सपा पिछड़ा वर्ग के प्रदेश सचिव ने गांधीगिरी कर 30 रुपए किलों चीनी बेचकर प्रदेश सरकार को दी चेतावनी ,
बहुत महंगाई की मार, अबकी बार सपा सरकार का स्लोगन लिखा बैनर लगाकर आम जनता में बांटी चीनी


फर्रुखाबाद। समाजवादी पार्टी  पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के प्रदेश सचिव मोहम्मद यूनुस खान ने  केंद्र और प्रदेश सरकार को चेताया है कि वर्तमान समय में चीनी के भाव 70 रुपए किलो है इसको लेकर सपा प्रदेश सचिव ने सोमवार को जिला मुख्यालय के फतेहगढ़ में स्टॉल लगाकर आम नागरिकों को₹30 किलो चीनी उपलब्ध कराई चीनी के भाव सुनकर आम नागरिक सपा के स्टॉल की ओर दौड़ पड़े और देखते ही देखते स्टॉल के पास लंबी कतार लग गई इसका मुख्य कारण यह था की त्योहार को लेकर हर नागरिक को चीनी की आवश्यकता है ऐसे में सरकार द्वारा कोई कार्रवाई न किए जाने पर सपा ने गांधीगिरी करके आम नागरिकों में चीनी का वितरण किया।
स्वास्थ्य विभाग के औचक निरीक्षण की खुली पोल, अधिकारी पहुंचे तो झोलाछापों ने बंद कर दी दुकानें
राजेपुर से राजपुर-गुंडेरा संपर्क मार्ग तक मचा हड़कंप, कई कथित अवैध क्लीनिक व मेडिकल स्टोर संचालक दुकानें बंद कर हुए फरार

राजेपुर फर्रुखाबाद। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र राजेपुर का मुख्य चिकित्सा अधिकारी आनंद उपाध्याय द्वारा औचक निरीक्षण किए जाने की भनक लगते ही क्षेत्र में कथित रूप से संचालित झोलाछाप डॉक्टरों और अवैध मेडिकल संचालकों में हड़कंप मच गया। अधिकारी के निरीक्षण की सूचना मिलते ही राजेपुर से लेकर राजपुर-गुंडेरा संपर्क मार्ग और रतनपुर पमारान गांव तक कई दुकानों के शटर गिर गए।

स्थानीय लोगों के मुताबिक, राजपुर में बंगाली डॉक्टर के नाम से चर्चित एक चिकित्सक तथा रतनपुर पमारान में संचालित बताए जा रहे एक अन्य बंगाली डॉक्टर ने भी आनन-फानन में अपनी दुकानें बंद कर दीं और मौके से चले गए। इससे स्वास्थ्य विभाग की औचक निरीक्षण व्यवस्था पर ही सवाल खड़े हो गए हैं।

लोगों का कहना है कि यदि निरीक्षण वास्तव में औचक था तो स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी के पहुंचने से पहले ही कथित झोलाछाप डॉक्टरों और अवैध मेडिकल संचालकों तक इसकी सूचना कैसे पहुंच गई? अधिकारी के पहुंचने से पहले ही दुकानें बंद होना कहीं न कहीं विभागीय सूचना तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

‘औचक निरीक्षण’ से पहले ही कैसे मिल जाती है सूचना?

ग्रामीणों का आरोप है कि जब भी जनपद स्तर से स्वास्थ्य विभाग का कोई वरिष्ठ अधिकारी क्षेत्र में जांच या निरीक्षण के लिए निकलता है, उससे पहले ही कथित झोलाछाप डॉक्टरों को इसकी जानकारी मिल जाती है। सूचना मिलते ही संबंधित लोग दुकानें बंद कर इधर-उधर हो जाते हैं और अधिकारी के लौटने के बाद फिर से गतिविधियां शुरू होने की चर्चा है।

ऐसे में सवाल यह भी उठता है कि आखिर विभाग की कार्रवाई से पहले सूचना बाहर कौन पहुंचाता है? क्या स्वास्थ्य विभाग के अंदर ही कोई ऐसा व्यक्ति या सूचना तंत्र मौजूद है, जो कार्रवाई की भनक संबंधित लोगों तक पहुंचा देता है?

ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और राजेपुर क्षेत्र में संचालित सभी क्लीनिक, मेडिकल स्टोर व पैथोलॉजी केंद्रों की जांच कराने की मांग की है। साथ ही यह भी मांग उठाई है कि यदि कहीं बिना वैध अनुमति अथवा नियमों के विपरीत चिकित्सा सेवाएं संचालित हो रही हैं तो उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

अब देखना यह है कि स्वास्थ्य विभाग इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए कथित अवैध चिकित्सा कारोबार पर कार्रवाई करता है या फिर निरीक्षण और कार्रवाई का सिलसिला महज औपचारिकता बनकर रह जाता है।
हिंदू समाज पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अंकित तिवारी ने दिया त्यागपत्र, राष्ट्रीय अध्यक्ष को भेजा पत्र

फर्रुखाबाद ।  हिंदू समाज पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अंकित तिवारी ने पार्टी से त्यागपत्र दे दिया है। उन्होंने हिंदू समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष को त्याग पत्र स्वीकृत के लिए भेज दिया है । उन्होंने कहा कि हिंदू समाज पार्टी में उत्तर प्रदेश अध्यक्ष के पद पर रहते हुए संगठन एवं पार्टी के हित में अपनी पूरी निष्ठा, ईमानदारी एवं क्षमता के साथ कार्य करता रहा हूं, परंतु वर्तमान परिस्थितियों एवं व्यक्तिगत, संगठनात्मक कारणों को ध्यान में रखते हुए प्रदेश अध्यक्ष पद से तत्काल  त्यागपत्र दे रहा हूं। उन्होंने राष्ट्रीय अध्यक्ष से त्यागपत्र स्वीकार करते हुए दायित्व से पदमुक्त करने की कृपा करें। मैं पार्टी एवं समस्त पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त करता हूं, क्योंकि मुझे संगठन में कार्य करने का सहयोग प्रदान किया।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी के उत्पीड़न को लेकर कर्मचारियों ने की बैठक

डॉ राणा से 10% रिश्वत की मांग, कर्मचारियो से वसूली न करने पर किया गया स्थानांतरण

फर्रुखाबाद।
रविवार को सिविल चिकित्सालय में समस्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों की बैठक मुख्य चिकित्सा अधीक्षक के उत्पीड़न को लेकर आहुत की गई जिसकी अध्यक्षता सिविल चिकित्सालय लिंजीगंज अधीक्षक डॉक्टर राणा प्रताप द्वारा की गई । इस दौरान कर्मचारियों का आरोप है कि 27 अगस्त 26 को मुख्य चिकित्साधिकारी द्वारा औचक निरीक्षण 9:50 प्रातः पर किया गया जो की निरीक्षक 5 से 7 मिनट में ही कर लिया गया निरीक्षण के बाद उनके द्वारा नियमित और संविदा कर्मियों की उपस्थिति पंजिका भी साथ में ले गये जो कि 30 अगस्त 26 तक वापस नहीं की गई। जिससे चिकित्सालय में कार्यरत अधिकारियों एवं कर्मचारियों में भारी रोष व्याप्त है । डॉ राणा प्रताप से मुख्य चिकित्साधिकारी द्वारा बोला गया की 10% कर्मचारियों से वसूली कर कार्यालय में आकर मुझे दे, मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को व्हाट्सएप के माध्यम से स्थानांतरण राजेपुर ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर ड्यूटी पर किया गया जो कि नियमानुसार सही नहीं है डॉक्टर राणा प्रताप लेवल 3 क्लास के अधिकारी हैं कर्मचारियों अधिकारियों द्वारा तत्काल प्रभाव से सिविल अधीक्षक डॉ राणा प्रताप का स्थानांतरण रोका जाए क्योंकि डॉक्टर राणा प्रताप का कार्य एवं व्यवहार बहुत ही सराहनीय है और साथ ही उनके द्वारा उपस्थिति पंजिका भी वापस की जाए,अन्यथा की स्थिति में सिविल अस्पताल लिंजीगंज की आकस्मिक सेवाएं छोड़कर समस्त प्रकार के कार्य बहिष्कार किये जाएंगे जिसके अर्बन सभी हेल्थ सेंटर और अर्बन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की सभी चिकित्सा इकाइयों पर भी कार्य बहिष्कार किया जाएगा।  31 अगस्त 26 को सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के द्वारा मुख्य चिकित्सा अधिकारी से इस संबंध में वार्ता की जाएगी अगर वार्ता संतोषजनक और सही परिणाम के साथ सार्थक हल नहीं निकलता है तो समस्त कर्मचारी एवं अधिकारी आंदोलन के लिए बाध्य होंगे जिसकी समस्त जिम्मेदारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी की होगी,
बैठक में उपस्थित प्रमोद कुमार दीक्षित जिला अध्यक्ष संयुक्त संघर्ष संचालन समिति फर्रुखाबाद मनोज कुमार जिला अध्यक्ष उत्तर प्रदेश चतुर्थ श्रेणी राज्य कर्मचारी महासंघ फर्रुखाबाद संजय बाथम जिला महामंत्री एनएचएम संघ और संगठन के पदाधिकारी कर्मचारी एवं सदस्य उपस्थित रहे ।
स्वाइन फ्लू को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, घबराएं नहीं बचाव करें*

*बुखार, खांसी, गले में खराश और सांस लेने में परेशानी को न करें नजरअंदाज, समय पर लें चिकित्सकीय सलाह*

      फर्रुखाबाद । स्वाइन फ्लू यानी एच1एन1 संक्रमण को लेकर स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क है। वर्तमान में जिले में स्वाइन फ्लू का कोई मामला सामने नहीं आया है, लेकिन संभावित स्थिति से निपटने के लिए अस्पतालों में आवश्यक तैयारियां दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए हैं। लोहिया अस्पताल में मरीजों के उपचार के लिए पर्याप्त बेड और चिकित्सकीय व्यवस्था उपलब्ध रखने की तैयारी की गई है।
      मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आनंद उपाध्याय ने लोगों से अपील की है कि स्वाइन फ्लू के लक्षणों को नजरअंदाज न करें। तेज बुखार, लगातार खांसी, गले में खराश, सिरदर्द, शरीर में दर्द, अत्यधिक कमजोरी अथवा सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण दिखाई देने पर तत्काल चिकित्सकीय परामर्श लिया जाए।
      उन्होंने स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी स्वास्थ्य इकाइयों में संभावित मरीजों की पहचान, निगरानी और उपचार की व्यवस्था सक्रिय रखी जाए तथा किसी भी संदिग्ध स्थिति की सूचना समय से उपलब्ध कराई जाए। अस्पतालों में आवश्यक दवाओं और उपचार संबंधी व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की जाए।
      सीएमओ ने कहा कि स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए खांसते या छींकते समय मुंह-नाक ढकना, हाथों की नियमित सफाई रखना, बीमार व्यक्ति के निकट संपर्क से बचना तथा भीड़भाड़ वाली जगहों पर आवश्यक सावधानी बरतना महत्वपूर्ण है। बच्चों, बुजुर्गों और पहले से किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित लोगों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।
      उन्होंने कहा कि स्वाइन फ्लू को लेकर घबराने की आवश्यकता नहीं है, लेकिन लापरवाही भी नहीं बरतनी चाहिए। स्वास्थ्य विभाग स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है और आवश्यकता पड़ने पर मरीजों को समय से उपचार उपलब्ध कराने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित की जा रही हैं।
जिलाधिकारी ने जिला महिला चिकित्सालय का किया औचक निरीक्षण*

*स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार एवं मरीजों की सुविधा के दिए निर्देश*


