बाढ़ पीड़ितों के लिए सरकार की पूर्ण संवेदनशीलता एवं संवेदनाएं :मुख्यमंत्री

*बाढ़ की समस्या के समाधान हेतु गंगा की ड्रेजिंग एवं तटबंध के निर्माण के लिए जनप्रतिनिधियों द्वारा प्रेषित किया जाएगा प्रस्ताव*

*बाढ़ से प्रभावित होने वाली फसलों की क्षतिपूर्ति के लिए शीघ्र ही संबंधित कृषकों को मिलेगा फसल बीमा योजना का लाभ*

*लिंक एक्सप्रेस वे का निर्माण करेगा जनपद को बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे के साथ जोड़ने का कार्य*

*स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन के सहयोग से बाढ़ पीड़ितों तक राहत सामग्री पहुंचाने का किया कार्य*

मुख्यमंत्री  ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का हवाई सर्वेक्षण कर स्थिति का लिया जायजा*

मुख्यमंत्री  द्वारा 1000 परिवारों को राहत सामग्री किट, आश्रयहीन 31 परिवारों को भूमि आवंटन प्रमाण पत्र एवं 01 लाख 20 हजार रुपए की धनराशि के गृह अनुदान राशि प्रमाण पत्र प्रतीकात्मक रूप से प्रदान किए गए*


