यूपी बोर्ड: परीक्षा फॉर्म और फीस जमा करने की तिथि बढ़ी*
*छात्रों के परीक्षा आवेदन पत्र भरने की अंतिम तिथि पांच सितंबर तक है*


नितेश श्रीवास्तव

भदोही। माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से आयोजित होने वाली बोर्ड परीक्षा संस्थागत परीक्षा में कक्षा 10 और 12 के संस्थागत और व्यक्तिगत छात्रों के परीक्षा आवेदन पत्र भरने की अंतिम तिथि पांच सितंबर तक बढ़ा दी गई है।



इससे विद्यार्थियों को आवेदन की प्रक्रिया पूरी करने में सहूलियत मिलेगी।
यूपी बोर्ड हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा 2027 को लेकर परिषद ने तैयारी शुरू कर दी है। वहीं, परीक्षा केंद्र बनाए जाने के लिए कागजी प्रक्रिया चल रही है। परीक्षा फाॅर्म भरने सहित बोर्ड से जुड़ी अन्य गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।

माध्यमिक शिक्षा परिषद ने पत्र जारी कर निर्देश दिए गए हैं। पहले कई स्कूलों में फीस और फॉर्म समय पर जमा नहीं हो पाए थे, इसी वजह से तिथि बढ़ाई गई है। स्कूल की ओर से फीस जमा एक सितंबर 2026 तक होगी। पांच सितंबर तक सूचना अपलोड करनी होगी। डाटा की जांच और संशोधन छह से 11 सितंबर तक होगा। फोटोयुक्त नामावली जमा करने की तिथि 30 सितंबर तक तय की गई है। स्कूल के प्रधानाचार्य छात्र-छात्राओं से फीस लेकर उसे एकमुश्त चालान के माध्यम से कोषागार में जमा करेंगे। ऑनलाइन फीस जमा करने के बाद छात्र-छात्राओं का शैक्षिक विवरण upmsp.edu.in पर अपलोड करना अनिवार्य है। छह से 11 सितंबर तक केवल संशोधन, अपडेट होगा।
इस दौरान नए छात्र का डाटा अपलोड नहीं होगा। जिला विद्यालय निरीक्षक अंशुमान ने बताया कि परिषद के आदेशों का पालन कराया जाएगा। उन्होंने प्रधानाचार्यों से कहा कि तय तिथि तक सभी विद्यार्थियों का परीक्षा फाॅर्म और फीस जमा हो जाए। कोई भी छात्र-छात्रा परीक्षा से वंचित होगा तो प्रधानाचार्य जिम्मेदार होंगे।


बताते चलें कि जिले में 38 राजकीय, 25 वित्तपोषित और 150 से अधिक वित्तविहीन समेत कुल 196 माध्यमिक और इंटर कॉलेज हैं। 2026 की परीक्षा में 54 हजार छात्र-छात्राएं पंजीकृत थे, जिसमें 53 हाजर ने भाग लिया था।
ज्ञानपुर जेल का जिलाधिकारी-पुलिस अधीक्षक ने किया आकस्मिक निरीक्षण: बंदियों को मिल रही सुविधाओं का जायजा लिया, कालीनों की सराहना की*

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जिलाधिकारी शैलेष कुमार और पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी ने संयुक्त रूप से ज्ञानपुर स्थित जिला कारागार का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जेल में बंद कैदियों को सरकार द्वारा दी जा रही सुविधाओं का जायजा लिया।

अधिकारियों ने जेल अधीक्षक को निर्देश दिया कि बंदियों को सरकार द्वारा प्रदत्त सभी सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने विशेष रूप से भदोही जनपद के पुरुष और महिला बैरकों का दौरा कर वहां मिल रही सुविधाओं की जानकारी ली।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने बंदियों द्वारा तैयार किए जा रहे कालीनों का अवलोकन किया। उन्होंने कालीनों की बुनाई, डिजाइन, गुणवत्ता और कारीगरी को ध्यान से देखा और बंदियों की प्रतिभा की सराहना की।

