जन समस्याओं का निस्तारण भी होगा, सुविधाएं भी मिलेगी : केशव प्रसाद मौर्य
- डिप्टी सीएम ने जनता दर्शन में सुनी समस्याएं, दिए त्वरित निस्तारण के निर्देश
- उप मुख्यमंत्री ने कहा- हर व्यक्ति को न्याय दिलाना सरकार की प्रतिबद्धता
लखनऊ: 19 अक्टूबर 2026। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य ने सोमवार को अपने कैंप कार्यालय,7-कालिदास मार्ग, लखनऊ पर ‘जनता दर्शन’ के माध्यम से विभिन्न जनपदों से आए नागरिकों से भेंट कर उनकी समस्याओं को सुना तथा त्वरित, प्रभावी और न्यायसंगत समाधान सुनिश्चित करने हेतु संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने जनता दर्शन कार्यक्रम के दौरान प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए कई सैकड़ा लोगों की व्यक्तिगत एवं सार्वजनिक समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना और संबंधित विभागीय अधिकारियों को उनके त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण के स्पष्ट निर्देश दिए। जनता दर्शन में बड़ी संख्या में पुरुष, महिलाएं, वृद्धजन व युवा उपस्थित रहे, जिन्होंने अपनी समस्याओं को सीधे उप मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत किया। अधिकतर प्रकरणों में भूमि विवाद, राजस्व संबंधित मुद्दे, चिकित्सा सहायता, पेंशन, आवास, सड़क, बिजली-पानी की समस्याएं, पुलिस कार्यवाही से सम्बन्धित, शिक्षा एवं रोजगार से जुड़े मामले रहे
श्री मौर्य ने कहा कि जनता दर्शन आमजन से सीधे संवाद का माध्यम है, जिससे जमीनी हकीकत सामने आती है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनसमस्याओं के समाधान में किसी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही न हो। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिन मामलों में आवश्यक हो, वहां मौके पर जाकर निरीक्षण किया जाए और पीड़ितों को समयबद्ध राहत प्रदान की जाए। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि जरूरतमंदों व पात्र लोगों को हर सम्भव सरकारी सुविधाओं का भरपूर लाभ मिलना ही चाहिए।उन्होंने यह भी कहा कि सरकार आम जनता की भलाई के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है और जनहित सर्वोपरि है।
श्री मौर्य ने उपस्थित लोगों को आश्वस्त किया कि उनकी समस्याओं के समाधान हेतु सरकार हर संभव कदम उठाएगी और कोई भी पीड़ित निराश न लौटे—यही प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है। जनता दर्शन में आये फरियादियों को विश्वास दिलाते हुए उप मुख्यमंत्री ने कहा कि हर व्यक्ति की हर समस्या का हर सम्भव निदान किया जायेगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि  प्रत्येक फरियादी की समस्या का त्वरित व संतुष्टिपरक समाधान किया जाय। निर्देश दिए कि समस्याओं का सम्पूर्ण समाधान किया जाय और समस्याओं के समाधान हेतु सम्बन्धित की जवाबदेही तय होनी चाहिये। निर्देश दिए कि जन समस्याओं का  समयबद्ध  निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। किसी भी स्तर  पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए।उन्होंने कहा कि उत्पीड़न, भूमि पर अवैध कब्जों के मामलों को बेहद गंभीरता व संवेदनशीलता के साथ हल किया जाय और जहां जरूरत हो, कठोर कार्यवाही की जाय।
उन्होने जनसुनवाई के दौरान एक-एक व्यक्ति की समस्या को पूरी गम्भीरता से सुना तथा समस्याओं के निराकरण हेतु  सम्बंधित अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने  फरियादियों को विश्वास दिलाते हुये कहा कि परेशान न हो, समस्याओं का समाधान भी होगा, सरकार द्वारा प्रदत्त सुविधाएं भी मिलेंगी। उन्होंने सम्बंधित अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए हैं कि समस्याओं का निराकरण इस प्रकार किया जाय कि समस्याग्रस्त व्यक्ति पूरी तरह से संतुष्ट रहें और उन्हें दुबारा कहीं भटकना न पड़े और बार -बार चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने महिलाओं, दिव्यांग जनो, बुजुर्गों आदि की समस्याओं व शिकायतों को सुना और उन्हें प्राथमिकता के आधार पर संबंधित अधिकारियों को त्वरित गति से निदान करने हेतु आवश्यक दिशा निर्देश दिए। जमीन सम्बन्धी अधिकांश प्रकरणों में उन्होंने सम्बन्धित जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि राजस्व व पुलिस विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों की संयुक्त टीम बनाकर मौके पर भेजा जाय और सार्थक समाधान कराया जाय।
अखिलेश को जनता अब देखना भी पसंद नहीं करती : ओपी राजभर
- अपने ही संसदीय क्षेत्र में नहीं जुटा पाए भीड़, PDA सम्मेलन में खाली पड़ी कुर्सियों को लेकर राजभर ने अखिलेश पर कसा तंज
- राजभर ने सपा प्रमुख पर कसा तंज, कहा-
जिस कन्नौज से अखिलेश यादव सांसद, वहीं की जनता ने उन्हें दिखा दी हैसियत

लखनऊ, 19 अक्टूबर 2026। कन्नौज में समाजवादी पार्टी के पीडीए सम्मेलन में भीड़ नहीं जुटने और इसके बाद जिला कार्यकारिणी भंग किए जाने के मामले पर उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव पर निशाना साधा है। राजभर ने कहा कि अखिलेश यादव को अब समझ जाना चाहिए कि प्रदेश की जनता उन्हें देखना पसंद नहीं करती। उन्होंने दावा किया कि समाजवादी पार्टी को संगठनात्मक स्तर पर मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है और यही कारण है कि अखिलेश को बीते कुछ दिनों में कई जिलों की कमेटियां भंग करनी पड़ी है।
- कन्नौज में पीडीए सम्मेलन की भीड़ पर उठाए सवाल
कन्नौज में आयोजित सपा के पीडीए सम्मेलन में खाली कुर्सियों और अपेक्षा से कम भीड़ जुटने की चर्चा के बीच राजभर ने कार्यक्रम को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव के अपने संसदीय क्षेत्र में हुए कार्यक्रम का परिणाम सभी देख रहे हैं। राजभर ने सपा के इस आयोजन को लेकर अखिलेश यादव पर निशाना साधा और कहा कि इस कार्यक्रम का रिजल्ट पूरा देश देख रहा है।
- ‘हमने कन्नौज में जुटाए थे 8 से 10 हजार लोग’
राजभर ने कन्नौज में अपने कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि मई के अंतिम दिनों में वहां आयोजित कार्यक्रम में 8 से 10 हजार लोग जुटे थे। उन्होंने सपा के पीडीए सम्मेलन से इसकी तुलना करते हुए कहा कि दोनों कार्यक्रमों के परिणाम सामने हैं। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात देखकर सपा प्रमुख समझ गए हैं कि अब उन्हें सत्ता में नहीं आना है। इससे पहले ओपी राजभर ने सोशल मीडिया पर भी पोस्ट कर अखिलेश यादव पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने लिखा कि जिस कन्नौज से अखिलेश यादव सांसद हैं, वहीं की जनता ने उन्हें उनकी हैसियत दिखा दी है।
नारी गरिमा से खिलवाड़ स्वीकार नहीं: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

- शारदीय नवरात्रि की महानवमी पर गोरखनाथ मंदिर में मुख्यमंत्री योगी ने किया कन्या पूजन, पैर पखारकर ओढ़ाई चुनरी, परोसा भोजन
- विंध्यवासिनी धाम में एक दिन में 25 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किए दर्शन, प्रदेश में 45 हजार स्थानों पर सजे दुर्गा पूजा पंडाल
- सीएम योगी बोले - विजयादशमी पर समाज को तोड़ने वाली शक्तियों को करें बेनकाब
- नशे और भ्रष्टाचार जैसी बुराइयों को समाप्त करने का संकल्प लें : मुख्यमंत्री योगी

गोरखपुर, 19 अक्टूबर 2026। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जो समाज जगत जननी मां भगवती का उपासक है, वहां नारी गरिमा के विपरीत आचरण की कोई जगह नहीं हो सकती। सनातन परंपरा ने सदैव मातृशक्ति की सुरक्षा, सम्मान और गरिमा को सर्वोच्च स्थान दिया है। नवरात्रि में कन्याओं का पूजन इसी भाव का प्रतीक है। सरकार ने इस परंपरा को केवल धार्मिक अनुष्ठानों तक सीमित नहीं रखा, बल्कि नारी सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली का हिस्सा बनाया है। मिशन शक्ति अभियान इसी संकल्प से प्रेरित है।
मुख्यमंत्री योगी सोमवार को शारदीय नवरात्रि की महानवमी पर गोरखनाथ मंदिर में कन्या पूजन के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। इससे पहले उन्होंने मंदिर की परंपरा के अनुसार कुंवारी कन्याओं के पैर पखारे, तिलक लगाया, माला पहनाई और चुनरी ओढ़ाकर पूजन किया। बटुकों का भी पूजन किया। मुख्यमंत्री ने अपने हाथों से कन्याओं को भोजन परोसा। पूजन के उपरांत कन्याओं को दक्षिणा और उपहार भेंट किए गए। इस अवसर पर साधु-संत और अन्य लोग उपस्थित रहे।
- मातृशक्ति के सम्मान की परंपरा को आगे बढ़ा रही सरकार
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि जगत जननी मां भगवती का नवम स्वरूप सभी सिद्धियां प्रदान करने वाला है। महानवमी पर कन्या पूजन के माध्यम से सनातन धर्मावलंबी मातृशक्ति के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हैं। बासंतिक और शारदीय नवरात्रि की परंपरा नारी के प्रति सर्वोच्च सम्मान का संदेश देती है। गोरखनाथ मंदिर की इस पावन परंपरा से जुड़कर कन्याओं का पूजन और उन्हें भोजन कराने का अवसर मिलना उनका सौभाग्य है। उन्होंने कहा कि नारी सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। प्रदेश के प्रत्येक थाने में महिला हेल्प डेस्क स्थापित की गई है। महिलाओं की समस्याओं के समाधान के लिए अलग कक्ष की व्यवस्था है, जहां महिला बीट पुलिस अधिकारी अथवा उपनिरीक्षक स्तर की महिला अधिकारी उनकी समस्याएं सुनती हैं। महिलाओं की सहायता के लिए 1090 वीमेन हेल्पलाइन भी संचालित है।
- यूपी पुलिस में महिला कार्मिकों की संख्या 10 हजार से बढ़कर 45 हजार
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि वर्ष 2017 तक उत्तर प्रदेश पुलिस में लगभग 10 हजार महिला कार्मिक थीं। आज यह संख्या बढ़कर करीब 45 हजार हो गई है। पुलिस भर्ती में महिलाओं के लिए 20 प्रतिशत सीटें आरक्षित की गई हैं। महिला पुलिसकर्मी प्रदेश में बेहतर सुरक्षा का माहौल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, मातृ वंदना योजना और नारी शक्ति वंदन अधिनियम नारी गरिमा तथा स्वावलंबन को नई दिशा दे रहे हैं। मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के तहत बेटी के जन्म से स्नातक तक की शिक्षा के लिए विभिन्न चरणों में 25 हजार रुपये उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
- पांच लाख से अधिक कन्याओं का सामूहिक विवाह
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत विवाह के लिए एक लाख रुपये की सहायता दी जा रही है। अब तक पांच लाख से अधिक कन्याओं के विवाह इस योजना के माध्यम से संपन्न हो चुके हैं। प्रदेश में 54 हजार बीसी सखी ग्राम पंचायतों में बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध करा रही हैं। ड्रोन दीदी और लखपति दीदी जैसे कार्यक्रमों से भी महिलाओं को आगे बढ़ने के अवसर मिल रहे हैं। सरकार बेटियों की शिक्षा, प्रशिक्षण और आत्मनिर्भरता के लिए लगातार काम कर रही है। - विंध्यवासिनी धाम में एक दिन में 25 लाख से अधिक श्रद्धालु
मुख्यमंत्री योगी ने बताया कि शारदीय नवरात्रि में प्रदेश के लगभग 45 हजार स्थानों पर दुर्गा पूजा पंडाल स्थापित किए गए हैं। देवी मंदिरों और शक्तिपीठों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। मां विंध्यवासिनी धाम में कॉरिडोर निर्माण के बाद श्रद्धालुओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। रविवार को 25 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन-पूजन किया। सोमवार को भी 20 से 25 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। उन्होंने बताया कि शक्तिपीठ देवीपाटन, सहारनपुर स्थित मां शाकंभरी पीठ और सीतापुर के ललिता देवी शक्तिपीठ में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। शासन-प्रशासन ने दर्शनार्थियों की सुविधा, सुरक्षा और सुगम आवागमन के लिए व्यापक प्रबंध किए हैं।
- विजयादशमी पर सामाजिक बुराइयों के दहन का लें संकल्प
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि मंगलवार को विजयादशमी का पर्व मनाया जाएगा। यह अधर्म, असत्य और अन्याय पर धर्म, सत्य और न्याय की विजय का उत्सव है। प्रभु श्रीराम की विजय का यह पर्व समाज को अपनी बुराइयों से मुक्त होने का संदेश देता है। रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों के दहन के साथ नशे, भ्रष्टाचार, अराजकता, असुरक्षा और आतंकवाद जैसी बुराइयों के खात्मे का भी संकल्प लेना चाहिए।
उन्होंने समाज की एकता को भंग कर राष्ट्र को कमजोर करने का प्रयास करने वाले अराजक तत्वों को बेनकाब करने का आह्वान किया। कहा कि विजयादशमी पर रामलीला और पुतला दहन के आयोजनों के लिए व्यापक तैयारियां की गई हैं। यातायात प्रबंधन और सुरक्षा के साथ सभी निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। पर्व उत्साह और उमंग से मनाएं, लेकिन अनुशासन और सुरक्षा की अनदेखी न करें।
मुख्यमंत्री योगी ने प्रदेशवासियों को महानवमी की बधाई देते हुए मां भगवती से सभी के सुख और समृद्धि की कामना की। विजयादशमी की अग्रिम शुभकामनाएं देते हुए कहा कि पर्व केवल उत्सव मनाने का अवसर नहीं, बल्कि समाज को नशे, भ्रष्टाचार, अराजकता और विभाजनकारी प्रवृत्तियों से मुक्त करने का संकल्प लेने का भी अवसर है।
मुख्यमंत्री योगी ने लिखी प्रदेशवासियों के नाम पाती
मेरे सम्मानित प्रदेशवासियों,
लखनऊ। शारदीय नवरात्र की महानवमी की हृदय से बधाई एवं विजयादशमी की अनंत शुभकामनाएं। मां दुर्गा का प्रबल पराक्रम और प्रभु श्रीराम का धर्मनिष्ठ जीवन हमें अन्याय के प्रतिकार, नारी-सम्मान तथा कर्तव्यपालन की प्रेरणा देता है।
मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम के आदर्शों के अनुरूप हमारी सरकार ने प्रदेश में कानून के शासन और नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। माफिया के कब्जे से मुक्त कराई गई भूमि पर गरीबों के लिए आवास बनाए गए हैं। मुझे संतोष है कि इसी क्रम में प्रयागराज के कसारी-मसारी में माफिया के कब्जे से मुक्त भूमि पर गरीबों के लिए आवास बनेंगे। यह क्षेत्र 'श्रीकृष्णपुरी' के रूप में विकसित होगा।
मेरा आपसे विशेष आग्रह है कि इस विजयादशमी पर अहंकार, अन्याय, भेदभाव और नकारात्मकता रूपी रावण के दहन के साथ नशे की लत, पारिवारिक कलह, जातीय भेदभाव और दहेज-प्रथा जैसी सामाजिक कुरीतियों से मुक्ति का संकल्प भी लें।
विधायक अभय सिंह के प्रथम आगमन पर पार्षद सुनीता गुप्ता ने किया भव्य स्वागत
- महिला मोर्चा की बहनों के साथ पुष्पगुच्छ भेंट कर किया अभिनंदन, नए राजनीतिक दायित्व के लिए दीं शुभकामनाएं
अयोध्या। गोसाईगंज के विधायक अभय सिंह के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होने के बाद पार्टी कार्यालय में प्रथम आगमन पर उनका भव्य स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर नगर निगम अयोध्या की नामित पार्षद सुनीता गुप्ता ने महिला मोर्चा की बहनों के साथ पुष्पगुच्छ भेंट कर विधायक अभय सिंह का स्वागत किया।
स्वागत समारोह के दौरान महिला मोर्चा की बहनों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए विधायक अभय सिंह का अभिनंदन किया। पूरे कार्यक्रम में उत्साह और सौहार्द का वातावरण देखने को मिला। महिला मोर्चा की कार्यकर्ताओं की उपस्थिति ने समारोह को विशेष गरिमा प्रदान की।
इस अवसर पर पार्षद सुनीता गुप्ता ने विधायक अभय सिंह को उनके नए राजनीतिक सफर एवं दायित्वों के लिए शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल राजनीतिक भविष्य की मंगलकामना की। कार्यक्रम के माध्यम से कार्यकर्ताओं ने आपसी सौहार्द और संगठनात्मक एकजुटता का परिचय दिया।
‘ 27 में सपा साफ’, साइकिल का चेन टूटा, टायर फटने वाला है: ओम प्रकाश राजभर
