स्किन टीबी के मरीजों में बढ़ा डीआर-टीबी का खतरा, केजीएमयू के शोध में खुलासा
दीपक कुमार
लखनऊ । क्षय रोग (टीबी) केवल फेफड़ों तक सीमित नहीं है। टीबी का जीवाणु शरीर के अन्य अंगों को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है, जिसमें स्किन (त्वचा) भी शामिल है। चिकित्सा जगत में इसे एक्स्ट्रा-पल्मोनरी टीबी कहा जाता है। मतलब ऐसी टीबी जो फेफड़ों के अलावा शरीर के किसी और हिस्से में अपनी जड़ें जमा लेती है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि स्किन टीबी से पीड़ित मरीजों में दवा-प्रतिरोधी (डीआर) टीबी का जोखिम बढ़ रहा है। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) में हुए एक अध्ययन में यह निष्कर्ष सामने आया है। यह अध्ययन इंडियन जर्नल ऑफ डर्मेटोलॉजी, वेनेरोलॉजी एंड लेप्रोलॉजी (आईडीजीवीएल) में प्रकाशित हुआ है।  

54 मरीजों पर हुआ अध्ययन

केजीएमयू के त्वचा रोग विभाग के वर्ष 2019 से 2022 के बीच हुए अध्ययन में स्किन टीबी के 54 मरीजों को शामिल किया गया। इनकी उम्र 20 से 40 वर्ष के बीच थी। इनमें सात मरीजों में दवा-प्रतिरोधी टीबी पाई गई। सभी मरीज एचआईवी निगेटिव थे। शोध में पाया गया कि छह मरीजों पर टीबी की सबसे असरदार दवा का असर नहीं हो रहा था। ऐसे में इन्हें बहु दवा-प्रतिरोधी (एमडीआर) टीबी की दवाएं दी गईं। वहीं एक मरीज पर एक और मुख्य टीबी-रोधी दवा असर नहीं कर रही थी। उसका इलाज तय मानक के तहत किया गया। राहत की बात यह रही कि इलाज शुरू होने के लगभग एक महीने के भीतर ही मरीजों की हालत में सुधार होने लगा। इलाज पूरा करने वाले मरीजों में त्वचा के घाव पूरी तरह ठीक हो गए। 

सात मरीजों में चार तरह की स्किन टीबी

शोध में सामने आया कि इन सात मरीजों में तीन को ल्यूपस वल्गैरिस (त्वचा पर लाल-भूरे रंग के चकत्ते और घाव), दो को स्क्रोफूलोडरमा (गांठों से मवाद रिसना), एक को ट्यूबरकुलर एब्सेस (त्वचा के नीचे मवाद भरी गांठ) और एक मरीज को ट्यूबरकुलर चैंक्र (त्वचा पर छाले जैसा घाव) थे। शोध में अहम चुनौती यह रही कि स्किन टीबी में बैक्टीरिया की संख्या सामान्यत: बहुत कम होती है। जिससे मरीजों की कल्चर जांच से टीबी के जीवाणु की पहचान और दवा-प्रतिरोध का पता लगाना मुश्किल होता है। ऐसे में आधुनिक मॉलिक्यूलर डायग्नोस्टिक टेस्ट बेहतर नतीजे देते हैं।

स्किन टीबी की पुष्टि के लिए जरूरी जांचें

केजीएमयू के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर ड्रग रेजिस्टेंट टीबी के संस्थापक प्रभारी प्रो. सूर्यकांत के मुताबिक,  स्किन टीबी को केवल त्वचा तक सीमित बीमारी मानकर दवा-प्रतिरोध की संभावना को नजरअंदाज करना खतरनाक साबित हो सकता है। ऐसे मरीजों की जीन एक्सपर्ट, हिस्टोपैथोलॉजी, कल्चर और ड्रग ससेप्टिबिलिटी टेस्टिंग (डीएसटी) जांच बेहद जरूरी है। ताकि बीमारी की सही स्थिति का पता चल सके। प्रो. सूर्यकांत के अनुसार, दवा प्रतिरोधी टीबी की जल्द पहचान और सही इलाज क्षय रोग नियंत्रण की दिशा में कारगर कदम है। उन्होंने कहा कि टीबी मुक्त भारत का संकल्प पूरे समाज की जिम्मेदारी है। गांव के प्रधान से लेकर प्रधानमंत्री तक, हर व्यक्ति को टीबी के खिलाफ इस जन-अभियान में अपनी सक्रिय भूमिका निभानी होगी।