फर्रुखाबाद । जिला महिला चिकित्सालय का जिलाधिकारी डॉक्टर अंकुर लाठर ने औचक निरीक्षण कर अस्पताल में मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता एवं व्यवस्थाओं का जायजा लिया। जिलाधिकारी ने महिला वार्ड, शिशु वार्ड एवं एसएनसीयू वार्ड का निरीक्षण करते हुए संबंधित अधिकारियों एवं चिकित्सकों से स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति की जानकारी प्राप्त की।निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने पीडियाट्रिक वार्ड में स्थापना से संबंधित पदों पर आवश्यक तैनाती के लिए शासन को मांग पत्र तत्काल प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जब तक शासन स्तर से पदों पर तैनाती नहीं हो जाती, तब तक वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में महिला अस्पताल में तैनात पीडियाट्रिशियन स्टाफ का सहयोग लिया जाए, ताकि नवजात एवं बच्चों को उपचार में किसी प्रकार की असुविधा न हो।
जिलाधिकारी ने एसएनसीयू वार्ड का निरीक्षण करते हुए वहां उपलब्ध संसाधनों की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि विवेकाधीन कोष से एसएनसीयू के लिए आवश्यक संसाधनों की आपूर्ति की कार्यवाही पूर्ण कराई जाए, जिससे गंभीर नवजात शिशुओं को बेहतर एवं समयबद्ध उपचार उपलब्ध कराया जा सके।
जिलाधिकारी ने ऑपरेशन थिएटर की व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण किया। उन्होंने जनमानस की सुविधा एवं पारदर्शिता के दृष्टिगत निर्देश दिए कि ऑपरेशन थिएटर के बाहर रोस्टर के अनुरूप सर्जरी करने वाले चिकित्सकों की सूची चस्पा की जाए, ताकि मरीजों एवं उनके परिजनों को संबंधित चिकित्सक के बारे में स्पष्ट जानकारी उपलब्ध हो सके।
जिलाधिकारी ने अस्पताल प्रशासन को निर्देशित किया कि चिकित्सालय में साफ-सफाई, दवाओं की उपलब्धता, चिकित्सकों एवं मेडिकल स्टाफ की उपस्थिति तथा मरीजों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराने में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लेने आने वाले प्रत्येक मरीज को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है।
खेल दिवस पर हुई विभिन्न प्रतियोगिताएं

फर्रुखाबाद। खेलों से शरीर स्वस्थ और सुडौल रहता है इसलिए सभी को खेल प्रतियोगिताओ में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेना चाहिए जिससे शरीर निरोगी बन सके l
राष्ट्रीय खेल दिवस पर पुलिस लाइन फतेहगढ़ परेड ग्राउंड में बच्चों के लिए विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों को पुरस्कृत कर उनका उत्साहवर्धन भी किया गया।
सतनामी साधो बालक बालिकाओं को दे रहे सादा भोजन उच्च विचार की शिक्षा
फर्रुखाबाद।
सनातनियों के लिए जिस प्रकार सावन का महीना पावन है उतना ही सतनामी साधो के लिए भी ये सावन का महीना पावन और श्रेष्ठ माना जाता रहा है, साध समाज प्रमुख अमर साध ने बताया की सतनामी साधो के इतिहास से ये पता चलता है की साल भर साध अपनी जीविका चलाने हेतु अल्प व्यापार रोजगार किया करते थे पर सावन के महीने में सिर्फ मालिक का नाम और सुमरन ध्यान को ही अपनी वरीयता देते थे, आज से २ दशक पहले तक सतनामी साधो की एक टोली इसी सावन महीने के दौरान गंगा किनारे स्थित पुरानी विसरातों में बने दरीचो में चटाई बिछा कर रहते थे और वही पर सात्विक और स्वच्छ भोजन बना कर ग्रहण किया करते थे और अधिकांश समय सिर्फ और सिर्फ मालिक के नाम ज्ञान और ध्यान में व्यतीत किया करते थे।
जैसा की कहा जाता है की जैसे हमारे बड़ों के आचरण जैसे होंगे वैसा ही हमारा समाज बन के तैयार होगा इसी तर्ज पर आज भी साध समाज चल रहा है । इस सावन के महीने में फर्रुखाबाद साधवाडा में स्थित चौकी साधन में प्रमुख रूप से २ जगह बाल सभा का आयोजन किया जा रहा है जो की विगत वर्षों से निरंतर होता आ रहा है। इसमें एक बाल सभा बालिकाओं की लगती है जिसकी वर्तमान में प्रमुख निर्दोष बुआ है जिनके द्वारा बालिकाओं को सावन महीने में सिर्फ ज्ञान रूपी वार्ता और सत्य का अनुसरण करना अपने विचारों में सादगी के साथ साथ अपने भोजन में सात्विकता लाना *"सादा भोजन उच्च विचार"* वाली कहावत को चरितार्थ होते सहज ही देखा जा सकता है। इस दौरान उनकी सहयोगी के रूप में प्रेम कुमारी बाई सुधा बाई, जोगिना बाई, मधु बाई, शशी बाई, कामिनी,सोनाली, समता, मोनिका, गुंजन,विनीता, प्रीति, शिखा व अन्य बाईयों का सहयोग निरंतर बना रहता है।
वही दूसरी ओर बालकों की सभा लगती है जिसमें बच्चों को सत्य और ईमानदारी की राह दिखाने का कार्य ज्ञानप्रकाश साध, लोकेंद्र भान साध, सुनील साध, अखिलेश साध, सुनील साध (२) अनमोल साध, शिवम साध व अन्य साध मार्ग दर्शक के रूप में अपनी भूमिका का निर्भाव करते है। इस सभा का सफल संचालन कपिल साध करते है। इन बालक और बालिकाओं के द्वारा पूरे महीने जो सच्ची लगन और श्रद्धा से इस नेक कार्य में लगते है उनको साध संगत की तरफ से अंत में प्रोत्साहन के रूप में कुछ सप्रेम भेट इनाम के रूप में भी दी जाती है और उसके बाद इन भोले नौनिहालों के चेहरे खुशी से खिल उठते है जिनको देख कर हम सभी का हृदय भी भाव विभोर हो जाता है।
जिला प्रशासन बाढ़ प्रभावित नागरिकों की सुरक्षा एवं सुविधा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध, किया संवाद जिलाधिकारी
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जिलाधिकारी ने किया स्थलीय निरीक्षण, राहत एवं बचाव कार्यों का लिया जायजा


फर्रुखाबाद । तहसील अमृतपुर के विकासखण्ड राजेपुर अंतर्गत बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जिला प्रशासन द्वारा संचालित राहत एवं बचाव कार्यों का जिलाधिकारी डॉक्टर अंकुर लाठर ने स्थलीय निरीक्षण किया गया। जिलाधिकारी ने ग्राम अल्हादपुर भटौली, फकरपुर, कोदरी सारंगपुर एवं करनपुर घाट सहित रामगंगा नदी का निरीक्षण कर बाढ़ की स्थिति एवं प्रशासन द्वारा किए जा रहे राहत कार्यों का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की वर्तमान स्थिति, प्रभावित परिवारों की संख्या, आवागमन, पेयजल, भोजन, स्वास्थ्य सुविधाओं तथा राहत सामग्री के वितरण के संबंध में जानकारी प्राप्त की, उन्होंने निर्देशित किया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन की टीमें लगातार भ्रमणशील रहकर लोगों की आवश्यकताओं का तत्काल संज्ञान लें तथा किसी भी प्रकार की समस्या उत्पन्न होने पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी ने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। प्रभावित लोगों को आवश्यकतानुसार खाद्यान्न, पेयजल, दवाइयां एवं अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाढ़ की स्थिति पर निरंतर निगरानी रखी जाए तथा नदी के जलस्तर एवं संभावित प्रभाव वाले क्षेत्रों की नियमित सूचना प्राप्त करते हुए आवश्यक कार्रवाई की जाए।
उन्होंने ग्रामीणों से संवाद कर उनकी समस्याओं एवं आवश्यकताओं की जानकारी ली तथा उन्हें आश्वस्त किया कि जिला प्रशासन द्वारा बाढ़ प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है, साथ ही अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रभावित क्षेत्रों में नाव, स्वास्थ्य सेवाओं एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को सुचारु रखा जाए। उन्होंने कहा कि किसान क्रेडिट कार्ड धारक ऐसे कृषक जिनकी फसल बाढ़ के पानी के कारण नष्ट हो गई है, उनका चिन्हांकन कर फसल बीमा योजना का लाभ दिलाएं।
जिलाधिकारी ने रामगंगा नदी के जलस्तर एवं आसपास के क्षेत्रों की स्थिति का भी निरीक्षण किया तथा संबंधित अधिकारियों को सतर्क रहते हुए बाढ़ की स्थिति पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए, उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन बाढ़ प्रभावित नागरिकों की सुरक्षा एवं सुविधा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल राहत एवं बचाव कार्य संचालित किए जाएंगे।
जिलाधिकारी ने प्राथमिक विद्यालय महोलिया का किया औचक निरीक्षण*

*शिक्षण कार्यों की गुणवत्ता का किया आकलन, व्यवस्थाओं में सुधार के दिए निर्देश*

फर्रुखाबाद । जनपद भ्रमण के दौरान जिलाधिकारी डॉक्टर अंकुर लाठर ने विद्यालयों में शिक्षण कार्यों की गुणवत्ता एवं मूलभूत व्यवस्थाओं का जायजा लेने के उद्देश्य से विकासखण्ड राजेपुर स्थित प्राथमिक विद्यालय महोलिया का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विद्यालय में छात्र पंजीकरण, शिक्षकों की उपस्थिति, स्वच्छता व्यवस्था, मध्यान्ह भोजन, विद्यालय अनुशासन एवं शिक्षण कार्यों की स्थिति का बारीकी से जायजा लिया निरीक्षण के दौरान छात्र पंजीकरण, स्वच्छता व्यवस्था, मध्यान्ह भोजन, शिक्षक उपस्थिति तथा विद्यालय अनुशासन की स्थिति संतोषजनक नहीं पाई गई। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित शिक्षकों एवं अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि विद्यालयों में शासन की मंशा के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही अथवा उदासीनता स्वीकार नहीं की जाएगी।जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि विद्यालय में सभी शिक्षक निर्धारित समय पर उपस्थित होकर पूर्ण मनोयोग से शिक्षण कार्य सुनिश्चित करें। बच्चों की नियमित उपस्थिति एवं नामांकन पर विशेष ध्यान दिया जाए तथा शिक्षण कार्य की गुणवत्ता में सुधार लाते हुए बच्चों के शैक्षिक स्तर का नियमित मूल्यांकन किया जाए।
उन्होंने विद्यालय परिसर एवं कक्षाओं में साफ-सफाई की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा बच्चों को निर्धारित मानकों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण एवं पौष्टिक मध्यान्ह भोजन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही विद्यालय में अनुशासन एवं सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण बनाए रखने पर विशेष जोर दिया।जिलाधिकारी ने संबंधित खण्ड शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया कि विद्यालय की व्यवस्थाओं में तत्काल अपेक्षित सुधार सुनिश्चित कराते हुए नियमित रूप से निरीक्षण एवं अनुश्रवण किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि विद्यालयों में उपलब्ध कराई जा रही शैक्षणिक एवं अन्य सुविधाओं की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।जिलाधिकारी ने कहा कि विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा शासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। शिक्षकों की जिम्मेदारी है कि प्रत्येक विद्यार्थी की शैक्षिक प्रगति पर नियमित रूप से ध्यान देते हुए कमजोर विद्यार्थियों के लिए विशेष प्रयास किए जाएं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि विद्यालयों का नियमित निरीक्षण कर शिक्षण कार्य की गुणवत्ता एवं छात्र-छात्राओं के शैक्षिक स्तर में निरंतर सुधार सुनिश्चित किया जाए।