मऊ में तराजू-कांटों की जांच, 15 दुकानदारों का चालान मोहम्मदाबाद गोहना,

मऊ। जिलाधिकारी आनंद वर्धन के निर्देश पर मंगलवार को विधिक मापन विभाग की टीम ने मोहम्मदाबाद गोहना कस्बे में दुकानों पर लगे तराजू और इलेक्ट्रॉनिक कांटों की जांच की। इस दौरान सत्यापन एवं नवीनीकरण नहीं कराने वाले दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई की गई।

माप अधिकारी मऊ अवनीश पाठक और बाबूलाल यादव की टीम ने रोडवेज, रेलवे स्टेशन, स्टेशन रोड सहित विभिन्न क्षेत्रों में किराना, सराफा समेत करीब 35 दुकानों पर तराजू और कांटों की जांच की। जांच के दौरान 15 दुकानों के तराजू-कांटों पर सत्यापन की मोहर की अवधि समाप्त मिली। इस पर संबंधित दुकानदारों के खिलाफ विधिक कार्रवाई करते हुए चालान किया गया।

माप अधिकारी अवनीश पाठक ने दुकानदारों को निर्देश दिया कि प्रत्येक वर्ष अपने तराजू और कांटों का अनिवार्य रूप से सत्यापन एवं नवीनीकरण कराएं। ऐसा नहीं करने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी, जिसकी जिम्मेदारी संबंधित दुकानदार की होगी।

करीब चार घंटे तक चले निरीक्षण के दौरान कई दुकानों पर कार्रवाई होने से अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। जांच पूरी करने के बाद विधिक मापन विभाग की टीम जिला मुख्यालय के लिए रवाना हो गई।
मऊ -: श्रीकृष्ण बरही पर पत्रकारों व गणमान्य नागरिकों का सम्मान
मुहम्मदाबाद गोहना (मऊ)। हलीमाबाद स्थित इच्छा पूर्ति श्री हनुमान मंदिर सेवा समिति की ओर से मंगलवार को श्रीकृष्ण बरही के अवसर पर सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों एवं पत्रकारों को अंगवस्त्र और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया।

समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि सामाजिक सरोकारों से जुड़े लोगों का सम्मान समाज को सकारात्मक दिशा देने का माध्यम है। पत्रकार अपनी लेखनी के जरिए समाज की समस्याओं को सामने लाने और लोगों को जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वहीं, सामाजिक क्षेत्र में सक्रिय नागरिक भी जनहित के कार्यों में अपना योगदान देते हैं।

समारोह में क्षेत्र के विद्वान शशांक त्रिपाठी उर्फ चंकी बाबा, उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के जिला उपाध्यक्ष जगदीश प्रसाद गुप्ता, राघवेंद्र चौरसिया, निक्की गुप्ता, देवांश श्रीवास्तव, प्रभात श्रीवास्तव सहित मंदिर सेवा समिति के पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद रहे।

इस दौरान पत्रकार सरफराज अहमद, संतोष जायसवाल, अनंत प्रताप आजाद, राजेश जायसवाल, रमेश यादव, हारुन खान, दूधनाथ चक्रवर्ती, प्रमोद विश्वकर्मा और राजीव शर्मा समेत अन्य पत्रकारों को सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने भगवान श्रीकृष्ण के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने तथा समाज में आपसी भाईचारा, प्रेम और सद्भाव बनाए रखने का आह्वान किया।

अंत में मंदिर सेवा समिति की ओर से सभी अतिथियों एवं पत्रकारों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।
आबकारी विभाग की टीम ने 360 किलो लहन और 8 लीटर अवैध शराब की बरामद
फर्रुखाबाद ।
आबकारी आयुक्त के आदेश एवं जिलाधिकारी डॉ॰ अंकुर लाठर के निर्देश पर जिला आबकारी अधिकारी जी०पी० गुप्ता के नेतृत्व में जनपद भर में अवैध मदिरा के निर्माण, बिक्री एवं परिवहन की रोकथाम हेतु विशेष प्रवर्तन अभियान चलाया  जा रहा है।
इस दौरान मंगलवार को आबकारी निरीक्षक क्षेत्र-2 सुधांशु चौधरी द्वारा मय स्टाफ कायमगंज क्षेत्र में स्थित ग्राम नरसिंहपुर में कई संदिग्ध स्थलों पर दबिश कार्यवाही की गई। दबिश के दौरान 08 लीटर अवैध कच्ची शराब तथा 360 किलोग्राम लहन बरामद की गई।बरामद लहन को मौके पर ही नष्ट किया गया। आबकारी की सुसंगत धाराओं में 02 अभियोग पंजीकृत किए गए।
जनपद में अवैध मदिरा के निर्माण, बिक्री एवं परिवहन के विरुद्ध कार्यवाही आगे भी निरंतर जारी रहेगा
जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जनपद स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक सम्पन्न
सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने एवं जन जागरूकता अभियान को प्रभावी बनाने हेतु दिये गये आवश्यक दिशा निर्देश

*जिलाधिकारी द्वारा पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर अण्डरपास के दोनो तरफ रम्बल स्ट्रिप बनाये जाने हेतु दिये गये निर्देश।*

सुलतानपुर जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह की अध्यक्षता में नवीन कलेक्ट्रेट सभागार में जनपद स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में सड़क सुरक्षा से संबंधित विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने प्रतिभाग किया। बैठक के दौरान गत माह की बैठक के कार्यवृत्त को सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के पोर्टल पर अपलोड किए जाने की स्थिति तथा पूर्व बैठक में लिए गए निर्णयों के अनुपालन की समीक्षा की गई।
           
बैठक में जनपद में लगातार बढ़ रहे सड़क यातायात दबाव एवं सड़क दुर्घटनाओं की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए शासन की मंशानुरूप सड़क सुरक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित बनाने पर विस्तृत चर्चा की गई। सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने, यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ करने, सड़क सुरक्षा मानकों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित कराने तथा व्यापक जनजागरूकता अभियान संचालित किए जाने के संबंध में विभिन्न विभागों के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
          
बैठक में जिलाधिकारी महोदय द्वारा होने वाली दुर्घटनाओं से बचने, सभी अण्डरपास चेकिंग रम्बल स्ट्रिप, कलर पट्टी, ब्लैक स्पॉट, हूटर बजा के सचेत करने सहित अन्य बिन्दुओं के सम्बन्ध में विस्तृत चर्चा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये। उन्होंने यूपीडा की समीक्षा के दौरान पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर होने वाली दुर्घटनाओं से बचने हेतु कंट्रोल रूम से प्राप्त सूचनाओं के आधार पर सावधानी हूटर बजाकर सचेत करने के निर्देश दिये। उन्होंने पूर्वांचन एक्सप्रेस-वे के सारे अंडरपास चेक करके अगली मीटिंग में फोटो सहित प्रस्तुत करने हेतु निर्देशित किया गया। उन्होंने निर्देशित किया कि रम्बल स्ट्रिप अण्डरपास के दोनो तरफ बनाई जाय, जिससे दुर्घटनाओं को कम किया जा सके।
         
जिलाधिकारी महोदय द्वारा जनपद के सभी ब्लैक स्पॉट का स्थलीय निरीक्षण कर आवश्यक सुधारात्मक कार्य तत्काल कराने के निर्देश दिए। जिन स्थानों पर बार-बार सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं, वहां रिफ्लेक्टर, चेतावनी बोर्ड, रेडियम साइनेज, रंबल स्ट्रिप, व्हाइट लाइन मार्किंग तथा टेबल-टॉप स्पीड ब्रेकर लगाने के निर्देश दिए गए, ताकि दुर्घटनाओं की संभावना को न्यूनतम किया जा सके। उन्होंने एन.एच.आई. तथा पीडब्ल्यूडी को निर्देशित किया कि सभी 08 चिन्हित ब्लैक स्पॉट को तीन सप्ताह में समाप्त करें तथा तब तक के लिये उन स्थानों पर चेतावनी बोर्ड लगाये जाए। जिलाधिकारी महोदय द्वारा सभी सड़क निर्माण संस्थाओं को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने साइन बोर्ड व उसके ढांचों, कलर पट्टी का निरीक्षण कर डाटा शीघ्र उपलब्ध कराना सुनिश्चित करायें। उन्होंने बारिश के बाद हुए गड्ढ़ों को जल्द से जल्द सही किये जाने हेतु निर्देशित किया।
         
जिलाधिकारी महोदय द्वारा मंड़ी सचिव एवं अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत के बैठक में न उपस्थित होने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए उनके विरूद्ध स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने हेतु निर्देशित किया गया। जिलाधिकारी महोदय द्वारा सभी ईओ को निर्देशित किया गया कि सड़क पर टहलने वाले गोवंशों को हटाकर कृत कार्यवाही से अवगत कराया जाए।
         
जिलाधिकारी महोदय ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में अधिकांश जनहानि लापरवाही, ओवरस्पीडिंग, बिना हेलमेट एवं सीट बेल्ट के वाहन संचालन, गलत दिशा में वाहन चलाने तथा सड़क सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण होती है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को सड़क सुरक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए आपसी समन्वय के साथ कार्य करने तथा दुर्घटना संभावित स्थलों पर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए।
          
जिलाधिकारी महोदय ने यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध नियमित एवं प्रभावी प्रवर्तन अभियान चलाने के निर्देश देते हुए कहा कि बिना हेलमेट, बिना सीट बेल्ट, ओवरस्पीडिंग, शराब पीकर वाहन चलाने तथा मॉडिफाइड साइलेंसर का प्रयोग करने वाले वाहन चालकों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही भारी वाहनों के लिए निर्धारित नो-एंट्री व्यवस्था का कड़ाई से पालन कराया जाए तथा शहर के प्रमुख चौराहों पर यातायात व्यवस्था को और अधिक व्यवस्थित एवं सुचारु बनाया जाए।
          
बैठक में स्कूल बसों, वाणिज्यिक वाहनों एवं यात्री वाहनों की नियमित फिटनेस जांच कराने पर विशेष बल दिया गया। बिना फिटनेस प्रमाण पत्र संचालित होने वाले एवं ओवरलोड वाहनों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी संबंधित अधिकारियों को दिए गए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि 15 वर्ष से अधिक पुराने तथा जिनका पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) समाप्त हो चुका है, ऐसे वाहनों का विद्यालयों में किसी भी प्रकार से उपयोग न किया जाए।
         
बैठक में सड़क दुर्घटनाओं में घायलों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से एम्बुलेंस सेवाओं एवं ट्रॉमा सुविधाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने के निर्देश दिए गए। दुर्घटना संभावित मार्गों पर एम्बुलेंस एवं क्रेन की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के संपर्क नंबर अद्यतन रखने के निर्देश भी दिए गए। इसके अतिरिक्त अवैध कटों को बंद कराने, अवैध होर्डिंग हटाने, शहर एवं ग्रामीण क्षेत्रों के प्रमुख चौराहों पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा आवश्यक सड़क सुरक्षा संकेतकों की स्थापना पर भी विशेष जोर दिया गया।
         
जिलाधिकारी महोदय ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का भी दायित्व है। उन्होंने सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए बैनर, फ्लेक्स, डिजिटल प्रचार माध्यमों एवं सोशल मीडिया के माध्यम से व्यापक जनजागरूकता अभियान संचालित करने तथा आमजन को यातायात नियमों के पालन के लिए निरंतर प्रेरित करने के निर्देश दिए।
          
सड़क सुरक्षा के प्रति समाज में व्यापक जागरूकता उत्पन्न करने के लिए छात्र-छात्राओं, शिक्षकों, स्वयंसेवी एवं सामाजिक संगठनों की सक्रिय सहभागिता रही तथा उन्होने इसको और व्यापक करने के निर्देश दिये, ताकि जनसहभागिता के माध्यम से सड़क दुर्घटनाओं में प्रभावी कमी लाई जा सके।
        
बैठक के अंत में संबंधित विभागों के अधिकारियों ने सड़क सुरक्षा से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा करते हुए आवश्यक कार्ययोजना तैयार की। जिलाधिकारी महोदय ने सभी विभागों को समयबद्ध एवं समन्वित ढंग से कार्य करते हुए शासन की मंशानुरूप सड़क सुरक्षा के सभी मानकों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
ऑपरेशन कन्विक्शन’ के तहत प्रभावी पैरवी से नाबालिग लड़की के साथ छेडछाड करने के आरोपी अभियुक्त को हुई 03 वर्ष का कारावास व रूपये 20,000/- के अर्थदण


