उच्च प्राथमिक विद्यालय में मुख्य व्यवस्था विकास अधिकारी को निरीक्षण में मिली व्यवस्थाएं दुरुस्त
फर्रुखाबाद।
उच्च प्राथमिक विद्यालय, महरूपुर सहजू, विकास खण्ड बढ़पुर का मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार गौड़ ने औचक निरीक्षण किया ।विद्यालय  निरीक्षण के दौरान इंचार्ज प्रधानाध्यापक- शबनम शहाना प्रवीन, सहायक अध्यापक प्रशान्त कुमार कटियार, ऋचा गंगवार एवं शीलू यादव एवं अनुदेशक  मंजेश्वरी एवं आभा उपस्थित थीं । विद्यालय में शुद्ध एवं सुरक्षित पेयजल की समुचित व्यवस्था उपलब्ध पाई गई। पेयजल व्यवस्था संतोषजनक है। बालकों हेतु पृथक शौचालय उपलब्ध एवं उपयोग योग्य पाया गया। साफ-सफाई की स्थिति संतोषजनक है।
बालिकाओं हेतु पृथक शौचालय उपलब्ध एवं उपयोग योग्य पाया गया। आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हैं।
शौचालय एवं मूत्रालय में जलापूर्ति की समुचित व्यवस्था उपलब्ध पाई गई।
शौचालय एवं मूत्रालय में टाइल्सीकरण का कार्य पूर्ण एवं संतोषजनक पाया गया।दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए सुलभ शौचालय की व्यवस्था उपलब्ध एवं उपयोग योग्य पाई गई। विद्यालय में मल्टीपल हैंड वॉशिंग यूनिट उपलब्ध एवं क्रियाशील पाई गई।कक्षा-कक्षों के फर्श का टाइलीकरण कार्य पूर्ण पाया गया। फर्श की स्थिति संतोषजनक है। विद्यालय में दिव्यांग विद्यार्थियों के आवागमन हेतु रैम्प की सुविधा उपलब्ध एवं उपयोग योग्य पाई गई।
विद्यालय में रसोई घर उपलब्ध है भोजन निर्माण हेतु आवश्यक व्यवस्था संतोषजनक पाई गई। विद्यालय के निरीक्षण के समय तहरी बनी पायी गयी, जो मेन्यू के अनुसार बनयी गयी। तहरी की गुणवत्ता संतोषजनक पायी गयी।
विद्यालय भवन की रंगाई-पुताई पूर्ण एवं विद्यालय परिसर साफ-सुथरा पाया गया। विद्यालय परिसर में दिव्यांग विद्यार्थियों के सुगम आवागमन हेतु रैम्प एवं रेलिंग की व्यवस्था उपलब्ध पाई गई।कक्षा-कक्षों में विद्यार्थियों के लिए आवश्यक फर्नीचर एवं विद्युत उपकरण उपलब्ध पाए गए।
विद्यालय में विद्युत संयोजन उपलब्ध एवं विद्युत व्यवस्था क्रियाशील पाई गई।
बालकों हेतु पृथक मूत्रालय उपलब्ध एवं उपयोग योग्य पाया गया।
बालिकाओं हेतु पृथक मूत्रालय उपलब्ध एवं उपयोग योग्य पाया गया।
विद्यालय में विद्यार्थियों के बैठने हेतु फर्नीचर एवं डेस्क-बेंच उपलब्ध पाए गए।
विद्यालय में नल-जल आपूर्ति की व्यवस्था उपलब्ध एवं संतोषजनक पाई गई।
विद्यालय में सुरक्षित प्रवेश हेतु मुख्य गेट एवं परिसर की सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध एवं संतोषजनक पाई गई। विद्यालय की साफ-सफाई संतोषजनक पायी गयी।
विद्यालय परिसर में कहीं जल भराव नहीं पाया गया तथा विद्यालय सम्पर्क मार्ग बना है।

विद्यालय में 148 छात्रों का नामंकन पाया गया। विद्यालय की अवस्थापना संबंधी व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं। निरीक्षण के समय समस्त अध्यापक उपस्थित पाए गए। विद्यालय में उपलब्ध सुविधाओं के समुचित रख-रखाव, स्वच्छता व्यवस्था एवं शिक्षा की गुणवत्ता को निरंतर बनाए रखने हेतु प्रधानाध्यापक एवं समस्त अध्यापकों को निर्देशित किया गया।
गंगा के पांचाल घाट पर गंगा समिति में चलाया स्वच्छता एवं जागरूकता कार्यक्रम

