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राष्ट्रपति मुर्मू ने फहराया तिरंगा, कर्तव्‍य पथ पर ऑपरेशन सिंदूर की झलक

#republicdaycelebration_parade

भारत आज अपना 77वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। देश की राजधानी दिल्ली में गणतंत्र दिवस समारोह का आयोजन किया गया। राष्ट्रपति मुर्मू ने तिरंगा फहराया। इस दौरान गणतंत्र दिवस समारोह की मुख्य अतिथि यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर और सैंटोस कोस्टा भी मौजूद रहे।

शुभांशु शुक्ला को मिला अशोक्र चक्र

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को अशोक चक्र से सम्मानित किया है। शुभांशु भारत के सबसे सम्मानित शांति काल का वीरता पुरस्कार पाने वाले पहले अंतरिक्ष यात्री बन गए हैं।

सेना के हेलिकॉप्टरों ने बनाई शानदार फॉर्मेशन

दिल्ली में कर्तव्य पथ पर 129 हेलीकॉप्टर यूनिट के चार Mi-17 1V हेलीकॉप्टरों द्वारा ध्वज फॉर्मेशन में फूलों की पंखुड़ियां बरसाई गई। हेलीकॉप्टरों के इस फॉर्मेशन का नेतृत्व ग्रुप कैप्टन आलोक अहलावत किया।

सेना ने किया भीष्म टैंक का प्रदर्शन

गणतंत्र दिवस परेड में भारत ने टी-90 टैंक का प्रदर्शन किया। इसे भारतीय सेना ने 'भीष्म' नाम दिया है। रूस में निर्मित तीसरी पीढ़ी का मुख्य युद्धक टैंक है। यह टैंक 2001 से भारतीय सेना का हिस्सा है और इसे राजस्थान, पंजाब में पाकिस्तान सीमा और लेह में चीन सीमा पर तैनात किया गया है। 2005 में इनकी बड़ी खेप भारत आई। शुरुआत में यह पूरी तरह रूसी तकनीक से बना था, लेकिन अब इसके कई पुर्जे भारत में ही बनाए जाते हैं। तमिलनाडु के अवाडी में इन टैंकों को तैयार किया जाता है।

ब्रह्मोस मिसाइल टुकड़ी ने कर्तव्य पथ पर किया मार्च

दिव्यास्त्र और अग्निबाण टुकड़ी ने परेड की। साथ ही रॉकेट टुकड़ी सूर्यास्त्र और ब्रह्मोस मिसाइल की टुकड़ी ने भी कर्तव्य पथ पर परेड की और हर भारतीय के सीने को गर्व से भर दिया। आकाश मिसाइल और ड्रोन शक्ति ईगल प्रहार ने कर्तव्य पथ पर मार्च किया। कर्तव्य पथ पर भारतीय सेना के पशु दस्ते ने मार्च किया, जिसका नेतृत्व कैप्टन हर्षिता यादव ने किया।

अरुणाचल स्काउट और राजपूत रेजीमेंट का मार्च

ऊंचे और पहाड़ी इलाकों पर युद्ध में विशेषज्ञा रखने वाले अरुणाचल स्काउट ने कर्तव्य पथ पर मार्च किया। इसके बाद सेना की राजपूत रेजीमेंट ने मार्च किया। यह सेना की सबसे पुरानी रेजीमेंट में से एक है। इसके बाद असम रेजीमेंट के जवानों ने मार्च किया। सेना की जम्मू कश्मीर लाइट इंफेंट्री के दस्ते ने मार्च किया। साथ ही कंबाइंड मिलिट्री बैंड ने मार्च किया, जिसका नेतृत्व सूबेदार एए खान ने किया। सिख लाइट इंफेंट्री के मार्चिंग दस्ते ने कर्तव्य पथ पर मार्च किया। इंडियन नेवी बैंड ने सामंजस्य और भव्यता को दिखाते हुए जय भारती की धुन बजाई।

गणतंत्र दिवस को लेकर दिल्ली पुलिस अलर्ट, अल कायदा के आतंकवादी का पोस्टर जारी

#delhipolicesalertpostersforrepublic_day

गणतंत्र दिवस से पहले दिल्ली पुलिस सुरक्षा को लेकर सतर्क हो गई है। 26 जनवरी को होने वाले 77वें गणतंत्र दिवस समारोह से पहले दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सख्ती बढ़ा दी है। इसी के तहत अलर्ट करते हुए पोस्टर जारी किया है। इस पोस्टर में अल कायदा के आतंकवादी का तस्वीर जारी की है।

दिल्ली के एक आतंकवादी की तस्वीर भी जारी

गणतंत्र दिवस से पहले दिल्ली पुलिस जो पोस्टर जारी किया है, उसमें 6 आतंकवादियों को दिखाया गया है। इन पोस्टरों में पहली बार दिल्ली के एक आतंकवादी की तस्वीर लगाई गई है। यह आतंकवादी मोहम्मद रेहान है, जो अल-कायदा इन द इंडियन सबकॉन्टिनेंट (AQIS) से जुड़ा हुआ है। पुलिस और खुफिया एजेंसियां उसे काफी समय से ढूंढ रही हैं। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, मोहम्मद रेहान एक वांटेड आतंकवादी है।

खुफिया एजेंसियों से मिले खतरे के इनपुट्स

दिल्ली पुलिस के अनुसार, खुफिया एजेंसियों से मिले कई आतंकी खतरे के इनपुट्स को देखते हुए कर्तव्य पथ और पूरे नई दिल्ली जिले में अत्याधुनिक तकनीक आधारित बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है।

चेहरा पहचानने वाली एडवांस्ड तकनीक

गणतंत्र दिवस के लिए सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के तहत दिल्ली पुलिस एकीकृत चेहरा पहचान प्रणाली (एफआरएस) से लैस ‘स्मार्ट चश्मे’ का उपयोग करेगी। एक अधिकारी ने बुधवार को कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) से लैस ये उपकरण अपराधियों और संदिग्धों के पुलिस डेटाबेस से जुड़े होंगे, जिससे जमीनी स्तर पर तैनात कर्मियों को उनकी तुरंत पहचान करने में मदद मिलेगी।

ऊंची इमारतों पर स्नाइपर टीमों की तैनाती

गणतंत्र दिवस के दिन करीब 10 हजार पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे और अब तक जमीन पर 9 बार ब्रीफिंग और रिहर्सल की जा चुकी है। सुरक्षा के तहत एंटी-ड्रोन यूनिट्स को हवाई निगरानी के लिए तैनात किया गया है, वहीं ऊंची इमारतों पर स्नाइपर टीमों की भी तैनाती की गई है। किसी भी संभावित खतरे को रोकने के लिए होटल, गेस्ट हाउस, किरायेदारों और घरेलू सहायकों का व्यापक सत्यापन अभियान भी चलाया जा रहा है।

कांग्रेस के पूर्व मंत्री का चौंकाने वाला बयान, कहा-पार्टी अपनी जमीन खो दी, पीएम को लेकर कह दी बड़ी बात

#pmdoeseverythingwrongisincorrectsaysexcongressleaderashwani_kumar

पू्र्व केंद्रीय मंत्री और पूर्व कांग्रेस नेता अश्विनी कुमार ने चौंकाने वाला बयान दिया है। अश्विनी कुमार ने एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि कांग्रेस के बिना देश में एक असरदार विपक्ष की कल्पना नहीं की जा सकती है। लेकिन पार्टी ने देश में कहीं न कहीं अपनी जमीन खो दी है। उन्होंने कहा कि पार्टी के फिर से खड़ा करना एक बड़ी जिम्मेदारी है। इसके साथ ही अश्विनी कुमार ने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि कोई भी प्रधानमंत्री सबकुछ गलत ही करता है

कांग्रेस को खुद को मजबूत करना एक राष्ट्रीय दायित्व- अश्विनी कुमार

कांग्रेस सरकार में कानून एवं न्याय मंत्री रहे अश्विनी कुमार ने शुक्रवार को अपनी किताब 'Guardians of the Republic' के विमोचन के दौरान कुमार स्वीकार किया कि कांग्रेस पार्टी के बिना कोई मज़बूत विपक्ष नहीं हो सकता है, लेकिन साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अब पार्टी कहीं न कहीं अपनी पकड़ खो चुकी है।कुमार ने आगे कहा, कांग्रेस के लिए खुद को मजबूत करना अब एक राष्ट्रीय दायित्व बन गया है।