फर्रुखाबाद । मुख्यमंत्री  योगी आदित्यनाथ के द्वारा जनपद फर्रुखाबाद में बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री का वितरण, बाढ़ में आश्रयहीन हुए परिवारों को आवास हेतु भूमि आवंटन प्रमाण पत्र एवं आपदा मोचक निधि से राहत राशि वितरण कार्यक्रम का आयोजन पुलिस लाईन, फतेहगढ़ में किया गया। कार्यक्रम में प्रशासक जिला पंचायत फर्रुखाबाद मोनिका यादव, सांसद  मुकेश राजपूत, सदस्य विधान परिषद प्रांशु दत्त द्विवेदी, विधायक सदर मेजर सुनील दत्त द्विवेदी, विधायक अमृतपुर  सुशील कुमार शाक्य, विधायक भोजपुर नागेन्द्र सिंह राठौर एवं विधायक कायमगंज डॉ0 सुरभि, जिला अध्यक्ष भाजपा फतेह चंद्र वर्मा सहित जनप्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
जनपद आगमन पर मुख्यमंत्री  द्वारा सर्वप्रथम बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का हवाई सर्वेक्षण किया गया, इसके उपरांत कार्यक्रम में उपस्थित होकर 1000 लाभार्थी परिवारों को उनके स्थान पर जाकर प्रतीकात्मक रूप से बाढ़ राहत सामग्री किट का वितरण किया गया, जिससे वह पुनर्वास होने तक अपने जीवन को सुरक्षा के साथ सुचारू रूप से संचालित कर सकें।
इस दौरान मंच पर आसीन मुख्य अतिथि सहित अन्य जनप्रतिनिधियों द्वारा आश्रयहीन 31 परिवारों को भूमि आवंटन प्रमाण पत्र एवं 01 लाख 20 हजार रुपए की धनराशि के गृह अनुदान राशि प्रमाण पत्र प्रतीकात्मक रूप से प्रदान किए गए।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने बाबा नीम करौली की पावन धरा, जिसे मां गंगा का सानिध्य प्राप्त हुआ, ऐसे फर्रुखाबाद को नमन करते हुए कहा कि आज फर्रुखाबाद की तीनों तहसीलों (सदर, कायमगंज एवं अमृतपुर) का निरीक्षण करने का अवसर प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि 102 गांव में बाढ़ की इस विभीषिका से जूझने के लिए मजबूर जनता के साथ सरकार की पूरी संवेदनशीलता एवं संवेदनाएं हैं, आपदा की इस घड़ी में आप सभी अकेले नहीं है सरकार आपके साथ सदैव तत्परता के साथ खड़ी हुई है। सरकार आपकी जरूरत के लिए प्रत्येक सहायता आप तक पहुंचाने का कार्य करेगी। स्थानीय जनप्रतिनिधि पिछले 15 दिवस से राहत कार्यों को लगातार तेजी के साथ आगे बढ़ा रहे हैं। एक ओर सरकार की संवेदना पीड़ितों के प्रति है और दूसरी ओर बाढ़ राहत कार्य के लिए 24 घंटे कंट्रोल रूम, बाढ़ चौकियां, राहत शिविर और जिन गांवों में बाढ़ का पानी घरों के अंदर भर गया है, वहां पर उन सभी प्रभावित परिवारों के लिए शासन ने राहत सामग्री पहुंचाने की व्यवस्था की है। राहत सामग्री किट 50 किलोग्राम की है, जिसमें 10 किलोग्राम चावल, 10 किलोग्राम आटा, 10 किलोग्राम आलू, 02 किलोग्राम अरहर की दाल, चना, लाई, तेल, मसाले, बाल्टी, बरसादी एवं डिग्निटी किट सहित अन्य आवश्यक सामग्रियां सम्मिलित हैं। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन के सहयोग से बाढ़ पीड़ितों तक राहत सामग्री पहुंचने का कार्य किया। पहली बार बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में शिविर के माध्यम से शिक्षकों द्वारा शिक्षा प्रदान की जा रही है, चिकित्सकों द्वारा उपचार प्रदान किया जा रहा है तथा पशु चिकित्सकों द्वारा पशुओं का टीकाकरण किया जा रहा है।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा बताया गया कि समय के अनुरूप मां गंगा उथली हुई हैं। नदी जब भी उथली होगी तो उसके पानी का फैलाव भी होगा, जिससे अन्नदाताओं की फसलों का नुकसान होता है। बाढ़ का एकमात्र समाधान पूरे जनपद क्षेत्र में गंगा नदी की ड्रेजिंग कर उसके जल के प्रभाव को व्यवस्थित किया जाए और ड्रेजिंग के दौरान नदी से निकलने वाली सिल्ट का प्रयोग तटबंध के निर्माण में किया जाए, इस हेतु जिला प्रशासन से शीघ्र ही प्रस्ताव तैयार कर जनप्रतिनिधियों के माध्यम से आख्या मांगी गई है, इसके साथ ही जिला प्रशासन जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर आप सभी की सेवा के लिए तैयार है। सरकार द्वारा बाढ़ की समस्या का स्थाई समाधान निकलने का कार्य किया जा रहा है जिससे फर्रुखाबाद को बाढ़ जैसी आपदा से मुक्त कराया जा सके।
उन्होंने कहा कि जनपद फर्रुखाबाद में लिंक एक्सप्रेस वे का निर्माण होने जा रहा है, जो जनपद को बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे के साथ जोड़ने का कार्य करेगा, जिसके फलस्वरुप फर्रुखाबाद जंक्शन बनने के पश्चात फर्रुखाबाद के पास भी अपना एक एक्सप्रेस वे होगा, जनपद की कनेक्टिविटी के लिए प्रस्ताव जनप्रतिनिधियों के सहयोग से मांगे गए हैं। फर्रुखाबाद खेती किसानी का बेल्ट है, जिसके दृष्टिगत सरकार द्वारा आलू की खेती करने वाले किसानों के कल्याण के लिए  प्रधानमंत्री के नेतृत्व में पेरू देश की सहायता से आगरा में आलू का अंतरराष्ट्रीय केंद्र स्वीकृत किया गया है, जिस पर कार्य प्रगति पर है। इसके साथ ही बाढ़ से प्रभावित होने वाली फसलों की क्षतिपूर्ति के लिए शीघ्र ही संबंधित कृषकों को फसल बीमा योजना के लाभ से आच्छादित किया जाएगा।          
  इस दौरान सांसद मुकेश राजपूत ने अपने संबोधन में कहा कि जनपद में बाढ़ की समस्या का एकमात्र निदान तटबंध का निर्माण है। उन्होंने कहा कि  मुख्यमंत्री ने फर्रुखाबाद जनपद सहित प्रदेश के सभी आलू किसानों को भाड़े में ₹100 कुंतल की सब्सिडी प्रदान की है, जिसके लिए मैं संपूर्ण प्रदेश की ओर से मुख्यमंत्री का धन्यवाद ज्ञापित करता हूं।
कार्यक्रम में  विधायक भोजपुर नागेंद्र सिंह राठौर ने कहा कि आज मुख्यमंत्री ने बाढ़ की विभीषिका को देखते हुए और बाढ़ पीड़ितों से मिलकर जो उन्हें संबल देने का कार्य किया है, वह इस बात का साक्षात प्रमाण है कि मुख्यमंत्री प्रत्येक गरीब एवं दुखी व्यक्ति के साथ खड़े हैं।
कार्यक्रम में विधायक कायमगंज डॉ0 सुरभि ने अपने संबोधन में कहा कि यह बाढ़ हमारे लिए एक प्राकृतिक आपदा नहीं है बल्कि हमारे किसानों के महीनों की मेहनत पर संकट है। जब खेतों में खड़ी हुई फसलों में बाढ़ का पानी भरता है, तो उसके साथ किसने की उम्मीदें भी टूटती हैं। आज इस मंच से मैं बहुत-बहुत आभार व्यक्त करती हूं कि सरकार एवं जिला प्रशासन सभी बाढ़ पीड़ितों के साथ खड़े हुए हैं। जिला प्रशासन ने जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए सभी बाढ़ पीड़ितों तक बाढ़ राहत सामग्री को पहुंचा, जिसके फलस्वरुप एक भी बच्चा इस आपदा की स्थिति में भोजन, शिक्षा एवं चिकित्सा उपचार से वंचित नहीं रहा, इसके लिए जिला प्रशासन के अधिकारी धन्यवाद के पात्र हैं।
इस दौरान सदर विधायक सुनील दत्त द्विवेदी ने अपने संबोधन में कहा कि प्रदेश में जब भी बाढ़ आती है, तो  मुख्यमंत्री का यही चिंतन रहता है, कि विस्थापित परिवारों को राहत कैसे पहुंचाई जाए एवं जिला प्रशासन की ओर से उन्हें किस प्रकार राहत राशि एवं आवासीय पट्टों का आवंटन किया जाए। उन्होंने  मुख्यमंत्री से बाढ़ पीड़ितों के लिए बाढ़ की समस्या से राहत हेतु पांचाल घाट गंगा जी के केंद्र से 40 किलोमीटर बाएं कंपिल तक एवं 40 से 50 किलोमीटर दाएं कमालगंज तक एक तटबंध बनाने की मांग की।
कार्यक्रम में उपस्थित अमृतपुर विधायक सुशील कुमार शाक्य ने अपने स्वागत उद्बोधन में कहा कि आज हमारे लिए अत्यधिक सौभाग्य का विषय है कि हम लोगों की इस दुखद घड़ी में पूरे प्रदेश के मुखिया आज हमारे कंधे पर हाथ रखने आए हैं, हमें सांत्वना प्रदान करने आए हैं एवं हमारा उत्साहवर्धन करने आए हैं। बाढ़ पीड़ित क्षेत्र की जनता की मांग है कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्रतिवर्ष आने वाली आपदा से राहत हेतु गंगा नदी की ड्रेसिंग एवं गंगा के किनारे तटबंध का निर्माण कार्य कराया जाए। बाढ़ के समय बिजली एवं पानी की समस्या के निदान हेतु सोलर प्लांट लगाया जाए जिससे बाढ़ पीड़ित लोगों को आपदा से राहत प्राप्त हो सके।
      कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधियों की ओर से सांसद मुकेश राजपूत एवं जिला अध्यक्ष भाजपा जिलाध्यक्ष फतेहचंद्र वर्मा द्वारा मुख्यमंत्री  को  महारानी अहिल्याबाई होल्कर की प्रतिमा स्वागत स्वरुप भेंट की गई।
     कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी डॉ0 अंकुर लाठर, पुलिस अधीक्षक श्रीमती आरती सिंह, मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार गौड़, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ0 आनंद उपाध्याय, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व अरुण कुमार सिंह, अपर जिलाधिकारी न्यायिक दिनेश कुमार सहित जिला प्रशासन के अन्य अधिकारी, पार्टी प्रतिनिधि एवं विशाल जन समूह उपस्थित रहा।
रिजर्व पुलिस लाइन में निर्मित आधुनिक सुविधाओं से युक्त “पुलिस ऑफिसर्स मेस(अतिथि गृह)” का उद्घाटन फीता काटकर अपर पुलिस महानिदेशक ने किया