फर्रुखाबाद।
जिला गंगा समिति के तत्वाधान में  गंगा स्वच्छता अभियान एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन गंगा घाट पांचाल घाट  पर किया गया। सावन माह के दृष्टिगत जिला गंगा समिति की टीम के द्वारा विशेष जागरूकता अभियान चलाया गया।जिलाधिकारी के दिशा निर्देश पर जिला परियोजना अधिकारी निहारिका पटेल के द्वारा गंगा योध्दाओं ने मिलकर घाट पर स्वच्छता अभियान चला कर घाट पर फैली प्लास्टिक पॉलिथीन, खंडित मूर्तियां कपड़े इत्यादि एकत्रित कर उनका निस्तारण किया। जिला परियोजना अधिकारी ने बताया कि गंगा तट पर प्रतिदिन हजारों कावरीयें गंगा जल लेने पहुंच रहे हैं इसके दृष्टिगत जिला गंगा समिति के द्वारा प्रतिदिन सुबह व शाम को जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसके अतिरिक्त  गंगा स्नान के लिए आए श्रद्धालुओं को गंगा स्वच्छता के लिए जागरूक किया गया। कई लोगों के द्वारा गंगा नदी में पूजा की सामग्री विसर्जित करने एवं अन्य अपशिष्ट सामग्री छोड़ने के लिए रोका गया।उपस्थित सभी लोगों को गंगा नदी की विशेषता बताते हुए गंगा नदी को स्वच्छ रखने  के लिए प्रेरित किया गया। इसके साथ ही बाढ़ के दृष्टिगत जल लेने आए कांवरियों को भी गहरे पानी में जाने से रोका गया एवं लोगों को जानकारी दी गई की गंगा में पूरी तरह से सावधानी पूर्वक स्नान करें एवं अत्यधिक गहरे पानी में न जाए।इसके अतिरिक्त गंगा घाट पर दुकानदारों,पंडित पुजारी, नाविकों इत्यादि को भी गंगा स्नान करने आए लोगों को गंगा स्वच्छता के लिए जागरूकता बनाए रखने के दिशा निर्देश दिए गए। अंत मे सभी लोगों को गंगा स्वच्छता की शपथ दिलाई गई।
डीसीएस से टकराकर सिक्योरिटी गार्ड की मौत, परिजनों का रो रो कर बुरा हाल

फर्रुखाबाद । सड़क हादसे में साइकिल सवार सिक्योरिटी गार्ड मुकेश अग्निहोत्री की मौत हो जाने से परिवार में मातम छा गया। थाना जहानगंज के ग्राम पकरिया निवासी कैलाश चंद अग्निहोत्री का 49 वर्षीय पुत्र मुकेश अग्निहोत्री साइकिल से सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करने जा रहा था। शुक्रवार को सुबह करीब 8.30 बजे थाना मऊदरवाजा के ग्राम ढिलावल चौराहा व रेलवे अंडरपास के बीच फर्नीचर की गोदाम के सामने से गुजर रहा था।

तभी ढिलावल की ओर से पाइप लदी डीसीएम नाला बघार की ओर जाने के लिए खड़ी थी जिससे मार्ग अवरुद्ध था,जब डीसीएम वहां से गुजरी तो उस में रखे पाइप से टकराकर आम के पेड़ की डाल टूट कर नीचे का आ गिरी। पेड़ की डाल के नीचे अचानक नीचे आ कर गिरने पर डीसीएम की चपेट में आने से मुकेश गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल को एंबुलेंस से लोहिया अस्पताल में लाकर भर्ती कराया गया जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। दुर्घटना के बाद सड़क के किनारे खड़ी डीसीएम को चालक लेकर फरार हो गया।

पुलिस ने पाइप लगी डीसीएम को कब्जे में लेकर ड्राइवर को हिरासत में ले लिया। मृतक मुकेश के परिजन अस्पताल विलखते रहे। चौकी इंचार्ज रामकेश ने मृतक के शव का पंचनामा भरा।
सांड से टकराई डायल 112 की गाड़ी, तीन पुलिसकर्मी घायल*
सड़कों पर घूम रहे आवारा पशु बन रहे दुर्घटना का कारण

अमृतपुर, फर्रुखाबाद । थाना राजेपुर क्षेत्र में गुरुवार देर रात करीब दो बजे पूर्वी गोटिया के पास अचानक सड़क पर आए सांड से डायल 112 पुलिस वाहन की जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर के बाद पुलिस वाहन अनियंत्रित होकर सड़क किनारे बाढ़ के पानी से भरी खाई में पलट गया। हादसे में वाहन सवार तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए।जानकारी के अनुसार डायल 112 की गाड़ी संख्या 5604 कुतलूपुर गांव में विवाद की सूचना पर गई थी। पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई पूरी करने के बाद वापस लौट रहे थे। इसी दौरान पूर्वी गोटिया के पास अचानक एक सांड सड़क पर आ गया। चालक कुछ समझ पाता, इससे पहले ही पुलिस वाहन की सांड से जोरदार टक्कर हो गई।
टक्कर इतनी तेज थी कि वाहन अनियंत्रित होकर सड़क किनारे बाढ़ के पानी से भरी खाई में पलट गया। हादसे में वाहन में सवार दीवान राजकुमार 40 सिपाही सुमित 30 और सिपाही ओमवीर 30 घायल हो गए।हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और राहत-बचाव कार्य शुरू किया। तीनों घायल पुलिसकर्मियों को तत्काल राजेपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार किया जा रहा है।
हादसे के बाद मौके पर कुछ देर तक अफरा-तफरी का माहौल रहा। बाढ़ के पानी से भरी खाई में वाहन पलटने के कारण पुलिसकर्मियों को बाहर निकालने में भी मशक्कत करनी पड़ी। पुलिस ने हादसे की जानकारी जुटाते हुए क्षतिग्रस्त वाहन को बाहर निकलवाने की कार्रवाई शुरू कर दी। क्षेत्रीय गांव वासी रामदुलारे दीनानाथ प्यारेलाल होते लाल पुष्पेंद्र राघव दीपक आदि ने बताया कि सड़कों पर आवारा पशु लगातार आते जाते रहते हैं। जिससे वाहन चालकों को परेशानी होती है और गंभीर दुर्घटनाएं हो जाती हैं।
जमीनी विवाद को लेकर मारपीट में आठ घायल