दिमाग तक पहुंच सकता है संक्रमण

केजीएमयू की प्रोफेसर डॉ. पारुल वर्मा के अनुसार, स्किन टीबी में भी दवा-प्रतिरोधी टीबी के मामले सामने आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि दवा-प्रतिरोधी स्किन टीबी के लक्षण सामान्य स्किन टीबी जैसे ही होते हैं। इसलिए बाहरी जांच से दोनों में अंतर करना मुश्किल होता है। इसलिए हर टीबी मरीज में दवा-प्रतिरोधी टीबी की जांच के लिए सीबीएनएएटी और कल्चर टेस्ट कराया जाता है। जांच में दवा-प्रतिरोधी टीबी की पुष्टि होने पर उसी के अनुसार इलाज किया जाता है। उन्होंने बताया कि ऐसे मरीज को सामान्य टीबी की दवाएं देने पर उसे कोई फायदा नहीं होगा और बीमारी शरीर के अन्य अंगों में फैल सकती है। छाती और दिमाग तक संक्रमण पहुंचने पर स्थिति गंभीर हो सकती है। इसलिए के त्वचा तक सीमित रहने के दौरान ही इसकी पहचान और सही इलाज जरूरी है।

डब्ल्यूजीएस तकनीक पर जोर

विश्वविद्यालय के त्वचा रोग विभाग की प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष डॉ. स्वास्तिका सुविर्या के मुताबिक, भारत में टीबी के जीवाणुओं में ऐसे जेनेटिक बदलाव पाए गए हैं, जिनकी वजह से वे दवाओं के प्रति प्रतिरोधी हो जाते हैं। इन जीवाणुओं को सामान्य मॉलिक्यूलर टेस्ट हमेशा पहचान नहीं पाते। इसलिए भविष्य में होल जीनोम सीक्वेंसिंग (डब्ल्यूजीएस) जैसी उन्नत तकनीक दवा-प्रतिरोधी टीबी की सटीक पहचान में अहम भूमिका निभा सकती है।

घाव ठीक न होने पर स्किन टीबी की जांच जरूरी

श्वसन रोग विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. ज्योति बाजपेयी के मुताबकि, त्वचा पर होने वाले घाव और अल्सर को मामूली रोग समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। सामान्य इलाज के बाद भी अगर घाव चार से छह हफ्ते तक ठीक न हो, तो इसकी वजह स्किन टीबी भी हो सकती है। ऐसे मरीजों को स्किन टीबी की जांच जरूरी करानी चाहिए। उन्होंने बताया कि स्किन टीबी का इलाज 9 से 18 महीने तक चल सकता है। रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने पर संक्रमण लौट सकता है। दवा का कोर्स अधूरा छोड़ने पर डीआर-टीबी हो सकती है।

अध्ययन में ये भी रहे शामिल

इस अध्ययन में प्रकृति शुक्ला, अमिता जैन, उर्मिला सिंह, सौम्या सिंह, अतिन सिंघई, एवं सृष्टि त्रिपाठी भी शामिल रहे।
कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन में शामिल होने वाले छात्र को नोटिस देने वाला दारोगा निलंबित

लखनऊ/नोएडा। गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय के एलएलबी द्वितीय वर्ष के छात्र अक्षत को दिल्ली के जंतर मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन में शामिल होने के मामले में 5 लाख रुपये के निजी में मुचलका पर पाबंद करने का नोटिस जारी करने वाले उप निरीक्षक शिवा पांडे को निलंबित कर दिया गया है।

अपर पुलिस आयुक्त कानून व्यवस्था राजीव नारायण मिश्रा ने इस बात की पुष्टि करते हुए कहा कि इसके अलावा कोतवाली प्रभारी ईकोटेक प्रथम अरविंद कुमार और सहायक पुलिस आयुक्त ग्रेटर नोएडा तीन के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं।

