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आज से 195 रुपए महंगा हो गया कमर्शियल गैस सिलेंडर, घरेलू गैस की कीमत में नहीं हुआ कोई बदलाव

#commercial_lpg_cylinder_price_hike_195 

पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच सरकारी कंपनियों ने बुधवार को कमर्शियल एलपीजी की कीमत में 195.50 रुपये की बढ़ोतरी की है। यह बढ़ोतरी 19 किलो सिलिंडर पर की गई है। हालांकि, घरेलू सिलिंडरों के दाम में कोई बदलाव नहीं किया गया है। घरों में इस्तेमाल होने वाली एलपीजी गैस की दरें पहले के जैसी ही हैं।

घरेलू गैस के दामों में कोई बदलाव नहीं

हालांकि, घरेलू रसोई गैस (एलपीजी) की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। घरेलू एलपीजी के दामों में 7 मार्च को 14.2 किलोग्राम सिलेंडर पर 60 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी। इसके बाद से दाम स्थिर हैं और दिल्ली में 14.2 किलोग्राम घरेलू सिलेंडर की कीमत 913 रुपये बनी हुई है।

बढ़ोतरी के बाद नई कीमतें

इस बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत 2078.50 रुपये हो गई है, जो पहले 1884.50 रुपये थी। कोलकाता में 19 किलो वाला सिलेंडर अब 2208 रुपये का हो गया है। मुंबई में इसकी कीमत 2031 रुपये पहुंच गई है। चेन्नई में यह सिलेंडर अब 2246.50 रुपये में मिलेगा। पटना में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर का रेट 2365 रुपये हो गया है, जबकि जयपुर में इसकी कीमत 2031 रुपये हो गई है।

7 मार्च को भी बढ़े थे दाम

इससे पहले 7 मार्च को भी घरेलू और कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम बढ़ाए गए थे। उस समय घरेलू सिलेंडर 60 रुपये और कमर्शियल सिलेंडर 114.50 रुपये महंगा हुआ था। बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू सिलेंडर की कीमत 913 रुपये हो गई थी, जो पहले 853 रुपये थी। पिछले एक साल से भी कम समय में यह दूसरी बार कीमतों में बढ़ोतरी की गई है। इससे पहले अप्रैल 2025 में भी 50 रुपये की बढ़ोतरी हुई थी।

पूर्व टेनिस खिलाड़ी लिएंडर पेस बीजेपी में शामिल, बंगाल चुनाव से पहले भाजपा का बड़ा दांव

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पश्चिम बंगाल चुनाव में लिएंडर पेस बड़ा धमाका किया है। भारतीय टेनिस के दिग्गज खिलाड़ी लिएंडर पेस ने भाजपा का दामन थाम लिया है। पेस तृणमूल कांग्रेस(टीएमसी) को अलविदा कहते हुए बीजेपी में शामिल हो गए हैं। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू की मौजूदगी में पेस बीजेपी में शामिल हुए हैं। लिएंडर पेस को टीएमसी से बीजेपी के पाले में लाने के लिए बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन का बड़ा मास्टर स्ट्रोक माना जा रहा है।

पेस ने कहा- मेरे जीवन का बहुत बड़ा दिन

केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने इस मौके पर कहा कि, 'लिएंडर पेस का भाजपा परिवार में शामिल होना ऐतिहासिक है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले 12 वर्षों में खेल और खिलाड़ियों को लगातार बढ़ावा दिया है।' वहीं लिएंडर ने इसे अपने जीवन का सबसे खास दिन बताया। उन्होंने कहा, 'यह मेरे जीवन का बहुत बड़ा दिन है। मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह जी और नितिन नवीन जी का धन्यवाद करना चाहता हूं। यह मेरे लिए खेल और युवाओं की सेवा करने का बड़ा अवसर है।'

केंद्र सरकार की खेल योजनाओं की सराहना की

पेस ने अपने करियर को याद करते हुए कहा कि अब वह नई जिम्मेदारी निभाने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा, 'मैंने 40 साल देश के लिए खेला है, अब समय है युवाओं की सेवा करने का।' लिएंडर पेस ने केंद्र सरकार की खेल योजनाओं की भी सराहना की। उन्होंने कहा, 'खेलो इंडिया मूवमेंट और टॉप्स स्कीम बहुत शानदार पहल हैं। मैंने देखा है कि किरेन रिजिजू जी ने टोक्यो ओलंपिक में खिलाड़ियों के प्रदर्शन के लिए कितनी मेहनत की। प्रधानमंत्री जी ने उन्हें जो रोल दिया था, उसे बखूबी निभाया।'