अमृतपुर फर्रुखाबाद। थाना राजेपुर क्षेत्र के कड़क्का गांव में जमीन के विवाद को लेकर दो पक्षों में जमकर मारपीट हो गई। मारपीट में दोनों पक्षों के कुल आठ लोग घायल हो गए। घायलों को राजेपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान एक घायल की हालत गंभीर होने पर उसे जिला लोहिया अस्पताल रेफर कर दिया गया।कड़क्का निवासी माया देवी पत्नी राजबहादुर ने पुलिस को तहरीर देकर आरोप लगाया कि वह घर पर मौजूद थीं। इसी दौरान मनोज की पत्नी सोनम ने अपने मायके पक्ष के विकास और सुमित समेत अन्य लोगों को सूचना दी। कुछ लोग बोलेरो से उनके घर पहुंचे और लाठी-डंडे लेकर गाली-गलौज करते हुए घर में घुस गए। विरोध करने पर आरोपियों ने परिवार के लोगों के साथ मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी
बताया गया कि करीब दो दिन पहले जमीन के विवाद को लेकर मनोज के भाई विपनेश से विवाद हुआ था। इसी विवाद को लेकर दोनों पक्ष एक बार फिर आमने-सामने आ गए और मारपीट हो गई। घटना में दीपेश, सुबोध पाल, अमित, सरोज, माया देवी समेत दोनों पक्षों के आठ लोग घायल बताए गए हैं।सभी घायलों का राजेपुर सीएचसी में उपचार कराया गया। चिकित्सक हिमांशु राजपूत ने विपनेश की हालत गंभीर देखते हुए उसे जिला लोहिया अस्पताल रेफर कर दिया।थाना राजेपुर प्रभारी नागेंद्र सिंह ने बताया कि दोनों पक्षों में विवाद और मारपीट की घटना हुई है। घायलों का उपचार कराया जा रहा है। तहरीर मिलने के बाद मामले की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
45 फीट गहराई में थमी थीं सांसें, तीन घंटे में जिंदगी की जंग जीत गई सोम्या ...............

बहादुर सोम्या बेटी को स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की तत्परता से मिला नया जीवन
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एक संकरा सूखा पड़ा  कुआं … 45 फीट की गहराई… अंधेरे में जिंदगी के लिए जूझती मासूम और उसे बचाने के लिए दौड़ती पूरी सरकारी मशीनरी
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फर्रुखाबाद।
वह सिर्फ एक  कुआं  नहीं था…
वह 45 फीट गहरा अंधेरा था, जिसमें एक मासूम की सांसें जिंदगी से जंग लड़ रही थीं।

एक ओर घबराए परिजन और चिंतित ग्रामीण थे, तो दूसरी ओर प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, एम्बुलेंस सेवा और चिकित्सा टीम—हर किसी के सामने एक ही लक्ष्य था: सोम्या को सुरक्षित जिंदगी वापस दिलाना।

नवाबगंज ब्लॉक के रसिदाबाद वल्लभ गांव में जब मासूम सोम्या के कुआं में गिरने की सूचना मिली, तो मानो समय के खिलाफ दौड़ शुरू हो गई। सूचना मिलते ही प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने बिना समय गंवाए रेस्क्यू एवं चिकित्सा व्यवस्था को सक्रिय कर दिया।

एमओआईसी कायमगंज डॉ. विनीत  एवं एमओआईसी नवाबगंज डॉ. लोकेश शर्मा तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना हुए। तीन 108 एम्बुलेंस भी मौके पर भेजी गईं। ऑक्सीजन सिलेंडर के साथ रेस्क्यू टीम ने बोरवेल में उतरकर बच्ची को सुरक्षित बाहर निकालने की जद्दोजहद शुरू की।

महज तीन घंटे में जिंदगी की जंग जीत गई सोम्या.............

करीब तीन घंटे की अथक और समन्वित कार्रवाई के बाद वह भावुक कर देने वाला क्षण आया, जिसका हर कोई इंतजार कर रहा था—मासूम सोम्या को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

घटना की सूचना से लेकर रेस्क्यू की सफलता तक प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने जिस तत्परता से काम किया, वह आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित निर्णय, विभागीय समन्वय और जमीन पर प्रभावी क्रियान्वयन का उदाहरण बन गया।

सक्रिय प्रशासनिक व्यवस्था ने दिखाई अपनी ताकत.........

