जयपुर फ़िल्म महोत्सव के बाद अब कोलकाता में भी हरदोई का नाम रोशन करेगा म्यूजिक एल्बम
ब्यूरो रितेश मिश्रा
हरदोई की माटी के महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी क्रांतिकारी जयदेव कपूर के जीवन, संघर्ष और राष्ट्रभक्ति पर आधारित म्यूजिक एल्बम “जयदेव कपूर – वीर योद्धा” ने एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। जयपुर फ़िल्म महोत्सव के बाद अब इस एल्बम का टैगोर अंतरराष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कार 2026, कोलकाता के लिए भी आधिकारिक चयन हुआ है।वीडियो एल्बम के निर्माता जी म्यूजिक हरदोई के निदेशक गौरव अग्रवाल ने बताया कि आयोजकों की ओर से भेजे गए आधिकारिक संदेश में बताया गया है कि स्क्रीनिंग समिति द्वारा सावधानीपूर्वक मूल्यांकन के बाद “जयदेव कपूर – वीर योद्धा” को वर्ष 2026 के आधिकारिक चयन में स्थान दिया गया है। यह समारोह कोलकाता में आयोजित किया जाएगा।उन्होंने बताया कि यह उपलब्धि हरदोई के लिए विशेष गौरव का विषय है, क्योंकि स्थानीय इतिहास और स्वतंत्रता संग्राम के एक वीर सेनानी की गाथा पर तैयार की गई इस संगीत प्रस्तुति को लगातार प्रतिष्ठित फ़िल्म समारोहों में पहचान मिल रही है।एल्बम में संगीत दे रहे संकेत तिवारी ने बताया कि “जयदेव कपूर – वीर योद्धा” के माध्यम से हरदोई के वीर स्वतंत्रता सेनानी जयदेव कपूर के साहस, संघर्ष, देशप्रेम और राष्ट्र के लिए उनके समर्पण को गीत एवं दृश्य प्रस्तुति के माध्यम से नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास किया गया है।
जी म्यूजिक हरदोई के गायक अमन सिंह ने बताया कि जी म्यूजिक और रेडियो जागो की तरफ़ से “जयदेव कपूर एक योद्धा” के नाम से एक ऑनलाइन गायन प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है जिसमे कोई भी गायक निशुल्क प्रतिभाग कर सकता है अधिक जानकारी के लिए 9236972408 पर संपर्क किया जा सकता है
युवा छात्र प्रियंश अग्रवाल के निर्देशन में बनी यह फ़िल्म जयपुर फ़िल्म महोत्सव के बाद अब कोलकाता के प्रतिष्ठित टैगोर अंतरराष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कार 2026 में आधिकारिक चयन मिलना इस परियोजना की एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। इससे हरदोई के स्थानीय इतिहास, संस्कृति और वीर गाथाओं को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलने के साथ-साथ व्यापक मंच तक पहुंचने का मार्ग भी प्रशस्त हुआ है।
शासन प्रशासन की बेरुखी, बजट के अभाव और अवैध कब्जों के कारण कछौना की ड्रेनें बनीं मुसीबत

ब्यूरो रितेश मिश्रा
कछौना, हरदोई।* एक सप्ताह पूर्व में लगातार बारिश होने से कस्बा सहित ग्रामीण क्षेत्र की जल निकासी की व्यवस्था उचित समय पर नाला, ड्रेनों की सफाई न होना, नालों व ड्रेनों पर अतिक्रमण के चलते आबादी क्षेत्र सहित किसानों के खेतों में जलभराव से हजारों बीघा किसानों की फसल अधिक जलभराव से सूख गई हैं। वही जनजीवन प्रभावित हो गया। कस्बा सहित ग्रामीण क्षेत्र में जल निकासी हेतु ड्रेनों की अहम भूमिका होती है, परंतु कई वर्षों से सरकार की गलत नीतियों के चलते ड्रेनों की सफाई हेतु बजट स्वीकृत न होने व प्रभावशील लोगों व कंपनी द्वारा अतिक्रमण के कारण आम जनमानस के सामने जलभराव की ज्वलंत समस्या खड़ी हो गई है। यह ड्रेने सिंचाई विभाग के अंतर्गत आती हैं। बघौली ड्रेन, समसपुर ड्रेन, बालामऊ ड्रेन, ककरहिया ड्रेन, महरी ड्रेन, कछौना ड्रेन, कटियामऊ ड्रेन, गढ़ी कमालपुर ड्रेन, अलावलपुर