स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्रनायकों को अपनी मूर्तिकला से नमन कर रहे हैं शिल्पकार नरेश कुमार कुमावत
नई दिल्ली। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रसिद्ध कलाकार एवं मूर्तिकार नरेश कुमार कुमावत ने अपनी कलाकृतियों के जरिए भारत के राष्ट्रनायकों और आधुनिक भारत के निर्माण में उनके योगदान को याद किया है। शिल्पकार परिवार से आने वाले कुमावत पिछले कई वर्षों से धातु, पत्थर और कांस्य के माध्यम से देश के महान नेताओं की भव्य प्रतिमाएं और स्मारक तैयार कर रहे हैं। उनकी कलाकृतियां देश ही नहीं, बल्कि दुनिया के कई महत्वपूर्ण स्थानों पर भारत की विरासत और मूल्यों का प्रतिनिधित्व कर रही हैं।

कुमावत की कला को नई संसद भवन में भी प्रमुख स्थान मिला है। संसद के केंद्रीय फोयर में उनके द्वारा तैयार सरदार वल्लभभाई पटेल और डॉ. बी. आर. आंबेडकर के 25-फुट ऊंचे धातु के मेडलियन स्थायी रूप से स्थापित किए गए हैं। इन दोनों कांस्य संरचनाओं का कुल वजन छह टन से अधिक बताया गया है। ये कलाकृतियां संसद परिसर में एकता, सामाजिक न्याय और लोकतांत्रिक मूल्यों की निरंतर याद दिलाती हैं।

महात्मा गांधी की उनकी प्रतिमाएं भी देश की सीमाओं से बाहर भारत की पहचान को मजबूती दे रही हैं। कुमावत द्वारा तैयार गांधी की आदमकद कांस्य प्रतिमाएं ओमान स्थित भारतीय दूतावास सहित न्यूयॉर्क जैसे अंतरराष्ट्रीय शहरों में स्थापित हैं। वहीं, उन्होंने सरदार वल्लभभाई पटेल और डॉ. आंबेडकर को समर्पित कई विशालकाय प्रतिमाओं का भी निर्माण किया है। इनमें विजयवाड़ा स्थित 125 फुट ऊंची स्टैच्यू ऑफ सोशल जस्टिस और भारत के सर्वोच्च न्यायालय में स्थापित आंबेडकर की प्रतिमा प्रमुख हैं।

स्वतंत्रता दिवस पर देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए नरेश कुमार कुमावत ने कहा, “स्वतंत्रता सेनानियों और राष्ट्रनायकों को मूर्त रूप देना केवल कला नहीं, बल्कि अपने इतिहास के साथ एक पवित्र संवाद है। इस स्वतंत्रता दिवस पर हमें ऐसे स्थायी स्मारक बनाने का संकल्प लेना चाहिए, जो आने वाली पीढ़ियों को हमारे आधुनिक गणराज्य के निर्माण के लिए किए गए महान प्रयासों और उपलब्धियों की याद दिलाते रहें।”

हरियाणा के मानेसर स्थित अपने हाई-टेक स्टूडियो से कुमावत भारतीय कला को वैश्विक स्तर पर आगे बढ़ा रहे हैं। उनके अनुसार, उनकी कला-स्थापनाएं **80 से अधिक देशों** में पहुंच चुकी हैं। इसी अंतरराष्ट्रीय यात्रा को आगे बढ़ाते हुए वह अमेरिका के सिएटल में महात्मा गांधी की एक नई प्रतिमा पर काम कर रहे हैं। भारतीय प्रवासी समुदाय के सहयोग से तैयार की जा रही इस प्रतिमा का अनावरण जल्द होने की उम्मीद है। इसके साथ ही भारतीय मूल्यों, विचारों और राष्ट्रनायकों की वैश्विक उपस्थिति को एक और नई पहचान मिलने की संभावना है।
पीएम मोदी ने लगातार 13वीं बार लाल किला पर फहराया तिरंगा, आजादी के वीर सपूतों को किया नमन