जिलाधिकारी महोदय डॉ. अंकुर लाठर की सक्रिय प्रशासनिक कार्यप्रणाली, त्वरित निर्णय क्षमता और सतत निगरानी के तहत संबंधित विभागों को तत्काल सक्रिय किया गया। इसका परिणाम यह रहा कि रेस्क्यू के साथ-साथ एम्बुलेंस, चिकित्सा परीक्षण और अस्पताल में उपचार की व्यवस्थाएं समानांतर रूप से आगे बढ़ती रहीं।

उद्देश्य स्पष्ट था—बच्ची को कुआं से निकालने के बाद चिकित्सा सहायता में एक क्षण की भी अनावश्यक देरी न हो।

45 फीट की गहराई से सुरक्षित बाहर आई सोम्या इस त्वरित और समन्वित प्रशासनिक कार्रवाई की जीवंत मिसाल बन गई।

पिछले दो महीनों में स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली में दिखा नया आयाम.  ****************************

गौरतलब है कि सीएमओ डॉ. आनंद उपाध्याय ने लगभग दो माह पूर्व जनपद फर्रुखाबाद के स्वास्थ्य विभाग की कमान संभाली है।

इन दो महीनों में स्वास्थ्य सेवाओं में तत्परता, सक्रियता, त्वरित प्रतिक्रिया और विभागीय व अन्तर विभागीय समन्वय पर विशेष जोर दिखाई दे रहा है। स्वास्थ्य विभाग की भूमिका को केवल अस्पताल और चिकित्सा सेवाओं तक सीमित न रखते हुए, अन्य विभागों के साथ समन्वय कर संकट की स्थिति में तत्काल प्रभावी कार्रवाई की कार्यसंस्कृति को आगे बढ़ाया जा रहा है।

सोम्या के रेस्क्यू की घटना में इसका व्यावहारिक और प्रत्यक्ष स्वरूप सामने आया।

घटना की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग की टीमों का तत्काल सक्रिय होना, मौके पर चिकित्सा व्यवस्था पहुंचना, 108 एम्बुलेंस की उपलब्धता सुनिश्चित होना, रेस्क्यू के बाद तत्काल मेडिकल असेसमेंट और फिर जिला चिकित्सालय में बिना समय गंवाए जांच एवं उपचार शुरू होना—इस पूरी श्रृंखला में स्वास्थ्य विभाग की तैयारियों और समन्वित कार्यप्रणाली की स्पष्ट झलक दिखाई दी।

सीएमओ डॉ. आनंद उपाध्याय के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग द्वारा त्वरित प्रतिक्रिया, सतत निगरानी और अन्य विभागों के साथ प्रभावी समन्वय को प्राथमिकता दी जा रही है। सोम्या का सफल रेस्क्यू इस कार्यशैली का एक महत्वपूर्ण व्यावहारिक परिणाम बनकर सामने आया।

कुआं से अस्पताल तक—हर कदम पर जिंदगी की सुरक्षा

सोम्या के बाहर आने के बाद भी चिकित्सा टीम ने किसी प्रकार की शिथिलता नहीं बरती।

डिप्टी सीएमओ डॉ. आर.सी. माथुर के नेतृत्व में चिकित्सा टीम ने मौके पर ही बच्ची का तत्काल स्वास्थ्य परीक्षण किया। चिकित्सक एवं स्टाफ नर्स की निगरानी में उसे 108 एम्बुलेंस द्वारा तत्काल जिला चिकित्सालय लोहिया भेजा गया।

सूखे  कुआं के अंधेरे से अस्पताल की रोशनी तक—सोम्या की जिंदगी की यह यात्रा हर कदम पर चिकित्सकीय निगरानी में आगे बढ़ी।

जिला अस्पताल में खुला जिंदगी बचाने का दूसरा मोर्चा+++++++++++++

जिला चिकित्सालय लोहिया में सीएमएस डॉ. जगमोहन शर्मा के नेतृत्व में डॉ. विवेक सक्सेना एवं अन्य चिकित्सकों ने तत्काल चिकित्सा मोर्चा संभाला।

आवश्यक रक्त जांच, सीटी स्कैन सहित अन्य चिकित्सकीय परीक्षण तत्काल कराए गए। चिकित्सकों ने लगातार निगरानी रखते हुए आवश्यक उपचार एवं सुरक्षित मेडिकल मैनेजमेंट सुनिश्चित किया।

और फिर आया वह सुकून देने वाला पल—

सोम्या सुरक्षित थी।

जिस बच्ची के लिए कुछ घंटे पहले पूरा गांव सांस रोके खड़ा था, वही बच्ची अब चिकित्सकों की निगरानी में सुरक्षित थी।

यह सिर्फ रेस्क्यू नहीं—टीमवर्क की जीत है

यह घटनाक्रम दिखाता है कि आपदा या आपात स्थिति में—

सूचना → त्वरित प्रशासनिक कार्रवाई → रेस्क्यू → एम्बुलेंस → चिकित्सकीय परीक्षण → अस्पताल में उपचार