प्रधानमंत्री सब गलत नहीं कर रहे- अश्विनी कुमार

पूर्व कांग्रेस नेता ने कहा, आपको छोटे विचारों की नहीं बल्कि आत्मा की विशालता और दिल की उदारता की जरूरत है। यह नेतृत्व का गुण पूर्व पीएम मनमोहन सिंह और जवाहरलाल नेहरू में था। कुमार ने कहा, वो यह नहीं मानते हैं कि किसी भी प्रधानमंत्री के किए गए सभी कार्य गलत ही होते हैं। पूर्व मंत्री ने आगे कहा, यह धारणा कि यह सरकार सब कुछ गलत कर रही है या ये प्रधानमंत्री सब गलत कर रहे है, यह सही नहीं है।

कांग्रेस को दे दी नसीहत

कुमार ने कहा कि अगर ईवीएम गलत है तो आप घोषणा कर दें कि हम ईवीएम पर चुनाव नहीं लड़ेंगे या जहां सरकार बनी है वहां से इस्तीफा दें तब कांग्रेस का नरेटिव मज़बूत होगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में कई संवैधानिक मुद्दे तो हैं लेकिन कांग्रेस उसको अच्छे तरीके से नहीं उठा पा रही है। कुमार ने कहा कि बिहार के नतीजे बता रहे हैं कि कांग्रेस ने ठीक से मुद्दे नहीं उठाए या तो ये सारे मुद्दे उठाने के लिए वक्त नहीं ठीक था। उन्होंने कहा या आप वो संदेश नहीं जनता को दे पाए।

Shaiju Mon K T – The Rising Face of Lead Generation and Meta Ads Strategy for Kerala’s Local Businesses

Thrissur, Kerala – August 1, 2025:

In a world where digital marketing has become the backbone of business growth, a name that's rapidly gaining prominence across Kerala and Tamil Nadu is Shaiju Mon K T, a trusted Lead Generation Consultant and Meta Ads Specialist from Thrissur. As the co-founder of Click Crafters Technology, Shaiju has helped countless small businesses overcome declining footfall and ineffective traditional marketing methods by leveraging the power of targeted Facebook and Instagram ads.

A Local Expert for Local Growth

Operating from Kodakara in Thrissur, Shaiju Mon’s campaigns are tailored for local markets — from the bustling streets of Kochi to the serene outskirts of Palakkad and the growing commercial hubs of Coimbatore. His expertise lies in designing result-oriented Meta Ad campaigns that help small businesses get quality leads, increased visibility, and actual sales from social media platforms.

“With so many businesses still relying on posters and newspaper ads, the digital gap is real,” says Shaiju. “I help fill that gap by creating campaigns that speak directly to your audience — in their language, in their region, at the right time.”

Industries That Trust Him

Shaiju's work spans across industries, including:

Bridal Makeup Artists in Coimbatore and Trichy

Healthcare Clinics in Thrissur and Coimbatore

Retail & Fashion Stores in Palakkad and Calicut

Real Estate Consultants in Kochi

Tuition Centers, Travel Agencies, and E-commerce brands across Kerala and Tamil Nadu

His campaigns are multilingual — executed in Malayalam, Tamil, English, Hindi, and Urdu — to reach deep into hyperlocal communities.

Case Studies of Success

Keva Hair Care Clinic, Coimbatore:

A 50% OFF campaign on hair treatments brought in 750+ verified leads in 2 weeks, with a 40% surge in walk-ins.

Varshine Bridal Makeup, Tamil Nadu:

Geo-targeted bridal makeup ads delivered steady bookings, even during off-season months.

Aysha’s Marketplace, Thrissur:

An Instagram-focused profile visit campaign attracted 35+ highly engaged organic followers in two weeks, all from Kerala.

Technical Mindset Meets Creative Strategy

Shaiju’s journey into digital marketing is both unique and inspiring. A graduate in Automobile Engineering from Hindusthan College in Coimbatore, his career began in operations and technical roles at Janatics India and Nolte India. However, after relocating to the UAE in 2019, Shaiju’s passion shifted to digital strategy. Armed with certifications from Google, HubSpot, and LinkedIn, he built his own agency, Click Crafters Technology, in 2022.

Services That Deliver Real ROI

As a full-service Meta Ads Consultant, Shaiju offers:

High-converting Facebook & Instagram ads

Customized audience targeting for Kerala/Tamil Nadu

Scroll-stopping visuals and ad copy in regional languages

Performance tracking and weekly reporting

Lead generation funnels with A/B testing

More importantly, Shaiju ensures every rupee spent turns into a measurable outcome, making digital marketing affordable for small businesses.

Why Businesses Choose Shaiju Mon K T

Proven Results across multiple sectors

Deep Regional Expertise in Kerala’s business landscape

Transparent Pricing with flexible budgets

Full Campaign Management from consultation to conversion

An Entrepreneur with Vision

Today, Shaiju is not just a marketer — he is a digital growth partner for dozens of brands across India, the UAE, and Canada. His analytical background, combined with creative execution, sets him apart as a reliable force in the Meta Ads industry.

He also served as a freelance inbound marketer for Republic Immigration Services, helping streamline client acquisition for international visa services through tailored campaigns.

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पीएम मोदी के साइप्रस दौरे का दूसरा दिन, जानें भारत के लिए क्यों है अहम

#pmmodivist_cyprus

प्रधानमंत्री मोदी कनाडा में जी-7 बैठक में भाग लेने आज कनाडा पहुंचेंगे। इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी दो देशों के कूटनीतिक यात्रा भी करेंगे। इनके दौरे में एक देश साइप्रस तो दूसरा क्रोएशिया है। प्रधानमंत्री मोदी कनाडा जाने से पहले साइप्रस पहुंचे। पीएम मोदी के साइप्रस दौरे का आज दूसरा दिन है। साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलिडेस राष्ट्रपति भवन में मोदी का स्वागत करेंगे। जिसके बाद वे प्रतिनिधिमंडल स्तर की चर्चा करेंगे। इसके बाद मोदी G7 समिट में हिस्सा लेने के लिए कनाडा रवाना हो जाएंगे।

व्यापार जगत के लोगों के साथ बैठक

पीएम मोदी रविवार दिन में साइप्रस की राजधानी निकोसिया पहुंचे थे। मोदी ने रविवार को साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलिडेस के साथ निकोसिया में व्यापार जगत के लोगों के साथ गोलमेज बैठक में हिस्सा लिया। उन्होंने बैठक में भारत और साइप्रस के व्यापार जगत के नेताओं को संबोधित किया। व्यापार, निवेश और रक्षा जैसे क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने का आह्वान किया, जिसमें विकास की अपार संभावनाएं हैं। व्यापार जगत के नेताओं को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने द्विपक्षीय संबंधों में विकास की अपार संभावनाओं पर प्रकाश डाला।

भारत के लिए क्यों अहम है साइप्रस?

