना है जो हाशिए पर खड़ी हैं; मेरा प्रयास रहेगा कि हम मिलकर एक ऐसा समाज बनाएं जहाँ हर व्यक्ति को सम्मान और समान अवसर प्राप्त हो।"

डॉ. अतुल मलिकराम एक प्रतिष्ठित राजनीतिक रणनीतिकार, प्रखर लेखक और अनुभवी पीआर सलाहकार के रूप में देश भर में अपनी अलग पहचान के लिए जाने जाते हैं। पिछले दो दशकों से अधिक समय से वे मध्य प्रदेश सहित हिंदी भाषी राज्यों की राजनीति और सामाजिक ताने-बाने को गहराई से समझ रहे हैं। वर्ष 1999 में अपने पेशेवर सफर की शुरुआत करने वाले डॉ. मलिकराम ने 2006 में पीआर 24x7 की स्थापना की और कई महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रमों की सटीक भविष्यवाणी कर अपनी दूरदर्शिता का लोहा मनवाया। उन्हें राजनीति के साथ-साथ कम्युनिकेशन और क्राइसिस मैनेजमेंट विशेषज्ञ के रूप में भी जाना जाता है, जिसका लाभ अब संगठन के माध्यम से सीधे समाज के पिछड़े और जरूरतमंद वर्गों को प्राप्त होगा।

डॉ. मलिकराम का व्यक्तित्व केवल रणनीतियों तक सीमित नहीं है, बल्कि वे एक संवेदनशील लेखक भी हैं। उन्होंने अब तक 10 से अधिक पुस्तकें लिखी हैं, जिनमें दिल से, दिल-ए-उम्मीद और कसक दिल की जैसी रचनाएं मानवीय भावनाओं और सामाजिक मुद्दों पर उनके गहरे जुड़ाव को दर्शाती हैं। इसके अलावा वे *उन चुनिंदा नेताओं में से हैं जिन्हे जीएचजी/कार्बन फुटप्रिंट सर्टिफिकेट* प्राप्त है। उनके सामाजिक योगदानों में इंदौर में स्थापित देश का पहला एंगर मैनेजमेंट 'कैफे भड़ास' और बुजुर्गों की सेवा के लिए समर्पित एनजीओ 'बीइंग रिस्पॉन्सिबल' प्रमुख हैं। राजनीति रणनीतियों की गहरी समझ के साथ उन्हें कैलिफोर्निया पब्लिक यूनिवर्सिटी, यूएसए द्वारा मानद डॉक्टरेट की उपाधि तथा समाज के प्रति अपनी निस्वार्थ सेवाओं के लिए गॉडफ्रे फिलिप्स रेड एंड व्हाइट गोल्ड अवार्ड जैसे प्रतिष्ठित सम्मानों से नवाजा जा चुका है।
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने वैश्विक ऊर्जा सकट के बीच भी एलपीजी की सतत आपूर्ति को सुनिश्चित कियाः 18 करोड़ से अधिक सिलेंडर डिलीवर किए
पटना-दुनिया भर में ऊर्जा के संकट के बीच ईंधन की उपलब्धता बाधित हुई है, और कई क्षेत्रों में ईंधन की ज़बरदस्त कमी आ गई है। इस बीच भारत ने अपने घरों के लिए एलपीजी की सुलभता को जारी रखा है और बाहरी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद बड़े पैमाने पर स्थिरता को सुनिश्चित किया है।
भारत अपनी एलपीजी की 60 फीसदी ज़रूरत के लिए आयात पर निर्भर है और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ के ज़रिए वैश्विक आपूर्ति के केंद्रीकरण को देखते हुए, सरकार ने आपूर्ति सुरक्षित करने और घरेलू उपलब्धता बढ़ाने के लिए तेज़ी से कदम उठाए।
घरेलू उत्पादन बढ़ाने और कई भौगोलिक क्षेत्रों से सोर्सिंग में विविधता लाने जैसे उपायों ने सुनिश्चित किया कि आपूर्ति स्थिरता से होती रही। यही कारण है पूरे देश में एलपीजी का वितरण बड़े पैमाने पर जारी है; 1 मार्च 2026 से अब तक 18 करोड़ से ज़्यादा सिलेंडर डिलीवर किए जा चुके हैं और रोज़ाना 60 लाख से ज़्यादा सिलेंडरों की आपूर्ति की जा रही है। डिलीवरी का औसत समय लगभग तीन दिन बना हुआ है।
हालांकि कुछ स्थानों पर उपभोक्ताओं को सिलेंडर की डिलीवरी में देरी का सामना करना पड़ा है। ये मामले ज़्यादातर स्थानीय और अस्थायी रहे हैं, जो मांग में अचानक बढ़ोतरी और लास्ट-माईल ऑपरेशनल परेशानियों की वजह से आए। इन समस्याओं को तुरंत हल करने के लिए वितरण को सुव्यवस्थित करने, डिलीवरी के समय को बेहतर बनाने और बुनियादी स्तर पर निगरानी को मज़बूत बनाने के लिए खास कदम उठाए जा रहे हैं।
खास बात यह है कि आपूर्ति में कोई बड़ी रुकावट नहीं आई है, और सभी डिस्ट्रीब्यूटरशिप में एलपीजी की उपलब्धता स्थिर बनी हुई है। ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (ओएमसी) के साथ लगातार निगरानी और तालमेल की वजह से कामकाज सुचारू रूप से चल रहा है।
इसके साथ ही, सरकार ने उपभोक्ताओं को वैश्विक कीमतों में उतार-चढ़ाव से बचाने के लिए सोच-समझकर कदम उठाए हैं। परिवारों पर, विशेष रूप से प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों पर, इसका असर सीमित रखा गया है, जो किफ़ायती दाम पर एलपीजी उपलब्ध कराने की सरकार की प्रतिबद्धता की पुष्टि करता है।
ऐसे समय में जब कई अर्थव्यवस्थाएँ बड़ी मुश्किलों का सामना कर रही हैं, उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करते हुए एलपीजी आपूर्ति की निरंतरता बनाए रखना- भारत के एनर्जी इकोसिस्टम की मजबूती और प्रत्यास्थता को दर्शाता है।
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय बिना किसी रुकावट के हर घर तक सुरक्षित और किफायती एलपीजी पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है, और साथ ही वितरण नेटवर्क की कार्यक्षमता और पारदर्शिता को भी लगातार मजबूत बना रहा है।
Verse Vibes 2026: साहित्य, संगीत और भावनाओं का संगम बना ‘The World of Hidden Thoughts’ का वार्षिक उत्सव
Verse Vibes 2026: 'The World of Hidden Thoughts’ के वार्षिक उत्सव में कई मशहूर लेखकों और कलाकारों ने बांधा समां, शब्दों और सुरों से सजी यादगार शाम।