अधिकारियों ने कहा कि बंदियों को कौशल विकास और रचनात्मक कार्यों से जोड़ना उनके व्यक्तित्व में सकारात्मक परिवर्तन लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

निरीक्षण में रसोई घर, खाद्यान्न स्टोर, महिला, पुरुष और किशोर बैरक शामिल थे। इसके अतिरिक्त, जेल परिसर में संचालित डिस्पेंसरी का भी जायजा लिया गया।

अधिकारियों ने महिला बैरक में बंदियों से बातचीत कर उन्हें मिल रही सुविधाओं की जानकारी ली और जेल प्रशासन को सभी सुविधाएं समय पर मुहैया कराने के निर्देश दिए। उन्होंने पेयजल व्यवस्था, शौचालय, साफ-सफाई और मुलाकाती पंजिका का भी निरीक्षण किया। कारागार अधीक्षक ने अधिकारियों को जेल का अवलोकन कराया।
*महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और सुगम आवागमन की दिशा में ऐतिहासिक कदम*

*महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता के लिए सरकार के निर्णय ऐतिहासिक एवं सराहनीय : मंत्री हंसराज विश्वकर्मा*


नितेश श्रीवास्तव

भदोही। महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा, आत्मनिर्भरता एवं सुगम आवागमन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लोकमाता अहिल्याबाई मातृशक्ति योजना के अंतर्गत प्रदेश सरकार द्वारा लिए गए महत्वपूर्ण निर्णयों के संबंध में जनजागरूकता एवं संवाद कार्यक्रम का आयोजन चित्रांगन मैरिज लॉन, ज्ञानपुर में किया गया। कार्यक्रम में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग के राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा,  विधायक औराई दीनानाथ भास्कर, भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक मिश्रा, जिलाधिकारी शैलेष कुमार एवं पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित रहीं।
           कार्यक्रम का शुभारंभ  राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। उपस्थित महिलाओं ने मुख्यमंत्री के संबोधन का लाइव प्रसारण देखा तथा महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा एवं सशक्तीकरण के लिए प्रदेश सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जानकारी प्राप्त की। कार्यक्रम में उपस्थित 600 महिलाओं को माननीय मंत्री जी द्वारा साड़ी एवं मिठाई उपहार स्वरूप भेंट की गई। कार्यक्रम स्थल पर बच्चों द्वारा बनाई गई आकर्षक रंगोली की भी मंत्री जी ने सराहना की और बच्चों का उत्साहवर्धन किया।
          कार्यक्रम में बताया गया कि लोकमाता अहिल्याबाई मातृशक्ति योजना के अंतर्गत 60 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं को UPSRTC की बसों में आजीवन निःशुल्क यात्रा की सुविधा प्रदान किए जाने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। इससे प्रदेश की लगभग एक करोड़ वरिष्ठ महिलाओं को लाभ मिलने की संभावना है। आयु सत्यापन आधार कार्ड अथवा मतदाता पहचान पत्र के माध्यम से किया जाएगा तथा महिलाओं की सुविधा के लिए विशेष स्मार्ट कार्ड उपलब्ध कराने की व्यवस्था प्रस्तावित है। यह निर्णय वरिष्ठ महिलाओं की गतिशीलता, आत्मनिर्भरता एवं सामाजिक सहभागिता को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे वरिष्ठ महिलाएं बिना आर्थिक बाधा के अपने परिवार, सामाजिक एवं अन्य आवश्यक कार्यों के लिए सुगमता से आवागमन कर सकेंगी।
         रक्षाबंधन के अवसर पर प्रदेश सरकार द्वारा 27 अगस्त 2026 को प्रातः 6 बजे से 29 अगस्त 2026 की मध्यरात्रि तक सभी महिला यात्रियों को UPSRTC की बसों में निःशुल्क यात्रा की विशेष सुविधा प्रदान की जा रही है। इसके साथ ही महिला यात्री के साथ एक सहयोगी/सहयात्री को भी निःशुल्क यात्रा की सुविधा मिलेगी। त्योहार के दौरान बढ़ने वाले आवागमन को देखते हुए अतिरिक्त बसों एवं आवश्यक यात्री सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। नगर विकास विभाग की 900 से अधिक बसों में भी महिलाओं के लिए निःशुल्क यात्रा की सुविधा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