#80thindependenceday2026pmmodispeech

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लगातार 13वीं बार लाल किला पर तिरंगा फहराया। लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री मोदी ने सभी स्वतंत्रता सेनानियों तथा क्रांतिकारियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। देश इस साल वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ भी मना रहा है। इस मौके पर लाल किला से पहली बार वंदे मातरम भी गूंजा। इस मौके पर हजारों की संख्‍या में मौजूद लोगों ने जन-गण-मन और वंदे मातरम का गायन किया।

देश को आजादी देने वाले महान विभूतियों को नमन किया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किला से कहा, देश आज उन महान सपूतों का स्मरण करती है, जिन्होंने देश की आजादी के लिए त्याग, बलिदान की पराकाष्ठा को अपने तप, त्याग और बलिदान से आजादी के एकमात्र लक्ष्य को लेकर अपनी पूरी जिंदगी खपा दी। पूज्य बापू समेत सभी स्वतंत्रता सेनानियों को, बलिदान की परंपरा जगाने वाले महान क्रांतिकारियों को आज मैं श्रद्धा पूर्वक नमन करता हूं।

पीएम मोदी ने किया वंदे मातरम का जिक्र

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, आज सबके लिए ऐतिहासिक पल भी है। आजादी के बाद 15 अगस्त को लाल किले पर पहली बार वंदे मातरम गूंज रहा है। आज जब देश के लोग वंदे मातरम के 150 वर्ष मना रहे हैं, तो इससे बड़ा उत्तम अवसर क्या हो सकता है।

पूरा देश बाढ़ पीड़ितो के साथ-पीएम मोदी

स्वतंत्रता दिवस पर अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में देश के कुछ हिस्सों में बाढ़ आई है, जिससे कई लोग प्रभावित हुए हैं। मैं प्रभावित परिवारों को भरोसा दिलाता हूं कि पूरा देश उनके साथ खड़ा है।

भारत ने पिछले 12 साल में रफ्तार पकड़ी- पीएम मोदी

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा, 2014 तक आते-आते तो पूरे विश्व ने हमें फ्रेजाइल-5 में डंप कर दिया था। उन हालात के बीच भारत ने पिछले 12 साल में रफ्तार पकड़ी है। तेज गति से अब हम आगे बढ़ रहे हैं। पिछले 12 वर्ष में रक्षा उद्योग 4 गुना बढ़ा, इलेक्ट्रॉनिक उत्पादन 7 गुना बढ़ा। रेलवे कोच का उत्पादन 21 गुना बढ़ा, डिजिटल-इनोवेशन की दुनिया में हमने अपना परचम लहराया। इंटरनेट कंज्यूमर चार गुना बढ़े, डिजिटल ट्रांजैक्शन करीब 100 गुना बढ़े। हर काम लगभग 15 गुना औसत से बढ़ा।

2047 तक 'विकसित भारत' बनाना बड़ा सपना- पीएम मोदी

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, भारत का एक बड़ा सपना है- 2047 तक 'विकसित भारत' बनाना। इस सपने को पूरा करने की ताकत और संकल्प 140 करोड़ भारतीयों से मिल रहा है। जब दुनिया का सबसे अधिक आबादी वाला देश खुद को एक विकसित देश बनाने का लक्ष्य तय करता है, तो इससे पूरी दुनिया को एक मजबूत संदेश जाता है। भारत के इस लक्ष्य से दुनिया की नजर में भारत की छवि बदल रही है और दुनिया भारत को नए तरीके से देख रही है।

छोटे सपनों से काम नहीं चलने वाला है- पीएम मोदी

पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि मेरे देशवासियों, अब छोटे सपनों से काम नहीं चलने वाला। हमें बड़े सपने देखने हैं, क्योंकि बड़े सपने हमारी सोच को भी विस्तार देते हैं, हमारी सोच की क्षितिज को विस्तृत करते हैं। पीएम मोदी ने कहा कि कोई भी राष्ट्र तब महान बनता है, जब अपनी सिद्धियों को प्राप्त करता है। जब अपने सपनों, अपने संकल्पों और अपने सामर्थ्य के दम पर आगे बढ़ता है।

