राहत: चिकित्सकीय लापरवाही पर अब मेडिकल बोर्ड की जांच के बाद होगी कार्रवाई
- यूपी में शासन ने जारी की एसओपी, आरोपी डॉक्टर के खिलाफ सीधे गिरफ्तारी की जगह पहले होगी विशेषज्ञों से जांच; डीएम और सीएमओ को भेजे गए निर्देश
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में चिकित्सकीय लापरवाही से जुड़े मामलों के निस्तारण के लिए शासन ने नई मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी की है। इसके तहत डॉक्टरों के खिलाफ चिकित्सकीय लापरवाही की शिकायतों की जांच के लिए जिला और राज्य स्तर पर मेडिकल बोर्ड गठित किए जाएंगे। शिकायतों की जांच और बोर्ड की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। शासन ने इस संबंध में सभी जिलाधिकारियों (डीएम) और मुख्य चिकित्सा अधिकारियों (सीएमओ) को निर्देश जारी कर दिए हैं। शासन की ओर से जारी आदेश के अनुसार, चिकित्सकीय लापरवाही से संबंधित शिकायत मिलने पर जिलाधिकारी उसे जांच के लिए सीएमओ को भेजेंगे। इसके बाद जिला स्तरीय मेडिकल बोर्ड मामले की जांच कर तीन दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट देगा। इस व्यवस्था का उद्देश्य चिकित्सकीय लापरवाही से जुड़े मामलों में विशेषज्ञों की राय के आधार पर तथ्यों का परीक्षण कर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित करना है।
- राज्य स्तर पर गठित होगा मेडिकल बोर्ड
चिकित्सकीय लापरवाही से जुड़े मामलों की राज्य स्तर पर सुनवाई और परीक्षण के लिए राज्य मेडिकल बोर्ड का गठन किया जाएगा। इस बोर्ड के अध्यक्ष चिकित्सा एवं स्वास्थ्य महानिदेशक होंगे। बोर्ड में विभिन्न चिकित्सा संस्थानों के विशेषज्ञों और संबंधित विभागों के अधिकारियों को शामिल किया जाएगा, ताकि मामलों की जांच में चिकित्सकीय और कानूनी पहलुओं का समुचित आकलन किया जा सके। आदेश के मुताबिक, चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण महानिदेशक (डीजीएमई) की ओर से नामित फॉरेंसिक मेडिसिन के प्रोफेसर को बोर्ड में शामिल किया जाएगा। इसके अलावा किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू), संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (एसजीपीजीआई), डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान और अन्य मेडिकल कॉलेजों से दो प्रोफेसर सदस्य होंगे। राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) का एक प्रतिनिधि तथा चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से नामित विधि अधिकारी भी बोर्ड के सदस्य होंगे।
- स्वास्थ्य महानिदेशालय के अधिकारी होंगे सदस्य सचिव
राज्य मेडिकल बोर्ड में स्वास्थ्य महानिदेशक की ओर से संयुक्त निदेशक स्तर के अधिकारी को सदस्य सचिव बनाया जाएगा। बोर्ड में चिकित्सा विशेषज्ञों के साथ विधि अधिकारी की भागीदारी से चिकित्सकीय तथ्यों और कानूनी पहलुओं की समीक्षा की जाएगी।
नई एसओपी के तहत चिकित्सकीय लापरवाही की शिकायतों में मेडिकल बोर्ड की जांच और रिपोर्ट को आगे की कार्रवाई के लिए महत्वपूर्ण आधार बनाया गया है। इससे ऐसे मामलों में विशेषज्ञों की राय के आधार पर निर्णय लेने की प्रक्रिया निर्धारित होगी। हालांकि, बोर्ड की जांच और रिपोर्ट के आधार पर पुलिस की गिरफ्तारी संबंधी शक्तियों पर लागू सटीक कानूनी प्रावधानों की पुष्टि शासनादेश के मूल पाठ से की जानी चाहिए।




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Oct 17 2026, 11:46
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