भारत की बड़ी कूटनीतिक जीत! ईरान ने खोल दिया होर्मुज स्ट्रेट, अब बिना रोक-टोक गुजरेंगे जहाज*
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ईरान में जंग तेज होता जा रहा है। ईरान-अमेरिका के बीचा सीजफायर के आसार बनते नहीं दिख रहे हैं। होर्मुज संकट अब भी बरकरार है। दुनियाभर के जहाजों के लिए ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का रास्ता बंद कर रखा है। इससे पश्चिम एशिया में ईंधन का संकट गहराता जा रहा है। हालांकि, इस बीच ईरान ने भारत के लिए होर्मुज स्ट्रेट खोल दिया है।
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ईरान ने बुधवार को ही यह साफ कर दिया था कि वह मित्र देशों के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य खोल रहा है। भारत में ईरान के कॉन्सुलेट जनरल ने गुरुवार को ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची के हवाले से यह जानकारी दी है। मुंबई स्थित ईरान के कॉन्सुलेट जनरल ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में ईरान के फैसले की जानकारी दी।
भारत समेत पांच देशों को राहत
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा, 'हमने होर्मुज स्ट्रेट से चीन, रूस, भारत, इराक और पाकिस्तान को गुजरने की अनुमति दी है।' क्षेत्र में जारी संघर्ष के बावजूद भारत के साथ-साथ रूस, चीन, पाकिस्तान और इराक के जहाजों को इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से सुरक्षित मार्ग प्रदान किया गया है. इस तरह से पांच देशों के लिए ईरान ने होर्मुज का दरवाजा खोल दिया है।
होर्मुज जलडमरूमध्य दुश्मन देशों के लिए बंद
यह बयान उस समय आया है, जब ईरान ने कहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य दुश्मन देशों के लिए बंद है, लेकिन मित्र देशों के जहाज़ों को गुजरने दिया जा रहा है। उन्होंने संकेत दिया कि जिन देशों को शत्रु माना जाता है या जो मौजूदा संघर्ष में शामिल हैं, उनसे जुड़े जहाजों को जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका, इजरायल और कुछ खाड़ी देशों के जहाज, जो वर्तमान संकट में भूमिका निभा रहे हैं, उन्हें जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने होर्मुज खोलने की अपील की
संयुक्त राष्ट्र (यूएन)के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने भी होर्मुज स्ट्रेट खोलने के आह्वान किया था। गुटेरेस ने कहा था, 'होर्मुज जलडमरूमध्य का लंबे समय तक बंद रहना, वैश्विक बुवाई के मौसम के एक बहुत ही खास मोड़ पर तेल, गैस और उर्वरक की आवाजाही को बाधित कर रहा है। सभी क्षेत्र और उससे भी आगे सामान्य लोग गंभीर मुश्किलें झेल रहे हैं और बहुत ज्यादा असुरक्षा के माहौल में जी रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र युद्ध के प्रभावों को कम करने की कोशिश कर रहा है। और इसके प्रभावों को कम करने का सबसे आसान तरीका है, युद्ध बंद हो- तुरंत।'
भारत के लिए राहत भरी खबर
ईरान के इस फैसले से भारत को बड़ी राहत मिली है, क्योंकि भारत का काफी तेल इसी रास्ते से आता है। अगर यह रास्ता बंद रहता, तो पेट्रोल-डीजल महंगे हो सकते थे। ईरान ने पहले भी साफ किया था कि गैर-शत्रुतापूर्ण जहाज (यानी जो ईरान के खिलाफ नहीं हैं) इस रास्ते से गुजर सकते हैं, लेकिन अब यह नियम और सख्त कर दिया गया है, हर जहाज को पहले अनुमति और सुरक्षा नियमों का पालन करना होगा।






5 hours ago
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