          मा. मुख्यमंत्री जी ने परिवहन विभाग, पुलिस, यातायात पुलिस एवं स्थानीय प्रशासन को समन्वय से कार्य करते हुए महिलाओं की सुरक्षित एवं सुगम यात्रा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। बसों में ओवरलोडिंग पर प्रभावी नियंत्रण, निर्धारित किराए का पालन, बस अड्डों पर पेयजल एवं स्वच्छता व्यवस्था, CCTV कैमरों की उपलब्धता तथा प्राथमिक उपचार सहित आवश्यक यात्री सुविधाएं सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया है।
राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता के लिए निरंतर महत्वपूर्ण निर्णय ले रही है। लोकमाता अहिल्याबाई मातृशक्ति योजना के अंतर्गत लिए गए दोनों निर्णय महिलाओं के जीवन को अधिक सुगम और सुरक्षित बनाने वाले हैं। रक्षाबंधन पर निःशुल्क बस यात्रा से बहनें अपने मायके एवं परिवार तक सुरक्षित और सुविधाजनक ढंग से पहुंच सकेंगी, जबकि 60 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं के लिए आजीवन निःशुल्क यात्रा उन्हें आत्मनिर्भर एवं स्वतंत्र आवागमन का अवसर प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि प्रत्येक महिला को सम्मान, सुरक्षा और विकास के समान अवसर प्राप्त हों। विधायक औराई दीनानाथ भास्कर ने कहा कि प्रदेश सरकार महिलाओं के सम्मान एवं कल्याण के लिए लगातार ऐतिहासिक निर्णय ले रही है। रक्षाबंधन पर निःशुल्क बस यात्रा की सुविधा बहनों को अपने परिवार से जोड़ने वाली संवेदनशील पहल है। उन्होंने कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र महिला तक पहुंचाने के लिए सभी को मिलकर प्रयास करना चाहिए।
          भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक मिश्रा ने कहा कि महिलाओं का सम्मान एवं सुरक्षा समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। प्रदेश सरकार द्वारा महिलाओं को निःशुल्क एवं सुरक्षित आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराकर उनके आत्मविश्वास एवं आत्मनिर्भरता को मजबूत किया जा रहा है। रक्षाबंधन पर निःशुल्क यात्रा की सुविधा बहनों के प्रति सरकार के सम्मान एवं संवेदनशीलता का प्रतीक है।
            जिलाधिकारी शैलेष कुमार ने कहा कि लोकमाता अहिल्याबाई मातृशक्ति योजना के अंतर्गत 60 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं के लिए आजीवन निःशुल्क बस यात्रा का निर्णय वरिष्ठ महिलाओं की गतिशीलता एवं आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने वाला महत्वपूर्ण कदम है। रक्षाबंधन पर निःशुल्क यात्रा की सुविधा से बहनों को अपने परिवारों तक सुरक्षित एवं सुगम रूप से पहुंचने में सहायता मिलेगी।
          उन्होंने कहा कि जनपद में महिलाओं की सुरक्षित एवं सुगम यात्रा के लिए सभी संबंधित विभागों को आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। बस अड्डों पर पेयजल, स्वच्छता, सुरक्षा, CCTV एवं प्राथमिक उपचार सहित आवश्यक यात्री सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। जिलाधिकारी ने महिलाओं से अपील की कि वे सरकार द्वारा प्रदान की जा रही इन सुविधाओं का लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि महिलाओं का सम्मान, सुरक्षा और सशक्तीकरण समृद्ध एवं विकसित समाज की मजबूत आधारशिला है।
         कार्यक्रम में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व शुभांगी शुक्ला, मुख्य विकास अधिकारी बाल गोविंद शुक्ला, सांसद प्रतिनिधि संजय विंद पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष संतोष पांडेय, पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष हौशिला पाठक एवं सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन प्रोफेसर रिचा यादव ने किया। कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं ने प्रदेश सरकार द्वारा महिलाओं के हित में लिए गए निर्णयों की सराहना करते हुए रक्षाबंधन पर निःशुल्क यात्रा की सुविधा के लिए सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया।
चकवा महावीर मेला शांतिपूर्ण एवं सकुशल संपन्न

*डीएम व एसपी ने मेला क्षेत्र का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का लिया जायजा, श्रद्धालुओं की सुविधाओं एवं सुरक्षा व्यवस्था पर रखी नजर*


नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जनपद का प्रसिद्ध एवं आस्था का प्रमुख केंद्र चकवा महावीर मेला मंगलवार को श्रद्धा, उत्साह और उमंग के वातावरण में शांतिपूर्ण एवं सकुशल ढंग से संपन्न हुआ। जिलाधिकारी शैलेष कुमार एवं पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी ने स्वयं मेला क्षेत्र का निरीक्षण कर सुरक्षा, स्वच्छता, पेयजल, विद्युत, यातायात एवं श्रद्धालुओं की सुविधाओं से संबंधित व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अधिकारियों ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित की।
          भोर से ही चकवा महावीर मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। भक्तों ने भगवान महावीर को भोग अर्पित कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की तथा सुख-समृद्धि एवं मंगलमय जीवन की कामना की। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी के बावजूद प्रशासन एवं पुलिस की प्रभावी व्यवस्थाओं के चलते मेला शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ।
        जिलाधिकारी शैलेष कुमार एवं पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी ने मेला क्षेत्र में भ्रमण करते हुए विभिन्न व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने श्रद्धालुओं के आवागमन, भीड़ नियंत्रण, पार्किंग, सुरक्षा व्यवस्था, साफ-सफाई एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं का जायजा लिया। अधिकारियों ने मौके पर मौजूद संबंधित अधिकारियों एवं पुलिसकर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए पूरी सतर्कता के साथ ड्यूटी का निर्वहन करने के निर्देश दिए।
        मेले को सकुशल संपन्न कराने के लिए प्रशासन द्वारा विभिन्न स्थानों पर जोनल एवं सेक्टर मजिस्ट्रेटों की ड्यूटी लगाई गई थी। सभी अधिकारी अपने निर्धारित ड्यूटी स्थल पर उपस्थित रहकर जिम्मेदारियों का तत्परता के साथ निर्वहन करते रहे। पुलिस बल द्वारा भीड़ नियंत्रण, यातायात प्रबंधन एवं सुरक्षा के दृष्टिगत लगातार निगरानी रखी गई।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम ने खाद्य सुरक्षा अधिकारी के नेतृत्व में मेला क्षेत्र का निरीक्षण किया। दुकानदारों को खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता एवं स्वच्छता के संबंध में जागरूक करते हुए खाद्य सामग्री को ढककर एवं सुरक्षित तरीके से बिक्री करने के निर्देश दिए गए।
          मेले की व्यवस्थाओं को सुचारू बनाए रखने में लोक निर्माण विभाग, विद्युत विभाग ज्ञानपुर, जल निगम, जिला पंचायत राज विभाग एवं जिला पंचायत की टीमें भी पूरी मुस्तैदी के साथ सक्रिय रहीं। पेयजल, विद्युत, स्वच्छता, साफ-सफाई एवं मार्ग व्यवस्था सहित अन्य आवश्यक सुविधाओं पर संबंधित विभागों द्वारा लगातार निगरानी रखी गई।
       मेले के दौरान जिलाधिकारी शैलेष कुमार एवं पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी ने मंदिर परिसर के तालाब में मछलियों को दाना खिलाया तथा मेले की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने श्रद्धालुओं से भी संवाद करते हुए व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी ली और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
         मेले में उप जिलाधिकारी ज्ञानपुर, पुलिस क्षेत्राधिकारी, तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार सहित अन्य अधिकारी लगातार भ्रमणशील रहे। जनप्रतिनिधियों एवं संभ्रांत नागरिकों ने भी मेला क्षेत्र का भ्रमण किया। प्रशासन द्वारा की गई व्यवस्थाओं के प्रति श्रद्धालुओं एवं स्थानीय लोगों ने संतोष व्यक्त करते हुए जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन का आभार जताया। चकवा महावीर मंदिर मेला समिति के प्रबंधक ने भी मेला शांतिपूर्ण एवं सकुशल संपन्न होने पर जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन को बधाई देते हुए उनके सहयोग एवं कुशल प्रबंधन के प्रति आभार व्यक्त किया।
           जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक द्वारा स्वयं मेला क्षेत्र का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का लगातार जायजा लेने, संबंधित विभागों की सक्रिय सहभागिता तथा पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों की सतत निगरानी के चलते प्रसिद्ध चकवा महावीर मेला श्रद्धा, आस्था, सुरक्षा एवं सुव्यवस्थित व्यवस्थाओं के साथ शांतिपूर्ण एवं सकुशल संपन्न हुआ।
भदोही के चकवा महावीर मंदिर पर बुढ़वा मंगल मेला: श्रद्धालुओं की भीड़, सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त; अधिकारियों ने किया निरीक्षण



रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। भदोही के चकवा महावीर मंदिर में सावन मास के अंतिम मंगलवार को बुढ़वा मंगल मेले का आयोजन किया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी, जिसके मद्देनजर सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए थे।
बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ और सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग दर्शन के लिए मंदिर पहुंच रहे थे। मंदिर में दर्शनार्थियों की लंबी कतारें देखी गईं। मेले में बड़ी संख्या में दुकानदार भी अपनी दुकानें लगाए हुए थे।  ऐतिहासिक चकवा महावीर मंदिर का इतिहास काफी पुराना बताया जाता है। यह मंदिर पांडव कालीन माना जाता है। मान्यता है कि सच्चे मन से मांगी गई हर मनोकामना संकट मोचन हनुमान जी यहां पूरी करते हैं। इसी मान्यता के चलते सावन मास के अंतिम मंगलवार को यहां एक ऐतिहासिक मेले का आयोजन होता है। श्रद्धालुओं ने सुबह से ही मंदिर पहुंचकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए चकवा महावीर मंदिर परिसर और मंदिर तक जाने वाले मार्गों पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल और अपर जिलाधिकारी शुभांगी शुक्ला ने मौके पर पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। सुबह से शाम तक मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ बनी रही।
भदोही में चकवा महावीर मेले की सुरक्षा का जायजा: अपर पुलिस अधीक्षक, अपर जिलाधिकारी और उप जिलाधिकारी ने किया निरीक्षण*


रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। मंगलवार को भदोही के अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल, अपर जिला मजिस्ट्रेट शुभांगी शुक्ला और उप जिलाधिकारी अरुण दीक्षित ने ज्ञानपुर थाना क्षेत्र स्थित चकवा महावीर मंदिर परिसर में आयोजित मेले का भ्रमण किया। अधिकारियों ने सुप्रसिद्ध चकवा महावीर मेले में सुरक्षा एवं कानून-व्यवस्था की स्थिति का जायजा लिया।

इस दौरान अधिकारियों ने मेला परिसर, प्रमुख प्रवेश एवं निकास मार्गों, श्रद्धालुओं की आवाजाही वाले स्थानों और विभिन्न चौराहों पर तैनात पुलिस बल का निरीक्षण किया। उन्होंने मेले में बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए किए गए प्रबंधों की जानकारी ली।

अधिकारियों ने ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। उन्हें सतर्कता और मुस्तैदी से ड्यूटी करने, भीड़ को व्यवस्थित रखने, संदिग्ध व्यक्तियों व गतिविधियों पर कड़ी नजर रखने तथा यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

मेला क्षेत्र में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए, संबंधित पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को भीड़ नियंत्रण, आवश्यकतानुसार त्वरित पुलिस सहायता उपलब्ध कराने और किसी भी परिस्थिति में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए निर्देशित किया गया।

अधिकारियों ने मेला क्षेत्र में तैनात पुलिस बल को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने और प्रत्येक स्थिति पर सतर्क दृष्टि रखने के निर्देश दिए। किसी भी प्रकार की समस्या की सूचना मिलने पर तत्काल आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया। भदोही पुलिस और जिला प्रशासन द्वारा चकवा महावीर मेले को सकुशल, शांतिपूर्ण और सुरक्षित वातावरण में संपन्न कराने के लिए पर्याप्त पुलिस बल और आवश्यक सुरक्षा प्रबंधों के साथ लगातार सतर्कता बरती जा रही है।
परिषदीय स्कूलों में खेलकूद सामग्री क्रय को बजट जारी*

*जिले में कुल 885 स्कूलों में खरीदा जाएगा खेल सामग्री*

नितेश श्रीवास्तव


भदोही । जिले के परिषदीय विद्यालयों में खेलकूद को बढ़ावा देने की दिशा में खेल सामग्री खरीद के लिए शासन से बजट जारी होग या है। प्राथमिक विद्यालयों में 5 एवं उच्च प्राथमिक व कंपोजिट विद्यालयों में 10-10 हजार जारी हुआ है। शासन से इसका बजट मिल गया है। माह के अंत तक सभी विद्यालयों के खाते में यह रकम जारी की जाएगी। इससे बच्चों के जरूरत के हिसाब से खेलकूद का सामान खरीदा जाएगा।

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शिवम पांडेय ने बताया कि जिले में 885 प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और कंपोजिट विद्यालय संचालित हैं। इसमें एक लाख 33 हजार बच्चेे पंजीकृत हैं। बच्चों को बेहतर शिक्षा देने के लिए तमाम योजनाएं चलाई जा रही है। इसके तहत बच्चों को रोचक तरीके से पढ़ाने को निर्देश दिया जा रहा है। वहीं बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास पर भी नजर है।
चीनी का दाम बढ़ने से 15 फीसदी तक बढ़ी लागत, रक्षाबंधन पर पुराने रेट से मिलेगी मिठाई*
नितेश श्रीवास्तव

भदोही। चीनी के बढ़े दामों के बीच त्योहारों की मिठास फीकी न पड़े। इसके लिए मिठाई दुकानदारों ने फिलहाल मिठाई के दामों में किसी तरह बढ़ोतरी नहीं करने फैसला लिया है। विक्रेताओं का कहना है कि रक्षाबंधन पर फिलहाल पुराने रेट पर ही मिठाइयां बेचेंगे। पर्व के बाद मिठाई का दाम बढ़ाने पर विचार करेंगे। बीते तीन साल से 45 से 50 के बीच रही चीनी अब 65 से 70 रुपये किलो तक पहुंच गई है। इससे मिठाइयों को बनाने का लागत भी 15 से 20 फीसदी तक बढ़ा है। चीनी के दामों में करीब 15 से 20 फीसदी तक की बढ़ोतरी हुई है। अचानक से चीनी का दाम बढ़ने से त्योहारी सीजन में दुकानदारों की चिंता बढ़ गई है। तीन माह पहले थोक बाजार में करीब 45 रुपये किलो बिक रही चीनी अब 64-65 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है। खुदरा बाजार में रेट 55 से बढ़कर 68-70 रुपये हो गया है। मिठाई विक्रेताओं के मुताबिक चाशनी वाली मिठाइयों में चीनी सबसे अधिक लगती है। गुलाब जामुन, राजभोग, रसगुल्ला के अलावा क्रीम वाली मिठाइयों में चीनी ज्यादा लगती है। मिठाई विक्रेता रविशंकर मोदनवाल ने बताया कि एक किलो खोवे का गुलाब जामुन बनाने में 1.5 किलो चीनी लगती है। पहले 75 रुपये की चीनी में एक किलो खोवे का जामुन तैयार हो जाता था। अब 105 रुपये चीनी पर खर्च करना पड़ेगा।




एक साल पहले बढ़े थे मिठाइयों के दाम
करीब एक साल पहले गैस सिलिंडर की किल्लत के कारण मिठाइयों दुकानदारों ने 10 से 15 रुपये प्रति किलो मिठाई के दाम में बढ़ोतरी की थी। उसके बाद से अब तक मिठाई के दाम वैसे ही चल रहे हैं। दुकानदारों का कहना है कि लागत भले ही बढ़ गई है, लेकिन रक्षाबंधन जैसे त्योहार के बीच मिठाई के दामों को किसी भी हाल में नहीं बढ़ाया जाएगा। अभी आगे आने वाले समय में रेट किस तरह से रहता है। उसके हिसाब से ही रेट पर विचार किया जाएगा।

चीनी के दाम अचानक से बढ़ने से लागत तो बढ़ेगा ही। जो चीनी 45 से 50 रुपये किलो मिलती थी। वहीं अब 65 से 70 हो गई है। जिससे करीब 15 फीसदी तक मिठाइयों की लागत बढ़ेगी। - रविशंकर मोदनवाल, मिठाई दुकानदार, ज्ञानपुर।


रक्षाबंधन का त्योहार नजदीक है। ऐसे में लागत बढ़ने के बाद भी मिठाई के दाम नहीं बढ़ाया जाएगा। चीनी के अलावा मजदूरी भी परेशान कर रही है। गुलाब जामुन, रसगुल्ला जैसी मिठाइयों में चीनी अधिक लगती है। - बावनदास, मिठाई दुकानदार, ज्ञानपुर।
राष्ट्रीय खेल दिवस पर 'खेलो इंडिया संवाद' कार्यक्रम:पीएम मोदी युवाओं से करेंगे खेल, फिटनेस और विकसित भारत पर चर्चा*