फर्रुखाबाद। पुलिस लाइन स्थित पुलिस ऑफीसर्स मैस का
उद्घाटन अपर पुलिस महानिदेशक  अनुपम कुलश्रेष्ठ ने किया। इस दौरान नवनिर्मित अतिथि गृह के परिसर, कक्षों और संपूर्ण व्यवस्थाओं का गहन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने साफ-सफाई, सुरक्षा प्रबंधों तथा आगंतुक अधिकारियों के लिए उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया और संबंधित को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस दौरान  पुलिस उपमहानिरीक्षक कानपुर परिक्षेत्र, कानपुर  युमना प्रसाद व पुलिस अधीक्षक आरती सिंह सहित अधिकारी मौजूद रहे।
TGT-PGT 2026: पुरानी नियमावली व पुराने पैटर्न पर 20 हजार पदों का विज्ञापन जारी कराने की मांग को लेकर तीसरे दिन भी धरना जारी
प्रयागराज । पुरानी नियमावली एवं पुराने परीक्षा पैटर्न के आधार पर TGT-PGT 2026 के लगभग 20 हजार रिक्त पदों पर विज्ञापन जारी कराने की मांग को लेकर प्रयागराज में चल रहा धरना-प्रदर्शन आज तीसरे दिन भी जारी रहा। आंदोलनरत अभ्यर्थियों ने सरकार से तत्काल छात्रहित में निर्णय लेते हुए पुरानी नियमावली और पुराने पैटर्न के आधार पर भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की मांग की।

जिला प्रशासन की ओर से आंदोलनकारियों को आश्वस्त किया गया कि 5 सितंबर 2026 को माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी एवं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ बैठक प्रस्तावित है, जिसमें TGT-PGT अभ्यर्थियों की मांगों एवं छात्रहित से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। प्रशासन के आश्वासन के बाद 3 सितंबर 2026 को प्रस्तावित आमरण अनशन को अब 5 सितंबर 2026 तक स्थगित किया गया है।

युवा मंच के प्रदेश अध्यक्ष अनिल सिंह ने कहा कि सरकार को प्रदेश के नौजवानों की पीड़ा और उनके भविष्य को गंभीरता से समझना होगा। उन्होंने कहा कि ऐसे नियम, जिनसे बड़ी संख्या में अभ्यर्थी भर्ती प्रक्रिया में अवसर से वंचित हो रहे हैं, उन्हें निरस्त कर पुरानी नियमावली एवं पुराने परीक्षा पैटर्न के आधार पर TGT-PGT 2026 का विज्ञापन जारी किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश के सात लाख से अधिक प्रभावित नौजवानों को भर्ती प्रक्रिया में अवसर मिल सकेगा। लंबे समय से तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए सरकार को ऐसा निर्णय लेना चाहिए, जिससे अधिकतम योग्य अभ्यर्थियों को प्रतिस्पर्धा का अवसर प्राप्त हो।

अनिल सिंह ने कहा कि शिक्षा सेवा चयन आयोग द्वारा TGT-PGT भर्ती प्रक्रिया में TET, सामान्य अध्ययन और माइनस मार्किंग जैसे प्रावधानों को लेकर अभ्यर्थियों में व्यापक असंतोष है। उनका कहना है कि भर्ती प्रक्रिया के बीच अचानक नियमों एवं परीक्षा पैटर्न में बदलाव करना अभ्यर्थियों के हित में नहीं है।

उन्होंने कहा कि अचानक गजट जारी कर नियमों में बदलाव करने से वर्षों से तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के सामने गंभीर संकट उत्पन्न हुआ है। सरकार एवं शिक्षा सेवा चयन आयोग की नीतियां छात्रहित एवं पारदर्शिता पर आधारित होनी चाहिए, ताकि अधिक से अधिक योग्य युवाओं को भर्ती प्रक्रिया में अवसर मिल सके।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि सरकार 5 सितंबर की बैठक में अभ्यर्थियों की मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है, तो नौजवानों का आंदोलन आगे भी जारी रहेगा और पुरानी नियमावली तथा पुराने पैटर्न की बहाली की मांग को लेकर संघर्ष को और मजबूती दी जाएगी।

आंदोलनकारियों ने एक स्वर में मांग की कि TGT-PGT 2026 के लगभग 20 हजार रिक्त पदों पर तत्काल विज्ञापन जारी किया जाए तथा पुरानी नियमावली एवं पुराने परीक्षा पैटर्न को बहाल करते हुए सभी पात्र अभ्यर्थियों को अवसर प्रदान किया जाए।

इस अवसर पर शिमला पटेल, कंचन सिंह, प्रवीण यादव, अभिषेक कुमार, रोशन कुमार, संतोष यादव, एल. के. चौधरी, अशोक सिंह, भानु प्रताप शुक्ल, कपिल उपाध्याय, ब्रिजेश सिंह, ब्रिजेश तिवारी, पंकज त्रिपाठी, अमर दीप सिंह, दीपा सिंह, रिंकी चौहान, अखिलेश वर्मा, कपिल देव वर्मा, विकास सिसौदिया, कमलाकर सिंह, राकेश अग्रहरि, रंजन वर्मा, प्रमोद त्रिपाठी, प्रशांत सिंह, राजेन्द्र वर्मा सहित सैकड़ों अभ्यर्थी उपस्थित रहे।
फल वितरण की खबर छपी तो भड़के प्रधानाध्यापक, पत्रकारों को दी “देख लेने” की धमकी
झंडी की मढ़ैया प्राथमिक विद्यालय का मामला, पत्रकार राम रहीस से बोले—जब कह दिया था फल नहीं बांटे तो खबर क्यों प्रकाशित की

राजेपुर (फर्रुखाबाद)। प्राथमिक विद्यालय झंडी की मढ़ैया में बच्चों को सोमवार को फल वितरित न किए जाने की खबर प्रकाशित होने के बाद मामला तूल पकड़ गया है। आरोप है कि खबर प्रकाशित होने से नाराज विद्यालय के प्रधानाध्यापक अनिल कुमार सिंह यादव ने पत्रकारों को खुलेआम कथित रूप से धमकाते हुए कहा कि “मैं पत्रकारों को देख लूंगा, देखते हैं कितनी मेरी खबरें निकलती हैं।”

मामला उस समय सामने आया, जब सोमवार को पत्रकार विद्यालय पहुंचे थे। मौके पर बच्चों को फल वितरण नहीं किए जाने की जानकारी सामने आने के बाद पत्रकारों ने इस संबंध में खबर प्रकाशित की। खबर प्रकाशित होने के बाद प्रधानाध्यापक कथित रूप से नाराज हो गए।

आरोप है कि प्रधानाध्यापक अनिल कुमार सिंह यादव ने कंपू मेल हिंदी दैनिक समाचार पत्र के पत्रकार राम रहीस से कहा कि “आप निर्मल त्रिवेदी पत्रकार कर्मण समाचार पत्र के साथ क्यों गए। मैं जब कह दिया था कि आज मैंने फल वितरण नहीं किया है तो आप मेरी खबर प्रकाशित क्यों की है।” प्रधानाध्यापक के कथित बयान को लेकर पत्रकारों में नाराजगी है।

इतना ही नहीं, आरोप है कि प्रधानाध्यापक ने यह भी कहा कि “अगर मेरी सरकार होती तो हम यह भी वितरण नहीं करते और जो भी करना होता, वह कर लेते।” उनके इस कथित बयान से सरकारी विद्यालयों में संचालित योजनाओं और बच्चों को मिलने वाली सुविधाओं को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं।

पत्रकारों का कहना है कि विद्यालय में बच्चों को मिलने वाली सुविधाओं और सरकारी योजनाओं की वास्तविक स्थिति सामने लाना पत्रकारिता का दायित्व है। किसी खबर के प्रकाशित होने पर पत्रकार को कथित रूप से धमकी देना गंभीर विषय है। पत्रकारों ने शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों से प्रधानाध्यापक के कथित बयानों की निष्पक्ष जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।

वहीं, पत्रकारों ने कहा कि यदि भविष्य में किसी पत्रकार के साथ किसी प्रकार की अप्रिय घटना या दबाव बनाने का प्रयास होता है तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित प्रधानाध्यापक के कथित धमकी भरे बयानों की भी जांच के दायरे में तय की जानी चाहिए। प्रधानाध्यापक के किसी राजनीतिक संगठन से कथित जुड़ाव को लेकर भी निष्पक्ष जांच की मांग उठाई गई है, ताकि सरकारी विद्यालय में कार्यरत कर्मचारी की भूमिका को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सके।
प्रधानाध्यापक से पत्रकारों का सवाल है कि क्या यही आंगनबाड़ी के बच्चे हैं जो कह रहे थे कि आंगनबाड़ी बच्चों को फल वितरण नहीं किया गया है।
नौकर ने की साध व्यापारी के घर से लाखों की चोरी, चार आरोपी गिरफ्तार, पुलिस अधीक्षक ने किया खुलासा, गुड वर्क करने वाली पुलिस टीम को 15000 का  मिला

फर्रुखाबाद ।  सदर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला सधवाड़ा में रहने वाले राजेश साध के यहां हुई चोरी की घटना में शामिल चार चोरों को पुलिस ने गिरफ्तार कर उनके पास से चोरी किए गए सभी जेवरात बरामद कर लिए हैं। घटना का खुलासा करते हुए पुलिस अधीक्षक आरती सिंह ने बताया कि कोतवाली प्रभारी धर्मेंद्र सिंह गहलोत की टीम ने गिरफ्तार चारों चोरों को पुलिस लाइन सभागार में पत्रकारों के सामने पेश किया। पुलिस अधीक्षक ने  बताया कि सदर कोतवाली क्षेत्र के राजेश साध के यहां दो दिन पूर्व रात में चोरी की घटना हुई थी। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि
राजेश साध परिजनों सहित देहरादून गए थे उन्होंने चोरी की घटना में नाबालिग नौकर पर संदेह  करते हुए बताया था कि उसने 25 तारीख को चोरी की थी इसलिए उसे नौकरी से हटा दिया था। एसपी ने बताया कि जांच पड़ताल के दौरान सीसीटीवी कैमरे  राजेश साध परिजनों सहित देहरादून गए थे उन्होंने चोरी में नाबालिग नौकर पर संदेह व्यक्त करते हुए बताया था कि उसने 25 तारीख को चोरी की थी इसलिए उसे नौकरी से हटा दिया था। एसपी ने बताया घटना की जांच पड़ताल के दौरान सीसीटीवी कैमरे कंगाल कर कई लोगों से पूछ-ताछ की गई। पुलिस ने नाबालिग नौकर व उसके तीन साथी आंसू पप्पू एवं संदीप को गिरफ्तार का लिया है जिनके पास चोरी किए गए सभी जेवरात एवं 14000 रुपये बरामद किए गए हैं।

बरामद किए गए जेवरातों की कीमत करीब 20 लाख रुपए है जिसमें सोने की 14 चूड़ी, 13 हार, 6 कंगन, 6 झुमके, 2 घड़ी ब्रेसलेट आदि जेवरात शामिल है। उन्होंने बताया कि पकड़े गए युवकों ने पहली बात चोरी की वारदात की है नाबालिग सहित चारों चोरों को अदालत में पेश किया जा रहा है। एसपी ने बताया कि गुड वर्क करने वाली टीम को 15000 रूपयों का इनाम दिया जाएगा। कोतवाली के मोहल्ला साहबगंज नरायन दास 2/29 निवासी राजेश साध के यहां हुई लाखों की चोरी के दौरान चोरों ने मिठाई की दावत की । राजेश साध की एन आर ड्राइंग एवं गैलेक्सी फैशन वर्ल्ड की फर्मे है वह 31 अगस्त को सुबह पत्नी बच्चे व बहू के साथ आवास में ताला लगाकर बाहर गए थे।
पुलिस टीम ने चोरी के चार अभियुक्तों को माल सहित गिरफ़्तार कर लिया

फर्रुखाबाद। थाना कमालगंज कस्बा में हुई लाखों की चोरी के चार आरोपियों को पुलिस में जेवरात एवं नगदी सहित गिरफ्तार कर लिया है बुधवार को पुलिस लाइन सभागार में पुलिस अधीक्षक आरती सिंह द्वारा घटना का खुलासा करते हुए बताया कि आरोपियों के पास से पुलिस ने चोरी गई एक जंजीर एक गले का हार एक जोड़ी कान के झाले एक मांग बेन्दी , तीन अगुंठी , तीन पायल, एक हाफ पेटी , एक सिक्का सफेद , 3500 रुपये नगद सहित गिरफ्तार किया है।

उन्होंने कहा कि थाना कमालगंज पुलिस टीम थाना पर पंजीकृत अभियुक्त विशेषांक उर्फ हिमांशू पुत्र हरिओम गंगवार,. अर्जुन सिंह पुत्र राधेश्याम ,अक्षय कुमा वीरपाल सिंह ,सचिन शंखवार पुत्र ओमबाबू को गिरफ्तार कर चोरी गये माल को बरामद कर कार्यवाही की जा रही है।
घटना 31 अगस्त.2026 को पीड़ित प्रीती पत्नी सुधीश कुमार निवासी मो०
नगर कस्बा व थाना कमालगंज ने अभियुक्त के खिलाफ पीड़ित ने घर में चोरी कर ने के सम्बन्ध में तहरीर दी। प्राप्त तहरीर के आधार पर थाना कमालगंज में हिमांशू पुत्र हरिओम निवासी मो० शास्त्री नगर कस्बा अन्य के खिलाफ
थाना कमालगंज में मुकद्दमा पंजीकृत किया गया था।  थाना कमालगंज पुलिस द्वारा प्रकाश में आये अभियुक्त विशेषांक उर्फ हिमांशू,  अर्जुन राधेश्याम, अक्षय कुमार पुत्र वीरपाल सिंह,. सचिन शंखवार पुत्र ओमबाबू को मुखबिर की सूचना पर चोरी किए गए माल सहित गिरफ्तार किया गया। माल बरामदगी के आधार पर मुकदमा दर्ज कर  कार्यवाही की जा रही है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज जनपद के दौरे पर, साथ ही बाढ़ पीड़ितों की समस्याएं भी सुनेंगे
फर्रुखाबाद । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जनपद फर्रुखाबाद के दौरे पर आज आएगे। मुख्यमंत्री फतेहगढ़ स्थित पुलिस लाइन के परेड ग्राउंड में जनसभा को संबोधित करेंगे।
मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट है। कार्यक्रम स्थल पर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। तैयारी का निरीक्षण करने भाजपा सांसद मुकेश राजपूत,भोजपुर विधायक नागेंद्र सिंह राठौर, जिलाध्यक्ष फतेहचंद वर्मा,कायमगंज विधायक सुरभि गंगवार , जिलाधिकारी डॉक्टर अंकुर लाठर, पुलिस अधीक्षक आरती सिंह, मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार गौड, अपर जिलाधिकारी अरुण कुमार सिंह ने सुरक्षा व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया ।  जिलाधिकारी ने सुरक्षा व्यवस्थाओं को देखते हुए निर्देशित भी किया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जनसभा के दौरान जिले के विकास कार्यों को लेकर लोगों को संबोधित करेंगे। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति और राहत और बचाव कार्यों की भी जानकारी लेंगे।
बाढ़ की मार झेल रहे लोगों के बीच मुख्यमंत्री का यह दौरा बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मुख्यमंत्री बाढ़ पीड़ितों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनेंगे और उन्हें राहत सामग्री भी वितरित किए जाने की तैयारी है।
ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बाढ़ पीड़ितों के लिए क्या बड़ी घोषणा करते हैं और उन्हें राहत पहुंचाने के लिए सरकार की ओर से किस तरह के लाभ की घोषणा करते हैं ,
फिलहाल मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर प्रशासनिक तैयारियां युद्धस्तर पर की जारी हैं।
जलस्तर घटा, कटान शुरू, कई झोपड़ियां गंगा में समाईं*
ग्रामीणों ने  प्रशासन से मदद करने की गुहार लगाई

अमृतपुर फर्रुखाबाद । अमृतपुर तहसील क्षेत्र में गंगा का जलस्तर भले ही लगातार घट रहा हो, लेकिन जलस्तर कम होते ही नदी ने किनारों पर कटान तेज कर दिया है। करनपुर घाट और मंझा की मड़ैया में गंगा के तेज कटान ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है।नदी लगातार किनारे की जमीन को अपने आगोश में ले रही है। कई झोपड़ियां कटकर गंगा में समा चुकी हैं, जबकि कई ग्रामीणों के मकान और झोपड़ियां अब कटान की जद में पहुंच गए हैं। इससे नदी किनारे पर रहने वाले परिवारों में दहशत है।ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कई दिनों से बाढ़ का पानी गांवों और आसपास के क्षेत्रों में परेशानी का कारण बना हुआ था। अब जलस्तर कम होने के बाद लोगों को राहत की उम्मीद थी, लेकिन गंगा के कटान ने नई मुसीबत खड़ी कर दी है। ग्रामीणों को डर है कि यदि कटान इसी गति से जारी रहा तो आने वाले दिनों में उनके घर भी सुरक्षित नहीं रहेंगे।करनपुर घाट निवासी ग्रामीणों ने बताया कि गंगा का कटान आबादी के बेहद करीब पहुंच गया है। खुशीराम की झोपड़ी कटकर गंगा में समा चुकी है। झोपड़ी उजड़ने के बाद उनके परिवार के सामने रहने का संकट खड़ा हो गया। मजबूरी में उन्होंने सड़क किनारे झोपड़ी डालकर अपना आशियाना बनाया है। ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ की परेशानी से किसी तरह उबरने की कोशिश कर रहे परिवारों के सामने अब कटान ने नई समस्या खड़ी कर दी है।ग्रामीण सत्यवती ने बताया कि खुशीराम की झोपड़ी कट चुकी है और अब वह सड़क किनारे झोपड़ी डालकर रहने को मजबूर हैं। उन्होंने बताया कि गंगा का कटान लगातार जारी है। धर्मेंद्र की झोपड़ी भी गंगा के बेहद करीब पहुंच गई है।  सुभाष और अवधेश के मकानों पर भी कटान का खतरा मंडरा रहा  है।करनपुर घाट निवासी शिवाकांत ने बताया कि गंगा के कटान में उनकी दो झोपड़ियां कट चुकी हैं। बाढ़ के दौरान पहले ही खेती को भारी नुकसान हुआ और अब झोपड़ियों के कटने से परिवार के सामने रहने की समस्या खड़ी हो गई है। बाढ़ के पानी के कारण मक्का और गेहूं की फसल भी खराब हो गई।ग्रामीण राकेश का कहना है कि गंगा तेजी से कटान कर रही है। नदी का रुख देखकर ग्रामीणों में भय बना हुआ है। कटान के कारण उपजाऊ जमीन लगातार गंगा में समाती जा रही है और इसका कोई स्थायी समाधान नहीं हो पा रहा है।मंझा की मड़ैया में भी गंगा का कटान ग्रामीणों के लिए परेशानी का बड़ा कारण बना हुआ है। ग्रामीणों के अनुसार यहां कई झोपड़ियां कटकर गंगा में समा चुकी हैं। सोनपाल ने बताया कि करीब 8 से 10 झोपड़ियां कट चुकी हैं।  ब्रह्मपाल का कहना है कि गंगा लगातार कटान कर रही है और कई परिवार इसकी चपेट में आ चुके हैं।मंझा निवासी माधुरी ने बताया कि गंगा के कटान में उनकी दो झोपड़ियां गिर चुकी हैं। झोपड़ियां कटने के बाद परिवार को खुले आसमान के नीचे रहने की स्थिति बन गई। अब वह तिरपाल तानकर किसी तरह गुजारा करने को मजबूर हैं। उन्होंने बताया कि घर का सामान भी सुरक्षित रखने में परेशानी हो रही है।मंझा निवासी राजीव ने बताया कि उनकी भी दो झोपड़ियां गंगा के कटान में कट चुकी हैं। उनका कहना है कि नदी का कटान लगातार जारी है और ग्रामीणों को हर समय अपने आशियाने के गंगा में समाने का डर सता रहा है। इस बार बाढ़ ने पहले ही खेती को भारी नुकसान पहुंचाया है। खेतों में खड़ी मक्का और गेहूं की फसल पानी में खराब हो गई। पशुओं के लिए चारे की समस्या भी बनी हुई है। जलस्तर कम होने के बाद स्थिति सामान्य होगी, लेकिन गंगा के तेज कटान ने उनकी परेशानी और बढ़ा दी है। एक तरफ बाढ़ का पानी घटने से कुछ राहत मिली है तो दूसरी तरफ कटान के कारण जमीन लगातार गंगा में समा रही है। ऐसे में जिन परिवारों की झोपड़ियां कट चुकी हैं, उनके सामने रहने और सामान सुरक्षित रखने की गंभीर समस्या बनी हुई है।ग्रामीणों ने प्रशासन से गंगा किनारे कटान प्रभावित क्षेत्रों का तत्काल निरीक्षण कराने और कटान रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते सुरक्षा के इंतजाम नहीं किए गए तो कई और झोपड़ियां तथा मकान गंगा की चपेट में आ सकते हैं।
ग्रामीण सत्यवती, राकेश, नरेश, गुड्डू, धर्मेंद्र, मुनींद्र, बहादुर, शिवाकांत, माधुरी, ब्रह्मपाल, सोनपाल और राजीव ने बताया कि कटान के कारण ग्रामीणों की रातों की नींद उड़ी हुई है। परिवार अपने घरों और झोपड़ियों को बचाने के लिए लगातार निगरानी कर रहे हैं।उनको डर है कि गंगा का कटान यदि इसी तरह जारी रहा तो आने वाले समय में स्थिति और गंभीर हो सकती है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि प्रशासन मौके पर पहुंचकर कटान की स्थिति का जायजा ले, प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थान उपलब्ध कराया जाए और जिन लोगों की झोपड़ियां कट चुकी हैं, उन्हें तत्काल राहत एवं आवश्यक सहायता दी जाए।
सी ओ ने किया सेवानिवृत कर्मचारियों का सम्मान



फर्रुखाबाद। पुलिस विभाग में 31 अगस्त 2026 को अधिवर्षता आयु पूर्ण करने वाले पुलिस के 02 उपनिरीक्षक एवं 01 संदेश वाहक सहित कुल 03 अधिकारी/कर्मचारी सेवानिवृत्त हुए। क्षेत्राधिकारी मोहम्मदाबाद आलोक  सिंह द्वारा सभी सेवानिवृत्त अधिकारी/कर्मचारियों को भावभीनी विदाई देते हुए उनके दीर्घ, समर्पित एवं कर्तव्यनिष्ठ सेवाकाल के लिए आभार व्यक्त किया गया । साथ ही स्वस्थ, सुखद एवं मंगलमय भविष्य की शुभकामनाएं दी गईं।
कर्मचारियों की मेहनत रंग लाई अधीक्षक का रुका स्थानांतरण
फर्रुखाबाद। कर्मचारियों की एक जुटता का परिणाम है कि
मुख्य चिकित्सा अधिकारी से सिविल चिकित्सालय अधीक्षक डॉक्टर राणा प्रताप के नेतृत्व में मुख्य चिकित्सा अधिकारी  से उनके कार्यालय में वार्ता हुई जो की सार्थक रही,  उन्होंने मीडिया व कर्मचारीयों के सामने अधीक्षक का ट्रांसफर तत्काल प्रभाव से रोक देने का आश्वासन दिया है साथ ही 5 और 6 तारीख को कर्मचारीयों और अधिकारियों की अन्य समस्याओं के संबंध में वार्ता करने के लिए बुलाया है ।
इस मौके पर  प्रमोद दीक्षित अध्यक्ष उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी महसंघ  , फार्मासिस्ट मनोज कुमार बाथम ,,जिला अध्यक्ष चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी महासंघ जनपद अंकित दीक्षित, विजेंद्र फार्मासिस्ट , परितोष अवस्थी फार्मासिस्ट गुलाब, सोनू ,हरिओम संजय कुमार डा.आकांक्षा नैना श्रीवास्तव, निधि मिश्रा, अनामिका चरन, सोनी, लता, पिंकी, रीना एवं समस्त  स्टाफ लिंजिगंज मौजूद रहा।