सशक्त नारी, समृद्ध उत्तर प्रदेश: महिलाओं के जीवन में सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता के नए अवसर
- सीएम योगी ने मां महागौरी की पूजा-अर्चना कर नारीशक्ति के सशक्तीकरण पर दिया जोर, कहा- स्वयं सहायता समूहों से जुड़ीं 1.20 करोड़ से अधिक महिलाएं
- आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का मानदेय ₹3,000 से बढ़ाकर ₹12,000 प्रतिमाह करने का किया उल्लेख, 31 जिलों की चार लाख से अधिक महिलाएं दुग्ध उत्पादक कंपनियों से जुड़कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को दे रहीं मजबूती
लखनऊ, 18 अक्टूबर 2026। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शारदीय नवरात्र की अष्टमी तिथि पर मां महागौरी की पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर उन्होंने नारीशक्ति के सम्मान, सुरक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक स्वावलंबन को समाज की प्रगति का आधार बताया। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कहा कि मां महागौरी की आराधना हमें प्रेरित करती है कि हर मां स्वस्थ और सुरक्षित हो, हर बेटी को बेहतर पोषण एवं उज्ज्वल भविष्य मिले और प्रत्येक महिला सम्मान के साथ आत्मनिर्भर जीवन जी सके। उन्होंने कहा कि प्रदेश में नारीशक्ति का जीवन सुरक्षा, सम्मान, सामर्थ्य और समृद्धि से आलोकित हो रहा है।
- नारीशक्ति को बनाया विकास का भागीदार
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार महिलाओं को विकास प्रक्रिया का सक्रिय भागीदार बनाने के लिए सुरक्षा, सम्मान, पोषण, शिक्षा और आर्थिक स्वावलंबन से जुड़े अवसरों का विस्तार कर रही है। सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उनकी सामाजिक-आर्थिक स्थिति मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है।
- स्वयं सहायता समूहों को सौंपी पोषण व्यवस्था की जिम्मेदारी
मुख्यमंत्री ने वर्ष 2017 से पहले की व्यवस्था का उल्लेख करते हुए कहा कि बच्चों के पोषण से जुड़ी व्यवस्थाओं में पहले अनियमितताओं की समस्या थी। प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के बाद टेक होम राशन के उत्पादन और वितरण की जिम्मेदारी स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को सौंपी गई। उनके अनुसार, इस पहल से व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाने, महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित करने और उनके आर्थिक स्वावलंबन को प्रोत्साहित करने में मदद मिली। साथ ही, पोषण सेवाओं को मजबूत करने और कुपोषण के खिलाफ अभियान को प्रभावी बनाने पर भी ध्यान दिया गया।
- आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का मानदेय बढ़ाकर किया ₹12 हजार
मुख्यमंत्री ने बताया कि बच्चों के पोषण और प्रारंभिक शिक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का मानदेय ₹3,000 से बढ़ाकर ₹12,000 प्रतिमाह किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि कार्यकत्रियों को स्वास्थ्य बीमा का लाभ देकर उनके स्वास्थ्य, सुरक्षा और सामाजिक कल्याण को मजबूती देने का प्रयास किया गया है।
- चार लाख से अधिक महिलाएं दे रहीं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती
मुख्यमंत्री के अनुसार, प्रदेश के 31 जिलों में चार लाख से अधिक महिलाएं बलिनी, सामर्थ्य, काशी, बाबा गोरखनाथ और सृजनी जैसी दुग्ध उत्पादक कंपनियों से जुड़ी हैं। ये महिलाएं दुग्ध उत्पादन के माध्यम से आय अर्जित करने के साथ उद्यमिता और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ाने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देने में मदद मिल रही है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में बीसी सखी पहल भी ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने और गांवों में बैंकिंग एवं वित्तीय सेवाओं की पहुंच बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
- 1.20 करोड़ से अधिक महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ीं
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 1 करोड़ 20 लाख से अधिक महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर आत्मनिर्भरता की नई राह बना रही हैं। लखपति दीदी पहल के माध्यम से महिलाओं को अपनी मेहनत, हुनर और उद्यमशीलता के जरिए नियमित आय अर्जित करने के अवसर मिल रहे हैं। इससे महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत होने के साथ परिवारों की खुशहाली और ग्रामीण विकास को भी गति मिल रही है।
मुख्यमंत्री ने नवरात्र के पावन अवसर पर नारीशक्ति के सम्मान और सशक्तीकरण के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान, सामर्थ्य और समृद्धि ही विकसित उत्तर प्रदेश की आधारशिला है। सशक्त नारी, समृद्ध उत्तर प्रदेश के संकल्प के साथ महिलाओं को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के प्रयास जारी हैं।
Oct 19 2026, 18:08
- Whatsapp
- Facebook
- Linkedin
- Google Plus
2- Whatsapp
- Facebook
- Linkedin
- Google Plus
0.1k