ड्रेन, सैदूपुर ड्रेन, रैसों ड्रेन, सेमरी ड्रेन आदि की सफाई न होने के कारण घास, जलकुंभी के कारण पानी का बहाव सही तरीके से न होने के कारण जलभराव की समस्या खड़ी हो गई है। सबसे ज्वलंत समस्या रैंसों ड्रेन में है। औद्योगिक क्षेत्र में स्थित पेप्सी प्लांट कंपनी ने रैंसों ड्रेन के बहाव पर अतिक्रमण कर सामने से एक पतली नाली निकाल दी। जिससे पानी सही तरीके से न निकलने के कारण रैसों ड्रेन के अंतर्गत ग्राम, गौहानी, गढ़ीकमालपुर, शमशेर नगर, बराही, ककरहिया, गढ़ी, सुजानपुर, पूरा, मल्हपुर, नैरा, धौतेरा, कुडरी, कटियामऊ, समधा, खेरवा, रैसों, बघुआमऊ, अलावलपुर, फार्म खेड़ा आदि ग्राम ज्यादा प्रभावित हुए हैं। जिसके कारण सैकड़ों बीघा फसल जलमग्न हो गई। किसानों की गाड़ी कमाई खराब हो गई। किसानों में काफी आक्रोश है। कहीं कस्बा से निकली कछौना ड्रेन पर अतिक्रमण व सफाई न होने के कारण कस्बा का मुख्य मार्ग सहित मोहल्लों में जलभराव हो गया था, यहां तक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कछौना में पानी भरने से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हुई थी। समसपुर ड्रेन की कई वर्षों से सफाई न होने के कारण मतुआ से पुरवा संपर्क मार्ग पर पानी पूरी तरह से भर गया। दर्जनों गांव का आवागमन बंद हो गया। मतुआ गांव में कच्चे मकान गिरने लगे। आक्रोशित ग्रामीणों ने समय रहते ड्रेन की सफाई न होने व तालाब आवंटन संचालक द्वारा ड्रेन में लोहे का जाल लगाने के कारण कोतवाली कछौना में विरोध प्रदर्शन किया था। वही मोहाई, देवनपुर, त्यौरी, तकिया ग्रामों का पानी गौड़ेला तालाब से पवना तालाब होते हुए समसपुर ड्रेन से संई नदी में जाने का प्रावधान था। परंतु हाईवे निर्माण के दौरान पीएमसी कंपनी ने बीएसएनएल टॉवर के पास जल निकासी हेतु पुलिया को बंद कर दिया हैं। जिसके कारण मोहाई, त्यौरी, तकिया, देवनपुर आदि गांव के किसानों की सैकड़ो बीघा फसल जल भराव से खराब हो गई। उनके सामने भरण पोषण का संकट खड़ा हो गया। वही तेरवा साइफन पर ग्रामीणों ने पानी के बहाव के रास्ते को बंद कर दिया। वहीं मुख्य मार्ग हाईवे एनएच 731 में जगह-जगह भवन स्वामियों ने निर्माण के दौरान अपने प्रतिष्ठान, घर के सामने जल निकासी हेतु नाला, ड्रेन पर अतिक्रमण करने से जलभराव की समस्या हो गई। लोगों की सैकड़ो बीघा फसल खराब होने से काफी नुकसान हुआ है। जिसका खामियाजा लोगों को उठाना पड़ रहा है। इस ज्वलंत मुद्दे को लेकर क्षेत्रीय विकास जन आंदोलन के संयोजक रामखेलावन कनौजिया ने बताया शीघ्र शासन प्रशासन को ज्ञापन देकर अवगत कराया जाएगा। शासन प्रशासन द्वारा ठोस कदम न उठाए जाने पर न्यायालय की शरण में जाकर भविष्य में जलभराव की समस्या से निजात दिलाने के लिए लड़ाई लड़ी जाएगी।
जिलाअधिकारी ने सुनी जन समस्याएं
ब्यूरो रितेश मिश्रा
हरदोई आज जिलाधिकारी अनुनय झा ने कलेक्ट्रेट में जनसुनवाई करते हुए आमजन की समस्याओं एवं शिकायतों को सुना। जनसुनवाई के दौरान कुल 83 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनके त्वरित निस्तारण के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए। जनसुनवाई में विभिन्न क्षेत्रों से आए फरियादियों ने अपनी समस्याओं एवं शिकायतों से जिलाधिकारी को अवगत कराया। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्राप्त शिकायतों का निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण, निष्पक्ष एवं प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। जनसुनवाई के दौरान प्राप्त कुछ शिकायतों का जिलाधिकारी ने मौके पर ही समाधान कराया तथा शेष शिकायतों के संबंध में संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। इस अवसर पर अतिरिक्त मजिस्ट्रेट मयंक कुंडू सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
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बप्पा का नगर भ्रमण, भव्य स्थापना और सुंदरकांड के बाद आज खाटू श्याम का भव्य दरबार,
ब्यूरो रितेश मिश्रा
हरदोई:* कछौना नगर में गणेश महोत्सव को लेकर भक्तों का उत्साह देखते ही बन रहा है गोल बिल्डिंग के निकट श्री सोमेश्वर महादेव सेवादार समिति की ओर से आयोजित गणेश महोत्सव की शुरुआत श्रद्धा और उल्लास के साथ हुई भगवान श्री गणेश की प्रतिमा स्थापना से पहले भक्तों ने बप्पा की प्रतिमा के साथ नगर में भव्य शोभायात्रा निकाली इस दौरान श्रद्धालु ढोल नगाड़ों और भक्ति गीतों पर जमकर झूमे और नृत्य करते हुए गणपति बप्पा का नगर भ्रमण कराया।
जयकारों से गूंज नगर शोभायात्रा में उमडा उत्साह
गणेश प्रतिमा को लेकर निकली शोभा यात्रा के दौरान जगह-जगह श्रद्धालुओं ने बप्पा के दर्शन किए भक्तों ने गणपत बप्पा मोरया के जयकारे लगाए भक्ति संगीत और ढोल की थाप पर युवाओं समेत श्रद्धालु जमकर थिरकते नजर आए नगर भ्रमण के बाद प्रतिमा को आयोजन स्थल पर लाया गया जहां विद विधान के साथ स्थापना की गई
वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच हुई प्रतिमा स्थापना
प्रतिमा स्थापना से पहले आचार्य अमन मिश्रा एवं अजीत मिश्रा शास्त्री ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा अर्चना और धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराया इसके बाद समिति के संस्थापक नेता राव मराठा ने मुख्य पूजन किया और भगवान श्री गणेश की प्रतिमा की स्थापना कराई।
प्रतिमा स्थापना के साथ ही पंडाल में मौजूद श्रद्धालुओं ने भगवान गणेश के दर्शन का सुख शांति समृद्धि और मंगल की कामना की।
गोल बिल्डिंग के निकट सजाया गया आकर्षक पंडाल भी श्रद्धालुओं के बीच आकर्षण का केंद्र बना हुआ है
14 सितंबर को सुंदरकांड आज शाम संकीर्तन
गणेश महोत्सव के कार्यक्रमों की कड़ी में 14 सितंबर सोमवार को सुंदरकांड का आयोजन किया गया वहीं 15 सितंबर मंगलवार को श्री श्याम संकीर्तन का कार्यक्रम रखा गया है आज होने वाले कार्यक्रम में श्याम बाबा का भव्य दरबार और विशेष श्रृंगार आकर्षण का केंद्र रहेगा। गणेश महोत्सव को लेकर नगर में लगातार भक्ति में माहौल बना हुआ है पंडाल में भगवान गणेश के दर्शन और धार्मिक आयोजनों में शामिल होने के लिए श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला जारी है।
जिलाअधिकारी ने सुनी जन समस्याएं
ब्यूरो रितेश मिश्रा
हरदोई आज जिलाधिकारी अनुनय झा ने कलेक्ट्रेट में जनसुनवाई करते हुए आमजन की समस्याओं एवं शिकायतों को सुना। जनसुनवाई के दौरान कुल 83 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनके त्वरित निस्तारण के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए। जनसुनवाई में विभिन्न क्षेत्रों से आए फरियादियों ने अपनी समस्याओं एवं शिकायतों से जिलाधिकारी को अवगत कराया। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्राप्त शिकायतों का निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण, निष्पक्ष एवं प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। जनसुनवाई के दौरान प्राप्त कुछ शिकायतों का जिलाधिकारी ने मौके पर ही समाधान कराया तथा शेष शिकायतों के संबंध में संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। इस अवसर पर अतिरिक्त मजिस्ट्रेट मयंक कुंडू सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
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Sambhal प्लाट की जमीन पर रास्ता डलवाने का लगाया आरोप
संभल। मंगलवार को प्लाट और रास्ते के चल रहे पुराने विवाद को लेकर दो पक्ष आमने-सामने आकर खड़े हो गए जिसमें शिकायत के आधार पर तहसील प्रशासन ने मौके पर पहुंच कर निरीक्षण किया और शांति व्यवस्था बनाए रखना को कहा आपको बता दें कि सरायतरीन निवासी खुर्शीद खां पुत्र दूल्हा खां ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर जमीन पर दोबारा कब्जा दिलाने और विपक्षी लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की थी। शिकायतकर्ता के अनुसार मौहल्ला जलाल खां सराय अन्दर स्थित गाटा संख्या 127/2 की भूमि को लेकर पहले से विवाद चल रहा था। मामले में उपजिलाधिकारी संभल ने 9 जून 2026 को प्रार्थी के पक्ष में भूमि पर कब्जा दिलाने का आदेश पारित किया था।
शिकायतकर्ता का कहना है कि आदेश के बाद गठित टीम में लेखपाल पंकज गुप्ता, चम्पत सिंह, मुकेश कुमार यादव, स्पर्श गुप्ता तथा नायब तहसीलदार दीपक कुमार जुरैल शामिल रहे और टीम ने मौके पर कब्जा दिलाया था। भूमि पर चहारदीवारी और फाटक भी लगवाया गया था।
आरोप है कि इसके बाद हनीफ, जुगनू, बब्बू फिरोज, शाहिद, शारिक, मोवीन, वसीम उर्फ मुन्ना, दानिश, आजम और सलमान समेत कई लोगों ने दबंगई के बल पर चहारदीवारी गिराकर फाटक तोड़ दिया। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि मौके पर रखी 10 कुंतल सरिया, करीब 60 कट्टे सीमेंट, अन्य निर्माण सामग्री और लगभग 20 हजार ईंटें ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में भरकर ले जाई गईं। शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि मामले की शिकायत के बाद मौके का निरीक्षण करने पहुंचे लेखपाल चम्पत लाल के साथ भी अभद्रता और गाली-गलौज की गई। आरोप है कि अब उक्त आराजी के बीच से रास्ता बनाकर सड़क कायम कर दी गई है।शिकायतकर्ता ने जिलाधिकारी से पूरे मामले की जांच कराकर जमीन पर पुनः कब्जा दिलाने तथा नामजद विपक्षी लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
विकसित भारत–रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) 2025 योजना की समीक्षा, जिलाधिकारी ने दिए प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश*

फर्रुखाबाद । विकसित भारत–रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम 2025 योजना के सफल क्रियान्वयन एवं प्रगति की जिलाधिकारी डॉ0 अंकुर लाठर की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, जिला विकास अधिकारी, उपायुक्त (श्रम रोजगार), समस्त खण्ड विकास अधिकारी, समस्त अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी एवं समस्त लेखाकार उपस्थित रहे। बैठक में योजना के अंतर्गत श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराने, मानव दिवस सृजन, श्रमिकों के समय से भुगतान तथा ग्राम पंचायत स्तर पर कार्यों की प्रगति सहित विभिन्न बिंदुओं की विस्तृत समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने समस्त खण्ड विकास अधिकारियों एवं लेखाकारों को निर्देशित किया कि श्रमिकों की मजदूरी का भुगतान निर्धारित समय-सीमा 15 दिवस के भीतर प्रत्येक दशा में सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में मांग आधारित पर्याप्त संख्या में कार्य संचालित किए जाएं, जिससे इच्छुक अकुशल एवं कुशल श्रमिकों को रोजगार से वंचित न होना पड़े। साथ ही किसी भी ग्राम पंचायत में शून्य मानव दिवस की स्थिति न रहने देने के निर्देश दिए। उन्होंने समस्त विकास खण्डों में लक्ष्य के सापेक्ष अधिक से अधिक मानव दिवस सृजित करने तथा ग्राम पंचायतों में ग्रामीणों के आवागमन हेतु चकमार्गों का नियमानुसार निर्माण कराने के निर्देश दिए। जहां कहीं कब्जे की समस्या हो, वहां संबंधित तहसील से समन्वय स्थापित कर तत्काल कब्जा मुक्त कराते हुए कार्य प्रारंभ कराया जाए। जिलाधिकारी ने विकास खण्डवार खेल मैदानों का चयन कर शीघ्र कार्ययोजना तैयार करते हुए निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण कराने तथा सिंचाई नाली/गूल सफाई, वर्मी कम्पोस्ट आदि उपयोगी कार्यों को भी योजना में सम्मिलित करने के निर्देश दिए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी ने समस्त खण्ड विकास अधिकारियों एवं उपस्थित कर्मचारियों को निर्देशित किया कि योजना के जिन बिंदुओं पर प्रगति खराब है, उनमें एक सप्ताह के भीतर ठोस प्रगति लाना सुनिश्चित करें। श्रमिकों के भुगतान की कार्यवाही में किसी भी स्तर पर विलम्ब न हो तथा जनपद स्तर से प्रतिदिन अनुश्रवण किया जाए।
जिला विकास अधिकारी एवं उपायुक्त (श्रम रोजगार) द्वारा भी निर्देशित किया गया कि योजना के प्राथमिकता वाले बिंदुओं की विकास खण्ड स्तर पर प्रतिदिन ग्राम रोजगार सेवक, पंचायत सचिव एवं तकनीकी सहायकों के साथ समीक्षा की जाए, ताकि कार्यों में तेजी लाई जा सके और ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकाधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध हों।
मोटरसाइकिल चोरी करने वाले गैंग के दो आरोपियों को पुलिस ने तीन मोटरसाइकिल सहित किया गिरफ्तार, पुलिस ने तमंचा भी बरामद किया
फर्रुखाबाद।
मोटर साइकिल चोरी करने व बेचने वाले 02 अभियुक्तों अवनीश कुमार उर्फ आयुष पुत्र वीरेंद्र सिंह निवासी चिर्रा बिछवा जनपद मैनपुरी , मोहम्मद कासिम पुत्र सैफुल्लाराय उर्फ सफीउल्ला निवासी खेड़ा कस्बा शाहाबाद थाना शाहाबाद जनपद हरदोई को 03 मोटरसाइकिल व मोटरसाइकिलों के कटे हुए पुर्जों व अवैध तमंचा व कारतूस सहित एस ओ जी टीम और कादरी गेट थाना पुलिस ने गिरफ्तार करने में सफ़ल हुए हैं। पुलिस अधीक्षक आरती सिंह ने बताया कि घटना खुलासा करते हुए कहा कि काफ़ी समय यह अपराधी पुलिस को चकमा दे कर निकल जाते थे, एसओजी टीम और कादरी गेट पुलिस को मुखबिर ने सूचना दी तो पुलिस टीम ने दोनों आरोपियों को मौके पर ही दबोच लिया और उनके कब्जे से मोटरसाइकिल तमंचा और मोटरसाइकिल को कटे फटे कल पुर्जे भी बरामद किए हैं।
गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम  थानाध्यक्ष कपिल कुमार थाना कादरी गेट मय पुलिस टीम,एसओजी टीम उप निरीक्षक संत कुमार एसओजी प्रभारी फतेहगढ़ मय टीम मौजूद रहे।
अब डीएल के लिए ‘जुगाड़’ नहीं, एआई कैमरे की निगरानी में देनी होगी परीक्षा


नितेश श्रीवास्तव


भदोही। जिले में अब ड्राइविंग लाइसेंस (डीएल) प्राप्त करने के लिए ‘जुगाड़’ वाली व्यवस्था नहीं लग सकेगी। डीएल के लिए अब एआई आधारित ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक पर परीक्षा देनी होगी। ट्रैक पर लगे सेंसरयुक्त एआई कैमरों से वाहन चालक की हर गतिविधि की निगरानी होगी। जहां कहीं गलती होगी, वहां तत्काल बीप की आवाज होगी।



20 लाख की आबादी पर दो सेफ रोड ट्रेनिंग एंड टेस्टिंग सेंटर (डीटीसी) बनाने हैं। इनमें डीघ ब्लॉक के हरदेवपुर गांव के पास पहला डीटीसी सेंटर बनकर तैयार है। वहीं, दूसरा औराई ब्लॉक के मामदेवपुर के पास बनाया जाएगा। अब तक टेस्टिंग ट्रैक न होने से परिवहन विभाग में कच्चे ट्रैक पर ही परीक्षा देकर डीएल प्राप्त किया जाता था।

जिले में हर दिन करीब 25 डीएल बनाए जाते हैं। टेस्टिंग ट्रैक न होने के कारण संभागीय परिवहन विभाग परिसर में ही कच्चे ट्रैक पर परीक्षा देकर ‘जुगाड़’ के सहारे डीएल प्राप्त कर लिया जाता है। जिले में काफी समय से पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल से ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक बनाए जाने की योजना चल रही है, लेकिन जमीन न मिलने से वह धरातल पर नहीं उतर पा रही थी।



परिवहन विभाग के काफी प्रयास के बाद अब डीघ ब्लॉक के हरदेवपुर गांव में पहला डीटीसी बनकर तैयार है। इसका 90 फीसदी काम पूरा हो चुका है। इसके अलावा औराई ब्लॉक के मामदेवपुर गांव में दूसरे डीटीसी सेंटर के लिए जमीन चिह्नित कर ली गई है। इस सेंटर में बाइक, चार पहिया और बड़े वाहनों का डीएल प्राप्त करने के लिए सेंसरयुक्त एआई कैमरे की निगरानी में बनाए गए ट्रैक पर परीक्षा देनी होगी। ट्रैक पर वाहन चलाते समय चालक को निर्धारित समय में घुमावदार ट्रैक को पार करना होगा। इस बीच अगर थोड़ी भी गलती होती है तो सेंसरयुक्त एआई कैमरे बीप की आवाज करने लगेंगे, जिससे डीएल नहीं मिल सकेगा।
ट्रैक पर प्रशिक्षण भी मिलेगा
निर्माणाधीन डीटीसी सेंटर में न सिर्फ डीएल के लिए वाहन चालकों की परीक्षा कराई जाएगी, बल्कि बाइक, चार पहिया से लेकर बड़े वाहनों, जिसमें ट्रक भी शामिल है, के लिए प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। पीपीपी मॉडल के तहत संचालित होने वाले इस डीटीसी सेंटर में कुशल प्रशिक्षक रखे जाएंगे, जो हर दिन निर्धारित समयावधि में वाहन चालकों को प्रशिक्षित करने के साथ ही यातायात नियमों के बारे में भी बताएंगे। इसके साथ ही सड़कों पर लगे संकेतकों और सफेद पट्टियों का क्या मतलब होता है, इसके बारे में भी बताया जाएगा।
10 लाख की आबादी पर एक डीटीसी सेंटर
शासन की मंशा है कि सड़क पर होने वाले वाहन हादसों को कम किया जाए। इसके लिए कुशल प्रशिक्षण सबसे जरूरी है। इसलिए 10 लाख की आबादी पर एक सेंटर खोले जाने की योजना है। जिले की आबादी करीब 20 लाख के आसपास है। ऐसे में जिले में दो डीटीसी सेंटर खोले जाएंगे। इनमें पहला हरदेवपुर और दूसरा मामदेवपुर में होगा। हरदेवपुर का डीटीसी सेंटर लगभग 90 फीसदी तक पूरा हो चुका है।


इस तरह से आपको मिलेगा डीएल
वाहन के ट्रैक से बाहर जाने या गलती होने पर सेंसर तुरंत बीप कर देंगे।
100 अंकों की इस परीक्षा में पास होने के लिए कम से कम 60 अंक प्राप्त करने होंगे।
दोपहिया वाहन के लिए अंग्रेजी के ''8'' आकार के ट्रैक पर 90 सेकंड के भीतर टेस्ट पास करना होगा।
चार पहिया वाहन को 3.82 मिनट में घुमावदार टेस्टिंग ट्रैक पार करना होगा।
डीटीसी सेंटर में प्रशिक्षण अवधि व शुल्क
प्रशिक्षण कोर्स
शुल्क
कुल ट्रेनिंग
लाइट मोटर वाहन
6000
29 घंटे (4 सप्ताह में)
मीडियम/हैवी मोटर वाहन
10000
38 घंटे (4 सप्ताह में)
वाहन मैकेनिज्म
1000
12 घंटे (2 दिन में)
ट्रैफिक एजुकेशन
500
6 घंटे (एक दिन में)
रिफ्रेशर/ओरिएंटेशन कोर्स
1000
10 घंटे (2 दिन में)
वाहन पर आग के खतरों का प्रशिक्षण
500
4 घंटे (एक दिन में)
जिले में दो डीटीसी सेंटर बनाए जाएंगे। दोनों पीपीपी मॉडल पर संचालित होंगे। पहला बनकर लगभग तैयार है। दूसरे के लिए जमीन चिह्नित हो चुकी है। सेंटर पर डीएल के लिए एआई कैमरों की निगरानी में परीक्षा देनी होगी। वहीं, वाहनों का प्रशिक्षण भी कुशल प्रशिक्षकों द्वारा दिया जाएगा। हरदेवपुर के सेंटर का जल्द ही संचालन शुरू होगा।
- राम सिंह, एआरटीओ
विभागीय अधिकारियों को निर्माणाधीन परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण कर शासन द्वारा निर्धारित मानकों का अनुपालन सुनिश्चित कराएं*
*जिलाधिकारी ने  50 लाख एवं उससे अधिक लागत के निर्माण कार्यों के प्रगति की समीक्षा की

फर्रुखाबाद । 50 लाख रुपये एवं उससे अधिक लागत के निर्माण कार्यों की जिलाधिकारी डॉक्टर अंकुर लाठर की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित की गई। बैठक में जनपद में विभिन्न कार्यदायी संस्थाओं द्वारा कराए जा रहे निर्माण कार्यों की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों एवं कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधियों से निर्माणाधीन परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति, कार्य पूर्ण होने की निर्धारित समय-सीमा तथा कार्य में आ रही समस्याओं की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने निर्देशित किया कि सभी निर्माण कार्यों को निर्धारित मानकों एवं गुणवत्ता के अनुरूप समयबद्ध ढंग से पूर्ण कराया जाए। निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता अथवा अनावश्यक विलंब को स्वीकार नहीं किया जाएगा।उन्होंने कहा कि जिन परियोजनाओं का कार्य पूर्ण हो चुका है, उनका संबंधित विभागों द्वारा आवश्यक प्रक्रिया पूर्ण कर शीघ्र हस्तांतरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि उनका लाभ आमजन को समय से मिल सके। निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की नियमित रूप से जांच की जाए तथा कार्यों में प्रयुक्त होने वाली सामग्री की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए।
जिन कार्यदाई संस्थाओं द्वारा चेतावनी के बाद भी अपनी कार्यशैली में सुधार नहीं लाया गया है, उनके खिलाफ निष्कासन की कार्यवाही हेतु शासन से पत्राचार पूर्ण करें। बैठक में अधिशाषी अभियंता नलकूप खण्ड के बिना बताए अनुपस्थित होने पर संबंधित अधिकारी के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कार्यदायी संस्थाओं को निर्देशित किया कि लंबित कार्यों में तेजी लाते हुए निर्धारित समयावधि में कार्य पूर्ण कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्माणाधीन परियोजनाओं का नियमित स्थलीय निरीक्षण कर प्रगति की निगरानी करने तथा शासन द्वारा निर्धारित मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। विकासखण्ड मोहम्मदाबाद की ग्राम पंचायत मौधा में लक्षित उत्सव भवन की प्रगति खराब होने पर संबंधित कार्यदाई साथ एवं अधिकारियों के विरुद्ध कार्यवाही करने के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार गौड़, जिला विकास अधिकारी श्याम कुमार तिवारी, अपर पुलिस अधीक्षक गिरीश कुमार सिंह, परियोजना निदेशक डीआरडीए कपिल कुमार, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी वीरेंद्र कुमार, जिला उद्यान अधिकारी राघवेंद्र सिंह, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी योगेश पाण्डेय, अधिशाषी अभियंता लोक निर्माण विभाग मुरलीधर सहित संबंधित विभागों के अधिकारी, कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधि एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।