- कन्नौज में सपा की जिला इकाई भंग होने पर राजभर ने अखिलेश को घेरा, पीडीए की राजनीति पर भी उठाए सवाल
‘एसी-पीसी और ट्विटर से बाहर निकलिए’, ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव पर कसा तंज
लखनऊ, 19 अक्टूबर 2026। प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। कन्नौज में सपा की जिला इकाई भंग किए जाने को लेकर राजभर ने अखिलेश पर तंज कसते हुए कहा कि जब वह खुद ही एसी, पीसी और ट्विटर की दुनिया से बाहर नहीं निकलेंगे तो जिले के नेता क्या करेंगे? उन्होंने सपा की राजनीतिक स्थिति पर कटाक्ष करते हुए कहा, ‘सत्ताईस में सपा साफ है।’
ओम प्रकाश राजभर ने रविवार को एक्स पर पोस्ट कर अखिलेश यादव को निशाने पर लिया। उन्होंने लिखा, ‘अखिलेश जी, सुना है आपने अपनी पार्टी की कन्नौज जिला इकाई को भंग कर दिया है। ए महाराज, उनकी क्या गलती थी? जब आप खुद ही एसी, पीसी और ट्विटर की दुनिया से बाहर नहीं निकलेंगे तो जिला वाले बेचारे क्या करेंगे?’ राजभर ने आगे तंज कसते हुए कहा कि जिस कन्नौज की जनता को अखिलेश यादव खानदानी विरासत समझकर ‘खयाली गढ़’ बनाए हुए थे, वहीं पर उनकी हैसियत का पता चल गई और कुर्सियां खाली रह गईं।
- कन्नौज को लेकर अखिलेश की राजनीतिक विरासत पर निशाना
राजभर ने अपने पोस्ट में अखिलेश यादव के पिता मुलायम सिंह यादव और चाचा शिवपाल सिंह यादव का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने खून-पसीना बहाकर कन्नौज को सपा का गढ़ बनाया था। इसके बाद उन्होंने अखिलेश यादव को अपने समय में पार्टी की स्थिति देखने की नसीहत दी। राजभर ने दावा किया कि प्रदेश का गैर यादव पिछड़ा और बहुजन समाज अखिलेश यादव को पूरी तरह खारिज कर चुका है।
कन्नौज में सपा की जिला इकाई भंग किए जाने का घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब राजनीतिक दल 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटे हैं। राजभर ने इसी मुद्दे को आधार बनाकर सपा के संगठन और नेतृत्व पर सवाल उठाए। हालांकि, जिला इकाई भंग किए जाने के पीछे पार्टी की ओर से बताई गई वजह और राजभर के राजनीतिक आरोप अलग-अलग विषय हैं।
- ‘साइकिल का चेन टूट गया, टायर फटने वाला है’
अखिलेश यादव पर कटाक्ष करते हुए राजभर ने साइकिल के प्रतीक का भी उल्लेख किया। उन्होंने लिखा कि साइकिल चलाने वाले असली नेता जा चुके हैं और अखिलेश यादव अपने पिता व चाचा की साइकिल का हैंडल सही तरीके से नहीं संभाल पाए। उन्होंने आगे तंज कसा, ‘आपके लोडर भी समझ चुके हैं कि साइकिल का चेन टूट गया है, अब रिम टेढ़ा होने वाला है। टायर बस फटने ही वाला है।’ राजभर ने अपने पोस्ट के अंत में लिखा, ‘ऐसे ही मैंने नहीं कहा था कि सत्ताईस में सपा साफ है!’ उनके इस बयान को आगामी विधानसभा चुनाव से पहले सपा नेतृत्व पर किए गए राजनीतिक हमले के रूप में देखा जा रहा है।
- पीडीए की राजनीति पर भी उठाए सवाल
ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव की पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) राजनीति पर भी निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि गैर यादव पिछड़ा और बहुजन समाज सपा को खारिज कर चुका है। राजभर के इस बयान में कन्नौज के संगठनात्मक घटनाक्रम के साथ सपा की सामाजिक समीकरणों पर आधारित राजनीति को भी निशाने पर लिया गया है।
- अखिलेश यादव पर आए दिन हमलावर रहते हैं राजभर, सोशल मीडिया के जरिए साधते हैं सियासी निशाना
यह पहला मौका नहीं है, जब ओम प्रकाश राजभर ने सोशल मीडिया के माध्यम से अखिलेश यादव पर निशाना साधा है। राजभर आए दिन एक्स पर पोस्ट के जरिए सपा प्रमुख की राजनीतिक रणनीति, पीडीए के दावे और पार्टी के नेतृत्व को लेकर तंज कसते रहे हैं। उनके ताजा बयान में भी कन्नौज की जिला इकाई भंग किए जाने के बहाने अखिलेश यादव पर हमला बोलते हुए 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर सपा की तैयारियों और राजनीतिक समीकरणों पर सवाल उठाए गए हैं।
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने महानवमी के अवसर पर प्रदेशवासियों को दी बधाई
लखनऊ । 19 अक्टूबर 2026।
उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने शारदीय नवरात्रि में महाअष्टमी एवं महानवमी के अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने माँ भगवती से प्रदेशवासियों के शांति,सुख,  समृद्धि और कल्याण की कामना की है।
श्री मौर्य ने कहा कि नवरात्रि में माँ दुर्गा की आराधना मातृशक्ति के प्रति सनातन परम्परा के सम्मान का प्रतीक है। आदिशक्ति प्रधान नौ रूपों में नवदुर्गा बनकर चराचर जगत पर अपनी करुणा की वर्षा करती हैं। यह पर्व मातृशक्ति के प्रति भारत की भावना का प्रभावी प्रतिनिधित्व करता है।
सशक्त नारी, समृद्ध उत्तर प्रदेश: महिलाओं के जीवन में सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता के नए अवसर
- सीएम योगी ने मां महागौरी की पूजा-अर्चना कर नारीशक्ति के सशक्तीकरण पर दिया जोर, कहा- स्वयं सहायता समूहों से जुड़ीं 1.20 करोड़ से अधिक महिलाएं
- आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का मानदेय ₹3,000 से बढ़ाकर ₹12,000 प्रतिमाह करने का किया उल्लेख, 31 जिलों की चार लाख से अधिक महिलाएं दुग्ध उत्पादक कंपनियों से जुड़कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को दे रहीं मजबूती
लखनऊ, 18 अक्टूबर 2026। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शारदीय नवरात्र की अष्टमी तिथि पर मां महागौरी की पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर उन्होंने नारीशक्ति के सम्मान, सुरक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक स्वावलंबन को समाज की प्रगति का आधार बताया। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कहा कि मां महागौरी की आराधना हमें प्रेरित करती है कि हर मां स्वस्थ और सुरक्षित हो, हर बेटी को बेहतर पोषण एवं उज्ज्वल भविष्य मिले और प्रत्येक महिला सम्मान के साथ आत्मनिर्भर जीवन जी सके। उन्होंने कहा कि प्रदेश में नारीशक्ति का जीवन सुरक्षा, सम्मान, सामर्थ्य और समृद्धि से आलोकित हो रहा है।
- नारीशक्ति को बनाया विकास का भागीदार
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार महिलाओं को विकास प्रक्रिया का सक्रिय भागीदार बनाने के लिए सुरक्षा, सम्मान, पोषण, शिक्षा और आर्थिक स्वावलंबन से जुड़े अवसरों का विस्तार कर रही है। सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उनकी सामाजिक-आर्थिक स्थिति मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है।
- स्वयं सहायता समूहों को सौंपी पोषण व्यवस्था की जिम्मेदारी
मुख्यमंत्री ने वर्ष 2017 से पहले की व्यवस्था का उल्लेख करते हुए कहा कि बच्चों के पोषण से जुड़ी व्यवस्थाओं में पहले अनियमितताओं की समस्या थी। प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के बाद टेक होम राशन के उत्पादन और वितरण की जिम्मेदारी स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को सौंपी गई। उनके अनुसार, इस पहल से व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाने, महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित करने और उनके आर्थिक स्वावलंबन को प्रोत्साहित करने में मदद मिली। साथ ही, पोषण सेवाओं को मजबूत करने और कुपोषण के खिलाफ अभियान को प्रभावी बनाने पर भी ध्यान दिया गया।
- आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का मानदेय बढ़ाकर किया ₹12 हजार
मुख्यमंत्री ने बताया कि बच्चों के पोषण और प्रारंभिक शिक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का मानदेय ₹3,000 से बढ़ाकर ₹12,000 प्रतिमाह किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि कार्यकत्रियों को स्वास्थ्य बीमा का लाभ देकर उनके स्वास्थ्य, सुरक्षा और सामाजिक कल्याण को मजबूती देने का प्रयास किया गया है।
- चार लाख से अधिक महिलाएं दे रहीं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती
मुख्यमंत्री के अनुसार, प्रदेश के 31 जिलों में चार लाख से अधिक महिलाएं बलिनी, सामर्थ्य, काशी, बाबा गोरखनाथ और सृजनी जैसी दुग्ध उत्पादक कंपनियों से जुड़ी हैं। ये महिलाएं दुग्ध उत्पादन के माध्यम से आय अर्जित करने के साथ उद्यमिता और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ाने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देने में मदद मिल रही है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में बीसी सखी पहल भी ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने और गांवों में बैंकिंग एवं वित्तीय सेवाओं की पहुंच बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
- 1.20 करोड़ से अधिक महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ीं
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 1 करोड़ 20 लाख से अधिक महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर आत्मनिर्भरता की नई राह बना रही हैं। लखपति दीदी पहल के माध्यम से महिलाओं को अपनी मेहनत, हुनर और उद्यमशीलता के जरिए नियमित आय अर्जित करने के अवसर मिल रहे हैं। इससे महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत होने के साथ परिवारों की खुशहाली और ग्रामीण विकास को भी गति मिल रही है।
मुख्यमंत्री ने नवरात्र के पावन अवसर पर नारीशक्ति के सम्मान और सशक्तीकरण के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान, सामर्थ्य और समृद्धि ही विकसित उत्तर प्रदेश की आधारशिला है। सशक्त नारी, समृद्ध उत्तर प्रदेश के संकल्प के साथ महिलाओं को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के प्रयास जारी हैं।
किसानों के बच्चों के लिए दोगुनी हुईं छात्रवृत्ति की सीटें
- कृषि वैज्ञानिकों, विशेषज्ञों और उद्यमियों की नई पीढ़ी तैयार करने की दिशा में बड़ा कदम
- प्रत्येक कृषि विवि में 90 और प्रत्येक कृषि महाविद्यालय में 30 विद्यार्थियों तक को सालाना 60 हजार रुपये की छात्रवृत्ति
- किसानों और खेतिहर मजदूरों के मेधावी बच्चों को मिलेगा योजना का लाभ : निदेशक मंडी परिषद जितेंद्र प्रताप सिंह

लखनऊ। प्रदेश सरकार ने किसानों और खेतिहर मजदूरों के मेधावी बच्चों के लिए कृषि शिक्षा में छात्रवृत्ति की निर्धारित सीटें दोगुनी कर दी हैं। राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद की मुख्यमंत्री कृषक छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत अब प्रत्येक कृषि विश्वविद्यालय एवं कृषि संस्थान में 45 के स्थान पर 90 तथा प्रत्येक कृषि महाविद्यालय में 15 के स्थान पर 30 विद्यार्थियों को मेरिट के आधार पर सालाना 60 हजार रुपये की छात्रवृत्ति मिलेगी।
वर्तमान में मंडी परिषद द्वारा मुख्यमंत्री कृषक छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत प्रदेश के 11 कृषि विश्वविद्यालयों एवं कृषि संस्थानों तथा 61 क़ृषि महाविद्यालयों में अध्ययनरत पात्र विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति प्रदान की जा रही है। सीटों में बढ़ोतरी के बाद इन संस्थानों में छात्रवृत्ति की कुल निर्धारित संख्या 1,410 से बढ़कर 2,820 हो गई है। इससे अधिक मेधावी विद्यार्थियों को उच्च कृषि शिक्षा का अवसर मिलेगा और भविष्य में कृषि वैज्ञानिकों, विशेषज्ञों तथा कृषि आधारित उद्यमियों की नई पीढ़ी तैयार होने की संभावनाएं भी मजबूत होंगी।
- सालाना मिलेगी 60 हजार रुपये की छात्रवृत्ति
मंडी परिषद ने छात्रवृत्ति की मासिक राशि तीन हजार से बढ़ाकर पांच हजार रुपये कर दी है। इससे चयनित विद्यार्थियों को अब सालाना 36 हजार के स्थान पर 60 हजार रुपये मिलेंगे। प्रत्येक चयनित विद्यार्थी को 24 हजार रुपये की अतिरिक्त वार्षिक आर्थिक सहायता प्राप्त होगी।
- अब तक 6,454 विद्यार्थियों को 22.90 करोड़ की सहायता
मुख्यमंत्री कृषक छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2017-18 से 2025-26 तक कुल 6,454 विद्यार्थियों को लगभग 22.90 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान की जा चुकी है। अब निर्धारित संख्या बढ़ने से अधिक मेधावी विद्यार्थियों को योजना का लाभ प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। संशोधित व्यवस्था में कृषि विश्वविद्यालयों एवं संस्थानों में कृषि स्नातक के लिए छात्रवृत्ति की संख्या 25 से बढ़ाकर 50, गृह विज्ञान स्नातक के लिए 6 से 12, कृषि स्नातकोत्तर के लिए 10 से 20 तथा गृह विज्ञान स्नातकोत्तर के लिए 4 से 8 कर दी गई है। कृषि महाविद्यालयों में स्नातक स्तर पर यह संख्या 10 से बढ़ाकर 20 तथा स्नातकोत्तर स्तर पर 5 से बढ़ाकर 10 की गई है। कृषि के साथ उद्यान, वानिकी, पशुपालन एवं संबंधित विषयों में अध्ययनरत पात्र विद्यार्थी भी योजना में शामिल हैं।
- मेरिट से चयन, खेतिहर मजदूरों के बच्चों को भी लाभ
योजना के अंतर्गत उत्तर प्रदेश के निवासी कृषकों एवं खेतिहर मजदूरों के पुत्र-पुत्रियों तथा उन पर पूर्ण रूप से आश्रित विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति दी जाती है। स्नातक पाठ्यक्रम के लिए यूपी बोर्ड से इंटरमीडिएट में न्यूनतम 70 प्रतिशत तथा अन्य बोर्ड से 85 प्रतिशत अंक आवश्यक हैं। स्नातकोत्तर के लिए स्नातक स्तर पर कम से कम 70 प्रतिशत अंक निर्धारित हैं। चयन मेरिट के आधार पर होता है। मंडी परिषद के निदेशक जितेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में किसानों और खेतिहर मजदूरों के मेधावी बच्चों को उच्च कृषि शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। छात्रवृत्ति की संख्या और धनराशि में वृद्धि से आर्थिक रूप से कमजोर किसान परिवारों के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को अपनी पढ़ाई आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।
लखनऊ में ‘दशानन रावण’ पोस्टर से सियासी हलचल, राहुल गांधी से एलन मस्क तक की तस्वीरें शामिल

- सनातनी रक्षा दल ने शहर के विभिन्न चौराहों पर लगाए पोस्टर, ‘सनातन भारत के विरोधी रावण’ लिखकर कई हस्तियों को दिखाया दस सिरों के रूप में
लखनऊ। राजधानी लखनऊ के विभिन्न चौराहों पर सनातनी रक्षा दल की ओर से लगाए गए ‘दशानन रावण’ के पोस्टर चर्चा का विषय बने हुए हैं। पोस्टरों पर ‘सनातन भारत के विरोधी रावण’ शीर्षक लिखा गया है। इनमें रावण के दस चेहरों के रूप में कई राजनीतिक हस्तियों, चर्चित व्यक्तियों और अन्य सार्वजनिक शख्सियतों की तस्वीरें शामिल की गई हैं।
पोस्टर में कांग्रेस नेता राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव, दिवंगत अतीक अहमद और मुख्तार अंसारी, कारोबारी एलन मस्क, अमेरिकी सांसद इल्हान उमर, बांग्लादेश के अंतरिम सरकार के प्रमुख रहे मोहम्मद यूनुस, जॉर्ज सोरोस और वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण समेत अन्य लोगों की तस्वीरें लगाई गई हैं।
सनातनी रक्षा दल का आरोप है कि पोस्टर में शामिल लोग भारत विरोधी बयान देते हैं और देश में सत्ता परिवर्तन या तख्तापलट की मंशा रखते हैं। संगठन ने इन आरोपों को पोस्टर के माध्यम से प्रतीकात्मक रूप में प्रस्तुत किया है। हालांकि, ये आरोप संगठन के अपने दावे हैं और पोस्टर में शामिल सभी व्यक्तियों के संबंध में इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
पोस्टर की सबसे चर्चित बात इसमें अमेरिकी कारोबारी एलन मस्क की तस्वीर का शामिल होना है। भारतीय राजनीति से जुड़े चेहरों के साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चित व्यक्तियों को एक ही पोस्टर में दर्शाए जाने से यह मामला खासा ध्यान आकर्षित कर रहा है। शहर के विभिन्न चौराहों पर लगाए गए इन पोस्टरों के जरिए संगठन ने अपना राजनीतिक और वैचारिक संदेश देने की कोशिश की है।