सावन के अंतिम सोमवार पर शिवालयों में उमड़े भक्त: बोल बम के जयकारे के साथ किया जलाभिषेक, मंदिरों पर सुरक्षा व्यवस्था रही चाक - चौबंद

रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। सावन के अंतिम सोमवार को जिले के शिवमंदिरों पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने देवाधिदेव के धाम पहुंच कर जलाभिषेक किया। इस दौरान हर-हर महादेव और बोल बम के जयघोष से वातावरण शिवमय हो उठा। आखिरी सोमवार होने के कारण शिवभक्तों का रेला उमड़ पड़ा था। इस बार सावन में चार सोमवार पड़े। सावन में पांच सोमवार का व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं ने इस बार आषाढ़ के अंतिम सावन से ही व्रत शुरू कर दिया था। सावन के अंतिम सोमवार को जिले के शिव मंदिरों पर श्रद्धालुओं का भारी हुजूम उमड़ा। काशी और प्रयाग के मध्य स्थित स्वयंभू सेमराधनाथ धाम में सावन के आखिरी सोमवार को एक लाख से अधिक कांवरियों और शिवभक्तों ने जलाभिषेक किया। सुबह से लेकर देर शाम तक शिव मंदिरों में शिवभक्तों का तांता लगा रहा। इस दौरान श्रद्धालुओं ने महादेव और आदिशक्ति को बेल पत्र, धतूरा, भांग, पुष्प, फल, दूध आदि अर्पित कर लोक कल्याण की कामना की। वैदिक मंत्रोच्चार और धूप-अगरबत्ती की खुशबू से वातावरण भक्तिमय होता रहा। कांवरियों की कतार गर्भगृह से लेकर एक किलोमीटर तक लगी। इस दौरान हर-हर महादेव के नारे लगे। लोग हाथ में गंगा जल लेकर शिवलिंग पर जलाभिषेक कर रहे थे। सिद्धपीठ हरिहरनाथ धाम पर भोर में चार बजे से ही महिलाओं और पुरुष श्रद्धालुओं की भीड़ लगने लगी। श्रद्धालुओं का आगमन देर रात तक होता रहा। इसी तरह गोपीगंज स्थित बड़े शिव धाम में आस्था का सैलाब उमड़ा।
ज्ञानपुर की अदिति यादव ने NEET-UG 2026 में AIR-145 हासिल की: जिलाधिकारी ने किया सम्मानित*

रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। भदोही के ज्ञानपुर की निवासी अदिति यादव ने NEET-UG 2026 परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक (AIR) 145 हासिल की है। उन्होंने कुल 720 अंकों में से 690 अंक प्राप्त किए। इस उपलब्धि पर जिलाधिकारी शैलेष कुमार ने अदिति को सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
अदिति की यह सफलता इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि उन्हें पहले प्रयास में अपेक्षित परिणाम नहीं मिला था। हालांकि, उन्होंने हार नहीं मानी और आत्मविश्वास के साथ दोबारा तैयारी की। अपने दूसरे प्रयास में उन्होंने देशभर में 145वीं रैंक प्राप्त कर अपना लक्ष्य हासिल किया।
अदिति के पिता सत्येंद्र यादव उत्तर प्रदेश पुलिस में कांस्टेबल हैं, और उनकी माता रंजू यादव शिक्षिका हैं। माता-पिता के प्रोत्साहन और सहयोग से अदिति ने कठिन परिश्रम और अनुशासित अध्ययन किया। उनकी प्रारंभिक शिक्षा ज्ञानपुर के सेंट थॉमस स्कूल से हुई।
मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी के लिए उन्होंने कोटा में नियमित अध्ययन, निरंतर अभ्यास और योजनाबद्ध तरीके से पढ़ाई की। अपनी सफलता पर अदिति ने कहा कि असफलता किसी लक्ष्य का अंत नहीं होती, बल्कि यह अपनी कमियों को पहचानकर बेहतर तैयारी के साथ आगे बढ़ने का अवसर देती है।
उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, शिक्षकों और मार्गदर्शकों को दिया। उन्होंने छात्रों को संदेश दिया कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो, मेहनत निरंतर हो और स्वयं पर विश्वास बना रहे, तो कोई भी कठिन लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है।
*रक्षाबंधन पर ट्रेनों में सीटें फुल, वेटिंग टिकट भी नहीं मिल रहे

