विधायक रमेश चंद्र मिश्रा ने किया गुलरेश्वर महादेव मंदिर परिसर में इंटरलॉकिंग का लोकार्पण
जौनपुर। खुटहन थाना अंतर्गत स्थित महमदपुर गुलरा गांव स्थित गुलरेश्वर महादेव मंदिर परिसर में कराए गए इंटरलाकिंग कार्य का लोकार्पण सोमवार को विधायक रमेश मिश्रा ने किया। पंडित काली प्रसाद पाण्डेय व विजय शंकर पाण्डेय ने वैदिक रीति से मंत्रोच्चार के साथ पूजन कराया। इस दौरान आयोजित सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा सनातन धर्म को सर्वोपरि मानती है। सनातनियों की आस्था सीधे ईश्वर से जुड़ी है, इसलिए मंदिर उनके श्रद्धा और विश्वास के प्रमुख केंद्र हैं। विधायक ने कहा कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में बड़ी संख्या में मंदिरों का जीर्णोद्धार कराया गया है। अब गांव, शहर और मजरे के मंदिरों के साथ उनके परिसर भी भव्य स्वरूप में नजर आने लगे हैं। उन्होंने कहा कि अपने साढ़े नौ वर्ष के कार्यकाल में करोड़ों रुपये खर्च कर क्षेत्र के दर्जनों मंदिरों का जीर्णोद्धार कराया गया है। उन्होंने दावा किया कि विधानसभा क्षेत्र का ऐसा कोई मजरा नहीं बचा है, जहां मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं के निराकरण का कार्य न कराया गया हो। सड़क, बिजली, पानी, सिंचाई, परिवहन, शिक्षा और चिकित्सा के क्षेत्र में विकास कार्य कराए गए हैं। विधायक ने कहा कि जो काम 70 वर्षों में नहीं हो सका, उसे दो पंचवर्षीय से कम समय में पूरा कराने का प्रयास किया गया है। कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व प्रधानाध्यापक डॉ श्रीपाल पाण्डेय व राम आनंद पाण्डेय ने की।इस मौके पर विशिष्ट अतिथि के रूप में पूर्व मंडल अध्यक्ष डॉ हर्षू पाठक, आर एस दुबे सेंट्रल एकेडमी स्कूल के संचालक सुभाष दुबे, पूर्व जिला मंत्री अवधेश यादव, पूर्व मंडल अध्यक्ष लवकुश सिंह, मंडल अध्यक्ष शनि शुक्ला, वरिष्ठ पत्रकार डॉ सुभाष चंद्र पाण्डेय तथा प्रधान अवधेश तिवारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ पत्रकार शिवपूजन पांडे ने किया। इस अवसर पर उपस्थित गणमान्य लोगों में  कैलाश नाथ पाण्डेय सरपंच, समाजसेवी अमित सिंह, पूर्व प्रधान दिलीप गुप्ता, सुशील कुमार तिवारी, संतोष दुबे, मदन पाठक, जोगेंद्र पांडे, अंबुज तिवारी, अखिलेश पांडे, हरिश्चंद्र पांडे, विकास सिंह, विनय सिंह, मुरारी मिश्रा, मृदुल पाण्डेय बब्लू, लालमनि नाविक, हरिश्चंद्र नाविक, विनोद नाविक, संजय यादव, सूबेदार यादव, देवी यादव, जिलाजीत यादव, रामसांवर नाविक बुड़ई, मुरली यादव, प्रवेश पांडे, राजन पांडे, राहुल पांडे, नवीन पांडे आदि मौजूद रहे।
क्षत्रिय एकता क्षत्रिय महासभा परिषद के ब्लॉक अध्यक्ष रमन सिंह का जन्मदिन आज - बधाई देने वालों का लगा तांता

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज ,क्षत्रिय एकता महासभा परिषद के ब्लॉक अध्यक्ष रमन सिंह का जन्मदिन बड़े धूमधाम और हर्षोल्लास तेरे साथ मनाया जा रहा है। उनके जन्मदिन के शुभ अवसर पर सुबह से ही उनके समर्थकों, संगठन  के पदाधिकारीयों, शुभचिंतकों और मित्रों द्वारा शुभकामनाएं देने का दौर जारी है। संगठन में उनके अतुलनीय योगदान, सामाज हित मे किए गए कार्यों और क्षत्रिय समाज को एकजुट करने की उनकी प्रतिबद्धता को देखते हुए परिषद के सभी सदस्यों ने उन्हें जन्मदिन की बधाई दी और उनके दीर्घायु तथा यशस्वी जीवन की कामना की। इस अवसर पर रमन सिंह ने सभी का आदर व्यक्त करते हुए कहा कि क्षत्रिय समाज की एकता, सम्मान और हक की लड़ाई के लिए वे सदैव तत्पर रहेंगे। संगठन द्वारा सोपी गई जिम्मेदारियां का पूरी निष्ठा के साथ पालनपुर करना ही उनका मुख्य ध्येय है। कई जगहों पर समर्थकों ने केक काटकर और मिठाइयां बांटकर खुशी जताई। दिन भर सोशल मीडिया से लेकर व्यक्तिगत रूप से बधाई देने वालों का ताता लगा रहा है।
स्वर्ण समाज के मुद्दों पर स्वामी आनंद स्वरूप से मिले सूरज चौबे
लखनऊ। वरुण ग्रांड होटल में शाम्भवी पीठाधीश्वर स्वामी आनंद स्वरुप महाराज जी से सवर्ण आर्मी भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज प्रसाद चौबे ने मुलाकात किया स्वामी आनंद स्वरुप महाराज जी का माल्यार्पण कर स्वागत अभिनंदन किया साथ ही  सवर्ण समाज के साथ होने वाले जातिगत भेदभाव को समाप्त करने सामाजिक समरसता सौहार्द समानता एवं न्याय सुनिश्चित करने तथा समाज के होता से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर भी विचार विमर्श किया गया बैठक में सामाजिक समरसता और समान अधिकारों को लेकर आगे को राजनीति पर भी चर्चा हुई सवर्ण आर्मी भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज प्रसाद चौबे ने कहा कि वोट के तुष्टिकरण को निम्न स्तर तक सत्ता धारी राजनीतिक पार्टियां गिरती जा रही है भारतीय संविधान में जन्म के आधार पर धर्म अथवा जातिगत भेदभाव निषेध माना गया है किन्तु सरकार जन्म के आधार पर अथवा धर्म जातिगत आरक्षण लगाकर समाज में विद्वेष पैदा कर रही है जबकि सरकार को धर्म जाती के आधार पर भेद भाव को गंभीर अपराध घोषित कर देना चाहिए वर्तमान सरकार सवर्ण की भावनाओं के साथ खिलवाड़ करने में जुटी है जिसका जलवंत उदाहरण यूजीसी है ।यूजीसी को निरस्त करने जाने और सवर्ण समाज सड़कों पर आंदोलन कर रहा है सवर्ण समाज के युवा वर्ग रिजर्वेशन रिफॉर्म कराए जाने के लिए पूरे देश में धरना प्रदर्शन करने के लिए सड़क पर आय गया है सवर्ण आर्मी भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज प्रसाद चौबे ने कहा कि मेरिट का सम्मान किया जाना चाहिए लेकिन मेरिट को जगह जाती को प्राथिमकता दी जा रही है जो कि राष्ट हित में नहीं है एससीएसटी एक्ट में संशोधन को बात भी की गई कहा गया कि इस एक्ट का दुरुपयोग किया जा रहा है, जिससे सामाजिक समरसता सौहार्द बिगड़ रहा है यूजीसी रेगुलेशन वापस किया जाय तथा आरक्षण जातिगत न होकर आर्थिक आधार पर किया जाए जिससे कि सामाजिक आर्थिक रूप से जो मुख्य धारा में नहीं है उन्हें मुख्य धारा में लाया जाय जो कि आरक्षण की मूल भावना थी गरीबी जाति देख कर नहीं आती है हर वर्ग में गरीब है जिन्हें वास्तव में आरक्षण चाहिए उन्हें आरक्षण का लाभ मिले
अयोध्या में राष्ट्रीय रक्तदान शिविर में जुटे 20 राज्यों के रक्तदाता, 204 यूनिट रक्तदान

बलरामपुर की टीम ने सर्वाधिक 36 यूनिट रक्त किया संग्रहित, आलोक अग्रवाल ने 41वीं बार किया रक्तदान

अयोध्या। प्रभु श्रीराम की जन्मभूमि अयोध्या धाम में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय रक्तदान शिविर में देशभर से आए रक्तदाताओं ने मानवता और सेवा की अद्भुत मिसाल पेश की। दर्शननगर स्थित एचआर पैलेस में राम कृष्ण सेवा फाउंडेशन, मेजर ध्यानचंद खेल उत्थान समिति एवं मां अन्नपूर्णा सेवा संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित राष्ट्रीय रक्तदान शिविर एवं राष्ट्रीय सेवा रत्न सम्मान समारोह-2026 में कुल 204 यूनिट रक्तदान किया गया।

आयोजन में देश के लगभग 20 राज्यों तथा उत्तर प्रदेश के 60 जनपदों से 250 से अधिक रक्तदाता एवं सेवा कार्यकर्ताओं ने सहभागिता की। शिविर में संस्था के वरिष्ठ सहयोगी एवं संरक्षक मंडल सदस्य आलोक अग्रवाल ने 41वीं बार रक्तदान कर नियमित रक्तदान के लिए लोगों को प्रेरित किया। वहीं बलरामपुर से पहुंचे रवि कुमार गुप्ता ने 21वीं तथा वैभव त्रिपाठी ने 46वीं बार रक्तदान किया।

शिविर में 10 सरकारी ब्लड बैंक टीमों ने रक्त संग्रह किया। इसमें बलरामपुर ब्लड बैंक ने सर्वाधिक 36 यूनिट, स्वरूप रानी मेडिकल कॉलेज प्रयागराज ने 27, आरएमएल अस्पताल लखनऊ ने 24, सुल्तानपुर ने 21, अयोध्या ने 20, केजीएमयू लखनऊ ने 17, श्रावस्ती एवं गोंडा ने 16-16, बस्ती ने 15 तथा अंबेडकरनगर ने 12 यूनिट रक्त संग्रहित किया।

राष्ट्रीय रक्तदान महोत्सव की गतिविधियों का शुभारंभ 10 सितंबर को रक्तदान विषयक चित्रकला एवं रंगोली प्रतियोगिता से हुआ। 11 सितंबर को रक्तदान जागरूकता रैली निकाली गई, जबकि 12 एवं 13 सितंबर को मुख्य रक्तदान शिविर एवं राष्ट्रीय सेवा रत्न सम्मान समारोह आयोजित किया गया। देश के विभिन्न राज्यों एवं जनपदों से आए प्रतिभागियों के लिए आयोजकों द्वारा आवास एवं भोजन की भी व्यवस्था की गई।

समारोह में मेडिकल कॉलेज बलरामपुर के प्राचार्य प्रो. डॉ. राजेश चतुर्वेदी, अयोध्या नगर विधायक वेद प्रकाश गुप्ता, पूर्व मंत्री तेज नारायण पांडेय ‘पवन पांडेय’, अयोध्या महापौर गिरीशपति त्रिपाठी, सिंगरामऊ स्टेट की महारानी डॉ. अंजू सिंह तथा राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज अयोध्या की प्रोफेसर डॉ. अंशु मिश्रा सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

अतिथियों ने रक्तदान को मानव सेवा का सर्वोत्तम माध्यम बताते हुए समाज के लोगों से नियमित रूप से रक्तदान करने तथा दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने का आह्वान किया। शिविर में रक्तदान करने वाले सभी रक्तदाताओं को संस्था की ओर से अंगवस्त्र, स्मृति चिह्न एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम के सफल आयोजन पर राम कृष्ण सेवा फाउंडेशन के अध्यक्ष आकाश गुप्ता, महासचिव विजय वर्मा एवं संरक्षक राजेश चौबे ने सभी अतिथियों, चिकित्सकीय टीमों, सहयोगियों एवं देशभर से पहुंचे रक्तदाताओं के प्रति आभार व्यक्त किया।

