जनपद मऊ -: फोन खो जाए या चोरी हो जाए तो UPI, SIM और बैंक अकाउंट को तुरंत कैसे सुरक्षित करें? जानें 5 जरूरी कदम

फोन खो जाए या चोरी हो जाए तो तुरंत क्या करें?

आज के डिजिटल युग में स्मार्टफोन केवल कॉल और इंटरनेट चलाने का माध्यम नहीं है। हमारे फोन में UPI ऐप्स, मोबाइल बैंकिंग, ईमेल, सोशल मीडिया, OTP और निजी दस्तावेजों जैसी महत्वपूर्ण जानकारी मौजूद रहती है।

ऐसे में फोन खो जाने या चोरी हो जाने पर सबसे बड़ा खतरा केवल फोन के नुकसान का नहीं, बल्कि उससे जुड़े बैंक अकाउंट, UPI, SIM और ऑनलाइन अकाउंट के दुरुपयोग का भी होता है।

इसलिए फोन खोने के बाद घबराने के बजाय कुछ जरूरी कदम तुरंत और सही क्रम में उठाने चाहिए।

1. फोन को तुरंत Remote Lock करें

फोन खोने के बाद सबसे पहले किसी दूसरे मोबाइल या कंप्यूटर से अपने डिवाइस को Remote Lock करने का प्रयास करें।
Android और iPhone दोनों में डिवाइस को खोजने तथा लॉक करने की सुविधाएं उपलब्ध हैं। यदि फोन वापस मिलने की संभावना कम है और उसमें संवेदनशील व्यक्तिगत या वित्तीय जानकारी मौजूद है, तो उपलब्ध होने पर Remote Erase विकल्प का इस्तेमाल किया जा सकता है।
ध्यान रखें कि फोन को रिमोटली लॉक या erase करने के बाद भी अपने महत्वपूर्ण ऑनलाइन अकाउंट्स की सुरक्षा के लिए आगे के कदम जरूर उठाएं।

2. UPI और Mobile Banking को तुरंत सुरक्षित करें

फोन खोने के बाद UPI और मोबाइल बैंकिंग को प्राथमिकता से सुरक्षित करना चाहिए।
अपनी बैंक की आधिकारिक वेबसाइट, ऐप या आधिकारिक Customer Care के माध्यम से बैंक को फोन खोने की जानकारी दें। आवश्यकता पड़ने पर:
* Mobile Banking को अस्थायी रूप से ब्लॉक करवाएं।
* UPI सेवा या संबंधित UPI प्रोफाइल को सुरक्षित करवाएं।
* कार्ड/बैंकिंग credentials के दुरुपयोग की आशंका हो तो बैंक को तुरंत सूचित करें।
* अपने बैंक खाते के transactions पर नजर रखें।
* कोई अनजान transaction दिखाई दे तो तुरंत बैंक को रिपोर्ट करें।
महत्वपूर्ण: बैंक से संपर्क करने के लिए इंटरनेट पर मिले किसी अनजान नंबर पर कॉल न करें। केवल बैंक के आधिकारिक माध्यमों का उपयोग करें।

3. SIM Card को तुरंत Block करवाएं
फोन चोरी या गुम होने के बाद SIM को सुरक्षित करना बेहद जरूरी है, क्योंकि मोबाइल नंबर का इस्तेमाल OTP और account recovery जैसी सेवाओं में हो सकता है।
अपने Telecom Operator से संपर्क करके:
1. पुराने SIM को ब्लॉक करवाएं।
2. उसी नंबर का replacement/duplicate SIM प्राप्त करें।
3. SIM दोबारा सक्रिय होने के बाद अपने महत्वपूर्ण खातों की सुरक्षा सेटिंग्स जांचें।
यह कदम इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यदि किसी व्यक्ति को आपका फोन और सक्रिय SIM दोनों मिल जाते हैं, तो वह आपके नंबर से जुड़े कुछ account-recovery या authentication प्रयास कर सकता है।