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। राष्ट्रीय खेल दिवस-2026 के अवसर पर युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा "खेलो इंडिया संवाद – खेल की बात, प्रधानमंत्री के साथ" कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को खेल, फिटनेस, प्रतिभा विकास और राष्ट्र निर्माण से जोड़ना है। साथ ही, खेल क्षेत्र में देश की प्रगति और भविष्य की संभावनाओं पर युवाओं के साथ संवाद स्थापित करना है।जनपद भदोही में यह कार्यक्रम 27 अगस्त 2026 को दो स्थानों पर आयोजित किया जाएगा। इनमें काशी नरेश विश्वविद्यालय, ज्ञानपुर, भदोही और केशव प्रसाद मिश्र राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय, भदोही शामिल हैं। दोनों स्थलों पर बड़ी संख्या में विद्यार्थी और युवा भाग लेंगे, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्चुअल संबोधन का सीधा प्रसारण किया जाएगा।युवा संवाद के प्रमुख विषयों में देश के खेल इकोसिस्टम को बेहतर बनाना, 2036 ओलंपिक के लिए प्रतिभाओं को तैयार करना, युवा नेतृत्व एवं शासन में युवाओं की भागीदारी तथा विकसित भारत के लिए युवाओं का सशक्तिकरण शामिल हैं।वरिष्ठ कार्यक्रम अधिकारी डॉ. श्रीश कुमार उपाध्याय ने बताया कि "खेलो इंडिया संवाद युवाओं को खेल और फिटनेस के साथ-साथ नेतृत्व, अनुशासन, टीम भावना एवं राष्ट्र निर्माण से जोड़ने का एक महत्वपूर्ण मंच है। इस कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं की आकांक्षाओं और सुझावों को सुनने तथा उन्हें देश के विकास की प्रक्रिया में सक्रिय भागीदार बनाने का प्रयास किया जा रहा है।"कार्यक्रम अधिकारी राष्ट्रीय सेवा योजना डॉ. मधु ने जानकारी दी कि प्रधानमंत्री के युवा संवाद कार्यक्रम में सभी अतिथियों और युवा प्रतिभागियों की उपस्थिति अपेक्षित है। कार्यक्रम के समापन के पश्चात् 15 मिनट का युवा संवाद भी आयोजित किया जाएगा, जिसमें युवा इस कार्यक्रम के संबंध में अपने विचार व्यक्त कर सकेंगे।मेरा युवा भारत से आनंद यादव ने कहा कि खेल केवल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि युवा विकास, अनुशासन, नेतृत्व और राष्ट्र निर्माण का माध्यम है। उन्होंने जनपद भदोही के युवाओं एवं विद्यार्थियों से अधिक से अधिक संख्या में कार्यक्रम में सहभागिता करने तथा खेल, फिटनेस और विकसित भारत के निर्माण से जुड़े अपने विचार एवं सुझाव साझा करने की अपील की।
सावन के अंतिम सोमवार पर शिवालयों में उमड़े भक्त: बोल बम के जयकारे के साथ किया जलाभिषेक, मंदिरों पर सुरक्षा व्यवस्था रही चाक - चौबंद

रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। सावन के अंतिम सोमवार को जिले के शिवमंदिरों पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने देवाधिदेव के धाम पहुंच कर जलाभिषेक किया। इस दौरान हर-हर महादेव और बोल बम के जयघोष से वातावरण शिवमय हो उठा। आखिरी सोमवार होने के कारण शिवभक्तों का रेला उमड़ पड़ा था। इस बार सावन में चार सोमवार पड़े। सावन में पांच सोमवार का व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं ने इस बार आषाढ़ के अंतिम सावन से ही व्रत शुरू कर दिया था। सावन के अंतिम सोमवार को जिले के शिव मंदिरों पर श्रद्धालुओं का भारी हुजूम उमड़ा। काशी और प्रयाग के मध्य स्थित स्वयंभू सेमराधनाथ धाम में सावन के आखिरी सोमवार को एक लाख से अधिक कांवरियों और शिवभक्तों ने जलाभिषेक किया। सुबह से लेकर देर शाम तक शिव मंदिरों में शिवभक्तों का तांता लगा रहा। इस दौरान श्रद्धालुओं ने महादेव और आदिशक्ति को बेल पत्र, धतूरा, भांग, पुष्प, फल, दूध आदि अर्पित कर लोक कल्याण की कामना की। वैदिक मंत्रोच्चार और धूप-अगरबत्ती की खुशबू से वातावरण भक्तिमय होता रहा। कांवरियों की कतार गर्भगृह से लेकर एक किलोमीटर तक लगी। इस दौरान हर-हर महादेव के नारे लगे। लोग हाथ में गंगा जल लेकर शिवलिंग पर जलाभिषेक कर रहे थे। सिद्धपीठ हरिहरनाथ धाम पर भोर में चार बजे से ही महिलाओं और पुरुष श्रद्धालुओं की भीड़ लगने लगी। श्रद्धालुओं का आगमन देर रात तक होता रहा। इसी तरह गोपीगंज स्थित बड़े शिव धाम में आस्था का सैलाब उमड़ा।