जिले में तैनात होंगे सात नए डॉक्टर, किया पत्राचार


नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था को और बेहतर करने की कवायद शुरू हो गई है। स्वास्थ्य विभाग ने शासन को पत्राचार कर सात नए डॉक्टरों की मांग की है। सभी डॉक्टरों की तैनाती जिला अस्पताल समेत सीएचसी, पीएचसी पर होगी। इससे यहां स्वास्थ्य व्यवस्था और बेहतर हो सकेगी। जिले में दो राजकीय अस्पताल, छह सीएचसी, 20 पीएचसी है। जहां करीब 175 चिकित्सकों की जरूरत है। वर्तमान में 150 सरकारी, संविदा के डॉक्टरों की तैनाती है। कई केंद्रो पर चिकित्सकों की कमी के कारण मरीजों को रेफर करना पड़ता है। पहले सविंदा के डॉक्टरों की तैनाती जिले से होती थी, लेकिन अब शासन स्तर ही किया जाएगा।
शासन स्तर से ही उनका चयन कर जिले में भेजा जाएगा। विभाग की तरफ से उनको जरूरत वाले स्थान पर भेजा जाएगा। विभाग को शासन ने मांग पर सकारात्मक आश्वासन मिला है। जल्द ही नियुक्ति प्रक्रिया पूरी होने के बाद तैनाती की जाएगी। नए डॉक्टरों की तैनाती से ओपीडी में मरीजों सहूलियत होगी। ग्रामीण क्षेत्रों में भी स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत होंगी।


जिले में सात संविदा के डॉक्टरों की तैनाती के लिए शासन को पत्र भेजा गया है। उम्मीद है कि जल्द ही नियुक्ति हो जाएगी। जहां चिकित्सकों की कमी है वहां भेजा जाएगा। - डॉ. एसके चक, सीएमओ भदोही
कागजों पर मिल रहा है डिजिटल ज्ञान, जमीन पर लाइब्रेरी में लगे हैं ताले, वाईफाई भी बंद

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। ग्रामीण युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने के लिए गांवों में शुरू की गई डिजिटल लाइब्रेरी की सुविधा धरातल पर फेल हो गई है। शनिवार को  इंटरनेट का रिचार्ज न होने से कहीं एक माह तो कहीं दो माह से वाईफाई बंद मिला। गिने-चुने गांवों को छोड़कर अधिकतर स्थानों पर ताले लटक रहे हैं। इससे गांव के युवाओं को डिजिटल ज्ञान नहीं मिल पा रहा है।
जिले में कुल 546 ग्राम पंचायतें हैं। 2024 में 102 ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी विकसित करने के लिए दो-दो लाख रुपये दिए गए। पंचायत भवन के एक कमरे में एलईडी टीवी, राउटर समेत अन्य सुविधाएं की गईं। जरूरी किताबें भी मंगाई गईं। वाईफाई की सुविधा भी दी गई, लेकिन सब कुछ वैसा नहीं रह सका, जैसी घोषणाएं थीं। हालात यह हैं कि अधिकांश जगह ग्राम सचिवालयों में स्थापित लाइब्रेरी ताले की कैद में हैं। सचिवालय ही नहीं खुलते तो लाइब्रेरी का लाभ कैसे मिले। इन विसंगतियों के बीच बड़ी समस्या वाईफाई की है। इसका प्रचार तो खूब हुआ, लेकिन एक भी लाइब्रेरी को लगातार यह सुविधा नहीं मिल पा रही है। रिचार्ज न होने से यह सेवा लंबे समय तक ठप रहती है।


शनिवार को भदोही, औराई, डीघ और सुरियावां ब्लॉक की आठ डिजिटल लाइब्रेरी की पड़ताल की। इसमें नारेपार और महजूदा को छोड़कर शेष छह पर ताला लटका मिला। औराई के दलपतपुर, भदोही के धसकरी, सर्रोई, दरूनहां और वेदमनपुर में ताला लटका मिला। ग्रामीणों के मुताबिक कई माह से लाइब्रेरी का संचालन नहीं हो रहा है।

102 ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी चल रही है। सचिव और ग्राम प्रधान हर महीने उसके वाई-फाई को रिचार्ज कराएं। अगर कहीं ऐसा नहीं हो रहा है तो एडीओ से ऐसे गांव की सूची ली जाएगी।
डॉ सपना अवस्थी डीपीआरओ
जल जीवन मिशन की समीक्षा बैठक में डीएम ने निर्माण कार्यों में तेजी लाने के दिए निर्देश*