The World of Hidden Thoughts (TWOHT) द्वारा आयोजित वार्षिक साहित्यिक उत्सव “Verse Vibes 2026” का भव्य आयोजन नई दिल्ली के Niv Art Center में दो दिवसीय कार्यक्रम के रूप में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह आयोजन केवल एक इवेंट नहीं, बल्कि शब्दों, सुरों और भावनाओं का ऐसा संगम रहा, जिसने उपस्थित दर्शकों के दिलों को गहराई से छुआ।

कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक दीप प्रज्वलन के साथ किया गया, जो ज्ञान, सकारात्मकता और रचनात्मक ऊर्जा का प्रतीक बना। पहले दिन प्रसिद्ध लेखक अरुण मलिक, डॉ. नाज़िया शेख और रश्मि गुप्ता की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन को विशेष ऊंचाई प्रदान की। वहीं दूसरे दिन पियूष गोयल, कस्तूरीका मिश्रा और मुस्कान यादव जैसे प्रतिष्ठित लेखकों की सहभागिता ने कार्यक्रम को और भी समृद्ध बनाया।

इस दो दिवसीय आयोजन में कई चर्चित और नवोदित लेखकों की पुस्तकों का विमोचन किया गया। इनमें आकांक्षा दीक्षित की प्रेरणादायक कृति “मैं टूटी नहीं, गढ़ी गई हूँ”, बाल लेखक मनीत सिंह की “The Enchanted 9”, मुस्कान यादव की “दिल की खामोश चीखें”, प्रिया चौधरी की “मनन”, पराश्री गुप्ता की “Verdict Pending”, स्वर्णरश्मि की “सूफी इश्क” और साहिल की “The Ending That Refuse to End” विशेष रूप से सराही गईं। साथ ही, अरुण मलिक की चर्चित पुस्तकों में से एक “Happiness As We Seek It” और “Odds Don’t Define Me” को भी मंच पर प्रस्तुत किया गया।
कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण TWOHT की वार्षिक एंथोलॉजी “Letters to Some-one Vol-2” का विमोचन रहा, जिसे श्रिया खरबंदा और आयुषी अग्रवाल द्वारा संकलित किया गया है। इस संकलन में 50 से अधिक लेखकों की उत्कृष्ट रचनाएँ शामिल हैं।

साहित्य के साथ-साथ संगीत, ग़ज़ल, शायरी और स्टैंडअप प्रस्तुतियों ने भी दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया। कई प्रतिभाशाली कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से शाम को यादगार बना दिया।

इस आयोजन को सफल बनाने में फूड पार्टनर Belly Bouncer, बेवरेज पार्टनर Piyo Soda, वॉटर पार्टनर Jalashaya, गिफ्टिंग पार्टनर Croch Attire और ज्वेलरी ब्रांड Safara का महत्वपूर्ण योगदान रहा, जिनकी उपस्थिति ने कार्यक्रम को और आकर्षक बनाया।

अंत में सभी लेखकों, कलाकारों और टीम सदस्यों को मंच पर सम्मानित किया गया। “Verse Vibes 2026” ने एक बार फिर यह साबित किया कि यह केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि एक ऐसा अनुभव है, जो हर प्रतिभागी के दिल में लंबे समय तक जीवित रहता है।