हाल ही में नितिन नवीन से की थी मुलाकात

अक्टूबर 2021 को गोवा में ममता बनर्जी की उपस्थिति में तृणमूल कांग्रेस की सदस्यता लेने वाले लिएंडर पेस ने हाल में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से कोलकाता में मुलाकात की थी। इसके बाद से ही उनके बीजेपी में जाने की अटकलें लगाई जा रही थीं। बीजेपी को उम्मीद है कि लिएंडर पेस के आने के बाद पार्टी की लोकप्रिया स्पोटर्स सर्कल और युवा वोटरों में हो जाएगी। पेस का परिवार मूल रूप से कोलकाता का है।

टीएमसी को टक्कर देने के लिए बड़ा प्लान

लिएंडर पेस ने 2021 में ममता बनर्जी की मौजूदगी में टीएमसी जॉइन की थी, लेकिन 2026 के रण में वे भगवा झंडे के नीचे खड़े नजर आएंगे। बीजेपी के लिए बंगाल की सबसे बड़ी चुनौती कोलकाता और उसके आसपास के शहरी इलाकों में टीएमसी की पकड़ तोड़ना है। नितिन नवीन ने इस बार ‘स्टार पावर’ और ‘साफ छवि’ का मिश्रण तैयार किया है। बीजेपी ने बंगाल में जाने-मानी हस्तियों को पार्टी में शामिल करने की रणनीति बनाई है। सर्व समाज में स्वीकार्यता के लिए पार्टी लेखक, शिक्षाविद्, कलाकार और खिलाड़ियों को पार्टी में शामिल कर रही है। लिएंडर पेस का बीजेपी में जाना इस कड़ी का हिस्सा है।

नालंदा के मघड़ा शीतला मंदिर में भगदड़, 8 लोगों की मौत, प्रशासनिक व्यवस्था पर उठे सवाल

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बिहार के नालंदा में बड़ा हादसा हुआ है। बिहारशरीफ के मघड़ा गांव स्थित माता शीतलाष्टमी मंदिर में मंगलवार को भगदड़ की घटना में 8 लोगों की मौत हो गई। साथ ही बड़ी संख्या में लोग घायल हुए हैं। बताया जा रहा कि भीड़ अधिक होने और व्यवस्था न होने के कारण यह घटना हुई है। फिलहाल हादसे के बाद राहत-बचाव का कार्य शुरू हो गया है।

अत्यधिक भीड़ के कारण बड़ा हादसा

बिहारशरीफ के दीपनगर थाना क्षेत्र में यह घटना हुई है। पूजा के दौरान यह हादसा हुआ है। बताया जा रहा है कि मघड़ा शीतला मंदिर में हद से ज्यादा भीड़ होने की वजह से यह दुखद हादसा हुआ है। आज चैत माह के आखिरी मंगलवार की पूजा थी और इसी वजह से बड़ी संख्या में महिलाएं यहां पर इकट्ठा थीं। बेकाबू भीड़ को प्रशासन रोकने में असफल रहा, जिसकी वजह से भगदड़ मच गई।

दो मृतकों की हुई पहचान

मृतकों में से अब तक दो की पहचान हुई है। सकुन्त बिहार निवासी दिनेश रजक की पत्नी रीता देवी (50) और नूरसराय के मथुरापुर निवासी कमलेश प्रसाद की पत्नी रेखा देवी (45)। अन्य मृतकों की पहचान की प्रक्रिया जारी है। रेखा देवी के पुत्र ने बताया कि उनकी मां मेला देखने गई थीं। “हजारों की भीड़ थी। सूचना मिलने पर हम पहुंचे और अस्पताल लाए, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।”

प्रशासनिक व्यवस्ता पर उठ रहे सवाल

घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर पुलिस और प्रशासन के बड़े अधिकारी पहुंचे हैं और रेस्क्यू शुरू कर दिया गया है। फिलहाल इस बात का पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि भगदड़ की वजह क्या थी। मौके पर मौजूद लोगों का कहना है कि मंदिर में काफी भीड़ थी लेकिन उस हिसाब से सुरक्षा के इंतजाम नहीं किए गए थे। स्थानीय लोगों का कहना है कि इतनी बड़ी भीड़ के बावजूद पर्याप्त सुरक्षा बल और भीड़ नियंत्रण के इंतजाम नहीं किए गए थे।

ट्रंप का यूटर्न! बिना होर्मुज स्ट्रेट को खुलवाए ही ईरान संग युद्ध खत्म करने को तैयार

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के साथ छिड़ी जंग को और खींचने के मूड में नजर नहीं आ रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कथित तौर पर होर्मुज स्ट्रेट को खुलवाने की अपनी जिद छोड़ दी है। रणनीतिक रूप से बेहद अहम स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पूरी तरह खुले बिना ही ट्रंप ईरान के खिलाफ चल रहे सैन्य अभियान को खत्म करने के लिए तैयार हैं। वॉल स्ट्रीट जर्नल की सोमवार को छपी रिपोर्ट में प्रशासनिक अधिकारियों के हवाले से यह जानकारी दी गई है।

ट्रंप ने होर्मुज पर कदम पीछे खींचा

वॉल स्ट्रीट जर्नल ने डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के अधिकारियों के हवाले से बताया कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने सहयोगियों से कहा है कि वह ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान खत्म करने को तैयार हैं, भले ही होर्मुज जलडमरूमध्य बंद रहे। ट्रंप ने कहा कि इस समुद्री गलियारे को फिर से खोलने के जटिल अभियान को फिलहाल छोड़ देंगे। रिपोर्ट के अनुसार ट्रंप ने अपने सहयोगियों से कहा है कि इस अहम तेल मार्ग को खोलना अब जीत के लिए जरूरी नहीं माना जा रहा

बदलाव की क्या है वजह?

रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप और उनके सलाहकारों ने यह निष्कर्ष निकाला है कि इस जलमार्ग को जबरन खुलवाने की कोशिश से संघर्ष के उस समय-सीमा से आगे खिंच जाने की संभावना है, जो प्रशासन ने तय की है। इसके बजाय मौजूदा रणनीति सैन्य अभियानों को कम करने से पहले ईरान की नौसेना और मिसाइल क्षमताओं को कमजोर करने पर केंद्रित है।

ईरान की नेवी और मिसाइल भंडारों को कमजोर करना होगा टारगेट

वॉल स्ट्रीट जर्नल रिपोर्ट की मानें तो अब उन्होंने फैसला किया है कि अमेरिका को ईरान की नेवी और मिसाइल भंडारों को कमजोर करने और युद्ध को खत्म करने के मुख्य टारगेट पर काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अहम जलमार्ग में व्यापार को निर्बाध रूप से फिर से शुरू करने के लिए ईरान पर दबाव डालना चाहिए। अधिकारियों के मुताबिक अगर यह नाकाम रहता है तो वाशिंगटन यूरोप और खाड़ी में अपने सहयोगियों पर होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने में मदद करने के लिए दबाव डालेगा।

ईरान का दुनिया के अहम ऊर्जा मार्ग पर बना रहेगा नियंत्रण

बता दें कि कुछ दिनों पहले तक अमेरिका के लिए स्ट्रैट ऑफ होर्मुज को खोलना बहुत जरूरी लक्ष्य था, लेकिन अब ट्रंप का रुख बदल गया है और वे बिना इसे पूरी तरह खोले भी युद्ध खत्म करना चाहते हैं। वहीं ईरान इस जलमार्ग को घेरे हुए है और इसकी वजह से पूरी दुनिया में तेल-गैस के लिए हाहाकार मचा हुआ है। इस बदलाव से ईरान का दुनिया के इस सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्गों में से एक पर नियंत्रण बना रह सकता है। इस रास्ते में रुकावट के कारण दुनिया भर में तेल सप्लाई और कीमतों पर असर पड़ता रहेगा क्योंकि इसी रास्ते से दुनिया का 20 फीसदी तेल-गैस आता है।

कैसे होगी इस बार की जनगणना? पूछे जाएंगे 33 सवाल, देनी होगी मकान-वाहन से शौचालय तक की जानकारी

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जनगणना 2027 को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। देशभर में 1 अप्रैल से जनगणना शुरू होने जा रही है, जिसे लेकर तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि यह जनगणना पूरी तरह डिजिटल होगी और इसमें लोगों से जीवनशैली से जुड़े बेहद विस्तृत सवाल पूछे जाएंगे। 

आरटीआई से भी नहीं मिलेगा जवाब

रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में जनगणना अधिनियम की धारा 15 का हवाला देते हुए कहा कि जनगणना के दौरान जुटाया गया व्यक्तिगत डेटा पूरी तरह गोपनीय रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी व्यक्ति की जानकारी न तो आरटीआई के तहत साझा की जा सकती है, न ही अदालतों में साक्ष्य के रूप में पेश की जा सकती है और न ही किसी अन्य संस्था के साथ साझा की जाएगी। 

जनगणना दो चरणों में पूरी होगी

इस बार जनगणना दो चरणों में पूरी की जाएगी। पहले चरण में मकानों और उनकी सुविधाओं से जुड़ी जानकारी जुटाई जाएगी, जबकि दूसरे चरण में घर में रहने वाले लोगों की सामाजिक, आर्थिक और अन्य जानकारी दर्ज की जाएगी। खास बात यह है कि पहली बार ‘सेल्फ एन्यूमरेशन’ यानी स्वगणना की सुविधा दी गई है, जिसके तहत लोग खुद भी 15 दिन की निर्धारित अवधि में ऑनलाइन अपनी जानकारी भर सकेंगे। मृत्युंजय कुमार ने बताया कि सेल्फ एन्यूमरेशन में लोगों को खुद ही जानकारी देनी होगी, लेकिन इसके बावजूद जो कर्मचारी-अधिकारी घर जाएंगे और जो आईडी होगी उसके आधार पर वह क्रॉस वेरीफाई करेंगे। इस वजह से इसमें गड़बड़ी की संभावना नहीं है।

सरकार ने इस बार कुल 33 सवाल तय किए

केंद्र सरकार ने जनगणना 2027 की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए हाउस लिस्टिंग ऑपरेशन के लिए 33 सवालों वाली नई प्रश्नावली जारी की है, जो 1 अप्रैल 2026 से लागू होगी। इस प्रश्नावली को 2011 की पिछली जनगणना के बाद भारतीय समाज में आए बदलावों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। इसमें घर के प्रकार, स्थान और संरचना से जुड़े सवालों के साथ-साथ डिजिटल युग को देखते हुए इंटरनेट सुविधा की उपलब्धता पर भी नया सवाल शामिल किया गया है। इसके अलावा एलपीजी, पीने के पानी और अन्य बुनियादी सुविधाओं तक पहुंच को लेकर भी जानकारी ली जाएगी।

दूसरा चरण 1 फरवरी 2027 से शुरू होगा

जनगणना 2027 दूसरा चरण जनसंख्या गणना, जो 1 फरवरी 2027 से शुरू होगी। यह भारत की 16वीं और स्वतंत्रता के बाद आठवीं जनगणना होगी, जो देश में नीति निर्माण और विकास योजनाओं के लिए महत्वपूर्ण आंकड़े उपलब्ध कराएगी। करीब 11,000 करोड़ रुपये से ज्यादा के बजट वाली इस विशाल प्रक्रिया में राज्यों की मशीनरी, जिला स्तर के अधिकारी और केंद्र सरकार मिलकर काम करेंगे। गृह मंत्रालय की निगरानी में यह पूरी प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से पूरी की जाएगी।

दिल्ली से गिरफ्तार हुआ लश्कर-ए-तैयबा का आतंकी शब्बीर अहमद, आईएसआई के इशारे पर रचता था साजिश

#lethandlershabbirlonearrestedindelhi 

राजधानी दिल्ली में सुरक्षा एजेंसियों को बड़ी सफलता मिली है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की टीम ने लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी और ‘मेट्रो पोस्टर केस’ के मास्टरमाइंड शब्बीर अहमद लोन को गिरफ्तार कर लिया है। शब्बीर उस मॉड्यूल का हैंडलर था, जिसका हाल ही में भंडाफोड़ हुआ था।फरवरी में दिल्ली पुलिस ने लश्कर के मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया था। 

नए मॉड्यूल को सक्रिय करने की कोशिश नाकाम

यह गिरफ्तारी दिल्ली बॉर्डर पर एक गुप्त सूचना के आधार पर की गई। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि लोन पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के निर्देश पर भारत में लश्कर-ए-तैयबा के एक नए मॉड्यूल को सक्रिय करने की कोशिश कर रहा था। जानकारी के अनुसार, लोन ढाका के नजदीक अपने ठिकाने से लश्कर के एक मॉड्यूल का संचालन कर रहा था। 

करीब दो महीने से चल रहा था ऑपरेशन

बताया जा रहा है कि यह ऑपरेशन करीब दो महीने तक चली 'कैट-एंड-माउस' कार्रवाई का परिणाम था। इस पूरे अभियान की निगरानी पुलिस कमिश्नर सतीश गोलचा द्वारा की जा रही थी। दिल्ली पुलिस की विशेष टीम, जिसका नेतृत्व अतिरिक्त पुलिस आयुक्त प्रमोद कुशवाहा, एसीपी ललित नेगी और इंस्पेक्टर सुनील रजैन कर रहे थे, लंबे समय से लोन पर नजर रखे हुए थी। जांच के दौरान दिल्ली, कोलकाता और तमिलनाडु में युवाओं को आतंकी गतिविधियों के लिए भर्ती करने में उसकी भूमिका सामने आई थी।

2007 में भी हो चुका है गिरफ्तार

लोन को इससे पहले 2007 में दिल्ली पुलिस ने आतंकवाद के आरोपों में गिरफ़्तार किया था। 2007 में स्पेशल सेल ने भारी मात्रा में हथियारों के साथ गिरफ्तार किया था, जिसमें AK-47 और ग्रेनेड भी शामिल थे। उस समय उसके सीधे संबंध 26/11 मुंबई हमलों के मास्टरमाइंड हाफिज सईद और लश्कर कमांडर से जुड़े पाए गए थे। 2019 में जमानत मिलने के बाद वह बांग्लादेश भाग गया था, और जब यह बात सामने आई कि उसने वहां एक आतंकी सेल बना लिया है, तो वह सुरक्षा एजेंसियों और दिल्ली की एटीएस के लिए सिरदर्द बन गया था।

फर्जी पहचान के जरिए बनाया आतंक का नेटवर्क

शब्बीर लोन बेहद शातिर आतंकी है, जो अपनी पहचान छिपाने के लिए कभी ‘राजू’ तो कभी ‘जफर सिद्दीकी’ बन जाता था। वह दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, कोलकाता, गोवा, मध्यप्रदेश, तमिलनाडु और केरल समेत देश के कई राज्यों में फेरीवाले के रूप में घूमता रहा और ‘शॉल बेचने’ के बहाने अपना नेटवर्क खड़ा करता रहा।

खर्ग पर कब्जा अमेरिका करेगा? ट्रंप के बयान ने मचाई खलबली

#donaldtrumpsayswanttoseizeirankhargisland 

अमेरिका और इज़रायल का ईरान के खिलाफ चल रहे युद्ध का आज 31वां दिन है। अमेरिका और इज़रायल जहाँ लगातार ईरान पर हमले कर रहे हैं, वहीं ईरान भी मिडिल ईस्ट में अमेरिका के सहयोगी देशों पर हमले कर रहा है। हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंपदावा कर रहे हैं कि युद्ध को खत्म करने के लिए बातचीत जारी है। 

ईरानी तेल पर कब्जे के संकेत

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के तेल पर कब्जे करने का संकेत दिया है। हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान ट्रंप ने ईरान के तेल को लेकर भी बड़ा बयान दिया। ट्रंप ने ईरान के तेल के प्रति रूचि जताते हुए कहा कि वह ईरान के तेल को अपने कब्ज़े में ले सकते हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना ईरान के खर्ग द्वीप पर कब्जा कर सकती है। खर्ग द्वीप को ईरान की तेल आधारित अर्थव्यवस्था की रीढ़ माना जाता है क्योंकि यहीं से देश का करीब 90 फीसदी तेल निर्यात किया जाता है।

मेरी सबसे पसंदीदा चीज ईरान का तेल लेना-ट्रंप

डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को फाइनेंशियल टाइम्स के साथ इंटरव्यू में ईरान युद्ध पर कई कमेंट किए हैं। खर्ग पर कब्जे के सवाल पर उन्होंने कहा, 'सच कहूं तो मेरी सबसे पसंदीदा चीज ईरान का तेल लेना होगी। हालांकि अमेरिका में कुछ बेवकूफ लोग मुझे कहते हैं कि तुम ऐसा क्यों कर रहे हो। उनको चीजों की समझ नहीं है।'

ट्रंप ने कहा- हमारे पास कई विकल्प

ट्रंप ने कहा कि उनके लिए यह ऑप्शन खुला हुआ है। ट्रंप ने ईरान में अपने सैन्य अभियान पर कहा, 'यह हो सकता है हम खर्ग द्वीप को ईरान से अपने नियंत्रण में ले लें। हालांकि ये भी मुमकिन है कि हम ऐसा नहीं करें। दरअसल हमारे पास कई विकल्प हैं और हम कोई भी विकल्प चुन सकते हैं। हालांकि खर्ग पर कंट्रोल के लिए हमें वहां कुछ समय तक रहना पड़ेगा।'

खर्ग आइलैंड पर हमला कर चुका है यूएस

बता दें कि ट्रंप की नज़र ईरान के खर्ग आइलैंड पर है, जहाँ ईरान के तेल के कई भंडार हैं। ट्रंप चाहते हैं कि खर्ग आइलैंड पर अमेरिका का कब्ज़ा हो। कुछ दिन पहले अमेरिका ने खर्ग आइलैंड पर हमला भी किया था। हालांकि इस दौरान तेल के भंडारों को निशाना नहीं बनाया गया। इसके अलावा ट्रंप ईरान के कंट्रोल वाली होर्मुज स्ट्रेट पर कब्ज़े की इच्छा भी जता चुके हैं। उन्होंने एक कार्यक्रम के दौरान मज़ाक-मज़ाक में उसे स्ट्रेट ऑफ ट्रंप बता दिया था।

अमित शाह ने ममता सरकार के खिलाफ जारी किया “चार्जशीट”, बोले- टीएमसी के 15 वर्षों के काले कारनामों का संकलन

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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू होने से पहले बीजेपी ने सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ चार्जशीट जारी किया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ आरोपों का ब्योरा देने वाला भाजपा का एक दस्तावेज रिलीज किया। इसे 'चार्जशीट' नाम दिया गया है।

चार्जशीट टीएमसी सरकार के 15 वर्षों के काले कारनामों का संकलन-शाह

पश्चिम बंगाल में चुनावी सरगर्मी अब अपने चरम पर पहुंच चुकी है। जैसे-जैसे मतदान की तारीख नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप भी तेज हो गए हैं। इसी कड़ी में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कोलकाता पहुंचे। जहां उन्होंने एक ‘चार्जशीट’ जारी की। इस दौरान अमित शाह ने कहा, "आज हम टीएमसी सरकार के 15 साल के शासन के खिलाफ चार्जशीट लेकर आए हैं। यह चार्जशीट बंगाल की जनता की ममता बनर्जी सरकार के खिलाफ लगाई हुई है, जिसे भाजपा एक आवाज दे रही है। एक प्रकार से आने वाले चुनाव में बंगाल की जनता को तय करना है कि भय को चुनना है या भरोसे को चुनना है। यह चार्जशीट, टीएमसी सरकार के 15 वर्षों के काले कारनामों का संकलन है।"

बंगाल घुसपैठियों के प्रवेश का केवल एक ही मुख्य रास्ता-शाह

इस दौरान चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए अमित शाह ने घुसपैठ के मुद्दे को जोर-शोर से उठाया। उन्होंने कहा कि पूरे देश की सुरक्षा बंगाल के चुनावी नतीजों से अटूट रूप से जुड़ी हुई है। आज देश में घुसपैठियों के प्रवेश का केवल एक ही मुख्य रास्ता बचा है, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ समझौता हो रहा है। अगर बंगाल को घुसपैठ से मुक्त करना है, तो यहां सत्ता परिवर्तन अनिवार्य है। 

ममता बनर्जी पर बंगाल की डेमोग्राफी से खिलवाड़ का आरोप

अमित शाह ने आरोप लगाया कि ममता सरकार ने वोट बैंक की राजनीति के लिए सीमावर्ती इलाकों में डेमोग्राफी के साथ खिलवाड़ होने दिया। टीएमसी के कुशासन में बंगाल भ्रष्टाचार की प्रयोगशाला बन चुका है। ऊपर से नीचे तक आपराधिक सिंडिकेट जनता को परेशान कर रहे हैं।

बीजेपी ने बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए कसी कमर

बता दें कि बीजेपी ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए अभी तक तीन सूची जारी की हैं। पहली सूची में 144 और दूसरी सूची में 111 कैंडिडेट का ऐलान किया था। बीजेपी ने तीसरी सूची 25 मार्च को जारी की थी। इसमें 19 कैंडिडेट के नाम शामिल थे। ऐसे में बीजेपी ने राज्य की 294 सीटों में 274 कैंडिडेट के नाम का ऐलान किया है। ऐसे में करीब 15 सीटों पर अभी कैंडिडेट का ऐलान बाकी है। बीजेपी के अप्रैल के पहले हफ्ते में बंगाल के लिए घोषणापत्र जारी करने की उम्मीद है। पार्टी की एक टीम इस पर काम कर रही है।

नोएडा का 25 साल का इंतजार खत्म, पीएम मोदी ने देश को समर्पित किया जेवर एयरपोर्ट

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज जेवर में नोएडा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के फेज-1 का उद्घाटन किया। इसके साथ ही नोएडा में 25 साल पहले देखा गया इंटरनेशनल एयरपोर्ट का सपना साकार हो गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का लोकार्पण किया। साथ ही कार्गो टर्मिनल का लोकार्पण और विमानों की मरम्मत के लिए बनने वाले एमआरओ (रखरखाव और संचालन) सेंटर का शिलान्यास किया।

हर व्यक्ति इस एयरपोर्ट का उद्घाटन कर रहा-पीएम मोदी

पीएम नरेंद्र मोदी ने जेवर एयरपोर्ट का उद्घाटन करने के बाद उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए सवाल किया कि क्या उद्घाटन हो गया। उन्होंने कहा कि अभी आधा उद्घाटन हुआ है। आप सभी हाथ में मोबाइल की लाइट जलाकर एयरपोर्ट का उद्घाटन करें। पीएम मोदी के आह्वान पर तमाम लोगों ने मोबाइल की लाइट जलाई। इस पर पीएम मोदी ने कहा कि अब उद्घाटन हुआ। इसके बाद पीएम मोदी ने कहा, अब यहां उपस्थित हर व्यक्ति इस एयरपोर्ट का उद्घाटन कर रहा है। यह आपकी अमानत है, यह आपका पुरुषार्थ है। इसलिए इसका उद्घाटन आपके हाथों से हो रहा है। पीएम मोदी ने कहा, 'ये एयरपोर्ट जनता की अमानत है। इसलिए एयरपोर्ट का उद्घाटन आप लोग करेंगे। मौजूद जनता एयरपोर्ट का उद्घाटन करे।

आज मेरे लिए गर्व और प्रसन्नता के दो कारण- पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा कि इस एयरपोर्ट के उद्घाटन के साथ यूपी पांच इंटरनेशनल एयरपोर्ट वाला प्रदेश बन गया है। देश का सबसे बड़ा प्रदेश आज सबसे अधिक अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट वाले राज्यों में से एक बन गया है। आज मेरे लिए गर्व और प्रसन्नता के दो कारण हैं। पहला: इस एयरपोर्ट का शिलान्यास करने का सौभाग्य भी मुझे मिला था और इसका उद्घाटन करने का सौभाग्य भी मुझे मिला है। दूसरा: जिस उत्तर प्रदेश ने मुझे प्रतिनिधि बनाया, सांसद बनाया, उस उत्तर प्रदेश की पहचान के साथ इस भव्य एयरपोर्ट का नाम भी जुड़ गया है।

यह विकसित उत्तर प्रदेश की उड़ान का प्रतीक बनेगा- पीएम मोदी

पीएम ने कहा, यह एयरपोर्ट आगरा, मथुरा, अलीगढ़, गाजियाबाद, मेरठ, इटावा, बुलंदशहर, फरीदाबाद इस पूरे क्षेत्र को बहुत बड़ा लाभ होने वाला है। हिंदुस्तान और यूपी का तो होना ही होना है, यह एयरपोर्ट पश्चिम यूपी के किसानों, छोटे और लघु उद्योगों और भारत के नौवजानों के लिए अनेक अवसर देने वाला है। यहां से दुनिया के लिए विमान तो उड़ेंगे ही, साथ ही यह विकसित उत्तर प्रदेश की उड़ान का प्रतीक बनेगा।

कांग्रेस और सपा पर जमकर बोला हमला

पीएम मोदी ने अपने संबोधन के दौरान समाजवादी पार्टी पर करारा हमला किया। उन्होंने कहा कि सपा ने नोएडा को अपना लूट का एटीएम बना लिया था। वहीं कांग्रेस ने 2004 से 2014 तक एयरपोर्ट जनता के बीच नहीं पहुंचने दिया। जैसे ही भाजपा एनडीए की सरकार बनी तो यूपी एयरपोर्ट की नींव भी पड़ी और अब शुरू भी हो गया है।

नेपाल में बालेन शाह के शपथ लेते ही पूर्व पीएम केपी ओली गिरफ्तार, प्रधानमंत्री बनते ही एक्शन

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नेपाल की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को पिछले साल हुए घातक जेन-जी विरोध प्रदर्शनों में कथित भूमिका के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया है। यह कार्रवाई नए प्रधानमंत्री बलेंद्र शाह के पद की शपथ लेने के 24 घंटे की गई है।

ओली के साथ पूर्व गृहमंत्री रमेश लेखक भी गिरफ्तार

ओली को शनिवार सुबह भक्तपुर के गुंडू स्थित उनके आवास से हिरासत में लिया गया। ओली के साथ उनके पूर्व गृहमंत्री रमेश लेखक को भी हिरासत में लिया गया है। वहीं, लेखक को सुबह करीब 5 बजे भक्तपुर के सूर्यविनायक स्थित उनके आवास से गिरफ्तार किया गया। काठमांडू वैली पुलिस के अनुसार, दोनों को सुबह गिरफ्तार किया गया और अब आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

ओली को हो सकती है 10 साल तक की सजा

ये गिरफ्तारियां पिछले साल जेन-जी विरोध प्रदर्शन मामले में गृह मंत्रालय की दर्ज कराई एक औपचारिक शिकायत के बाद हुई हैं। शिकायत के चलते जांच शुरू हुई और गिरफ्तारी वारंट जारी किए गए। उन पर ऐसी धाराओं के तहत आरोप लगाए जाने की संभावना है, जिनमें अधिकतम 10 साल तक सजा हो सकती है।

सरकार ने कहा- कार्रवाई बदले की भावना से नहीं

ओली और लेखक की गिरफ्तारी बालेन शाह के नेपाल का प्रधानमंत्री बनने के 24 घंटे के भीतर हुई हैं। शुक्रवार को ही बालेन शाह ने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी। एक दिन बाद ही यह एक्शन हो गया है। सरकार ने साफ किया है कि यह कार्रवाई किसी बदले की भावना से नहीं, बल्कि कानून के तहत की जा रही है। दरअसल, बालेन शाह के सत्ता में आने से पहले ही उनके खिलाफ एक्शन की सिफारिश की गई थी।

क्या था जेन-जी विरोध प्रदर्शन?

पिछले साल सितंबर में नेपाल में बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार विरोधी प्रदर्शन हुए थे, जिन्हें जेन-जी विरोध प्रदर्शन कहा गया। ये प्रदर्शन अचानक हिंसक हो गए और दो दिनों के भीतर 70 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई। इस हिंसा के बाद ओली सरकार पर गंभीर सवाल उठे और आखिरकार उनकी सरकार गिर गई। इन घटनाओं ने देश की राजनीति को पूरी तरह बदल दिया।