की प्रत्येक कड़ी यदि समय पर सक्रिय हो जाए, तो कठिन से कठिन परिस्थिति में भी जिंदगी बचाई जा सकती है।

सोम्या का सुरक्षित बचना इसी समन्वित कार्यप्रणाली की सफलता है।

सीएमओ की अपील—“एक बोरवेल /  सूखा कुआं बंद करना, एक जिंदगी बचाना है”

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आनंद उपाध्याय ने जनपदवासियों से अपील की है कि अनुपयोगी बोरवेल, खुले कुएं एवं गड्ढों को किसी भी स्थिति में खुला न छोड़ें। उन्हें सुरक्षित रूप से ढककर रखें और बच्चों की गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखें।

उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा केवल अभिभावकों की नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में भी सभी चिकित्सकों एवं चिकित्सा कर्मियों को जनसेवा के लिए तत्पर एवं उपलब्ध रहने तथा किसी भी आपात स्थिति में तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

एक बेटी बची… एक परिवार बचा… एक उम्मीद बची *******************

45 फीट की गहराई से बाहर आई सोम्या आज सिर्फ एक सुरक्षित बच्ची नहीं, बल्कि उम्मीद की एक जीवित तस्वीर है।

उसकी कहानी कहती है—

अंधेरा कितना भी गहरा हो,
अगर बचाने वाले हाथ समय पर पहुंच जाएं,
तो जिंदगी रोशनी तक लौट सकती है।

बहादुर सोम्या को सलाम।
रेस्क्यू टीम के साहस को सलाम।
चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों की तत्परता को सलाम।
प्रशासनिक समन्वय को सलाम।

और सबसे बढ़कर—

“जब प्रशासन की तत्परता, स्वास्थ्य विभाग की सक्रियता और टीमों का समन्वय एक साथ खड़ा होता है, तो 45 फीट का अंधेरा भी जिंदगी की रोशनी को रोक नहीं सकता।”

“हर बच्चा सुरक्षित हो—यही हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी और यही हमारी सबसे बड़ी जीत है।”
पेट्रोल पम्प सेल्समैन ने फांसी लगाकर की आत्महत्या

भविष्य के गर्त में मौत का राज पुलिस ने भरा पंचनामा

अमृतपुर फर्रुखाबाद । थाना क्षेत्र के गांव किराचन स्थित पेट्रोल पंप पर सेल्समैन के रूप में काम कर रहे युवक ने संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया।एटा के जैथरा थाना क्षेत्र के गांव जगपुरा निवासी आदेश का पुत्र भूपेंद्र किराचन स्थित पेट्रोल पंप पर करीब छह वर्षों से काम कर रहा था।बताया गया कि बीती रात उसने पंखे के कुंडे में जूट की रस्सी के सहारे फांसी लगा ली। घटना की सूचना मिलने पर उसके चाचा दलवीर मौके पर पहुंचे।सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को नीचे उतरवाकर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी। उपनिरीक्षक कल्लू सिंह ने शव का पंचनामा भरा।भूपेंद्र की मौत की खबर मिलते ही उसकी मां पुष्पा देवी, भाई कार्तिकेय और बहन नंदिनी का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। चाचा दलवीर ने बताया कि भूपेंद्र करीब चार दिन पहले ही घर से काम पर आया था। तीन दिन पूर्व उसने नया मोबाइल फोन और नई सिम भी खरीदी थी।भूपेंद्र दो भाइयों में सबसे बड़ा था। उसकी मौत के कारणों को लेकर परिवार के लोग भी हैरान हैं। युवक की मौत से पर्दा उसके परिजन नहीं उठा सके जिसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी।
बाढ़ राहत की तैयारियों को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद*
फर्रुखाबाद : अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व/नोडल अधिकारी बाढ़ राहत ने जनपद के बाढ़ क्षेत्रों में जिला प्रशासन द्वारा किए जा रहे राहत कार्यों के बारे में जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि जनपद में बाढ़ की वर्तमान स्थिति*
गंगा नदी में 19 अगस्त 2026 को नरोरा बैराज से 115137 क्यूसेक पानी पास हुआ है, जिससे पांचाल घाट पर पानी का जलस्तर 136.85 मीटर है, जो अभी खतरे के निशान से 137.10 मीटर से 20 मीटर नीचे है, इसी प्रकार रामगंगा नदी में दिनांक 19 अगस्त 2026 को 75445 क्यूसेक पानी पास हुआ है, जिससे रामगंगा सेतु पर भी पानी का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे है। प्रदेश के बाढ़ प्रभावित जिलों में जनपद अतिसंवेदनशील श्रेणी में चिन्हित है ।