चार सितंबर को कार्यपालक मजिस्ट्रेट की ओर से छात्र को नोटिस जारी किया गया था। इसमें 6 माह तक शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए 50 हजार रुपये के निजी बंध पत्र के साथ पाबंद किए जाने का कारण बताने को कहा गया था। सुनवाई के लिए 5 सितंबर की तारीख तय की गई थी। सोशल मीडिया पर नोटिस सामने आने के बाद मामला विवादों में आ गया। पुलिस ने 5 सितंबर को ही नोटिस वापस ले लिया। इसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। शीर्ष अदालत की सख्ती के बाद अब पुलिस ने मामले में जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। छात्र के खिलाफ कार्रवाई करने के पीछे पुलिस की रिपोर्ट मुख्य आधार बनी थी।

बिजनौर हाइवे पर खाना खाते समय कार ने युवकों को कुचला, तीन की मौत

लखनऊ, बिजनौर। उत्तर प्रदेश में बिजनाैर जिले के थाना नजीबाबाद में गुुुरूवार की देर रात काे एक तेज रफ्तान वाहन की टक्कर लगने से में तीन लाेगाें की मौत हो गई। दो बच्चे घायल हाे गये। घटना के बाद चालक वाहन छाेड़कर फरार हाे गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। इस घटना का प्रदेश के मुख्यमंत्री याेगी आदित्यनाथ ने संज्ञान लिया है।उन्हाेंने घायलाें काे बेहतर इलाज मुहैया कराये जाने के निर्देश अफसराें काे दिए हैं।

पुलिस अधीक्षक (एसपी सिटी) कृष्ण गाेपाल ने शुक्रवार काे बताया कि यह घटना देर रात की है। पीलीभीत से अमनदीप, अर्शदीप सिंह, जग्गू और दाे बच्चे प्रिंस व सनी पिकअप वाहन से घोड़े लेकर पंजाब जा रहे थे। रास्ते में नजीबाबाद बशीरपुर नहर पटरी मार्ग के माेड़ से पहले सभी ने रुककर खाना खाने लगे। इसी दाैरान एक तेज रफ्तार स्विफ्ट कार ने उन्हें राैंद दिया। हादसे में अमनदीप, अर्शदीप सिंह, जग्गू की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दाे बच्चे बाल-बाल बच गये। घटना के बाद चालक कार छाेड़कर फरार हाे गया।

एसपी सिटी ने बताया कि कार पुलिस के कब्जे में है तथा आरोपित ड्राइवर की तलाश की जा रही है | दुर्घटना में बचे दो बच्चों की स्थिति सामान्य है | इस मामले में मुख्यमंत्री योगी ने मृतकों के प्रति दुख व्यक्त करते हुए अधिकारियों को घायलों का समुचित उपचार कराने के आदेश दिये है |

जो काम अंग्रेजों नहीं किया वो काम आजाद भारत में कांगेस सपा बसपा भाजपा जैसी पार्टियों ने राजनीतिक फायदे हिन्दुओं को जातिवादी कानूनों के माध्यम से

लखनऊ। यूजीसी काला कानून वापस,जातिगत नितियों में बदलाव रिजर्वेशन में सुधार SCSTACT में संशोधन और सवर्ण आयोग के गठन माँगो को लेकर सवर्ण समाज के लोगों प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी के शास्त्री घाट पर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं धरने का आज 14 दिन है आरक्षण हटाओ आंदोलन के संयोजक ठाकुर शिवम सिंह उनके साथ जंतर मंतर दिल्ली के सत्याग्रही मनोज मिश्रा विकास दुबे, धर्मेन्द्र कुमार मिश्रा, बुलंदशहर के गौरक्षक स्वामी बाबा जी आज शास्त्रीय घाट पर धरने का समर्थन किया ,धरने का पूर्ण समर्थन करते हुए सवर्ण आर्मी भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज प्रसाद चौबे ने एस सी एस टी एक्ट में संशोधन की मांग उठाई उन्होंने ने कहा कि शिकायत के आधार पर तत्काल कार्रवाई के बजाय पहले निष्पक्ष जाँच का प्रावधान होना चाहिए साथ ही गलत शिकायत पाए जाने पर शिकायत करता के खिलाफ भी कार्यवही कि मांग की ,आरक्षण का आधार आर्थिक होना चाहिए क्यों कि गरीबी जाति देख कर नहीं आती है हर वर्ग हर जाती में गरीब होते हैं उन्हें आरक्षण के दायरे से बाहर किया जाय जो मंत्री सांसद विधायक आई पी एस आई ए एस डाक्टर इंजीनियर या अन्य पदों पर उनके पिता हो या परिवार के लोग है उनकी जगह पर उन्हीं वर्ग के जो गरीब है वास्तव में आरक्षण की जरूरत उन्हें है उनको मिलना चाहिए जिनका हक सम्पन्न दलित खा रहा है ।

