लाल आनंद प्रकाश तिवारी छत्तीसगढ़ के रायपुर के संदिग्ध परिस्थितियों में गोली लगने शहीद हो गया
लखनऊ । सुल्तानपुर का रहने वाला लाल आनंद प्रकाश तिवारी छत्तीसगढ़ के रायपुर के संदिग्ध परिस्थितियों में गोली लगने शहीद हो गया। एसएसबी में सूबेदार के पद पर तैनात आनंद के परिजनों को जब इन बात की जानकारी लगी तो पूरा परिवार सन्न रह गया। वहीं छत्तीसगढ़ से आज जब पैतृक गांव आनंद का शव पहुंचा तो कोहराम मच गया। आस पास कई गांव सहित कई जनप्रतिनिधि अंतिम दर्शन के लिए गांव पहुंचे हुए हैं और नाम आंखों से आनंद को श्रद्धांजलि दे रहे हैं।

दरअसल कुड़वार थानाक्षेत्र के नेवरा गांव के रहने वाले बलिराम तिवारी के तीन बेटे थे। सबसे छोटा बेटा आनंद प्रकाश तिवारी एसएसबी में सूबेदार था, और वर्तमान में इसकी तैनाती छत्तीसगढ़ के रायपुर में थी। इतनी पत्नी और इकलौता बेटा चंडीगढ़ में रहते थे। सोमवार की सुबह बलिराम के बाद रायपुर से फोन आया कि आनंद को गोली लग गई है और उनकी मृत्यु हो गई है। मृत्यु की खबर लगते ही बलिराम के होश उड़ गया। वहीं पूरे परिवार को जब इसका पता लगा तो कोहराम मच गया। आज दोपहर जब आनंद का शव पैतृक गांव पहुंचा तो कोहराम मच गया। आस पास के गांव सहित सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण इनके घर पहुंचे और शहीद को श्रद्धांजलि दे रहे हैं।
श्रमजीवी पत्रकारों को समान सुविधाएं देने की मांग
- महोबा में यूपी वर्किंग जर्नलिस्ट यूनियन का तीन दिवसीय सम्मेलन, पत्रकार सुरक्षा कानून और देशव्यापी पेंशन व्यवस्था की भी उठी मांग

