100 परिषदीय स्कूलों में लगेंगे वाटर कूलर, मिलेगा शीतल जल*


*बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से दिए गए प्रस्ताव पर सांसद ने दी सहमति*

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जिले के 100 परिषदीय विद्यालयों में वाटर कूलर लगाए जाएंगे। जिससे बच्चों को शीतल जल के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। बेसिक शिक्षा विभाग की पहल पर सांसद डॉ. विनोद बिंद ने 100 विद्यालयों में वाटर कूलर लगवाने की सहमति दी है। साथ ही बच्चों की नियमित उपस्थिति के आधार पर विद्यालयों का चयन भी कर लिया गया है। जल्द ही वाटर कूलर लग जाएंगे। इससे करीब 20 हजार बच्चे लाभान्वित होंगे। आगामी सत्र में इसका लाभ मिलना शुरू हो जाएगा।
जिले में 885 प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक और कंपोजिट विद्यालय संचालित हो रहे हैं। जिसमें एक लाख 33 हजार बच्चे पंजीकृत हैं। वैसे तो लगभग सभी विद्यालयों में पेयजल के लिए कहीं हैंडपंप तो कहीं सब मर्सिबल पंप की व्यवस्था की गई है। बेसिक शिक्षा विभाग ने पांच महीने पहले सांसद डाॅ. विनोद बिंद को प्रस्ताव भेजकर वाटर कूलर की मांग की थी। विभाग के प्रस्ताव पर सांसद ने वाटर कूलर लगवाने की सहमति दी है। विभाग की तरफ से अधिक छात्र संख्या वाले विद्यालयों का चयन किया गया है। जिला बेसिक शिक्षाधिकारी शिवम पांडेय ने बताया कि सांसद की सहमति के पश्चात छात्र संख्या के आधार पर 100 स्कूलों का चयन कर लिया गया है। वाटर कूलर लगने से बच्चों को पेयजल की बेहतर सुविधा मिलेगी। उन्होंने बताया कि आगामी शिक्षा सत्र में इसका लाभ बच्चों को मिलना शुरू हो जाएगा।
जिला कारागार में  बहनों ने बंदी भाइयों की कलाई पर बांधी राखी*

रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। भदोही। पूरे देश के साथ भदोही में भी शुक्रवार को रक्षाबंधन का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस पावन अवसर पर जिला कारागार ज्ञानपुर में भी भाई-बहन के स्नेह और भावनाओं का मार्मिक दृश्य देखने को मिला। दूर-दराज से पहुंची बहनों ने अपने बंदी भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर उनके सुखी, स्वस्थ और उज्ज्वल जीवन की कामना की।

सुबह से ही बहनों के जिला कारागार पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। हाथों में राखी और मिठाई लिए बहनें कतारबद्ध होकर जेल परिसर में दाखिल हुईं। निर्धारित प्रक्रिया के तहत मुलाकात के दौरान बहनों ने अपने भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधा और मिठाई खिलाई। इस दौरान भाई-बहन एक-दूसरे को देखकर भावुक भी नजर आए।

कई बहनों ने अपने भाइयों के जल्द जेल से बाहर आने और परिवार के साथ सुखपूर्वक जीवन बिताने की कामना की। रक्षाबंधन के अवसर पर हुए इस मिलन ने जेल परिसर के माहौल को भी भावुक कर दिया। लंबे समय बाद भाई-बहन को एक-दूसरे के सामने देखकर उनके चेहरों पर खुशी और भावनाओं के मिले-जुले भाव दिखाई दिए।

रक्षाबंधन के मद्देनजर जिला कारागार प्रशासन की ओर से विशेष व्यवस्थाएं की गई थीं। जेल परिसर के बाहर और आसपास सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रहे। सुरक्षाकर्मी लगातार निगरानी करते रहे और जेल में आने वाली बहनों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत प्रवेश दिया गया। पर्व के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के साथ ही बहनों की सुविधा का भी विशेष ध्यान रखा गया।
अब तक 164 कालीन आयातकों ने कराया है पंजीकरण