यूजीसी रेगुलेशन वापस होना चाहिए यह एक वर्ग सामान्य को जन्म जाती अपराधी एवं शोषण करता बता रहा है जबकि दूसरे वर्ग को शोषक शिक्षा व्यवस्था में जातिगत आधार पर भेद भाव बढ़ायाने जाने की सरकार की यह नीति सवर्ण समाज को स्वीकार नहीं है इसे वापस लिया जाना देश एव सवर्ण समाज के हित में है अगर सरकार ने समय रहते जनता की आवाज नहीं सुनी तो आने वाले चुनाव बीजेपी के लिए नुकसान दायक साबित हो सकते हैं सत्ता तक पहुंचने का रास्ता आसान नहीं होगा। धरने पर बैठे सवर्ण समाज के लोगों का हौसला बढ़ाते हुए आर एच ए संयोजक ठाकुर शिवम सिंह ने कहा कि धरने का पूर्ण समर्थन है सरकार मांगों पर जल्दी अमल में नहीं लाई तो आंदोलन तेज कर दिया जाएगा सवर्ण समाज के साथ तमाम समाजिक संगठन राजनीतिक दल जल्दी ही धरने पर आ कर धरना देगे जिसके लिए सवर्ण समाज के अन्य संगठनों से वार्ता की जा रही है।

बीच सड़क चेयरमैन व पूर्व चेयरमैन में मारपीट, मचा हंगामा

महिला चेयरमैन व सपा की पूर्व चेयरमैन के बीच मारपीट का वीडियो वायरल

लखनऊ/ हमीरपुर। उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले के कस्बा कुरारा के वार्ड नौ में गुरुवार को पानी निकास की व्यवस्था के लिए निरीक्षण करने गई चेयरमैन व पूर्व चेयरमैन के बीच वाद विवाद होने पर दोनों के बीच हाथापाई हो गई, तथा मारपीट हुई। वहां मौजूद लोगों ने बीच बचाव किया तथा थाना पुलिस को घटना की जानकारी दी। तब पुलिस ने मौके पर जाकर दोनों पक्ष को थाने ले गई। दोनों ने एक दूसरे के खिलाफ थाने में तहरीर देकर कार्यवाही किए जाने की मांग की है।

कस्बा के बस स्टैंड के समीप वार्ड नौ में पूर्व चेयरमैन माया बाल्मीकि का मकान है। इनके मकान के आगे से जल निकासी के लिए नाली बनी हुई है। बुधवार को नगर पंचायत के कर्मचारियों ने दीवार के आगे बनी नौ इंच की पट्टी को जे सी बी मशीन से तोड़ दिया था। जिसको इन्होंने दोबारा बना लिया था। गुरुवार को मोहल्ले के लोगों की शिकायत पर नगर पंचायत चेयरमैन आशारानी कबीर वहां पर निरीक्षण के लिए गई थी। जल निकासी की व्यवस्था के लिए पट्टी को तोड़ने के लिए जेसीबी मशीन लेकर गई थी वहीं पर दोनों के बीच विवाद हो गया तथा हाथापाई हो गई। विवाद बढ़ने पर पुलिस को सूचना मिलने पर दोनों को पुलिस थाने ले गई, तथा मामला शांत हुआ।

चेयरमैन आशारानी कबीर ने माया बाल्मीकि व चार अज्ञात के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने व जानलेवा हमला करने की तहरीर थाने में दी है। वहीं माया बाल्मीकि ने चेयरमैन आशारानी सहित नगर पंचायत के जेई व कर्मचारियों इनके साथ में मौजूद अन्य लोगों के खिलाफ थाने में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। इस संबंध में चेयरमैन आशारानी कबीर ने बताया कि वार्ड नौ में पानी निकासी के लिए निरीक्षण करने के दौरान पूर्व चेयरमैन माया बाल्मीकि द्वारा जानलेवा हमला किया गया है तथा पूर्व चेयरमैन माया बाल्मीकि ने बताया कि चेयरमैन आशारानी कबीर ने मेरे मकान को क्षति पहुंचाई है। यह चुनाव के बाद से ही हमसे रंजिश मानती है। इस मामले में थाना प्रभारी प्रिंस दीक्षित ने गुरुवार को शाम बताया कि मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।

निहाल गुप्ता का जूनियर असिस्टेंट पद पर चयन

ब्यूरो रितेश मिश्रा
कछौना (हरदोई)।* तिलक नगर कछौना निवासी निहाल गुप्ता पुत्र राकेश गुप्ता (लाल) को उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) द्वारा आयोजित परीक्षा में जूनियर असिस्टेंट पद पर चयनित होने पर क्षेत्रवासियों ने हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।युवा निहाल गुप्ता ने कड़ी मेहनत और लगन से परीक्षा में सफलता हासिल की। उनके चयन की खबर से परिवार और स्थानीय लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई। गांव के बुजुर्गों और युवाओं ने कहा कि यह सफलता पूरे क्षेत्र के लिए गर्व की बात है और अन्य छात्रों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।निहाल गुप्ता के माता-पिता एवं परिजनों ने आयोग तथा सभी शुभचिंतकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि निरंतर प्रयास और ईश्वर की कृपा से यह उपलब्धि प्राप्त हुई है।क्षेत्र के लोग निहाल गुप्ता के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें आगे भी सफलता की बधाई दे रहे हैं।
जर्जर लाइन और लो-वोल्टेज से परेशान ग्रामीणों का फूटा गुस्सा
ब्यूरो रितेश मिश्रा
कछौना, हरदोई* विद्युत उपकेंद्र तेरवा दहिंगवा के अंतर्गत जर्जर विद्युत लाइन व ट्रांसफार्मर की क्षमता कम होने व लोकल फाल्ट के कारण, अघोषित कटौती व लो-वोल्टेज की समस्या से आजिज आकर सैकड़ो ग्रामीणों ने विद्युत उपकेंद्र तेरवा दहिंगवा पहुंचकर संबंधित अधिकारी को ज्ञापन दिया। बताते चले विद्युत उपकेंद्र तेरवा दहिंगवा को बीकापुर मल्लावां विद्युत उपकेंद्र से 33 केवी उपकेंद्र की सोर्स लाइन जुड़ी है। ग्रामीणों का कहना है जब से बीकापुर मल्लावां से सोर्स लाइन जुड़ी है, तब से अघोषित कटौती रात में ज्यादा समस्या बनी है। पूर्व में कछौना से 33 केवी सोर्स लाइन होने पर इतनी दिक्कत नहीं थी। इस विद्युत उपकेंद्र तेरवा दहिंगवा के अंतर्गत 70 ग्राम है, काफी बड़ा क्षेत्र है। इसके अंतर्गत कई सरकारी अस्पताल, प्राइवेट हॉस्पिटल, विद्यालय, मार्केट, नलकूप, औद्योगिक इकाई सहित घरेलू कनेक्शन है। लगातार घोषित कटौती के कारण जनजीवन प्रभावित है। सबसे ज्यादा बुजुर्ग, बीमार, बच्चों को दिक्कत होती है। इमरजेंसी सेवाएं प्रभावित होती है। बृहस्पतिवार को अवर अभियंता रामकृपाल को ग्रामीण हसनापुर, प्रधान प्रतिनिधि शिवाजी वर्मा, अर्जुन वर्मा बेहसार, पप्पू सिंह गौरीतालिब, मोहम्मद गयास असही सहित सैकड़ों ग्रामीणों ने पहुंचकर ज्ञापन दिया।
ट्रेन सफर में कुरकुरे दिलाने के बहाने मासूम को ले गया अजनबी
*जीआरपी में मुकदमा दर्ज, सीसीटीवी फुटेज से संदिग्ध की तलाश तेज
मड़िहान/मीरजापुर। संतनगर थाना क्षेत्र स्थित कमलापुर ओबराडीह गांव निवासी दिल्ली जाने के लिए घर से निकले थे। मां ने शायद सपने में भी नहीं सोचा होगा कि रास्ते में मिला एक अजनबी कुछ ही घंटों में उसकी जिंदगी की सबसे बड़ी चिंता बन जाएगा। ट्रेन के सफर के दौरान परिवार से घुल-मिल गए अज्ञात व्यक्ति ने प्रयागराज रेलवे स्टेशन पर महज “बेटी को कुरकुरे दिलाकर लाता हूं” कहकर नौ वर्षीय मासूम को अपने साथ लिया और फिर वापस नहीं लौटा। देखते ही देखते कुछ मिनटों का इंतजार घंटों की बेचैनी में बदल गया। मां स्टेशन पर अपनी बेटी को खोजती रही, लेकिन मासूम का कहीं पता नहीं चला। मामले में पीड़ित मां की तहरीर पर जीआरपी प्रयागराज में अज्ञात आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। वहीं घटना के बाद रेलवे स्टेशन पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। बताया जा रहा है कि फुटेज के आधार पर संदिग्ध की पहचान करने के बाद पुलिस ने उसकी तलाश तेज कर दी है। पुलिस की टीमें बच्ची को सकुशल बरामद करने और आरोपी तक पहुंचने के प्रयास में जुटी हैं। घटना 08 सितंबर 2026 की बताई जा रही है। मड़िहान थाना क्षेत्र की रहने वाली आशा देवी अपनी नौ वर्षीय बेटी और मुंह बोले भाई अनुज के साथ दिल्ली जाने के लिए घर से निकली थीं। प्रयागराज से आगे की यात्रा के लिए वह मिर्जापुर रेलवे स्टेशन पहुंचीं। यहीं उनकी मुलाकात एक अजनबी व्यक्ति से हुई। उसने भी स्वयं को दिल्ली जाने वाला बताया। एक ही मंजिल की बात सुनकर सामान्य यात्री की तरह बातचीत शुरू हुई और परिवार को उस समय उस पर किसी तरह का संदेह नहीं हुआ। पीड़ित मां की ओर से पुलिस को दी गई तहरीर के मुताबिक, उस व्यक्ति ने भी उनके साथ टिकट लिया। शाम करीब छह बजे सभी ट्रेन से प्रयागराज के लिए रवाना हुए। कुछ घंटों का यह साथ धीरे-धीरे विश्वास में बदलता गया। किसी को अंदाजा नहीं था कि यही भरोसा आगे चलकर परिवार के लिए इतनी बड़ी परेशानी का कारण बन जाएगा। प्रयागराज रेलवे स्टेशन पहुंचने के बाद करीब साढ़े सात बजे शाम आरोपी ने मासूम से कुरकुरे दिलाने की बात कही और उसे अपने साथ लेकर चला गया। मां को लगा कि वह बच्ची को कुछ खाने का सामान दिलाकर कुछ ही मिनट में वापस आ जाएगा। वह इंतजार करती रही। पहले पांच-दस मिनट गुजरे, फिर समय बढ़ता चला गया। लेकिन न वह अजनबी लौटा और न ही उसके साथ गई बच्ची। दुकानों, प्लेटफॉर्म और आसपास के हिस्सों में मासूम को तलाशा गया, लेकिन हर कोशिश के बाद परिवार के हाथ मायूसी ही लगी। काफी खोजबीन के बाद भी जब मासूम का कोई सुराग नहीं लगा तो परिजन जीआरपी के पास पहुंचे और पूरी घटना बताई। मां की तहरीर के आधार पर अज्ञात व्यक्ति के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी। घटना रेलवे स्टेशन जैसे संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले स्थान पर होने के कारण सीसीटीवी कैमरों को जांच का महत्वपूर्ण आधार बनाया गया। पुलिस ने स्टेशन तथा आसपास लगे कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की। बताया जा रहा है कि कैमरों में बच्ची को साथ ले जाता संदिग्ध दिखाई पड़ा है। फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर उसकी पहचान से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग पुलिस के हाथ लगे हैं। इसके बाद उसकी गिरफ्तारी और बच्ची की सकुशल बरामदगी के लिए तलाश तेज कर दी गई है। हालांकि पुलिस की ओर से आरोपी की गिरफ्तारी होने तक उसकी पहचान को लेकर आधिकारिक स्तर पर विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।
जनगणना के द्वितीय चरण हेतु प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित
ब्यूरो रितेश मिश्रा
हरदोई अपरजिलाधिकारी(वि0रा0)/जिला जनगणना अधिकारी दीपाली भार्गव की अध्यक्षता में नगर पालिका परिषद के सभागार में जनगणना के द्वितीय चरण का प्रशिक्षण के अंतर्गत होने वाली जनसंख्या गणना को सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। प्रशिक्षण के दौरान  जनगणना कार्य में लगाए जाने वाले अधिकारियों प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को जनसंख्या गणना की प्रक्रिया, गणना प्रपत्र/प्रश्नावली को सही ढंग से भरने तथा गणना संबंधी महत्वपूर्ण दिशा-निर्देशों की विस्तार से जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण में बताया गया कि जनगणना कार्य अत्यंत महत्वपूर्ण एवं व्यापक दायित्व है। इसलिए सभी गणनाकर्मी निर्धारित दिशा-निर्देशों का भली-भांति अध्ययन करते हुए प्रत्येक परिवार एवं व्यक्ति से संबंधित जानकारी का सही एवं सावधानीपूर्वक संकलन सुनिश्चित करें।
प्रशिक्षण के दौरान गणनाकर्मियों को जनगणना कार्य में प्रयुक्त तकनीकी माध्यमों एवं मोबाइल एप के उपयोग, डेटा की शुद्धता, गोपनीयता तथा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार कार्य करने के संबंध में भी जानकारी दी गई। साथ ही गणना के दौरान आने वाली संभावित समस्याओं एवं उनके समाधान के संबंध में व्यवहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
अधिकारियों ने सभी प्रशिक्षणार्थियों से कहा कि जनगणना जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य में पूर्ण गंभीरता, पारदर्शिता एवं जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें। प्रशिक्षण में प्राप्त जानकारी को क्षेत्र में कार्य करते समय प्रभावी रूप से लागू किया जाए, ताकि जनगणना का द्वितीय चरण निर्धारित मानकों के अनुरूप सफलतापूर्वक संपन्न कराया जा सके।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में डॉ. गौरव पांडेय, उपनिदेशक मंडल, प्रभारी जनगणना, विनय कुमार वर्मा, जिला जनगणना प्रभारी, समस्त उप जिलाधिकारी, तथा समस्त अधिशासी अधिकारी नगर पालिका सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे
जिलाधिकारी ने जनसुनवाई में सुनीं आमजन की समस्याएं
ब्यूरो रितेश मिश्रा
हरदोई आज जिलाधिकारी अनुनय झा ने कलेक्ट्रेट में जनसुनवाई करते हुए आमजन की समस्याओं एवं शिकायतों को गंभीरतापूर्वक सुना। जनसुनवाई के दौरान कुल 73 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनके त्वरित निस्तारण के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए। जनसुनवाई में विभिन्न क्षेत्रों से आए फरियादियों ने अपनी समस्याओं एवं शिकायतों से जिलाधिकारी को अवगत कराया। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्राप्त शिकायतों का निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण, निष्पक्ष एवं प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। जनसुनवाई के दौरान प्राप्त कुछ शिकायतों का जिलाधिकारी ने मौके पर ही समाधान कराया तथा शेष शिकायतों के संबंध में संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। इस अवसर पर अतिरिक्त मजिस्ट्रेट गुलाब चन्द्र सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे