पश्चिम ही नहीं, पूरे यूपी में सपा की हालत खराब : राजभर
- अखिलेश यादव झूठ की दुकान हैं'… गन्ना किसानों के भुगतान पर राजभर ने दिलाई सपा शासन की याद
- 'अखिलेश ने प्रमोशन में आरक्षण खत्म किया, दलितों पर गुंडागर्दी की'… राजभर ने पूछा- सपा के साथ क्यों जाएंगे दलित?
- सपा के फर्जी वोटरों का खेल खत्म हुआ इसलिए SIR पर झूठ फैला रहे अखिलेश, राजभर का बड़ा हमला

लखनऊ, 16 अक्टूबर। यूपी सरकार में कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। अखिलेश यादव ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान गन्ना किसानों का मुद्दा उठाया था और पश्चिमी यूपी में सपा को मजबूत करने की बात कही थी। इस पर तंज कसते हुए राजभर ने कहा कि पश्चिम ही नहीं, पूरब समेत पूरे प्रदेश में सपा की हालत खराब है। गन्ना किसानों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि सपा और अखिलेश यादव के शासनकाल में किसानों के साथ जितना अन्याय हुआ, उतना कभी नहीं हुआ।
- सपा राज में महीनों तक नहीं होता था गन्ना किसानों का भुगतान
ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि अखिलेश यादव झूठ की दुकान हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा सरकार के दौरान गन्ना किसानों के साथ जितना अन्याय हुआ, उतना कभी नहीं हुआ। किसानों को महीनों तक भुगतान नहीं मिलता था और वे आत्महत्या करने को मजबूर थे। राजभर ने कहा कि योगी सरकार में गन्ना किसानों को रिकॉर्ड भुगतान हुआ है और अब 14 दिनों के भीतर भुगतान किया जा रहा है।
- पूरे यूपी में सपा की हालत खराब: राजभर
राजभर ने कहा कि पूरे उत्तर प्रदेश में सपा की हालत खराब है। उन्होंने कहा, 'पूरब में ओम प्रकाश राजभर, संजय निषाद और अनुप्रिया पटेल जी साइकिल की हवा निकाल रहे हैं।' उन्होंने दावा किया कि पश्चिमी यूपी में सपा का ऐसा हाल होगा, जिसकी उसने उम्मीद भी नहीं की होगी।
- दलित-पिछड़ों के सपा से जुड़ने के दावे पर उठाए सवाल
अखिलेश यादव के दलित और पिछड़े नेताओं के समाजवादी पार्टी से जुड़ने के दावे पर राजभर ने सपा के पुराने कार्यकाल का जिक्र किया। उन्होंने सवाल उठाया कि दलित सपा के साथ क्यों जुड़ेंगे? राजभर ने कहा कि सपा सरकार ने प्रमोशन में आरक्षण खत्म किया। सपा सरकार के दौरान दलितों के साथ तानाशाही और गुंडागर्दी हुई। बाबा साहब डॉ. आंबेडकर के नाम पर बने जिलों और पार्कों के नाम बदल दिए गए। राजभर ने सवाल किया कि क्या दलित इन बातों को भूल जाएंगे? गेस्ट हाउस कांड का जिक्र करते हुए राजभर ने आरोप लगाया कि मायावती की हत्या की योजना समाजवादी पार्टी के लोगों ने बनाई थी।
- '2027 में सपा का सफाया तय'
राजभर ने कहा कि अखिलेश यादव हताश हो गए हैं और उन्हें पता है कि 2027 में सपा का सफाया तय है। उन्होंने आरोप लगाया कि आज सपा चुनाव आयोग पर सवाल उठा रही है, जबकि उसका इतिहास फर्जी मतदान कराने का रहा है। राजभर ने कहा कि SIR से अखिलेश यादव को इसलिए दिक्कत हो रही है, क्योंकि उन्हें पता है कि अब सपा के फर्जी वोटर मतदान केंद्र तक नहीं पहुंच पाएंगे।
अराजकता फैलाकर सत्ता हथियाने का सपना देख रही शक्तियां: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

- मुख्यमंत्री योगी ने एक्स पर पोस्ट कर साधा निशाना, कहा- लोकतंत्र में सत्ता का रास्ता जनादेश से निकलता है, अराजकता से नहीं

- बांग्लादेश की तर्ज पर भारत में सत्ता परिवर्तन का स्वप्न देखने वालों पर प्रहार, युवाओं को अराजकता का औजार बनाने की कोशिश

- चुनाव सुधार और न्याय के नाम पर देश में अस्थिरता के बीज बोने का आरोप, कहा- षड्यंत्रों के अंधड़ से नहीं हिलेगा भारतीय लोकतंत्र

- सत्ता की भूख मिटाने के लिए नहीं, राष्ट्र निर्माण के लिए है युवाशक्ति, अराजकता की सियासी साजिश नहीं होने देंगे सफल

- राजनीति के मारीचों-कालनेमियों को जनता पहले ही सत्ता से कर चुकी है दूर, अब अराजकता फैलाकर कुर्सी हथियाने की कोशिश

लखनऊ, 16 अक्टूबर 2026।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देश में अराजकता फैलाकर सत्ता परिवर्तन का सपना देखने वाली शक्तियों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सत्ता का मार्ग जनादेश से निकलता है, अराजकता से नहीं। बांग्लादेश की तर्ज पर भारत में सत्ता परिवर्तन का स्वप्न देखने वाली शक्तियां युवाओं को राष्ट्र निर्माण के बजाय अराजकता की ओर धकेलना चाहती हैं। चुनाव सुधार का मुखौटा लगाकर, न्याय का नारा देकर और लोकतंत्र की दुहाई देकर देश में अस्थिरता के बीज बोने की कोशिश हो रही है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि भारत का लोकतंत्र जनविश्वास की मजबूत जड़ों पर खड़ा है। इसे किसी षड्यंत्र से हिलाया नहीं जा सकता।

मुख्यमंत्री योगी ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर देश में राजनीतिक अस्थिरता पैदा करने की कोशिशों पर निशाना साधा। उन्होंने लिखा कि बांग्लादेश की तर्ज पर भारत में सत्ता परिवर्तन का स्वप्न देखने वाली शक्तियां युवाओं के हाथों में राष्ट्र निर्माण की मशाल के स्थान पर अराजकता के औजार थमाना चाहती हैं। उनका इशारा उन शक्तियों की ओर था, जो लोकतांत्रिक प्रक्रिया के बजाय अराजकता के सहारे सत्ता तक पहुंचने का सपना देख रही हैं।