गोण्डा।  थाना कोतवाली नगर पर नाबालिग बालिका के साथ छेड़छाड़ के संबंध में अभियोग पंजीकृत किया गया था। उक्त प्रकरण में थाना कोतवाली नगर पुलिस द्वारा अभियुक्त सलमान उर्फ गोलू पुत्र इशरार अली उर्फ ननके निवासी पंतनगर फोरबिसगंज, थाना कोतवाली नगर, जनपद गोण्डा के विरुद्ध नियमानुसार अग्रिम विधिक कार्यवाही की गई थी।

*दोषसिद्धि का विवरण-*
ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत चिन्हित अपराधों में दोषी अभियुक्तों के विरुद्ध माननीय न्यायालय द्वारा अधिकतम/त्वरित दंडात्मक कार्यवाही हेतु जनपदीय पुलिस द्वारा विशेष अभियान चलाया जा रहा है जिसके क्रम मे थाना को0 नगर में पंजीकृत अभियोग मे मॉनिटरिंग सेल, लोक अभियोजक श्री अशोक सिंह, कोर्ट मोहर्रिर म0का0 वंदना व थाना को0 नगर के पैरोकार का0 रॉयल की प्रभावी पैरवी के फलस्वरुप आज दिनांक 15.09.2026 को दोषी अभियुक्त सलमान उर्फ गोलू को अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश पॉक्सो कोर्ट श्री निर्भय प्रकाश् द्वारा दोषसिद्ध करते हुए 03 कारावास व 20,000/- रु0 के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।
योगी सरकार की ग्रीन मोबिलिटी को मिली रफ्तार, नोएडा इलेक्ट्रिक बस डिपो की 100 ई-बसों का शानदार प्रदर्शन

- नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण क्षेत्रों में संचालित ई-बसों में अब तक 7.18 लाख से अधिक लोगों ने की यात्रा
- तीनों प्राधिकरणों में 2.24 करोड़ रुपये से अधिक राजस्व प्राप्त हुआ, लगातार सेवाओं का हो रहा विस्तार
- जेवर एयरपोर्ट कनेक्टिविटी से ग्रीन मोबिलिटी तक, योगी सरकार के विजन को मिली जमीनी स्तर पर सफलता
- 24 घंटे लाइव निगरानी की तैयारी, नोएडा में बनेगा तीनों प्राधिकरणों की ई-बसों के लिए कमांड सेंटर

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ग्रीन मोबिलिटी और आधुनिक सार्वजनिक परिवहन के विजन का असर नोएडा इलेक्ट्रिक बस डिपो के संचालन प्रतिफल (राजस्व) में लगातार दिखाई दे रहा है। सितंबर के प्रथम 13 दिनों में डिपो की 100 ई-बसों ने कुल 2.96 लाख किलोमीटर का परिचालन कर 1.99 लाख से अधिक यात्रियों को सेवा प्रदान की और 61.75 लाख से अधिक का राजस्व अर्जित किया। इस अवधि में प्रति बस प्रतिदिन परिचालन, यात्री संख्या और आय के आधार पर अगस्त की तुलना में बेहतर औसत दैनिक प्रदर्शन दर्ज किया गया।
नियमित संचालन प्रारंभ होने के बाद 20 जून से 13 सितंबर 2026 तक तीनों प्राधिकरणों की ई-बसों ने कुल 15.12 लाख किलोमीटर से अधिक का परिचालन किया। इस दौरान 7.18 लाख से ज्यादा यात्रियों ने ई-बस सेवा का लाभ उठाया, जिससे कुल 2.24 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व अर्जित किया गया।
- जून से सितंबर तक बढ़ता गया ई-बसों का कारोबार
नोएडा इलेक्ट्रिक बस डिपो के अधिकारियों के मुताबिक 20 से 30 जून के 11 दिनों में 100 ई-बसों ने 1.47 लाख किलोमीटर का परिचालन कर 28,053 यात्रियों को सेवा दी और 9.07 लाख रुपये का राजस्व अर्जित किया। जुलाई में परिचालन बढ़कर 4.79 लाख किलोमीटर, यात्री संख्या 1.50 लाख और राजस्व 47.93 लाख तक पहुंच गया। अगस्त में बसों ने 5.89 लाख किलोमीटर की दूरी तय की और 3.40 लाख यात्रियों को सेवा दी। इस महीने 1.05 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व प्राप्त हुआ। सितंबर के प्रथम 13 दिनों में ही 2.96 लाख किलोमीटर परिचालन, 1.99 लाख यात्रियों और 61.75 लाख का राजस्व प्राप्त किया। अगस्त के 190.21 किलोमीटर प्रति बस प्रतिदिन के मुकाबले सितंबर में यह बढ़कर 227.78 किलोमीटर हो गया। इसी प्रकार यात्री प्रति बस प्रतिदिन की संख्या 109.79 से बढ़कर 153.68 और आय प्रति बस प्रतिदिन 3,414.86 से बढ़कर 4,750.20 रुपये हो गई। आय प्रति किलोमीटर भी 17.95 से बढ़कर 20.85 रुपये हो गई है। चारों अवधियों को मिलाकर 20 जून से 13 सितंबर तक कुल 15.12 लाख किलोमीटर से अधिक का परिचालन हुआ, जबकि 7.18 लाख यात्रियों ने ई-बस सेवा का लाभ लिया। इस दौरान कुल 2.24 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया गया।
- नोएडा प्राधिकरण की 50 बसों ने सितंबर में बनाया बेहतर दैनिक प्रदर्शन
नोएडा प्राधिकरण की 50 बसों ने सितंबर के प्रथम 13 दिनों में 1.50 लाख किलोमीटर का परिचालन कर 1.04 लाख से अधिक यात्रियों को सेवा दी। इस दौरान 31.45 लाख का राजस्व प्राप्त हुआ। प्रति बस प्रतिदिन परिचालन 231.17 किलोमीटर, यात्री संख्या 160.14 और आय 4,839.17 रुपये रही। आय प्रति किलोमीटर भी 20.93 पहुंच गई। अगस्त की तुलना में दैनिक परिचालन और यात्रियों की संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई।
- ग्रेटर नोएडा में यात्री संख्या और आय ने पकड़ी तेज रफ्तार
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की 25 बसों ने सितंबर के प्रथम 13 दिनों में 77,110 किलोमीटर की दूरी तय की और 53,194 यात्रियों को सफर कराया। इससे 16.17 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। प्रति बस प्रतिदिन परिचालन 237.26 किलोमीटर और यात्री संख्या 163.67 रही। आय प्रति किलोमीटर 20.98 रुपये व आय प्रति बस प्रतिदिन 4,978.15 रुपये दर्ज की गई। तीनों प्राधिकरणों में ग्रेटर नोएडा प्रति बस प्रतिदिन परिचालित किलोमीटर, यात्री संख्या, आय प्रति किलोमीटर व आय प्रति बस प्रतिदिन के आधार पर शीर्ष पर रहा।
- यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में भी बढ़ा ई-बसों का उपयोग
यमुना प्राधिकरण की 25 बसों ने सितंबर के प्रथम 13 दिनों में 68,749 किलोमीटर का परिचालन किया और 42,497 यात्रियों को सेवा दी। इस अवधि में 14.11 लाख रुपये का राजस्व अर्जित हुआ। प्रति बस प्रतिदिन परिचालन 211.54 किलोमीटर, यात्री संख्या 130.76 और आय प्रति बस प्रतिदिन 4,344.32 रुपये रही। आय प्रति किलोमीटर 20.54 रुपये दर्ज हुई, जिससे इस क्षेत्र में भी ई-बस सेवा के मजबूत होते उपयोग का परिणाम दिख रहा है।
- सीएम योगी के विजन से मिली ग्रीन मोबिलिटी को मजबूती
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जून 2026 में नोएडा इलेक्ट्रिक बस डिपो का उद्घाटन और ई-बसों को हरी झंडी दिखाते हुए एनसीआर में स्वच्छ, सुरक्षित और सुविधाजनक सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने की दिशा में कदम बढ़ाया था। उनका विजन नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण क्षेत्र को ग्रीन मोबिलिटी से जोड़ते हुए जेवर एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी मजबूत करना है।
- नोएडा में बनेगा कमांड सेंटर, होगी लाइव निगरानी
यूपीएसआरटीसी मुख्यालय लखनऊ के मुताबिक नोएडा में तीनों प्राधिकरणों से जुड़ी इलेक्ट्रिक बसों के लिए कमांड सेंटर बनाने की तैयारी भी चल रही है। इसके लिए शासन को प्रस्ताव भेजा जा चुका है। प्रस्तावित 24 घंटे संचालित कंट्रोल रूम से ई-बसों की लाइव निगरानी की जाएगी। इससे बसों के संचालन, रूट और सेवाओं पर लगातार नजर रखने के साथ यात्रियों को बेहतर और व्यवस्थित सार्वजनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
लंबित शिक्षक समस्याओं को लेकर प्राथमिक शिक्षक संघ मुखर, 22 सितंबर को धरने की चेतावनी
सुल्तानपुर। बेसिक शिक्षा विभाग में कार्यरत शिक्षकों की विभिन्न लंबित समस्याओं एवं देयकों के भुगतान को लेकर उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने मोर्चा खोल दिया है। मंगलवार को संघ के जिलाध्यक्ष दिलीप पाण्डेय के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने वित्त एवं लेखाधिकारी बेसिक शिक्षा राम बचन राम को ज्ञापन सौंपकर लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण की मांग की।