साइप्रस, एक छोटा यूरोपीय देश होते हुए भी पश्चिम एशिया और यूरोप के बीच में स्थित होने के कारण रणनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील है। इसका उत्तरी हिस्सा 1974 से तुर्की के सैन्य कब्जे में है। उसे केवल तुर्की ही “Northern Cyprus Turkish Republic (NCTR)” के नाम से मान्यता देता है। दुनिया का बाकी कोई भी देश उसे वैध नहीं मानते हैं। पीएम मोदी ने जिस इलाके का दौरा किया है, वह ठीक उसी सीमा के नज़दीक है जहां से तुर्की ने कब्जा किया है। इससे साफ होता है कि यह कोई संयोग नहीं बल्कि एक साफ-साफ संदेश है।

स्वर्णमढ़ित 'बग्गी' का पुनरुद्धार: राष्ट्रपति मुर्मू और इंडोनेशियाई अतिथि को कर्तव्य पथ पर लाने में हुआ उपयोग

#therevialofthegoldplatedchariotusedinrepublicday_today

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और उनके इंडोनेशियाई समकक्ष प्रबोवो सुबियांटो, गणतंत्र दिवस के मुख्य अतिथि, को रविवार को पारंपरिक घोड़े से खींची जाने वाली ‘बग्गी’ में सवार होकर दिल्ली के कर्तव्य पथ पर लाया गया। 1984 में बंद की गई यह बग्गी पिछले साल वापस लौटी। इसने राष्ट्रपति मुर्मू और उनके फ्रांसीसी समकक्ष इमैनुएल मैक्रों, जो पिछले साल मुख्य अतिथि थे, को कर्तव्य पथ पर पहुंचाया।

परंपरा

सोने की परत चढ़ी, घोड़े से खींची जाने वाली यह बग्गी एक काले रंग की गाड़ी है, जिस पर सोने से राष्ट्रीय प्रतीक (चार शेर) उकेरे गए हैं। भारतीय और ऑस्ट्रियाई घोड़ों की मिश्रित नस्ल द्वारा खींची जाने वाली इस गाड़ी में सोने की परत चढ़ी रिम भी है। राष्ट्रपति, जो भारत के राष्ट्राध्यक्ष हैं, और मुख्य अतिथि को ले जाने वाली बग्गी को ‘राष्ट्रपति के अंगरक्षक’ या राष्ट्रपति के अंगरक्षक, भारतीय सेना की सबसे वरिष्ठ रेजिमेंट द्वारा अनुरक्षित किया जाता है।

बग्गी को क्यों बंद कर दिया गया था ?

ज्ञानी जैल सिंह ने 1984 में राष्ट्रपति बग्गी का इस्तेमाल किया था। उस वर्ष अक्टूबर में, तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की उनके अंगरक्षकों द्वारा हत्या कर दी गई थी। इसके कारण सुरक्षा कारणों से यह परंपरा बंद कर दी गई। इसके बाद राष्ट्रपति लिमोसिन में आने लगे, जब तक कि बग्गी को लगभग 40 साल बाद, जनवरी 2024 में वापस नहीं लाया गया।

2014 में, तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने बग्गी का इस्तेमाल किया, लेकिन बीटिंग रिट्रीट समारोह के लिए, जो 29 जनवरी को आयोजित किया जाता है, और गणतंत्र दिवस समारोह का समापन होता है। प्रणब मुखर्जी के उत्तराधिकारी रामनाथ कोविंद ने 2017 में शपथ लेने के बाद राष्ट्रपति की गाड़ी से गार्ड ऑफ ऑनर का निरीक्षण किया।

गणतंत्र दिवस

26 जनवरी को, राष्ट्र 1950 में इस तिथि पर संविधान के लागू होने का स्मरण करता है, जिसने 15 अगस्त, 1947 को ब्रिटिश शासन से स्वतंत्रता के लगभग तीन साल बाद भारत को एक लोकतांत्रिक गणराज्य बनाया। संविधान सभा द्वारा तैयार संविधान को 26 नवंबर, 1949 को अपनाया गया था। 26 जनवरी 1950 में इसे लागू किया गया, वही 1930 को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस द्वारा 'पूर्ण स्वराज' (पूर्ण स्वतंत्रता) की घोषणा के उपलक्ष्य में चुना गया था। दूसरी ओर, 26 नवंबर को संविधान दिवस के रूप में मनाया जाता है।

गणतंत्र दिवस पर वीरता पुरस्कारों का एलान, 942 जवानों को मिलेगा गैलेंट्री अवॉर्ड-सर्विस मेडल

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गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू कुल 942 पुलिस, अग्निशमन, नागरिक सुरक्षाकर्मियों को वीरता और सेवा पदक से सम्मानित करेंगी। ये पदक विभिन्न श्रेणियों में दिए जाएंगे, जिनमें 95 वीरता पदक भी शामिल हैं। इसके अलावा 101 जवानों को विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पदक और 746 जवानों को सराहनीय सेवा के लिए पदक से नवाजा जाएगा। शनिवार को जारी एक सरकारी बयान में इसकी जानकारी दी गई है।

जिन 95 जवानों को वीरता पुरस्कार मिलेगा, उनमें 78 पुलिसकर्मी हैं और 17 फायर विभाग के कर्मचारी हैं। वहीं, जिन 101 जवानों को विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पदक से सम्मानित किया जाएगा। इनमें 85 पुलिस सेवा, 05 अग्निशमन सेवा, 07 नागरिक सुरक्षा-होम गार्ड और 04 सुधार सेवा के जवानों के नाम शामिल हैं। इसके अलावा जिन 746 जवानों को सराहनीय सेवा के लिए गैलेंट्री अवॉर्ड दिया जाएगा, उनमें 634 अवॉर्ड पुलिस सेवा, 37 अग्निशमन सेवा, 39 पुरस्कार नागरिक सुरक्षा-होम गार्ड और 36 अवॉर्ड सुधार सेवा के जवानों को दिए जाएंगे।

गृह मंत्रालय के बयान के अनुसार, वीरता पुरस्कार विजेताओं में से 28 कर्मी नक्सलवाद प्रभावित क्षेत्रों में तैनात हैं। 28 जवान जम्मू कश्मीर क्षेत्र में और तीन पूर्वोत्तर क्षेत्र में सेवाएं दे रहे हैं। वहीं देश के अन्य हिस्से में सेवा दे रहे अन्य 36 कर्मचारियों को भी वीरता पुरस्कारों से सम्मानित किया जाएगा।

वीरता पदक, सेवा के दौरान वीरता के काम के लिए दिया जाता है, जिसमें जीवन और संपत्ति की रक्षा करना, अपराध को रोकना या अपराधियों को गिरफ्तार करना शामिल है। इसमें जोखिम का आकलन संबंधित अधिकारी के दायित्वों और कर्तव्यों के अनुसार किया जाता है। वहीं सेवा में विशेष काम के लिए 'विशिष्ट सेवा का राष्ट्रपति पदक' दिया जाता है। संसाधन और कर्तव्य के प्रति सराहनीय समर्पण के लिए 'सराहनीय सेवा पदक' से सम्मानित किया जाता है।

इंडोनेशियाई राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो भारत पहुंचे, गणतंत्र दिवस समारोह में बतौर मुख्य अतिथि हिस्सा लेंगे

#indonesiapresidentprabowosubiantoarrivesinindiaforrepublic_day

इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो राष्ट्र प्रमुख के रूप में भारत की अपनी पहली यात्रा पर दिल्ली पहुंच चुके हैं। सुबियांतो भारत के 76वें गणतंत्र दिवस समारोह के मुख्य अतिथि के रूप में दिल्ली आए हैं। इंडोनेशियाई राष्ट्रपति का हवाई अड्डे पर विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा ने स्वागत किया।

राष्ट्रपति सुबियांतो की इस यात्रा के दौरान कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण समझौते किए जाने की संभावना है। ये यात्रा भारत और इंडोनेशिया के बीच रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने का अवसर प्रदान करेगी। पिछले कुछ सालों में भारत और इंडोनेशिया के संबंधों में विशेष रूप से बढ़ोतरी देखने को मिली है।

गणतंत्र दिवस समारोह में भाग लेने वाले चौथे इंडोनेशियाई राष्ट्रपति

वह गणतंत्र दिवस समारोह में भाग लेने वाले चौथे इंडोनेशियाई राष्ट्रपति होंगे। इंडोनेशिया के पहले राष्ट्रपति सुकर्णो 1950 में भारत के पहले गणतंत्र दिवस समारोह के मुख्य अतिथि थे।इस अवसर पर इंडोनेशिया से 352 सदस्यीय मार्चिंग और बैंड दस्ता कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस परेड में भाग लेगा। ये पहली बार होगा जब इंडोनेशियाई मार्चिंग और बैंड दस्ता विदेश में राष्ट्रीय दिवस परेड में भाग लेगा।

रक्षा मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि इंडोनेशिया से 162 सदस्यों वाला मार्चिंग दस्ता और 190 सदस्यों वाला बैंड दल भी गणतंत्र दिवस परेड का हिस्सा होंगे। यह पहली बार है, जब इंडोनेशियाई दल किसी दूसरे देश के राष्ट्रीय परेड में भाग ले रहा है। यह दोनों देशों के बीच मजबूत सैन्य और सांस्कृतिक सहयोग का प्रतीक है।

ये समझौते हो सकते हैं

इंडोनेशिया भारत से ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलें खरीदने का इच्छुक है। ऐसे में सुबियांतो की यात्रा के दौरान इस आशय की घोषणा हो सकती है। वे शनिवार को पीएम मोदी के साथ वार्ता भी करेंगे। उनकी यात्रा के बारे में जानकारी रखने वाले कुछ लोगों ने बताया कि वार्ता में रक्षा और सुरक्षा, व्यापार और निवेश, स्वास्थ्य सेवा, ऊर्जा, कनेक्टिविटी, पर्यटन और द्विपक्षीय सहयोग की समीक्षा की जाएगी।

भारत-इंडोनेशिया रिश्ते

पिछले कुछ वर्षों में भारत-इंडोनेशिया संबंधों में तेजी आई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2018 में इंडोनेशिया की यात्रा की थी, जिस दौरान भारत-इंडोनेशिया संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी तक बढ़ाया गया। पिछले साल 19 नवंबर को प्रधानमंत्री मोदी ने रियो डी जनेरियो में जी20 शिखर सम्मेलन के मौके पर राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो से मुलाकात की थी।

इंडोनेशिया के राष्ट्रपति होंगे गणतंत्र दिवस पर चीफ गेस्ट, लेकिन पाकिस्तान को लेकर फंस रहा पेच

#indonesian_president_invited_as_republic_day_chief_guest_but_issue

इस बार भारत सरकार ने इंडोनेशियाई राष्ट्रपति प्रबावो सुबियांतो को गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया है। मगर अब तक सरकार की ओर से आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। इसी बीच इस मामले में एक पेच फंस गया है। पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि राष्ट्रपति सुबियांतो 26 जनवरी को पाकिस्तान भी जाएंगे।इस पेच को दूर करने में भारत सरकार जुटी है। इसको दूर करने के बाद ही उनके आधिकारिक भारत दौरे की घोषणा हो सकती है।

टाइम्स ऑफ इंडिया ने आधिकारिक सूत्र के हवाले से लिखा है कि सुबियंतो 26 जनवरी की परेड में मुख्य अतिथि होंगे। मगर अब तक यात्रा के बारे में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। आम तौर पर इस तरह की घोषणा महीनों पहले ही कर दी जाती है। घोषणा में देरी की वजह यह है कि पाक मीडिया में यह खबर है कि इंडोनेशियाई राष्ट्रपति 26 जनवरी को तीन दिवसीय यात्रा पर इस्लामाबाद पहुंच सकते हैं।

सुबियांतो को न्योते की बात भी पिछले साल नवंबर में सामने आ गई थी लेकिन आधिकारिक ऐलान में देरी हो रही है। इस देरी के बीच, पाकिस्तानी मीडिया में खबरें आईं कि इंडोनेशियाई राष्ट्रपति 26 जनवरी को तीन दिन की यात्रा के लिए इस्लामाबाद पहुंच सकते हैं। हालांकि, सुबियांतों को मनाने की चल रही कोशिशों के बीच सूत्रों का कहना है कि गणतंत्र दिवस पर मुख्य अतिथि तो सुबियांतो ही होंगे।

भारत ने हाल ही में दूसरे देशों के नेताओं को प्रोत्साहित किया है कि वे भारत यात्रा के दौरान पाकिस्तान को अपने कार्यक्रम में शामिल न करें और दोनों देशों के साथ अपने संबंधों को अलग-अलग रखें। ऐसा माना जा रहा है कि भारत ने इस मुद्दे को इंडोनेशिया के साथ कूटनीतिक रूप से उठाया है, और सुबियांतो को गणतंत्र दिवस समारोह के बाद सीधे इस्लामाबाद जाने से रोकने की कोशिश कर रहा है।

ऐसा माना जाता है कि भारतीय सैन्य परेड के तुरंत बाद इस्लामाबाद की यात्रा भारत के लिए नकारात्मक संकेत दे सकती है, खासकर पाकिस्तान के साथ सीमा पार आतंकवाद जैसे विवादित मुद्दों के चलते।

कर्तव्य पथ से आसमान की ओर उठीं सबकी निगाहें, दिखा भारतीय सेना का शौर्य और नारी शक्ति की झलक

#75threpublicday2024parade

देश 75वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कर्तव्य पथ पर सलामी मंच से राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इसके बाद राष्ट्रगान बजा और 21 तोपों की सलामी दी गई। 105 हेलीकॉप्टर यूनिट के 4 एमआई-17 से कर्तव्य पथ पर उपस्थित दर्शकों पर पुष्प वर्षा की गई। इसके बाद राष्ट्रपति मुर्मू के सलामी लेने के साथ परेड शुरू हुई।इस दौरान फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों और पीएम मोदी मौजूद रहे।इस बार फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों मुख्य अतिथि हैं। फ्रांस का मार्चिंग दस्ता भी परेड में शामिल हुआ।

आकाश में भारत के ताकत की गरज

परेड दस्ता में भारतीय वायुसेना दल में 144 वायुसैनिक और चार अधिकारी शामिल रहे। उनकी झांकी भारतीय वायु सेना की थीम ‘सक्षम, सशक्त, आत्मनिर्भर’ पर आधारित थी। झांकी में एलसीए तेजस और Su-30 को IOR के ऊपर उड़ान भरते हुए दिखाया गया।

कर्तव्य पथ पर नारी शक्ति का प्रदर्शन

कर्तव्य पथ पर नारी शक्ति का प्रदर्शन देखने को मिल रहा है. देश के हिंटरलैंड में तैनात महिला कर्मियों का प्रदर्शन देखने को मिला है. इंस्पेक्टर शहनाज खातून के हाथों में कमान है. शहनाज के साथ 13 और महिला कार्मिकों का दस्ता कर्तव्य पथ पर है. अभिवादन- फॉर्मेशन की कमान इंस्पेक्टर सोनिया बनवारी के हाथ में है. योग से सिद्धि- सीटी अनिता भारती और 7 कार्मिकों का फॉर्मेशन है.

चंद्रयान-3 की निकली झांकी

गणतंत्र दिवस के मौके पर परेड दस्ते में इसरो की कामयाबी की भी झलक देखने को मिली। परेड में इसरो भी शामिल हुआ। इस दौरान चंद्रयान-3 की झांकी निकाली गई। दक्षिणी ध्रुव के पास चंद्रयान-3 की सॉफ्ट लैंडिंग दिखाई गई। चंद्रयान-3 की झांकी देख दर्शकों के साथ केंद्रीय मंत्री भी उठ खड़े हुए। बता दें कि 23 अगस्त को राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस घोषित किया गया है।

पहली बार दिल्ली पुलिस की परेड में केवल महिला पुलिसकर्मी

गणतंत्र दिवस के मौके पर दिल्ली पुलिस की तरफ से परेड में केवल महिला पुलिसकर्मी शामिल हुईं. मार्चिंग दस्ते में कुल 194 महिला हेड कांस्टेबल और महिला कांस्टेबल ने हिस्सा लिया. इस परेड का नेतृत्व आईपीएस ऑफिसर श्वेता के सुगथन ने की।

उत्तर प्रदेश की झांकी में रामलला के हुए दर्शन

उत्तर प्रदेश की झांकी कर्तव्य पथ से गुजर रही है। इस झांकी की थीम अयोध्या: विकसित भारत समृद्ध विरासत रही। अयोध्या के राम मंदिर और रामलला के गीत यूपी की झांकी के साथ बजाए गए। झांकी के आगे के हिस्से में रामलला की प्रतिमा दिखाई गई। उत्तर प्रदेश की झांकी के पीछे तेलंगाना की झांकी आ रही है, जिसकी थीम - जमीनी स्तर पर लोकतंत्र- तेलंगाना के स्वतंत्रता सेनानियों की विरासत रही।

झारखंड की झांकी तसर सिल्क पर केंद्रित

झारखंड की झांकी तसर सिल्क पर केंद्रित है। भारत में तसर सिल्क का 62% झारखंड में उत्पादन होता है। तसर सिल्क से लगभग 1 लाख 50 हजार लोगों की आजीविका चलती है।अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी और फ्रांस जैसे देश में सिल्क का निर्यात होता है। झांकी में आदिवासी झमताओं का प्रदर्शन है।

राष्ट्रपति मुर्मू ने फहराया तिरंगा, कर्तव्‍य पथ पर ऑपरेशन सिंदूर की झलक

#republicdaycelebration_parade

भारत आज अपना 77वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। देश की राजधानी दिल्ली में गणतंत्र दिवस समारोह का आयोजन किया गया। राष्ट्रपति मुर्मू ने तिरंगा फहराया। इस दौरान गणतंत्र दिवस समारोह की मुख्य अतिथि यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर और सैंटोस कोस्टा भी मौजूद रहे।

शुभांशु शुक्ला को मिला अशोक्र चक्र

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को अशोक चक्र से सम्मानित किया है। शुभांशु भारत के सबसे सम्मानित शांति काल का वीरता पुरस्कार पाने वाले पहले अंतरिक्ष यात्री बन गए हैं।

सेना के हेलिकॉप्टरों ने बनाई शानदार फॉर्मेशन

दिल्ली में कर्तव्य पथ पर 129 हेलीकॉप्टर यूनिट के चार Mi-17 1V हेलीकॉप्टरों द्वारा ध्वज फॉर्मेशन में फूलों की पंखुड़ियां बरसाई गई। हेलीकॉप्टरों के इस फॉर्मेशन का नेतृत्व ग्रुप कैप्टन आलोक अहलावत किया।

सेना ने किया भीष्म टैंक का प्रदर्शन

गणतंत्र दिवस परेड में भारत ने टी-90 टैंक का प्रदर्शन किया। इसे भारतीय सेना ने 'भीष्म' नाम दिया है। रूस में निर्मित तीसरी पीढ़ी का मुख्य युद्धक टैंक है। यह टैंक 2001 से भारतीय सेना का हिस्सा है और इसे राजस्थान, पंजाब में पाकिस्तान सीमा और लेह में चीन सीमा पर तैनात किया गया है। 2005 में इनकी बड़ी खेप भारत आई। शुरुआत में यह पूरी तरह रूसी तकनीक से बना था, लेकिन अब इसके कई पुर्जे भारत में ही बनाए जाते हैं। तमिलनाडु के अवाडी में इन टैंकों को तैयार किया जाता है।

ब्रह्मोस मिसाइल टुकड़ी ने कर्तव्य पथ पर किया मार्च

दिव्यास्त्र और अग्निबाण टुकड़ी ने परेड की। साथ ही रॉकेट टुकड़ी सूर्यास्त्र और ब्रह्मोस मिसाइल की टुकड़ी ने भी कर्तव्य पथ पर परेड की और हर भारतीय के सीने को गर्व से भर दिया। आकाश मिसाइल और ड्रोन शक्ति ईगल प्रहार ने कर्तव्य पथ पर मार्च किया। कर्तव्य पथ पर भारतीय सेना के पशु दस्ते ने मार्च किया, जिसका नेतृत्व कैप्टन हर्षिता यादव ने किया।

अरुणाचल स्काउट और राजपूत रेजीमेंट का मार्च

ऊंचे और पहाड़ी इलाकों पर युद्ध में विशेषज्ञा रखने वाले अरुणाचल स्काउट ने कर्तव्य पथ पर मार्च किया। इसके बाद सेना की राजपूत रेजीमेंट ने मार्च किया। यह सेना की सबसे पुरानी रेजीमेंट में से एक है। इसके बाद असम रेजीमेंट के जवानों ने मार्च किया। सेना की जम्मू कश्मीर लाइट इंफेंट्री के दस्ते ने मार्च किया। साथ ही कंबाइंड मिलिट्री बैंड ने मार्च किया, जिसका नेतृत्व सूबेदार एए खान ने किया। सिख लाइट इंफेंट्री के मार्चिंग दस्ते ने कर्तव्य पथ पर मार्च किया। इंडियन नेवी बैंड ने सामंजस्य और भव्यता को दिखाते हुए जय भारती की धुन बजाई।

गणतंत्र दिवस को लेकर दिल्ली पुलिस अलर्ट, अल कायदा के आतंकवादी का पोस्टर जारी

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गणतंत्र दिवस से पहले दिल्ली पुलिस सुरक्षा को लेकर सतर्क हो गई है। 26 जनवरी को होने वाले 77वें गणतंत्र दिवस समारोह से पहले दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सख्ती बढ़ा दी है। इसी के तहत अलर्ट करते हुए पोस्टर जारी किया है। इस पोस्टर में अल कायदा के आतंकवादी का तस्वीर जारी की है।

दिल्ली के एक आतंकवादी की तस्वीर भी जारी

गणतंत्र दिवस से पहले दिल्ली पुलिस जो पोस्टर जारी किया है, उसमें 6 आतंकवादियों को दिखाया गया है। इन पोस्टरों में पहली बार दिल्ली के एक आतंकवादी की तस्वीर लगाई गई है। यह आतंकवादी मोहम्मद रेहान है, जो अल-कायदा इन द इंडियन सबकॉन्टिनेंट (AQIS) से जुड़ा हुआ है। पुलिस और खुफिया एजेंसियां उसे काफी समय से ढूंढ रही हैं। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, मोहम्मद रेहान एक वांटेड आतंकवादी है।

खुफिया एजेंसियों से मिले खतरे के इनपुट्स

दिल्ली पुलिस के अनुसार, खुफिया एजेंसियों से मिले कई आतंकी खतरे के इनपुट्स को देखते हुए कर्तव्य पथ और पूरे नई दिल्ली जिले में अत्याधुनिक तकनीक आधारित बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है।

चेहरा पहचानने वाली एडवांस्ड तकनीक

गणतंत्र दिवस के लिए सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के तहत दिल्ली पुलिस एकीकृत चेहरा पहचान प्रणाली (एफआरएस) से लैस ‘स्मार्ट चश्मे’ का उपयोग करेगी। एक अधिकारी ने बुधवार को कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) से लैस ये उपकरण अपराधियों और संदिग्धों के पुलिस डेटाबेस से जुड़े होंगे, जिससे जमीनी स्तर पर तैनात कर्मियों को उनकी तुरंत पहचान करने में मदद मिलेगी।

ऊंची इमारतों पर स्नाइपर टीमों की तैनाती

गणतंत्र दिवस के दिन करीब 10 हजार पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे और अब तक जमीन पर 9 बार ब्रीफिंग और रिहर्सल की जा चुकी है। सुरक्षा के तहत एंटी-ड्रोन यूनिट्स को हवाई निगरानी के लिए तैनात किया गया है, वहीं ऊंची इमारतों पर स्नाइपर टीमों की भी तैनाती की गई है। किसी भी संभावित खतरे को रोकने के लिए होटल, गेस्ट हाउस, किरायेदारों और घरेलू सहायकों का व्यापक सत्यापन अभियान भी चलाया जा रहा है।

कांग्रेस के पूर्व मंत्री का चौंकाने वाला बयान, कहा-पार्टी अपनी जमीन खो दी, पीएम को लेकर कह दी बड़ी बात

#pmdoeseverythingwrongisincorrectsaysexcongressleaderashwani_kumar

पू्र्व केंद्रीय मंत्री और पूर्व कांग्रेस नेता अश्विनी कुमार ने चौंकाने वाला बयान दिया है। अश्विनी कुमार ने एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि कांग्रेस के बिना देश में एक असरदार विपक्ष की कल्पना नहीं की जा सकती है। लेकिन पार्टी ने देश में कहीं न कहीं अपनी जमीन खो दी है। उन्होंने कहा कि पार्टी के फिर से खड़ा करना एक बड़ी जिम्मेदारी है। इसके साथ ही अश्विनी कुमार ने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि कोई भी प्रधानमंत्री सबकुछ गलत ही करता है

कांग्रेस को खुद को मजबूत करना एक राष्ट्रीय दायित्व- अश्विनी कुमार

कांग्रेस सरकार में कानून एवं न्याय मंत्री रहे अश्विनी कुमार ने शुक्रवार को अपनी किताब 'Guardians of the Republic' के विमोचन के दौरान कुमार स्वीकार किया कि कांग्रेस पार्टी के बिना कोई मज़बूत विपक्ष नहीं हो सकता है, लेकिन साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अब पार्टी कहीं न कहीं अपनी पकड़ खो चुकी है।कुमार ने आगे कहा, कांग्रेस के लिए खुद को मजबूत करना अब एक राष्ट्रीय दायित्व बन गया है।

प्रधानमंत्री सब गलत नहीं कर रहे- अश्विनी कुमार

पूर्व कांग्रेस नेता ने कहा, आपको छोटे विचारों की नहीं बल्कि आत्मा की विशालता और दिल की उदारता की जरूरत है। यह नेतृत्व का गुण पूर्व पीएम मनमोहन सिंह और जवाहरलाल नेहरू में था। कुमार ने कहा, वो यह नहीं मानते हैं कि किसी भी प्रधानमंत्री के किए गए सभी कार्य गलत ही होते हैं। पूर्व मंत्री ने आगे कहा, यह धारणा कि यह सरकार सब कुछ गलत कर रही है या ये प्रधानमंत्री सब गलत कर रहे है, यह सही नहीं है।

कांग्रेस को दे दी नसीहत

कुमार ने कहा कि अगर ईवीएम गलत है तो आप घोषणा कर दें कि हम ईवीएम पर चुनाव नहीं लड़ेंगे या जहां सरकार बनी है वहां से इस्तीफा दें तब कांग्रेस का नरेटिव मज़बूत होगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में कई संवैधानिक मुद्दे तो हैं लेकिन कांग्रेस उसको अच्छे तरीके से नहीं उठा पा रही है। कुमार ने कहा कि बिहार के नतीजे बता रहे हैं कि कांग्रेस ने ठीक से मुद्दे नहीं उठाए या तो ये सारे मुद्दे उठाने के लिए वक्त नहीं ठीक था। उन्होंने कहा या आप वो संदेश नहीं जनता को दे पाए।

Shaiju Mon K T – The Rising Face of Lead Generation and Meta Ads Strategy for Kerala’s Local Businesses

Thrissur, Kerala – August 1, 2025:

In a world where digital marketing has become the backbone of business growth, a name that's rapidly gaining prominence across Kerala and Tamil Nadu is Shaiju Mon K T, a trusted Lead Generation Consultant and Meta Ads Specialist from Thrissur. As the co-founder of Click Crafters Technology, Shaiju has helped countless small businesses overcome declining footfall and ineffective traditional marketing methods by leveraging the power of targeted Facebook and Instagram ads.

A Local Expert for Local Growth

Operating from Kodakara in Thrissur, Shaiju Mon’s campaigns are tailored for local markets — from the bustling streets of Kochi to the serene outskirts of Palakkad and the growing commercial hubs of Coimbatore. His expertise lies in designing result-oriented Meta Ad campaigns that help small businesses get quality leads, increased visibility, and actual sales from social media platforms.

“With so many businesses still relying on posters and newspaper ads, the digital gap is real,” says Shaiju. “I help fill that gap by creating campaigns that speak directly to your audience — in their language, in their region, at the right time.”

Industries That Trust Him

Shaiju's work spans across industries, including:

Bridal Makeup Artists in Coimbatore and Trichy

Healthcare Clinics in Thrissur and Coimbatore

Retail & Fashion Stores in Palakkad and Calicut

Real Estate Consultants in Kochi

Tuition Centers, Travel Agencies, and E-commerce brands across Kerala and Tamil Nadu

His campaigns are multilingual — executed in Malayalam, Tamil, English, Hindi, and Urdu — to reach deep into hyperlocal communities.

Case Studies of Success

Keva Hair Care Clinic, Coimbatore:

A 50% OFF campaign on hair treatments brought in 750+ verified leads in 2 weeks, with a 40% surge in walk-ins.

Varshine Bridal Makeup, Tamil Nadu:

Geo-targeted bridal makeup ads delivered steady bookings, even during off-season months.

Aysha’s Marketplace, Thrissur:

An Instagram-focused profile visit campaign attracted 35+ highly engaged organic followers in two weeks, all from Kerala.

Technical Mindset Meets Creative Strategy

Shaiju’s journey into digital marketing is both unique and inspiring. A graduate in Automobile Engineering from Hindusthan College in Coimbatore, his career began in operations and technical roles at Janatics India and Nolte India. However, after relocating to the UAE in 2019, Shaiju’s passion shifted to digital strategy. Armed with certifications from Google, HubSpot, and LinkedIn, he built his own agency, Click Crafters Technology, in 2022.

Services That Deliver Real ROI

As a full-service Meta Ads Consultant, Shaiju offers:

High-converting Facebook & Instagram ads

Customized audience targeting for Kerala/Tamil Nadu

Scroll-stopping visuals and ad copy in regional languages

Performance tracking and weekly reporting

Lead generation funnels with A/B testing

More importantly, Shaiju ensures every rupee spent turns into a measurable outcome, making digital marketing affordable for small businesses.

Why Businesses Choose Shaiju Mon K T

Proven Results across multiple sectors

Deep Regional Expertise in Kerala’s business landscape

Transparent Pricing with flexible budgets

Full Campaign Management from consultation to conversion

An Entrepreneur with Vision

Today, Shaiju is not just a marketer — he is a digital growth partner for dozens of brands across India, the UAE, and Canada. His analytical background, combined with creative execution, sets him apart as a reliable force in the Meta Ads industry.

He also served as a freelance inbound marketer for Republic Immigration Services, helping streamline client acquisition for international visa services through tailored campaigns.

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पीएम मोदी के साइप्रस दौरे का दूसरा दिन, जानें भारत के लिए क्यों है अहम

#pmmodivist_cyprus

प्रधानमंत्री मोदी कनाडा में जी-7 बैठक में भाग लेने आज कनाडा पहुंचेंगे। इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी दो देशों के कूटनीतिक यात्रा भी करेंगे। इनके दौरे में एक देश साइप्रस तो दूसरा क्रोएशिया है। प्रधानमंत्री मोदी कनाडा जाने से पहले साइप्रस पहुंचे। पीएम मोदी के साइप्रस दौरे का आज दूसरा दिन है। साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलिडेस राष्ट्रपति भवन में मोदी का स्वागत करेंगे। जिसके बाद वे प्रतिनिधिमंडल स्तर की चर्चा करेंगे। इसके बाद मोदी G7 समिट में हिस्सा लेने के लिए कनाडा रवाना हो जाएंगे।

व्यापार जगत के लोगों के साथ बैठक

पीएम मोदी रविवार दिन में साइप्रस की राजधानी निकोसिया पहुंचे थे। मोदी ने रविवार को साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलिडेस के साथ निकोसिया में व्यापार जगत के लोगों के साथ गोलमेज बैठक में हिस्सा लिया। उन्होंने बैठक में भारत और साइप्रस के व्यापार जगत के नेताओं को संबोधित किया। व्यापार, निवेश और रक्षा जैसे क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने का आह्वान किया, जिसमें विकास की अपार संभावनाएं हैं। व्यापार जगत के नेताओं को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने द्विपक्षीय संबंधों में विकास की अपार संभावनाओं पर प्रकाश डाला।

भारत के लिए क्यों अहम है साइप्रस?

साइप्रस, एक छोटा यूरोपीय देश होते हुए भी पश्चिम एशिया और यूरोप के बीच में स्थित होने के कारण रणनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील है। इसका उत्तरी हिस्सा 1974 से तुर्की के सैन्य कब्जे में है। उसे केवल तुर्की ही “Northern Cyprus Turkish Republic (NCTR)” के नाम से मान्यता देता है। दुनिया का बाकी कोई भी देश उसे वैध नहीं मानते हैं। पीएम मोदी ने जिस इलाके का दौरा किया है, वह ठीक उसी सीमा के नज़दीक है जहां से तुर्की ने कब्जा किया है। इससे साफ होता है कि यह कोई संयोग नहीं बल्कि एक साफ-साफ संदेश है।

स्वर्णमढ़ित 'बग्गी' का पुनरुद्धार: राष्ट्रपति मुर्मू और इंडोनेशियाई अतिथि को कर्तव्य पथ पर लाने में हुआ उपयोग

#therevialofthegoldplatedchariotusedinrepublicday_today

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और उनके इंडोनेशियाई समकक्ष प्रबोवो सुबियांटो, गणतंत्र दिवस के मुख्य अतिथि, को रविवार को पारंपरिक घोड़े से खींची जाने वाली ‘बग्गी’ में सवार होकर दिल्ली के कर्तव्य पथ पर लाया गया। 1984 में बंद की गई यह बग्गी पिछले साल वापस लौटी। इसने राष्ट्रपति मुर्मू और उनके फ्रांसीसी समकक्ष इमैनुएल मैक्रों, जो पिछले साल मुख्य अतिथि थे, को कर्तव्य पथ पर पहुंचाया।

परंपरा

सोने की परत चढ़ी, घोड़े से खींची जाने वाली यह बग्गी एक काले रंग की गाड़ी है, जिस पर सोने से राष्ट्रीय प्रतीक (चार शेर) उकेरे गए हैं। भारतीय और ऑस्ट्रियाई घोड़ों की मिश्रित नस्ल द्वारा खींची जाने वाली इस गाड़ी में सोने की परत चढ़ी रिम भी है। राष्ट्रपति, जो भारत के राष्ट्राध्यक्ष हैं, और मुख्य अतिथि को ले जाने वाली बग्गी को ‘राष्ट्रपति के अंगरक्षक’ या राष्ट्रपति के अंगरक्षक, भारतीय सेना की सबसे वरिष्ठ रेजिमेंट द्वारा अनुरक्षित किया जाता है।

बग्गी को क्यों बंद कर दिया गया था ?

ज्ञानी जैल सिंह ने 1984 में राष्ट्रपति बग्गी का इस्तेमाल किया था। उस वर्ष अक्टूबर में, तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की उनके अंगरक्षकों द्वारा हत्या कर दी गई थी। इसके कारण सुरक्षा कारणों से यह परंपरा बंद कर दी गई। इसके बाद राष्ट्रपति लिमोसिन में आने लगे, जब तक कि बग्गी को लगभग 40 साल बाद, जनवरी 2024 में वापस नहीं लाया गया।

2014 में, तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने बग्गी का इस्तेमाल किया, लेकिन बीटिंग रिट्रीट समारोह के लिए, जो 29 जनवरी को आयोजित किया जाता है, और गणतंत्र दिवस समारोह का समापन होता है। प्रणब मुखर्जी के उत्तराधिकारी रामनाथ कोविंद ने 2017 में शपथ लेने के बाद राष्ट्रपति की गाड़ी से गार्ड ऑफ ऑनर का निरीक्षण किया।

गणतंत्र दिवस

26 जनवरी को, राष्ट्र 1950 में इस तिथि पर संविधान के लागू होने का स्मरण करता है, जिसने 15 अगस्त, 1947 को ब्रिटिश शासन से स्वतंत्रता के लगभग तीन साल बाद भारत को एक लोकतांत्रिक गणराज्य बनाया। संविधान सभा द्वारा तैयार संविधान को 26 नवंबर, 1949 को अपनाया गया था। 26 जनवरी 1950 में इसे लागू किया गया, वही 1930 को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस द्वारा 'पूर्ण स्वराज' (पूर्ण स्वतंत्रता) की घोषणा के उपलक्ष्य में चुना गया था। दूसरी ओर, 26 नवंबर को संविधान दिवस के रूप में मनाया जाता है।

गणतंत्र दिवस पर वीरता पुरस्कारों का एलान, 942 जवानों को मिलेगा गैलेंट्री अवॉर्ड-सर्विस मेडल

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गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू कुल 942 पुलिस, अग्निशमन, नागरिक सुरक्षाकर्मियों को वीरता और सेवा पदक से सम्मानित करेंगी। ये पदक विभिन्न श्रेणियों में दिए जाएंगे, जिनमें 95 वीरता पदक भी शामिल हैं। इसके अलावा 101 जवानों को विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पदक और 746 जवानों को सराहनीय सेवा के लिए पदक से नवाजा जाएगा। शनिवार को जारी एक सरकारी बयान में इसकी जानकारी दी गई है।

जिन 95 जवानों को वीरता पुरस्कार मिलेगा, उनमें 78 पुलिसकर्मी हैं और 17 फायर विभाग के कर्मचारी हैं। वहीं, जिन 101 जवानों को विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पदक से सम्मानित किया जाएगा। इनमें 85 पुलिस सेवा, 05 अग्निशमन सेवा, 07 नागरिक सुरक्षा-होम गार्ड और 04 सुधार सेवा के जवानों के नाम शामिल हैं। इसके अलावा जिन 746 जवानों को सराहनीय सेवा के लिए गैलेंट्री अवॉर्ड दिया जाएगा, उनमें 634 अवॉर्ड पुलिस सेवा, 37 अग्निशमन सेवा, 39 पुरस्कार नागरिक सुरक्षा-होम गार्ड और 36 अवॉर्ड सुधार सेवा के जवानों को दिए जाएंगे।

गृह मंत्रालय के बयान के अनुसार, वीरता पुरस्कार विजेताओं में से 28 कर्मी नक्सलवाद प्रभावित क्षेत्रों में तैनात हैं। 28 जवान जम्मू कश्मीर क्षेत्र में और तीन पूर्वोत्तर क्षेत्र में सेवाएं दे रहे हैं। वहीं देश के अन्य हिस्से में सेवा दे रहे अन्य 36 कर्मचारियों को भी वीरता पुरस्कारों से सम्मानित किया जाएगा।

वीरता पदक, सेवा के दौरान वीरता के काम के लिए दिया जाता है, जिसमें जीवन और संपत्ति की रक्षा करना, अपराध को रोकना या अपराधियों को गिरफ्तार करना शामिल है। इसमें जोखिम का आकलन संबंधित अधिकारी के दायित्वों और कर्तव्यों के अनुसार किया जाता है। वहीं सेवा में विशेष काम के लिए 'विशिष्ट सेवा का राष्ट्रपति पदक' दिया जाता है। संसाधन और कर्तव्य के प्रति सराहनीय समर्पण के लिए 'सराहनीय सेवा पदक' से सम्मानित किया जाता है।

इंडोनेशियाई राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो भारत पहुंचे, गणतंत्र दिवस समारोह में बतौर मुख्य अतिथि हिस्सा लेंगे

#indonesiapresidentprabowosubiantoarrivesinindiaforrepublic_day

इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो राष्ट्र प्रमुख के रूप में भारत की अपनी पहली यात्रा पर दिल्ली पहुंच चुके हैं। सुबियांतो भारत के 76वें गणतंत्र दिवस समारोह के मुख्य अतिथि के रूप में दिल्ली आए हैं। इंडोनेशियाई राष्ट्रपति का हवाई अड्डे पर विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा ने स्वागत किया।

राष्ट्रपति सुबियांतो की इस यात्रा के दौरान कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण समझौते किए जाने की संभावना है। ये यात्रा भारत और इंडोनेशिया के बीच रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने का अवसर प्रदान करेगी। पिछले कुछ सालों में भारत और इंडोनेशिया के संबंधों में विशेष रूप से बढ़ोतरी देखने को मिली है।

गणतंत्र दिवस समारोह में भाग लेने वाले चौथे इंडोनेशियाई राष्ट्रपति

वह गणतंत्र दिवस समारोह में भाग लेने वाले चौथे इंडोनेशियाई राष्ट्रपति होंगे। इंडोनेशिया के पहले राष्ट्रपति सुकर्णो 1950 में भारत के पहले गणतंत्र दिवस समारोह के मुख्य अतिथि थे।इस अवसर पर इंडोनेशिया से 352 सदस्यीय मार्चिंग और बैंड दस्ता कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस परेड में भाग लेगा। ये पहली बार होगा जब इंडोनेशियाई मार्चिंग और बैंड दस्ता विदेश में राष्ट्रीय दिवस परेड में भाग लेगा।

रक्षा मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि इंडोनेशिया से 162 सदस्यों वाला मार्चिंग दस्ता और 190 सदस्यों वाला बैंड दल भी गणतंत्र दिवस परेड का हिस्सा होंगे। यह पहली बार है, जब इंडोनेशियाई दल किसी दूसरे देश के राष्ट्रीय परेड में भाग ले रहा है। यह दोनों देशों के बीच मजबूत सैन्य और सांस्कृतिक सहयोग का प्रतीक है।