उन्होंने कहा कि जनपद में बाढ़ से बचाव की तैयारियां की जा रही हैं l अपर जिलाधिकारी ने कहा कि वर्तमान समय में जनपद की तीन तहसीलों (सदर, अमृतपुर एवं कायमगंज) में 63 गांव, आशिक आबादी एवं कृषि बाढ़ से प्रभावित है। रामगंगा नदी पर एक सुरक्षित तटबंध (कड़कका 7.45 कि0मी0) निर्मित है। जनपद में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रेस्क्यू टीम के रिजर्व स्टाफ की पूर्ण व्यवस्था है, इसके साथ ही 01 जून 2026 से कलेक्ट्रेट फतेहगढ़ के कक्ष संख्या 27 (टोल फ्री नंबर 1077, दूरभाष नंबर 05692-235077 एवं मोबाइल नंबर 94544 416457), जिलाधिकारी कैंप कार्यालय (दूरभाष नंबर 05692-234165, 234111) एवं सिंचाई विभाग नलकूप कॉलोनी (दूरभाष नंबर 8005103770) में सातों दिन 24 घंटे बाढ़ नियंत्रण कक्ष संचालित किए गए हैं, जिसमें कर्मचारियों की शिफ्टवार ड्यूटी लगाई जाती है। इसके अतिरिक्त राजस्व विभाग द्वारा 52 बाढ़ चौकी (तहसील सदर में 05, तहसील कायमगंज में 15 एवं तहसील अमृतपुर में 33) एवं 24 बाढ़ शरणालय (तहसील सदर में 05, तहसील कायमगंज में 06 एवं तहसील अमृतपुर में 13) संचालित हैं।
उन्होंने बताया कि बाढ़ से प्रभावित होने वाले परिवारों की सुरक्षा एवं बचाव के लिए 24 अस्थाई बाढ़ शरणालय एवं 52 अस्थाई बाढ़ चौकियां स्थापित की गई हैं, जिसमें राजस्व विभाग, पंचायती राज विभाग, ग्राम विकास विभाग, चिकित्सा विभाग एवं पशु चिकित्सा विभाग के कार्मिकों की तैनाती की गई है। बाढ़ प्रभावित तहसीलों (सदर, अमृतपुर एवं कायमगंज) में 01-01 मॉडल शरणालय स्थापित किया गया है जहां बच्चों के लिए स्मार्ट क्लासेस, एंटरटेनमेंट रूम एवं खेलने की व्यवस्था की गई है। खोज एवं बचाव कार्य हेतु 191 प्राइवेट नाव/नाविक एवं 53 गोताखोर सेफ्टी किट के साथ उपलब्ध हैं। इसके अतिरिक्त तहसीलों में लाइव जैकेट, लाइफ रिंग, सर्च लाइट, सेफ्टी हेलमेट, रेनकोट, मेगाफोन, ड्रैगन लाइट, रस्सा आदि भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। मुख्यालय स्तर पर बाढ़ के दौरान राहत कार्य हेतु इमरजेंसी एसेंशियल रिसोर्स रिजर्व (EERR) किट की भी उपलब्धता की गई है।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रो में विभागों द्वारा की जा रही कार्यवाही की जा रही है l जिलाधिकारी डॉ0 अंकुर लाठर के निर्देशन में कृषि विभाग द्वारा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में धान की सहनशील प्रजाति आई0आर0 64 सब-1 आदि का भी कृषकों को उपलब्ध कराया गया है, प्रजाति 14 दिन तक जलभराव की दशा में भी बाढ़ के उपरांत फसल पुनः सही हो जाती है, धान की प्रजाति 200 एकड़ के क्षेत्रफल में आच्छादित है।
सिंचाई विभाग द्वारा 12.15 करोड़ रुपए की धनराशि से कुल 04 परियोजनाओं में गंगा एवं रामगंगा नदी के कटाव से सुरक्षा हेतु परकोपाइन इस पर एवं स्क्रीन का कार्य कराया गया है।
चिकित्सा विभाग द्वारा बाढ़ से प्रभावित होने वाले गांव की परिवारों को चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध कराने हेतु 17 मेडिकल टीमें गठित की गई है। बाढ़ प्रभावित ग्रामों में 144 मेडिकल कैंप लगाए गए हैं, जिसमें 8073 मानव उपचार किए गए हैं। 10413 ओ0आर0एस0 पैकेट तथा 9063 क्लोरीन टेबलेट का वितरण किया जा चुका है। पर्याप्त मात्रा में एंटी स्नेक वेनम एवं आरव की उपलब्धता के साथ निरंतर मेडिकल कैंप लगाई जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त बाढ़ प्रभावित ग्रामों में गर्भवती महिलाओं का भी चिन्नांकन कर लिया गया है। पशु चिकित्सा विभाग द्वारा बाढ़ से प्रभावित होने वाले गांव के पशुओं के लिए 06 पशु चिकित्सा टीमें एवं 14 अस्थाई पशु शरणालय स्थापित हैं, 54 पशु शिविर लगाए गए हैं, जिनमें 3273 पशुओं का उपचार एवं 7237 पशुओं का टीकाकरण किया गया है। पशु राहत शिविरों में रहने वाले पशुओं को 120 कुंतल चार (भूसा) का वितरण भी किया जा चुका है।