*स्लीपर में सितंबर के प्रथम सप्ताह तक सीट नहीं, स्टेशन अधीक्षक बोले दलालों से न खरीदें टिकट*



रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। रक्षाबंधन 28 अगस्त को मनाया जाएगा। दिल्ली, उत्तराखंड, पंजाब, महाराष्ट्र, बंगाल, मध्य प्रदेश, ओडिशा, गुजरात से भदोही आने वाली ट्रेनों में सीट के लिए लोग परेशान हैं। हाल यह है कि स्लीपर में सितंबर के प्रथम सप्ताह तक बर्थ खाली नहीं हैं जबकि एसी क्लास में रक्षाबंधन के बाद सीटें मिल रही हैं। कंफर्म टिकट के लिए भदोही स्टेशन के आरक्षण केंद्र पर लोग आ रहे हैं। लाइन में लग रहे हैं। कंफर्म टिकट न मिलने पर बैरंग लौट जा रहे हैं। नई दिल्ली, देहरादून, अमृतसर, मुंबई, हावड़ा, ग्वालियर, पुरी, सूरत, अहमदाबाद से भदोही की ओर आने वाले ट्रेनें सितंबर के प्रथम सप्ताह तक फुल हैं। 15120 देहरादून-बनारस जनता एक्सप्रेस में 27 अगस्त को वेटिंग टिकट भी नहीं मिल रहे हैं जबकि उसके अगले दिन 28 अगस्त को आरएसी टिकट मिल रहे है। इसी प्रकार 15128 केवी एक्सप्रेस, 12372 बीकानेर हावड़ा एक्सप्रेस, 12165 एलटीटी-गोरखपुर रत्नागिरी एक्सप्रेस, 15017 एलटीटी-गोरखपुर एक्सप्रेस, 11071 एलटीटी-बलिया कामायनी एक्सप्रेस, 13006 अमृतसर-हावड़ा एक्सप्रेस, 13005 हावड़ा-अमृतसर एक्सप्रेस, 11107 ग्वालियर-बनारस बुंदेलखंड एक्सप्रेस में स्लीपर में टिकट नहीं हैं। एसी क्लास में आरएसी में खाली है। सूरत और अहमदाबाद की ओर से भदोही, ज्ञानपुर रोड के लिए ट्रेनें कम हैं। इस रूट पर भी घर आने के लिए ट्रेनों में बर्थ नहीं मिल रहा है। ओडिशा के पुरी से भदोही आने वाली 12875 नीलांचल एक्सप्रेस में भी 10 सितंबर तक सीट नहीं मिल पा रही है। सुरियावां के करमचदं मोदनवाल ने कहा कि भाई गुजरात से आना चाहता है लेकिन कंफर्म टिकट न मिलने के कारण समस्या खड़ी हो गई है।



ट्रैनों में बर्थ के लिए पहले से प्लानिंग करनी होती है। जो इससे पास हो गया उसे टिकट खिड़की से या घर से आसानी से बर्थ मिल जाता है। मैं तो यही सुझाव दूंगा कि लोग दलालों से टिकट ना खरीदें क्योंकि इससे परेशानी में पड़ सकते हैं।


कोमल सिंह स्टेशन अधीक्षक भदोही स्टेशन
रसोइयों का सम्मान, कैशलेस चिकित्सा कार्ड वितरित: पीएम पोषण योजना के तहत मानदेय वृद्धि और सुविधाएं*

रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। भदोही में पीएम पोषण योजना के तहत कार्यरत रसोइयों के सम्मान और कैशलेस चिकित्सा कार्ड वितरण के लिए एक समारोह आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।
समारोह में बच्चों को पौष्टिक और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने में रसोइयों की महत्वपूर्ण भूमिका की सराहना की गई। इस दौरान शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने, बच्चों के पोषण में सुधार लाने और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी चर्चा हुई।
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष अनिरुद्ध त्रिपाठी, ज्ञानपुर विधायक विपुल दुबे और भाजपा जिलाध्यक्ष भदोही दीपक मिश्रा जैसे जनप्रतिनिधि मौजूद थे। सांसद प्रतिनिधि और औराई विधायक प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।
शिक्षा विभाग से जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) भदोही अंशुमान, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) भदोही शिवम पांडेय, खंड शिक्षा अधिकारी ज्ञानपुर रमाकांत सिहरौर और खंड शिक्षा अधिकारी डीघ मनोज सिंह भी समारोह में शामिल हुए।
समारोह में प्रदेश सरकार द्वारा रसोइयों के हित में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णयों और सुविधाओं की जानकारी दी गई। बताया गया कि मुख्यमंत्री ने रसोइयों का मानदेय ₹2,000 से बढ़ाकर ₹3,000 कर दिया है। यह कदम उनके आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण है।
रसोइयों की सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा के लिए अन्य सुविधाओं की भी जानकारी दी गई। इसमें दुर्घटना में किसी रसोइया की मृत्यु होने पर उसके परिवार को स्टेट बैंक के माध्यम से ₹2 लाख की आर्थिक सहायता प्रदान करने की व्यवस्था शामिल है।
इसके अलावा, रसोइयों और उनके परिवारों की स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए ₹5 लाख तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है। इस पहल से उन्हें बेहतर और समय पर चिकित्सा सुविधा मिल सकेगी।
सावन का आखिरी सोमवार कल, हाईवे से दो दिन में गुजरे 5825 कांवड़िये

*हाईवे की हर एक गतिविधि पर पुलिस की नजर*


नितेश श्रीवास्तव

भदोही। सावन का आखिरी सोमवार कल है। आखिरी सोमवार पर बाबा काशी विश्वनाथ के दर्शन के लिए भक्तों के जत्थे की रवानगी शुरू हो गई है। हाईवे पर कांवड़ियों की भीड़ दिखी। हर-हर, बम-बम व बोल-बम जयकारे और हर-हर महादेव का उद्घोष गूंजता रहा।
वहीं दूसरी तरफ प्रशासन की तैयारियां भी पुख्ता कर ली गई हैं। प्रशासन के अनुसार बीते दो दिनों में वाराणसी-प्रयागराज हाईवे से 5825 कांवड़िये गुजरे।
वाराणसी-प्रयागराज हाईवे पर कांवड़ियों के लिए आरक्षित लेन पर आकर्षक रूप से सजी झांकियों के साथ चल रहे कांवड़िये बाबा की भक्ति में लीन नजर आए। बुजुर्ग, जवान के साथ महिला और युवतियों की भक्ति देखकर हर कोई आनंदित है।हाईवे पर जगह-जगह शिविर में कांवड़ियों की सेवा की जा रही है। कोई कांवड़ियों के पैर के छालों पर मरहम लगा रहा है तो कोई कांवड़ियों को पानी और शरबत पिला रहा है।


सावन के आखिरी सोमवार को लेकर तैयारियां पुख्ता है। दो दिनों में अब तक करीब पांच हजार कांवड़िये काशी विश्वनाथ धाम की ओर गए हैं। हाईवे की हर एक गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। कांवड़ियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। इसका विशेष ध्यान रखा जा रहा है।


अभिनव त्यागी पुलिस अधीक्षक
कांग्रेस जिला अध्यक्ष चयन हेतु बैठकें:संगठन सृजन अभियान के तहत चर्चा सम्पन्न

रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव


भदोही। संगठन सृजन अभियान के तहत जिला कांग्रेस कमेटी के जिला अध्यक्ष के चयन के लिए ज्ञानपुर और औराई ब्लॉक में महत्वपूर्ण बैठकें आयोजित की गईं। ज्ञानपुर ब्लॉक की बैठक चित्रांगन लॉन, ज्ञानपुर में हुई, जबकि औराई ब्लॉक की बैठक मुक्तापुर में सम्पन्न हुई।

बैठक को संबोधित करते हुए एआईसीसी पर्यवेक्षक कमलकांत शर्मा ने बताया कि संगठन सृजन अभियान का उद्देश्य कांग्रेस संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि जिला अध्यक्ष का चयन कार्यकर्ताओं की राय, संगठन के प्रति समर्पण और पार्टी को मजबूत करने की क्षमता के आधार पर किया जाएगा।

पीसीसी पर्यवेक्षक मनीष मिश्रा ने इस बात पर जोर दिया कि संगठन की मजबूती कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी से ही संभव है। उन्होंने आश्वस्त किया कि जिला अध्यक्ष के चयन में कार्यकर्ताओं के विचारों और सुझावों को पूरी गंभीरता से लिया जा रहा है।

एक अन्य पीसीसी पर्यवेक्षक राजीव त्रिपाठी ने कहा कि संगठन सृजन अभियान के माध्यम से ऐसे नेतृत्व का चयन किया जाएगा, जो कार्यकर्ताओं के बीच रहकर संगठन को मजबूत करे और पार्टी की विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाए।

बैठक के बाद, जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पद के सभी दावेदारों का व्यक्तिगत साक्षात्कार लिया गया। पर्यवेक्षकों ने दावेदारों से संगठन को मजबूत करने की उनकी कार्ययोजना, कार्यकर्ताओं के साथ संवाद और बूथ स्तर तक संगठन को सशक्त बनाने के तरीकों पर विस्तार से चर्चा की।

बैठक में ब्लॉक अध्यक्ष ज्ञानपुर महेश चंद्र मिश्रा, ब्लॉक अध्यक्ष औराई अजय कुमार प्रजापति, पूर्व जिला अध्यक्ष, पूर्व पीसीसी एवं एआईसीसी सदस्यगण, ब्लॉक कांग्रेस कमेटियों के पदाधिकारी, मंडल अध्यक्ष, न्याय पंचायत अध्यक्ष सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसजन उपस्थित रहे।

बैठक का संचालन जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष वसीम अंसारी ने किया। उन्होंने उपस्थित पर्यवेक्षकों, पदाधिकारियों और सभी कांग्रेसजनों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संगठन सृजन अभियान के माध्यम से कांग्रेस संगठन को और अधिक मजबूत एवं सक्रिय बनाने के लिए सभी कांग्रेसजन एकजुट होकर कार्य करेंगे।
885 परिषदीय स्कूलों में विकसित होंगे किचन गार्डेन
नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जिले के सभी 885 परिषदीय विद्यालयों में किचन गार्डेन विकसित किया जाएगा। जिन स्कूलों में जगह की कमी है वहां पर विद्यालय के छत पर व्यवस्था की जाएगी। जिससे बच्चों के एमडीएम की थाली में ताजी और जैविक सब्जियां मिलेगी। 685 विद्यालयों को पहले ही दो-दो हजार भेजा जा चुका है। शेष 200 विद्यालयों को भी जल्द विभाग किचन गार्डेन विकसित करने के लिए धनराशि भेज देगा। जिले में 885 प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक और कंपोजिट विद्यालय संचालित हैं। बच्चों को हर रोज मध्याह्न भोजन दिया जाता है। सब्जी, तहरी आदि बनाने के लिए बाजार से खरीदारी करनी पड़ती है। साल 2021 में स्कूलों में किचन गार्डेन विकसित करने की पहल की गई थी। अभोली ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय प्रयागपुर, पूर्व माध्यमिक विद्यालय अजयपुर, भुलईपुर सहित अब तक 685 विद्यालयों में किचन गार्डेन विकसित हो चुका है। कुछ विद्यालयों में जमीन के अभाव में किचन गार्डेन नहीं तैयार हो पा रहा था। जिसके लिए अब विद्यालय के छत या गमले में भी लौकी, कोहड़ा, करेला जैसी सब्जियों को तैयार किया जाएगा। जिन स्कूलों में पहले से किचन गार्डेन बनाए गए हैं वहां मेथी, पालक, धनिया, सौंफ, बैंगन, लहसुन, टमाटर, आलू, भिंडी, करेला, कद्दू, लौकी, गाजर, फूल गोभी, शलजम, प्याज आदि के अलावा सहजन, बेल, नींबू, आम, अमरूद के पौधे भी लगे हैं।

सभी 885 विद्यालयों में किचन गार्डेन विकसित होना है। करीब 700 में सब्जियां उगाई जा रही है। शेष में भी यह व्यवस्था शुरू की जा रही है। जहां जमीन की कमी है वहां गमले में सब्जियां तैयार की जाएंगी। - शिवम पांडेय, बेसिक शिक्षा अधिकारी भदोही
जिलाधिकारी-पुलिस अधीक्षक ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का किया निरीक्षण: लोगों को कटान और बाढ़ से बचाव का भरोसा दिलाया
नितेश श्रीवास्तव


भदोही। गंगा नदी में बढ़ते जलस्तर के मद्देनजर जिलाधिकारी शैलेष कुमार और पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी ने शनिवार को डीघ विकास खंड के छेछूआ भूर्रा और इटहरा में गंगा तट का निरीक्षण किया। उन्होंने संभावित कटान और बाढ़ प्रभावित लोगों से संवाद कर उन्हें राहत व बचाव का भरोसा दिलाया।
अधिकारियों ने मौके पर फसलों और जलस्तर के बारे में जानकारी ली। उन्होंने स्थानीय निवासियों की समस्याओं को सुना और उन्हें संभावित बाढ़ के प्रति सतर्क व जागरूक किया। छेछूआ गांव में पुरुषों के एक समूह ने जिलाधिकारी से प्रतिवर्ष होने वाले कटान से कृषि क्षेत्र और आवासों के प्रभावित होने की समस्या बताई।
इसके बाद, जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने शिवकरन मिश्र इंटरमीडिएट कॉलेज में स्थापित बाढ़ शरणालय/बाढ़ चौकी का निरीक्षण किया। उन्होंने वहां की व्यवस्थाओं और कर्मचारियों की उपस्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने बाढ़ चौकी के कर्मचारियों को सतर्क रहने और गंगा के जलस्तर पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए।
उन्होंने यह भी कहा कि गंगा का जलस्तर बढ़ने पर यदि किसी ग्रामीण को परेशानी होती है, तो तत्काल उसकी सहायता की जाए और किसी भी समस्या की स्थिति में वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित किया जाए। जिलाधिकारी ने चेतावनी दी कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और बाढ़ चौकियों पर निर्धारित सभी सामग्री व उपकरण उपलब्ध होने चाहिए।
उन्होंने बताया कि जनपद में ज्ञानपुर और औराई तहसीलों से होकर गंगा नदी बहती है, जिसके किनारे कई गांव होने के कारण बाढ़ की संभावना बनी रहती है। गंगा नदी का चेतावनी बिंदु 80.20 मीटर है, जबकि वर्तमान में जलस्तर 76.74 मीटर पर है।
जिले में तैनात होंगे सात नए डॉक्टर, किया पत्राचार


नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था को और बेहतर करने की कवायद शुरू हो गई है। स्वास्थ्य विभाग ने शासन को पत्राचार कर सात नए डॉक्टरों की मांग की है। सभी डॉक्टरों की तैनाती जिला अस्पताल समेत सीएचसी, पीएचसी पर होगी। इससे यहां स्वास्थ्य व्यवस्था और बेहतर हो सकेगी। जिले में दो राजकीय अस्पताल, छह सीएचसी, 20 पीएचसी है। जहां करीब 175 चिकित्सकों की जरूरत है। वर्तमान में 150 सरकारी, संविदा के डॉक्टरों की तैनाती है। कई केंद्रो पर चिकित्सकों की कमी के कारण मरीजों को रेफर करना पड़ता है। पहले सविंदा के डॉक्टरों की तैनाती जिले से होती थी, लेकिन अब शासन स्तर ही किया जाएगा।
शासन स्तर से ही उनका चयन कर जिले में भेजा जाएगा। विभाग की तरफ से उनको जरूरत वाले स्थान पर भेजा जाएगा। विभाग को शासन ने मांग पर सकारात्मक आश्वासन मिला है। जल्द ही नियुक्ति प्रक्रिया पूरी होने के बाद तैनाती की जाएगी। नए डॉक्टरों की तैनाती से ओपीडी में मरीजों सहूलियत होगी। ग्रामीण क्षेत्रों में भी स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत होंगी।


जिले में सात संविदा के डॉक्टरों की तैनाती के लिए शासन को पत्र भेजा गया है। उम्मीद है कि जल्द ही नियुक्ति हो जाएगी। जहां चिकित्सकों की कमी है वहां भेजा जाएगा। - डॉ. एसके चक, सीएमओ भदोही
कागजों पर मिल रहा है डिजिटल ज्ञान, जमीन पर लाइब्रेरी में लगे हैं ताले, वाईफाई भी बंद

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। ग्रामीण युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने के लिए गांवों में शुरू की गई डिजिटल लाइब्रेरी की सुविधा धरातल पर फेल हो गई है। शनिवार को  इंटरनेट का रिचार्ज न होने से कहीं एक माह तो कहीं दो माह से वाईफाई बंद मिला। गिने-चुने गांवों को छोड़कर अधिकतर स्थानों पर ताले लटक रहे हैं। इससे गांव के युवाओं को डिजिटल ज्ञान नहीं मिल पा रहा है।
जिले में कुल 546 ग्राम पंचायतें हैं। 2024 में 102 ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी विकसित करने के लिए दो-दो लाख रुपये दिए गए। पंचायत भवन के एक कमरे में एलईडी टीवी, राउटर समेत अन्य सुविधाएं की गईं। जरूरी किताबें भी मंगाई गईं। वाईफाई की सुविधा भी दी गई, लेकिन सब कुछ वैसा नहीं रह सका, जैसी घोषणाएं थीं। हालात यह हैं कि अधिकांश जगह ग्राम सचिवालयों में स्थापित लाइब्रेरी ताले की कैद में हैं। सचिवालय ही नहीं खुलते तो लाइब्रेरी का लाभ कैसे मिले। इन विसंगतियों के बीच बड़ी समस्या वाईफाई की है। इसका प्रचार तो खूब हुआ, लेकिन एक भी लाइब्रेरी को लगातार यह सुविधा नहीं मिल पा रही है। रिचार्ज न होने से यह सेवा लंबे समय तक ठप रहती है।


शनिवार को भदोही, औराई, डीघ और सुरियावां ब्लॉक की आठ डिजिटल लाइब्रेरी की पड़ताल की। इसमें नारेपार और महजूदा को छोड़कर शेष छह पर ताला लटका मिला। औराई के दलपतपुर, भदोही के धसकरी, सर्रोई, दरूनहां और वेदमनपुर में ताला लटका मिला। ग्रामीणों के मुताबिक कई माह से लाइब्रेरी का संचालन नहीं हो रहा है।

102 ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी चल रही है। सचिव और ग्राम प्रधान हर महीने उसके वाई-फाई को रिचार्ज कराएं। अगर कहीं ऐसा नहीं हो रहा है तो एडीओ से ऐसे गांव की सूची ली जाएगी।
डॉ सपना अवस्थी डीपीआरओ