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*अमेरिका से कृषि उत्पादों के आयात पर रोक की मांग: भदोही में किसानों ने किया प्रदर्शन, डीएम को सौंपा ज्ञापन*

रिपोर्ट -नितेश श्रीवास्तव

भदोही। उत्तर प्रदेश किसान सभा ने कलेक्ट्रेट पर जोरदार प्रदर्शन किया। किसानों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा।किसान सभा के जिला अध्यक्ष पंधारी यादव ने कहा कि कृषि उत्पादों का बढ़ता आयात भारतीय किसानों की आजीविका को नष्ट कर रहा है। उन्होंने कहा कि अमेरिका स्थित बहुराष्ट्रीय कंपनियां भारतीय बाजार पर अपना अधिकार स्थापित कर रही हैं।

किसानों की प्रमुख मांगें हैं:

- अमेरिका से कृषि उत्पादों के आयात पर रोक लगाई जाए

- भारतीय भूमि पर अमेरिकी सैनिक विमानों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगाया जाए

- किसानों का आर्थिक शोषण बंद किया जाए प्रदर्शन में जिला मंत्री भूलाल पाल, राजेश कुमार, नंदलाल, शंकर लाल मौर्य, बंसराज सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे। सभी ने एकजुट होकर अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाई।

महाकुंभ से जुड़े जेल के कैदी: भदोही जेल में 409 बंदियों ने त्रिवेणी संगम के पवित्र जल से किया स्नान

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जेल की सलाखों में कैद बंदियों को महाकुंभ के आध्यात्मिक समागम से जोड़ने के लिए जेल प्रशासन ने अनूठा प्रयास किया है। कालीन नगरी के रूप में प्रसिद्ध भदोही के जिला कारागार ज्ञानपुर में निरुद्ध बंदियों को त्रिवेणी के पवित्र संगम जल से स्नान कराया गया है। जेल प्रशासन द्वारा संगम से पवित्र जल को जेल में मंगवाया गया था। शुक्रवार को जल भरे कलश की जेल अधीक्षक अभिषेक कुमार सिंह व जेलर आदि द्वारा विधि-विधान से पूजा अर्चना की गई। उसके बाद वैदिक मंत्रोच्चार के बीच जेल बंदियों ने संगम के पवित्र जल स्नान किया। स्नान को लेकर बंदियों में बेहद उत्सुकता और आस्था का भाव नजर आया। बंदी 'हर हर गंगे', और 'हर हर महादेव' के नारे लगाते रहे।

जेल अधीक्षक अभिषेक कुमार सिंह ने कहा कि "त्रिवेणी संगम से लाए गए पवित्र जल से सभी बंदियों का स्नान कराया गया है। जिससे वे भी महाकुंभ की आस्था और पुण्य के इस महापर्व और समागम से जुड़ सकें। इसके लिए शासन स्तर से निर्देश प्राप्त हुए थे। ज्ञानपुर की जेल में अभी कुल 409 बंदी निरुद्ध हैं, प्रयास करके सभी को इससे जोड़ा जा रहा है। कहा कि विश्वास है कि इस कार्यक्रम से जेल में एक अच्छा वातावरण निर्मित होगा। और बंदियों में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा।"

यूपी के भदोही में मौजूद है अनोखा शिव मंदिर, जहां साल में 3 बार रंग बदलता है शिवलिंग

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। भारत में देवी-देवताओं के ऐसे हजारों मंदिर हैं, जो किसी न किसी चमत्कार और रहस्यों के लिए प्रसिद्ध हैं. इसी तरह देश में भगवान शिव के भी ऐसे कई मंदिर हैं, जो उनकी लीलाओं का वर्णन करते है. कहते हैं कि भगवान शिव के कई रूप और कई नाम हैं. अलग-अलग शिवालयों में हमें यह देखने को भी मिलता है. इन शिव मंदिरों का अपना इतिहास है। कई प्राचीन शिव मंदिर अनोखे और बेहद अदभुत हैं. उन्हीं में से एक यूपी के भदोही जिले का तिलेश्वरनाथ मंदिर है. इसका अलग आध्यात्मिक और ऐतिहासिक महत्व है. इस मंदिर का अनोखा शिवलिंग मौसम के साथ अपना रंग बदलता है. इतना ही नहीं बल्कि त्वचा का भी विसर्जन करता है. महाशिवरात्रि में यहां भक्तों की भीड़ उमड़ती है। मंदिर में महाशिवरात्रि को लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई है।

यह अदभुत शिवलिंग भदोही के गोपीगंज स्थित तिलेश्वरनाथ मंदिर का है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, द्वापर युग के महाभारत काल में पांडवो ने अज्ञातवास के दौरान इस शिवलिंग की स्थापना की थी. तभी से रंग बदलने वाले अनोखे रूप के कारण यह शिवलिंग आस्था का केंद्र बना है. मान्यताओं के अनुसार इस शिवलिंग में प्राण-प्रतिष्ठा करते समय अर्जुन ने तीर चलाया था, जिसमें कुबेर ने सोने-चांदी की बारिश की थी. जिसका उल्लेख धार्मिक ग्रंधो में भी मिलता है. जब इस मंदिर का विशाल निर्माण कराने के लिए भक्तों ने खुदाई की थी, उस समय खुदाई में सोने-चांदी के सिक्के भी मिले थे. मान्यता है कि इस शिवलिंग पर जलाभिषेक और दुग्धाभिषेक करने से सभी मुरादें पूरी होती हैं. सावन के महीने में दूर-दूर से भक्त यहां तिलेश्वरनाथ की पूजा-अर्चना करने आते हैं।

माना जाता है कि साल भर में यह शिवलिंग तीन बार अपना रंग बदलता है. यह गर्मियों में गेहुंआ, सर्दियों में भूरा और सावन में काले रंग का होता है. बता दें कि यह शिवलिंग साल में एक बार त्वचा भी बदलती है. रंग बदलते तो सबको दिखता है लेकिन त्वचा को बदलते किसी को नहीं दिखता है। इस मंदिर का शिवलिंग तिल के समान बढ़ता है इसीलिए इसका नाम तिलेश्वरनाथ रखा गया है. पांडवों द्वारा निर्मित इस मंदिर के विषय में कहा जाता है।

माता पार्वती के साथ विराजमान हैं महादेव, भदोही नगरवासियों कहते हैं, कुएं वाला बाबा

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। वाराणसी, प्रयागराज और विंध्यक्षेत्र के मध्य विराजमान बाबा सेमराध नाथ धाम में महादेव मां पार्वती के साथ विराजमान हैं। जिला मुख्यालय से 25 किमी दक्षिण जंगीगंज सेमराध गंगातट पर स्वयंभू बाबा सेमराध नाथ जमीन से 17 फीट नीचे कुएं में विराजमान हैं।सेमराधनाथ धाम में हर महीने हजारों श्रद्धालु दर्शन को पहुंचते हैं, लेकिन महाशिवरात्रि में यह संख्या लाखों में पहुंच जाती है। मान्यता है कि इस समय भगवान विष्णु सयन में रहते हैं। इसलिए सृष्टि के संचालन का कार्य भगवान शिव के हाथ में होता है।

जलाभिषेक पूजन दर्शन रुद्राभिषेक आदि का विशेष महत्व है। बाबा सेमराध नाथ अनादीकाल से विराजमान हैं। सेमराध नाथ मंदिर के प्रधान पुजारी सचिन गोस्वामी ने बताया कि एक बार नाव से व्यापार होने के कारण किसी व्यापारी की नाव यहां आकर रात्रि विश्राम के लिए रुक गई। महादेव ने उसे स्वप्न में दर्शन देकर अपने उपस्थिति का आभास दिया। व्यापारी ने स्वप्न में दिखी इस जगह पर जब खुदाई करवाई तो भगवान शिव की मूर्ति दिखाई पड़ी। मान्यता है कि व्यापारी महादेव के शिवलिंग को अपने साथ ले जाना चाहता था, इसलिए खुदाई शुरू कराई। जैसे-जैसे खुदाई होती, वैसे-वैसे महादेव का शिवलिंग अंदर समाता जाता। जिसके बाद उसने वहीं महादेव की स्थापना की। यहीं कारण है महादेव का यह शिवलिंग जमीन से 17 फीट नीचे कुएं में विराजमान हैं।

