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भारत की समुद्री ताकत में इजाफा, सबमरीन अरिदमन और INS तारागिरी नेवी में शामिल

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भारत अपनी समुद्री ताकत में लगातार इजाफा करने की कोशिश में जुटा है। आज जब दुनिया में तनाव बढ़ रहा है तब भारत ने दिखा दिया है कि वह सिर्फ जमीन या आसमान से ही नहीं, बल्कि समुद्र की गहराई से भी जवाब देने में सक्षम है। भारत की समुद्री सुरक्षा को अभेद्य बनाने की दिशा में शुक्रवार को एक नया अध्याय जुड़ गया है।

भारत की समुद्री ताकत कई गुना बढ़ी

विशाखापत्तनम में आज दो बड़ी ताकतें एक साथ भारतीय नौसेना में शामिल हुईं परमाणु पनडुब्बी आईएनएस अरिदमन और स्टील्थ फ्रिगेट आईएनएस तारागिरी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने विशाखापट्टनम स्थित नेवल डॉकयार्ड में स्वदेशी अत्याधुनिक स्टील्थ फ्रिगेट तारागिरी और आईएनएस अरिदमन को नौसेना में शामिल कराया। एक समंदर की गहराई में छिपकर दुश्मन को तबाह करने की क्षमता रखती है, तो दूसरी सतह पर तेज रफ्तार और आधुनिक हथियारों के साथ हर खतरे से निपटने को तैयार है। इन दोनों की तैनाती से भारत की समुद्री ताकत कई गुना बढ़ गई है और अब दुश्मन के लिए हर दिशा से खतरा तय माना जा रहा है।

क्या हैं INS अरिदमन की खूबियां

-INS अरिदमन अरिहंत-श्रेणी की तीसरी SSBN पनडुब्बी है, जिसे भारत के उन्नत प्रौद्योगिकी वेसेल (ATV) प्रोजेक्ट के तहत विकसित किया गया है।

-यह पनडुब्बी समुद्र से परमाणु हमले की क्षमता प्रदान करती है, जो भारत की ‘पहले इस्तेमाल नहीं’ (No-First-Use) नीति के तहत प्रहार क्षमता को मजबूत बनाती है।

-यह 90% से अधिक स्वदेशी तकनीक से निर्मित है, जिसमें इसका परमाणु रिएक्टर भी शामिल है। इसे विशाखापट्टनम स्थित शिप बिल्डिंग सेंटर ने विकसित किया है।

- अरिदमन की सबसे बड़ी खासियत इसकी मारक क्षमता है। इसमें 8 वर्टिकल लॉन्च ट्यूब हैं, जो लंबी दूरी की K-4 मिसाइल या अधिक संख्या में K-15 मिसाइल ले जा सकती हैं। यह पनडुब्बी समुद्र की गहराई में छिपकर किसी भी समय जवाबी परमाणु हमला करने की क्षमता रखती है, इसे ‘सेकंड स्ट्राइक कैपेबिलिटी’ कहा जाता है।

तारागिरी में क्या है खास

-‘प्रोजेक्ट 17A’ के तहत चौथे प्लेटफॉर्म के रूप में तारागिरी 6,670 टन का युद्धपोत है, जिसे मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड, मुंबई द्वारा बनाया गया है, जो उन्नत डिजाइन और इंजीनियरिंग उत्कृष्टता को प्रदर्शित करता है।

-इस युद्धपोत की बनावट अधिक स्लिम है, जिससे इसका रडार पर दिखाई देने वाला आकार बहुत कम हो जाता है और यह जटिल समुद्री परिस्थितियों में अधिक सुरक्षित रहने में सक्षम है।

-यह पोत 75 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री से निर्मित है और भारत के घरेलू रक्षा तंत्र की परिपक्वता को दर्शाता है, जिसमें 200 से अधिक सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) शामिल हैं और हजारों लोगों को रोजगार मिलता है।

-तारागिरी में संयुक्त डीजल या गैस प्रणोदन प्रणाली लगी है, जो इसे उच्च गति और लंबी दूरी तक संचालन की क्षमता प्रदान करती है।

-यह युद्धपोत अत्याधुनिक हथियार प्रणालियों से लैस है, जिनमें सुपरसोनिक सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइलें, मध्यम दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें और विशेष पनडुब्बी रोधी युद्ध प्रणाली शामिल हैं। इन सभी को आधुनिक युद्ध प्रबंधन प्रणाली के माध्यम से जोड़ा गया है, जिससे उभरते खतरों का तेजी और सटीकता से सामना किया जा सकता है।