*पेयजल परियोजनाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण कार्य पूर्ण कराएं : जिलाधिकारी शैलेष कुमार*

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। ग्रामीण क्षेत्रों के प्रत्येक परिवार को शुद्ध, सुरक्षित एवं नियमित पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित जल जीवन मिशन की प्रगति की समीक्षा शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी शैलेष कुमार की अध्यक्षता में हुई।  बैठक में जनपद में संचालित पेयजल परियोजनाओं की प्रगति, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, जलापूर्ति व्यवस्था तथा आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण की विस्तृत समीक्षा की गई।
             समीक्षा के दौरान निर्माण कार्यों की धीमी प्रगति पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए कार्यदायी संस्थाओं को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी लंबित परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर तेजी से पूर्ण कराया जाए। उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन केंद्र एवं प्रदेश सरकार की अत्यंत महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी योजना है। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही, शिथिलता अथवा अनावश्यक विलंब स्वीकार नहीं किया जाएगा। सभी परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण कर ग्रामीण परिवारों को नियमित पेयजल उपलब्ध कराया जाए।
              जिलाधिकारी ने हर घर जल योजना के अंतर्गत विद्यालयों, सामुदायिक शौचालयों, पशु चिकित्सालयों सहित अन्य सार्वजनिक संस्थानों एवं आवश्यक स्थलों पर भी प्राथमिकता के आधार पर नल कनेक्शन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पेयजल परियोजनाओं से जुड़े सभी आवश्यक संस्थानों में स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
           पेयजल परियोजनाओं में केबिल चोरी की घटनाओं की रोकथाम के लिए जिलाधिकारी ने सभी ओवरहेड टैंक (ओ.एच.टी.) पर इंडिकेटर लाइट लगाने, परिसर में समुचित प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा आवश्यकतानुसार क्लोज सर्किट कैमरे (सीसीटीवी) अनिवार्य रूप से स्थापित कराने के निर्देश दिए।
             बैठक में आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों एवं उनके निस्तारण की स्थिति की भी समीक्षा की गई। वेलस्पन एवं मेसर्स जी.ए. इंफ्रा की आईजीआरएस प्रगति संतोषजनक न पाए जाने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को दोनों कार्यदायी संस्थाओं की शिकायत निस्तारण व्यवस्था में तत्काल सुधार कराने तथा लंबित प्रकरणों का गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि जलापूर्ति योजनाओं के संचालन में गुणवत्ता, पारदर्शिता एवं जवाबदेही सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को नियमित स्थलीय निरीक्षण करने, निर्माण कार्यों की सतत मॉनिटरिंग करने तथा ग्राम स्तर पर पेयजल आपूर्ति की प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
             उन्होंने कहा कि शासन की इस महत्वाकांक्षी योजना का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब प्रत्येक पात्र परिवार तक सुचारु एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल की सुविधा पहुंचे। योजना के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
          बैठक में मुख्य विकास अधिकारी बाल गोविन्द शुक्ल, जिला विकास अधिकारी/जिला पंचायत राज अधिकारी सपना अवस्थी, एवं संबंधित विभागीय अधिकारी, जल निगम के अभियंता राजबली सहित कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
विद्यालयी वाहनों के विरुद्ध सघन चेकिंग अभियान*

*35 स्कूली वाहनों की हुई जांच, 02 वाहनों का चालान — बिना पूर्ण अभिलेखों के संचालन पर होगी कठोर कार्रवाई*

-‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जिलाधिकारी शैलेष कुमार के निर्देशन में सड़क सुरक्षा एवं विद्यार्थियों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उप संभागीय परिवहन कार्यालय, भदोही द्वारा “Mission Safe Future 2” के अंतर्गत विद्यालयी वाहनों के विरुद्ध सघन चेकिंग अभियान चलाया गया।

अभियान के दौरान कुल 35 स्कूली वाहनों की जांच की गई। जांच में मानकों का अनुपालन न करने पर 02 वाहनों का चालान किया गया, जिसमें 01 वाहन फिटनेस फेल तथा 01 वाहन परमिट फेल पाया गया। इसके साथ ही वाहन चालकों एवं विद्यालय प्रबंधन को सड़क सुरक्षा नियमों के प्रति जागरूक भी किया गया।

परिवहन विभाग द्वारा स्कूल बस एवं निजी बस के वाहन स्वामियों को दूरभाष के माध्यम से निर्देशित किया गया कि वे अपने वाहनों के फिटनेस प्रमाण-पत्र, परमिट, प्रदूषण प्रमाण-पत्र एवं बीमा प्रमाण-पत्र सहित सभी आवश्यक अभिलेखों को अद्यतन एवं पूर्ण रखें।

परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया कि भविष्य में बिना पूर्ण अभिलेखों के कोई विद्यालयी वाहन सड़क पर संचालित पाया गया तो संबंधित वाहन के विरुद्ध चालान, वाहन बंद करने तथा पंजीयन निलंबन की कार्रवाई की जाएगी।

सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन/प्रवर्तन), राम सिंह ने विद्यालय प्रबंधन एवं वाहन स्वामियों से अपील की कि विद्यार्थियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी वाहनों का संचालन निर्धारित मानकों एवं सड़क सुरक्षा नियमों के अनुरूप ही सुनिश्चित करें।
बाल संरक्षण, अधिकारों की सुरक्षा पर हुई चर्चा : 12 ग्राम पंचायतों में बाल कल्याण बैठकें आयोजित*
नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जिलाधिकारी शैलेष कुमार के निर्देश पर शुक्रवार को 12 ग्राम पंचायतों में ग्राम बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति की बैठकें आयोजित की गईं। ये बैठकें ब्लॉक अभोली, औराई, भदोही, डीघ, ज्ञानपुर और सुरियावां की विभिन्न ग्राम पंचायतों में हुईं।

इन बैठकों में बाल संरक्षण, बाल अधिकारों की सुरक्षा और जरूरतमंद व निराश्रित बच्चों को सरकारी कल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित करने पर विस्तृत चर्चा की गई।

बाल श्रम, बाल विवाह और बच्चों के विरुद्ध होने वाले किसी भी प्रकार के शोषण की रोकथाम के लिए प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए गए। साथ ही, विद्यालय से वंचित बच्चों को चिन्हित कर उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने तथा अनाथ व संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों को समयबद्ध सहायता उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया।

बैठक के दौरान सत्येन्द्र पाण्डेय ने विधि का उल्लंघन करने वाले बच्चों के विषय में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बाल विवाह से होने वाले दुष्परिणामों पर भी प्रकाश डाला।

पाण्डेय ने विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं जैसे बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना, विधवा पेंशन योजना और स्पॉन्सरशिप योजना की जानकारी दी। इसके अतिरिक्त, 1098 चाइल्डलाइन, 112 पुलिस हेल्पलाइन, 1076 जनसुनवाई, 181 महिला हेल्पलाइन, 102 महिला प्रसव हेल्पलाइन और 108 आकस्मिक हेल्पलाइन के बारे में भी बताया गया।

उन्होंने किशोर न्याय अधिनियम के अंतर्गत बाल गृह और संप्रेक्षण गृह के विषय में भी उपस्थित लोगों को अवगत कराया।

बैठक में आलोक दुबे, कुणाल गुप्ता, महेंद्र गुप्ता, सत्येन्द्र पाण्डेय, दिनेश, आनंद मौर्या, मो. कैफ, विवेक गुप्ता, आयुष शर्मा, वीरेन्द्र प्रसाद, दीपक यादव सहित बड़ी संख्या में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
*15 दिनों में चीनी के दामों में 50% तक का उछाल*
*मिठाई कारोबार पर असर*


नितेश श्रीवास्तव

भदोही ‌। सावन माह समाप्ति की ओर है। इसके साथ ही पर्वों की आमद भी होने वाली है। उधर, चीनी के दामों में प्रतिदिन बढ़ोत्तरी ने आम आदमी की नींद गायब कर रही है। इतना ही नहीं मिष्ठान कारोबार पर भी असर पड़ने से इनकार नहीं किया जा सकता है। बाजार में चीनी 65 रुपये किलो तक बिक रही है। दुकानदारों का कहना है कि बाजार में मांग की तुलना में करीब आधी ही चीनी की आपूर्ति हो पा रही है। आने वाले दिनों में रक्षाबंधन, गणेशोत्सव, जन्माष्टमी और दिवाली जैसे त्योहारों से मांग और बढ़ेगी। इससे चीनी के दाम में और तेजी आने की आशंका है। किराना व्यापारी राम कुमार चौरसिया ने बताया कि 15 दिन पहले चीनी 40-45 रुपये किलो बिक रही थी।

मिठाई कारोबारी संदीप कुमार गुप्ता ने बताया कि अगले एक महीने में कई बड़े त्योहार हैं। कारोबारियों को मांग के मुकाबले करीब आधी ही आपूर्ति मिल रही है। व्यावसायिक सिलिंडर पर सरकार की 375 रुपये की राहत भी बेअसर है।
काशी नरेश विश्वविद्यालय कार्य परिषद की बैठक: प्रशासनिक और शैक्षणिक कार्यों पर अहम प्रस्तावों पर विचार*
नितेश श्रीवास्तव


भदोही। काशी नरेश विश्वविद्यालय, भदोही की कार्य परिषद की बैठक शुक्रवार को कुलपति प्रो. उमा श्रीवास्तव की अध्यक्षता में संपन्न हुई। इस बैठक में विश्वविद्यालय के प्रशासनिक और शैक्षणिक कार्यों से संबंधित कई महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया गया।

बैठक की कार्यसूची में पूर्व में आयोजित विद्या परिषद और वित्त समिति की बैठकों के कार्यवृत्त के अनुमोदन सहित विभिन्न अहम प्रस्ताव शामिल थे।

कार्यसूची के अनुसार, 30 जून 2026 और 14 अगस्त 2026 को हुई विद्या परिषद की बैठकों के कार्यवृत्त तथा 29 जुलाई 2026 को हुई वित्त समिति की बैठक के कार्यवृत्त को अनुमोदित किया गया।

इसके अतिरिक्त, माननीय उच्चतम न्यायालय और माननीय उच्च न्यायालय, प्रयागराज में विश्वविद्यालय का पक्ष रखने के लिए विश्वविद्यालय अधिवक्ता नामित किए जाने पर भी विचार किया गया।

विश्वविद्यालय के कुलगीत और लोगो के अनुमोदन जैसे महत्वपूर्ण विषय भी कार्य परिषद के समक्ष प्रस्तुत किए गए। शिक्षणोत्तर पदों के सृजन से संबंधित प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई।

कार्यसूची में महाविद्यालयों में पूर्व से स्वीकृत तृतीय श्रेणी के पदों और अंतरिम व्यवस्था से जुड़े विषयों का भी उल्लेख था। बैठक में कुलसचिव, परीक्षा नियंत्रक और कार्य परिषद के सदस्य उपस्थित रहे।

कार्य परिषद की यह बैठक विश्वविद्यालय के प्रशासनिक और संस्थागत विकास की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। उम्मीद है कि इसमें लिए गए निर्णयों से विश्वविद्यालय की शैक्षणिक, प्रशासनिक और संरचनात्मक व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने का मार्ग प्रशस्त होगा।
भदोही SP ने चकवा महावीर मेले की सुरक्षा जांची:यातायात और पार्किंग व्यवस्था के लिए दिए निर्देश*
नितेश श्रीवास्तव

भदोही। पुलिस अधीक्षक भदोही अभिनव त्यागी ने शुक्रवार को थाना ज्ञानपुर क्षेत्र में आयोजित होने वाले सुप्रसिद्ध चकवा महावीर मेले स्थल का भ्रमण किया। उन्होंने आगामी मेले को सकुशल और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

इस दौरान, पुलिस अधीक्षक ने मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए सुचारू यातायात और व्यवस्थित पार्किंग व्यवस्था सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया।

उन्होंने संबंधित अधिकारियों को वाहनों की पार्किंग के लिए चिह्नित स्थान निर्धारित करने और भीड़ नियंत्रण के लिए कड़े कदम उठाने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
चकवा महावीर मंदिर का 34.82 लाख से सौंदर्यीकरण: पर्यटन विभाग ने 70 काम पूरा किया, जल्द नए स्वरूप में दिखेगा

नितेश श्रीवास्तव

भदोही।औराई तहसील के प्राचीन चकवा महावीर मंदिर का 34.82 लाख रुपये की लागत से सौंदर्यीकरण कराया जा रहा है। पर्यटन विभाग इस परियोजना पर काम कर रहा है और लगभग 70 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। जल्द ही यह प्राचीन मंदिर नए स्वरूप में श्रद्धालुओं के लिए उपलब्ध होगा।

सौंदर्यीकरण के तहत मंदिर परिसर में स्थित तालाब के किनारे बलुआ मिट्टी से बाउंड्री बनाई जा रही है। इसके अतिरिक्त, लाइटिंग की व्यवस्था की जा रही है और एक धर्मशाला का निर्माण भी किया जा रहा है। इन कार्यों का उद्देश्य श्रद्धालुओं को ठहरने और धार्मिक अनुष्ठान करने में सुविधा प्रदान करना है।

चकवा स्थित यह पांडवकालीन हनुमान मंदिर अत्यंत प्राचीन माना जाता है और इसकी मान्यता महाभारत काल से जुड़ी है। मंदिर के प्रति लोगों की गहरी आस्था है, जिसके कारण प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए आते हैं। विशेषकर शनिवार और मंगलवार को हजारों की भीड़ उमड़ती है और मंदिर परिसर में मेला भी लगता है।

पर्यटन अधिकारी ब्रजेश कुमार ने बताया कि मंदिर परिसर के जीर्णोद्धार के लिए 34.82 लाख रुपये स्वीकृत किए गए थे। उन्होंने पुष्टि की कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता का पूरा ध्यान रखा जा रहा है और शेष कार्य भी शीघ्र ही पूरा कर लिया जाएगा।
बच्चों से संवाद कर शिक्षा की गुणवत्ता एवं विद्यालयीय व्यवस्थाओं का लिया जायजा*
*विद्यार्थियों को समय-सारिणी बनाकर पढ़ाई, खेलकूद एवं अन्य गतिविधियों के लिए प्रेरित किया; विद्यालयों में व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के दिए निर्देश*


नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जिलाधिकारी शैलेष कुमार ने बृहस्पतिवार को विकासखंड ज्ञानपुर के राजकीय हाई स्कूल सरई मिश्रानी एवं कंपोजिट विद्यालय सरई मिश्रानी का आकस्मिक निरीक्षण कर विद्यालयों में शैक्षिक एवं अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कक्षाओं में जाकर विद्यार्थियों से संवाद किया तथा उनकी पढ़ाई, दिनचर्या एवं विद्यालय से संबंधित विषयों की जानकारी ली।

राजकीय हाई स्कूल सरई मिश्रानी में जिलाधिकारी ने विद्यार्थियों से आत्मीय संवाद करते हुए पूछा कि वे भविष्य में क्या बनना चाहते हैं। उन्होंने बच्चों की प्रतिभा एवं रुचि को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि आप सभी में अच्छा टैलेंट है, मन लगाकर पढ़ाई करें और निरंतर आगे बढ़ें। उन्होंने विद्यार्थियों से घर पर रहने के दौरान उनकी दिनचर्या के बारे में भी जानकारी ली तथा पढ़ाई, खेलकूद एवं अन्य गतिविधियों के लिए नियमित समय-सारिणी बनाकर उसके अनुसार कार्य करने की सलाह दी। बच्चों द्वारा विद्यालय में किसी प्रकार की समस्या न होने की जानकारी दी गई।

जिलाधिकारी ने उपस्थित शिक्षकों को निर्देशित किया कि विद्यार्थियों को और बेहतर एवं स्मार्ट शिक्षण तकनीकों के माध्यम से पढ़ाया जाए, जिससे उनकी समझ एवं सीखने की क्षमता को और विकसित किया जा सके। उन्होंने सभी कक्षा-कक्षों में टाइम-टेबल प्रदर्शित करना सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।

निरीक्षण के दौरान राजकीय हाई स्कूल के कुछ कक्षों में पानी के रिसाव की समस्या सामने आने पर जिलाधिकारी ने जिला विद्यालय निरीक्षक को निर्देशित किया कि मरम्मत कार्य का एस्टीमेट तैयार कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित कराई जाए, ताकि विद्यार्थियों को सुरक्षित एवं बेहतर शैक्षिक वातावरण उपलब्ध हो सके।

इसके पश्चात जिलाधिकारी ने कंपोजिट विद्यालय सरई मिश्रानी का निरीक्षण किया। विद्यालय में सभी शिक्षक उपस्थित पाए गए तथा शैक्षणिक कार्य एवं विद्यालयीय व्यवस्थाएं सुचारू रूप से संचालित मिलीं। प्रधानाध्यापक द्वारा अवगत कराया गया कि बरसात के दौरान एक अतिरिक्त कक्ष में पानी का रिसाव हो रहा है। जिलाधिकारी ने इस पर जिला पंचायत राज अधिकारी एवं जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को आवश्यक मरम्मत कार्य कराए जाने हेतु निर्देशित किया।

जिलाधिकारी ने कहा कि विद्यालयों में बेहतर शैक्षिक वातावरण, विद्यार्थियों की प्रतिभा का विकास तथा मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता जिला प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने शिक्षकों से विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के साथ-साथ उनके सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान देने का आह्वान किया। इस अवसर पर जिला विद्यालय निरीक्षक अंशुमान जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शिवम पांडेय एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे