मिशन कर्मयोगी से यूपी में लोक सेवकों की कार्यक्षमता को मिली नई रफ्तार: सीएम योगी
- मुख्यमंत्री ने कहा--19.26 लाख से अधिक कर्मचारी iGOT पोर्टल से जुड़े
- 23-24 अक्टूबर को लखनऊ में होगी साधना श्रृंखला की क्षेत्रीय कार्यशाला, योगी करेंगे उद्घाटन
- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मिशन कर्मयोगी में यूपी के प्रदर्शन और उपलब्धियों का किया उल्लेख
- 3.86 करोड़ से अधिक प्रशिक्षण कार्यक्रम पूरे कर यूपी ने क्षमता विकास में दर्ज की उल्लेखनीय उपलब्धि
-लोक सेवाओं को अधिक सक्षम, संवेदनशील और पारदर्शी बनाने पर मुख्यमंत्री योगी का जोर
- तकनीक, एआई और भारतीय ज्ञान परंपरा के समन्वय से तैयार होंगे भविष्य के कुशल लोक सेवक
लखनऊ, 22 अक्टूबर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मिशन कर्मयोगी के विजन का उल्लेख करते हुए कहा कि लोक सेवाओं को अधिक सक्षम, संवेदनशील, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बनाना समय की आवश्यकता है। बदलती तकनीक और जनता की बढ़ती अपेक्षाओं के अनुरूप प्रशासनिक व्यवस्था को दक्ष, जवाबदेह और नवाचार के लिए तैयार करना होगा। मिशन कर्मयोगी के तहत उत्तर प्रदेश में क्षमता विकास के प्रयासों को रेखांकित करते हुए उन्होंने बताया कि प्रदेश के 19.26 लाख से अधिक कर्मचारी iGOT पोर्टल से जुड़ चुके हैं और 3.86 करोड़ से अधिक प्रशिक्षण कार्यक्रम पूरे किए जा चुके हैं।
-प्रशिक्षण के जरिए प्रशासनिक क्षमता बढ़ाने पर जोर
मुख्यमंत्री ने मिशन कर्मयोगी को लोक सेवकों की कार्यक्षमता और कार्यसंस्कृति में सुधार का महत्त्वपूर्ण माध्यम बताया। इसका उद्देश्य केवल कर्मचारियों को प्रशिक्षण देना नहीं, बल्कि उनमें अपने दायित्वों को बेहतर ढंग से निभाने की क्षमता विकसित करना है। प्रशासनिक दक्षता के साथ संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत करना भी इस पहल का अहम पक्ष है। बदलते समय में शासन की चुनौतियां और नागरिकों की अपेक्षाएं लगातार बदल रही हैं। ऐसे में लोक सेवकों को नई तकनीक, बेहतर कार्यप्रणाली और नवाचार से जोड़ना आवश्यक है, ताकि सरकारी सेवाएं अधिक प्रभावी और आम नागरिकों की जरूरतों के अनुरूप बन सकें।
- यूपी में 19.26 लाख से अधिक कर्मचारी iGOT पोर्टल से जुड़े
मिशन कर्मयोगी के तहत उत्तर प्रदेश में डिजिटल प्रशिक्षण को व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाया गया है। प्रदेश के 19.26 लाख से अधिक कर्मचारी iGOT पोर्टल से जुड़ चुके हैं। इनके माध्यम से 3.86 करोड़ से अधिक प्रशिक्षण कार्यक्रम पूरे किए गए हैं। यह प्रयास सरकारी कर्मचारियों को उनकी जिम्मेदारियों के अनुरूप ज्ञान, कौशल और दक्षताओं से लैस करने की दिशा में महत्त्वपूर्ण है।
डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से प्रशिक्षण की उपलब्धता बढ़ने से कर्मचारियों को अपनी जरूरतों के अनुसार सीखने के अवसर मिलते हैं। इससे कार्यस्थल पर दक्षता बढ़ाने और प्रशासनिक सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार की संभावनाएं मजबूत होती हैं।
- 334 से अधिक प्रशिक्षण संस्थान उन्नति पोर्टल से जुड़े
प्रदेश में क्षमता विकास को संस्थागत रूप देने के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं। उत्तर प्रदेश के 334 से अधिक प्रशिक्षण संस्थान उन्नति पोर्टल से जुड़ चुके हैं। इस पहल के माध्यम से प्रशिक्षण व्यवस्था को आधुनिक तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और भारतीय ज्ञान परंपरा के साथ जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है। प्रशिक्षण संस्थानों को आधुनिक जरूरतों के अनुरूप विकसित करने से लोक सेवकों की क्षमता बढ़ाने के लिए अधिक व्यवस्थित और प्रभावी व्यवस्था तैयार की जा सकती है। इसका उद्देश्य प्रशिक्षण को प्रशासनिक जिम्मेदारियों और नागरिकों की अपेक्षाओं से जोड़ना है।
- प्रशासनिक व्यवस्था में दक्षता, संवेदनशीलता, जवाबदेही को बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने सुशासन की अवधारणा को साकार करने में सक्षम लोक सेवाओं की भूमिका को महत्त्वपूर्ण बताया। प्रशासनिक व्यवस्था में दक्षता, संवेदनशीलता, जवाबदेही और नवाचार को बढ़ावा देकर सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ नागरिकों तक अधिक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सकता है। मिशन कर्मयोगी का व्यापक उद्देश्य न्यूनतम सरकार, अधिकतम शासन की भावना को मजबूत करना और अंत्योदय के संकल्प को आगे बढ़ाना है। सक्षम और नागरिक-केंद्रित प्रशासन विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में भी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
- 23 और 24 अक्टूबर को लखनऊ में होगी साधना श्रृंखला की क्षेत्रीय कार्यशाला
क्षमता विकास आयोग (सीबीसी) की ओर से 23 और 24 अक्टूबर, 2026 को लखनऊ में साधना श्रृंखला 2026 की तीसरी क्षेत्रीय कार्यशाला आयोजित की जाएगी। कार्यशाला का उद्घाटन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे। इसमें केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह भी उपस्थित रहेंगे। कार्यशाला का प्रमुख उद्देश्य मिशन कर्मयोगी के तहत सरकारी प्रशिक्षण संस्थानों को आधुनिक, दक्षता-आधारित क्षमता विकास संस्थानों में बदलने की दिशा में विचार-विमर्श करना है। इसमें संस्थागत प्रशासन एवं नेतृत्व, प्रशिक्षण संस्थानों की कार्यक्षमता, आपसी सहयोग, संकाय सदस्यों की दक्षता और प्रशिक्षण में डिजिटल तकनीक तथा एआई के उपयोग जैसे विषयों पर चर्चा होगी।
कार्यशाला में उन्नति पोर्टल, कर्मयोगी कर्तव्य कार्यक्रम और दक्षता मॉडल के माध्यम से प्रशिक्षण व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने पर भी ध्यान दिया जाएगा। इसमें उत्तर प्रदेश सहित बिहार, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, पंजाब, राजस्थान और उत्तराखंड के साथ-साथ चंडीगढ़, दिल्ली, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के प्रतिनिधियों की सहभागिता प्रस्तावित है। इस क्षेत्रीय विमर्श का उद्देश्य प्रशिक्षण संस्थानों के अनुभव साझा करना, उनकी क्षमताओं को मजबूत करना और लोक सेवकों को भविष्य की प्रशासनिक चुनौतियों के लिए तैयार करने की दिशा में सहयोग बढ़ाना है।




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लखनऊ: 22 अक्टूबर, 2026। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि विकसित भारत–जी राम जी योजना के अंतर्गत अनुमन्य ग्रामीण परिसंपत्तियों का निर्माण गांवों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार, सामुदायिक विकास और ग्रामीण जीवन को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इन कार्यों के माध्यम से गांवों में आवश्यक सार्वजनिक सुविधाओं को मजबूत करने के साथ ग्रामीण परिवारों को बेहतर वातावरण उपलब्ध कराने का मार्ग प्रशस्त हो रहा है। पंचायत भवन ग्रामीण जनजीवन में संवाद, सामुदायिक सहभागिता और विकास संबंधी गतिविधियों का महत्वपूर्ण केंद्र बन रहे हैं। पंचायत भवन के माध्यम से ग्रामीणों को सामूहिक चर्चा, स्थानीय विकास की योजनाओं और विभिन्न सामुदायिक गतिविधियों के लिए उपयोगी स्थान उपलब्ध हो रहा है। वहीं, आंगनवाड़ी केंद्रों के निर्माण से बच्चों की देखभाल, पोषण और स्वस्थ बचपन को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक सुविधाओं के विकास में सहायता मिलेगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों के समुचित विकास के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने में मदद मिलेगी।
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Oct 22 2026, 22:59
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