केंद्र के प्रस्तावित कानून के खिलाफ कलेक्ट्रेट पर धरना, पीएम को भेजा ज्ञापन

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जिला सत्र न्यायालय के अधिवक्ताओं ने डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रभाकर तिवारी के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट पर धरना-प्रदर्शन किया। अधिवक्ताओं ने केंद्र सरकार के प्रस्तावित कानून का विरोध किया। वकीलों का कहना है कि धारा 33 उन्हें दूसरे स्थानों पर वकालत करने से रोकती है। धारा 35 के जरिए उनकी आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। झूठी शिकायतों के आधार पर वकालत का अधिकार छीनने और अनावश्यक जुर्माना लगाने का प्रावधान स्वीकार्य नहीं है।अधिवक्ताओं ने बताया कि उन्हें किसी संस्था से वेतन नहीं मिलता।

ऐसे में उनके खिलाफ शिकायत पर कार्रवाई करना न्यायसंगत नहीं है। प्रस्तावित बिल में वकीलों के प्रोटेस्ट के अधिकार को सीमित कर छुट्टी के दिनों तक रखा गया है। बिल में अधिवक्ता की परिभाषा में 'लीगल प्रोफेशनल' शब्द जोड़ा गया है। इससे कोई भी लॉ ग्रेजुएट, चाहे वह व्यापारी हो या नौकरीपेशा, बार के चुनाव में भाग ले सकेगा।अधिवक्ताओं ने नारेबाजी के साथ जोरदार प्रदर्शन किया। उन्होंने प्रस्तावित बिल को वापस लेने की मांग को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। इस दौरान बड़ी संख्या में वकील मौजूद रहे।

महाशिवरात्रि पर 60 साल बाद बन रहा खास संयोग

-नितेश श्रीवास्तव

भदोही। शिव-शक्ति के मिलन का महापर्व शिवरात्रि फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी में 26 फरवरी बुधवार को मनाया जाएगा। इस दिन श्रवण व धनिष्ठा नक्षत्र का युग्म संयोग, परिघ योग एवं शिव योग के विशेष संयोग के साथ मकर राशि के चन्द्रमा की उपस्थिति रहेगी। महाशिवरात्रि पर वर्ष 1965 के बाद सूर्य, बुध व शनि ये तीनों ग्रह के कुंभ राशि में विद्यमान होने से त्रिग्रही योग का संयोग बन रहा है। सात साल बाद बुधवार के दिन का संयोग रहेगा। करीब 31 वर्ष बाद महाशिवरात्रि पर बुधादित्य योग भी रहेगा। ग्रहों-गोचरों का यह संयोग आध्यात्मिक उन्नति और प्रतिष्ठा में वृद्धि प्रदान करेगा। महाशिवरात्रि के दिन शुभ संयोग व शुभ मुहूर्त में भगवान शिव के साथ माता पार्वती की पूजा-आराधना करने से श्रद्धालुओं की मनोवांछित कामना की प्राप्ति होगी।

महादेव की पूजा यथा श्रद्धा, यथा प्रहर, यथा स्थिति व यथा उपचार के अनुसार करना चाहिए। चार प्रहर की साधना से जातक को धन, यश, प्रतिष्ठा और समृद्धि प्राप्त होती है। सूर्य व शनि पिता-पुत्र है और सूर्य शनि की राशि कुंभ में रहेंगे। इस प्रबल योग में भगवत साधना करने से आध्यात्मिक, धार्मिक उन्नति होती है।वही सूर्य-बुध के केंद्र त्रिकोण का योग पराक्रम व प्रतिष्ठा को बढ़ाने के लिए सहायक सिद्ध होगा।पौराणिक कथा के अनुसार, फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि पर भगवान शिव और मां पार्वती का विवाह हुआ था। इसलिए हर वर्ष फाल्गुन माह की चतुर्दशी तिथि को महाशिवरात्रि के रूप में मनाया जाता है। इस खास अवसर पर देशभर में शिव मंदिरों में महादेव की पूजा विशेष पूजा-अर्चना होती है। साथ ही महाभिषेक किया जाता है। इसके अलावा शिव भक्त महादेव की बारात निकालते हैं। धार्मिक मान्यता है कि महाशिवरात्रि पर शिव जी की उपासना और व्रत करने से विवाह में आ रही बाधा से छुटकारा मिलता है और जल्द विवाह के योग बनते हैं।