      शिक्षा विभाग द्वारा जनपद के बाढ़ शरणालयों में रह रहे बच्चों की शिक्षा एवं सर्वांगीण विकास को प्राथमिकता देते हुए नियमित कक्षाओं का संचालन किया जा रहा है। पठन-पाठन के साथ नैतिक शिक्षा, खेलकूद एवं रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से बच्चों के मानसिक शैक्षिक और सामाजिक विकास को निरंतर प्रोत्साहित किया जा रहा है।
      जनपद में 02 मॉकड्रिल, बाढ़ राहत चौपाल, 19 स्कूल सेफ्टी प्रोग्राम का आयोजन जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के तत्वाधान में एनडीआरफ, एआरएमवाई, फ्लड पीएसी, बाढ़ चौपाल, राजस्व, पुलिस, चिकित्सा, सिंचाई व अन्य संबंधित विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर सफलतापूर्वक संपन्न कराए गए हैं ।
      जनपद में बाढ़ प्रभावित ग्रामों में 10621 परिवारों को  प्रभारी मंत्री, मण्डलायुक्त, जिलाधिकारी एवं जिला प्रशासन के अन्य अधिकारियों निरंतर निरीक्षण करते हुए राहत सामग्री एवं खाद्यान पैकेट(सूखा) का वितरण जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में किया जा रहा है । बाढ़ प्रभावित ग्रामों में 661 व्यक्तियों को विस्थापित कर बाढ़ शारणालयों में रखा गया है । जिन्हें प्रतिदिन सुबह का नाश्ता, दोपहर का भोजन एवं रात्रि का भोजन दिया जा रहा है । अब तक पके हुये भोजन के  7939 फूड पैकेट का वितरण किया चुका है।
*जनपद में जिला प्रशासन द्वारा किये जा रहे राहत कार्य
अपर जिलाधिकारी ने बताया कि गंगा नदी के जलस्तर से जनपद में कुल 50775 जनसंख्या प्रभावित हुयी है, जिसके अन्तर्गत तहसील सदर के 12 गांव में 16915 जनसंख्या, तहसील कायमगंज के 21 गांव में 127005 जनसंख्या एवं तहसील अमृतपुर के 30 गांव में 21160 जनसंख्या सम्मिलित है । बाढ़ के प्रभाव से 21 परिवारों के मकान का कटाव होने पर पूर्ण क्षतिग्रस्त मकानो के परिवारों को पक्के मकान बनाने के लिए 25,20,000 की धनराशि का वितरण गृह अनुदान के रूप में किया जा चुका है । जनपद में बाढ़ से अब तक 2881.8 हेक्टेअर कृषि भूमि प्रभावित हुयी है, बाढ़ का पानी उतरने के पश्चात संबंधित कृषि भूमि के प्रभावित कृषकों की फसलों का राजस्व एवं कृषि विभाग के कार्मिकों से सर्वे कराकर समस्त पात्र कृषकों को कृषि निवेश अनुदान प्रदान किया जायेगा।
जनपद की तीनों तहसीलों (सदर, अमृतपुर एवं कायमगंज) में जिन ग्रामवासियों के आशियानों का कटाव बाढ़ के पानी के बहाव के कारण हो गया है उन्हें जिलाधिकारी डॉ0 अंकुर लाठर के निर्देश पर आवासीय पट्टा प्रदान किये जाने हेतु संबंधित तहसीलों से प्रस्तावित सूची तैयार की जा रही है, इस क्रम में सदर तहसील के ग्राम दिलीप की मड़ैया के 25 परिवारों को आवासीय पट्टे वितरित किये गये है, जिनमें से 21 परिवारों के खाते में पट्टे की धनराशि उपलब्ध* करायी जा चुकी है
जिलाधिकारी डॉ0 अंकुर लाठर के निर्देशन में  जिला प्रशासन द्वारा  बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में निवास करने वाले लोगों की सहायता हेतु प्रतिबद्धता के साथ  प्रत्येक संभव प्रयास किया जा रहा है।
जिलाधिकारी ने संकेत राजकीय विद्यालय फतेहगढ़ का किया औचक निरीक्षण