ये समझौते हो सकते हैं

इंडोनेशिया भारत से ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलें खरीदने का इच्छुक है। ऐसे में सुबियांतो की यात्रा के दौरान इस आशय की घोषणा हो सकती है। वे शनिवार को पीएम मोदी के साथ वार्ता भी करेंगे। उनकी यात्रा के बारे में जानकारी रखने वाले कुछ लोगों ने बताया कि वार्ता में रक्षा और सुरक्षा, व्यापार और निवेश, स्वास्थ्य सेवा, ऊर्जा, कनेक्टिविटी, पर्यटन और द्विपक्षीय सहयोग की समीक्षा की जाएगी।

भारत-इंडोनेशिया रिश्ते

पिछले कुछ वर्षों में भारत-इंडोनेशिया संबंधों में तेजी आई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2018 में इंडोनेशिया की यात्रा की थी, जिस दौरान भारत-इंडोनेशिया संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी तक बढ़ाया गया। पिछले साल 19 नवंबर को प्रधानमंत्री मोदी ने रियो डी जनेरियो में जी20 शिखर सम्मेलन के मौके पर राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो से मुलाकात की थी।

इंडोनेशिया के राष्ट्रपति होंगे गणतंत्र दिवस पर चीफ गेस्ट, लेकिन पाकिस्तान को लेकर फंस रहा पेच

#indonesian_president_invited_as_republic_day_chief_guest_but_issue

इस बार भारत सरकार ने इंडोनेशियाई राष्ट्रपति प्रबावो सुबियांतो को गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया है। मगर अब तक सरकार की ओर से आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। इसी बीच इस मामले में एक पेच फंस गया है। पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि राष्ट्रपति सुबियांतो 26 जनवरी को पाकिस्तान भी जाएंगे।इस पेच को दूर करने में भारत सरकार जुटी है। इसको दूर करने के बाद ही उनके आधिकारिक भारत दौरे की घोषणा हो सकती है।

टाइम्स ऑफ इंडिया ने आधिकारिक सूत्र के हवाले से लिखा है कि सुबियंतो 26 जनवरी की परेड में मुख्य अतिथि होंगे। मगर अब तक यात्रा के बारे में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। आम तौर पर इस तरह की घोषणा महीनों पहले ही कर दी जाती है। घोषणा में देरी की वजह यह है कि पाक मीडिया में यह खबर है कि इंडोनेशियाई राष्ट्रपति 26 जनवरी को तीन दिवसीय यात्रा पर इस्लामाबाद पहुंच सकते हैं।

सुबियांतो को न्योते की बात भी पिछले साल नवंबर में सामने आ गई थी लेकिन आधिकारिक ऐलान में देरी हो रही है। इस देरी के बीच, पाकिस्तानी मीडिया में खबरें आईं कि इंडोनेशियाई राष्ट्रपति 26 जनवरी को तीन दिन की यात्रा के लिए इस्लामाबाद पहुंच सकते हैं। हालांकि, सुबियांतों को मनाने की चल रही कोशिशों के बीच सूत्रों का कहना है कि गणतंत्र दिवस पर मुख्य अतिथि तो सुबियांतो ही होंगे।

भारत ने हाल ही में दूसरे देशों के नेताओं को प्रोत्साहित किया है कि वे भारत यात्रा के दौरान पाकिस्तान को अपने कार्यक्रम में शामिल न करें और दोनों देशों के साथ अपने संबंधों को अलग-अलग रखें। ऐसा माना जा रहा है कि भारत ने इस मुद्दे को इंडोनेशिया के साथ कूटनीतिक रूप से उठाया है, और सुबियांतो को गणतंत्र दिवस समारोह के बाद सीधे इस्लामाबाद जाने से रोकने की कोशिश कर रहा है।

ऐसा माना जाता है कि भारतीय सैन्य परेड के तुरंत बाद इस्लामाबाद की यात्रा भारत के लिए नकारात्मक संकेत दे सकती है, खासकर पाकिस्तान के साथ सीमा पार आतंकवाद जैसे विवादित मुद्दों के चलते।

कर्तव्य पथ से आसमान की ओर उठीं सबकी निगाहें, दिखा भारतीय सेना का शौर्य और नारी शक्ति की झलक

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देश 75वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कर्तव्य पथ पर सलामी मंच से राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इसके बाद राष्ट्रगान बजा और 21 तोपों की सलामी दी गई। 105 हेलीकॉप्टर यूनिट के 4 एमआई-17 से कर्तव्य पथ पर उपस्थित दर्शकों पर पुष्प वर्षा की गई। इसके बाद राष्ट्रपति मुर्मू के सलामी लेने के साथ परेड शुरू हुई।इस दौरान फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों और पीएम मोदी मौजूद रहे।इस बार फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों मुख्य अतिथि हैं। फ्रांस का मार्चिंग दस्ता भी परेड में शामिल हुआ।

आकाश में भारत के ताकत की गरज

परेड दस्ता में भारतीय वायुसेना दल में 144 वायुसैनिक और चार अधिकारी शामिल रहे। उनकी झांकी भारतीय वायु सेना की थीम ‘सक्षम, सशक्त, आत्मनिर्भर’ पर आधारित थी। झांकी में एलसीए तेजस और Su-30 को IOR के ऊपर उड़ान भरते हुए दिखाया गया।

कर्तव्य पथ पर नारी शक्ति का प्रदर्शन

कर्तव्य पथ पर नारी शक्ति का प्रदर्शन देखने को मिल रहा है. देश के हिंटरलैंड में तैनात महिला कर्मियों का प्रदर्शन देखने को मिला है. इंस्पेक्टर शहनाज खातून के हाथों में कमान है. शहनाज के साथ 13 और महिला कार्मिकों का दस्ता कर्तव्य पथ पर है. अभिवादन- फॉर्मेशन की कमान इंस्पेक्टर सोनिया बनवारी के हाथ में है. योग से सिद्धि- सीटी अनिता भारती और 7 कार्मिकों का फॉर्मेशन है.

चंद्रयान-3 की निकली झांकी

गणतंत्र दिवस के मौके पर परेड दस्ते में इसरो की कामयाबी की भी झलक देखने को मिली। परेड में इसरो भी शामिल हुआ। इस दौरान चंद्रयान-3 की झांकी निकाली गई। दक्षिणी ध्रुव के पास चंद्रयान-3 की सॉफ्ट लैंडिंग दिखाई गई। चंद्रयान-3 की झांकी देख दर्शकों के साथ केंद्रीय मंत्री भी उठ खड़े हुए। बता दें कि 23 अगस्त को राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस घोषित किया गया है।

पहली बार दिल्ली पुलिस की परेड में केवल महिला पुलिसकर्मी

गणतंत्र दिवस के मौके पर दिल्ली पुलिस की तरफ से परेड में केवल महिला पुलिसकर्मी शामिल हुईं. मार्चिंग दस्ते में कुल 194 महिला हेड कांस्टेबल और महिला कांस्टेबल ने हिस्सा लिया. इस परेड का नेतृत्व आईपीएस ऑफिसर श्वेता के सुगथन ने की।

उत्तर प्रदेश की झांकी में रामलला के हुए दर्शन

उत्तर प्रदेश की झांकी कर्तव्य पथ से गुजर रही है। इस झांकी की थीम अयोध्या: विकसित भारत समृद्ध विरासत रही। अयोध्या के राम मंदिर और रामलला के गीत यूपी की झांकी के साथ बजाए गए। झांकी के आगे के हिस्से में रामलला की प्रतिमा दिखाई गई। उत्तर प्रदेश की झांकी के पीछे तेलंगाना की झांकी आ रही है, जिसकी थीम - जमीनी स्तर पर लोकतंत्र- तेलंगाना के स्वतंत्रता सेनानियों की विरासत रही।

झारखंड की झांकी तसर सिल्क पर केंद्रित

झारखंड की झांकी तसर सिल्क पर केंद्रित है। भारत में तसर सिल्क का 62% झारखंड में उत्पादन होता है। तसर सिल्क से लगभग 1 लाख 50 हजार लोगों की आजीविका चलती है।अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी और फ्रांस जैसे देश में सिल्क का निर्यात होता है। झांकी में आदिवासी झमताओं का प्रदर्शन है।