जिले में शिवभक्तों की आस्था का प्रमुख केन्द्र बाबा बड़े शिव मंदिर का इतिहास 16वीं शताब्दी से जुड़ा हुआ है। मंदिर परिसर का सुरम्य वातावरण हर किसी को आकर्षित करता है। शायद यहीं कारण है कि यह मंदिर परिसर निर्माण काल से ही साधकों की साधना स्थली रही है। यहां मोरंग के राजा के साथ ही मौनी स्वामी ने यहां सालों तक साधना की है। वहीं आज भी जनवरी-फरवरी माह के दौरान नागा साधु एक महीने तक यहां रूक कर भोलेनाथ की साधना करते हैं। मान्यता है कि भक्तों की मनोकामना पूरी करने वाले बाबा बड़े शिव के दर्शन से ही सारे कष्ट दूर हो जाते हैं।मंदिर के मुख्य पुजारी शंकाराचार्य दूबे बताते हैं कि मंदिर का निर्माण कार्य लगभग 16वीं शताब्दी में हुआ था। तब मंदिर के चारों ओर घनघोर जंगल हुआ करता था। जिसमें पलाश के वृक्षों की बहुतायत थी। ऐसा बताया जाता है कि एक बार अयोध्या के राजा शिकार करने जंगल में आये थे। वे भूख प्यास से व्याकुल थे, तो एक साधु ने उनको दर्शन दिया और उनकी क्षुधा शांत करने के बाद अंतर्ध्यान हो गए।

मान्यता है कि जहां साधु ने उन्हें दर्शन दिया था। उसी स्थान पर राजा ने एक शिवलिंग की स्थापना की। कालांतर में शिवलिंग जमीन के अंदर चला गया। एक दिन नगर के एक धार्मिक व्यक्ति के घर सर्प आया। सर्प को देख आसपास के लोग उसे मारने को दौड़ पड़े, लेकिन उस व्यक्ति ने उन्हें रोकते हुए जिस ओर नाग देवता चले। अनायास ही उसी ओर चल पड़े। जंगल में पहुंचने के बाद सर्प एक जगह पर अपना फन पटकने लगा। जहां खुदाई की गई तो भोलेनाथ के शिवलिंग का दर्शन हुआ। उसके बाद से ही यह लोगों की आस्था का प्रमुख केन्द्र हो गया। साधु-संतों को भी आकर्षित करता है। इस मंदिर की एक और खासियत है। मंदिर के चारों तरफ हनुमान जी मूर्ति विराजमान है। मंदिर के ठीक सामने एक प्राचीन तालाब है। जिसमें कमल पुष्प सुशोभित होते हैं। इसके अलावा चारों तरफ घने पेड़ों का परिक्षेत्र है। यह साधकों को भी आकर्षित करती है। लगभग 60 वर्ष पूर्व मोरंग के राजा, जो राजा बाबा के नाम से प्रसिद्ध हुए। इस स्थान को अपनी तपस्थली बनाई। इसी तरह मौनी स्वामी ने भी यहीं पर पीपल के वृक्ष के नीचे साधना की। पीपल का वृक्ष आज भी है। जनवरी-फरवरी में महाकुंभ के समय नागा साधु एक महीने तक मंदिर पर प्रवास कर साधना करते हैं।

सौ शैय्या अस्पताल में जल्द जाएंगे विशेषज्ञ डॉक्टर

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। सौ शैय्या अस्पताल में जल्द ही विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती होगी। अस्पताल में सर्जन, ईएनटी, फिजिशियन, स्किन के चिकित्सकों की तैनाती के लिए शासन को पत्र भेजा गया है। इससे यहां स्वास्थ्य सुविधाएं बेहतर होने की उम्मीद बढ़ गई है। अस्पताल में कुल 34 चिकित्सक सहित दो पैथोलॉजी तैनात हैं। अस्पताल में डॉक्टरों की कमी से मरीजों को परेशानी होती है। सरपतहां में सौ शैय्या अस्पताल की नींव रखी गई थी। करीब 14 करोड़ की लागत वाला अस्पताल भ्रष्टाचार के कारण समय से पूरा हो सका।

लेकिन शासन के निर्देश पर 2002 में ओपीडी शुरू कर दी गई। यहां हर दिन औसतन 125 से 150 मरीजों की ओपीडी होती है। अस्पताल में ढाई करोड़ की लागत से चार अधूरे बिल्डिंग को पूर्ण कराने का निर्माण कार्य धीमी गति से प्रगति पर है। हालांकि क‌ई विधा के विशेषज्ञ डॉक्टर के न होने के कारण मरीजों को अस्पताल से वापस लौटना पड़ता है। अस्पताल प्रशासन ने अब विशेषज्ञों की तैनाती के लिए पहल शुरू कर दी है। इसके लिए शासन स्तर पर पत्राचार किया गया है। चिकित्सकों की कमी से जूझ रहे सौ शैय्या अस्पताल के स्वास्थ्यकर्मी भी लापरवाह है। पिछले दिनों अस्पताल में डीएम विशाल सिंह के निरीक्षण में बड़ी संख्या में चिकित्सक और स्वास्थकर्मी अनुपस्थित मिले थे। डीएम ने सख्त हिदायत के बाद भी उनकी कार्यशैली नहीं बदली।

अस्पताल में प्रतिदिन सुविधाएं बेहतर हो रही है। सर्जन,ईएनटी फिजिशियन आदि विशेषज्ञ की तैनाती को लेकर प्रशासन को पत्र भेजा गया है।

एसके पासवान सीएमएस सौ शैय्या अस्पताल सरपतहां

*03 ग्राम प्रधान,01 बीडीसी उप चुनाव मतदान स्वतंत्र,निष्पक्ष व पारदर्शी ढंग से डीएम,एसपी के नेतृत्व में हुआ पूर्ण*

रिपोर्ट -नितेश श्रीवास्तव

भदोही। त्रिस्तरीय पंचायत उप चुनाव 2025 मतदान स्वतंत्र,निष्पक्ष व पारदर्शी ढंग से जिला निर्वाचन अधिकारी विशाल सिंह के कुशल मार्गदर्शन व पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक के नेतृत्व में शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक द्वारा स्वयं अपर पुलिस अधीक्षक डॉ तेजवीर सिंह, उप जिलाधिकारी अरुण गिरी, पुलिस अधीक्षक चमन सिंह चावड़ा व तहसीलदार अजय सिंह के साथ विकासखंड डीघ के ग्राम पंचायत बनकट एवं विकासखंड ज्ञानपुर के बनकट ज. छनौरा आदि निर्वाचन क्षेत्रों के मतदान केंद्रों का सतत निगरानी करते हुए मतदान प्रक्रिया की शुचिता को सुनिश्चित किया। इसी क्रम में औराई उप जिलाधिकारी बरखा सिंह व तहसीलदार सुनील कुमार द्वारा ग्राम पंचायत सराय बाबू एवं भदोही उप जिलाधिकारी श्याममणि त्रिपाठी व तहसीलदार संजय कुमार द्वारा सुरियावा वार्ड संख्या 41 के मतदान केंदों का निगरानी करते हुए शांतिपूर्ण ढंग से मतदान प्रक्रिया को संपन्न कराया।सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी डी एस शुक्ला ने जानकारी देते हुए बताया कि 03 ग्राम प्रधान, विकासखंड डीघ में ग्राम पंचायत बनकट में 45.83 प्रतिशत, औराई में ग्राम पंचायत सरायबाबू में 59.71, ज्ञानपुर में ग्राम पंचायत बनकट ज.छनौरा 59.79एवं 01 पद सदस्य क्षेत्र पंचायत हेतु सुरियावा के वार्ड संख्या 41 में 38.29 प्रतिशत मतदान प्रातः 7 से शाम 5 बजे तक पड़ा। मतगणना 21 फरवरी को प्रातः 8 बजे से संपादित होगा।सुबह मतदान केंद्र खुलने के साथ ही मतदाताओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं। पुरुषों के साथ-साथ महिलाओं और बुजुर्ग मतदाताओं ने भी अपने मताधिकार का प्रयोग किया। चुनाव प्रक्रिया के दौरान कहीं से भी किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली। चुनाव की निगरानी के लिए पर्याप्त संख्या में पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी तैनात रहे। सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों के बीच मतदान शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न हुआ। मतदान समाप्ति के बाद सभी मत पेटिकाओं को सील कर स्ट्रांग रूम में सुरक्षित पहुंचा दिया गया है।

चुनाव अधिकारियों के अनुसार, मतगणना निर्धारित तिथि पर पूरी पारदर्शिता और सुरक्षा व्यवस्था के बीच संपन्न कराई जाएगी। जिला प्रशासन और राज्य चुनाव आयोग ने सफल और शांतिपूर्ण चुनाव प्रक्रिया के लिए ग्रामवासियों और चुनाव ड्यूटी में तैनात अधिकारियों,मतकार्मिकों को धन्यवाद दिया है। निरीक्षण में समस्त संबंधित तहसीलदार एवं खंड विकास अधिकारी संहित मतदान कार्मिक आदि उपस्थित रहे।

केंद्रिय बजट पर भाजपा प्रदेश मंत्री का बड़ा बयान: ज्ञानपुर में 12 लाख तक की आय पर नहीं लगेगा टैक्स

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। भाजपा जिला कार्यालय ज्ञानपुर में वित्त वर्ष 2025-26 के केंद्रीय बजट पर प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। प्रदेश मंत्री शंकर गिरी ने बजट की प्रमुख घोषणाओं पर चर्चा की।

उन्होंने कहा कि यह बजट विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। मोदी सरकार की 'सबका साथ, सबका विकास' की नीति के तहत समावेशी विकास पर जोर दिया गया है।बजट में छह प्रमुख क्षेत्रों - कराधान, ऊर्जा क्षेत्र, शहरी विकास, वित्तीय क्षेत्र, नियामक सुधार और खनन पर विशेष ध्यान दिया गया है।

मध्यम वर्ग को बड़ी राहत देते हुए 12 लाख रुपये तक की वार्षिक आय पर कोई कर नहीं लगेगा। एक लाख रुपये मासिक आय वालों की कर देयता शून्य होगी। नई कर व्यवस्था में 12 लाख की आय वाले करदाताओं को 80,000 रुपये का कर लाभ मिलेगा। 18 लाख की आय वालों को 70,000 रुपये का फायदा होगा। वरिष्ठ नागरिकों के लिए ब्याज पर कर कटौती की सीमा 50,000 से बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दी गई है। किराए पर टीडीएस की वार्षिक सीमा 2.40 लाख से बढ़ाकर 6 लाख रुपये की गई है। विदेशी प्रेषण पर कर संग्रह (टीसीएस) की सीमा 7 लाख से बढ़ाकर 10 लाख रुपये कर दी गई है।

53 केंद्रों पर पहुंची काॅपियां

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। यूपी बोर्ड की ओर से परीक्षा को लेकर जिले में करीब एक लाख से अधिक काॅपियों को भेजने का काम गत दिनों कर गया था। जिसका विवरण संबंधित परीक्षा केंद्रों पर किया जा रहा है। विभूति नारायण राजकीय इंटरमीडिएट कॉलेज के प्राचार्य अलोक तिवारी ने बताया कि काॅलेज में ही कापियों को रखा गया था। जहां से 94 परीक्षा केंद्रों में से पर कापियों को भेज दिया गया है। जिसमें भदोही एवं औराई तहसील में करीब - करीब काॅपियों का वितरण हो चुका है। बचे हुए केंद्र ज्ञानपुर तहसील के है। दो दिनों के अंदर समस्त स्थानों पर कापियों को पहुंचाने का काम कर दिया जाएगा।