*जिलाधिकारी के साथ क्रिकेट खेलने  पर बच्चों के  चेहरे खिल उठे

फर्रुखाबाद । जनपद में संचालित संकेत राजकीय विद्यालय, फतेहगढ़ का जिला अधिकारी डॉक्टर अंकुर लाठर ने औचक निरीक्षण कर विद्यालय में बच्चों को दी जा रही शिक्षा एवं शिक्षण व्यवस्था का जायजा लिया गया।
      निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने विद्यालय में संचालित कक्षाओं का भ्रमण कर विद्यार्थियों के शैक्षिक स्तर एवं अध्ययन-अध्यापन कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने बच्चों से संवाद करते हुए उनके पाठ्यक्रम, विषयों से संबंधित ज्ञान तथा विद्यालय में उपलब्ध शैक्षिक सुविधाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की।
      जिलाधिकारी ने शिक्षकों को निर्देशित किया कि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण एवं प्रभावी शिक्षा प्रदान की जाए तथा प्रत्येक बच्चे की शैक्षिक प्रगति पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि शिक्षण कार्य को रुचिकर एवं गतिविधि आधारित बनाया जाए, जिससे बच्चों में सीखने की क्षमता और विषयों के प्रति रुचि विकसित हो। उन्होंने विद्यालय में साफ-सफाई, पेयजल, शौचालय एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं की स्थिति का भी जायजा लिया तथा आवश्यक व्यवस्थाओं को बेहतर बनाए रखने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।
      जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद के राजकीय विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता में निरंतर सुधार शासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षिक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए सभी संबंधित अधिकारी एवं शिक्षक पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करें।
      मौके पर जिलाधिकारी ने छोटे-छोटे बच्चों का मन रखने के लिए उनके साथ क्रिकेट खेल, जिसके पश्चात बच्चों के चेहरे खुशी से खिल उठे। जिलाधिकारी ने विद्यालय प्रबंधन के कर्मचारियों को निर्देश दिए कि विद्यालय की कक्षा कक्ष में प्रकाश की पर्याप्त व्यवस्था करें। कंप्यूटर कक्ष में बच्चों को तकनीकी शिक्षा के ज्ञान में वृद्धि हेतु उपलब्ध कंप्यूटरों के सॉफ्टवेयर अपडेट करें। विद्यालय में सफाई व्यवस्था दुरुस्त रखें इसके साथ ही अध्यनरत बच्चों का समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण कराएं।
      निरीक्षण के दौरान जिला दिव्यांग जन सशक्तिकरण अधिकारी महेंद्र प्रताप सिंह सहित विद्यालय के शिक्षक, कर्मचारी एवं बच्चे उपस्थित रहे।
उत्तर प्रदेश राज्य स्थानीय ग्रामीण निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग के पदाधिकारियों ने की अधिकारियों के साथ बैठक

  फर्रुखाबाद ।आज उत्तर प्रदेश राज्य स्थानीय ग्रामीण निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष, न्यायमूर्ति राम औतार सिंह की अध्यक्षता में जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में आयोग के सदस्य ब्रजेश कुमार (से0नि0 डी0जे0), सदस्य संतोष कुमार विश्वकर्मा (से0नि0 ए0डी0जे0), सदस्य डॉ0 अरविन्द कुमार चौरसिया (से0नि0 आई0ए0एस0), सदस्य  एस0पी0 सिंह (से0नि0 आई0ए0एस0) एवं प्रशासक जिला पंचायत मोनिका यादव उपस्थिति रही।
      बैठक में जनपद में स्थानीय ग्रामीण निकायों में पिछड़ा वर्ग से संबंधित आरक्षण एवं अन्य संबंधित विषयों के संबंध में अधिकारियों से आवश्यक जानकारी प्राप्त की गई। मा0 अध्यक्ष महोदय द्वारा स्थानीय ग्रामीण निकायों में पिछड़ा वर्ग के प्रतिनिधित्व, आरक्षण से संबंधित प्रावधानों तथा शासन द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुपालन की स्थिति की जानकारी ली गई। उन्होंने अधिकारियों को आयोग के समक्ष उपलब्ध कराए जाने वाले अभिलेखों एवं सूचनाओं को तथ्यात्मक, स्पष्ट एवं अद्यतन रखने के निर्देश दिए।
बैठक में अधिकारियों द्वारा आयोग के समक्ष जनपद से संबंधित आवश्यक जानकारी एवं अभिलेख प्रस्तुत किए गए। अध्यक्ष ने कहा कि आयोग का उद्देश्य स्थानीय ग्रामीण निकायों में पिछड़ा वर्ग के हितों एवं प्रतिनिधित्व से संबंधित विषयों का समुचित अध्ययन कर शासन को आवश्यक सुझाव एवं संस्तुतियां उपलब्ध कराना है।
      बैठक में बताया गया कि उत्तर प्रदेश राज्य स्थानीय ग्रामीण निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित एक विशेष आयोग है। इसका प्रमुख उद्देश्य ग्रामीण स्थानीय निकायों में अन्य पिछड़ा वर्ग  के प्रतिनिधित्व एवं सामाजिक स्थिति का अध्ययन करना तथा उनके लिए आरक्षण की व्यवस्था के संबंध में आवश्यक अनुशंसाएं प्रस्तुत करना है। आयोग द्वारा उपलब्ध आंकड़ों एवं सामाजिक परिस्थितियों का अध्ययन कर ग्रामीण स्थानीय निकायों में अन्य पिछड़ा वर्ग के आरक्षण की रूपरेखा निर्धारित करने की दिशा में कार्य किया जाता है।
      बैठक में मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार गौड़, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व अरुण कुमार सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक गिरीश कुमार, जिला विकास अधिकारी श्याम कुमार तिवारी, जिला पंचायत राज अधिकारी अविनाश चंद्र सहित अन्य संबंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे।