*कन्नौज में आलू किसानों की समस्याओं को लेकर सपा का जोरदार प्रदर्शन, फूंका सरकार का पुतला*
पंकज श्रीवास्तव/विवेक कुमार

कन्नौज में आलू किसानों की समस्याओं को लेकर समाजवादी पार्टी ने विशाल धरना-प्रदर्शन किया। धरने में किसानों को आलू की फसल का उचित भाव नहीं मिलने, लागत तक वसूल न हो पाने तथा डीएपी और यूरिया खाद की उपलब्धता नहीं होने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया, तो वही सपा नेताओ ने सरकार का पुतला फूंक कर विरोध जताया।

सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने कहा कि कन्नौज आलू उत्पादन के लिए प्रमुख जिलों में शामिल है, लेकिन किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है। आलू के कम भाव के चलते किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। वहीं दूसरी ओर खेती की लागत लगातार बढ़ रही है।
धरने के दौरान डीएपी और यूरिया खाद की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित कराने की मांग भी उठाई गई। सपाइयों ने आरोप लगाया कि खाद की समस्या के कारण किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और उन्हें खेती के लिए जरूरी संसाधन जुटाने में दिक्कत हो रही है।

समाजवादी पार्टी ने सरकार से आलू किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य दिलाने, किसानों की लागत को ध्यान में रखते हुए प्रभावी कदम उठाने और डीएपी-यूरिया की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग की। इस दौरान बड़ी संख्या में सपा कार्यकर्ता और किसान मौजूद रहे, इस दौरान सपा नेताओ ने सरकार का विरोध जताते हुए योगी मोदी मुर्दावाद के नारे लगाए और सरकार का पुतला फूंका।
कांवड़ यात्रा में सौहार्द की मिसाल, मुस्लिम कांवड़िए ने सरयू में स्नान कर भरा जल

*बाबा दुःखहरण नाथ मंदिर में किया जलाभिषेक

गोंडा।जिले के करनैलगंज में आस्था के महापर्व कांवड़ मेले के दौरान सांप्रदायिक सौहार्द की एक बहुत खूबसूरत तस्वीर देखने को मिली,जब मुस्लिम कांवड़िए शकील ने सरयू नदी में आस्था की डुबकी लगाकर कांवड़ में जल भरा और प्रसिद्ध दुःखहरण नाथ मंदिर गोंडा में जलाभिषेक के लिए रवाना हुआ।कांवड़ मेले को लेकर जिले भर के श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।इस बीच शकील का कांवड़ यात्रा में शामिल होना लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।उन्होंने सरयू नदी से जल भरने से पहले नदी में स्नान किया और कांवड़ लेकर भगवान भोलेनाथ के जलाभिषेक के लिए निकल पड़े।शकील ने बताया कि वह विगत 10 वर्षों से हर साल कांवड़ यात्रा में शामिल होते आ रहे हैं।उनके अनुसार, उनके लिए यह यात्रा आस्था और श्रद्धा से जुड़ी हुई है।कांवड़ यात्रा के दौरान उनके इस कदम को लोग आपसी भाईचारे,प्रेम और सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल के तौर पर देख रहे हैं।जिले में चल रहे कांवड़ मेले में बड़ी संख्या में श्रद्धालु विभिन्न स्थानों से जल लेकर  मंदिरों की तरफ रवाना हो रहे हैं।हर हर महादेव और बोल बम के जयकारों से जिले में भक्तिमय माहौल बना हुआ है।
कांवड़ यात्रा में सौहार्द की मिसाल, मुस्लिम कांवड़िए ने सरयू में स्नान कर भरा जल

*बाबा दुःखहरण नाथ मंदिर में किया जलाभिषेक

गोंडा।जिले के करनैलगंज में आस्था के महापर्व कांवड़ मेले के दौरान सांप्रदायिक सौहार्द की एक बहुत खूबसूरत तस्वीर देखने को मिली,जब मुस्लिम कांवड़िए शकील ने सरयू नदी में आस्था की डुबकी लगाकर कांवड़ में जल भरा और प्रसिद्ध दुःखहरण नाथ मंदिर गोंडा में जलाभिषेक के लिए रवाना हुआ।कांवड़ मेले को लेकर जिले भर के श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।इस बीच शकील का कांवड़ यात्रा में शामिल होना लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।उन्होंने सरयू नदी से जल भरने से पहले नदी में स्नान किया और कांवड़ लेकर भगवान भोलेनाथ के जलाभिषेक के लिए निकल पड़े।शकील ने बताया कि वह विगत 10 वर्षों से हर साल कांवड़ यात्रा में शामिल होते आ रहे हैं।उनके अनुसार, उनके लिए यह यात्रा आस्था और श्रद्धा से जुड़ी हुई है।कांवड़ यात्रा के दौरान उनके इस कदम को लोग आपसी भाईचारे,प्रेम और सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल के तौर पर देख रहे हैं।जिले में चल रहे कांवड़ मेले में बड़ी संख्या में श्रद्धालु विभिन्न स्थानों से जल लेकर  मंदिरों की तरफ रवाना हो रहे हैं।हर हर महादेव और बोल बम के जयकारों से जिले में भक्तिमय माहौल बना हुआ है।
छत पर खेल रहे तीन साल के मासूम की बाढ़ के पानी में डुबने से मौत

फर्रुखाबाद। थाना राजेपुर  क्षेत्र के चैनगंज गांव में सोमवार को बाढ़ के दौरान घर की छत पर खेल रहा तीन वर्षीय मासूम अचानक नीचे भरे बाढ़ के पानी में आकर गिर गया। परिजन उसे आनन फानन सीएचसी राजेपुर ले गए जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने पुलिस कार्रवाई और पंचनामा भर ने से साफ़ इनकार कर शव को अंतिम संस्कार के लिए घर ले गए।
कासगंज जिले के सरौली गांव निवासी इंद्रेश अपने साले मिथिलेश के घर चैनगंज (राजेपुर) आए हुए थे। गांव के चारों तरफ बाढ़ का पानी भरा हुआ है। सोमवार को इंद्रेश का तीन वर्षीय बेटा प्रांशु घर की छत पर खेल रहा था तभी अचानक उसका संतुलन बिगड़ने पर वह नीचे खेतों में भरे बाढ़ के पानी में जा गिरा।
काफी देर तक बच्चे के नजर न आने पर परिजनों ने उसकी खोजबीन शुरू की। तलाश के दौरान मासूम घर के पास पानी में डूबा हुआ मिला। आनन-फानन में परिजन उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) राजेपुर ले गए, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
मासूम की मौत की खबर मिलते ही माता-पिता और परिजनों में कोहराम मच गया।
लेखपाल प्रशिक्षण केंद्र खण्डहर में तब्दील,परिसर में उगी झाड़ियां
*उद्घाटन के बाद नहीं हुआ प्रयोग