*चार अक्टूबर से शुरू होगा इंडिया कार्पेट एक्सपो*


रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। कालीन निर्यात संवर्धन परिषद (सीईपीसी) की ओर से चार से सात अक्तूबर तक भदोही में होने वाले इंडिया कारपेट एक्सपो इस वर्ष गोल्डन जुबली संस्करण होगा। इसमे देश भर के विभिन्न शहरों के 170 कालीन निर्यातकों अपने कालीनों और हस्तनिर्मित उत्पादों का प्रदर्शन करने के लिए पंजीकरण करा लिया है। जबकि विदेशों से इसमे भाग लेने के लिए अब तक 164 आयातकों ने अपना पंजीकरण कराया है। सीईपीसी चेयरमैन कैप्टन मुकेश कुमार गोम्बर ने बताया कि 50वें इंडिया कार्पेट एक्सपो में ब्रिक्स देशों ब्राज़ील, रूस, चीन, मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया, ईरान, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका एवं संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के खरीदारों पर भारत विशेष फोकस कर रहा है। अब तक 30 से अधिक ब्रिक्स देशों के खरीदार अपनी सहभागिता सुनिश्चित कर चुके हैं। चेयरमैन ने बताया कि एक्सपो में भदोही, मिर्जापुर और वाराणसी के अलावा पानीपत, जम्मू एवं कश्मीर, जयपुर और बीकानेर सहित अन्य शहरों के प्रमुख निर्यातक भाग लेंगे। जानकारी हो कि गत वर्ष के एक्सपो में लगभग 400 विदेशी खरीदारों मेले का दौरा किया था। इस वर्ष भी अधिक से अधिक भागीदारी के लिए सीईपीसी प्रयास कर रही है। अब तक 48 देशों के खरीदारों ने पंजीकरण कराया है।
बरसात में जलभराव और गंदगी पर तत्काल कार्रवाई करें, नगरों में कहीं भी कूड़े का ढेर न दिखे: मंत्री ए.के. शर्मा*
*डेंगू-मलेरिया की रोकथाम को एंटी लार्वा छिड़काव व फॉगिंग तेज करें, अस्पतालों में अतिरिक्त बेड-ऑक्सीजन-वेंटिलेटर तैयार रखें: मंत्री*


नितेश श्रीवास्तव

भदोही। नगर विकास मंत्री ए.के. शर्मा ने जनपद में विकास कार्यों एवं जनसुविधाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को बरसात के मौसम में जलभराव, संक्रामक रोगों एवं साफ-सफाई को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी नगर पालिका एवं नगर पंचायतों के अधिशासी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि किसी भी नगर क्षेत्र में जलभराव की स्थिति उत्पन्न नहीं होनी चाहिए। जहां कहीं जलभराव हो, वहां तत्काल जल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित कर समस्या का निस्तारण कराया जाए मंत्री ने कहा कि वर्तमान में बरसात का मौसम चल रहा है और जगह-जगह पानी जमा होने से मच्छर जनित एवं अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में सभी नगर निकाय अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित रूप से एंटी लार्वा का छिड़काव एवं फॉगिंग कराना सुनिश्चित करें। जलजमाव वाले स्थानों को चिन्हित कर तत्काल आवश्यक कार्रवाई की जाए, ताकि डेंगू, मलेरिया सहित मच्छर जनित रोगों के प्रसार को प्रभावी ढंग से रोका जा सके।
            उन्होंने नगर निकायों में सफाई व्यवस्था को लेकर भी अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए। कहा कि किसी भी नगर में कहीं भी कूड़े का ढेर दिखाई नहीं देना चाहिए। नियमित रूप से सफाई, कूड़ा उठान एवं निस्तारण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। सार्वजनिक स्थलों, प्रमुख मार्गों, बाजारों एवं आबादी वाले क्षेत्रों में विशेष स्वच्छता अभियान चलाकर साफ-सफाई बनाए रखी जाए।
   मंत्री ए के शर्मा ने स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा करते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया कि बरसात के मौसम को देखते हुए संचारी रोग नियंत्रण अभियान को पूरी गंभीरता के साथ संचालित किया जाए। उन्होंने कहा कि इस मौसम में वायरल बुखार, डेंगू, मलेरिया एवं अन्य संक्रामक बीमारियों के साथ ही स्वाइन फ्लू जैसी बीमारियों की आशंका बढ़ जाती है। इसलिए सभी अस्पतालों में आवश्यक तैयारियां समय से पूरी रखी जाएं। उन्होंने सभी स्वास्थ्य केंद्रों एवं अस्पतालों में अतिरिक्त बेड, ऑक्सीजन एवं वेंटिलेटर की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि किसी भी आकस्मिक स्थिति में मरीजों को तत्काल उपचार उपलब्ध कराया जा सके। स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिया गया कि संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने के साथ ही लोगों को बीमारियों से बचाव के उपायों के प्रति जागरूक किया जाए।
          समीक्षा के दौरान मंत्री ने जल जीवन मिशन के कार्यों में तेजी लाने पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने अधिशासी अभियंता जल निगम को निर्देश दिया कि योजनाओं को निर्धारित समयसीमा में पूरा कराते हुए अधिक से अधिक घरों तक शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। हर घर जल की उपलब्धता शासन की प्राथमिकताओं में है, इसलिए इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए। मंत्री ने बैठक में मौजूद अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाई गई जनसमस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जनता से जुड़ी समस्याओं के समाधान में किसी प्रकार की लापरवाही अथवा अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। संबंधित अधिकारी शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करें, अन्यथा जिम्मेदारी निर्धारित करते हुए कार्रवाई की जाएगी।
        जिलाधिकारी शैलेष कुमार ने मंत्री को आश्वस्त किया कि जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाई गई समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर संबंधित अधिकारियों से निस्तारित कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि मंत्री द्वारा समीक्षा के दौरान दिए गए सभी निर्देशों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित कराया जाएगा तथा संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करते हुए नियमित रूप से प्रगति की समीक्षा की जाएगी।
बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष अनिरुद्ध त्रिपाठी, विधायक औराई दीनानाथ भास्कर, विधायक ज्ञानपुर विपुल दुबे, भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक मिश्रा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं एवं विकास कार्यों को बैठक में रखा, जिस पर मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य आमजन को बेहतर नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराना है। बरसात के दौरान स्वच्छता, जल निकासी, स्वास्थ्य सेवाओं एवं पेयजल व्यवस्था में किसी प्रकार की कमी नहीं रहनी चाहिए। सभी अधिकारी आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए शासन की योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाएं और जनसमस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करें।
तबादले के बाद भी सरकारी आवास में जमे तीन अधीक्षक समेत चार का वेतन रोका


*4 साल से एक ही सीएचसी जमे अधीक्षकों के कार्यक्षेत्र में एक माह पहले हुआ था फेरबदल*

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जिले के तीन सीएचसी अधीक्षक और एक चिकित्साधिकारी को स्थानांतरण के बाद भी सरकारी आवास खाली न करना भारी पड़ गया। सीएमओ डॉ. एसके चक ने चारों का अगस्त माह का वेतन रोक दिया है। आदेश दिया है कि जब तक आवास खाली नहीं किया जाएगा, तब तक वेतन बहाल नहीं किया जाएगा। अधीक्षकों का जिले में ही एक सीएचसी से दूसरे सीएचसी पर स्थानांतरण हुआ है। जिले में छह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हैं। करीब चार साल से एक ही सीएचसी पर जमे अधीक्षकों के कार्यक्षेत्र में एक माह पहले सीएमओ डॉ. एसके चक ने जिलाधिकारी के निर्देश पर फेरबदल किया था। अधीक्षकों की नए स्थानों पर तैनाती होने के बाद भी वे पुराने आवास पर ही जमे हुए हैं। नियमानुसार तबादले के 10 दिन बाद आवास खाली कर देना चाहिए। चिकित्सकों के पुराने आवास पर ही जमे रहने से उनकी ड्यूटी भी प्रभावित हो रही थी। वहीं, नए तैनाती वाले अधीक्षकों को परेशानी उठानी पड़ रही थी।



गोपीगंज के पूर्व अधीक्षक डॉ. आशुतोष पांडेय गोपीगंज के सरकारी आवास में, भानीपुर सीएचसी से गोपीगंज सीएचसी अधीक्षक बने डॉ. शुभांकर श्रीवास्तव भानीपुर के सरकारी आवास में और डीघ से भानीपुर आए अधीक्षक डॉ. पीसी बिंद अब तक डीघ के सरकारी आवास में जमे हैं। इसी तरह महाराजा बलवंत सिंह के चिकित्साधिकारी डॉ. शंकर सुवन ने भी सरकारी आवास खाली नहीं किया है। इससे नाराज होकर सीएमओ ने चारों का अगस्त माह का वेतन रोक दिया है। चेताया है कि जब तक सरकारी आवास खाली नहीं किया जाएगा, तब तक वेतन बहाल नहीं किया जाएगा।


तबादले की फिराक में अधीक्षक
विभाग में तैनात लोगों का मानना है कि नवीन तैनाती पर निवास न करने वाले डॉक्टर अभी पुराने केंद्र पर वापस लौटने के जुगाड़ में हैं। बस उन्हें इंतजार है जिले के एक आला अधिकारी के तबादले का। यही कारण है कि आवास खाली नहीं किए जा रहे हैं। अधीक्षक के मुख्यालय पर निवास न करने के कारण स्वास्थ्य केंद्र पर व्यवस्थाएं भी प्रभावित होती हैं।



तीन अधीक्षक, एक चिकित्साधिकारी अभी आवास खाली नहीं किए हैं। इन्हें खाली करने के लिए पत्र भेजा गया है। इनका अगस्त महीने का वेतन रोका गया है। - डॉ. एसके चक, सीएमओ, भदोही
रक्षाबंधन पर बाजारों में रौनक, खरीदारी तेज :जयपुरी बुटिक, रुद्राक्ष और चंदन राखियां बनीं पहली पसंद


नितेश श्रीवास्तव

भदोही। भाई-बहन के अटूट प्रेम और स्नेह का पर्व रक्षाबंधन शुक्रवार को मनाया जाएगा। त्योहार को लेकर बाजारों में रौनक बढ़ गई है और बहनें भाइयों की पसंद के अनुसार राखियां खरीद रही हैं।

इस बार बाजार में पारंपरिक राखियों के साथ कई तरह की विशेष और आकर्षक राखियां उपलब्ध हैं। सोने-चांदी के बढ़े भावों के कारण इस साल उनका क्रेज कम दिखाई दे रहा है।

बड़ी उम्र के भाइयों के लिए जयपुरी बुटिक राखी, रुद्राक्ष और चंदन राखी पसंद की जा रही हैं। वहीं, छोटे भाइयों के लिए म्यूजिक और लाइट वाली राखियों की मांग सबसे अधिक है। दुकानदारों ने ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए विभिन्न डिजाइन और कीमतों की राखियां सजाई हैं।

ज्ञानपुर नगर के राखी विक्रेता संजय गुप्ता ने बताया कि पिछले वर्ष की तुलना में इस बार राखियों के दाम में लगभग 20 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इसके बावजूद खरीदारी पर इसका खास असर नहीं पड़ रहा है।

ज्योतिषी संतोष जी महाराज के अनुसार, इस साल रक्षाबंधन का पर्व 28 अगस्त को मनाया जा रहा है। बहनों को राखी बांधने के लिए पर्याप्त समय मिलेगा।

उन्होंने बताया कि शास्त्रों के अनुसार, जब भद्रा भूलोक पर होती है, तब शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं। इस बार ऐसी कोई स्थिति नहीं होगी, इसलिए बहनें दिनभर राखी बांध सकती हैं। यह ग्रह-नक्षत्रों की दृष्टि से अत्यंत दुर्लभ और शुभ संयोग वाला दिन रहेगा, ऐसा संयोग कई वर्षों बाद बना है।
वरिष्ठ समाजसेवी भागीरथी बिंद के निधन से शोक की लहर
भदोही। जनपद के चौर बौरीबोझ अभोली के रहने वाले वरिष्ठ समाजसेवी भागीरथी बिंद के निधन से समाज में शोक की लहर देखने को मिला।बिंद समाज विकास संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ शेषधर बिंद ने सर्व समाज के शुभचिंतकों को सूचित किया है कि बिंद समाज विकास संघ के भदोही जिला सलाहकार डॉ हरिश्चंद्र बिंद ,ग्राम सभा, चौर बौरीबोझ अभोली भदोही उत्तर प्रदेश के पूज्यनीय पिता भागीरथी बिंद का 20 अगस्त दिन गुरुवार को शाम लगभग 8:30 बजे स्वर्गवास हो गया है।उनकी आत्मा के शांति हेतु हिंदू रीति रिवाज के विधि अनुसार बाल मुंडन 29 अगस्त को और श्रद्धांजलि एवं शोक सभा का आयोजन 1 सितंबर 2026 गुरुवार को सुबह 11:00 से शाम 5:00 तक उनके निजी आवास,ग्राम सभा चौर,बौरी बोझ अभोली,भदोही में आयोजन किया गया है।सभी उक्त स्थान पर पहुंचकर मृतक की आत्मा को शांति हेतु अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज करते हुए ईश्वर से प्रार्थना करते हुए शोकाकुल परिवार को कृतार्थ करें।शोकाकुल  परिवार से डॉ हरिश्चंद्र बिंद, मुंशीलाल बिंद,विजय भान (मुखिया) शिवलाल, अजय, गौरव कुमार,अंकुश,योगेश, महेश, डॉ राम शिरोमणि (बाबा) एवं शोकाकुल बिंद परिवार ने सभी से उपस्थित होने के लिए आग्रह किया है।
सामान्य मरीजों की नहीं लिखी जाएगी डिजिटल एक्स-रे या अल्ट्रासाउंड जांच


नितेश श्रीवास्तव


भदोही। जिला अस्पताल में सामान्य मरीजों को एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड जांच लिखने से जांच केंद्रों पर भीड़ बढ़ती जा रही है। सीएमओ डॉ.एसके चक ने अस्पताल के सीएमएस को पत्र लिखकर जरूरत पड़ने पर ही एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड जैसी जांच लिखने का निर्देश दिया है। महाराजा चेतसिंह जिला अस्पताल जिले का सबसे बड़ा अस्पताल है। यहां हर दिन 900 मरीजों की ओपीडी होती है। इसके अलावा 45 से 50 मरीजों की अल्ट्रासाउंड और 70 से 80 मरीजों की एक्स-रे जांच लिखी जाती है। अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की तो सुविधा है, लेकिन अस्पताल में मैनुअल एक्स-रे की व्यवस्था है। इसकी वजह से यहां के मरीजों को सौ शय्या अस्पताल में डिजिटल एक्स-रे के लिए भेजा जाता है। सौ शय्या अस्पताल में भी रोजाना 25 से 30 एक्स-रे लिखी जाती है। इस लिहाज से देखा जाए तो हर दिन 100 से 110 मरीजों को डिजिटल एक्स-रे दोनों अस्पताल में लिखा जाता है। एक दिन में औसतन 25 से 30 अल्ट्रासाउंड और 70 से 80 के आसपास डिजिटल एक्स-रे किया जाता है। ऐसे में हर दिन 15 से 20 अल्ट्रासाउंड और 35 से 40 डिजिटल एक्स-रे लंबित रह जाते हैं। इससे उन्हें या तो निजी जांच केंद्र या फिर अगले दिन का इंतजार करना पड़ता था।

पैरवी कर जांच लिखवाते हैं मरीज

चिकित्सकों का कहना है कि जिसे जरूरत होता है। उसे ही डिजिटल एक्स-रे या फिर अल्ट्रासाउंड लिखा जाता है। बताया कि अल्ट्रासाउंड पेट दर्द, गर्भावस्था की निगरानी या आंतरिक अंगों की जांच में ही लिखा जाता है। वहीं हड्डियों की चोट के मामले में एक्स-रे लिखा जाता है, लेकिन कई मरीज ऐसे आते हैं, जो न लिखे जाने पर पैरवी के फोन कराते हैं। जिससे मजबूरी में लिखा जाता है। ऐसा हर दिन चार से पांच मामलों में होता है।

अस्पतालों में एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड जैसी जांचें तमाम लोग बेवजह ही सामान्य बीमारियों में करा रहे हैं। इससे कई बार जरुरतमंद लोगों को इसका लाभ नहीं मिल पाता। ऐसे में अस्पतालों में पत्र जारी कर चिकित्सकों को आवश्यक होने पर ही एक्स-रे या अल्ट्रासाउंड जैसी जांच लिखने का निर्देश दिया गया है।
- डॉ. एसके चक, सीएमओ, भदोही।
ज्ञानपुर नगर में लगी प्याज की दुकान

-‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। महंगाई की मार झेल रहे आम लोगों को प्याज के बढ़ते दामों ने भी परेशान करना शुरू कर दिया है। चीनी के दामों में बढ़ोतरी के बाद अब प्याज की कीमतों में अचानक उछाल आने से रसोई का बजट बिगड़ने लगा है। कई घरों में बिना सलाद के थाली सज रही है। सब्जी का स्वाद भी फीका हो गया है। जिले में प्याज की कीमत एक महीने पहले 21 से 22 रूपये किलो थी। एक सप्ताह पहले तक 30 से 35 रुपये में थी। मंगलवार को ज्ञानपुर की मंडी में प्याज 50 रुपये किलो बिक गया। दुकानदार समीर राइन ने कहा कि अच्छी क्वालिटी की प्याज 60 तो सामान्य 50 रुपये किलो लोगों ने खरीदा। थोक बाजार में एक सप्ताह के भीतर करीब 1500 से दो हजार रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी हुई है। इसका सीधा असर फुटकर बाजार पर पड़ा है। चीनी के बाद प्याज का दाम बढ़ने से रसोई का बजट गड़बड़ा गया है। महंगाई की मार से मध्यमवर्गीय लोग सबसे अधिक परेशान हो रहे हैं। कहा कि बारिश अधिक होने के कारण जहां से प्याज आता है, वहां कई गोदामों में रखा प्याज सड़ गया है। इससे वहां की मंडियों में प्याज कम मात्रा में उपलब्ध हो रही है। इसी वजह से प्याज के दाम में अचानक उछाल आया है। अभी दामों में नियंत्रण होने के कोई आसार नहीं हैं। दाम बढ़ भी सकता है और घट भी सकता है।

बोलीं गृहणी
प्याज के दाम अचानक बढ़ने से घर का बजट प्रभावित हो गया है। पहले जहां सब्जी और सलाद में पर्याप्त मात्रा में प्याज इस्तेमाल कर लेते थे, वहीं अब कीमत बढ़ने के कारण मात्रा कम करनी पड़ रही है। रोजमर्रा की जरूरत की चीजों के दाम पहले ही बढ़े हुए हैं, ऐसे में प्याज की महंगाई ने परेशानी और बढ़ा दी है। - ओवंतिका मिश्रा, घाटमपुर।

- प्याज के दाम में एक सप्ताह में इतनी तेजी से बढ़ोतरी होना चिंता की बात है। रसोई में प्याज का इस्तेमाल लगभग हर सब्जी में होता है। दाम बढ़ने के कारण अब सब्जी बनाते समय प्याज का हिसाब लगाना पड़ रहा है। सरकार को बढ़ती महंगाई पर नियंत्रण के लिए जरूरी कदम उठाने चाहिए। - तारा पांडेय, भीमपुर।
यूपी बोर्ड: परीक्षा फॉर्म और फीस जमा करने की तिथि बढ़ी*
*छात्रों के परीक्षा आवेदन पत्र भरने की अंतिम तिथि पांच सितंबर तक है*


नितेश श्रीवास्तव

भदोही। माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से आयोजित होने वाली बोर्ड परीक्षा संस्थागत परीक्षा में कक्षा 10 और 12 के संस्थागत और व्यक्तिगत छात्रों के परीक्षा आवेदन पत्र भरने की अंतिम तिथि पांच सितंबर तक बढ़ा दी गई है।



इससे विद्यार्थियों को आवेदन की प्रक्रिया पूरी करने में सहूलियत मिलेगी।
यूपी बोर्ड हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा 2027 को लेकर परिषद ने तैयारी शुरू कर दी है। वहीं, परीक्षा केंद्र बनाए जाने के लिए कागजी प्रक्रिया चल रही है। परीक्षा फाॅर्म भरने सहित बोर्ड से जुड़ी अन्य गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।

माध्यमिक शिक्षा परिषद ने पत्र जारी कर निर्देश दिए गए हैं। पहले कई स्कूलों में फीस और फॉर्म समय पर जमा नहीं हो पाए थे, इसी वजह से तिथि बढ़ाई गई है। स्कूल की ओर से फीस जमा एक सितंबर 2026 तक होगी। पांच सितंबर तक सूचना अपलोड करनी होगी। डाटा की जांच और संशोधन छह से 11 सितंबर तक होगा। फोटोयुक्त नामावली जमा करने की तिथि 30 सितंबर तक तय की गई है। स्कूल के प्रधानाचार्य छात्र-छात्राओं से फीस लेकर उसे एकमुश्त चालान के माध्यम से कोषागार में जमा करेंगे। ऑनलाइन फीस जमा करने के बाद छात्र-छात्राओं का शैक्षिक विवरण upmsp.edu.in पर अपलोड करना अनिवार्य है। छह से 11 सितंबर तक केवल संशोधन, अपडेट होगा।
इस दौरान नए छात्र का डाटा अपलोड नहीं होगा। जिला विद्यालय निरीक्षक अंशुमान ने बताया कि परिषद के आदेशों का पालन कराया जाएगा। उन्होंने प्रधानाचार्यों से कहा कि तय तिथि तक सभी विद्यार्थियों का परीक्षा फाॅर्म और फीस जमा हो जाए। कोई भी छात्र-छात्रा परीक्षा से वंचित होगा तो प्रधानाचार्य जिम्मेदार होंगे।


बताते चलें कि जिले में 38 राजकीय, 25 वित्तपोषित और 150 से अधिक वित्तविहीन समेत कुल 196 माध्यमिक और इंटर कॉलेज हैं। 2026 की परीक्षा में 54 हजार छात्र-छात्राएं पंजीकृत थे, जिसमें 53 हाजर ने भाग लिया था।