4. Email और Social Media के Password बदलें

फोन में लॉग-इन आपके Gmail/Email, सोशल मीडिया और अन्य महत्वपूर्ण अकाउंट्स हो सकते हैं।
किसी दूसरे सुरक्षित डिवाइस से:
* Primary Email का password बदलें।
* Recovery Email की सुरक्षा जांचें।
* सोशल मीडिया अकाउंट्स के password बदलें।
* Unknown या पुराने devices से logout करें।
* जहां संभव हो, Two-Factor Authentication (2FA) चालू करें।
* Account recovery options की समीक्षा करें।
सबसे पहले उस मुख्य Email Account को सुरक्षित करना समझदारी है, क्योंकि कई अन्य ऑनलाइन सेवाओं का password reset उसी Email के माध्यम से किया जा सकता है।

5. पुलिस शिकायत करें और CEIR से IMEI Block करें

यदि फोन चोरी हुआ है, तो स्थानीय पुलिस में शिकायत दर्ज कराना महत्वपूर्ण है। फोन का IMEI Number भी सुरक्षित रखें। यह नंबर आमतौर पर फोन के बॉक्स, बिल या खरीद से जुड़े दस्तावेजों में मिल सकता है।
भारत में चोरी या खोए हुए मोबाइल डिवाइस के IMEI को ब्लॉक करने और संबंधित प्रक्रिया के लिए Central Equipment Identity Register (CEIR) का उपयोग किया जा सकता है।
CEIR के माध्यम से पात्र मामलों में खोए/चोरी हुए मोबाइल डिवाइस को नेटवर्क पर इस्तेमाल होने से रोकने की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। पुलिस शिकायत और उपलब्ध दस्तावेजों को संभालकर रखना भी उपयोगी है।

किन गलतियों से बचना चाहिए?
फोन खोने के बाद कुछ लोग केवल SIM बंद करवाकर सुरक्षित समझ लेते हैं। लेकिन यह पर्याप्त नहीं हो सकता।
इन गलतियों से बचें:
* अनजान व्यक्ति को OTP न बताएं।
* बैंक PIN, UPI PIN या Password किसी के साथ साझा न करें।
* बैंक की समस्या बताकर आने वाले संदिग्ध कॉल/मैसेज पर भरोसा न करें।
* किसी अनजान लिंक पर क्लिक न करें।
* Fake Customer Care Number से सावधान रहें।
* फोन वापस मिलने के नाम पर Remote Lock हटाने या credentials देने की जल्दबाजी न करें।

फोन खोना केवल डिवाइस खोना नहीं है। आज स्मार्टफोन बैंकिंग, UPI, Email और कई डिजिटल सेवाओं की चाबी बन चुका है। इसलिए फोन गुम या चोरी होने पर जितनी जल्दी कार्रवाई की जाए, उतना ही संभावित वित्तीय और डिजिटल नुकसान कम किया जा सकता है।

साइबर क्राइम थाना
मऊ

कृपया केवल पढ़े नहीं ज्यादा से ज्यादा शेयर करे क्योकि बस जागरूक रहकर ही साइबर अपराध से बचा जा सकता है
मऊ में तमसा नदी का जलस्तर बढ़ा, महादेव घाट पर सुरक्षा बढ़ाई गई!
मऊ में तमसा नदी का जलस्तर बढ़ने से महादेव घाट पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। घाट पर रस्सियों से बैरिकेडिंग की गई है और सुरक्षा कर्मी लगातार लोगों को नदी के पास जाने से अलर्ट कर रहे हैं।

लोगों से अपील है कि बढ़ते जलस्तर और तेज बहाव को देखते हुए नदी के किनारे जाने या पानी में उतरने से बचें।
छात्रवृत्ति से वंचित छात्रों के लिए राहत, दोबारा खुला पोर्टल
जनपद मऊ -: शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए नई समय-सारिणी जारी, शिक्षण संस्थानों को तय समय में प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश

मऊ। वित्तीय वर्ष 2025-26 में छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति से वंचित रह गए छात्र-छात्राओं के लिए राहत की खबर है। शिक्षण संस्थाओं से आवेदन अग्रसारित न होने, पीएफएमएस से आवेदन रिजेक्ट होने तथा अन्य कारणों से भुगतान से वंचित अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, सामान्य, अन्य पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक वर्ग के पात्र विद्यार्थियों के लिए पोर्टल खोले जाने की समय-सारिणी निर्धारित कर दी गई है।

जिला समाज कल्याण अधिकारी रश्मि मिश्रा ने बताया कि शासन द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार संबंधित शिक्षण संस्थानों को सभी प्रक्रियाएं निर्धारित अवधि में पूरी करनी होंगी, ताकि पात्र विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति का लाभ मिल सके।

उन्होंने बताया कि शिक्षण संस्था द्वारा मास्टर डाटा तैयार करने की प्रक्रिया एक से सात सितंबर 2026 तक पूरी की जाएगी। वहीं विश्वविद्यालय/एफिलिएटिंग एजेंसी द्वारा रिजल्ट अपडेट करने की अवधि तीन से 10 सितंबर निर्धारित की गई है।

इसके बाद त्रुटिपूर्ण आवेदनों को शिक्षण संस्थान स्तर से सही करने का कार्य 16 से 18 सितंबर तक किया जाएगा। वहीं शिक्षण संस्थाओं द्वारा सत्यापित एवं पात्र डाटा 17 से 19 सितंबर 2026 तक अग्रसारित किया जाना है।

जिला समाज कल्याण अधिकारी ने जनपद के सभी दशमोत्तर शिक्षण संस्थानों के प्रधानाचार्य एवं प्राचार्य से अपील की है कि निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार सभी प्रक्रियात्मक कार्रवाई समय से पूरी करें। उन्होंने कहा कि विभाग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र छात्र छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति के लाभ से वंचित न रह जाए।
जनपद मऊ -: व्यापारी कुम्भ में शामिल होने लखनऊ रवाना हुए मऊ के व्यापारी नेता
अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के 33वें स्थापना दिवस समारोह में वृहस्पतिवार को जुटेंगे देशभर के दिग्गज व्यापारी नेता

मऊ। अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के 33वें स्थापना दिवस समारोह के अवसर पर आयोजित होने वाले भव्य व्यापारी कुम्भ में शामिल होने के लिए जनपद मऊ से व्यापारी नेताओं का काफिला लखनऊ के लिए रवाना हुआ। मऊ के व्यापारी नेताओं में इस आयोजन को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला।

राष्ट्रीय अध्यक्ष संदीप बंसल के नेतृत्व में आयोजित इस विशाल व्यापारी कुम्भ में देशभर से 10 हजार से अधिक व्यापारियों और व्यापारी नेताओं के शामिल होने की संभावना है। कार्यक्रम में व्यापार जगत से जुड़े विभिन्न मुद्दों, व्यापारी हितों और संगठन की भावी रणनीति पर चर्चा की जाएगी।

जनपद मऊ से डॉ. राम गोपाल गुप्त एवं अजहर फैजी के नेतृत्व में व्यापारी नेताओं का काफिला लखनऊ के लिए रवाना हुआ। व्यापारी नेताओं ने कहा कि यह आयोजन व्यापारियों की एकजुटता और संगठन की मजबूती का बड़ा मंच साबित होगा।

अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के 33वें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित यह व्यापारी कुम्भ संगठन के इतिहास के महत्वपूर्ण आयोजनों में से एक माना जा रहा है, जिसमें बड़ी संख्या में व्यापारी प्रतिनिधि अपनी सहभागिता दर्ज कराएंगे।
सीएचसी में इलाज के दौरान 10वीं के छात्र की मौत, परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप

अप्रेंटिस छात्रों से इलाज कराने का आरोप, आक्रोशित परिजनों ने किया हंगामा; बिना पोस्टमार्टम शव ले गए घर

मधुबन (मऊ)। रामपुर थाना क्षेत्र के फतहपुर मंडाव स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में इलाज के दौरान कक्षा 10 के एक छात्र की मौत हो गई। छात्र की मौत के बाद परिजनों में आक्रोश फैल गया। उन्होंने अस्पताल प्रशासन पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया। काफी समझाने-बुझाने के बाद परिजन बिना पोस्टमार्टम कराए शव को घर ले गए।

जानकारी के अनुसार रामपुर थाना क्षेत्र के लधुआई गांव निवासी अब्दुल अली (18) पुत्र नूर आलम कक्षा 10 का छात्र था। मंगलवार सुबह अचानक उसके पेट में तेज दर्द हुआ। परिजन उसे आनन-फानन में करीब सुबह 9:30 बजे सीएचसी फतहपुर मंडाव लेकर पहुंचे।

परिजनों के मुताबिक अस्पताल में भर्ती करने के बाद छात्र का उपचार शुरू किया गया। उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। मौत की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया और आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल परिसर में हंगामा शुरू कर दिया।

परिजनों का आरोप है कि मुख्य चिकित्सक करीब आधे घंटे की देरी से अस्पताल पहुंचे। इस दौरान अस्पताल में मौजूद अप्रेंटिस छात्रों द्वारा मरीज का इलाज किए जाने का आरोप लगाया गया। परिजनों ने अस्पताल की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

हंगामे की सूचना पर सीएचसी अधीक्षक डॉ. राजीव कुमार पांडेय मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझाने का प्रयास किया। उन्होंने छात्र की मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए पोस्टमार्टम कराने का सुझाव दिया। हालांकि काफी समझाने के बाद परिजन शांत हुए, लेकिन बिना पोस्टमार्टम कराए शव को घर ले गए।

घटना के बाद अस्पताल की कार्यप्रणाली और छात्र की मौत के कारणों को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
बीड़ी श्रमिकों के बच्चों के लिए बड़ी राहत, छात्रवृत्ति आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ी
NSP पोर्टल पर अब 30 सितंबर तक कर सकेंगे आवेदन, कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों को मिलेगा लाभ

#मऊ। बीड़ी श्रमिकों के बच्चों को छात्रवृत्ति का लाभ दिलाने के लिए भारत सरकार ने छात्रवृत्ति आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ा दी है। केंद्रीय बीड़ी श्रमिक चिकित्सालय, गालिबपुर (भीटी), मऊ के प्रभारी चिकित्साधिकारी ने बताया कि नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल (NSP) पर छात्रवृत्ति आवेदन की तिथि संशोधित कर अब 30 सितंबर 2026 कर दी गई है।

उन्होंने बताया कि केंद्रीय छात्रवृत्ति योजना के तहत बीड़ी श्रमिकों के बच्चों को छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है। इसके लिए कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों के आवेदन की अंतिम तिथि पूर्व में 31 अगस्त 2026 निर्धारित की गई थी। अब शासन द्वारा इसमें संशोधन करते हुए आवेदन की अंतिम तिथि 30 सितंबर 2026 तक बढ़ा दी गई है।

इस निर्णय से उन विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को राहत मिलेगी, जो निर्धारित अवधि में छात्रवृत्ति के लिए आवेदन नहीं कर सके थे। संबंधित पात्र छात्र-छात्राओं से निर्धारित समय-सीमा के भीतर NSP पोर्टल पर आवेदन प्रक्रिया पूरी करने की अपील की गई है, ताकि वे छात्रवृत्ति योजना के लाभ से वंचित न हों।

विभाग ने पात्र बीड़ी श्रमिकों एवं उनके बच्चों से अपील की है कि अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना समय से आवेदन पूरा कर लें।
जनपद मऊ -: मधुबन में बाढ़-कटान का कहर! परसिया देवारा में किसानों की जमीन डूबी, पूर्व विधायक उमेश चंद्र पांडेय ने सुनी ग्रामीणों की पीड़ा
मधुबन, मऊ। विधानसभा क्षेत्र के परसिया देवारा में लगातार बढ़ते जलस्तर और तेजी से हो रहे कटान ने किसानों और ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। खेती योग्य जमीन पानी में डूबने और कटान की चपेट में आने से किसानों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीणों के बीच पहुंचे मधुबन के पूर्व विधायक उमेश चंद्र पांडेय ने प्रभावित लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। ग्रामीणों ने बताया कि जलस्तर बढ़ने के साथ लगातार हो रहे कटान से उनकी उपजाऊ जमीन बर्बाद हो रही है और उनकी आजीविका पर सीधा संकट खड़ा हो गया है।

ग्रामीणों की समस्याएं सुनने के बाद पूर्व विधायक ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आला अधिकारियों से वार्ता की और तत्काल प्रभावी कदम उठाकर प्रभावित किसानों को राहत दिलाने का आग्रह किया।

उमेश चंद्र पांडेय ने कहा कि किसानों और ग्रामीणों की परेशानी को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। बाढ़ और कटान से प्रभावित लोगों को राहत दिलाने तथा समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में हरसंभव प्रयास जारी रहेगा।

बढ़ता पानी… तेज कटान… डूबती जमीन और परेशान किसान—परसिया देवारा की स्थिति पर अब प्रशासन की त्वरित कार्रवाई का इंतजार है।
मऊ में सहकारिता को मिली बड़ी रफ्तार! डीएम ने 12 नई बी-पैक्स समितियों को दी मंजूरी

105 बी-पैक्स का डाटा पोर्टल पर फीड, 30 समितियों के उन्नयन पर भी बड़ा फैसला; घोसी में बनेगा 2500 MT क्षमता का गोदाम

मऊ। जिले में सहकारी समितियों को मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। जिलाधिकारी आनंद वर्द्धन की अध्यक्षता में हुई जिला को-ऑपरेटिव डेवलपमेंट कमेटी (DCDC) की बैठक में सहकारिता, मत्स्य और दुग्ध विभाग की योजनाओं की गहन समीक्षा की गई।

बैठक में 12 नई बी-पैक्स समितियों के गठन का प्रस्ताव रखा गया, जिनमें से छह का अनुमोदन पहले ही हो चुका था। शेष छह समितियों को भी जिलाधिकारी ने मंजूरी दे दी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में सहकारी गतिविधियों को और विस्तार मिलने की उम्मीद है।

बड़ी खबर यह है कि नवगठित समितियों को शामिल करते हुए अब जिले की 105 बी-पैक्स समितियों का डाटा NCD पोर्टल पर फीड किया जा चुका है।

30 समितियों के कायाकल्प की तैयारी

बी-पैक्स उन्नयन योजना के तहत चयनित 30 वित्तीय रूप से कमजोर समितियों की भी समीक्षा हुई। डीएम ने संबंधित खंड विकास अधिकारियों को स्थलीय सत्यापन कराने और प्रस्तावित कार्यों के एस्टीमेट तैयार कर नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए।

जनपद मऊ -: PM स्वनिधि में बैंकों की सुस्ती पर DM का पारा हाई, LDM को लगाई फटकार
289 आवेदन यूनियन बैंक और 221 SBI में अटके, 4,630 आवेदन अब भी लंबित—लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी

#मऊ। प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के पात्र लाभार्थियों को ऋण देने में बैंकों की धीमी रफ्तार पर जिलाधिकारी आनंद वर्धन ने कड़ा रुख अपनाया है। डूडा के शासी निकाय की बैठक में योजना की समीक्षा के दौरान बेहद खराब प्रदर्शन सामने आने पर जिलाधिकारी ने लीड बैंक मैनेजर को जमकर फटकार लगाई और स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि इसी माह बैंकिंग व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो जिम्मेदार बैंकों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ने पर संबंधित बैंक की जनपद में क्रियाशीलता बंद कराने तक की कार्रवाई की चेतावनी दी गई।

बैठक में सामने आया कि जनपद के सभी बैंकों में ऋण आवेदनों की स्वीकृति औसतन प्रतिदिन महज 10 हो रही है। जिलाधिकारी ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए कहा कि पात्र लाभार्थियों को समय से योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने अपर जिलाधिकारी को सबसे कम ऋण वितरण करने वाले बैंकों को चिन्हित कर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

यूनियन बैंक में 289, SBI में 221 आवेदन अटके

समीक्षा के दौरान चौंकाने वाली स्थिति सामने आई। यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में 289 और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में 221 आवेदन ऋण स्वीकृति के लिए लंबित पाए गए। वहीं प्रक्रियाएं पूरी होने के बावजूद बड़ौदा यूपी बैंक में 196 और बैंक ऑफ बड़ौदा में 107 आवेदन लंबित मिले।

निकायवार स्थिति भी चिंताजनक रही। नगर पालिका परिषद मऊनाथ भंजन में 2,881 तथा कोपागंज में 636 आवेदन लक्ष्य के सापेक्ष लंबित पाए गए।

पीएम स्वनिधि योजना में निकायों के लिए कुल 19,275 आवेदनों का लक्ष्य निर्धारित है, जिसके मुकाबले अब तक 14,645 आवेदनों को ऋण स्वीकृति मिली है। अभी भी लक्ष्य के सापेक्ष 4,630 आवेदन लंबित हैं।

जिलाधिकारी ने कहा कि दूसरे जनपदों में मऊ की तुलना में लगभग तीन से चार गुना अधिक ऋण आवेदनों की स्वीकृति प्रतिमाह हो रही है। ऐसे में मऊ की धीमी प्रगति को उन्होंने गंभीर विषय बताया।

दो अधिशासी अधिकारियों पर भी गिरेगी गाज

जिलाधिकारी ने केवल बैंकों को ही नहीं, बल्कि निकाय अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने सबसे कम नए आवेदन कराने और ऋण स्वीकृति कराने वाले दो अधिशासी
जनपद मऊ -: आउटसोर्स कर्मियों के लिए योगी सरकार का बड़ा तोहफा, UPKOS से मिलेगी नौकरी और सामाजिक सुरक्षा की गारंटी
EPF-ESI, बीमा, डिजिटल मॉनिटरिंग और पारदर्शी भर्ती व्यवस्था लागू; मऊ में कार्यक्रम का हुआ सजीव प्रसारण

मऊ। उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम (UPKOS) के शुभारंभ कार्यक्रम का बुधवार को नगर पालिका परिषद मऊ के कम्युनिटी हॉल में सजीव प्रसारण किया गया। लखनऊ के लोक भवन से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निगम, पोर्टल एवं वेबसाइट की लॉन्चिंग तथा लोगो का अनावरण किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि UPKOS के माध्यम से आउटसोर्स कर्मचारियों की भर्ती प्रक्रिया ऑनलाइन और पारदर्शी होगी। भर्ती योग्यता एवं मेरिट के आधार पर तथा आरक्षण नीति के अनुरूप की जाएगी। रिक्रूटमेंट, पोस्टिंग, अटेंडेंस, वेतन, ग्रेच्युटी, इंश्योरेंस और अन्य सेवा लाभों की डिजिटल निगरानी सुनिश्चित की जाएगी।

उन्होंने कहा कि कर्मचारियों का वेतन सीधे बैंक खाते में भेजा जाएगा तथा EPF और ESI का योगदान नियमित रूप से जमा होगा। किसी एजेंसी को कर्मचारी के वेतन से अनावश्यक कटौती करने की अनुमति नहीं होगी। EPF की राशि कर्मचारी के नाम पर सुरक्षित रहेगी, जबकि ESI के माध्यम से स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

मुख्यमंत्री ने बताया कि कर्मचारियों को दुर्घटना बीमा सहित विभिन्न सामाजिक सुरक्षा सुविधाओं से जोड़ने की व्यवस्था की गई है। मनमाने तरीके से कर्मचारियों को हटाने पर भी रोक रहेगी और शिकायतों के निस्तारण के लिए डिजिटल व्यवस्था उपलब्ध होगी।

मऊ में कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। छात्रों ने नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया। इस दौरान सफाई कर्मियों को सुरक्षा किट तथा श्रम विभाग के श्रमिकों को चेक एवं प्रशस्ति पत्र वितरित किए गए।

कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष रामाश्रय मौर्य, नगर पालिका अध्यक्ष अरशद जमाल, मुख्य विकास अधिकारी विवेक श्रीवास्तव सहित संबंधित अधिकारी, आउटसोर्स कर्मचारी एवं नागरिक मौजूद रहे।