संदेश:
रक्तदान केवल एक सामाजिक दायित्व नहीं, बल्कि किसी जरूरतमंद के जीवन को बचाने का संकल्प है। अयोध्या में आयोजित इस राष्ट्रीय आयोजन ने देशभर के रक्तदाताओं को एक मंच पर लाकर “रक्तदान—महादान” के संदेश को और मजबूत किया।
*कन्नौज में आलू किसानों की समस्याओं को लेकर सपा का जोरदार प्रदर्शन, फूंका सरकार का पुतला*
पंकज श्रीवास्तव/विवेक कुमार

कन्नौज में आलू किसानों की समस्याओं को लेकर समाजवादी पार्टी ने विशाल धरना-प्रदर्शन किया। धरने में किसानों को आलू की फसल का उचित भाव नहीं मिलने, लागत तक वसूल न हो पाने तथा डीएपी और यूरिया खाद की उपलब्धता नहीं होने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया, तो वही सपा नेताओ ने सरकार का पुतला फूंक कर विरोध जताया।

सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने कहा कि कन्नौज आलू उत्पादन के लिए प्रमुख जिलों में शामिल है, लेकिन किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है। आलू के कम भाव के चलते किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। वहीं दूसरी ओर खेती की लागत लगातार बढ़ रही है।
धरने के दौरान डीएपी और यूरिया खाद की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित कराने की मांग भी उठाई गई। सपाइयों ने आरोप लगाया कि खाद की समस्या के कारण किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और उन्हें खेती के लिए जरूरी संसाधन जुटाने में दिक्कत हो रही है।

समाजवादी पार्टी ने सरकार से आलू किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य दिलाने, किसानों की लागत को ध्यान में रखते हुए प्रभावी कदम उठाने और डीएपी-यूरिया की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग की। इस दौरान बड़ी संख्या में सपा कार्यकर्ता और किसान मौजूद रहे, इस दौरान सपा नेताओ ने सरकार का विरोध जताते हुए योगी मोदी मुर्दावाद के नारे लगाए और सरकार का पुतला फूंका।
कांवड़ यात्रा में सौहार्द की मिसाल, मुस्लिम कांवड़िए ने सरयू में स्नान कर भरा जल

*बाबा दुःखहरण नाथ मंदिर में किया जलाभिषेक

गोंडा।जिले के करनैलगंज में आस्था के महापर्व कांवड़ मेले के दौरान सांप्रदायिक सौहार्द की एक बहुत खूबसूरत तस्वीर देखने को मिली,जब मुस्लिम कांवड़िए शकील ने सरयू नदी में आस्था की डुबकी लगाकर कांवड़ में जल भरा और प्रसिद्ध दुःखहरण नाथ मंदिर गोंडा में जलाभिषेक के लिए रवाना हुआ।कांवड़ मेले को लेकर जिले भर के श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।इस बीच शकील का कांवड़ यात्रा में शामिल होना लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।उन्होंने सरयू नदी से जल भरने से पहले नदी में स्नान किया और कांवड़ लेकर भगवान भोलेनाथ के जलाभिषेक के लिए निकल पड़े।शकील ने बताया कि वह विगत 10 वर्षों से हर साल कांवड़ यात्रा में शामिल होते आ रहे हैं।उनके अनुसार, उनके लिए यह यात्रा आस्था और श्रद्धा से जुड़ी हुई है।कांवड़ यात्रा के दौरान उनके इस कदम को लोग आपसी भाईचारे,प्रेम और सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल के तौर पर देख रहे हैं।जिले में चल रहे कांवड़ मेले में बड़ी संख्या में श्रद्धालु विभिन्न स्थानों से जल लेकर  मंदिरों की तरफ रवाना हो रहे हैं।हर हर महादेव और बोल बम के जयकारों से जिले में भक्तिमय माहौल बना हुआ है।
कांवड़ यात्रा में सौहार्द की मिसाल, मुस्लिम कांवड़िए ने सरयू में स्नान कर भरा जल

