जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जनपद स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक सम्पन्न
सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने एवं जन जागरूकता अभियान को प्रभावी बनाने हेतु दिये गये आवश्यक दिशा निर्देश
*जिलाधिकारी द्वारा पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर अण्डरपास के दोनो तरफ रम्बल स्ट्रिप बनाये जाने हेतु दिये गये निर्देश।*
सुलतानपुर जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह की अध्यक्षता में नवीन कलेक्ट्रेट सभागार में जनपद स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में सड़क सुरक्षा से संबंधित विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने प्रतिभाग किया। बैठक के दौरान गत माह की बैठक के कार्यवृत्त को सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के पोर्टल पर अपलोड किए जाने की स्थिति तथा पूर्व बैठक में लिए गए निर्णयों के अनुपालन की समीक्षा की गई।
बैठक में जनपद में लगातार बढ़ रहे सड़क यातायात दबाव एवं सड़क दुर्घटनाओं की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए शासन की मंशानुरूप सड़क सुरक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित बनाने पर विस्तृत चर्चा की गई। सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने, यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ करने, सड़क सुरक्षा मानकों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित कराने तथा व्यापक जनजागरूकता अभियान संचालित किए जाने के संबंध में विभिन्न विभागों के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक में जिलाधिकारी महोदय द्वारा होने वाली दुर्घटनाओं से बचने, सभी अण्डरपास चेकिंग रम्बल स्ट्रिप, कलर पट्टी, ब्लैक स्पॉट, हूटर बजा के सचेत करने सहित अन्य बिन्दुओं के सम्बन्ध में विस्तृत चर्चा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये। उन्होंने यूपीडा की समीक्षा के दौरान पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर होने वाली दुर्घटनाओं से बचने हेतु कंट्रोल रूम से प्राप्त सूचनाओं के आधार पर सावधानी हूटर बजाकर सचेत करने के निर्देश दिये। उन्होंने पूर्वांचन एक्सप्रेस-वे के सारे अंडरपास चेक करके अगली मीटिंग में फोटो सहित प्रस्तुत करने हेतु निर्देशित किया गया। उन्होंने निर्देशित किया कि रम्बल स्ट्रिप अण्डरपास के दोनो तरफ बनाई जाय, जिससे दुर्घटनाओं को कम किया जा सके।
जिलाधिकारी महोदय द्वारा जनपद के सभी ब्लैक स्पॉट का स्थलीय निरीक्षण कर आवश्यक सुधारात्मक कार्य तत्काल कराने के निर्देश दिए। जिन स्थानों पर बार-बार सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं, वहां रिफ्लेक्टर, चेतावनी बोर्ड, रेडियम साइनेज, रंबल स्ट्रिप, व्हाइट लाइन मार्किंग तथा टेबल-टॉप स्पीड ब्रेकर लगाने के निर्देश दिए गए, ताकि दुर्घटनाओं की संभावना को न्यूनतम किया जा सके। उन्होंने एन.एच.आई. तथा पीडब्ल्यूडी को निर्देशित किया कि सभी 08 चिन्हित ब्लैक स्पॉट को तीन सप्ताह में समाप्त करें तथा तब तक के लिये उन स्थानों पर चेतावनी बोर्ड लगाये जाए। जिलाधिकारी महोदय द्वारा सभी सड़क निर्माण संस्थाओं को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने साइन बोर्ड व उसके ढांचों, कलर पट्टी का निरीक्षण कर डाटा शीघ्र उपलब्ध कराना सुनिश्चित करायें। उन्होंने बारिश के बाद हुए गड्ढ़ों को जल्द से जल्द सही किये जाने हेतु निर्देशित किया।
जिलाधिकारी महोदय द्वारा मंड़ी सचिव एवं अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत के बैठक में न उपस्थित होने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए उनके विरूद्ध स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने हेतु निर्देशित किया गया। जिलाधिकारी महोदय द्वारा सभी ईओ को निर्देशित किया गया कि सड़क पर टहलने वाले गोवंशों को हटाकर कृत कार्यवाही से अवगत कराया जाए।
जिलाधिकारी महोदय ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में अधिकांश जनहानि लापरवाही, ओवरस्पीडिंग, बिना हेलमेट एवं सीट बेल्ट के वाहन संचालन, गलत दिशा में वाहन चलाने तथा सड़क सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण होती है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को सड़क सुरक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए आपसी समन्वय के साथ कार्य करने तथा दुर्घटना संभावित स्थलों पर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी महोदय ने यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध नियमित एवं प्रभावी प्रवर्तन अभियान चलाने के निर्देश देते हुए कहा कि बिना हेलमेट, बिना सीट बेल्ट, ओवरस्पीडिंग, शराब पीकर वाहन चलाने तथा मॉडिफाइड साइलेंसर का प्रयोग करने वाले वाहन चालकों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही भारी वाहनों के लिए निर्धारित नो-एंट्री व्यवस्था का कड़ाई से पालन कराया जाए तथा शहर के प्रमुख चौराहों पर यातायात व्यवस्था को और अधिक व्यवस्थित एवं सुचारु बनाया जाए।
बैठक में स्कूल बसों, वाणिज्यिक वाहनों एवं यात्री वाहनों की नियमित फिटनेस जांच कराने पर विशेष बल दिया गया। बिना फिटनेस प्रमाण पत्र संचालित होने वाले एवं ओवरलोड वाहनों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी संबंधित अधिकारियों को दिए गए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि 15 वर्ष से अधिक पुराने तथा जिनका पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) समाप्त हो चुका है, ऐसे वाहनों का विद्यालयों में किसी भी प्रकार से उपयोग न किया जाए।
बैठक में सड़क दुर्घटनाओं में घायलों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से एम्बुलेंस सेवाओं एवं ट्रॉमा सुविधाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने के निर्देश दिए गए। दुर्घटना संभावित मार्गों पर एम्बुलेंस एवं क्रेन की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के संपर्क नंबर अद्यतन रखने के निर्देश भी दिए गए। इसके अतिरिक्त अवैध कटों को बंद कराने, अवैध होर्डिंग हटाने, शहर एवं ग्रामीण क्षेत्रों के प्रमुख चौराहों पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा आवश्यक सड़क सुरक्षा संकेतकों की स्थापना पर भी विशेष जोर दिया गया।
जिलाधिकारी महोदय ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का भी दायित्व है। उन्होंने सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए बैनर, फ्लेक्स, डिजिटल प्रचार माध्यमों एवं सोशल मीडिया के माध्यम से व्यापक जनजागरूकता अभियान संचालित करने तथा आमजन को यातायात नियमों के पालन के लिए निरंतर प्रेरित करने के निर्देश दिए।
सड़क सुरक्षा के प्रति समाज में व्यापक जागरूकता उत्पन्न करने के लिए छात्र-छात्राओं, शिक्षकों, स्वयंसेवी एवं सामाजिक संगठनों की सक्रिय सहभागिता रही तथा उन्होने इसको और व्यापक करने के निर्देश दिये, ताकि जनसहभागिता के माध्यम से सड़क दुर्घटनाओं में प्रभावी कमी लाई जा सके।
बैठक के अंत में संबंधित विभागों के अधिकारियों ने सड़क सुरक्षा से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा करते हुए आवश्यक कार्ययोजना तैयार की। जिलाधिकारी महोदय ने सभी विभागों को समयबद्ध एवं समन्वित ढंग से कार्य करते हुए शासन की मंशानुरूप सड़क सुरक्षा के सभी मानकों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
7 hours ago
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