-युद्धक भूमिका के अलावा तारागिरी को मानवीय सहायता और आपदा राहत कार्यों के लिए भी डिजाइन किया गया है, जिससे शांति और संघर्ष दोनों स्थितियों में इसकी उपयोगिता बढ़ जाती है।

खामोश करवाया गया हूं, हारा नहीं हूं', आप के एक्शन पर राघव चड्ढा का रिएक्शन

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आम आदमी पार्टी के सांसद राघव चड्ढा ने राज्यसभा के उपनेता पद से हटाए जाने के बाद अपनी चुप्पी तोड़ी है। राघव चड्ढा की आप की तरफ से एक्शन पर पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। आम आदमी पार्टी द्वारा राज्यसभा से डिप्टी लीडर पद से हटाए जाने के एक दिन बाद शुक्रवारको सांसद ने सुबह 10 बजे अपने एक्स अकाउंट से एक वीडियो संदेश जारी किया है। इसमें उन्होंने कहा है- 'खामोश करवाया गया हूं, हारा नहीं हूं।'

राघव चड्ढा ने पूछा-क्या जनता के मुद्दे उठाना अपराध

राघव चड्ढा ने कहा कि मुझे जब भी राज्यसभा में बोलने का मौका मिलता है तो मैंने आम आदमी से जुड़े मुद्दों को ही उठाया है। शायद ऐसे टॉपिक उठाता हूं, जिसे आम तौर पर संसद में नहीं उठाया जाता। मगर क्या जनता के मुद्दे उठाना अपराध है, क्या मैंने कोई गुनाह कर दिया। क्या मैं गलत करता हूं।

मेरी खामोशी को मेरी हार मत समझ लेना-राघव चड्ढा

ये सवाल मैं इसलिए पूछ रहा हूं क्योंकि आप ने राज्यसभा के सक्रेटेरियट को कहा है कि राघव चड्ढा को पार्लियामेंट में बोलने का मौका न दिया जाए। अब भला मेरे बोलने पर कोई रोक क्यों लगाना चाहेगा। मैं तो हमेशा देश के आम आदमी की बात करता हूं। मेरे मुद्दों से देश के आम आदमी का तो फायदा हुआ, लेकिन आम आदमी पार्टी का क्या नुकसान हुआ। आप हमेशा मेरा हौसला बढ़ाते हैं। आप मेरा हाथ थामे रेखिएगा। मैं आपसे हूं और आपके लिए हूं। जिन लोगों ने मुझे खामोश किया, उन्हें कहना चाहता हूं, मेरी खामोशी को मेरी हार मत समझ लेना, मैं वो दरिया हूं जो वक्त आने पर सैलाब बनता है।’

राज्यसभा में बोलने पर पाबंदी

इससे पहले गुरुवार को आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को पत्र लिखकर राघव चड्ढा को सदन में पार्टी के उपनेता पद से हटाने का आग्रह किया था। इतना ही नहीं, राघव चड्ढा के राज्यसभा में बोलने पर पाबंदी लगा दी गई थी। आम आदमी पार्टी ने सांसद राघव चड्ढा की जगह अब अशोक मित्तल को राज्यसभा में उपनेता नियुक्त किया है।

राघव चड्ढा के एक्शन पर भाजपा की तीखी प्रतिक्रिया

आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को उपनेता पद से हटाए जाने के मुद्दे पर दिल्ली भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने इस फैसले को पार्टी के अंदरूनी संकट और नेतृत्व की कमजोरी का संकेत बताया है। सचदेवा ने अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधते हुए कहा कि वह एक कमजोर नेता हैं, जिनमें न तो विपक्ष का सामना करने का साहस है और न ही अपनी पार्टी के भीतर उठ रहे असंतोष से निपटने की क्षमता है। सचदेवा ने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल को अपने संसदीय दल का नेता चुनने का अधिकार है, लेकिन जिस तरह राघव चड्ढा को न केवल राज्यसभा में उपनेता पद से हटाया गया, बल्कि उन्हें सदन में बोलने का समय न देने का अनुरोध भी किया गया, यह असामान्य और चिंताजनक है। यह कदम इस बात की ओर इशारा करता है कि चड्ढा ने अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व से दूरी बना ली है।

राघव चड्डा राज्यसभा में उपनेता के पद से हटाए गए, क्या है AAP के एक्शन के पीछे की वजह?

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आम आदमी पार्टी (आप) के भीतर इन दिनों सब कुछ ठीक नहीं चल रहा। दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 में बीजेपी से मिली करारी हार के बाद पार्टी दबाव में है। इस बीच राज्यसभा में एक बड़ा बदलाव हुआ है, जिसने पार्टी के अंदरखाने की खींचतान को सतह पर ला दिया है। दरअसल आप ने राघव चड्ढा को राज्यसभा में उप नेता के पद से हटा दिया है। इतना ही नहीं, राज्यसभा में उनके बोलने पर भी रोक लगा दी गई है।

अशोक मित्तल को मिली राघव चड्ढा की जगह

आम आदमी पार्टी ने सांसद राघव चड्ढा को डिप्टी लीडर पद से हटा दिया है। पार्टी ने राज्य सभा सचिवालय को इस संदर्भ में एक पत्र भेजा। वहीं अब अशोक मित्तल राज्यसभा में आम आदमी पार्टी की ओर से उपनेता होंगे। आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को एक पत्र सौंपकर सांसद अशोक मित्तल को पार्टी का उप-नेता नियुक्त करने का आग्रह किया है।

राघव चड्ढा के बोलने पर भी रोक

आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को सूचित किया है कि सांसद राघव चड्ढा को संसद में बोलने के लिए समय आवंटित न किया जाए। राघव चड्ढा पर यह एक्शन ऐसे वक्त में हुआ है, जब वह लगातार राज्यसभा में जनहित के मुद्दों पर वोकल थे। लगातार जनहित के मुद्दों को उठा रहे थे। चाहे वो एयरपोर्ट पर 10 रुपए की चाय हो या डिलीवरी बॉयज के मुद्दे हों।

मोबाइल उपभोक्ताओं के लिए डाटा रोलओवर की सुविधा की मांग

राघव चड्ढा ने बीते दिनों राज्यसभा में दूरसंचार कंपनियों के डाटा इस्तेमाल के तरीके पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि जो डाटा उपभोक्ता इस्तेमाल नहीं कर पाते, वह खत्म नहीं होना चाहिए, बल्कि अगले दिन के लिए बचा रहना चाहिए। अभी रोजाना मिलने वाला डाटा रात 12 बजे के बाद खत्म हो जाता है, जबकि इसके लिए उपभोक्ता पैसे चुका चुके होते हैं। इसलिए इसका फायदा कंपनियों को नहीं, बल्कि ग्राहकों को मिलना चाहिए। चड्ढा ने सुझाव दिया था कि बचे हुए डाटा के आधार पर अगले महीने रिचार्ज में छूट दी जाए और ग्राहकों को डाटा रोलओवर की सुविधा मिले।

राघव चड्ढा पर एक्शन की वजह क्या?

लगातार जनगित के मुद्दों को उठाने के बाद भी आम आमदी पार्टी की ओर से कुए गए एक्शन पर सवाल उठ रहा है। सूत्रों के मुताबिक पार्टी हाई कमान ने उन्हें चेतावनी दी थी कि वे बिना चर्चा के कुछ मुद्दों पर बोल रहे हैं। वह राज्यसभा में किस मुद्दे को उठाएंगे, इसकी जानकारी भी पार्टी को नहीं देते थे। सूत्रों का कहना है कि यह फैसला अनुशासनहीनता और पार्टी लाइन का पालन न करने के आरोप में लिया गया हो सकता है। राघव चड्ढा पर आरोप लगते रहे हैं कि वह आम आदमी पार्टी की लाइन से अलग बात करते हैं। अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को जब राउज एवेन्यू कोर्ट बरी किया था, तब भी राघव चड्ढा का बयान सामने नहीं आया था।

बिहार में आज से बदल गया बिजली बिल सिस्टम, दिन में सस्ती और रात में होगा महंगा

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बिहार में 1 अप्रैल यानी आज से बिजली बिल के नियमों में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। राज्य सरकार ने स्मार्ट प्रीपेड मीटर वाले उपभोक्ताओं के लिए टाइम ऑफ डे (ToD) टैरिफ लागू कर दिया। नए नियम के तहत अब बिजली का बिल इस बात पर निर्भर करेगा कि आप दिन के किस समय कितनी बिजली का उपयोग कर रहे हैं।

दिन में सस्ती और रात को महंगी

नए नियमों के हिसाब से रात 11 से सुबह 9 बजे तक बिजली की दरें सामान्य रहेंगी। सुबह 9 से शाम 5 बजे तक तय दर से 20% कम यानी बिजली खपत की राशि सिर्फ 80 प्रतिशत ही देनी होगी। यानी अगर आप इस समय ज्यादा बिजली इस्तेमाल करते हैं, तो आपका बिल कम आएगा। वहीं शाम को 5 बजे से रात में 11 बजे तक यदि 200 रुपये की बिजली का उपयोग किया गया तो 20 फीसदी ज्यादा चार्ज देना होगा।

आज से लागू हो रही नई व्यवस्था

नए नियम आज यानी 1 अप्रैल 2026 से लागू होने जा रहे हैं। इस नई व्यवस्था का सीधा असर राज्य के करीब 87 लाख से अधिक स्मार्ट प्रीपेड मीटर उपभोक्ताओं पर पड़ेगा। माना जा रहा है कि इस बदलाव से लोगों के बिजली उपयोग के पैटर्न में भी परिवर्तन आएगा। नई व्यवस्था का मकसद लोगों को यह समझाना है कि अगर वे सही समय पर बिजली इस्तेमाल करें, तो खर्च और कम किया जा सकता है।

बचत के लिए ऐसे करें यूज

आसान शब्दों में समझें तो टाइम ऑफ डे टैरिफ एक ऐसा सिस्टम है, जिसमें आप तय कर सकते हैं कि कब बिजली इस्तेमाल करके ज्यादा बचत करें। अगर भारी डिवाइस जैसे वॉशिंग मशीन, गीजर या एसी दिन में चलाए जाएं, तो बिल कम आएगा। वहीं शाम के समय कम इस्तेमाल करना बेहतर रहेगा। इससे न सिर्फ आपकी जेब बचेगी, बल्कि पूरे राज्य में बिजली की खपत भी संतुलित रहेगी।

इनकम टैक्स सिस्टम में बड़ा फेरबदल

आज से नया इनकम टैक्स सिस्टम प्रभावी हो गया है। करदाताओं की सुविधा के लिए अब 'फाइनेंशियल ईयर' और 'असेसमेंट ईयर' जैसे तकनीकी शब्दों की जगह सिर्फ 'टैक्स वर्ष' शब्द का इस्तेमाल होगा। इस कदम का उद्देश्य टैक्स भरने की जटिल प्रक्रिया को सरल और सुगम बनाना है।

रूसी सेना का प्लेन क्रीमिया में क्रैश, विमान में सवार सभी 29 लोगों की मौत

#russiamilitaryplanecrashincrimea29_dead

रूस में एक बड़े हादसे में मिलिट्री का एक जहाज क्रैश कर गया है। विमान क्रैश होने से 29 लोगों की मौत हो गई है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक रूसी सैन्य परिवहन विमान एएन-26 एक चट्टान से टकराकर क्रैश हो गया। यह दुर्घटना संभवतः किसी तकनीकी खराबी के कारण हुई है। विमान के क्रैश होने के कारणों की पड़ताल की जा रही है।

उड़ान भरने के बाद विमान से संपर्क टूटा

रूसी समाचार एजेंसी TASS ने बुधवार को रूस के रक्षा मंत्रालय के हवाले से बताया कि "क्रीमिया प्रायद्वीप के ऊपर उड़ान भरते समय रूसी एंटोनोव-26 मिलिट्री विमान क्रैश हुआ है। 31 मार्च की शाम 6 बजे An-26 मिलिट्री ट्रांसपोर्ट विमान से संपर्क टूटा, जब वह क्रीमिया प्रायद्वीप के ऊपर एक निर्धारित उड़ान पर था।"

छह क्रू मेंबर समेत 29 की मौत

रक्षा मंत्रालय ने कहा, "खोज एवं बचाव दल ने An-26 विमान के दुर्घटनास्थल का पता लगा लिया है।घटनास्थल से प्राप्त रिपोर्टों के अनुसार, विमान में सवार छह चालक दल के सदस्य और 23 यात्री मारे गए।"

तकनीकी खराबी के कारण हादसे की आशंका

विमान के मलबे पर बाहरी प्रभाव का कोई संकेत नहीं मिला, यानी ऐसा नहीं लगता कि उसे किसी हथियार से निशाना बनाया गया था। इस स्तर पर इसने संकेत दिया कि तकनीकी विफलता के कारण विमान की दुर्घटना होने की संभावना है।

यूक्रेन की तरफ से हमले की आशंका से इनकार

रूसी विमान पर यूक्रेन की ओर से हमले के अंदेशे पर रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि प्लेन पर किसी बाहरी प्रभाव के कोई संकेत नहीं मिले हैं। इससे साफ है कि विमान को यूक्रेन ने हिट नहीं किया है। दरअसल, क्रीमिया में जिस स्थान पर ये हादसा हुआ है, यह प्रायद्वीपीय इलाका है। काले सागर के तट तक फैली विशाल पर्वत श्रृंखलाओं से घिरे हुए इस क्षेत्र को रूस ने 2014 में अपने अधिकार में ले लिया गया था। पहले इस भूभाग पर यूक्रेन का अधिकार था।

आज से 195 रुपए महंगा हो गया कमर्शियल गैस सिलेंडर, घरेलू गैस की कीमत में नहीं हुआ कोई बदलाव

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पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच सरकारी कंपनियों ने बुधवार को कमर्शियल एलपीजी की कीमत में 195.50 रुपये की बढ़ोतरी की है। यह बढ़ोतरी 19 किलो सिलिंडर पर की गई है। हालांकि, घरेलू सिलिंडरों के दाम में कोई बदलाव नहीं किया गया है। घरों में इस्तेमाल होने वाली एलपीजी गैस की दरें पहले के जैसी ही हैं।

घरेलू गैस के दामों में कोई बदलाव नहीं

हालांकि, घरेलू रसोई गैस (एलपीजी) की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। घरेलू एलपीजी के दामों में 7 मार्च को 14.2 किलोग्राम सिलेंडर पर 60 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी। इसके बाद से दाम स्थिर हैं और दिल्ली में 14.2 किलोग्राम घरेलू सिलेंडर की कीमत 913 रुपये बनी हुई है।

बढ़ोतरी के बाद नई कीमतें

इस बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत 2078.50 रुपये हो गई है, जो पहले 1884.50 रुपये थी। कोलकाता में 19 किलो वाला सिलेंडर अब 2208 रुपये का हो गया है। मुंबई में इसकी कीमत 2031 रुपये पहुंच गई है। चेन्नई में यह सिलेंडर अब 2246.50 रुपये में मिलेगा। पटना में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर का रेट 2365 रुपये हो गया है, जबकि जयपुर में इसकी कीमत 2031 रुपये हो गई है।

7 मार्च को भी बढ़े थे दाम

इससे पहले 7 मार्च को भी घरेलू और कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम बढ़ाए गए थे। उस समय घरेलू सिलेंडर 60 रुपये और कमर्शियल सिलेंडर 114.50 रुपये महंगा हुआ था। बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू सिलेंडर की कीमत 913 रुपये हो गई थी, जो पहले 853 रुपये थी। पिछले एक साल से भी कम समय में यह दूसरी बार कीमतों में बढ़ोतरी की गई है। इससे पहले अप्रैल 2025 में भी 50 रुपये की बढ़ोतरी हुई थी।

पूर्व टेनिस खिलाड़ी लिएंडर पेस बीजेपी में शामिल, बंगाल चुनाव से पहले भाजपा का बड़ा दांव

#leanderpaesjoinsthebjpinthepresenceofunionministerskirenrijiju

पश्चिम बंगाल चुनाव में लिएंडर पेस बड़ा धमाका किया है। भारतीय टेनिस के दिग्गज खिलाड़ी लिएंडर पेस ने भाजपा का दामन थाम लिया है। पेस तृणमूल कांग्रेस(टीएमसी) को अलविदा कहते हुए बीजेपी में शामिल हो गए हैं। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू की मौजूदगी में पेस बीजेपी में शामिल हुए हैं। लिएंडर पेस को टीएमसी से बीजेपी के पाले में लाने के लिए बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन का बड़ा मास्टर स्ट्रोक माना जा रहा है।

पेस ने कहा- मेरे जीवन का बहुत बड़ा दिन

केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने इस मौके पर कहा कि, 'लिएंडर पेस का भाजपा परिवार में शामिल होना ऐतिहासिक है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले 12 वर्षों में खेल और खिलाड़ियों को लगातार बढ़ावा दिया है।' वहीं लिएंडर ने इसे अपने जीवन का सबसे खास दिन बताया। उन्होंने कहा, 'यह मेरे जीवन का बहुत बड़ा दिन है। मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह जी और नितिन नवीन जी का धन्यवाद करना चाहता हूं। यह मेरे लिए खेल और युवाओं की सेवा करने का बड़ा अवसर है।'

केंद्र सरकार की खेल योजनाओं की सराहना की

पेस ने अपने करियर को याद करते हुए कहा कि अब वह नई जिम्मेदारी निभाने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा, 'मैंने 40 साल देश के लिए खेला है, अब समय है युवाओं की सेवा करने का।' लिएंडर पेस ने केंद्र सरकार की खेल योजनाओं की भी सराहना की। उन्होंने कहा, 'खेलो इंडिया मूवमेंट और टॉप्स स्कीम बहुत शानदार पहल हैं। मैंने देखा है कि किरेन रिजिजू जी ने टोक्यो ओलंपिक में खिलाड़ियों के प्रदर्शन के लिए कितनी मेहनत की। प्रधानमंत्री जी ने उन्हें जो रोल दिया था, उसे बखूबी निभाया।'

हाल ही में नितिन नवीन से की थी मुलाकात

अक्टूबर 2021 को गोवा में ममता बनर्जी की उपस्थिति में तृणमूल कांग्रेस की सदस्यता लेने वाले लिएंडर पेस ने हाल में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से कोलकाता में मुलाकात की थी। इसके बाद से ही उनके बीजेपी में जाने की अटकलें लगाई जा रही थीं। बीजेपी को उम्मीद है कि लिएंडर पेस के आने के बाद पार्टी की लोकप्रिया स्पोटर्स सर्कल और युवा वोटरों में हो जाएगी। पेस का परिवार मूल रूप से कोलकाता का है।

टीएमसी को टक्कर देने के लिए बड़ा प्लान

लिएंडर पेस ने 2021 में ममता बनर्जी की मौजूदगी में टीएमसी जॉइन की थी, लेकिन 2026 के रण में वे भगवा झंडे के नीचे खड़े नजर आएंगे। बीजेपी के लिए बंगाल की सबसे बड़ी चुनौती कोलकाता और उसके आसपास के शहरी इलाकों में टीएमसी की पकड़ तोड़ना है। नितिन नवीन ने इस बार ‘स्टार पावर’ और ‘साफ छवि’ का मिश्रण तैयार किया है। बीजेपी ने बंगाल में जाने-मानी हस्तियों को पार्टी में शामिल करने की रणनीति बनाई है। सर्व समाज में स्वीकार्यता के लिए पार्टी लेखक, शिक्षाविद्, कलाकार और खिलाड़ियों को पार्टी में शामिल कर रही है। लिएंडर पेस का बीजेपी में जाना इस कड़ी का हिस्सा है।

नालंदा के मघड़ा शीतला मंदिर में भगदड़, 8 लोगों की मौत, प्रशासनिक व्यवस्था पर उठे सवाल

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बिहार के नालंदा में बड़ा हादसा हुआ है। बिहारशरीफ के मघड़ा गांव स्थित माता शीतलाष्टमी मंदिर में मंगलवार को भगदड़ की घटना में 8 लोगों की मौत हो गई। साथ ही बड़ी संख्या में लोग घायल हुए हैं। बताया जा रहा कि भीड़ अधिक होने और व्यवस्था न होने के कारण यह घटना हुई है। फिलहाल हादसे के बाद राहत-बचाव का कार्य शुरू हो गया है।

अत्यधिक भीड़ के कारण बड़ा हादसा

बिहारशरीफ के दीपनगर थाना क्षेत्र में यह घटना हुई है। पूजा के दौरान यह हादसा हुआ है। बताया जा रहा है कि मघड़ा शीतला मंदिर में हद से ज्यादा भीड़ होने की वजह से यह दुखद हादसा हुआ है। आज चैत माह के आखिरी मंगलवार की पूजा थी और इसी वजह से बड़ी संख्या में महिलाएं यहां पर इकट्ठा थीं। बेकाबू भीड़ को प्रशासन रोकने में असफल रहा, जिसकी वजह से भगदड़ मच गई।

दो मृतकों की हुई पहचान

मृतकों में से अब तक दो की पहचान हुई है। सकुन्त बिहार निवासी दिनेश रजक की पत्नी रीता देवी (50) और नूरसराय के मथुरापुर निवासी कमलेश प्रसाद की पत्नी रेखा देवी (45)। अन्य मृतकों की पहचान की प्रक्रिया जारी है। रेखा देवी के पुत्र ने बताया कि उनकी मां मेला देखने गई थीं। “हजारों की भीड़ थी। सूचना मिलने पर हम पहुंचे और अस्पताल लाए, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।”

प्रशासनिक व्यवस्ता पर उठ रहे सवाल

घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर पुलिस और प्रशासन के बड़े अधिकारी पहुंचे हैं और रेस्क्यू शुरू कर दिया गया है। फिलहाल इस बात का पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि भगदड़ की वजह क्या थी। मौके पर मौजूद लोगों का कहना है कि मंदिर में काफी भीड़ थी लेकिन उस हिसाब से सुरक्षा के इंतजाम नहीं किए गए थे। स्थानीय लोगों का कहना है कि इतनी बड़ी भीड़ के बावजूद पर्याप्त सुरक्षा बल और भीड़ नियंत्रण के इंतजाम नहीं किए गए थे।

ट्रंप का यूटर्न! बिना होर्मुज स्ट्रेट को खुलवाए ही ईरान संग युद्ध खत्म करने को तैयार

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के साथ छिड़ी जंग को और खींचने के मूड में नजर नहीं आ रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कथित तौर पर होर्मुज स्ट्रेट को खुलवाने की अपनी जिद छोड़ दी है। रणनीतिक रूप से बेहद अहम स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पूरी तरह खुले बिना ही ट्रंप ईरान के खिलाफ चल रहे सैन्य अभियान को खत्म करने के लिए तैयार हैं। वॉल स्ट्रीट जर्नल की सोमवार को छपी रिपोर्ट में प्रशासनिक अधिकारियों के हवाले से यह जानकारी दी गई है।

ट्रंप ने होर्मुज पर कदम पीछे खींचा

वॉल स्ट्रीट जर्नल ने डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के अधिकारियों के हवाले से बताया कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने सहयोगियों से कहा है कि वह ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान खत्म करने को तैयार हैं, भले ही होर्मुज जलडमरूमध्य बंद रहे। ट्रंप ने कहा कि इस समुद्री गलियारे को फिर से खोलने के जटिल अभियान को फिलहाल छोड़ देंगे। रिपोर्ट के अनुसार ट्रंप ने अपने सहयोगियों से कहा है कि इस अहम तेल मार्ग को खोलना अब जीत के लिए जरूरी नहीं माना जा रहा

बदलाव की क्या है वजह?

रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप और उनके सलाहकारों ने यह निष्कर्ष निकाला है कि इस जलमार्ग को जबरन खुलवाने की कोशिश से संघर्ष के उस समय-सीमा से आगे खिंच जाने की संभावना है, जो प्रशासन ने तय की है। इसके बजाय मौजूदा रणनीति सैन्य अभियानों को कम करने से पहले ईरान की नौसेना और मिसाइल क्षमताओं को कमजोर करने पर केंद्रित है।

ईरान की नेवी और मिसाइल भंडारों को कमजोर करना होगा टारगेट

वॉल स्ट्रीट जर्नल रिपोर्ट की मानें तो अब उन्होंने फैसला किया है कि अमेरिका को ईरान की नेवी और मिसाइल भंडारों को कमजोर करने और युद्ध को खत्म करने के मुख्य टारगेट पर काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अहम जलमार्ग में व्यापार को निर्बाध रूप से फिर से शुरू करने के लिए ईरान पर दबाव डालना चाहिए। अधिकारियों के मुताबिक अगर यह नाकाम रहता है तो वाशिंगटन यूरोप और खाड़ी में अपने सहयोगियों पर होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने में मदद करने के लिए दबाव डालेगा।

ईरान का दुनिया के अहम ऊर्जा मार्ग पर बना रहेगा नियंत्रण

बता दें कि कुछ दिनों पहले तक अमेरिका के लिए स्ट्रैट ऑफ होर्मुज को खोलना बहुत जरूरी लक्ष्य था, लेकिन अब ट्रंप का रुख बदल गया है और वे बिना इसे पूरी तरह खोले भी युद्ध खत्म करना चाहते हैं। वहीं ईरान इस जलमार्ग को घेरे हुए है और इसकी वजह से पूरी दुनिया में तेल-गैस के लिए हाहाकार मचा हुआ है। इस बदलाव से ईरान का दुनिया के इस सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्गों में से एक पर नियंत्रण बना रह सकता है। इस रास्ते में रुकावट के कारण दुनिया भर में तेल सप्लाई और कीमतों पर असर पड़ता रहेगा क्योंकि इसी रास्ते से दुनिया का 20 फीसदी तेल-गैस आता है।

कैसे होगी इस बार की जनगणना? पूछे जाएंगे 33 सवाल, देनी होगी मकान-वाहन से शौचालय तक की जानकारी

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जनगणना 2027 को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। देशभर में 1 अप्रैल से जनगणना शुरू होने जा रही है, जिसे लेकर तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि यह जनगणना पूरी तरह डिजिटल होगी और इसमें लोगों से जीवनशैली से जुड़े बेहद विस्तृत सवाल पूछे जाएंगे। 

आरटीआई से भी नहीं मिलेगा जवाब

रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में जनगणना अधिनियम की धारा 15 का हवाला देते हुए कहा कि जनगणना के दौरान जुटाया गया व्यक्तिगत डेटा पूरी तरह गोपनीय रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी व्यक्ति की जानकारी न तो आरटीआई के तहत साझा की जा सकती है, न ही अदालतों में साक्ष्य के रूप में पेश की जा सकती है और न ही किसी अन्य संस्था के साथ साझा की जाएगी। 

जनगणना दो चरणों में पूरी होगी

इस बार जनगणना दो चरणों में पूरी की जाएगी। पहले चरण में मकानों और उनकी सुविधाओं से जुड़ी जानकारी जुटाई जाएगी, जबकि दूसरे चरण में घर में रहने वाले लोगों की सामाजिक, आर्थिक और अन्य जानकारी दर्ज की जाएगी। खास बात यह है कि पहली बार ‘सेल्फ एन्यूमरेशन’ यानी स्वगणना की सुविधा दी गई है, जिसके तहत लोग खुद भी 15 दिन की निर्धारित अवधि में ऑनलाइन अपनी जानकारी भर सकेंगे। मृत्युंजय कुमार ने बताया कि सेल्फ एन्यूमरेशन में लोगों को खुद ही जानकारी देनी होगी, लेकिन इसके बावजूद जो कर्मचारी-अधिकारी घर जाएंगे और जो आईडी होगी उसके आधार पर वह क्रॉस वेरीफाई करेंगे। इस वजह से इसमें गड़बड़ी की संभावना नहीं है।

सरकार ने इस बार कुल 33 सवाल तय किए

केंद्र सरकार ने जनगणना 2027 की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए हाउस लिस्टिंग ऑपरेशन के लिए 33 सवालों वाली नई प्रश्नावली जारी की है, जो 1 अप्रैल 2026 से लागू होगी। इस प्रश्नावली को 2011 की पिछली जनगणना के बाद भारतीय समाज में आए बदलावों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। इसमें घर के प्रकार, स्थान और संरचना से जुड़े सवालों के साथ-साथ डिजिटल युग को देखते हुए इंटरनेट सुविधा की उपलब्धता पर भी नया सवाल शामिल किया गया है। इसके अलावा एलपीजी, पीने के पानी और अन्य बुनियादी सुविधाओं तक पहुंच को लेकर भी जानकारी ली जाएगी।

दूसरा चरण 1 फरवरी 2027 से शुरू होगा

जनगणना 2027 दूसरा चरण जनसंख्या गणना, जो 1 फरवरी 2027 से शुरू होगी। यह भारत की 16वीं और स्वतंत्रता के बाद आठवीं जनगणना होगी, जो देश में नीति निर्माण और विकास योजनाओं के लिए महत्वपूर्ण आंकड़े उपलब्ध कराएगी। करीब 11,000 करोड़ रुपये से ज्यादा के बजट वाली इस विशाल प्रक्रिया में राज्यों की मशीनरी, जिला स्तर के अधिकारी और केंद्र सरकार मिलकर काम करेंगे। गृह मंत्रालय की निगरानी में यह पूरी प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से पूरी की जाएगी।