- चुनाव सुधार का मुखौटा लगाकर अस्थिरता फैलाने की कोशिश

मुख्यमंत्री ने चुनाव सुधार, न्याय और लोकतंत्र के नाम पर देश में अस्थिरता पैदा करने की कोशिशों को लेकर भी तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि चुनाव सुधार का मुखौटा, न्याय का नारा और लोकतंत्र की दुहाई देकर देश में अस्थिरता के बीज बोने वालों को समझना होगा कि भारत का लोकतंत्र जन विश्वास की जड़ों पर खड़ा विशाल वटवृक्ष है। षड्यंत्रों के अंधड़ उसे हिला नहीं सकते। मुख्यमंत्री का संदेश था कि सत्ता परिवर्तन का एकमात्र लोकतांत्रिक रास्ता जनता का जनादेश है, न कि अराजकता का सहारा लेना।

-राष्ट्र निर्माण के लिए है युवाशक्ति, सत्ता की भूख मिटाने के लिए नहीं

मुख्यमंत्री योगी ने युवाओं को अराजकता की राजनीति में इस्तेमाल करने की कोशिशों पर भी प्रहार किया। उन्होंने कहा कि भारत की युवाशक्ति देश का भविष्य संवारने के लिए है, किसी की सत्ता की भूख मिटाने के लिए नहीं। राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका को रेखांकित करते हुए उन्होंने उन शक्तियों पर निशाना साधा, जो अपने राजनीतिक उद्देश्यों के लिए युवाओं को अराजकता का औजार बनाना चाहती हैं।

- मारीचों- कालनेमियों को पहचान चुकी है जनता

मुख्यमंत्री ने अपने पोस्ट में राजनीतिक विरोधियों के लिए मारीच और कालनेमि का उल्लेख करते हुए तीखा कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि जनता-जनार्दन ने राजनीति के इन मारीचों -कालनेमियों को पहचानकर ही सत्ता से दूर रखा है। अब ये देश को अराजकता की आग में झोंककर कुर्सी हथियाना चाहते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश ऐसी किसी भी सियासी साजिश को सफल नहीं होने देगा।

नवरात्र में देवी मंदिरों से अखिलेश ने बनाई दूरी, यह तुष्टिकरण की पराकाष्ठा: प्रकाश पाल

- सपा मुखिया पर बरसे भाजपा के राज्यसभा सांसद - 'मस्जिद ले जाकर पत्नी का अपमान करा सकते हैं, सम्मान से देवी दर्शन से है परहेज'

- नवरात्र में देवी मंदिरों से विपक्ष की दूरी पर भाजपा का राहुल-अखिलेश पर प्रहार, कहा- सनातन विरोधी चेहरे फिर बेनकाब, शक्ति पर भारी पड़ेगा अहंकार

लखनऊ, 16 अक्टूबर। राज्यसभा सांसद एवं भाजपा के उत्तर प्रदेश पिछड़ा वर्ग मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष प्रकाश पाल ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के साथ इंडी गठबंधन पर सनातन धर्म के प्रति दुर्भावना रखने और तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया है। उन्होंने शुक्रवार को कानपुर स्थित अपने आवास पर पत्रकारों से कहा कि नवरात्र के पावन पर्व पर पूरा देश देवी भक्ति में लीन है। विपक्षी नेता जानबूझकर सनातन की आस्था के केंद्रों से दूरी बनाए हुए हैं।

- नवरात्र में देवी मंदिरों से अखिलेश ने बनाई दूरी

भाजपा सांसद प्रकाश पाल ने कहा कि मौजूदा समय में पूरा सनातन समाज शारदीय नवरात्र का महापर्व बड़े ही धूमधाम और श्रद्धाभाव से मना रहा है। नवरात्र के पहले दिन से ही सभी देवी मंदिरों में भक्तों का तांता लगा हुआ है और लोग आस्था के साथ दर्शन-पूजन कर रहे हैं। इसके विपरीत इंडी गठबंधन के प्रमुख नेता चाहे वह अखिलेश यादव हों या राहुल गांधी... अब तक किसी भी देवी मंदिर में नजर नहीं आए हैं। विशेष रूप से अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के किसी भी देवी मंदिर में उनको अब तक नहीं देखा गया है।

- तुष्टिकरण की पराकाष्ठा पर सपा और उसके सहयोगी दल

प्रकाश पाल ने तीखे शब्दों में कहा कि सपा और उसके सहयोगी अन्य विपक्षी दलों के नेता सनातन धर्म से दूरी बनाने की होड़ में इस कदर आगे बढ़ चुके हैं कि वे तुष्टिकरण में पूरी तरह व्यस्त हैं। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव अपनी पत्नी को अपने साथ लेकर दिल्ली की मस्जिद में जाकर अपमान तो करवा सकते हैं, लेकिन सम्मान के साथ किसी देवी मंदिर में जाना उन्हें गवारा नहीं है। पूरा सनातन समाज उनकी इस तुष्टिकरण की नीति को बहुत ध्यान से देख रहा है।

- राहुल गांधी के शक्ति वाले बयान पर किया पलटवार

कांग्रेस नेता राहुल गांधी के पुराने बयानों का उल्लेख करते हुए भाजपा सांसद ने कहा कि राहुल गांधी ने कहा था कि हिंदू धर्म में जो शक्ति है, मैं उसे खत्म करना चाहता हूं। पाल ने कहा कि हमारे सनातन धर्म में शक्ति का स्वरूप ही देवी शक्ति और नारी शक्ति है, जिसे खत्म करने की बात विपक्षी नेता करते हैं। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि जिस शक्ति को महिषासुर, चंड और मुंड जैसे असुर खत्म नहीं कर पाए, उसे ये राजनीतिक दल क्या खाक खत्म करेंगे। शक्ति की महिमा न्यारी है और वह चंड-मुंड पर सदैव भारी है।

नैमिष नगर से आईआईएम रोड के मध्य ग्रीन कॉरिडोर का निर्माण शुरू
- एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने स्थल निरीक्षण करके विकास कार्यों में तेजी लाने के दिये निर्देश
- 9.9 किलोमीटर लंबा ग्रीन कॉरिडोर आईआईएम रोड से नैमिष नगर होते हुए रैथा रोड से कनेक्ट होगा

लखनऊ। किसान पथ से आईआईएम रोड के मध्य आकार ले रहा ग्रीन कॉरिडोर अब सीधा नैमिष नगर से कनेक्ट होगा। इसके लिए आईआईएम रोड (घैला पुल) से नैमिष नगर के बीच 9.9 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर रूट का काम 53 करोड़ रूपये की लागत से शुरू हो गया है।
   लखनऊ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने गुरूवार को स्थल निरीक्षण करके विकास कार्यों का जायजा लिया। इसके अंतर्गत 24 मीटर चौड़ी बंधा रोड व लिंक रोड निर्मित की जाएगी। इससे बड़ी आबादी को सुगम यातायात के लिए मुख्य मार्ग उपलब्ध होगा। एलडीए ने नैमिष नगर योजना केे ब्रह्म खण्ड व भूमि खण्ड (फेज-1 एवं 2) में कुल 1673 भूखण्डों के लिए पंजीकरण खोला हुआ है। जिसके दृष्टिगत इन दोनों सेक्टरों में तेजी से विकास कार्य कराये जा रहे हैं। निरीक्षण के दौरान एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने सर्वप्रथम ग्राम-पलहरी में बने साइट ऑफिस में बैठक करके विकास कार्यों की समीक्षा की। इसमें पाया गया कि वर्तमान में कुल 16 निविदाओं के माध्यम से सड़क, सीवर, वॉटर लाइन एवं ड्रेनेज आदि के कार्य कराये जा रहे हैं। स्थल निरीक्षण में सभी स्थानों पर विकास कार्य प्रचलित पाया गया। 
   उपाध्यक्ष ने निर्देश दिये कि योजना के फेज-1 में आने वाले सभी सेक्टरों में सेक्टोरल रोड का कार्य टेंडर कराकर शुरू करा दिया जाए। साथ ही जिन 02 सेक्टरों में भूखण्डों के लिए पंजीकरण खोले गये हैं, उनमें सड़क निर्माण का कार्य बरसात से पहले पूर्ण करा लिया जाए। निरीक्षण में मुख्य अभियंता मानवेन्द्र सिंह, एसडीएम संगीता राघव, जोनल अधिकारी अतुल कृष्ण सिंह, अधिशासी अभियंता अजीत कुमार एवं नीरज कुमार, प्रभारी अधिशासी अभियंता विशाल यादव समेत अन्य अधिकारी व अभियंता उपस्थित रहे।
- कनेक्टिंग रोड होगी 24 मीटर चौड़ी
आईआईएम से मुबारकपुर चौराहा होते हुए नैमिष नगर योजना को जोड़ने वाली सड़क का चौड़ीकरण कराया जाएगा। वर्तमान में यह सड़क लगभग 10 मीटर चौड़ी है, जबकि उक्त रूट पर ट्रैफिक का काफी लोड रहता है। उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने योजना की कनेक्टिविटी को और अधिक बेहतर बनाने के लिए इस सड़क को 24 मीटर चौड़ी करने के निर्देश दिये हैं।
- गांवों में कराये जाएंगे अवस्थापना के कार्य
नैमिष नगर योजना में आ रहे गांवों मेें एलडीए अवस्थापना के कार्य कराएगा। इस क्रम में उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने सबसे पहले भूमि खण्ड एवं ब्रहम खण्ड के बीच आ रहे ग्राम-सैदापुर व कोडरी भौली में विकास कार्य शुरू कराने के निर्देश दिये हैं।
सहायक अध्यापक के 12,405 पदों पर भर्ती: ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 28 अक्टूबर तक बढ़ी
- उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने अभ्यर्थियों को दी राहत; 31 अक्टूबर तक कर सकेंगे ऑनलाइन संशोधन
- लिखित परीक्षा के कार्यक्रम में कोई बदलाव नहीं; पूर्व निर्धारित तिथियों 3 व 4 दिसंबर 2026 को ही होगी परीक्षा

लखनऊ/ प्रयागराज, 15 अक्टूबर 2026।
उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग, प्रयागराज ने अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों से सम्बद्ध प्राइमरी तथा बेसिक शिक्षा विभाग के परिषदीय नगरीय विद्यालयों में सहायक अध्यापक के 12,405 पदों पर चयन हेतु चल रही ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया की अंतिम तिथि को आगे बढ़ा दिया है। आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार ने बताया कि अब अभ्यर्थी 28 अक्टूबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन व शुल्क जमा कर सकेंगे, जबकि ऑनलाइन आवेदन में संशोधन करने की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है।
विज्ञापन संख्या- 05/2026 के माध्यम से सहायक अध्यापक सम्बद्ध प्राइमरी (अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालय) के 897 पदों तथा बेसिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत सहायक अध्यापक, शहरी  के 11,508 पदों पर सीधी भर्ती हेतु विज्ञापन प्रकाशित किया गया था। पूर्व में ऑनलाइन आवेदन एवं शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि 15 अक्टूबर 2026 तथा आवेदन में संशोधन की अंतिम तिथि 19 अक्टूबर 2026 निर्धारित थी, जिसे छात्रहित के दृष्टिगत संशोधित करते हुए विस्तारित किया गया है।
- संशोधित समय-सारिणी के अनुसार महत्वपूर्ण तिथियां निम्नवत हैं:-
ऑनलाइन आवेदन व शुल्क जमा करने की संशोधित अंतिम तिथि: 28 अक्टूबर 2026
ऑनलाइन आवेदन में संशोधन की संशोधित अंतिम तिथि: 31 अक्टूबर 2026
आयोग के उपसचिव संजय कुमार सिंह ने बताया कि आवेदन व संशोधन की अंतिम तिथियों में वृद्धि के बावजूद लिखित परीक्षा की तिथियों में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है। इस भर्ती के लिए लिखित परीक्षा पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार दिनांक 03 एवं 04 दिसंबर 2026 को ही आयोजित की जाएगी। अभ्यर्थी विस्तृत दिशा-निर्देशों एवं ऑनलाइन आवेदन के लिए आयोग की आधिकारिक वेबसाइट का अवलोकन कर सकते हैं।
कासिम इंटर कॉलेज में मनाई गई डॉ. अब्दुल कलाम की जयंती, विद्यार्थियों को मिला विज्ञान और साइबर सुरक्षा का संदेश
- डे एंड नाइट स्पेस फाउंडेशन एवं थाना शिवनगर डिड़ई पुलिस के संयुक्त सहयोग से आयोजित हुआ विज्ञान जागरूकता और करियर मार्गदर्शन कार्यक्रम

कहरपुरवा, गोल्हौरा (सिद्धार्थनगर)। भारत के पूर्व राष्ट्रपति, महान वैज्ञानिक एवं ‘मिसाइल मैन’ डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की जयंती के अवसर पर कासिम इंटर कॉलेज, कहरपुरवा, गोल्हौरा, सिद्धार्थनगर में एक विशेष विज्ञान जागरूकता, करियर मार्गदर्शन एवं साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन डे एंड नाइट स्पेस फाउंडेशन (DANSF) एवं सहयोगी संस्थानों के सहयोग से तथा थाना शिवनगर डिड़ई की पुलिस के माध्यम से किया गया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करना, अंतरिक्ष विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के प्रति रुचि बढ़ाना, भविष्य में करियर के बेहतर अवसरों की जानकारी देना तथा उन्हें सुरक्षित और जिम्मेदार डिजिटल नागरिक बनने के लिए जागरूक करना था।
-  सुरक्षित तरीके से किया गया सूर्य का अवलोकन
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को खगोल विज्ञान की व्यावहारिक जानकारी दी गई। बच्चों ने सुरक्षित सोलर फिल्टर तथा सोलर बबल तकनीक के माध्यम से सूर्य का अवलोकन किया। इस गतिविधि ने विद्यार्थियों में सूर्य, अंतरिक्ष विज्ञान और खगोलीय घटनाओं के प्रति उत्सुकता बढ़ाई। विद्यार्थियों को सूर्य का अवलोकन करते समय आंखों की सुरक्षा के महत्व के बारे में भी जागरूक किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों को पुस्तकीय ज्ञान के साथ-साथ विज्ञान को प्रयोगों और प्रत्यक्ष गतिविधियों से समझने का अवसर मिला।
- अंतरिक्ष विज्ञान और करियर निर्माण पर मार्गदर्शन
डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम के जीवन, संघर्ष, वैज्ञानिक योगदान और प्रेरणादायक विचारों से प्रेरणा लेते हुए विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य निर्धारित करने, निरंतर अध्ययन करने, अनुशासन अपनाने और अपने सपनों को साकार करने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
बच्चों को अंतरिक्ष विज्ञान, रॉकेट प्रौद्योगिकी, उपग्रह, खगोल विज्ञान तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी से जुड़े विभिन्न करियर विकल्पों की जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को बताया गया कि दृढ़ संकल्प, मेहनत, जिज्ञासा और सही मार्गदर्शन के माध्यम से वे अपने भविष्य को बेहतर दिशा दे सकते हैं।
- पुलिस के माध्यम से साइबर जागरूकता अभियान
कार्यक्रम में थाना शिवनगर डिड़ई की पुलिस टीम की सहभागिता से विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा और व्यक्तिगत सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया। बच्चों को इंटरनेट का जिम्मेदारी से उपयोग करने, अपनी व्यक्तिगत जानकारी एवं पासवर्ड सुरक्षित रखने, अनजान लिंक और संदिग्ध संदेशों से सावधान रहने तथा किसी भी साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में उचित सहायता लेने के महत्व के बारे में बताया गया। इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को न केवल विज्ञान के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना, बल्कि उन्हें जागरूक, सतर्क और जिम्मेदार नागरिक बनाना भी था।
- डॉ. कलाम के सपनों का भारत बनाने की दिशा में पहल
डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम का जीवन विद्यार्थियों को बड़े सपने देखने, ज्ञान प्राप्त करने और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने की प्रेरणा देता है। उनकी जयंती पर आयोजित यह कार्यक्रम विज्ञान शिक्षा, अंतरिक्ष जागरूकता, करियर निर्माण और सुरक्षित समाज के प्रति सामूहिक प्रयास का उदाहरण रहा।
डे एंड नाइट स्पेस फाउंडेशन एवं सहयोगी संस्थानों की इस पहल ने विद्यार्थियों को विज्ञान के प्रति जिज्ञासु बनने, अपने भविष्य के प्रति सजग रहने और साइबर सुरक्षा के प्रति जिम्मेदार व्यवहार अपनाने का संदेश दिया।
कार्यक्रम का संदेश: “सपने वे नहीं जो सोते समय आते हैं, सपने वे हैं जो हमें अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रेरित करते हैं।”
इस प्रकार, डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की जयंती पर आयोजित यह कार्यक्रम विद्यार्थियों के ज्ञान, जागरूकता और भविष्य निर्माण की दिशा में एक प्रेरणादायक पहल साबित हुआ।
- शिक्षकों, फाउंडेशन के समन्वयकों एवं पुलिसकर्मियों की रही सहभागिता
कार्यक्रम में कासिम इंटर कॉलेज के प्रबंधक श्री मोहम्मद सोहब, प्रधानाचार्य एवं समस्त शिक्षकगण उपस्थित रहे। डे एंड नाइट स्पेस फाउंडेशन की ओर से समन्वयक राज नारायण एवं आदर्श मणि ने कार्यक्रम के संचालन और गतिविधियों में सहभागिता की।
थाना शिवनगर डिड़ई की ओर से उपस्थित पुलिसकर्मियों में: उपनिरीक्षक संजय राय, उपनिरीक्षक चंद्रशेखर यादव, महिला हेड कांस्टेबल नीलम शुक्ला, कांस्टेबल बृजेश यादव, कांस्टेबल जगदीश प्रजापति, कांस्टेबल गुड्डू यादव, कांस्टेबल पंकज राम, कांस्टेबल विकास कुमार, महिला कांस्टेबल प्रतिमा दूबे, महिला कांस्टेबल रोशनी शुक्ला, महिला कांस्टेबल शिवानी सहित अन्य संबंधित कर्मचारियों की सहभागिता रही।
सभी की उपस्थिति और सहयोग से कार्यक्रम उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। विद्यार्थियों ने विज्ञान संबंधी गतिविधियों में रुचि दिखाई तथा करियर मार्गदर्शन और साइबर सुरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं।
क्या अखिलेश यादव खुद वोट चोरी कराकर BJP को जिता रहे थे : दयाशंकर सिंह

- जब अखिलेश CM थे तब 2014 में 73 और 2017 में 330 सीटें कैसे जीता NDA , दयाशंकर सिंह ने सपा को घेरा

- दयाशंकर बोले - 2027 में हारेंगे अखिलेश इसलिए अभी से वोट चोरी का अलाप रहे राग 

लखनऊ, 15 अक्टूबर 2026।

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के चुनाव आयोग पर फर्जी वोट बनवाने और भाजपा पर फर्जी वोट डालने के आरोपों पर योगी सरकार के मंत्री दयाशंकर सिंह ने तीखा पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले ही हार का बहाना तैयार करने में जुट गए हैं। इसलिए वो चुनाव आयोग पर भ्रामक आरोप लगा रहे हैं। दयाशंकर सिंह ने 2014 के लोकसभा और 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीत का हवाला देते हुए सवाल किया कि उस समय अखिलेश यादव मुख्यमंत्री थे, तब क्या उन्होंने खुद वोट चोरी करवाकर भाजपा को जिताया था?

- '2027 में हारेंगे, इसलिए अभी से बना रहे बहाना'

मंत्री दयाशंकर सिंह ने कहा कि अखिलेश यादव चुनाव आयोग पर आरोप लगाकर अपनी हार छिपाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सपा प्रमुख को पहले से ही 2027 के चुनाव में हार का डर सता रहा है, इसलिए वह अभी से ऐसी भूमिका तैयार कर रहे हैं कि चुनाव परिणाम उनके खिलाफ आए तो उसे वोट चोरी का नाम दिया जा सके। दयाशंकर सिंह ने कहा कि चुनाव हारने की खीझ में इस तरह के आरोप लगाए जा रहे हैं। उनके मुताबिक, अखिलेश यादव अपनी हार का ठीकरा चुनाव आयोग पर फोड़कर पहले से ही जनता और मीडिया के सामने सफाई तैयार करना चाहते हैं।

- अखिलेश मुख्यमंत्री थे, तब भाजपा कैसे जीती?

दयाशंकर सिंह ने अखिलेश यादव के आरोपों पर सवाल उठाते हुए 2014 और 2017 के चुनावों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि 2014 के लोकसभा चुनाव के समय अखिलेश यादव उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री थे और नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए ने प्रदेश की 80 में से 73 सीटें जीती थीं। उन्होंने सवाल किया कि अगर चुनाव में वोट चोरी हो रही थी, तो उस समय भाजपा को इतनी बड़ी जीत कैसे मिली? दयाशंकर सिंह ने 2017 के विधानसभा चुनाव का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उस समय भी अखिलेश यादव मुख्यमंत्री थे और भाजपा गठबंधन को 330 सीटें मिली थीं। मंत्री ने तंज कसते हुए पूछा कि क्या उस समय भी अखिलेश यादव ने वोट चोरी करवाकर भाजपा को जिताया था?

- कांग्रेस पर भी साधा निशाना, इमरजेंसी का किया जिक्र

दयाशंकर सिंह ने चुनाव आयोग पर सवाल उठाने के मुद्दे पर कांग्रेस को भी घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि लोकतंत्र को सबसे ज्यादा कांग्रेस ने बदनाम किया है। इमरजेंसी का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि देश में आपातकाल कांग्रेस ने लगाया था और उसके शासनकाल में संवैधानिक संस्थाओं के कामकाज पर राजनीतिक प्रभाव रहता था।

दयाशंकर सिंह ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार में सभी संस्थाएं स्वतंत्र रूप से अपना काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग अपना काम कर रहा है, लेकिन विपक्षी दलों को यह रास नहीं आ रहा है। मंत्री के मुताबिक, अखिलेश यादव और कांग्रेस चुनाव आयोग पर सवाल उठाकर अपनी राजनीतिक परेशानी जाहिर कर रहे हैं।

विरासत में सत्ता मिल सकती है, बुद्धि नहीं’, ओपी राजभर का अखिलेश पर निशाना

- सपा में नाई, गोंड, पाल, प्रजापति और राजभर समाज की इज्जत कहां: राजभर

- अखिलेश पर ओपी राजभर और राकेश त्रिपाठी का हमला, PDA से लैपटॉप योजना तक उठाए सवाल

- योगी सरकार में बांटे गए 62 लाख टैबलेट, दो करोड़ वितरण का है लक्ष्य: राजभर

- सपा ने युवाओं को लैपटॉप के नाम पर दिया लॉलीपॉप: राकेश त्रिपाठी

- अखिलेश के PDA में परिवारवाद, धन्ना सेठ और अपराधी की पूछ: राकेश त्रिपाठी

लखनऊ, 15 अक्टूबर 2026।

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर और भाजपा प्रदेश प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने लैपटॉप वितरण, महिला आरक्षण, राम मंदिर और PDA की राजनीति को लेकर सपा पर निशाना साधा। ओपी राजभर ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव की राजनीति में परिवार और दौलतमंदों को प्राथमिकता दी जाती है। वहीं राकेश त्रिपाठी ने PDA को परिवार, धन्ना सेठ और अपराधियों को संरक्षण देने वाला बताया।

- राजभर बोले - विरासत में सत्ता मिल सकती है, बुद्धि नहीं’

ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव की सरकार के दौरान लैपटॉप वितरण योजना पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि जब अखिलेश यादव की सरकार थी तो उस समय लैपटॉप घोटाला चर्चित रहा था। राजभर ने कहा कि मौजूदा सरकार में 62 लाख टैबलेट बांटे जा चुके हैं और दो करोड़ वितरण का लक्ष्य है। उन्होंने अखिलेश यादव को चुनौती देते हुए कहा कि मौजूदा वितरण में गड़बड़ी का कोई मामला सामने लाकर दिखाएं।

भाजपा से सपा में शामिल हुए भवानी शुक्ला को अखिलेश यादव द्वारा ब्लॉक प्रमुख संबोधित करने पर ओम प्रकाश राजभर ने सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि ब्लॉक प्रमुख भवानी शुक्ला नहीं, बल्कि उनकी पत्नी हैं। अखिलेश यादव लोगों को भ्रमित कर रहे हैं। राजभर ने इस मुद्दे को महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी से जोड़ते हुए अखिलेश यादव पर निशाना साधा। उन्होंने महिला आरक्षण के मुद्दे पर सपा और कांग्रेस पर विरोध करने का आरोप लगाया।

राजभर ने कहा कि लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने के प्रस्ताव का विरोध करना महिलाओं को अधिकार और राजनीतिक भागीदारी देने से वंचित करने जैसा है। इसको लेकर राजभर ने अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए कहा, “विरासत में सत्ता मिल सकती है, लेकिन बुद्धि नहीं मिलेगी बबुआ।”

- PDA में पिछड़ों और दलितों की पूछ कहां : राजभर

ओम प्रकाश राजभर ने राज्यसभा चुनाव का हवाला देते हुए अखिलेश यादव पर परिवार और धनवानों को प्राथमिकता देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सपा ने नाई, गोंड, पाल, प्रजापति, बिंद, केवट, मल्लाह, राजभर, चौहान, यादव और पटेल समेत कई वर्गों को उचित प्रतिनिधित्व नहीं दिया। राजभर ने कहा कि इन वर्गों के लोगों ने सपा विधायकों को जिताया, लेकिन राज्यसभा में मौका देने के समय पार्टी ने दूसरे विकल्पों को प्राथमिकता दी। उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी में सामाजिक प्रतिनिधित्व के बजाय धनवानों की पूछ अधिक है।

- लैपटॉप की जगह लॉलीपॉप दिया: राकेश त्रिपाठी

राकेश त्रिपाठी ने लैपटॉप वितरण योजना को लेकर अखिलेश यादव पर हमला बोलते हुए कहा कि सपा की सरकार में युवाओं को लैपटॉप देने के नाम पर लॉलीपॉप दिया गया था। त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि उस समय अपने लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए लाभार्थियों को चुनकर लैपटॉप बांटे गए।

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि उत्तर प्रदेश के युवा उस दौर को भूले नहीं हैं। उन्होंने दावा किया कि योगी आदित्यनाथ सरकार ने दो करोड़ टैबलेट वितरण का लक्ष्य रखा है और 65 लाख से अधिक टैबलेट बांटे जा चुके हैं। उनके मुताबिक, योगी सरकार विद्यार्थियों को बिना भेदभाव तकनीकी सहायता देकर उनकी पढ़ाई में लगातार सहयोग कर रही है।

- परिवार और धन्ना सेठों तक सिमटी सपा: राकेश त्रिपाठी

अखिलेश यादव के PDA पर निशाना साधते हुए राकेश त्रिपाठी ने इसे परिवार, धन्ना सेठ और अपराधियों से जोड़कर तंज कसा। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्यसभा चुनाव में परिवार और धनवानों को प्राथमिकता दिए जाने से समाजवादी पार्टी की राजनीति पर सवाल खड़े हुए हैं।

माफियागिरी करने वाले मिट्टी में मिलने को तैयार रहें: योगी आदित्यनाथ

- कसारी-मसारी अब श्री कृष्णपुरी के रूप में होगा विकसित, मुख्यमंत्री योगी ने की बड़ी घोषणा

- मुख्यमंत्री योगी बोले- महाराजा बिजली पासी के नाम पर बनेगा आईटीआई

- माफिया अतीक अहमद के कब्जे से मुक्त कराई भूमि पर पद्मलोक आवास योजना के तहत 602 आवासों का किया भूमि पूजन, पीपलगांव के 556 आवासों की सौंपीं चाबियां

प्रयागराज, 15 अक्टूबर 2026।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को प्रयागराज में माफिया और समाजवादी पार्टी पर तीखा प्रहार करते हुए चेतावनी दी कि अब कोई माफियागिरी करने का दुस्साहस करेगा तो मिट्टी में मिलने की तैयारी भी कर ले। उन्होंने कहा कि सपा आती है तो माफिया और बदमाश लेकर आती है, जबकि भाजपा विकास और बदलाव लेकर आती है। मुख्यमंत्री योगी ने कसारी-मसारी में माफिया अतीक अहमद के कब्जे से मुक्त कराई भूमि पर पद्मलोक आवास योजना के तहत 602 आवासों का भूमि पूजन किया। इस अवसर पर उन्होंने कसारी-मसारी को श्रीकृष्णपुरी के रूप में विकसित करने और महाराजा बिजली पासी के नाम पर राजकीय आईटीआई बनाने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री योगी ने 9,811 वर्ग मीटर भूमि पर 191 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बनने वाले आवासों का मंत्रोच्चार के बीच विधि-विधान से भूमि पूजन किया। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत पीपलगांव में निर्मित 556 आवासों की चाबियां भी लाभार्थियों को वितरित कीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रयागराज विरासत और विकास की नई पहचान बना रहा है।

- अतीक-अशरफ के सामने घुटने टेकती थीं पिछली सरकारें

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि कभी प्रयागराज में माफिया अतीक और अशरफ जिस जमीन पर पैर रख देते थे, वह उनकी हो जाती थी। तत्कालीन सरकारें उनके सामने घुटने टेककर मौन रहती थीं। माफिया सड़कों पर असलहे लहराते थे और बेटियों की सुरक्षा खतरे में थी। इसी धरती पर विधायक राजू पाल की सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वर्ष 2017 में भाजपा सरकार बनने के बाद अपराध और अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई। उन्होंने कहा कि असुरक्षित वातावरण में न विकास हो सकता है, न निवेश आ सकता है और न युवाओं को रोजगार मिल सकता है।

- माफिया के अस्तबल की जमीन पर बसेंगे 1200 परिवार

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि कसारी-मसारी की करीब 15 बीघा जमीन पर अतीक अहमद और उसके गुंडों ने कब्जा कर अस्तबल और अय्याशी का केंद्र बना रखा था। सरकार ने उसके अवैध साम्राज्य को ध्वस्त कर जमीन मुक्त कराई। अब यहां पहले चरण में 602 और दूसरे चरण में 598 आवास बनाए जाएंगे। कुल 1200 परिवारों के करीब छह से साढ़े छह हजार लोगों के लिए आधुनिक टाउनशिप विकसित होगी। इसमें बाजार, पार्क, खेलकूद, जिम और अन्य आवश्यक सुविधाएं होंगी। प्रयागराज विकास प्राधिकरण इसकी व्यवस्था करेगा। इससे पहले लूकरगंज में भी माफिया से मुक्त कराई गई जमीन पर 86 गरीब परिवारों को पक्के आवास उपलब्ध कराए जा चुके हैं।

- कब्जा किया तो बाप-दादों की कमाई भी जब्त कर लेंगे

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि अब कोई किसी की संपत्ति पर कब्जा नहीं कर सकता। यदि किसी ने ऐसा किया तो उसकी बाप-दादों की कमाई भी जब्त कर ली जाएगी। उस संपत्ति पर भी गरीबों के लिए आवास बनाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि पहले इस इलाके में पुलिस की गाड़ी तक नहीं आ पाती थी। आज यहां सात से 14 मीटर तक चौड़ी सड़कें हैं और आवागमन सुगम हुआ है।

- सपा ने यूपी की पहचान पर खड़ा किया था संकट

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि समाजवादी पार्टी ने उत्तर प्रदेश के लोगों के सामने पहचान का संकट खड़ा कर दिया था। पहले यूपी का नाम सुनकर लोग सौ कदम दूर भागते थे। आज उत्तर प्रदेश का नाम सुनकर गले लगाने आते हैं। प्रयागराज, काशी और अयोध्या की पहचान सम्मान का विषय बन गई है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा और सुशासन के कारण उत्तर प्रदेश देश की अर्थव्यवस्था के ग्रोथ इंजन के रूप में आगे बढ़ रहा है।

- कसारी-मसारी अब श्रीकृष्णपुरी के रूप में होगा विकसित

मुख्यमंत्री योगी ने विधायक सिद्धार्थ नाथ सिंह के आग्रह पर कसारी-मसारी को श्रीकृष्णपुरी के रूप में विकसित करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि यहां बनने वाले गरीबों के आवास और आधुनिक टाउनशिप सहित पूरे क्षेत्र को श्रीकृष्णपुरी के रूप में विकसित किया जाएगा। इससे पूरे क्षेत्र को नई पहचान मिलेगी।

- महाराजा बिजली पासी के नाम पर बनेगा राजकीय आईटीआई

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि महाराजा बिजली पासी 12वीं सदी के प्रतापी राजा थे। उन्होंने लखनऊ और आसपास 12 किलों का निर्माण कराया था। वह विदेशी आक्रांताओं के काल में सनातन धर्म के प्रबल रक्षक थे। उनके नाम पर राजकीय आईटीआई का निर्माण किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने इससे पहले तेलियरगंज में महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी महाशय मसुरियादीन पासी की प्रतिमा का अनावरण भी किया। उन्होंने बताया कि मसुरियादीन पासी स्वतंत्र भारत में विधायक और चार बार सांसद रहे। उन्होंने क्षेत्र के विकास के लिए अपना जीवन समर्पित किया।

- 65 लाख गरीबों को मिले पक्के मकान

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में 65 लाख गरीबों को पक्के आवास उपलब्ध कराए गए हैं। डबल इंजन सरकार बिना भेदभाव गरीबों, दलितों और वंचितों को आवास, राशन कार्ड, बिजली, उज्ज्वला गैस कनेक्शन और आयुष्मान भारत के अंतर्गत पांच लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा कवर उपलब्ध करा रही है। उन्होंने युवाओं को भरोसा दिलाया कि निष्पक्ष और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया से सरकारी नौकरी के अवसर उनके नजदीक आए हैं।

- प्रयागराज को मिल रही विकास की नई पहचान

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि प्रयागराज में गंगा नदी पर बड़े पुल का निर्माण कराया जा रहा है। डॉ. राजेंद्र प्रसाद राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय का निर्माण भी लगभग पूरा हो चुका है। महाकुंभ के दौरान सड़कों का चौड़ीकरण हुआ। गंगा एक्सप्रेसवे से प्रयागराज और दिल्ली के बीच सफर का समय कम होकर करीब सात घंटे होगा। उन्होंने जनता से जनप्रतिनिधियों पर आशीर्वाद बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि विकास और सुरक्षा की चिंता सरकार करेगी।

- माफिया के समूल नाश का संकल्प लेकर आगे बढ़े मुख्यमंत्री योगी : नंदी

औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पिछले साढ़े नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश की तस्वीर और तकदीर दोनों बदली हैं। प्रदेश को लेकर देश और दुनिया की धारणा में बड़ा बदलाव आया है। मुख्यमंत्री योगी ने सत्ता संभालते ही गुंडों और माफिया के समूल नाश का बीड़ा उठाया था, जिसका परिणाम आज सामने है। पद्मलोक आवास योजना गरीबों की प्रगति के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का प्रमाण है।

- प्रदेश में केवल योगीवाद होना चाहिए : स्वतंत्र देव सिंह

कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व में बेटियां निर्भय होकर आवागमन कर रही हैं। गरीब परिवारों के बच्चे पुलिस में दरोगा और सिपाही बन रहे हैं। स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं लखपति दीदी बनकर आत्मनिर्भर हो रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में न जातिवाद, न क्षेत्रवाद, न व्यक्तिवाद, न परिवारवाद और न वंशवाद, केवल योगीवाद होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सपा फिर आई तो माफिया जमीनों पर दोबारा कब्जा कर लेंगे।

- पहले माफिया से हाथ मिलाते थे मुख्यमंत्री, आज गरीबों को मिल रहे घर : सिद्धार्थ नाथ सिंह

विधायक सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा कि पहले मुख्यमंत्री इसी परिसर में आकर माफिया के लोगों से हाथ मिलाते थे। आज भगवाधारी मुख्यमंत्री योगी उसी जमीन पर गरीब परिवारों के आवासों का भूमि पूजन कर रहे हैं। यही सुशासन और विकास का अंतर है। उन्होंने कहा कि कभी इस क्षेत्र में महिलाओं और बेटियों का निकलना मुश्किल था। आज यहां गरीबों के घर बन रहे हैं।

- मुख्यमंत्री ने 10 लाभार्थियों को सौंपीं आवास की चाबियां

मुख्यमंत्री योगी ने पीपलगांव के 556 आवासों के लाभार्थियों में से ममता, सिंधु श्रीवास्तव, कंचन सोनी, बसंती देवी, निरुपम चक्रवर्ती, शंकर लाल कुशवाहा, प्रियंका सोनकर, ललिता पांडेय, रंजीता सोनकर और हरिशंकर मिश्रा को स्वयं चाबियां सौंपीं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री को भगवान श्रीराम की प्रतिमा भेंटकर सम्मानित किया गया।

- कार्यक्रम में ये रहे मौजूद

कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी, सांसद प्रवीण पटेल, विधायक सिद्धार्थ नाथ सिंह, हर्षवर्धन बाजपेयी, गुरु प्रसाद मौर्य, दीपक पटेल, पीयूष रंजन निषाद, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष एवं विधायक पूजा पाल, महापौर गणेश केसरवानी, विधान परिषद सदस्य सुरेंद्र चौधरी और पूर्व सांसद विनोद सोनकर सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

राहुल याद रखें, आजादी के लिए नेहरू ही नहीं, मसुरियादीन पासी भी गए थे जेल : मुख्यमंत्री योगी
- प्रयागराज में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी महाशय मसुरियादीन पासी की प्रतिमा का अनावरण कर मुख्यमंत्री योगी ने कांग्रेस पर साधा निशाना
- मुख्यमंत्री योगी बोले- मसुरियादीन ने नौ वर्ष जेल में रहकर लड़ी आजादी की लड़ाई, इतिहास ने भुला दिया उनका योगदान
- महापुरुषों का सम्मान किसी परिवार की बपौती नहीं, वंचितों और दलितों के लिए संघर्ष करने वालों को भी मिलना चाहिए सम्मान
- नेहरू के साथ 1952 में संसद पहुंचे थे मसुरियादीन, चार बार बने सांसद, जरायम पेशा कानून के खिलाफ उठाई आवाज
- मसुरियादीन के नाम पर होगा प्रयागराज का चौराहा और एक प्रमुख संस्था, मुख्यमंत्री ने महापौर से मांगा प्रस्ताव

प्रयागराज, 15 । स्वतंत्रता संग्राम में योगदान और महापुरुषों के सम्मान के मुद्दे पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा, 'राहुल गांधी जी, एक बात नोट करना। जेल में देश की आजादी के लिए केवल और केवल नेहरू जी नहीं गए थे, देश की आजादी के लिए महाशय मसुरियादीन पासी जी भी जेल गए थे।' मुख्यमंत्री ने कहा कि मसुरियादीन ने एक-दो महीने या चार-छह महीने नहीं, बल्कि 1932 से 1944 के बीच नौ वर्ष जेल में रहकर आजादी की लड़ाई लड़ी। इतिहास के कालचक्र में उनके जैसे महान स्वतंत्रता सेनानी को विस्मृत कर दिया गया। विरासत और विकास में विश्वास करने वाली भाजपा की डबल इंजन सरकार अपने महापुरुषों को भुला नहीं सकती। उन्होंने कहा कि महापुरुषों का सम्मान किसी परिवार की बपौती नहीं है। जिन्होंने वंचितों और दलितों को सम्मान दिलाने के लिए संघर्ष किया, उन्हें भी उनका उचित सम्मान मिलना चाहिए।
मुख्यमंत्री योगी तेलियरगंज स्थित महाशय मसुरियादीन स्मारक इंटर कॉलेज और टीवी कॉलोनी चौराहे के पास में महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी महाशय मसुरियादीन पासी की प्रतिमा के अनावरण समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी पुष्पांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने कहा कि दो अक्टूबर 1911 को जन्मे मसुरियादीन की जयंती महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के दिन ही पड़ती है। इसके बावजूद उनके योगदान को इतिहास में भुला दिया गया। आज उनकी भव्य प्रतिमा की स्थापना कर सरकार ने उनकी स्मृतियों को जीवंत बनाने का कार्य किया है।
*नेहरू के साथ संसद पहुंचे, फिर भी भुला दिए गए मसुरियादीन*
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि महाशय मसुरियादीन ने अपना जीवन देश की स्वतंत्रता और समाज के उत्थान के लिए समर्पित कर दिया। अपने लगभग 66-67 वर्ष के जीवन में उन्होंने नौ वर्ष जेल में बिताए। जेल से बाहर रहकर भी स्वतंत्रता आंदोलन के लिए जनजागरण करते रहे। जनता के बीच उनके प्रति सम्मान का परिणाम था कि वर्ष 1946 में वह उत्तर प्रदेश विधानसभा के सदस्य बने। स्वतंत्र भारत में वर्ष 1952 से 1972 के बीच चार बार लोकसभा के लिए चुने गए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 1952 में एक ही सीट से दो सांसद चुने जाते थे। उस समय पंडित जवाहरलाल नेहरू और महाशय मसुरियादीन पासी एक साथ चुनाव जीतकर संसद पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि देश की आजादी में ऐसे अनेक महापुरुषों ने योगदान दिया, जिनकी स्मृतियों को सम्मान मिलना चाहिए।
*जरायम पेशा कानून के खिलाफ आंबेडकर और मसुरियादीन ने लड़ी लड़ाई*
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 1857 के प्रथम स्वाधीनता संग्राम में अंग्रेजों को चुनौती देने वाली कई जातियों को अपमानित करने के लिए अंग्रेजी हुकूमत ने 1871 में जरायम पेशा कानून बनाया था। पासी समाज सहित कई जातियों को इसकी श्रेणी में रखा गया। वर्ष 1952 में संसद पहुंचने के बाद महाशय मसुरियादीन ने इस कानून के खिलाफ आवाज उठाई।
उन्होंने कहा कि बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर और महाशय मसुरियादीन पासी ने इस काले कानून को समाप्त कराने की लड़ाई लड़ी। इस संघर्ष से पासी, सोनकर और अन्य वंचित समाजों को सम्मानजनक जीवन जीने तथा राष्ट्र की मुख्यधारा से जुड़ने का अवसर मिला। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे महापुरुषों का योगदान आने वाली पीढ़ियों को बताया जाना चाहिए।
*महापुरुषों का सम्मान किसी परिवार की बपौती नहीं*
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि देश और समाज के लिए जीवन समर्पित करने वाले हर महापुरुष को सम्मान मिलना चाहिए। यह सम्मान किसी एक परिवार तक सीमित नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने वंचितों और दलितों की आवाज उठाई, उन्हें आगे बढ़ाने के लिए संघर्ष किया, उनकी स्मृतियों को जीवंत रखना आवश्यक है। महापुरुषों को सम्मान देकर ही समाज आगे बढ़ सकता है। अतीत को सम्मान देने से वर्तमान संवरेगा और वर्तमान संवरेगा तो भविष्य भी उज्ज्वल होगा।
मुख्यमंत्री ने महाशय मसुरियादीन की पुत्री कमला कुमारी और पौत्र सचिन कुमार को आश्वस्त किया कि उनके सम्मान पर किसी प्रकार की आंच नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि महाशय मसुरियादीन का सम्मान भारत के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का सम्मान है।
*मसुरियादीन के नाम पर होगा चौराहा, संस्था को भी मिलेगी पहचान*
मुख्यमंत्री योगी ने महाशय मसुरियादीन की स्मृतियों को स्थायी बनाने के लिए महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने महापौर से कहा कि जिस चौराहे पर उनकी प्रतिमा स्थापित की गई है, उसका नाम महाशय मसुरियादीन पासी के नाम पर रखने का प्रस्ताव भेजें। प्रयागराज की किसी एक प्रमुख संस्था का नाम भी उनके नाम पर रखा जाएगा। उस संस्था में उनकी भव्य प्रतिमा भी स्थापित होगी, ताकि वर्तमान और भावी पीढ़ियां उनके जीवन से प्रेरणा ले सकें।
*महाराजा बिजली पासी के किले का पुनरुद्धार करा रही सरकार*
मुख्यमंत्री ने पासी समाज के शौर्य और पराक्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि महाराजा बिजली पासी ने 12वीं शताब्दी में लखनऊ और आसपास के क्षेत्रों में 12 गढ़ बनवाए थे। विदेशी आक्रांताओं से मुकाबले के लिए इन किलों का निर्माण कराया गया था। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने वर्ष 2000 में महाराजा बिजली पासी की प्रतिमा स्थापित कराई थी। अब डबल इंजन सरकार उनके लखनऊ स्थित किले का पुनरुद्धार करा रही है और इसके लिए धन उपलब्ध कराया गया है।
मुख्यमंत्री ने मक्का पासी और वीरांगना ऊदा देवी के बलिदान को भी याद किया। कहा कि मक्का पासी के बलिदान के बाद उनकी पत्नी ऊदा देवी ने अंग्रेजों के खिलाफ मोर्चा संभाला और लड़ते हुए बलिदान हो गईं। लखनऊ में गठित होने वाली महिला पीएसी बटालियन का नाम वीरांगना ऊदा देवी पासी के नाम पर रखा जा रहा है। उनकी भव्य अश्वारोही प्रतिमा भी स्थापित की जा रही है।
*गरीबों और महापुरुषों के सम्मान के लिए समर्पित है डबल इंजन सरकार : केशव मौर्य*
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि महाशय मसुरियादीन पासी महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे। उन्होंने चार बार लोकसभा में इसी क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया और गरीब से गरीब व्यक्ति की बात सुनकर उसकी समस्याओं के समाधान का प्रयास किया। ऐसे महान व्यक्तित्व की प्रतिमा का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा अनावरण किया जाना उनके योगदान के प्रति सम्मान है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार गरीबों के लिए समर्पित है। डबल इंजन सरकार महापुरुषों को आदर और सम्मान देने का काम कर रही है।
*जरायम पेशा कानून समाप्त कराने में मसुरियादीन का अहम योगदान : सचिन कुमार*
महाशय मसुरियादीन स्मारक समिति के मंत्री एवं उनके पौत्र सचिन कुमार ने कहा कि अंग्रेजी शासन में दलित जातियों को जरायम पेशा घोषित कर उनका उत्पीड़न किया गया था। इस कानून को समाप्त कराने में महाशय मसुरियादीन का महत्वपूर्ण योगदान रहा। उन्होंने समाज के वंचित वर्गों को सम्मान देने के लिए मुख्यमंत्री योगी के प्रयासों की सराहना की।
समारोह में कार्यक्रम के आयोजकों ने मुख्यमंत्री को हनुमान जी की प्रतिमा भेंटकर स्वागत किया गया। सचिन कुमार ने उन्हें भगवान बुद्ध की प्रतिमा और पुष्पगुच्छ भेंट किए।
*कार्यक्रम में ये रहे मौजूद*
समारोह में जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता 'नंदी', सांसद प्रवीण पटेल, विधायक हर्षवर्धन बाजपेयी, गुरु प्रसाद मौर्य, दीपक पटेल, पीयूष रंजन निषाद, वाचस्पति पासी, विधान परिषद सदस्य लालजी प्रसाद निर्मल, सुरेंद्र चौधरी, महापौर गणेश केसरवानी, भाजपा गंगापार जिलाध्यक्ष निर्मला पासवान सहित अन्य जनप्रतिनिधि, पदाधिकारी और महाशय मसुरियादीन पासी के परिवार के सदस्य उपस्थित रहे।