सपा की पूर्व विधायक उर्मिला राजपुत ने दुकान का किया उद्घाटन

फर्रुखाबाद।
सपा की पूर्व विधायक उर्मिला राजपूत ने
ग्राम जरारी में खाद , बीज व दवाओ की दुकान का फीता काट कर उद्घाटन किया ।  उद्घाटन के दौरान पूर्व विधायक के साथ बहुत्व से गणमान्य लोग मौजूद रहे और उनके साथ जनसंवाद का भी मौका मिला । साथ ही ग्राम न्यामनपुर में अधिवक्ता के आवास पर लोगो से बातचीत हुई। ग्राम मिवपुरा में प्रधान ने
ग्राम खुदागंज में  रामरतन पाल को दुखद मृत्यु पर उनके आवास पहुंचकर शोक श्रद्वान्जलि अर्पित की, गंगा डूबन पर पूर्व प्रधान नकीस के इंतकाल होने पर पहुंचकर शोक व्यक्त किया।  लोगों की  बीबीपुर में से हुयी मावों पर पहुंचकर उनक शवों को नमन कर श्रद्वान्वाले दी। ग्राम महमूदापुर में स्व मास्टर दाताराम की पत्नी के निधन पर उनके आवास पहुंचकर शोक व्यक्व किया

ईश्वर मृत आत्माओ को दुख सहने की शक्ति प्रदान  करें।
मऊ- बड़ा गड़बड़ झाला, बिना शासनादेश भर्ती पर गिरेगी गाज! स्वास्थ्य विभाग के अफसरों पर महानिदेशालय की नजर
मऊ, आजमगढ़ और बलिया समेत कई जिलों में आउटसोर्स कार्मिकों की संख्या और मानदेय में मिली गड़बड़ी - बजट रोकने और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की चेतावनी

मऊ, स्वास्थ्य विभाग में आउटसोर्स कार्मिकों की भर्ती को लेकर महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य के कार्यालय ने जिलों के विभागीय अधिकारियों पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। 10 सितंबर 2026 को जारी पत्र में आजमगढ़ मंडल के मऊ और बलिया समेत संबंधित जिलों में बिना शासनादेश तथा महानिदेशालय की सहमति के मनमाने ढंग से आउटसोर्स कार्मिक रखे जाने के मामलों पर कड़ी आपत्ति जताई गई है। महानिदेशालय ने स्पष्ट किया है कि नियमों को दरकिनार कर की जा रही ऐसी नियुक्तियां नियमों के उल्लंघन की श्रेणी में आती हैं। साथ ही दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई और संबंधित बजट रोकने की चेतावनी दी गई है।

पूर्व में वित्तीय वर्ष 2025-26 में भी शासनादेश का पालन नहीं किया गया। इस वजह से वित्तीय वर्ष 2026-27 में अनुदान संख्या-32 के अंतर्गत मानक मद-58 ‘आउटसोर्स सेवाओं’ में प्रदेश के सभी जनपदों के आहरण-वितरण अधिकारियों से सूचना (शासनादेश) मांगी गई थी। लेकिन विभाग को अपूर्ण सूचना उपलब्ध कराया गया, इसलिए निदेशालय द्वारा 'गूगल शीट' पर ही उपलब्ध कराई गई सूचनाओं का हवाला दिया गया है। इन सूचनाओं के परीक्षण में कई जिलों में तैनात आउटसोर्स कार्मिकों की संख्या और  विभाग द्वारा शासनादेश का अनुपालन न करने की बात सामने आने की बात कही गई है।

कहीं जरूरत से ज्यादा कार्मिक, तो कहीं स्वीकृति पर सवाल
महानिदेशालय के पत्र के मुताबिक कुछ जनपदों में आउटसोर्स कार्मिकों की संख्या अत्यधिक परिलक्षित हो रही है। ऐसे में इन कार्मिकों को रखे जाने का औचित्य और आधार स्पष्ट नहीं हो पा रहा है। साथ ही यह भी स्पष्ट किए जाने की जरूरत बताई गई है कि इन कार्मिकों की नियुक्ति की स्वीकृति आखिर किस स्तर से और किस आधार पर प्राप्त हुई।

महानिदेशालय ने जिलों से उपलब्ध कराई गई सूचना को आगामी बजट आवंटन का आधार बनाने की बात कही है। यानी अब जिलों में तैनात आउटसोर्स कर्मचारियों की संख्या और उनके मानदेय का सीधा असर आगामी बजट पर पड़ सकता है।

बढ़ानी होगी संख्या तो पहले लेनी होगी मंजूरी पूर्व में कोई नियमों का पालन नहीं किया गया, इस वजह से
पत्र में साफ निर्देश दिया गया है कि भविष्य में यदि किसी जनपद को आउटसोर्स कार्मिकों की संख्या बढ़ाने की आवश्यकता महसूस होती है तो बढ़ोतरी से पहले महानिदेशालय स्तर से अनुमति अथवा स्वीकृति लेना अनिवार्य होगा। बिना अनुमति अतिरिक्त कार्मिक रखने की स्थिति में उनके मानदेय के भुगतान के लिए बजट आवंटित नहीं किया जाएगा।

महानिदेशालय ने इसके लिए संबंधित आहरण-वितरण अधिकारी को पूर्ण रूप से उत्तरदायी ठहराने की बात कही है। ऐसे में पत्र जारी होने के बाद स्वास्थ्य विभाग के जिलास्तरीय अधिकारियों में खलबली मचना तय माना जा रहा है।

अब देखना होगा कि मऊ, आजमगढ़ और बलिया समेत समस्त जिलों में आउटसोर्स कार्मिकों की संख्या, नियुक्ति प्रक्रिया में प्रयोग शासनादेश और बजट संबंधी सूचनाओं के मिलान के बाद विभागीय स्तर पर क्या कार्रवाई सामने आती है?
मऊ: मधुबन के दुबारी क्षेत्र में बाढ़ पीड़ितों से मिले नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री, राहत सामग्री का किया वितरण

मऊ जिले के मधुबन विधानसभा क्षेत्र के दुबारी स्थित जनता इंटर कॉलेज परिसर में बाढ़ प्रभावित लोगों से नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री एके शर्मा जी मुलाकात कर राहत सामग्री वितरित कीऐ |

इस दौरान प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के साथ-साथ भोजन और शुद्ध पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए स्थानीय प्रशासन को उन्होंने आवश्यक निर्देश दिए |

उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की सुरक्षा और राहत-बचाव को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ तत्परता से कार्य कर रही है।
गंगा का जलस्तर सात सेंटीमीटर घटा, खतरे के निशान से 33 सेंटीमीटर नीचे
कानपुर। गंगा का जलस्तर रविवार के मुकाबले सोमवार को सात सेंटीमीटर घट गया। कानपुर बैराज पर अपस्ट्रीम में जलस्तर 114.670 मीटर दर्ज किया गया, जो चेतावनी बिंदु से 67 सेंटीमीटर ऊपर और खतरे के निशान से 33 सेंटीमीटर नीचे है। हालांकि जलस्तर में कमी के बावजूद प्रशासन की ओर से नदी किनारे के इलाकों पर नजर रखी जा रही है।

जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि गंगा के जलस्तर की लगातार निगरानी की जा रही है। बाढ़ प्रभावित और संवेदनशील क्षेत्रों में प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर प्रभावित लोगों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के लिए सभी जरूरी इंतजाम रखे गए हैं।

फ्लड कंट्रोल ऑफिस, एलजीसी कानपुर के अनुसार, बैराज पर डाउनस्ट्रीम में जलस्तर 114.280 मीटर दर्ज किया गया। बैराज से चार लाख 12 हजार 548 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज किया गया। रविवार को अपस्ट्रीम में जलस्तर 114.740 मीटर और डाउनस्ट्रीम में 114.370 मीटर था, जबकि डिस्चार्ज 4 लाख 20 हजार 691 क्यूसेक दर्ज किया गया था। इस तरह एक दिन में अपस्ट्रीम जलस्तर सात सेंटीमीटर और डाउनस्ट्रीम नौ सेंटीमीटर कम हुआ है। डिस्चार्ज में भी 8 हजार 143 क्यूसेक की कमी दर्ज की गई।

शुक्लागंज में गंगा का जलस्तर 113.050 मीटर दर्ज किया गया, जो चेतावनी बिंदु से पांच सेंटीमीटर ऊपर है। यहां चेतावनी स्तर 113 मीटर और खतरे का निशान 114 मीटर है। वहीं हरिद्वार बैराज से 74 हजार 532 क्यूसेक और नरौरा बैराज से 64 हजार 283 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज दर्ज किया गया।

प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। जलस्तर में कमी के बावजूद अधिकारियों को संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी जारी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री के प्रयागराज दौरे पर सुरक्षा व्यवस्था सख्त, युवा मंच अध्यक्ष अनिल सिंह नजरबंद
उच्च न्यायालय परिसर में सम्मान समारोह में शामिल होंगे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

प्रयागराज।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सोमवार को प्रस्तावित प्रयागराज दौरे को लेकर प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। मुख्यमंत्री के आगमन को देखते हुए युवा मंच के प्रदेश अध्यक्ष अनिल सिंह को पुलिस ने उनके आवास पर नजरबंद किया है। पुलिस और प्रशासन की ओर से शहर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है।

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को अपराह्न 3:45 बजे प्रयागराज पहुंचेंगे। इसके बाद वह उच्च न्यायालय परिसर में बार एसोसिएशन की ओर से आयोजित सम्मान समारोह में शामिल होंगे। कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री शाम 5:10 बजे प्रयागराज से लखनऊ के लिए रवाना होंगे।

मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर निर्धारित मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है। महत्वपूर्ण स्थानों पर पुलिस बल की तैनाती के साथ यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए भी आवश्यक प्रबंध किए गए हैं। अधिकारियों की ओर से सुरक्षा व्यवस्था की लगातार निगरानी की जा रही है।

युवा मंच के प्रदेश अध्यक्ष अनिल सिंह को नजरबंद किए जाने की कार्रवाई को भी मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है। प्रशासन का प्रयास है कि मुख्यमंत्री का प्रयागराज दौरा शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो।
मऊ -: मधुबन के ग्रामीणों ने कहा—“मऊ के लिए कल्पनाथ राय ने जो किया, वो कोई नहीं कर सकता”
मधुबन क्षेत्र में कुछ ग्रामीणों ने पूर्व केंद्रीय मंत्री कल्पनाथ राय के विकास कार्यों को याद करते हुए कहा कि मऊ के लिए उन्होंने जो काम किया, उसकी बराबरी कोई नहीं कर सकता।

जब ग्रामीणों से मौजूदा मंत्री एके शर्मा के विकास कार्यों को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने बिजली के मीटर और बढ़े हुए बिल का मुद्दा उठाते हुए कहा—

“उन्होंने क्या किया है? एक मीटर लगा दिए, पहले ₹500 बिल आता था, अब ₹1000 से ₹1200 तक आ रहा है।”

ग्रामीणों ने कहा कि “कल्पनाथ राय को कोई नहीं पा सकता, वह गरीबों के मसीहा थे।”
पंडित लल्लन तिवारी के जन्मदिन के उपलक्ष में गाजीपुर में वृक्षारोपण अभियान
गाजीपुर। रामधारी सिंह दिनकर सेवा समिति, वाराणसी की तरफ से देश के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान राहुल एजुकेशन के चेयरमैन शिक्षा सम्राट पंडित लल्लन तिवारी के जन्मदिन के उपलक्ष में 20 जुलाई से लगातार 60 दिनों तक वृक्षारोपण अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के 56 वें दिन गाजीपुर के ग्राम लहुरापुर में जनता आदर्श इंटर कालेज तथा ग्राम महेगवा में मां सरस्वती पैरामेडिकल कॉलेज में वृक्षारोपण किया गया। समिति के सचिव मृत्युंजय सिंह दीपू ने बताया कि अबतक 56 दिन में 872 वृक्ष लगाए व वितरण किए गए, जिनमें फलदार, औषधिदार, छायादार ऑक्सीजनदार पौधों का समावेश है। इस अवसर पर पूर्व ब्लाक प्रमुखगाजीपुर के पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष शशिपाल सिंह भूरा, विजय यादव, अनिल सिंह, दीपू शुक्ला, राजेश सिंह बच्चा, शिवनारायण राय, रमेश बिटटू कुमार समेत अनेक प्रतिष्ठित लोग उपस्थित रहे।
आईएमए एवं रेड क्रॉस ने संयुक्त रूप से निःशुल्क स्वास्थ्य जांच एवं खाद्य वितरण शिविर लगाया

फर्रुखाबाद ।
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन फर्रुखाबाद द्वारा रेड क्रॉस सोसाइटी के सहयोग से 13 सितंबर को राजेपुर क्षेत्र में निःशुल्क चिकित्सा स्वास्थ्य जांच एवं खाद्य वितरण शिविर का आयोजन किया गया।
शिविर में लगभग 400 लोगों का निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। चिकित्सकों द्वारा मरीजों की जांच कर आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श दिया गया तथा जरूरतमंद मरीजों को निःशुल्क दवाइयां वितरित की गईं।
इस मौके पर डॉ. कविता शर्मा, डॉ. इमरान अली, डॉ. राहुल दुबे एवं डॉ. प्रशांत श्रीवास्तव ने अपनी चिकित्सा सेवाएं प्रदान कीं।
शिविर में स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ जरूरतमंद लोगों को खाद्य सामग्री भी वितरित की गई।
इस जनसेवा कार्यक्रम में रेड क्रॉस के अध्यक्ष शिश मेहरोत्रा सहित रेड क्रॉस के अन्य सदस्य भी उपस्थित रहे और कार्यक्रम में अपना सहयोग प्रदान किया।
आईएमए फर्रुखाबाद एवं रेड क्रॉस द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित इस शिविर का उद्देश्य समाज के जरूरतमंद एवं वंचित वर्ग तक स्वास्थ्य सेवाएं एवं आवश्यक सहायता पहुंचाना था। दोनों संस्थाओं ने भविष्य में भी इस प्रकार के जनसेवा कार्यक्रम जारी रखने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
इस कार्यक्रम की जानकारी आईएमए फर्रुखाबाद की अध्यक्ष डॉ. कविता शर्मा एवं सचिव डॉ. इमरान अली द्वारा दी गई।
गणेश उत्सव पर सुरक्षा के साथ ही साथ सी सी टी वी कैमरे और ड्रोन से होगी निगरानी

फर्रुखाबाद।
जिले में करीब 250 गणेश प्रतिमाओं की स्थापना हो रही है। उन्होंने बताया कि 800 से अधिक पुलिसकर्मी सुरक्षा में तैनात किए गए हैं ।
जनपद को 4 जोन और 14 सेक्टर में विभाजित किया गया है।
उन्होंने कहा कि प्रमुख पंडालों पर सी सी टी वी और ड्रोन से निगरानी की जाएगी।
महिला सुरक्षा के लिए मिशन शक्ति हेल्पडेस्क सक्रिय रहेगा,
विसर्जन के दौरान पुलिस का कड़ा पहरा रहेगा। उन्होंने कहा कि विसर्जन के दौरान किसी भी तरह की लापरवाही न बरती जाएं।
पुलिस अधीक्षक आरती सिंह की अपील है कि अफवाहों पर ध्यान न दें, सूचना की पुष्टि करें उसके बाद ही किसी भी प्रकार की कारवाई की जाए।
34 पीएचसी पर स्वास्थ्य मेले में 1651 मरीजों को मिला उपचार,

स्वास्थ्य केंद्रों के साथ बाढ़ चौकियों का भी किया निरीक्षण; सीएमओ ने खिमसेपुर व धीरपुर पहुंचकर परखी व्यवस्थाएं


फर्रुखाबाद। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ आनंद कुमार ने कहा कि लोगों को उनके नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर ही बेहतर चिकित्सकीय सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आज जिले की 34 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर स्वास्थ्य मेले आयोजित किए गए, जिसमें कुल 1651 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण एवं चिकित्सकीय परामर्श किया गया। स्वास्थ्य मेलों में पहुंचे लोगों को आवश्यक जांच, चिकित्सकीय सलाह एवं दवाओं की सुविधा उपलब्ध कराई गई।

स्वास्थ्य मेले में रोगवार परीक्षण के दौरान 358 मरीज बुखार, 206 मरीज गैस्ट्रो, 194 मरीज डायबिटीज, 62 मरीज हाइपरटेंशन, 411 मरीज त्वचा संबंधी रोगों तथा 658 मरीज अन्य बीमारियों से संबंधित पाए गए। मरीजों को उनकी आवश्यकता के अनुसार चिकित्सकीय परामर्श, जांच एवं उपचार उपलब्ध कराया गया।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आनंद उपाध्याय के निर्देशन में स्वास्थ्य मेलों की व्यवस्थाओं एवं स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी के लिए विभागीय अधिकारियों द्वारा विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों का निरीक्षण किया गया। अधिकारियों ने मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही चिकित्सकीय सेवाओं, जांच एवं दवा वितरण सहित अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. दीपक कटारिया एवं एपिडेमियोलॉजिस्ट डॉ. रणधीर सिंह द्वारा पीएचसी सबलपुर का निरीक्षण किया गया। वहीं उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सरवर इकबाल द्वारा पीएचसी कुइनयाँखेरा एवं पीएचसी फैजबाग (शमसाबाद) का निरीक्षण किया गया। इसके साथ ही उन्होंने बाढ़ चौकी मंडी समिति, शमसाबाद की व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया।

उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. परीक्षित सफीर द्वारा पीएचसी नियमातपुर ठाकुरान (कमलगंज) एवं पीएचसी जहाँगंज का निरीक्षण किया गया। उन्होंने जहाँगंज बाढ़ चौकी का भी निरीक्षण कर वहां उपलब्ध स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की जानकारी ली। वहीं उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनुनय कुटार द्वारा भी डॉ. परीक्षित सफीर के साथ जहाँगंज का निरीक्षण किया गया।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आनंद उपाध्याय ने स्वयं पीएचसी खिमसेपुर एवं धीरपुर (मोहम्मदाबाद) का निरीक्षण कर वहां स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति परखी। उन्होंने मरीजों को दी जा रही सेवाओं, चिकित्सकीय परामर्श, जांच एवं दवा वितरण सहित व्यवस्थाओं का जायजा लिया और स्वास्थ्यकर्मियों को मरीजों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
सीएमओ डॉ. आनंद उपाध्याय ने कहा कि स्वास्थ्य मेलों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को उनके नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर ही आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने सभी अधिकारियों एवं स्वास्थ्यकर्मियों को निर्देशित किया कि स्वास्थ्य मेले में आने वाले प्रत्येक मरीज को समय से चिकित्सकीय परामर्श, आवश्यक जांच एवं दवाएं उपलब्ध कराई जाएं तथा मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा न होने पाए।

स्वास्थ्य विभाग की टीमों की सक्रिय भागीदारी और अधिकारियों की नियमित निगरानी से 34 पीएचसी पर आयोजित स्वास्थ्य मेलों में 1651 मरीजों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिला। वहीं रोगवार आंकड़ों में बुखार, गैस्ट्रो, डायबिटीज, हाइपरटेंशन, त्वचा रोग एवं अन्य बीमारियों से संबंधित मरीजों की पहचान कर उन्हें आवश्यक उपचार एवं चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध कराया गया। साथ ही बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्थित स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर विभागीय अधिकारियों द्वारा आवश्यक तैयारियों को भी परखा गया।