गोंडा।जिले के पंडरी कृपाल क्षेत्र में करोड़ों रुपए की लागत से बनाया गया लेखपाल प्रशिक्षण केंद्र अब खण्डहर में तब्दील हो चुका है।बताते चलें कि पंड़री कृपाल विकास खंड अंतर्गत इंद्रापुर गांव के पास बने इस प्रशिक्षण केंद्र का निर्माण लेखपालों को प्रशिक्षण देने के उद्देश्य से कराया गया था।परन्तु भवन तैयार होने के बाद भी उसका उपयोग नहीं हो सका।देखरेख के अभाव में लेखपाल प्रशिक्षण केंद्र का भवन अब बदहाल हो चुका है। परिसर में झाड़ियां उग आई हैं और भवन की स्थिति लगातार जर्जर होती जा रही है।स्थानीय लोगों की मानें तो यदि समय रहते प्रशासन द्वारा ध्यान दिया जाता तो उक्त भवन का प्रयोग लेखपालों के प्रशिक्षण के लिए किया जा सकता था।प्रशिक्षण केंद्र में एक साथ कई लेखपालों को प्रशिक्षण देने की सुविधा उपलब्ध कराई जा सकती थी।परन्तु उक्त भवन का प्रयोग न होने के कारण करोड़ों रुपए की लागत से तैयार यह भवन वर्तमान में अपने उद्देश्य से दूर होता नजर आ रहा है।स्थानीय लोगों द्वारा करोड़ों रुपए की लागत से तैयार इस भवन के अनुपयोगी पड़े रहने पर सवाल उठाया है।उनका कहना है कि सरकारी धन से तैयार भवन का उपयोग न होना और धीरे धीरे खण्डहर में बदलना अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है।स्थानीय लोगों ने प्रशासन से प्रशिक्षण केंद्र की वर्तमान स्थिति की जांच कराने और इसे दोबारा उपयोग में लाने की मांग की है, ताकि सरकारी धन से तैयार सम्पत्ति का सही उपयोग हो सके।
अथर्वन फाउंडेशन द्वारा 100 से अधिक फलदार,पुष्पीय एवं औषधीय पौधों का रोपण

प्रयागराज। पर्यावरण संरक्षण एवं हरित प्रयागराज के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए अथर्वन फाउंडेशन द्वारा रविवार 13 सितंबर 2026 को सोरांव फ्लाईओवर के निकट टोल प्लाजा क्षेत्र में 100 से अधिक पौधों का व्यापक पौधरोपण अभियान चलाया गया। इस अवसर पर फलदार, पुष्पीय एवं औषधीय प्रजातियों के पौधे लगाए गए। अभियान के दौरान 3 हर्षांकरी पौधों का भी रोपण किया गया।कार्यक्रम का समन्वय डॉ. अनुपमा द्वारा किया गया। पौधरोपण अभियान में फाउंडेशन के अध्यक्ष ब्रजेश मिश्रा, सचिव डॉ. कंचन मिश्रा, उपाध्यक्ष शैलेंद्र सिंह, ग्रीन कैप्टन सुरेश तिवारी, विजय पाल, अर्चना वर्धन, मीरा गुप्ता, अर्चना गुप्ता एवं अधिवक्ता अंकित पाठक सहित फाउंडेशन के अनेक सदस्यों एवं पर्यावरण प्रेमियों ने सक्रिय सहभागिता की। इस अवसर पर अथर्वन फाउंडेशन के पदाधिकारियों ने कहा कि पौधरोपण केवल पौधा लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उसके संरक्षण, संवर्धन और आने वाली पीढ़ियों के लिए उसे वृक्ष के रूप में विकसित करने की जिम्मेदारी भी हमारी है। फलदार, पुष्पीय और औषधीय पौधों का चयन पर्यावरणीय संतुलन के साथ-साथ जैव विविधता और स्थानीय समुदाय के लिए उपयोगिता को ध्यान में रखते हुए किया गया।फाउंडेशन का उद्देश्य शहर एवं आसपास के क्षेत्रों में अधिक से अधिक हरित क्षेत्र विकसित करना तथा समाज में वृक्षों के प्रति जिम्मेदारी और पर्यावरण संरक्षण की संस्कृति को मजबूत करना है। अभियान में उपस्थित सदस्यों ने लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल एवं संरक्षण का संकल्प भी लिया।अथर्वन फाउंडेशन पर्यावरण संरक्षण,एकल- उपयोग प्लास्टिक उन्मूलन, वृक्षारोपण तथा गंगा एवं प्रकृति संरक्षण के लिए निरंतर जनभागीदारी के साथ कार्य कर रहा है।
मऊ ई-रिक्शा पलटने से 3 लोग घायल, दो जिला अस्पताल रेफर

मऊ के रामपुर थाना क्षेत्र में सोमवार सुबह ई-रिक्शा अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गया। हादसे में ई-रिक्शा सवार तीन लोग घायल हो गए। घटना मधुबन-बेल्थरा मार्ग पर कमल सागर मोड़ के पास करीब 11 बजे हुई।

जानकारी के मुताबिक, ई-रिक्शा कमल सागर मोड़ के पास पहुंचा था। इसी दौरान अचानक अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गया। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल ई-रिक्शा में फंसे घायलों को बाहर निकाला और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फतेहपुर मंडाव पहुंचाया।

घायलों की पहचान सिवान, छतस छबिया निवासी साबिर अली (50), हुस्नतारा (45) और मोसायम (30) के रूप में हुई है। अस्पताल में डॉक्टरों ने सभी घायलों का प्राथमिक उपचार किया।

इलाज के दौरान हुस्नतारा और मोसायम की हालत गंभीर बताई गई, जिसके बाद डॉक्टरों ने दोनों को बेहतर उपचार के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिया। वहीं, साबिर अली का इलाज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फतेहपुर मंडाव में ही किया गया।

हादसे की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने घटना की जानकारी जुटाई। ई-रिक्शा के अचानक अनियंत्रित होकर पलटने के कारणों की जांच की जा रही है।
मऊ घोसी में खेत में पानी चलाने को लेकर विवाद, देवर पर भाभी से मारपीट का आरोप
मऊ के घोसी कोतवाली क्षेत्र के भेलऊर चंगेरी गांव में खेत में पानी चलाने को लेकर विवाद हो गया। आरोप है कि एक देवर ने अपनी भाभी के साथ गाली-गलौज और मारपीट की। महिला को जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।

सुनीता देवी ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 11 सितंबर को दिन में करीब 11 बजे वह अपने खेत में पानी चला रही थीं। इसी दौरान उनका देवर गुड्डू वहां पहुंचा और गाली-गलौज करने लगा।

आरोप है कि सुनीता देवी ने जब इसका विरोध किया तो गुड्डू ने उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। महिला के मुताबिक, जब उन्होंने मारपीट का कारण पूछा तो आरोपी ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी और मौके से चला गया। मारपीट में सुनीता देवी घायल हो गईं।

घटना के बाद सुनीता देवी घोसी कोतवाली पहुंचीं और पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की।

घोसी कोतवाली प्रभारी रविंद्रनाथ राय ने बताया कि सुनीता देवी की शिकायत के आधार पर उनके देवर गुड्डू के खिलाफ संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
*कन्नौज में मनाया गया हिंदी दिवस, सेठ बासुदेव सहाय इंटर कॉलेज में हुई संगोष्ठी*
पंकज कुमार श्रीवास्तव

कन्नौज के सेठ बासुदेव सहाय इंटर कॉलेज में हिंदी दिवस के अवसर पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में हिंदी भाषा को भारत की सांस्कृतिक एकता और अखंडता का प्रतीक बताते हुए इसके प्रचार-प्रसार और संरक्षण पर चर्चा की गई।
विद्यालय के प्रधानाचार्य सुरेन्द्र लाल सिंह ने कहा कि हिंदी आज वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना चुकी है। उन्होंने हिंदी को राष्ट्रभाषा बनाए जाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
अंग्रेजी प्रवक्ता राजेश कुमार ने कहा कि हिंदी हमारी मातृभाषा है, लेकिन तकनीक के इस दौर में हिंदी के साथ-साथ अन्य भाषाओं का अध्ययन भी आवश्यक है।

समाजशास्त्र प्रवक्ता सुफियान अहमद ने हिंदी के संवैधानिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि 14 सितंबर 1949 को संविधान सभा ने हिंदी को संघ की राजभाषा के रूप में स्वीकार किया था। उन्होंने हिंदी के प्रचार-प्रसार में महात्मा गांधी, काका कालेलकर, मैथिलीशरण गुप्त और हजारी प्रसाद द्विवेदी सहित अनेक साहित्यकारों के योगदान को याद किया।
उप प्रधानाचार्य विनोद कुमार कुशवाहा ने हिंदी को आत्मसम्मान की भाषा बताते हुए कहा कि हिंदी के विकास और सम्मान के लिए अनेक महापुरुषों ने महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

वरिष्ठ शिक्षक शरद दीक्षित ने कहा कि हिंदी भाषा के संरक्षण और संवर्धन के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। वहीं हिंदी के वरिष्ठ प्रवक्ता आलोक कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि सोशल मीडिया और इंटरनेट पर हिंदी की स्वीकार्यता लगातार बढ़ रही है। छात्रों को इसका सकारात्मक और रचनात्मक उपयोग कर अपने भविष्य को बेहतर बनाने का प्रयास करना चाहिए।

संगोष्ठी का संचालन हिंदी प्रवक्ता एवं साहित्यकार डॉ. शिव सिंह कुशवाहा ने किया। उन्होंने हिंदी की महत्ता पर दोहा प्रस्तुत करते हुए कहा—
"हिंदी हिन्दुस्तान है, हिंदी ही पहचान।
सकल विश्व में गूंजती भाषा यही महान।।"

कार्यक्रम में जीव विज्ञान प्रवक्ता सूर्य सिंह, ऋषभ कुमार द्विवेदी, गोविंद सिंह, आकाश बाबू, ओम शंकर त्रिवेदी, राकेश यादव सहित विद्यालय का समस्त स्टाफ और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
कांग्रेसियों ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर डीएम को ज्ञापन सौंपा: जनगणना फॉर्म में ओबीसी कॉलम जोड़ने और जातियों की ड्राफ्ट सूची मांगी


रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव


भदोही। कांग्रेस कार्यकर्ता और पदाधिकारी सोमवार को कलेक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने धरना प्रदर्शन किया और राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। इस प्रदर्शन की अगुवाई जिला अध्यक्ष वसीम अंसारी और पिछड़ा वर्ग जिला अध्यक्ष राकेश पाल ने की।ज्ञापन के माध्यम से जनगणना 2027 के फॉर्म में ओबीसी वर्ग का कॉलम जोड़ने की मांग की गई। साथ ही, पहले से मौजूद जातियों की ड्राफ्ट सूची प्रगणक के जरिए नागरिकों को उपलब्ध कराने की भी मांग की गई। जिला अध्यक्ष वसीम अंसारी ने कहा कि राहुल गांधी के दबाव में बीजेपी सरकार ने लोकसभा 2024 चुनाव के समय 2027 में ओबीसी वर्ग की जनगणना कराने का वादा किया था। हालांकि, अगस्त 2026 की जनगणना नोटिफिकेशन में ओबीसी का कॉलम नहीं जोड़ा गया है।
उन्होंने यह भी बताया कि सरकार ने पहले से मौजूद जातियों की ड्राफ्ट सूची देने के बजाय जनगणना में जाति की जानकारी दर्ज करने के लिए 'ओपन इंडियन प्रश्न' का तरीका चुना है। वसीम अंसारी के अनुसार, इस तरीके से जाति की गिनती करने का मतलब है कि जातियों को सैकड़ों-हजारों हिस्सों में बांट देना। इसका सीधा नुकसान पिछड़े और अन्य वंचित वर्गों को होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार और तेलंगाना राज्यों में बेहतर जनगणना मॉडल होने के बावजूद, आरएसएस और बीजेपी ने जनगणना 2027 में ओबीसी वर्ग का कॉलम नहीं जोड़ा और ड्राफ्ट सूची भी नहीं दी। इससे साफ हो गया है कि सरकार ओबीसी वर्ग के सही आंकड़े नहीं देना चाहती है। इसका मकसद ओबीसी को आबादी के अनुपात में आरक्षण, संस्थानों में नौकरी और संसाधनों में हिस्सेदारी देने वाली जरूरी नीतियों से वंचित रखना है।
इस अवसर पर राजेश्वर दूबे,  त्रिलोकी नाथ बिंद, सुरेश गौतम, रमाशंकर बिंद,करन मौर्य  , विमलेश पाल, राजेश पाल, धीरज पाल, धीरज बिंद,गोविंद पाल, आदि कांग्रेसजन उपस्थित रहे।