संघ के जनपदीय प्रवक्ता निजाम खान ने बताया कि शिक्षकों के अवशिष्ट वेतन, जीपीएफ अग्रिम, सामूहिक बीमा, जीपीएफ लेखा पर्ची, नोशनल पेंशन, ग्रेच्युटी, जीपीएफ से एनपीएस में स्थानांतरित धनराशि को वापस जीपीएफ खाते में भेजने, ऑनलाइन आवेदनों के निस्तारण तथा नवीन प्रान आवंटन समेत कई मामले लंबे समय से लंबित हैं। इससे शिक्षकों में व्यापक रोष व्याप्त है।

निजाम खान ने आरोप लगाया कि एक ही विद्यालय के शिक्षकों का एक ही आदेश से अवरुद्ध और बहाल वेतन का अवशिष्ट भुगतान भी अलग-अलग तरीके से किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जीपीएफ अग्रिम, सामूहिक बीमा, ग्रेच्युटी एवं अन्य देयकों की पत्रावलियां अनावश्यक रूप से लंबित रहने से शिक्षक और सेवानिवृत्त कर्मचारी परेशान हैं।

उन्होंने कहा, “संघ लंबे समय से औपचारिक और अनौपचारिक संवाद के माध्यम से शिक्षकों की समस्याओं के समयबद्ध एवं पारदर्शी निस्तारण की मांग करता रहा है। इसके बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने से शिक्षकों में आक्रोश बढ़ रहा है। अब संघ चुप बैठने वाला नहीं है।”

जिलाध्यक्ष दिलीप पाण्डेय ने कहा कि शिक्षकों के वैधानिक देयकों के भुगतान के लिए उन्हें वर्षों तक कार्यालयों के चक्कर लगाना पड़े, यह दुर्भाग्यपूर्ण है। संघ ने हमेशा संवाद के माध्यम से समस्याओं के समाधान का प्रयास किया है, लेकिन अब लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण जरूरी है। उन्होंने कहा कि 21 सितंबर तक समस्याओं का ठोस समाधान नहीं हुआ तो 22 सितंबर को अपराह्न तीन बजे वित्त एवं लेखाधिकारी कार्यालय के समक्ष धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।

वरिष्ठ उपाध्यक्ष वीरेंद्र नारायण मिश्र ने कहा कि जीपीएफ, ग्रेच्युटी, सामूहिक बीमा, अवशिष्ट वेतन और पेंशन से जुड़े प्रकरणों को लंबित रखना शिक्षकों के हितों के विपरीत है। उन्होंने कहा कि सभी मामलों का निस्तारण नियमों के अनुसार पारदर्शी और निर्धारित समयसीमा में होना चाहिए। शिक्षकों को अपने ही वैधानिक देयकों के लिए परेशान होना पड़े, यह व्यवस्था की गंभीर खामी है।

जिला मंत्री डॉ. हृषिकेश भानु सिंह ने कहा कि शिक्षक संघ ने हमेशा लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से शिक्षकों की समस्याओं की आवाज उठाई है। यदि 21 सितंबर तक समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो 22 सितंबर का धरना मजबूरी में उठाया गया कदम होगा। उन्होंने कहा कि संघ शिक्षकों के सम्मान, अधिकार और वैधानिक देयकों के लिए निर्णायक संघर्ष करेगा।

जिला उपाध्यक्ष विनोद यादव  ने चेतावनी दी कि यदि 21 सितंबर तक सभी प्रमुख लंबित समस्याओं का निस्तारण नहीं किया गया तो 22 सितंबर को अपराह्न तीन बजे वित्त एवं लेखाधिकारी कार्यालय के समक्ष धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। संघ ने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर आंदोलन को आगे भी व्यापक रूप दिया जाएगा।

जय प्रकाश वर्मा कोषाध्यक्ष ने कहा शिक्षकों के नवीन प्रान आवंटन, आवंटित पीआरएएन नंबर एवं कार्ड उपलब्ध कराने तथा एनपीएस कटौती से संबंधित समस्याओं के तत्काल समाधान की भी मांग की गई। संघ पदाधिकारियों ने कार्यालय की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता लाने और लंबित प्रकरणों का निर्धारित समय में निस्तारण किए जाने पर जोर दिया।

प्रतिनिधिमंडल में वरिष्ठ उपाध्यक्ष वीरेंद्र नारायण मिश्र, जिला मंत्री डॉ. हृषिकेश भानु सिंह, कोषाध्यक्ष जय प्रकाश वर्मा, संयुक्त मंत्री प्रशांत पाण्डेय, जिला उपाध्यक्ष विनोद यादव, राम बहादुर मिश्रा धीरेन्द्र राव जिला अध्यक्ष युवा प्रकोष्ठ अर्चना सिंह, मुहम्मद मुजतबा, जिला उपाध्यक्ष देवेंद्र कविराज,ब्लॉक अध्यक्ष कादीपुर अनिल यादव, लम्भुआ केदारनाथ दूबे, बल्दीराय राज बख्श मौर्य, भदय्या अंजनी शर्मा, दोस्तपुर अध्यक्ष गोमती मिश्रा अखण्ड नगर अध्यक्ष विजय प्रताप यादव, अरुण शुक्ला, शिव नरायण वर्मा, राज कुमार यादव, बृजेश सिंह, बिमलेश कुमार, राज कुमार चौधरी, कृष्ण कुमार चौरसिया, पुरनेण्डु पाण्डेय,विपिन सिंह नरेंद्र पाण्डेय,विनय पाण्डेय, रमन तिवारी, शिव पूजन पाण्डेय, राजमणि यादव, रमेश तिवारी नफीस अहमद शफीक अहमद प्रतिमा सिंह सहित सैंकड़ो पदाधिकारी मौजूद रहे।
मऊ DM से मुलाकात का असर: एक सप्ताह में बनी सड़क, जिलाधिकारी ने मासूम बिटिया को दिया रास्ते का तोहफा
मऊ में जिलाधिकारी से मुलाकात के बाद मासूम बिटिया की राह आसान हो गई। सड़क की समस्या को लेकर हुई मुलाकात के महज एक सप्ताह के भीतर रास्ते का निर्माण करा दिया गया।

सड़क बनने के बाद बिटिया के परिवार समेत स्थानीय लोगों को आवागमन में बड़ी राहत मिली। जिलाधिकारी की त्वरित पहल की क्षेत्र में सराहना हो रही है।

एक फरियाद, एक मुलाकात और एक सप्ताह में समाधान—मासूम बिटिया के लिए सड़क बनी खुशियों का रास्ता।
रैकवारडीह में चकबंदी के विरोध में किसानों ने उठाई आवाज, निरस्त करने की मांग
मऊ। रैकवारडीह गांव में चल रही चकबंदी प्रक्रिया को लेकर काश्तकारों और ग्रामीणों का विरोध तेज हो गया है।

किसानों ने जिलाधिकारी को प्रार्थना-पत्र सौंपकर चकबंदी प्रक्रिया को निरस्त कर भूमि को दोबारा धारा 6(अ) में शामिल किए जाने की मांग की है।
किसानों ने चकबंदी प्रक्रिया में अनियमितता, कथित भ्रष्टाचार और दलालबाजी के आरोप लगाए हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि जिन अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं, उन्हीं के स्तर से जांच कराए जाने पर निष्पक्षता को लेकर आशंका बनी हुई है। किसानों ने पूरे मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की मांग की है।

प्रार्थना-पत्र के अनुसार, 14 जुलाई 2026 को मुख्य राजस्व अधिकारी की मौजूदगी में करीब 350 काश्तकार और ग्रामवासी मौजूद थे। किसानों का दावा है कि इनमें लगभग 98 प्रतिशत लोगों ने चकबंदी के विरोध में हाथ उठाकर अपनी असहमति जताई थी। इसके बावजूद प्रक्रिया पर प्रभावी रोक नहीं लगने से ग्रामीणों में नाराजगी है।

ग्रामीणों का कहना है कि चकबंदी आगे बढ़ने पर उन्हें जमीन और खेती से जुड़ी कई समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। 5 सितंबर 2026 को भी बड़ी संख्या में किसान जिलाधिकारी से मिलने पहुंचे थे, लेकिन तहसील दिवस में व्यस्तता के कारण मुलाकात नहीं हो सकी।

अब ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मामले को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष जांच कराने और रैकवारडीह में चल रही चकबंदी प्रक्रिया को निरस्त करने की मांग की है।
व्यापारी हत्याकांड के बाद हाइवे पर चेकिंग,नेताओं को रोकने के लिए बैरिकेडिंग
*पीड़ित परिवार से मिलने पर रोक

गोंडा।जिले के परसपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत 9 सितंबर को हुए बर्तन व्यापारी विनोद साहनी हत्याकांड के बाद स्थिति तनावपूर्ण है।इसी बीच आज मंगलवार दोपहर 12 बजे से गोंडा लखनऊ हाइवे पर भंभुआ पुलिस चौकी और करनैलगंज तिराहे के पास पुलिस ने चेकिंग अभियान शुरू किया है।कई पार्टियों के नेता पीड़ित परिवार से मिलने आ रहे हैं,जिन्हें जगह जगह रोकने के लिए चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है।लखनऊ की तरफ से गोंडा की तरफ आने वाले प्रत्येक वाहन पर नजर रखी जा रही है।नेताओं के शक होने पर वाहनों को रोककर लोगों से पूछताछ की जा रही है और उनके पहचान पत्र देखे जा रहे हैं और इसके बाद ही गोंडा की तरफ आने दिया जा रहा है।इलाके में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात है।पुलिस उन वाहनों पर खास नजर रख रही है जिनमें नेताओं के होने की आशंका है।दरअसल, आज पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य का एक प्रतिनिधि मंडल विनोद साहनी के घर पहुंचने वाला था।इसके आलावा निषाद समाज के कुछ नेता भी इस घटना को लेकर विनोद साहनी के घर जाना चाहते थे।इन नेताओं को रोकने के लिए पुलिस पूरी तरह से तैयार है और इसी वजह से यह चेकिंग अभियान भी चलाया जा रहा है।जिला प्रशासन किसी भी नेता को विनोद साहनी के परिवार से मिलने नहीं दे रहा है।पुलिस का कहना है कि जिले में धारा 163 लागू है और नेताओं के वहां पहुंचने से माहौल बिगड़ सकता है।नेताओं के विनोद साहनी के घर पहुंचने की आशंका को देखते हुए करनैलगंज से लेकर विनोद साहनी के घर रेक्सड़िया तक भी जगह जगह बैरिकेडिंग लगाई गई है।वहाँ भी पुलिस तैनात है और वाहनों की जांच की जा रही है।करनैलगंज कोतवाल नरेंद्र प्रताप राय ने बताया कि जिले में धारा 163 लागू होने के कारण किसी को भी आगे जाने की इजाजत नहीं दी जाएगी।