पीएम मोदी के खिलाफ राहुल के बयान पर भड़की भाजपा, निशिकांत दुबे ने इंदिरा गांधी की तस्वीर शेयर कर पूछा सवाल

#bjpattackonrahulgandhioverhugjibeatpmnarendramodiforeign_policy

बीजेपी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ टिप्पणी को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। साथ ही उन पर ‘अभद्र और अशोभनीय’ भाषा का इस्तेमाल करने व लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष के पद की गरिमा को कम करने का आरोप लगाया।

पीएम मोदी के विदेशी नेताओं को गले लगाने पर राहुल का बयान

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने गुरुवार को विदेश नीति को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने रचनात्मक कांग्रेस सम्मेलन में विदेशी नेताओं को गले लगाने को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मिमिक्री की। उन्होंने दावा किया कि यह नीति सिर्फ नेताओं को गले लगाने तक ही सीमित है। इसी दौरान कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने मेलोनी का जिक्र किया तो राहुल गांधी हंस पड़े। विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बीजेपी-आरएसएस को 'जोकरों का झुंड' भी कहा, जिन्हें भारत की कोई समझ नहीं है।

बांसुरी स्वराज ने बताया-एक फेल स्टैंड-अप कॉमेडियन

बीजेपी सांसद बांसुरी स्वराज ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, 'राहुल गांधी ने जिस तरह की असभ्य, भद्दी और अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं, उससे वे विपक्ष के नेता कम और एक फेल स्टैंड-अप कॉमेडियन ज्यादा लग रहे थे। वे हल्की और छिछोरी बातें कर रहे थे।'

इंदिरा गांधी के क्यूबा यात्रा की तस्वीर पर उठाया सवाल

वहीं, बीजेपी के झारखंड के गोड्डा से सांसद निशिकांत दुबे ने भारत के प्रधानमंत्री के तौर पर क्यूबा यात्रा के दौरान इंदिरा गांधी का एक वीडियो शेयर किया। इस वीडियो में इंदिरा गांधी से क्यूबा के राष्ट्रपति फिडेल कास्त्रो गले मिल रहे हैं। निशिकांत दुबे ने इस वीडियो-फोटो को शेयर करते हुए पूछा कि राहुल गांधी आप बताएं इसे गले पड़ने को जठराग्नि कहते हैं कि कामाग्नि?

राहुल गांधी को बड़े होने की नसीहत

वहीं, केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने राहुल गांधी को बड़े होने की नसीहत दी। जोशी ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, "राहुल गांधी, आप कब बड़े होंगे। भारत को चलाने के लिए परिपक्व नेतृत्व की जरूरत होती है न कि नौसिखिया ड्रामेबाजी की। लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई सरकार को 'जोकर और मसखरे' कहना साबित करता है कि आप अपनी समझ से बाहर की बातें कर रहे हैं।

चमोली टनल हादसा: अब तक 7 की मौत, झारखंड के 2 मजदूर भी शामिल

उत्तराखंड के चमोली टनल हादसे में अब तक सात लोगों की मौत हो चुकी है. मरनेवालों में दो मजदूर झारखंड के हैं. टीएचडीसी द्वारा निर्माणाधीन विष्णुगढ़ पीपलकोटि जल विद्युत परियोजना की गुरुवार की शाम करीब सात बजे अचानक सुरंग में भू-धंसाव होने से कई मजदूर अंदर फंस गए थे. रात भर चले रेस्क्यू ऑपरेशन में 21 लोगों को बाहर निकाला जा सका है.

सुरंग हादसे में 21 मजदूर रेस्क्यू

बीती रात मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने उत्तराखंड के सीएम से फोन पर बात कर जानकारी ली थी. साथ ही हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया था. सीएम पुष्कर सिंह धामी भी हालात पर नजर रखे हुए हैं. सुरंग में भू धंसाव होने से काफी मात्रा में मलवा आ गया था जिससे राहत कार्य चलाने में परेशानी हो रही है. राज्य आपातकालीन सेवा के ड्यूटी ऑफिसर अनिल काला ने बताया कि अभी तक कुल 21 मजदूर रेस्क्यू कर लिए गए हैं, जिनमें 7 की मौत की पुष्टि हो गयी है, जबकि 14 मजदूरों का इलाज उत्तराखंड के गोपेश्वर जिला अस्पताल में चल रहा है.

हादसे में झारखंड के दो मजदूरों की मौत

झारखंड से जिनकी मौत हुई है, उनमें 28 वर्षीय विजय कुमार और दूसरे मजदूर का नाम जितेंद्र कुमार का नाम शामिल है. कुछ मजदूरों के अभी भी टीआरटी टनल के अंदर फंसे होने की बात कही जा रही है. अस्पताल में भर्ती मजदूरों को हल्की तो कुछ को गंभीर चोटें आई हैं.

मृतकों का विवरण

विजय कुमार, उम्र 28 वर्ष, झारखंड

जितेंद्र कुमार, उम्र ज्ञात नहीं, झारखंड

जिला चिकित्सालय गोपेश्वर में भर्ती कराये गये कर्मचारियों का विवरण

हाबिल गुडिया, पिता रेजन गुडिया, उम्र-27 वर्ष, गांव तपरा कमड़ा थाना तपकरा, जिला खूंटी

निस्तर भिगंरा, पिता-राफेल भिगरां उम्र-24 वर्ष, पायरा किन्सू-टोली, थाना-तपकरा जिला खूंटी

विनोद रावना, पिता- तुनिया रवाना, उम्र-46 वर्ष, गुमला

दीना बेगरा, पिता-श्री केला बैगरा, उम्र-26 वर्ष, श्रोने थाना तोरपा जिला खूंटी

खेला राम बिसरा, पिता श्री मोनसा बिसरा, उम्र-22 वर्ष, थाना डुमरिया, पूर्वी सिंहभूम

विभाजन विभीषिका दिवस पर पीएम मोदी का भावुक पोस्ट, बोले-लोगों ने अपनों को खोया, भारी पीड़ा सही*

#pmmodionpartitionhorrorsremembranceday

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर 1947 के विभाजन से प्रभावित लोगों के साहस, संघर्ष और जिजीविषा को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी। पीएम मोदी ने कहा कि उन सभी देशवासियों का हृदय से नमन करता हूं, जिन्होंने उस वीभत्स दौर से निकलकर देश की प्रगति में अमूल्य योगदान दिया।

पीएम मोदी का भावुक पोस्ट

पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर कहा कि आज हम 'विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस' मना रहे हैं। हम उन सभी लोगों के साहस को याद करते हैं जो विभाजन से प्रभावित हुए थे। यह इतिहास का वह दौर था जिसने कई जिंदगियां तहस-नहस कर दीं, परिवार उजड़ गए, लोगों ने अपनों को खो दिया और भारी पीड़ा सही।

एकजुटता का दिया संदेश

प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि इन मुश्किलों से उबरते हुए लोगों ने शून्य से अपनी जिंदगी फिर से बनाई, चुनौतियों को कामयाबी में बदला और देश की प्रगति में बड़ा योगदान दिया। उनकी जीवन-यात्राएं हमें इंसानी जब्जे की ताकत की याद दिलाती हैं। उन्होंने प्रार्थना की कि यह दिन हमारे देश में आपसी सद्भाव और भाईचारे को बनाए रखने के हमारे संकल्प को अधिक मजबूत करे और हम सब मिलकर 'विकसित भारत' के निर्माण की दिशा में काम करें।

14 अगस्त को मनाया जाता है विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस

भारत 14 अगस्त को 'विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस' मनाता है, ताकि 1947 में देश के विभाजन के दौरान जान गंवाने वाले और विस्थापित हुए लोगों को श्रद्धांजलि दी जा सके। भारत को 15 अगस्त, 1947 को ब्रिटिश शासन से आजादी मिली। हर साल 15 अगस्त को मनाया जाने वाला स्वतंत्रता दिवस किसी भी देश के लिए खुशी और गर्व का अवसर होता है। हालांकि, आजादी की इस खुशी के साथ विभाजन का गहरा दर्द भी जुड़ा था। नए आजाद भारतीय राष्ट्र के जन्म के साथ ही विभाजन की हिंसा और त्रासदी सामने आई, जिसने लाखों लोगों के मन पर गहरे और कभी न मिटने वाले घाव छोड़ दिए।

चमोली में निर्माणाधीन टनल में भूस्खलन से नौ की मौत, छह लापता, तलाश जारी*

#chamolilandslideinunderconstruction_tunnel

उत्तराखंड के चमोली में निर्माणाधीन सुरंग में दर्दनाक हादसा हुआ है। चमोली जिले में टिहरी हाइड्रो डेवलपमेंट कारपोरेशन (टीएचडीसी) की विष्णुगाड–पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की निर्माणाधीन टनल में अचानक मलबे और पानी का सैलाब आ गया। फिर क्या देखते ही देखते 9 मजदूरों की जान चली गई।

टनल में शाम करीब 7 बजे 1600 मीटर के दायरे में अचानक भूस्खलन हो गया। । जिस स्थान पर मजदूर काम कर रहे थे, वहां से करीब 150 मीटर दूर हुए भूस्खलन के बाद पानी के साथ पत्थर और मलबा टनल के अंदर घुस गया, जिसकी चपेट में कई मजदूर आ गए।

13 मजदूरों को घायल अवस्था में निकाला गया

सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, आईटीबीपी, सेना और अन्य संबंधित टीमें मौके पर पहुंचीं और रेस्क्यू अभियान शुरू किया। रात करीब नौ बजे तक 13 मजदूरों को घायल अवस्था में टनल से बाहर निकालकर जिला अस्पताल गोपेश्वर पहुंचाया गया। कुछ मजदूरों के मलबे में दबे होने की आशंका है।

ज्यादातर मजदूर, बिहार-झारखंड और छत्तीसगढ़ के

चमोली जिले में निर्माणाधीन सुरंग में काम करने वाले ज्यादातर मजदूर बिहार, झारखंड और छत्तीसगढ़ के बताए जा रहे हैं। चमोली हादसे में मरने वालों में टिहरी के प्रदीप सिंह पवार, चमोली के मुकेश, बिहार के दुर्लभ शर्मा, झारखंड के विजय व जितेंद्र हैं। इसके अलावा लोकेश्वर और भुवनेश्वर हैं। दो अन्य की भी मौत हुई है। टीएचडीसी-एनटीपीसी की ओर से बनाई जा रही 444 मेगावाट इस परियोजना का करीब 70 फीसदी काम पूरा हो गया है।

धामी ने झारखंड और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्रियों से की बात

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पीपलकोटी टनल हादसे को लेकर झारखंड और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री से दूरभाष पर वार्ता कर श्रमिकों की स्थिति से अवगत कराया। उन्होंने प्रभावित श्रमिकों को हरसंभव सहायता का भरोसा दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि रेस्क्यू किए गए श्रमिकों के उपचार में किसी प्रकार की कोई कमी नहीं रखी जा रही है। उन्हें तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई है। आवश्यकता के अनुरूप विशेषज्ञ उपचार, दवाइयों, आवास, भोजन और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसी श्रमिक को उच्च चिकित्सा संस्थान में रेफर करने की आवश्यकता होगी तो उसके लिए भी समुचित व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने दोनों मुख्यमंत्रियों को भरोसा दिया कि उनके राज्य के प्रत्येक प्रभावित श्रमिकों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।

लाल किले के पास अलकायदा ने कराया था आतंकी हमला, UN रिपोर्ट में बड़ा दावा

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दिल्ली के लाल किला इलाके में नवंबर 2025 में हुए आतंकी हमले को लेकर संयुक्त राष्ट्र की ताजा रिपोर्ट में बड़ा खुलासा हुआ है। संयुक्त राष्ट्र (यूएन) की ताजा रिपोर्ट में यह दावा किया गया है कि पिछले साल नवंबर में दिल्ली के लाल किले पर जो आतंकी हमला हुआ था, उसे अल-कायदा ने करवाया था।

छोटे-छोटे गुटों में नेटवर्क बढ़ा रहा अल-कायदा

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की प्रतिबंध समिति की निगरानी टीम ने रिपोर्ट तैयार की है। रिपोर्ट में ‘अल-कायदा इन द इंडियन सबकॉन्टिनेंट’ यानी AQIS को लाल किला हमले के पीछे जिम्मेदार संगठन बताया गया है। यूएनएससी की रिपोर्ट में कहा गया है कि लाल किले आतंकी हमले में शामिल AQIS अब बड़े संगठित समूह की बजाय छोटे-छोटे सेल, लॉजिस्टिक्स और वित्तीय नेटवर्क के जरिए अपनी गतिविधियां बढ़ा रहा है।

बांग्लादेश में भी सेल्स बनाने की कोशिश

यूएनएससी की 1267 प्रतिबंध समिति की निगरानी टीम ने कहा है कि AQIS एक बिखरे हुए संगठन से बदलकर एक फैला हुआ नेटवर्क बन गया है, जो पूरे क्षेत्र में छोटी-छोटी इकाइयों (सेल्स) के जरिए काम कर रहा है। रिपोर्ट में अफगानिस्तान में इस समूह की मौजूदगी और बांग्लादेश में अपने कामकाज को बढ़ाने की इसकी कोशिशों पर भी चिंता जताई गई है। इसमें कहा गया है कि AQIS के नेता काबुल में मौजूद हैं और अफ़गान राष्ट्रीय पहचान दस्तावेजों का इस्तेमाल करके अपनी गतिविधियां जारी रखे हुए हैं।

दिल्ली धमाके की जांच NIA कर रही है

नवंबर 2025 में लाल किले के पास हुए धमाके में कई लोगों की मौत हो गई और 20 से ज्यादा लोग घायल हो गए। नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने जांच अपने हाथ में ली। जांच एजेंसी NIA की ओर से 14 मई को बम धमाके को लेकर 7,500 पेज की लंबी चार्जशीट दाखिल की गई। चार्जशीट में नामजद आरोपियों में से एक, ‘अंसार गजवत-उल-हिंद’ (AGuH) के अंतरिम आतंकी मॉड्यूल का “इन-हाउस इंजीनियर” निकला और यह मॉड्यूल AQIS से जुड़ा हुआ है। गृह मंत्रालय AQIS और उसकी सभी शाखाओं को आतंकी संगठन घोषित कर चुका है। चार्जशीट में यह बात भी सामने आई कि आरोपी जासिर बिलाल वानी ने इस घटना को अंजाम देने के लिए “तकनीकी मदद” देने के इरादे से 2024-25 के दौरान 2 से 3 बार हरियाणा के फरीदाबाद में अल-फलाह यूनिवर्सिटी कैंपस गया और कुछ समय रहा भी। जांच में यह पता चलने के बाद कि यूनिवर्सिटी में काम करने वाले 3 डॉक्टर भी कथित तौर पर धमाके में शामिल थे।

FCRA संशोधन विधेयक जेपीसी भेजने का प्रस्ताव लोकसभा में पास

#parliamentrefferedfcraamendmentbilltojpc

केंद्र सरकार ने विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक (एफसीआरए), 2026 को संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) भेजने का निर्णय लिया है। लोकसभा में विपक्ष के हंगामे के बीच केंद्र सरकार ने बुधवार को ‘विदेशी योगदान (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026’ को एक संयुक्त संसदीय समिति (JPC) के पास भेज दिया।

जेपीसी संसद के शीतकालीन सत्र तक देगी अपनी रिपोर्ट

केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने बुधवार को लोकसभा में केंद्रीय गृह मंत्री की ओर से विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक (एफसीआरए), 2026 को जेपीसी को सौंपने का यह प्रस्ताव रखा। जिसे सदन ने ध्वनिमत से पास किया। इस समिति में लोकसभा के 21 और राज्यसभा के 10 सदस्य शामिल होंगे। इस समिति में लोकसभा के माननीय अध्यक्ष द्वारा नामित किए जाने वाले इस सदन के 21 सदस्य और राज्यसभा के माननीय सभापति द्वारा नामित किए जाने वाले राज्यसभा के 10 सदस्य शामिल होंगे। समिति को विधेयक की जांच करने और शीतकालीन सत्र 2026 के पहले सप्ताह के आखिरी दिन तक अपनी रिपोर्ट सौंपने का काम सौंपा गया है।

विपक्ष ने किया सरकार के इस प्रस्ताव का विरोध

हालांकि, विपक्ष ने सरकार के इस प्रस्ताव का विरोध किया। कांग्रेस सांसद वेणुगोपाल ने कहा, 'सरकार अल्पसंख्यकों और एनजीओ को निशाना बनाने की कोशिश कर रही है। हमारी मांग है कि सरकार इस बिल को वापस ले।' विपक्ष के आरोपों पर जवाब देते हुए केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, 'केसी वेणुगोपाल ने गलत बोला है। कई दिनों से कांग्रेस और अन्य दलों ने मांग की कि एफसीआरए संशोधन विधेयक को जेपीसी में भेजा जाए। जब इस महत्वपूर्ण बिल को जेपीसी में भेज रहे हैं तो विपक्ष को इस पर आपत्ति हो रही है।'

पुतिन ने भारत के पूर्व CJI डीवाई चंद्रचूड़ को बनाया अपना वकील, सुलझाएंगे यूक्रेन से जुड़ा ये विवाद

#formercjichandrachudhasnowemergedasapotentialsaviorfor_putin

रूस ने भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) डीवाई चंद्रचूड़ को यूक्रेन के एक सरकारी बैंक के साथ चल रहे विवाद में अपना मध्यस्थ बनाया है। बार एंड बेंच के अनुसार, यह विवाद रूस की सैन्य कार्रवाई से प्रभावित यूक्रेनी इलाकों में बैंक की संपत्ति और कामकाज से जुड़े दावों से संबंधित है।

'बार एंड बेंच' की रिपोर्ट के मुताबिक 'ग्लोबल आर्बिट्रेशन रिव्यू' ने बताया है कि भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ एक इंटरनेशनल आर्बिट्रेशन ट्रिब्यूनल में रूस का प्रतिनिधित्व करेंगे। यह ट्रिब्यूनल यूक्रेन के सरकारी बैंक 'ओशदबैंक' की तरफ से लाए गए एक विवाद की सुनवाई कर रहा है।

चंद्रचूड़ की भूमिका क्या होगी?

रूस ने इस तीन सदस्यीय टीम में अपने पक्ष से जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ को चुना है। यानी वह इस मामले में रूस की ओर से नियुक्त मध्यस्थ होंगे। तीन सदस्यों वाले इस ट्रिब्यूनल की अध्यक्षता कोस्टा रिका की आर्बिट्रेटर और पूर्व ट्रेड मिनिस्टर दयाला जिमेनेज़ करेंगी, जिन्हें रूस और ओशादबैंक ने संयुक्त रूप से चुना था। रिपोर्ट के अनुसार, ग्रीक आर्बिट्रेटर और नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ़ सिंगापुर के प्रोफ़ेसर स्टावरोस ब्रेकोउलाकिस को ओशादबैंक ने ट्रिब्यूनल के तीसरे सदस्य के तौर पर नियुक्त किया है।

सैकड़ों करोड़ डॉलर का है विवाद

रिपोर्ट के मुताबिक यह मामला यूक्रेन के डोनेट्स्क, लुहान्स्क, खेरसॉन और जापोरिज्जिया इलाकों में 'ओशादबैंक' की संपत्ति और बिजनेस ऑपरेशन्स पर उसके दावे से जुड़ा है। बैंक का कहना है कि 2022 में रूस के बड़े पैमाने पर हमले और उसके बाद यूक्रेन में सैन्य कार्रवाई के कारण उसने ये संपत्तियां और कामकाज खो दिए। ओशचादबैंक ने रूस से हुए नुकसान की भरपाई की मांग की है। इस दावे की रकम सैकड़ों करोड़ डॉलर बताई जा रही है।

पुतिन ने भारत के पूर्व CJI डीवाई चंद्रचूड़ को बनाया अपना वकील, सुलझाएंगे यूक्रेन से जुड़ा ये विवाद

#formercjichandrachudhasnowemergedasapotentialsaviorfor_putin

रूस ने भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) डीवाई चंद्रचूड़ को यूक्रेन के एक सरकारी बैंक के साथ चल रहे विवाद में अपना मध्यस्थ बनाया है। बार एंड बेंच के अनुसार, यह विवाद रूस की सैन्य कार्रवाई से प्रभावित यूक्रेनी इलाकों में बैंक की संपत्ति और कामकाज से जुड़े दावों से संबंधित है।

'बार एंड बेंच' की रिपोर्ट के मुताबिक 'ग्लोबल आर्बिट्रेशन रिव्यू' ने बताया है कि भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ एक इंटरनेशनल आर्बिट्रेशन ट्रिब्यूनल में रूस का प्रतिनिधित्व करेंगे। यह ट्रिब्यूनल यूक्रेन के सरकारी बैंक 'ओशदबैंक' की तरफ से लाए गए एक विवाद की सुनवाई कर रहा है।

चंद्रचूड़ की भूमिका क्या होगी?

रूस ने इस तीन सदस्यीय टीम में अपने पक्ष से जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ को चुना है। यानी वह इस मामले में रूस की ओर से नियुक्त मध्यस्थ होंगे। तीन सदस्यों वाले इस ट्रिब्यूनल की अध्यक्षता कोस्टा रिका की आर्बिट्रेटर और पूर्व ट्रेड मिनिस्टर दयाला जिमेनेज़ करेंगी, जिन्हें रूस और ओशादबैंक ने संयुक्त रूप से चुना था। रिपोर्ट के अनुसार, ग्रीक आर्बिट्रेटर और नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ़ सिंगापुर के प्रोफ़ेसर स्टावरोस ब्रेकोउलाकिस को ओशादबैंक ने ट्रिब्यूनल के तीसरे सदस्य के तौर पर नियुक्त किया है।

सैकड़ों करोड़ डॉलर का है विवाद

रिपोर्ट के मुताबिक यह मामला यूक्रेन के डोनेट्स्क, लुहान्स्क, खेरसॉन और जापोरिज्जिया इलाकों में 'ओशादबैंक' की संपत्ति और बिजनेस ऑपरेशन्स पर उसके दावे से जुड़ा है। बैंक का कहना है कि 2022 में रूस के बड़े पैमाने पर हमले और उसके बाद यूक्रेन में सैन्य कार्रवाई के कारण उसने ये संपत्तियां और कामकाज खो दिए। ओशचादबैंक ने रूस से हुए नुकसान की भरपाई की मांग की है। इस दावे की रकम सैकड़ों करोड़ डॉलर बताई जा रही है।