लखनऊ/महोबा। यूपी वर्किंग जर्नलिस्ट यूनियन ने नई श्रम संहिता के तहत परिभाषित सभी श्रमजीवी पत्रकारों को मान्यता प्राप्त पत्रकारों की तरह सरकारी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है। महोबा में आयोजित यूनियन के तीन दिवसीय प्रादेशिक प्रतिनिधि सम्मेलन में पत्रकारों की विभिन्न समस्याओं और उनके समाधान को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। सम्मेलन में प्रदेश के अधिकांश जिलों से 300 से अधिक प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए जल शक्ति राज्यमंत्री रामकेश निषाद और श्रम एवं सेवायोजन राज्यमंत्री मनोहर लाल मन्नू कोरी ने यूनियन के प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि उनकी मांगों से संबंधित ज्ञापन मुख्यमंत्री तक पहुंचाया जाएगा।
- मान्यता प्राप्त और गैर-मान्यता प्राप्त पत्रकारों में भेदभाव खत्म करने की मांग
सम्मेलन में पत्रकारों को मिलने वाली सुविधाओं को लेकर चिंता जताई गई। प्रतिनिधियों ने कहा कि सरकारी अस्पतालों में राज्य कर्मचारियों के समान चिकित्सा सुविधा का लाभ वर्तमान में केवल मान्यता प्राप्त पत्रकारों तक सीमित है। डेस्क कर्मियों की मान्यता का मुद्दा भी लंबे समय से लंबित बताया गया।
प्रतिनिधियों ने पत्रकार बंधु व्यवस्था को प्रभावी बनाने, कोविड काल में बंद की गई रेल यात्रा में पत्रकारों को मिलने वाली 50 प्रतिशत रियायत बहाल करने और मान्यता प्राप्त तथा गैर-मान्यता प्राप्त पत्रकारों के बीच सुविधाओं को लेकर भेदभाव समाप्त करने की मांग की।
- पत्रकार सुरक्षा कानून और पेंशन का मुद्दा उठा
यूनियन के प्रादेशिक अध्यक्ष हसीब सिद्दीकी की ओर से प्रस्तुत ज्ञापन में पत्रकारों के लिए देशव्यापी पेंशन व्यवस्था लागू करने की मांग की गई। पीएफ के तहत मिलने वाली न्यूनतम पेंशन को 1,000 रुपये से बढ़ाकर 5,000 रुपये करने का भी प्रस्ताव रखा गया।
पत्रकारों पर बढ़ते हमलों पर चिंता जताते हुए सुरक्षा कानून बनाने और पत्रकार की आकस्मिक मृत्यु की स्थिति में उसके परिवार को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए स्थायी व्यवस्था की मांग की गई। पीजीआई में राज्य मुख्यालय के पत्रकारों को मिल रही चिकित्सा सुविधा को सरल बनाने और इसका लाभ अन्य पत्रकारों तक भी पहुंचाने की मांग रखी गई।
- छोटे अखबारों और वेब मीडिया के लिए नीति की मांग
सम्मेलन में पत्रकारों को रियायती दरों पर भूखंड आवंटित करने, छोटे एवं मध्यम समाचार पत्रों को सरकारी विज्ञापनों में निश्चित हिस्सेदारी देने तथा वेब मीडिया के लिए स्पष्ट नीति बनाने की मांग भी उठी। प्रदेश स्तर पर प्रेस काउंसिल के गठन का सुझाव भी प्रतिनिधियों ने दिया। यूनियन ने पत्रकारों को आयुष्मान योजना में शामिल करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति आभार जताते हुए योजना में मौजूद कमियों को दूर कर इसका दायरा और व्यापक करने का सुझाव दिया।
- पत्रकारों की आचार संहिता पर भी होगी चर्चा
सम्मेलन में पत्रकारिता जगत की आंतरिक कमियों पर भी चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि पत्रकारों को अपनी कार्यप्रणाली और पेशेवर जिम्मेदारियों से जुड़े विषयों पर भी आत्ममंथन करना चाहिए। इसके लिए प्रतिनिधियों से लिखित सुझाव मांगे गए हैं। सुझाव प्राप्त होने के बाद पत्रकारों की आचार संहिता के संबंध में सरकार से बातचीत की जाएगी। सम्मेलन के दौरान आईएफडब्ल्यूजे के उपाध्यक्ष प्रेम कांत तिवारी, मुख्यालय सचिव के. विश्वदेव राव ने भी विचार रखे। यूनियन के महामंत्री देवराज सिंह ने एक वर्ष की गतिविधियों की रिपोर्ट प्रस्तुत की। स्वागत समिति के अध्यक्ष शिवशरण सिंह ने प्रतिनिधियों का स्वागत किया।
महोबा जिला अध्यक्ष और आयोजन समिति के अध्यक्ष संजय मिश्रा ने सभी प्रतिनिधियों एवं अतिथियों के प्रति आभार जताया। उन्हें चित्रकूट मंडल का अध्यक्ष भी नियुक्त किया गया। सम्मेलन के दौरान दो दिन बुंदेली सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित हुए। अंतिम दिन प्रतिनिधियों ने विश्व प्रसिद्ध खजुराहो धरोहर का भ्रमण किया।
कन्नौज में 45 लाख की एमडीएमए बरामद, चार तस्कर गिरफ्तार*
पंकज कुमार श्रीवास्तव

कन्नौज में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ पुलिस और एएनटीएफ की संयुक्त टीम को बड़ी सफलता मिली है। कोतवाली कन्नौज पुलिस और एएनटीएफ की टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए अवैध मादक पदार्थ की तस्करी करने वाले चार सक्रिय तस्करों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से 442 ग्राम अवैध मादक पदार्थ एमडीएमए, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 45 लाख रुपये बताई गई है, बरामद हुआ है।

पुलिस के मुताबिक आरोपियों के पास से दो आईफोन, दो एंड्रॉयड मोबाइल फोन और 2,010 रुपये नकद भी बरामद किए गए हैं। यह कार्रवाई 14 मार्च 2026 को पुलिस अधीक्षक कन्नौज विनोद कुमार के निर्देशन में की गई।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विशाल यादव पुत्र सत्यपाल निवासी बेहटा बुजुर्ग थाना बिलग्राम, हरदोई, उम्र करीब 24 वर्ष, सोनू यादव पुत्र रनवीर यादव निवासी बेहटा बुजुर्ग थाना बिलग्राम, हरदोई, उम्र करीब 19 वर्ष, सौरभ यादव पुत्र कुशमेन्द्र सिंह निवासी बेहटा बुजुर्ग थाना बिलग्राम, हरदोई, उम्र करीब 24 वर्ष और गौरव पटेल पुत्र स्वर्गीय प्रमोद कुमार निवासी सैलापुर थाना माधौगंज, हरदोई, उम्र करीब 19 वर्ष के रूप में हुई है।
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे सभी पार्टनर हैं और मिलकर अवैध मादक पदार्थों की तस्करी करते हैं। आरोपियों के अनुसार, वे यह मादक पदार्थ उन्नाव निवासी ललित नाम के व्यक्ति से लेकर आए थे और हरदोई में एक स्थान पर इसकी डिलीवरी देने जा रहे थे।

