शासन प्रशासन की बेरुखी, बजट के अभाव और अवैध कब्जों के कारण कछौना की ड्रेनें बनीं मुसीबत
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ब्यूरो रितेश मिश्रा
कछौना, हरदोई।* एक सप्ताह पूर्व में लगातार बारिश होने से कस्बा सहित ग्रामीण क्षेत्र की जल निकासी की व्यवस्था उचित समय पर नाला, ड्रेनों की सफाई न होना, नालों व ड्रेनों पर अतिक्रमण के चलते आबादी क्षेत्र सहित किसानों के खेतों में जलभराव से हजारों बीघा किसानों की फसल अधिक जलभराव से सूख गई हैं। वही जनजीवन प्रभावित हो गया। कस्बा सहित ग्रामीण क्षेत्र में जल निकासी हेतु ड्रेनों की अहम भूमिका होती है, परंतु कई वर्षों से सरकार की गलत नीतियों के चलते ड्रेनों की सफाई हेतु बजट स्वीकृत न होने व प्रभावशील लोगों व कंपनी द्वारा अतिक्रमण के कारण आम जनमानस के सामने जलभराव की ज्वलंत समस्या खड़ी हो गई है। यह ड्रेने सिंचाई विभाग के अंतर्गत आती हैं। बघौली ड्रेन, समसपुर ड्रेन, बालामऊ ड्रेन, ककरहिया ड्रेन, महरी ड्रेन, कछौना ड्रेन, कटियामऊ ड्रेन, गढ़ी कमालपुर ड्रेन, अलावलपुर ड्रेन, सैदूपुर ड्रेन, रैसों ड्रेन, सेमरी ड्रेन आदि की सफाई न होने के कारण घास, जलकुंभी के कारण पानी का बहाव सही तरीके से न होने के कारण जलभराव की समस्या खड़ी हो गई है। सबसे ज्वलंत समस्या रैंसों ड्रेन में है। औद्योगिक क्षेत्र में स्थित पेप्सी प्लांट कंपनी ने रैंसों ड्रेन के बहाव पर अतिक्रमण कर सामने से एक पतली नाली निकाल दी। जिससे पानी सही तरीके से न निकलने के कारण रैसों ड्रेन के अंतर्गत ग्राम, गौहानी, गढ़ीकमालपुर, शमशेर नगर, बराही, ककरहिया, गढ़ी, सुजानपुर, पूरा, मल्हपुर, नैरा, धौतेरा, कुडरी, कटियामऊ, समधा, खेरवा, रैसों, बघुआमऊ, अलावलपुर, फार्म खेड़ा आदि ग्राम ज्यादा प्रभावित हुए हैं। जिसके कारण सैकड़ों बीघा फसल जलमग्न हो गई। किसानों की गाड़ी कमाई खराब हो गई। किसानों में काफी आक्रोश है। कहीं कस्बा से निकली कछौना ड्रेन पर अतिक्रमण व सफाई न होने के कारण कस्बा का मुख्य मार्ग सहित मोहल्लों में जलभराव हो गया था, यहां तक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कछौना में पानी भरने से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हुई थी। समसपुर ड्रेन की कई वर्षों से सफाई न होने के कारण मतुआ से पुरवा संपर्क मार्ग पर पानी पूरी तरह से भर गया। दर्जनों गांव का आवागमन बंद हो गया। मतुआ गांव में कच्चे मकान गिरने लगे। आक्रोशित ग्रामीणों ने समय रहते ड्रेन की सफाई न होने व तालाब आवंटन संचालक द्वारा ड्रेन में लोहे का जाल लगाने के कारण कोतवाली कछौना में विरोध प्रदर्शन किया था। वही मोहाई, देवनपुर, त्यौरी, तकिया ग्रामों का पानी गौड़ेला तालाब से पवना तालाब होते हुए समसपुर ड्रेन से संई नदी में जाने का प्रावधान था। परंतु हाईवे निर्माण के दौरान पीएमसी कंपनी ने बीएसएनएल टॉवर के पास जल निकासी हेतु पुलिया को बंद कर दिया हैं। जिसके कारण मोहाई, त्यौरी, तकिया, देवनपुर आदि गांव के किसानों की सैकड़ो बीघा फसल जल भराव से खराब हो गई। उनके सामने भरण पोषण का संकट खड़ा हो गया। वही तेरवा साइफन पर ग्रामीणों ने पानी के बहाव के रास्ते को बंद कर दिया। वहीं मुख्य मार्ग हाईवे एनएच 731 में जगह-जगह भवन स्वामियों ने निर्माण के दौरान अपने प्रतिष्ठान, घर के सामने जल निकासी हेतु नाला, ड्रेन पर अतिक्रमण करने से जलभराव की समस्या हो गई। लोगों की सैकड़ो बीघा फसल खराब होने से काफी नुकसान हुआ है। जिसका खामियाजा लोगों को उठाना पड़ रहा है। इस ज्वलंत मुद्दे को लेकर क्षेत्रीय विकास जन आंदोलन के संयोजक रामखेलावन कनौजिया ने बताया शीघ्र शासन प्रशासन को ज्ञापन देकर अवगत कराया जाएगा। शासन प्रशासन द्वारा ठोस कदम न उठाए जाने पर न्यायालय की शरण में जाकर भविष्य में जलभराव की समस्या से निजात दिलाने के लिए लड़ाई लड़ी जाएगी।


ब्यूरो रितेश मिश्रा
ब्यूरो रितेश मिश्रा
ब्यूरो रितेश मिश्रा
संभल। मंगलवार को प्लाट और रास्ते के चल रहे पुराने विवाद को लेकर दो पक्ष आमने-सामने आकर खड़े हो गए जिसमें शिकायत के आधार पर तहसील प्रशासन ने मौके पर पहुंच कर निरीक्षण किया और शांति व्यवस्था बनाए रखना को कहा आपको बता दें कि सरायतरीन निवासी खुर्शीद खां पुत्र दूल्हा खां ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर जमीन पर दोबारा कब्जा दिलाने और विपक्षी लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की थी। शिकायतकर्ता के अनुसार मौहल्ला जलाल खां सराय अन्दर स्थित गाटा संख्या 127/2 की भूमि को लेकर पहले से विवाद चल रहा था। मामले में उपजिलाधिकारी संभल ने 9 जून 2026 को प्रार्थी के पक्ष में भूमि पर कब्जा दिलाने का आदेश पारित किया था।
फर्रुखाबाद।
*जिलाधिकारी ने 50 लाख एवं उससे अधिक लागत के निर्माण कार्यों के प्रगति की समीक्षा की
6 hours ago
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