*बाबा दुःखहरण नाथ मंदिर में किया जलाभिषेक

गोंडा।जिले के करनैलगंज में आस्था के महापर्व कांवड़ मेले के दौरान सांप्रदायिक सौहार्द की एक बहुत खूबसूरत तस्वीर देखने को मिली,जब मुस्लिम कांवड़िए शकील ने सरयू नदी में आस्था की डुबकी लगाकर कांवड़ में जल भरा और प्रसिद्ध दुःखहरण नाथ मंदिर गोंडा में जलाभिषेक के लिए रवाना हुआ।कांवड़ मेले को लेकर जिले भर के श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।इस बीच शकील का कांवड़ यात्रा में शामिल होना लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।उन्होंने सरयू नदी से जल भरने से पहले नदी में स्नान किया और कांवड़ लेकर भगवान भोलेनाथ के जलाभिषेक के लिए निकल पड़े।शकील ने बताया कि वह विगत 10 वर्षों से हर साल कांवड़ यात्रा में शामिल होते आ रहे हैं।उनके अनुसार, उनके लिए यह यात्रा आस्था और श्रद्धा से जुड़ी हुई है।कांवड़ यात्रा के दौरान उनके इस कदम को लोग आपसी भाईचारे,प्रेम और सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल के तौर पर देख रहे हैं।जिले में चल रहे कांवड़ मेले में बड़ी संख्या में श्रद्धालु विभिन्न स्थानों से जल लेकर  मंदिरों की तरफ रवाना हो रहे हैं।हर हर महादेव और बोल बम के जयकारों से जिले में भक्तिमय माहौल बना हुआ है।
छत पर खेल रहे तीन साल के मासूम की बाढ़ के पानी में डुबने से मौत

फर्रुखाबाद। थाना राजेपुर  क्षेत्र के चैनगंज गांव में सोमवार को बाढ़ के दौरान घर की छत पर खेल रहा तीन वर्षीय मासूम अचानक नीचे भरे बाढ़ के पानी में आकर गिर गया। परिजन उसे आनन फानन सीएचसी राजेपुर ले गए जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने पुलिस कार्रवाई और पंचनामा भर ने से साफ़ इनकार कर शव को अंतिम संस्कार के लिए घर ले गए।
कासगंज जिले के सरौली गांव निवासी इंद्रेश अपने साले मिथिलेश के घर चैनगंज (राजेपुर) आए हुए थे। गांव के चारों तरफ बाढ़ का पानी भरा हुआ है। सोमवार को इंद्रेश का तीन वर्षीय बेटा प्रांशु घर की छत पर खेल रहा था तभी अचानक उसका संतुलन बिगड़ने पर वह नीचे खेतों में भरे बाढ़ के पानी में जा गिरा।
काफी देर तक बच्चे के नजर न आने पर परिजनों ने उसकी खोजबीन शुरू की। तलाश के दौरान मासूम घर के पास पानी में डूबा हुआ मिला। आनन-फानन में परिजन उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) राजेपुर ले गए, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
मासूम की मौत की खबर मिलते ही माता-पिता और परिजनों में कोहराम मच गया।
लेखपाल प्रशिक्षण केंद्र खण्डहर में तब्दील,परिसर में उगी झाड़ियां
*उद्घाटन के बाद नहीं हुआ प्रयोग

गोंडा।जिले के पंडरी कृपाल क्षेत्र में करोड़ों रुपए की लागत से बनाया गया लेखपाल प्रशिक्षण केंद्र अब खण्डहर में तब्दील हो चुका है।बताते चलें कि पंड़री कृपाल विकास खंड अंतर्गत इंद्रापुर गांव के पास बने इस प्रशिक्षण केंद्र का निर्माण लेखपालों को प्रशिक्षण देने के उद्देश्य से कराया गया था।परन्तु भवन तैयार होने के बाद भी उसका उपयोग नहीं हो सका।देखरेख के अभाव में लेखपाल प्रशिक्षण केंद्र का भवन अब बदहाल हो चुका है। परिसर में झाड़ियां उग आई हैं और भवन की स्थिति लगातार जर्जर होती जा रही है।स्थानीय लोगों की मानें तो यदि समय रहते प्रशासन द्वारा ध्यान दिया जाता तो उक्त भवन का प्रयोग लेखपालों के प्रशिक्षण के लिए किया जा सकता था।प्रशिक्षण केंद्र में एक साथ कई लेखपालों को प्रशिक्षण देने की सुविधा उपलब्ध कराई जा सकती थी।परन्तु उक्त भवन का प्रयोग न होने के कारण करोड़ों रुपए की लागत से तैयार यह भवन वर्तमान में अपने उद्देश्य से दूर होता नजर आ रहा है।स्थानीय लोगों द्वारा करोड़ों रुपए की लागत से तैयार इस भवन के अनुपयोगी पड़े रहने पर सवाल उठाया है।उनका कहना है कि सरकारी धन से तैयार भवन का उपयोग न होना और धीरे धीरे खण्डहर में बदलना अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है।स्थानीय लोगों ने प्रशासन से प्रशिक्षण केंद्र की वर्तमान स्थिति की जांच कराने और इसे दोबारा उपयोग में लाने की मांग की है, ताकि सरकारी धन से तैयार सम्पत्ति का सही उपयोग हो सके।
अथर्वन फाउंडेशन द्वारा 100 से अधिक फलदार,पुष्पीय एवं औषधीय पौधों का रोपण

प्रयागराज। पर्यावरण संरक्षण एवं हरित प्रयागराज के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए अथर्वन फाउंडेशन द्वारा रविवार 13 सितंबर 2026 को सोरांव फ्लाईओवर के निकट टोल प्लाजा क्षेत्र में 100 से अधिक पौधों का व्यापक पौधरोपण अभियान चलाया गया। इस अवसर पर फलदार, पुष्पीय एवं औषधीय प्रजातियों के पौधे लगाए गए। अभियान के दौरान 3 हर्षांकरी पौधों का भी रोपण किया गया।कार्यक्रम का समन्वय डॉ. अनुपमा द्वारा किया गया। पौधरोपण अभियान में फाउंडेशन के अध्यक्ष ब्रजेश मिश्रा, सचिव डॉ. कंचन मिश्रा, उपाध्यक्ष शैलेंद्र सिंह, ग्रीन कैप्टन सुरेश तिवारी, विजय पाल, अर्चना वर्धन, मीरा गुप्ता, अर्चना गुप्ता एवं अधिवक्ता अंकित पाठक सहित फाउंडेशन के अनेक सदस्यों एवं पर्यावरण प्रेमियों ने सक्रिय सहभागिता की। इस अवसर पर अथर्वन फाउंडेशन के पदाधिकारियों ने कहा कि पौधरोपण केवल पौधा लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उसके संरक्षण, संवर्धन और आने वाली पीढ़ियों के लिए उसे वृक्ष के रूप में विकसित करने की जिम्मेदारी भी हमारी है। फलदार, पुष्पीय और औषधीय पौधों का चयन पर्यावरणीय संतुलन के साथ-साथ जैव विविधता और स्थानीय समुदाय के लिए उपयोगिता को ध्यान में रखते हुए किया गया।फाउंडेशन का उद्देश्य शहर एवं आसपास के क्षेत्रों में अधिक से अधिक हरित क्षेत्र विकसित करना तथा समाज में वृक्षों के प्रति जिम्मेदारी और पर्यावरण संरक्षण की संस्कृति को मजबूत करना है। अभियान में उपस्थित सदस्यों ने लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल एवं संरक्षण का संकल्प भी लिया।अथर्वन फाउंडेशन पर्यावरण संरक्षण,एकल- उपयोग प्लास्टिक उन्मूलन, वृक्षारोपण तथा गंगा एवं प्रकृति संरक्षण के लिए निरंतर जनभागीदारी के साथ कार्य कर रहा है।