पुलिस ने बरामदगी के संबंध में कोतवाली कन्नौज में मुकदमा अपराध संख्या 543/2026, धारा 8/22/29 एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है। मामले में अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में मादक पदार्थ तस्करी से जुड़े कई महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। पुलिस टीम अब फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंक खंगालते हुए इस नेटवर्क में शामिल अन्य सहयोगियों की जानकारी जुटा रही है। तस्करी के पूरे नेटवर्क से जुड़े लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है।

पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार ने बताया कि एएनटीएफ लखनऊ सहित कोतवाली कन्नौज पुलिस टीम ने कल चेकिंग के दौरान चार संदिग्ध लोगों को पकड़ा था एक इसमें विशाल है, दूसरा सोनू यादव है, तीसरा सौरभ है और चैथा गौरव है, यह चारों हरदोई जनपद के रहने वाले है, इनके कब्जे से 440 ग्राम एमडीएमए जो सिंथेटिक ड्रग्स है, वह बरामद हुआ है, इसकी कीमत करीब 45 लाख रूपए है और जब इनसे पूछताछ की गयी तो इन लोगों ने बताया कि यह ललित नामक व्यक्ति जो उन्नाव का रहने वाला है, वहां से लाए थे और यह हरदोई के किसी स्थान पर इनको डिलीवरी देना था, इसके सम्बन्ध में इनसे पूछताछ की जा रही है, इनके विरूद्ध सुसंगत धाराओं में एनडीपीएस एक मुकदमा पंजीकृत किया गया है, जेल भेजा जा रहा है।
मऊ मिशन सेफ फ्यूचर-3.0 के तहत स्कूल वाहनों की होगी सघन जांच, चलाया जाएगा चेकिंग अभियान
बालिकाओं की सुरक्षा के लिए स्कूल बसों में महिला परिचारक की उपस्थिति अनिवार्य होगी।

मऊ। स्कूली बच्चों की सुरक्षित यात्रा तथा स्कूल वाहनों में निर्धारित सुरक्षा मानकों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रदेश में ‘मिशन सेफ फ्यूचर-3.0’ अभियान चलाया जाएगा। परिवहन आयुक्त के निर्देश पर जनपद मऊ में 14 से 19 सितंबर 2026 तक छह दिवसीय विशेष अभियान के तहत स्कूल वाहनों की सघन जांच की जाएगी।

एआरटीओ मऊ सुहैल अहमद ने बताया कि अभियान के दौरान विद्यालयों के स्वामित्व अथवा अनुबंध पर संचालित स्कूल वाहनों की जांच करते हुए निर्धारित सुरक्षा मानकों का अनुपालन सुनिश्चित कराया जाएगा।

विशेष रूप से बालिकाओं की सुरक्षित यात्रा पर ध्यान दिया जाएगा। जिन स्कूल वाहनों में छात्राएं यात्रा करती हैं, उनमें महिला परिचारक (अटेंडेंट) की मौजूदगी सुनिश्चित करना अनिवार्य होगा।

जांच के दौरान इस व्यवस्था की विशेष रूप से जांच की जाएगी।

उन्होंने बताया कि जनपद मऊ में कुल 1181 स्कूली वाहन पंजीकृत हैं, जिनमें से 30 वाहनों का फिटनेस फेल पाया गया है और उनका पंजीयन निलंबित किया जा चुका है। अभियान के दौरान निलंबित वाहनों के साथ-साथ एनओसी वाले वाहनों के संचालन की भी जांच की जाएगी। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

एआरटीओ ने बताया कि परिवहन आयुक्त के निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराने के लिए सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। अभियान के दौरान स्कूल वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था, फिटनेस एवं अन्य निर्धारित मानकों की जांच की जाएगी।

उन्होंने कहा कि छात्र-छात्राओं की सुरक्षा से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा तथा लापरवाही पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
मऊ में कांग्रेस ने उठाई जातिगत जनगणना की मांग, CHC-PHC में सर्पदंश की दवा उपलब्ध कराने को लेकर डीएम को ज्ञापन

जिला कांग्रेस कमेटी मऊ की ओर से सोमवार को जनहित से जुड़े दो अलग-अलग मुद्दों को लेकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया। कांग्रेस जिलाध्यक्ष एवं घोसी विधानसभा क्षेत्र के पूर्व प्रत्याशी राजमंगल यादव ने जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) पर सर्पदंश की दवा उपलब्ध कराने की मांग की।

ज्ञापन में बड़रांव ब्लॉक के उसरी खुर्द गांव निवासी नंदनी पुत्री राजू की 8 सितंबर को सर्पदंश से हुई मौत का उल्लेख करते हुए मामले की जांच की मांग की गई। कांग्रेस ने कहा कि समय पर सर्पदंश की दवा उपलब्ध होती तो बच्ची की जान बचाई जा सकती थी। पार्टी ने सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर जहरीले जीव-जंतुओं के काटने की आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराने की मांग की।

वहीं, पिछड़ा वर्ग कांग्रेस कमेटी के जिलाध्यक्ष रामकेश सिंह पटेल ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन देकर जनगणना-2027 के फॉर्म में ओबीसी वर्ग का अलग कॉलम जोड़ने और केंद्र व राज्य की सूची में शामिल जातियों की ड्रॉपडाउन सूची उपलब्ध कराने की मांग की।

ज्ञापन में कहा गया कि ओबीसी की सही आबादी का आंकड़ा सामने आने से शिक्षा, रोजगार, राजनीतिक प्रतिनिधित्व और संसाधनों में हिस्सेदारी से जुड़ी नीतियां बेहतर तरीके से बनाई जा सकेंगी।

कांग्रेस नेताओं ने राष्ट्रपति से दोनों मामलों में उचित कार्रवाई की मांग की।
मऊ में युवक की गोली मारकर हत्या, सरसेना के पास बाइक सवार बदमाशों ने मारी गोली
मऊ। चिरैयाकोट थाना क्षेत्र के सरसेना में सोमवार शाम बाइक सवार बदमाशों ने एक युवक को गोली मार दी। गंभीर हालत में पुलिस घायल युवक को जिला अस्पताल लेकर पहुंची, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

जानकारी के अनुसार शाम करीब 5 बजे सरसेना पेट्रोल पंप के पास अवनीश पुत्र सुरेश (लगभग 25 वर्ष), निवासी लखनुआ डीह काझा, थाना रानीपुर, अपने दोस्त गोल्डी के साथ बाइक से सरसेना की ओर जा रहा था। इसी दौरान सुनसान रास्ते पर बदमाशों ने अवनीश को गोली मार दी।

गोली लगने से अवनीश गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायल को जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।

घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और हमलावरों की पहचान एवं गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
पेड़ के नीचे खड़े चार युवकों पर गिरी आकाशीय बिजली, दो की मौत
कसेसर-कसौंडर नहर मार्ग पर हादसा, दो युवक झुलसे; निजी अस्पताल में चल रहा इलाज संजीव सिंह बलिया। भीमपुरा थाना क्षेत्र में सोमवार दोपहर तेज बारिश के दौरान आकाशीय बिजली गिरने से दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य युवक झुलसकर घायल हो गए। घायलों को उपचार के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
जानकारी के अनुसार, सोमवार को कसेसर में साप्ताहिक बाजार लगा था। इसी दौरान कसेसर-कसौंडर नहर मार्ग के पास अचानक तेज बारिश शुरू हो गई। बारिश से बचने के लिए कुछ लोग एक दुकान के पास स्थित पेड़ के नीचे खड़े हो गए। इसी बीच तेज आवाज के साथ पेड़ पर आकाशीय बिजली गिर गई, जिसकी चपेट में वहां खड़े चार युवक आ गए।
हादसे में कसौंडर निवासी रंजीत कुमार (32) और सिकंदरापुर निवासी अनुराग कुमार उर्फ गोलू की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं छोटू कुमार (30) समेत एक अन्य युवक झुलसकर घायल हो गया। दोनों घायलों को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। स्थानीय रिपोर्ट में भी इस घटना में दो युवकों की मौत और एक युवक के गंभीर रूप से घायल होने की पुष्टि की गई है।
घटना के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। आसपास मौजूद लोगों ने हादसे की जानकारी मृतकों और घायलों के परिजनों को दी। सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंच गए। दोनों युवकों की मौत की खबर सुनकर परिवारों में कोहराम मच गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
सूचना पर भीमपुरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। थाना अध्यक्ष रंजीत विश्वकर्मा ने बताया कि दोनों मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस मामले में आवश्यक कार्रवाई कर रही है।
ANM मुख्यालय पर नहीं मिलीं, 7 दिन का वेतन रोका: लखनो और वारी के आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में निरीक्षण के दौरान कार्रवाई


रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव


भदोही। सोमवार को आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान लखनो, वारी 1 और वारी 2 में तैनात दो ANM (सहायक नर्स मिडवाइफ) अपने मुख्यालय पर नहीं मिलीं। निरीक्षण करने वाले अधिकारी ने दोनों ANM का सितंबर 2026 का 7 दिन का वेतन अगले आदेश तक रोक दिया है।

लखनो के आयुष्मान आरोग्य मंदिर के निरीक्षण में पता चला कि ANM सुष्मिता चौधरी मुख्यालय पर निवास बनाकर काम नहीं करती हैं। इस पर अधिकारी ने सुष्मिता चौधरी का सितंबर 2026 का 7 दिन का वेतन रोक दिया।

इसी तरह, आयुष्मान आरोग्य मंदिर वारी 1 और वारी 2 के निरीक्षण के दौरान ANM रितु बिंद भी अपने मुख्यालय पर नहीं मिलीं। अधिकारी ने रितु बिंद का भी सितंबर 2026 का 7 दिन का वेतन अगले आदेश तक रोक दिया है।
यूपी में ईवीएम की पहली जांच को लेकर तैयारियां तेज, 33 जिलों के अधिकारियों को मिला प्रशिक्षण
- वरिष्ठ उप निर्वाचन आयुक्त मनीष गर्ग ने दिए पारदर्शिता और सुरक्षा प्रोटोकॉल के पालन के निर्देश

लखनऊ। आगामी चुनावों की तैयारियों के तहत उत्तर प्रदेश में ईवीएम की फर्स्ट लेवल चेकिंग (एफएलसी) को लेकर निर्वाचन आयोग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। सोमवार को डॉ. राम मनोहर लोहिया उत्तर प्रदेश प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी (रूपाम), लखनऊ में एफएलसी से संबंधित कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें 33 जिलों के जिला निर्वाचन अधिकारियों, उप जिला निर्वाचन अधिकारियों और एफएलसी सुपरवाइजरों को तकनीकी एवं प्रशासनिक प्रक्रियाओं का प्रशिक्षण दिया गया।
कार्यशाला की अध्यक्षता भारत निर्वाचन आयोग के वरिष्ठ उप निर्वाचन आयुक्त मनीष गर्ग ने की। उन्होंने कहा कि एफएलसी चुनावी तैयारियों का शुरुआती और बेहद महत्वपूर्ण चरण है। इसलिए जिला निर्वाचन अधिकारी अपनी टीम के साथ तैयारियों की नियमित समीक्षा करें और आयोग के निर्देशों का समयबद्ध तरीके से अनुपालन सुनिश्चित करें।
- राजनीतिक दलों को दी जाएगी एफएलसी की जानकारी
मनीष गर्ग ने निर्देश दिया कि एफएलसी के बाद सही पाई गई ईवीएम की सूची राजनीतिक दलों के साथ साझा की जाए और उनकी विधिवत अभिस्वीकृति ली जाए। उम्मीदवारों के अंतिम रूप से तय होने के बाद कमीशनिंग से पहले यह सूची उन्हें भी उपलब्ध कराने को कहा गया है। उन्होंने एफएलसी की शुरुआत और समाप्ति की जानकारी प्रेस नोट के माध्यम से सार्वजनिक करने तथा पूरी प्रक्रिया और राजनीतिक दलों की सहभागिता से जुड़ी जानकारी भी सार्वजनिक करने पर जोर दिया। वीवीपैट की स्लिप को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार रोजाना श्रेडिंग और निस्तारण की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
- बिना अनुमति ईवीएम की आवाजाही नहीं
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ईवीएम की प्रत्येक प्रक्रिया निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत पूरी पारदर्शिता और सतर्कता के साथ हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के बिना ईवीएम की आवाजाही नहीं की जाए। मशीनों के परिवहन में जीपीएस ट्रैकिंग और निर्धारित मार्ग का पालन अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करने को कहा गया। उन्होंने एफएलसी केंद्रों के नियमित निरीक्षण, सुपरवाइजर की निरंतर मौजूदगी और कंट्रोल रूम की प्रभावी व्यवस्था बनाए रखने पर भी जोर दिया। किसी भी विसंगति की स्थिति में निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
- बीईएल विशेषज्ञों ने दिया व्यावहारिक प्रशिक्षण
कार्यशाला में भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) के विशेषज्ञों ने अधिकारियों और कर्मचारियों को ईवीएम-वीवीपैट की तकनीकी संरचना, सुरक्षा विशेषताओं और संचालन की जानकारी दी। मशीनों के रैंडमाइजेशन, कमीशनिंग, मतदान, मतगणना और मतगणना के बाद की प्रक्रियाओं से जुड़े प्रोटोकॉल भी समझाए गए। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को ईवीएम और वीवीपैट के संचालन का हैंड्स-ऑन अभ्यास कराया गया। एफएलसी के दौरान सामने आने वाली सामान्य तकनीकी दिक्कतों और उनसे बचाव के उपाय भी बताए गए। प्रशिक्षण के अंत में प्रतिभागियों का मूल्यांकन किया गया।कार्यशाला में अयोध्या, लखनऊ, वाराणसी मंडल से जुड़े जिलों समेत कुल 33 जनपदों के अधिकारी और एफएलसी सुपरवाइजर शामिल हुए। इससे पहले 19 अगस्त को गौतम बुद्ध नगर में 21 जिलों और 11 सितंबर को वाराणसी में 21 जिलों के अधिकारियों के लिए एफएलसी संबंधी कार्यशालाएं आयोजित की जा चुकी हैं।
प्रदेश के अधिवक्ताओं को हर साल पांच लाख तक कैशलेस उपचार की सुविधा: सीएम योगी
- हाईकोर्ट बार एसोसिएशन, इलाहाबाद की ओर से आयोजित सम्मान समारोह को मुख्यमंत्री योगी ने किया संबोधित
- हाईकोर्ट और जिला अदालतों में सक्रिय प्रैक्टिस करने वाले अधिवक्ताओं को योजना से जोड़ेगी सरकार
- करीब 700 करोड़ की लागत से 10 हजार से अधिक अधिवक्ताओं के लिए चैंबर समेत कई सुविधाओं का निर्माण
- अधिवक्ता कल्याण निधि की राशि डेढ़ लाख से बढ़ाकर पांच लाख रुपये की गई
- दिवंगत अधिवक्ता के परिजनों को आर्थिक सहायता की आयु सीमा 60 से बढ़ाकर 70 वर्ष की
- करीब एक दर्जन जिलों में अधिवक्ता चैंबर के निर्माण के लिए अलग से उपलब्ध कराई गई धनराशि

प्रयागराज। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के अधिवक्ताओं के लिए पांच लाख रुपये सालाना कैशलेस चिकित्सा सुविधा की घोषणा की है। इसका लाभ हाईकोर्ट और जिला अदालतों में सक्रिय रूप से प्रैक्टिस करने वाले अधिवक्ताओं को मिलेगा। उन्होंने हाईकोर्ट में 10 हजार से अधिक अधिवक्ताओं के लिए बने चैंबर में फर्नीचर और उपकरण उपलब्ध कराने के लिए मुख्य न्यायमूर्ति के माध्यम से आने वाले प्रस्ताव पर सरकार की ओर से पूरा सहयोग देने का भरोसा दिया। साथ ही 400 राज्य विधि अधिकारियों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के लिए टैबलेट देने की घोषणा की।
हाईकोर्ट बार एसोसिएशन, इलाहाबाद की ओर से आयोजित सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि करीब 700 करोड़ रुपये की लागत से 10 हजार से अधिक अधिवक्ताओं के लिए चैंबर, मल्टीलेवल पार्किंग, डाइनिंग हॉल, कॉमन रूम और लाइब्रेरी का निर्माण कराया गया है। अधिवक्ता कल्याण निधि की राशि डेढ़ लाख से बढ़ाकर पांच लाख रुपये की गई है। अधिवक्ता के निधन पर परिजनों को मिलने वाली आर्थिक सहायता की आयु सीमा भी 60 से बढ़ाकर 70 वर्ष की गई है। इसके अलावा कौशांबी, लखनऊ, कासगंज और श्रावस्ती समेत करीब एक दर्जन जिलों में अधिवक्ता चैंबर के निर्माण के लिए अलग से धनराशि उपलब्ध कराई गई है।
- अधिवक्ताओं की समस्याओं पर भी होती है सीएम और चीफ जस्टिस की बैठक में चर्चा
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि अधिवक्ता समाज देश के प्रबुद्ध वर्ग का महत्वपूर्ण हिस्सा है। स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर संविधान निर्माण, लोकतंत्र के स्तंभों को मजबूत करने और राष्ट्र निर्माण तक अधिवक्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। बार और बेंच न्याय रूपी रथ के दो महत्वपूर्ण स्तंभ हैं। दोनों के बीच आपसी सम्मान, शिष्टाचार, संवाद, समन्वय और सहयोग निरंतर बना रहना चाहिए। मुख्यमंत्री और मुख्य न्यायमूर्ति की बैठक में केवल न्यायपालिका से जुड़े विषयों पर ही चर्चा नहीं होती, बल्कि अधिवक्ताओं की समस्याएं भी रखी जाती हैं और उनके समाधान का रास्ता निकाला जाता है।
- इंटीग्रेटेड कोर्ट कॉम्प्लेक्स में चैंबर और सस्ती कैंटीन भी
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि प्रदेश में न्यायिक आधारभूत ढांचे को बेहतर किया जा रहा है। जिन 10 जिलों में जिला अदालतें किराये के भवनों में संचालित हो रही थीं, वहां इंटीग्रेटेड कोर्ट कॉम्प्लेक्स के निर्माण का काम तेजी से आगे बढ़ा है। इनमें न्यायिक अधिकारियों के आवास के साथ अधिवक्ताओं के चैंबर, खेल सुविधाएं, इंडोर स्टेडियम और अधिवक्ताओं के लिए सस्ती कैंटीन की व्यवस्था भी की जा रही है। त्वरित निस्तारण के लिए पहले चरण में जिला स्तर पर 900 न्यायालयों के गठन को मंजूरी दी गई है।
- विधि अधिकारियों की फीस 50 फीसदी से अधिक बढ़ी
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि जिला न्यायालय, हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में राज्य का प्रतिनिधित्व करने वाले विधि अधिकारियों की फीस में 50 फीसदी से अधिक की वृद्धि की गई है। अब 400 राज्य विधि अधिकारियों को टैबलेट भी उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे उन्हें शासन से जुड़े न्यायालय में आने वाले मामलों की जानकारी आधुनिक तकनीक के माध्यम से मिल सकेगी।
- फ्यूचर रेडी बार से बनेगा फ्यूचर रेडी जस्टिस सिस्टम
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि तीन नए कानूनों को तेजी से अपनाने में अधिवक्ताओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। साइबर क्राइम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा प्राइवेसी, डिजिटल कॉमर्स, फिनटेक, इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी और क्लाइमेट लिटिगेशन जैसे नए क्षेत्रों के लिए अधिवक्ताओं को खुद को अपडेट करना होगा। तकनीक, अर्थव्यवस्था और समाज में हो रहे बदलावों की गहरी समझ आज की आवश्यकता है। फ्यूचर रेडी बार ही फ्यूचर रेडी जस्टिस सिस्टम की मजबूत नींव रखेगा।
- समय पर न्याय से कायम रहेगा आम आदमी का विश्वास
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि न्याय व्यवस्था की सबसे बड़ी ताकत आम आदमी का विश्वास है और इसकी पहली शर्त समय पर न्याय है। नागरिक को भरोसा होना चाहिए कि उसकी निष्पक्ष सुनवाई होगी, उसके साथ किसी तरह का भेदभाव नहीं होगा और कानून की नजर में सभी समान हैं। पारदर्शिता, निर्णयों में ईमानदारी, संस्थाओं की जवाबदेही और नागरिकों का विश्वास सशक्त न्याय व्यवस्था के लिए जरूरी है। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि जिला अदालतों और जेलों को हाईस्पीड इंटरनेट और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से लैस किया गया है। न्याय श्रुति प्रणाली से अदालतों में वर्चुअल गवाही की व्यवस्था शुरू की गई है। अदालती दस्तावेजों की स्कैनिंग और डिजिटाइजेशन को भी गति दी गई है। पुलिस और अभियोजन के बेहतर समन्वय के साथ अभियोजन प्रणाली को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से जोड़ा गया है, जिससे चार्जशीट और वैज्ञानिक साक्ष्य समय पर न्यायालय के सामने रखे जा सकें।
- अधिवक्ताओं ने लोकतंत्र को मजबूत करने में निभाई महत्वपूर्ण भूमिका: मुख्य न्यायाधीश
इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश अरुण भंसाली ने कहा कि बार एसोसिएशन हाईकोर्ट का अभिन्न अंग है। बार के अनेक अधिवक्ताओं ने लोकतंत्र को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। अधिवक्ताओं को पार्किंग, भवन और अन्य सुविधाएं मिलना खुशी की बात है। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का विशेष रूप से आभार जताया। उन्होंने कहा कि युवा अधिवक्ताओं की जिम्मेदारी है कि वे बार और हाईकोर्ट को और आगे ले जाएं तथा लोगों की सेवा करें। न्यायपालिका और सरकार के बीच बेहतर समन्वय के लिए भी उन्होंने धन्यवाद दिया।
- अधिवक्ता और सरकार की साझा जिम्मेदारी लोगों को न्याय दिलाना: केशव प्रसाद मौर्य
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि आज का दिन ऐतिहासिक है। प्रयागराज संगम के साथ न्याय की भी भूमि है और यहां के अधिवक्ताओं ने लोकतंत्र की रक्षा में बड़ी भूमिका निभाई है। अधिवक्ताओं और सरकार के बीच संबंध लोगों को न्याय दिलाने की साझा जिम्मेदारी से जुड़े हैं। आज ईज ऑफ जस्टिस को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पुराने औपनिवेशिक कानून बदले गए हैं। आज अपराधी कानून से डरता है और आम आदमी का कानून पर भरोसा बढ़ा है। सरकार की नीति साफ है कि निर्दोष को छेड़ेंगे नहीं और अपराधी को छोड़ेंगे नहीं।
- अधिवक्ताओं को बेहतर माहौल देने में सरकार का सहयोग: न्यायमूर्ति सिन्हा
वरिष्ठ न्यायमूर्ति अरिंदम सिन्हा ने कहा कि हाईकोर्ट का बार अभिन्न अंग है। अधिवक्ताओं को बेहतर माहौल उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने इन प्रयासों में सहयोग के लिए प्रदेश सरकार की सराहना की।
- 10 हजार से अधिक अधिवक्ताओं को मिलेगा व्यावसायिक स्थान: राकेश पांडेय
हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश पांडेय ने कहा कि प्रयागराज की धरती पर कार्यपालिका, न्यायपालिका और विधायिका का एक मंच पर आना त्रिवेणी के संगम जैसा है। मुख्यमंत्री का अधिवक्ताओं के प्रति प्रेम हमेशा सराहनीय रहा है। नया भवन उनकी ओर से अधिवक्ता समाज को अमूल्य उपहार है। इसमें 10 हजार से अधिक अधिवक्ताओं को व्यावसायिक स्थान मिलेगा। उन्होंने कहा कि प्रयागराज ने वह दौर भी देखा है जब डर का माहौल था, लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यकाल में डर खत्म हुआ और कानून का राज स्थापित हुआ है। मुख्यमंत्री अधिवक्ता समाज के संरक्षक और संकटमोचक हैं।
- अधिवक्ताओं ने मुख्यमंत्री को भेंट किया स्मृति चिह्न
हाईकोर्ट बार एसोसिएशन, इलाहाबाद की ओर से आयोजित सम्मान समारोह में अधिवक्ताओं ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य का शॉल, पुष्पगुच्छ और स्मृति चिह्न भेंट कर स्वागत किया।
- मुख्यमंत्री ने सौंपी अधिवक्ता भवन की चाबी
इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के कार्यालय, चैंबर और अधिवक्ता भवन की चाबी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश पाण्डेय और महासचिव अखिलेश शर्मा को सौंपी। समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश अरुण भंसाली, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, वरिष्ठ न्यायाधीश अरिंदम सिन्हा, जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ सहित बड़ी संख्या में वरिष्ठ अधिवक्ता उपस्थित रहे।