ट्रंप का यूटर्न! बिना होर्मुज स्ट्रेट को खुलवाए ही ईरान संग युद्ध खत्म करने को तैयार
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के साथ छिड़ी जंग को और खींचने के मूड में नजर नहीं आ रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कथित तौर पर होर्मुज स्ट्रेट को खुलवाने की अपनी जिद छोड़ दी है। रणनीतिक रूप से बेहद अहम स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पूरी तरह खुले बिना ही ट्रंप ईरान के खिलाफ चल रहे सैन्य अभियान को खत्म करने के लिए तैयार हैं। वॉल स्ट्रीट जर्नल की सोमवार को छपी रिपोर्ट में प्रशासनिक अधिकारियों के हवाले से यह जानकारी दी गई है।
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ट्रंप ने होर्मुज पर कदम पीछे खींचा
वॉल स्ट्रीट जर्नल ने डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के अधिकारियों के हवाले से बताया कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने सहयोगियों से कहा है कि वह ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान खत्म करने को तैयार हैं, भले ही होर्मुज जलडमरूमध्य बंद रहे। ट्रंप ने कहा कि इस समुद्री गलियारे को फिर से खोलने के जटिल अभियान को फिलहाल छोड़ देंगे। रिपोर्ट के अनुसार ट्रंप ने अपने सहयोगियों से कहा है कि इस अहम तेल मार्ग को खोलना अब जीत के लिए जरूरी नहीं माना जा रहा
बदलाव की क्या है वजह?
रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप और उनके सलाहकारों ने यह निष्कर्ष निकाला है कि इस जलमार्ग को जबरन खुलवाने की कोशिश से संघर्ष के उस समय-सीमा से आगे खिंच जाने की संभावना है, जो प्रशासन ने तय की है। इसके बजाय मौजूदा रणनीति सैन्य अभियानों को कम करने से पहले ईरान की नौसेना और मिसाइल क्षमताओं को कमजोर करने पर केंद्रित है।
ईरान की नेवी और मिसाइल भंडारों को कमजोर करना होगा टारगेट
वॉल स्ट्रीट जर्नल रिपोर्ट की मानें तो अब उन्होंने फैसला किया है कि अमेरिका को ईरान की नेवी और मिसाइल भंडारों को कमजोर करने और युद्ध को खत्म करने के मुख्य टारगेट पर काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अहम जलमार्ग में व्यापार को निर्बाध रूप से फिर से शुरू करने के लिए ईरान पर दबाव डालना चाहिए। अधिकारियों के मुताबिक अगर यह नाकाम रहता है तो वाशिंगटन यूरोप और खाड़ी में अपने सहयोगियों पर होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने में मदद करने के लिए दबाव डालेगा।
ईरान का दुनिया के अहम ऊर्जा मार्ग पर बना रहेगा नियंत्रण
बता दें कि कुछ दिनों पहले तक अमेरिका के लिए स्ट्रैट ऑफ होर्मुज को खोलना बहुत जरूरी लक्ष्य था, लेकिन अब ट्रंप का रुख बदल गया है और वे बिना इसे पूरी तरह खोले भी युद्ध खत्म करना चाहते हैं। वहीं ईरान इस जलमार्ग को घेरे हुए है और इसकी वजह से पूरी दुनिया में तेल-गैस के लिए हाहाकार मचा हुआ है। इस बदलाव से ईरान का दुनिया के इस सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्गों में से एक पर नियंत्रण बना रह सकता है। इस रास्ते में रुकावट के कारण दुनिया भर में तेल सप्लाई और कीमतों पर असर पड़ता रहेगा क्योंकि इसी रास्ते से दुनिया का 20 फीसदी तेल-गैस आता है।





Mar 31 2026, 12:51
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