युवाओं के नजरिए से सामने आएगी यूपी की विकास यात्रा
![]()
- सूचना निदेशक विशाल सिंह बोले- सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाना हमारी जिम्मेदारी
- प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट लेखन करने वाले 11 लेखक सम्मानित
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में पिछले साढ़े नौ वर्षों में हुए विकास और बदलाव को अब युवा पीढ़ी के नजरिए से भी सामने लाने की तैयारी है। सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग की मासिक पत्रिका ‘उत्तर प्रदेश संदेश’ को हिंदी के साथ अंग्रेजी में प्रकाशित करने और इसे युवाओं की रुचि के अनुरूप ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जाएगा।
सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग के निदेशक विशाल सिंह ने शुक्रवार को सूचना निदेशालय में आयोजित उत्कृष्ट लेखन सम्मान समारोह में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भविष्य जेन जी और युवाओं का है, इसलिए सरकार की योजनाओं, उपलब्धियों और प्रदेश में हो रहे बदलावों को उनके नजरिए से देखने और उन तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने की आवश्यकता है।
- सकारात्मक और तथ्यपरक लेखन की महत्वपूर्ण भूमिका
विशाल सिंह ने कहा कि पिछले साढ़े नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश में व्यापक बदलाव आया है। सरकार की योजनाओं और उनके परिणामों की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना विभाग की जिम्मेदारी है। इसमें लेखकों और बुद्धिजीवियों की भूमिका महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि सकारात्मक और तथ्यपरक लेखन केवल योजनाओं की जानकारी लोगों तक नहीं पहुंचाता, बल्कि समाज को नई दिशा में सोचने के लिए भी प्रेरित करता है। नई पीढ़ी को यह बताना भी जरूरी है कि आज प्रदेश जिन उपलब्धियों तक पहुंचा है, उनके पीछे लंबे प्रयास और संघर्ष की कहानी रही है।
- यूथ के ‘लेंस’ से देखना होगा विकास
सूचना निदेशक ने कहा कि समाज और संचार के माध्यम तेजी से बदल रहे हैं। ऐसे में जेन जी और जेन अल्फा को ध्यान में रखते हुए सूचनाओं को प्रस्तुत करने के तरीकों में भी बदलाव जरूरी है। उन्होंने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों में हो रहे विकास और बदलाव को युवाओं के ‘लेंस’ से देखने तथा उनकी अपेक्षाओं के अनुरूप विषयों को प्रस्तुत करने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि ‘उत्तर प्रदेश संदेश’ को भी युवा पाठकों से अधिक प्रभावी ढंग से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। पत्रिका को ऑनलाइन माध्यम पर उनकी जरूरतों और रुचियों को ध्यान में रखते हुए प्रस्तुत करने की दिशा में काम होगा।
- अंग्रेजी में भी प्रकाशित होंगे लेख
विशाल सिंह ने बताया कि वर्तमान में ‘उत्तर प्रदेश संदेश’ हिंदी में प्रकाशित हो रही है। भविष्य में पत्रिका में अंग्रेजी के लेख भी प्रकाशित करने की दिशा में काम किया जाएगा। इससे प्रदेश के विकास और सरकार की उपलब्धियों से संबंधित सामग्री को व्यापक पाठक वर्ग तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।
उन्होंने प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में हो रहे बदलाव को नई पीढ़ी की अपेक्षाओं के अनुरूप प्रस्तुत करने पर भी जोर दिया।
- 11 लेखकों को किया गया सम्मानित
कार्यक्रम में ‘उत्तर प्रदेश संदेश’ के अप्रैल-मई और जून-जुलाई अंकों में उत्कृष्ट लेखन करने वाले 11 लेखकों को सम्मानित किया गया। उन्हें पुष्पगुच्छ, प्रमाणपत्र और अंगवस्त्र प्रदान किए गए।
अप्रैल-मई अंक में सुरक्षा एवं सुशासन सेक्टर में उत्कृष्ट लेखन के लिए प्रद्युम्न तिवारी (लखनऊ), समाज कल्याण में पायल लक्ष्मी सोनी (लखनऊ) और डॉ. शिवानी कटारा (हाथरस), शिक्षा में ऋचा सिंह (गोरखपुर), कृषि में यशोदा श्रीवास्तव (सिद्धार्थनगर) तथा अवस्थापना एवं संबद्ध सेक्टर में सियाराम पांडेय ‘शांत’ (लखनऊ) को सम्मानित किया गया।
जून-जुलाई अंक में संतुलित विकास सेक्टर में डॉ. सौरभ मालवीय (देवरिया), कृषि एवं संबद्ध सेक्टर में वीरेंद्र पाठक (प्रयागराज), नगर एवं ग्राम्य विकास में रुद्रेश घिल्डियाल (लखनऊ), पर्यटन में रवि प्रकाश (महाराजगंज) और शिक्षा सेक्टर में डॉ. सोनाली शुभम् (आगरा) को सम्मान प्रदान किया गया।
- सम्मान से मिलता है नया करने का उत्साह
विशाल सिंह ने कहा कि सम्मान करना भारतीय सांस्कृतिक परंपरा का हिस्सा है। किसी लेखक को उसके कार्य के लिए सम्मान मिलने से उसका मनोबल बढ़ता है और उसे कुछ नया करने की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने सम्मानित लेखकों के पत्रकारिता, लेखन और समाज सेवा के क्षेत्र में योगदान की सराहना की।
उन्होंने कहा कि सम्मान भले ही लेखकों के उत्कृष्ट कार्य की तुलना में छोटा हो, लेकिन इसके पीछे विभाग की भावनाएं बड़ी हैं। लेखकों को सम्मानित करने की यह प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी।
- लेखकों से ‘उत्तर प्रदेश संदेश’ से जुड़ने का आह्वान
सूचना निदेशक ने प्रदेशभर के विद्वानों और लेखकों से ‘उत्तर प्रदेश संदेश’ से जुड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विकास, सरकार की योजनाओं और समाज में हो रहे सकारात्मक बदलावों पर लेखक अपने अनुभव, विचार और बौद्धिक योगदान के माध्यम से पत्रिका को और समृद्ध करें।
कार्यक्रम में अपर निदेशक अरविन्द कुमार मिश्र, वरिष्ठ वित्त एवं लेखाधिकारी संजय कुमार सिंह, सहायक निदेशक सतीश चन्द्र भारती, चन्द्र मोहन, डॉ. जितेन्द्र प्रताप सिंह, चन्द्र विजय वर्मा, अमित कुमार यादव, सहयुक्त संपादक अजय कुमार द्विवेदी, उप संपादक दिनेश कुमार गुप्ता सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।![]()
![]()
![]()


- 14 अगस्त से खुला विभागीय पोर्टल, छह परियोजनाओं के लिए पात्र लाभार्थी कर सकेंगे आवेदन
- दोहरीघाट में मंत्री ए.के. शर्मा करेंगे ₹1.82 करोड़ की परियोजना का शुभारंभ
Aug 15 2026, 17:46
- Whatsapp
- Facebook
- Linkedin
- Google Plus
1- Whatsapp
- Facebook
- Linkedin
- Google Plus
0.2k