गीडा बना पूर्वांचल के औद्योगिक विकास का नया इंजन


-  9 वर्षों में ₹20 हजार करोड़ से अधिक का निवेश, 40 हजार से ज्यादा रोजगार सृजित

-  2,000 एकड़ की धुरियापार औद्योगिक टाउनशिप में निवेश के नए अवसर; अडानी और श्रेयस डिस्टिलरीज को 115 एकड़ भूमि आवंटित

लखनऊ/ गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य को गति देते हुए गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) पूर्वांचल के प्रमुख औद्योगिक एवं निवेश केंद्र के रूप में तेजी से उभर रहा है। बेहतर आधारभूत सुविधाओं, मजबूत कनेक्टिविटी और निवेश के अनुकूल माहौल के चलते गीडा ने पिछले नौ वर्षों में ₹20,000 करोड़ से अधिक का निवेश आकर्षित किया है और 40,000 से ज्यादा रोजगार के अवसर सृजित किए हैं।

गीडा की मुख्य कार्यपालक अधिकारी अनुज मलिक के अनुसार, वर्तमान में गीडा क्षेत्र की विभिन्न औद्योगिक इकाइयों में 50 हजार से अधिक लोग तकनीकी, कुशल और अर्धकुशल श्रेणियों में कार्यरत हैं। इससे पूर्वांचल के युवाओं को अपने ही क्षेत्र में रोजगार के बेहतर अवसर मिल रहे हैं। अडानी सीमेंट प्लांट जैसे बड़े प्रोजेक्ट में करीब 70 प्रतिशत कार्यबल गोरखपुर मंडल और पूर्वांचल के अन्य जिलों से है।

-  3,600 एकड़ का क्षेत्र लगभग भर चुका
गीडा का मौजूदा करीब 3,600 एकड़ का औद्योगिक क्षेत्र लगभग पूरी तरह भर चुका है। निवेशकों की बढ़ती मांग को देखते हुए प्राधिकरण ने 2,000 एकड़ का नया लैंड बैंक तैयार किया है, जिसे ‘धुरियापार औद्योगिक टाउनशिप’ के रूप में विकसित किया जा रहा है। इससे आने वाले वर्षों में बड़े पैमाने पर नए उद्योगों की स्थापना और रोजगार सृजन का रास्ता खुलेगा।

-  एक्सप्रेसवे कनेक्टिविटी से निवेशकों को बढ़त
धुरियापार औद्योगिक टाउनशिप पूर्वांचल एक्सप्रेसवे और गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे के बीच रणनीतिक स्थिति में है। बेहतर सड़क संपर्क के कारण गोरखपुर को लखनऊ से लगभग तीन घंटे में जोड़ा जा सकेगा। इससे औद्योगिक इकाइयों को कच्चे माल और तैयार उत्पादों के तेज परिवहन, बेहतर लॉजिस्टिक्स तथा बड़े बाजारों तक आसान पहुंच का लाभ मिलेगा।
नई औद्योगिक टाउनशिप में निवेशकों की रुचि भी सामने आने लगी है। अडानी और श्रेयस डिस्टिलरीज को 115 एकड़ भूमि आवंटित की जा चुकी है।

-  राष्ट्रीय और वैश्विक कंपनियों की मौजूदगी
गीडा में देश की प्रमुख कंपनियों की मौजूदगी इसके मजबूत औद्योगिक इकोसिस्टम को दर्शाती है। एनएसई में सूचीबद्ध गैलेंट ग्रुप, हाल में आईपीओ लाने वाली क्रेजी स्नैक्स प्राइवेट लिमिटेड, तथा कोका-कोला और पेप्सिको के मैन्युफैक्चरिंग प्लांट यहां संचालित हैं। इसके अलावा आईजीएल, अपोलो एपीआई स्टील ट्यूब्स और तत्व पॉलीप्लास्टिक जैसी कंपनियां भी गीडा के औद्योगिक आधार को मजबूती प्रदान कर रही हैं।

-  डिजिटल सुविधाओं से निवेश प्रक्रिया आसान
गीडा में निवेशकों को सुविधाजनक और पारदर्शी व्यवस्था उपलब्ध कराने के लिए भौतिक आधारभूत ढांचे के साथ डिजिटल सुविधाओं को भी मजबूत किया जा रहा है। निवेश मित्र 2.0 से निवेश मित्र 3.0 पर अपग्रेड के बाद उद्यमियों को मंजूरियों, प्रोत्साहनों और अन्य आवश्यकताओं से संबंधित 21 ऑनलाइन सेवाएं उपलब्ध हैं।
वहीं, वन मैप पोर्टल के जरिए निवेशक उपलब्ध भूखंडों को लाइव देख सकते हैं और पारदर्शी ई-नीलामी में भाग ले सकते हैं। इन्वेस्ट यूपी के तहत तैनात उद्यमी मित्र निवेशकों के लिए सिंगल-पॉइंट फैसिलिटेशन के रूप में कार्य कर रहे हैं और विभिन्न विभागों के साथ समन्वय कर मंजूरियों की प्रक्रिया को सुगम बना रहे हैं।

-  पूर्वांचल को औद्योगिक शक्ति बनाने की दिशा में कदम
जमीन की उपलब्धता, बेहतर कनेक्टिविटी, बड़े उद्योगों की मौजूदगी और डिजिटल निवेश सुविधाओं के चलते गीडा अब गोरखपुर सहित पूरे पूर्वांचल को विनिर्माण और रोजगार के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। धुरियापार औद्योगिक टाउनशिप के विकास से निवेश का दायरा और विस्तृत होने की उम्मीद है। गीडा का यह विस्तार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को गति देने में पूर्वांचल की बढ़ती भूमिका को भी रेखांकित करता है।
संत रविदास मंदिर के जीर्णोद्धार का होगा शिलान्यास
-  दोहरीघाट में मंत्री ए.के. शर्मा करेंगे ₹1.82 करोड़ की परियोजना का शुभारंभ


-  संत रविदास की 650वीं जयंती पर समरसता संकल्प अभियान में भी लेंगे हिस्सा

लखनऊ। संत शिरोमणि श्री रविदास जी की 650वीं जन्म जयंती के अवसर पर प्रदेश सरकार सामाजिक समरसता, समानता और सद्भाव के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित कर रही है। इसी क्रम में नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा शुक्रवार, 14 अगस्त को मऊ के दोहरीघाट पहुंचेंगे। यहां वह संत रविदास जी मंदिर के जीर्णोद्धार कार्य का शिलान्यास करेंगे और समरसता संकल्प अभियान में भी भाग लेंगे।
दोहरीघाट स्थित संत रविदास मंदिर का जीर्णोद्धार नगर विकास विभाग की वंदन योजना के तहत कराया जाएगा। करीब ₹1.82 करोड़ की लागत से होने वाले इस कार्य से मंदिर परिसर को बेहतर और सुव्यवस्थित स्वरूप मिलेगा। साथ ही श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक सुविधाओं का भी विस्तार किया जाएगा।

-  सामाजिक समरसता का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास
मंत्री ए.के. शर्मा ने कहा कि संत शिरोमणि रविदास जी ने अपने जीवन और विचारों के माध्यम से समानता, भाईचारे, मानवता और सामाजिक समरसता का संदेश दिया। उनके विचार आज भी समाज को एकजुट करने और भेदभाव से मुक्त समरस समाज के निर्माण की प्रेरणा देते हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार संत रविदास जी के आदर्शों को आगे बढ़ाते हुए समाज के प्रत्येक वर्ग के सम्मान, उत्थान और सहभागिता के लिए लगातार कार्य कर रही है। 650वीं जयंती का अवसर उनके जीवन और कृतित्व को स्मरण करने के साथ-साथ उनके विचारों को जीवन में उतारने का भी अवसर है।

-  वंदन योजना से धार्मिक स्थलों का संरक्षण
श्री शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार धार्मिक, आध्यात्मिक एवं ऐतिहासिक महत्व के स्थलों के संरक्षण और विकास को प्राथमिकता दे रही है। वंदन योजना के माध्यम से ऐसे स्थलों का जीर्णोद्धार, सौंदर्यीकरण और विकास कराया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि इन प्रयासों से प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत संरक्षित होने के साथ ही श्रद्धालुओं और आमजन को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।

-  समरसता संकल्प अभियान में लेंगे हिस्सा
मंत्री ने कहा कि संत रविदास जी की 650वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित समरसता संकल्प अभियान समाज में आपसी भाईचारे, सद्भाव और समानता की भावना को मजबूत करने का माध्यम बनेगा। संत रविदास जी के विचारों को जन-जन तक पहुंचाकर सामाजिक समरसता और सहयोग की भावना को और मजबूत किया जाएगा।
योगी सरकार ने 7 अधिकारियों के किए तबादले, एसडीएम लखनऊ बनाई गईं निधि पांडेय
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में गुरुवार को प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल किया गया है। शासन ने 7 अधिकारियों के तबादले किए हैं। ज्योति राय को अपर जिलाधिकारी (वि/रा), बलरामपुर से अपर आयुक्त, आजमगढ़ मंडल के तौर पर नई तैनाती दी गई है। संदीप केला को नगर मजिस्ट्रेट, बांदा से अपर जिलाधिकारी (वि/रा), बलरामपुर की जिम्मेदारी दी गई है।

दिनेश चंद्र को उपजिलाधिकारी, बुलंदशहर से नगर मजिस्ट्रेट बांदा बनाया गया है। दिव्या ओझा को उपजिलाधिकारी, चंदौली से अपर जिलाधिकारी (न्यायिक), बरेली की जिम्मेदारी दी गई है। विनय कुमार सिंह को नगर मजिस्ट्रेट, प्रयागराज से नगर मजिस्ट्रेट गोरखपुर बनाया गया है।

इसी तरह से उत्कर्ष श्रीवास्तव की भी तैनाती बदली गई है। उत्कर्ष श्रीवास्तव को नगर मजिस्ट्रेट, गोरखपुर से नगर मजिस्ट्रेट, प्रयागराज की जिम्मेदारी सौंपी गई है। निधि पांडेय को कंपट्रोलर, जन भवन से उपजिलाधिकारी, लखनऊ की जिम्मेदारी दी गई है।

बीते महीने जुलाई में योगी सरकार ने 182 अधिकारियों के तबादले किए थे। सरकार ने कई जिलों से एसडीएम की तैनाती बदल दी थी। 13 जुलाई को किए गए तबादले में प्रशांत कुमार को एसडीएम उन्नाव से एसडीएम बहराइच के पद पर तैनाती दी गई थी। कुमार संजय को जालौन, ध्रुव शुक्ला को गाजीपुर, अभय कुमार सिंह को विशेष कार्याधिकारी राजस्व परिषद, यूपी, मनोज प्रकाश को एसडीएम जालौन, अरविंद कुमार सिंह को एसडीएम मैनपुरी, पुष्पेंद्र पटेल को एसडीएम अंबेडकरनगर, योगेश कुमार गौड़ को एसडीएम सहारनपुर बनाया गया था।

पिछले महीने किए गए ट्रांसफर में अरुण दीक्षित को एसडीएम भदोही, अश्विनी कुमार सिंह को एसडीएम बाराबंकी, क्षितिज द्विवेदी को एसडीएम देवरिया, मनोज कुमार को एसडीएम मथुरा, राकेश कुमार त्यागी को एसडीएम रामपुर, शुभम यादव को एसडीएम बुलंदशहर, दीपिका मेहर को एसडीएम शामली, अवधेश कुमार निगम को एसडीएम फिरोजाबाद, गोपाल शर्मा को एसडीएम बरेली, और विश्वेश्वर सिंह को एसडीएम सिद्धार्थनगर बनाया गया था।
एक साल से फरार उज्बेकिस्तानी महिला लोला कायूमोवा गिरफ्तार, फर्जी दस्तावेज और अवैध तरीके से रहने के मामले में बड़ा खुलासा

लखनऊ। राजधानी में विदेशी नागरिकों के अवैध रूप से रहने और उनसे जुड़े कथित नेटवर्क की जांच में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। थाना सुशांत गोल्फ सिटी पुलिस ने उज्बेकिस्तान की नागरिक लोला क्यूमोवा उर्फ लोला कायूमोवा को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार वह वर्ष 2025 में दर्ज मुकदमे में वांछित थी और लंबे समय से अपनी पहचान छिपाकर लखनऊ समेत देश के अलग-अलग हिस्सों में रह रही थी। उसकी गिरफ्तारी एफआरआरओ (Foreigners Regional Registration Office) से मिली सूचना के बाद की गई।

पुलिस के मुताबिक लोला के खिलाफ सुशांत गोल्फ सिटी थाने में दर्ज मुकदमे में धोखाधड़ी, आपराधिक षड्यंत्र और विदेशी नागरिकों से संबंधित कानूनों के तहत कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का दावा है कि पूछताछ में महिला ने कई वर्षों से पासपोर्ट और वीजा की अवधि समाप्त होने के बावजूद भारत में रहने, भारतीय पहचान संबंधी दस्तावेज बनवाने और अलग-अलग स्थानों पर अनैतिक देह व्यापार से जुड़े नेटवर्क में शामिल होने की जानकारी दी है। उसके मोबाइल फोन से मिले डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर अब अन्य सहयोगियों की भूमिका की जांच की जा रही है।

2025 में सामने आया था मामला

पुलिस के अनुसार पूरा मामला 20 जून 2025 को सामने आया था। उस समय सुशांत गोल्फ सिटी क्षेत्र में विदेशी महिलाओं के अवैध रूप से रहने की सूचना पर पुलिस और एफआरआरओ की टीम ने कार्रवाई की थी। जांच के दौरान दो उज्बेकिस्तानी महिलाओं के बिना वैध पासपोर्ट और वीजा के भारत में रहने की बात सामने आई थी।

इस मामले में पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई तो लोला क्यूमोवा की भूमिका भी सामने आई। पुलिस के मुताबिक वह विदेशी महिलाओं को लखनऊ में ठहराने और उनके लिए व्यवस्था कराने में कथित रूप से शामिल थी। कार्रवाई के दौरान लोला मौके से निकल गई थी, जिसके बाद उसकी तलाश की जा रही थी।

पहचान छिपाने के लिए दस्तावेज बनवाने का आरोप

पुलिस की विवेचना में यह भी आरोप सामने आया कि लोला ने भारत में अपनी पहचान छिपाने के लिए भारतीय दस्तावेज बनवाए। पुलिस ने उसके कब्जे से दो आधार कार्ड, एक पैन कार्ड और एक ड्राइविंग लाइसेंस बरामद किए हैं। इसके अलावा उसके पास से तीन डेबिट कार्ड और लुलु मॉल का एक फंटुरा कार्ड भी मिला है।

पुलिस अब इन दस्तावेजों के बनने की प्रक्रिया और उनमें दर्ज विवरणों का सत्यापन कर रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि विदेशी नागरिक होने के बावजूद उसे ये दस्तावेज किस तरह हासिल हुए और इसमें किसी अन्य व्यक्ति या स्थानीय नेटवर्क की भूमिका थी या नहीं।

प्लास्टिक सर्जरी से पहचान बदलने की भी जांच

मामले में प्लास्टिक सर्जरी का पहलू भी जांच के दायरे में है। पुलिस के अनुसार विदेशी महिलाओं की पहचान बदलने के लिए कथित तौर पर प्लास्टिक सर्जरी कराए जाने की बात विवेचना में सामने आई है। लोला द्वारा भी अपनी पहचान छिपाने के लिए प्लास्टिक सर्जरी कराए जाने की जानकारी सामने आई है।

पुलिस अब यह सत्यापित कर रही है कि सर्जरी कहां और किसकी मदद से कराई गई तथा इसमें किसी चिकित्सक या अन्य स्थानीय व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं। इस संबंध में सामने आए नामों और तथ्यों की भी जांच की जा रही है।

देह व्यापार के नेटवर्क से जुड़े होने का पुलिस का दावा

पूछताछ में लोला ने कथित तौर पर पुलिस को बताया कि उसके संपर्क में कई अन्य सहयोगी हैं और अलग-अलग राज्यों एवं जिलों में महिलाओं से अनैतिक देह व्यापार कराया जाता था। पुलिस को उसके मोबाइल फोन से कई महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य मिलने की बात कही गई है।

जांच एजेंसियां अब इन डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर कथित नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने में जुटी हैं। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि लखनऊ के अलावा दूसरे शहरों में इस नेटवर्क का कितना विस्तार था और इसमें स्थानीय स्तर पर किन लोगों ने मदद की।

विदेशी नेटवर्क से संपर्क की भी जांच

पुलिस की जांच में लोला के नेपाल और उज्बेकिस्तान से जुड़े लोगों के संपर्क में होने की बात भी सामने आई है। हालांकि इन संपर्कों की वास्तविक भूमिका और नेटवर्क की प्रकृति की पुष्टि के लिए आगे की जांच जारी है। एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि विदेशी महिलाओं को भारत लाने, उनके रहने की व्यवस्था करने और उनकी पहचान छिपाने में कौन-कौन लोग शामिल थे।

मोबाइल और दस्तावेजों से खुलेगा नेटवर्क का राज

गिरफ्तारी के समय पुलिस ने लोला के पास से दो मोबाइल फोन, नकदी और जेवरात के साथ कई पहचान एवं बैंकिंग संबंधी दस्तावेज बरामद किए हैं। बरामदगी में 39,740 रुपये नकद, वीवो और सैमसंग के दो मोबाइल फोन, एक्सिस और एचडीएफसी के तीन डेबिट कार्ड, दो आधार कार्ड, पैन कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस शामिल हैं।

इसके अलावा पुलिस ने पीली और सफेद धातु की अंगूठियां, चेन, ब्रेसलेट, ईयररिंग और घड़ी भी बरामद की है। पुलिस इन सामानों और डिजिटल उपकरणों की जांच कर रही है।

कई साल से भारत में रहने का दावा

पुलिस पूछताछ में लोला ने कथित तौर पर बताया कि उसके पासपोर्ट और वीजा की अवधि समाप्त होने के बाद भी वह कई वर्षों से भारत के अलग-अलग राज्यों और जिलों में छिपकर रह रही थी। पुलिस अब उसके भारत में रहने की अवधि, आवागमन और संपर्कों की विस्तृत जानकारी जुटा रही है।

इसके साथ ही संबंधित विदेशी नागरिकता एवं आव्रजन रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है। पुलिस ने मामले की जानकारी संबंधित एजेंसियों को भी दी है।

सुशांत गोल्फ सिटी थाने में दर्ज है मुकदमा

लोला के खिलाफ थाना सुशांत गोल्फ सिटी में मु0अ0सं0 544/2025 दर्ज है। इसमें धारा 318(4), 61 बीएनएस के साथ विदेशी पंजीकरण अधिनियम और विदेशी अधिनियम की संबंधित धाराओं तथा इमीग्रेशन एंड फॉरेनर एक्ट की धाराओं में कार्रवाई की गई है।

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार महिला की पहचान लोला क्यूमोवा पुत्री अलिमद जमोवना, मूल निवासी ताशकंद, उज्बेकिस्तान के रूप में हुई है। उसकी उम्र पुलिस रिकॉर्ड में करीब 45 वर्ष बताई गई है। उसके लखनऊ में राजाजीपुरम और सुशांत गोल्फ सिटी क्षेत्र में रहने के पते सामने आए हैं।

न्यायालय में पेश किया गया, जांच जारी

एफआरआरओ की सूचना के बाद पुलिस टीम ने महिला से पूछताछ की और इसके बाद उसे नियमानुसार गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक उसे न्यायालय के समक्ष पेश किया गया है। अब उसके मोबाइल फोन, बरामद दस्तावेजों, बैंकिंग रिकॉर्ड और संपर्कों की जांच के आधार पर मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान यदि अन्य लोगों की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस और संबंधित एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि लोला का कथित नेटवर्क कितना बड़ा था, इसमें कितने लोग शामिल थे और विदेशी महिलाओं को भारत में अवैध रूप से ठहराने तथा उनकी पहचान छिपाने में किन लोगों ने मदद की।
ऑपरेशन किरन के तहत रहीमाबाद में दो पारिवारिक विवादों का काउंसलिंग से सफल निस्तारण
लखनऊ। पुलिस उपायुक्त उत्तरी, कमिश्नरेट लखनऊ की पहल पर संचालित ऑपरेशन किरन के तहत मिशन शक्ति केन्द्र, थाना रहीमाबाद द्वारा पारिवारिक विवादों के शांतिपूर्ण समाधान के लिए प्रभावी पहल की जा रही है। इसी क्रम में मिशन शक्ति केन्द्र की टीम ने पति-पत्नी के बीच उत्पन्न आपसी मनमुटाव और पारिवारिक विवाद से जुड़े दो अलग-अलग प्रकरणों का काउंसलिंग एवं मध्यस्थता के माध्यम से सफल निस्तारण कराया।

पहले प्रकरण में काउंसलिंग से दूर हुए मतभेद

पहले प्रकरण में पति-पत्नी के बीच पारिवारिक विवाद के कारण आपसी मनमुटाव उत्पन्न हो गया था। मामले की जानकारी मिलने पर मिशन शक्ति केन्द्र थाना रहीमाबाद की टीम ने दोनों पक्षों को बुलाकर उनकी समस्याओं एवं आपसी मतभेदों को धैर्यपूर्वक सुना।

काउंसलिंग के दौरान टीम ने दोनों पक्षों के बीच सकारात्मक संवाद स्थापित करने का प्रयास किया और विवाद के मूल कारणों को समझते हुए आपसी मतभेद दूर करने के लिए समझाइश दी। टीम के प्रयासों और प्रभावी काउंसलिंग के परिणामस्वरूप दोनों पति-पत्नी ने अपने मतभेदों को भुलाकर आपसी सहमति से पुनः साथ रहने की इच्छा व्यक्त की।

इसके बाद मिशन शक्ति केन्द्र की टीम ने दोनों पक्षों के बीच सुलह-समझौता कराया और उन्हें आपसी प्रेम, सौहार्द एवं विश्वास के साथ पारिवारिक जीवन आगे बढ़ाने के लिए उनके घर रवाना किया।

दूसरे प्रकरण में भी पति-पत्नी के बीच कराया समझौता

दूसरे प्रकरण में भी पति-पत्नी के मध्य आपसी मनमुटाव और पारिवारिक विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई थी। ऑपरेशन किरन के तहत मिशन शक्ति केन्द्र थाना रहीमाबाद की टीम ने मामले में हस्तक्षेप करते हुए दोनों पक्षों की समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना।

टीम ने दोनों पक्षों के बीच संवाद स्थापित कर विवाद के कारणों को समझने और मतभेदों को दूर करने का प्रयास किया। काउंसलिंग एवं समझाइश के बाद दोनों पति-पत्नी ने आपसी सहमति से अपने मतभेद समाप्त करते हुए पुनः साथ रहने की इच्छा जताई।

मिशन शक्ति केन्द्र की टीम ने दोनों पक्षों के बीच सुलह-समझौता कराया तथा उन्हें आपसी प्रेम, विश्वास और सौहार्द के साथ पारिवारिक जीवन आगे बढ़ाने के लिए उनके घर भेजा।

ऑपरेशन किरन का उद्देश्य

ऑपरेशन किरन का उद्देश्य संवाद, काउंसलिंग, मध्यस्थता एवं आपसी सहमति के माध्यम से पारिवारिक विवादों का शांतिपूर्ण समाधान कराना और परिवारों को टूटने से बचाना है। इसके साथ ही पति-पत्नी के बीच आपसी समझ एवं विश्वास को बढ़ावा देकर परिवार में सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखने पर जोर दिया जा रहा है।

मिशन शक्ति केन्द्र थाना रहीमाबाद द्वारा इस तरह के मामलों में संवेदनशीलता के साथ काउंसलिंग एवं मध्यस्थता की कार्रवाई की जा रही है, ताकि विवादों का समाधान संभव होने पर परिवारों को बिखरने से बचाया जा सके। स्थानीय स्तर पर मिशन शक्ति केन्द्र की इस पहल की सराहना की गई।

पहले प्रकरण में मध्यस्थता कराने वाली टीम
उ0नि0  करन सिंह, थाना रहीमाबाद, कमिश्नरेट लखनऊ।
का0 शीर्षपाल सिंह, थाना रहीमाबाद, कमिश्नरेट लखनऊ।
का0 सिमित कुमार, थाना रहीमाबाद, कमिश्नरेट लखनऊ।
म0का0 बबिता, थाना रहीमाबाद, कमिश्नरेट लखनऊ।
दूसरे प्रकरण में मध्यस्थता कराने वाली टीम
उ0नि0  इन्द्रजीत सिंह, थाना रहीमाबाद, कमिश्नरेट लखनऊ।
उ0नि0 उमाशंकर यादव, थाना रहीमाबाद, कमिश्नरेट लखनऊ।
म0का0 बबिता, थाना रहीमाबाद, कमिश्नरेट लखनऊ।
रि0म0का0 लवली सिंह, थाना रहीमाबाद, कमिश्नरेट लखनऊ।

मिशन शक्ति केन्द्र थाना रहीमाबाद द्वारा काउंसलिंग और मध्यस्थता के माध्यम से पारिवारिक विवादों के शांतिपूर्ण समाधान की दिशा में निरंतर प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस की इस पहल का उद्देश्य विवादों को बढ़ाने के बजाय संवाद और आपसी समझ के माध्यम से समाधान की राह तलाशना तथा परिवारों में पुनः सौहार्द स्थापित करना है।
मलिहाबाद पुलिस ने साइबर ठगी के वांछित आरोपी को किया गिरफ्तार, 34 लाख की धोखाधड़ी का खुलासा
लखनऊ। साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान ऑपरेशन “CYVAJRA” के तहत मलिहाबाद पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। थाना मलिहाबाद पुलिस टीम ने साइबर धोखाधड़ी के एक मामले में वांछित चल रहे आरोपी विनय कुमार गौतम उर्फ समर को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, विवेचना के दौरान ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म और टेलीग्राम ऐप के माध्यम से आम लोगों को लालच देकर साइबर ठगी करने वाले संगठित गिरोह का मामला सामने आया है। इस गिरोह द्वारा ठगी की रकम को विभिन्न बैंक खातों में स्थानांतरित करने के बाद USDT डिजिटल करेंसी में परिवर्तित किए जाने की जानकारी सामने आई है।

यह कार्रवाई पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश द्वारा साइबर अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के क्रम में पुलिस आयुक्त, कमिश्नरेट लखनऊ श्री तरुण गाबा के निर्देशन, संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध एवं मुख्यालय) श्रीमती अपर्णा कुमार के पर्यवेक्षण तथा पुलिस उपायुक्त उत्तरी, कमिश्नरेट लखनऊ के निर्देशन में की गई।

अशोक विहार से आरोपी गिरफ्तार

थाना मलिहाबाद में दर्ज मु0अ0सं0 60/2026, धारा 318(4), 319(2), 111(2) बीएनएस एवं 66सी/66डी आईटी एक्ट के मामले में वांछित आरोपी विनय कुमार गौतम उर्फ समर की तलाश की जा रही थी। पुलिस टीम ने प्रभावी कार्रवाई करते हुए आरोपी को 12 अगस्त 2026 को सुबह करीब 8:30 बजे अशोक विहार, आलमनगर, थाना तालकटोरा, लखनऊ से नियमानुसार गिरफ्तार किया।

गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है और उसे नियमानुसार न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है।

ऑनलाइन गेमिंग और टेलीग्राम के जरिए बनाते थे शिकार

पुलिस की विवेचना में सामने आया कि आरोपीगण विभिन्न ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म और टेलीग्राम ऐप का इस्तेमाल कर लोगों को आकर्षक लिंक भेजते थे। लिंक के माध्यम से लोगों को विभिन्न प्रकार के लालच दिए जाते थे और इसके बाद उन्हें साइबर धोखाधड़ी का शिकार बनाया जाता था।

ठगी से प्राप्त रकम को सीधे अपने पास रखने के बजाय विभिन्न बैंक खातों में स्थानांतरित किया जाता था। इसके बाद रकम को USDT डिजिटल करेंसी में परिवर्तित कर आर्थिक लाभ अर्जित किया जाता था। पुलिस के अनुसार, आरोपियों द्वारा अपनी पहचान छिपाने के लिए VPN, टेलीग्राम और अलग-अलग मोबाइल नंबरों का भी इस्तेमाल किया जाता था।

करीब 34 लाख रुपये की संगठित साइबर ठगी का खुलासा

पुलिस के अनुसार, पूछताछ और विवेचना में सामने आया कि आरोपियों ने 14 और 15 मार्च 2026 को संगठित तरीके से करीब 34 लाख रुपये की साइबर ठगी की थी। ठगी की रकम को विभिन्न बैंक खातों के माध्यम से स्थानांतरित करने के बाद USDT में परिवर्तित किए जाने की बात सामने आई है।

पुलिस जांच में यह भी पाया गया कि जिन बैंक खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम के लेनदेन के लिए किया गया, उनके संबंध में अन्य राज्यों से भी ऑनलाइन धोखाधड़ी की शिकायतें प्राप्त हुई हैं। इससे गिरोह की गतिविधियों के अन्य मामलों से जुड़े होने की आशंका के मद्देनजर पुलिस द्वारा जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है।

पहले तीन आरोपी हो चुके हैं गिरफ्तार

इस मुकदमे में मलिहाबाद पुलिस द्वारा इससे पहले सुमित कुमार, अरबाज खान और छोटू मौर्या को गिरफ्तार किया जा चुका है। अब विनय कुमार गौतम उर्फ समर की गिरफ्तारी के बाद पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों और साइबर ठगी से जुड़े वित्तीय लेनदेन की जानकारी जुटाने में लगी है।

पुलिस द्वारा आरोपियों के बैंक खातों, डिजिटल लेनदेन, इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबरों तथा अन्य तकनीकी साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है। गिरोह के अन्य सदस्यों की भूमिका और साइबर ठगी से जुड़े लेनदेन के संबंध में अग्रिम विवेचनात्मक कार्रवाई जारी है।

आरोपी का विवरण

गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान विनय कुमार गौतम उर्फ समर, पुत्र किशुनलाल, उम्र करीब 30 वर्ष, निवासी मकान नंबर 356/340/881, अशोक विहार, आलमनगर, थाना तालकटोरा, लखनऊ के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार आरोपी का व्यवसाय मजदूरी है।

उसके खिलाफ थाना मलिहाबाद में मु0अ0सं0 60/2026, धारा 318(4), 319(2), 111(2) बीएनएस एवं 66सी/66डी आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज है। आरोपी के अन्य आपराधिक इतिहास के संबंध में पुलिस द्वारा जानकारी एवं सत्यापन किया जा रहा है।

इन पुलिसकर्मियों ने की गिरफ्तारी

गिरफ्तारी करने वाली थाना मलिहाबाद पुलिस टीम में:

अ0नि0 सुरेन्द्र प्रसाद मिश्रा
का0 धनंजय कुमार

शामिल रहे।

पुलिस की जनता से अपील

पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ ने आमजन से साइबर अपराधों के प्रति सतर्क रहने की अपील की है। पुलिस ने कहा है कि किसी भी अज्ञात लिंक, ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म अथवा लालच देने वाले संदेशों पर विश्वास न करें। अपनी बैंकिंग संबंधी जानकारी, OTP, पासवर्ड और अन्य गोपनीय जानकारी किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करें।

पुलिस ने अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति के साथ साइबर ठगी होती है तो वह तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 पर सूचना दे और साथ ही नजदीकी थाना अथवा साइबर क्राइम थाना को भी घटना की जानकारी दे, ताकि समय रहते कार्रवाई कर ठगी की रकम को सुरक्षित कराने और अपराधियों तक पहुंचने का प्रयास किया जा सके।
कूटरचित दस्तावेजों से जमीन बेचने वाला वांछित आरोपी गिरफ्तार
लखनऊ। थाना मड़ियांव पुलिस ने कूटरचित दस्तावेज तैयार कर स्वयं को भूमि का मालिक बताकर जमीन बेचने के मामले में वांछित चल रहे एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी अपने साथियों के साथ मिलकर फर्जी दस्तावेज तैयार कर भूमि पर अपना स्वामित्व दर्शाता था और उसे बेचकर आर्थिक लाभ अर्जित करने का प्रयास करता था।

पुलिस के मुताबिक, 10 अक्टूबर 2024 को डाक पैड के माध्यम से आवेदक विमल चन्द्र जैन पुत्र स्वर्गीय हरक चन्द्र जैन, निवासी डालीगंज, थाना हसनगंज, लखनऊ की ओर से प्रार्थना पत्र प्राप्त हुआ था। इसमें आरोप लगाया गया था कि विपक्षीगण ने आवेदकगण की भूमि के संबंध में धोखाधड़ी एवं कूटरचना करते हुए फर्जी बैनामा तैयार किया और स्वयं को भूमि का वास्तविक मालिक बताते हुए उसे विक्रय करने का प्रयास किया।

फर्जी बैनामा तैयार कर जमीन बेचने का आरोप

प्राप्त शिकायत के आधार पर थाना मड़ियांव में मु0अ0सं0 624/2024 धारा 318(4), 338, 336(3), 340(2) बीएनएस के तहत ज्ञान सिंह पुत्र स्वर्गीय गुरु प्रसाद आदि के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया। विवेचना के दौरान पुलिस द्वारा एकत्र किए गए साक्ष्यों के आधार पर मुकदमे में धारा 61(2) बीएनएस की भी बढ़ोतरी की गई।

विवेचना के दौरान सामने आए तथ्यों एवं साक्ष्यों के आधार पर अभियुक्त महेन्द्र प्रताप की मामले में संलिप्तता प्रकाश में आई और वह मुकदमे में वांछित चल रहा था।

मास्टरबाग ऑटो सेल्स से गिरफ्तारी

थाना मड़ियांव पुलिस टीम ने वांछित अभियुक्त की तलाश में कार्रवाई करते हुए 11 अगस्त 2026 को शाम करीब 5 बजे उसे मास्टरबाग ऑटो सेल्स, मास्टरबाग से गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार अभियुक्त को पुलिस ने गिरफ्तारी का कारण बताते हुए नियमानुसार हिरासत में लिया। पुलिस के अनुसार गिरफ्तारी के दौरान माननीय सर्वोच्च न्यायालय एवं मानवाधिकार आयोग के दिशा-निर्देशों का पालन किया गया। आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी करने के बाद अभियुक्त को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।

साथियों के साथ मिलकर करता था फर्जीवाड़ा

पुलिस के अनुसार पूछताछ एवं विवेचना में सामने आया कि अभियुक्त अपने साथियों के साथ मिलकर कूटरचित दस्तावेज तैयार कर आवेदकगण की भूमि को बेचने की योजना में शामिल था। फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से भूमि पर अपना अधिकार दर्शाकर उसे विक्रय कर आर्थिक लाभ अर्जित करना इस पूरे मामले में अपनाया गया तरीका बताया गया है।

पुलिस अब मामले में शामिल अन्य आरोपियों की भूमिका और फर्जी दस्तावेज तैयार करने एवं भूमि के लेनदेन से संबंधित अन्य तथ्यों की जांच कर रही है।

गिरफ्तार अभियुक्त का विवरण

महेन्द्र प्रताप, पुत्र सुखदेव, निवासी ग्राम कनकपुर, पोस्ट दहावा, थाना रामपुर कलां, जनपद सीतापुर, उम्र करीब 29 वर्ष। पुलिस के अनुसार अभियुक्त मास्टरबाग ऑटो सेल्स में कार्य करता है।

अभियुक्त के अन्य आपराधिक इतिहास के संबंध में थाना स्तर के साथ-साथ अन्य जनपदों से भी जानकारी एवं सत्यापन कराया जा रहा है।

पुलिस की कार्रवाई के बाद मामले की विवेचना जारी है और प्रकरण में सामने आने वाले अन्य आरोपियों एवं तथ्यों के आधार पर अग्रिम विधिक कार्रवाई की जाएगी।
स्वतंत्रता दिवस पर जनभवन के आसपास बदलेगा यातायात, कई रास्तों पर डायवर्जन
लखनऊ। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर 15 अगस्त को जनभवन में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसे देखते हुए लखनऊ यातायात पुलिस ने कार्यक्रम के दौरान यातायात को सुचारु बनाए रखने के लिए डायवर्जन व्यवस्था लागू की है। जनभवन में सुबह 8 बजे झंडारोहण और शाम 4 बजे स्वल्पाहार कार्यक्रम प्रस्तावित है। इन कार्यक्रमों के दौरान जनभवन और आसपास के प्रमुख मार्गों पर सामान्य यातायात के आवागमन में बदलाव रहेगा।

यातायात पुलिस के मुताबिक, बंदरियाबाग चौराहे से सामान्य यातायात जनभवन, डीएसओ चौराहा और हजरतगंज की ओर नहीं जा सकेगा। इस दिशा में जाने वाले वाहन गोल्फ क्लब चौराहा या एसएन ओवरब्रिज के रास्ते अपने गंतव्य की ओर जा सकेंगे।

इसी तरह लालबत्ती चौराहे से प्रेरणा केन्द्र तिराहा, एनेक्सी तिराहा और सिसेण्डी तिराहा की ओर जाने वाले सामान्य यातायात को प्रतिबंधित किया गया है। वाहन चालक बंदरियाबाग चौराहा, गोल्फ क्लब चौराहा अथवा एसएन ओवरब्रिज होकर आगे जा सकेंगे।

हजरतगंज चौराहे से डीएसओ चौराहा और बंदरियाबाग चौराहा की ओर भी सामान्य यातायात नहीं जा सकेगा। इस मार्ग के वाहन पार्क रोड चौराहा होकर अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगे।

वहीं रॉयल होटल चौराहे से सिसेण्डी तिराहा, डीएसओ चौराहा, एनेक्सी तिराहा और प्रेरणा केन्द्र तिराहा की तरफ सामान्य यातायात प्रतिबंधित रहेगा। यहां से वाहन हजरतगंज चौराहा या बलिग्टन चौराहा होकर अपने गंतव्य की ओर जा सकेंगे।

इसके अलावा 15 अगस्त को डीएसओ चौराहा से पार्क रोड चौराहा और पार्क रोड चौराहा से हजरतगंज चौराहा तक एकल मार्ग निलंबित रहेगा। यातायात पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे निर्धारित डायवर्जन मार्गों का प्रयोग करें और कार्यक्रम स्थल के आसपास अनावश्यक भीड़ से बचें।

आपात स्थिति में एम्बुलेंस को मिलेगी अनुमति

यातायात पुलिस ने स्पष्ट किया है कि किसी व्यक्ति को चिकित्सकीय आपात स्थिति होने पर और वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में एम्बुलेंस आदि को प्रतिबंधित मार्ग से जाने की अनुमति दी जा सकेगी। ऐसी स्थिति में ट्रैफिक पुलिस और स्थानीय पुलिस द्वारा आवश्यक सहयोग किया जाएगा।

आमजन किसी भी तरह की यातायात संबंधी सहायता के लिए ट्रैफिक कंट्रोल नंबर 9454405155 पर संपर्क कर सकते हैं।

यातायात पुलिस ने स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान आम लोगों से सहयोग करने और निर्धारित मार्गों का इस्तेमाल करने की अपील की है, ताकि कार्यक्रम के दौरान यातायात व्यवस्था सुचारु बनी रहे।
स्मार्ट क्लास से स्मार्ट भविष्य की ओर बढ़े सर्वोदय विद्यालय

-  5 जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालयों में शुरू हुए स्मार्ट क्लासरूम, ₹35 करोड़ की CSR परियोजना का पहला चरण

-  मंत्री असीम अरुण ने किया शुभारंभ, स्मार्ट बोर्ड से एसी तक आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे विद्यार्थी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के सर्वोदय विद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को अब डिजिटल और आधुनिक शिक्षा का लाभ मिलेगा। समाज कल्याण विभाग ने 5 जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालयों में स्मार्ट क्लासरूम की शुरुआत की है। FIRST ORIGIN NextGen Edutech Pvt. Ltd. के सहयोग से CSR के तहत संचालित इस परियोजना पर करीब 35 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
गोमती नगर स्थित भागीदारी भवन में आयोजित उद्घाटन एवं संवाद कार्यक्रम में समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने दीप प्रज्ज्वलित कर परियोजना के पहले चरण का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में प्रमुख सचिव समाज कल्याण अनुराग यादव, निदेशक समाज कल्याण संजीव सिंह, उपनिदेशक जे. राम और FIRST ORIGIN के प्रबंध निदेशक अनुज कुमार वर्मा मौजूद रहे।

-  5 विद्यालयों में शुरू हुआ पायलट प्रोजेक्ट
समाज कल्याण विभाग के निदेशक संजीव सिंह ने बताया कि प्रदेश में वर्तमान में 103 सर्वोदय विद्यालय संचालित हैं। पायलट प्रोजेक्ट के तहत निडोरी (गाजियाबाद), बदनौरा (बुलंदशहर), हस्तिनापुर (मेरठ), बरेली और पीलीभीत के एक-एक विद्यालय में स्मार्ट क्लासरूम शुरू किए गए हैं।
इन स्मार्ट क्लासरूम को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया गया है। इनमें स्मार्ट बोर्ड, स्मार्ट पैनल, दो एयर कंडीशनर और वुडेन फ्लोरिंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इससे विद्यार्थियों को पारंपरिक पढ़ाई के साथ डिजिटल माध्यम से भी विषयों को समझने और सीखने का अवसर मिलेगा।

-  'तकनीक से प्रतिभा को मिलेगा अवसर’
राज्यमंत्री असीम अरुण ने कहा कि स्मार्ट क्लासरूम सिर्फ पढ़ाई का तरीका बदलने की पहल नहीं है, बल्कि यह विद्यार्थियों के भविष्य को नई दिशा देने का प्रयास है। सरकार का उद्देश्य है कि हर विद्यार्थी आधुनिक तकनीक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से जुड़े तथा भविष्य की प्रतिस्पर्धाओं के लिए खुद को तैयार कर सके।
उन्होंने कहा कि तकनीक की मदद से ग्रामीण और वंचित वर्ग के विद्यार्थियों को भी शिक्षा के ऐसे संसाधन उपलब्ध कराए जा सकते हैं, जो उन्हें आगे बढ़ने के समान अवसर प्रदान करेंगे।

-  दूसरे चरण में बढ़ेगा स्मार्ट शिक्षा का दायरा
FIRST ORIGIN के प्रबंध निदेशक अनुज कुमार वर्मा ने बताया कि परियोजना के दूसरे चरण में शेष चयनित सर्वोदय विद्यालयों में स्मार्ट क्लासरूम और ऑनलाइन शिक्षा का विस्तार किया जाएगा। इससे अधिक संख्या में विद्यार्थियों को डिजिटल शिक्षा से जोड़ने में मदद मिलेगी।
समाज कल्याण विभाग की इस पहल का उद्देश्य सर्वोदय विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को आधुनिक शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध कराकर उन्हें डिजिटल युग की जरूरतों और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करना है।
रक्षाबंधन पर बहनों की राह होगी आसान, यूपी में चलेंगी अतिरिक्त बसें

-  26 से 31 अगस्त तक विशेष बस संचालन, परिवहन निगम की शत-प्रतिशत बसें रहेंगी ऑनरोड

-  दिल्ली से पूर्वांचल तक बढ़ेगी कनेक्टिविटी, 24 घंटे कंट्रोल रूम से होगी निगरानी


लखनऊ। रक्षाबंधन पर बहनों को भाइयों तक पहुंचने में किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए योगी सरकार ने प्रदेश में विशेष परिवहन व्यवस्था लागू करने की तैयारी शुरू कर दी है। परिवहन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह ने 26 से 31 अगस्त तक छह दिनों के लिए अतिरिक्त बसों के संचालन के निर्देश दिए हैं। इस दौरान परिवहन निगम की अधिकतम, यानी शत-प्रतिशत बसें ऑनरोड रखने पर जोर दिया गया है।
त्योहार के दौरान यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रमुख मार्गों पर अतिरिक्त बसें लगाई जाएंगी। खासतौर पर पूर्वी उत्तर प्रदेश की ओर जाने वाले यात्रियों की संख्या बढ़ने की संभावना को देखते हुए इस दिशा में परिवहन सेवाओं को मजबूत किया जाएगा। लखनऊ, कानपुर समेत प्रमुख गंतव्यों के लिए यात्रियों की मांग के अनुसार अतिरिक्त बसों का संचालन किया जाएगा।

-  दिल्ली से पूर्वांचल तक बढ़ेगी बस कनेक्टिविटी
रक्षाबंधन के दौरान दिल्ली से पूर्वी उत्तर प्रदेश की ओर यात्रियों की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। दिल्ली-मुरादाबाद-बरेली होते हुए पूर्वी क्षेत्रों तथा दिल्ली-अलीगढ़-कानपुर होते हुए पूर्वांचल की ओर बस संचालन संबंधी मौजूदा प्रतिबंधों में जरूरत के अनुसार छूट देने का प्रावधान किया गया है।
परिवहन निगम के एमडी प्रभु एन. सिंह ने क्षेत्रीय और सहायक क्षेत्रीय प्रबंधकों को यात्री मांग के अनुसार बसों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। उद्देश्य है कि प्रमुख मार्गों पर यात्रियों को लंबे समय तक बस का इंतजार न करना पड़े।

-  बस अड्डों पर साफ-सफाई और पेयजल की विशेष व्यवस्था
सरकार ने बसों की संख्या बढ़ाने के साथ यात्रियों की सुविधाओं पर भी विशेष ध्यान दिया है। सभी बसों और बस स्टेशनों पर साफ-सफाई, स्वच्छ पेयजल, पर्याप्त रोशनी और पंखों की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
बस संचालन की जानकारी यात्रियों तक लगातार पहुंचाने के लिए 24 घंटे कंट्रोल रूम संचालित किया जाएगा। भीड़ वाले बस स्टेशनों पर पर्यवेक्षकों की तैनाती रहेगी और डिपो एवं क्षेत्रीय अधिकारी लगातार व्यवस्थाओं की निगरानी करेंगे।

-  त्योहार के दौरान कर्मचारियों की छुट्टियों पर रोक
विशेष बस संचालन के दौरान पर्याप्त चालक-परिचालक और तकनीकी कर्मचारियों की उपलब्धता बनाए रखने के लिए त्योहार अवधि में छुट्टियों पर रोक रहेगी। लगातार सेवा देने वाले कर्मचारियों को प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी।

छह दिनों में निर्धारित शर्तों के साथ 1,800 किलोमीटर बस संचालन पूरा करने वाले पात्र चालक-परिचालकों को 1,200 रुपये प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। संविदा चालक-परिचालकों को 1,800 किलोमीटर से अधिक संचालन पर अतिरिक्त दूरी के लिए 55 पैसे प्रति किलोमीटर की अतिरिक्त राशि मिलेगी।
डिपो और क्षेत्रीय कार्यशालाओं में छह दिनों तक प्रतिदिन उपस्थित रहने वाले पात्र तकनीकी कर्मचारियों को 500 रुपये एकमुश्त प्रोत्साहन दिया जाएगा। चालक-परिचालकों की प्रोत्साहन योजना में 64 प्रतिशत से अधिक लोड फैक्टर की शर्त भी रखी गई है।
चिन्हित बस स्टेशनों पर बेहतर व्यवस्था बनाए रखने वाले कर्मचारियों और पर्यवेक्षकों के प्रोत्साहन के लिए भी 90 हजार रुपये की राशि स्वीकृत की गई है।
परिवहन मंत्री ने कहा कि रक्षाबंधन पर बहनों की यात्रा सुरक्षित, सुगम और सुविधाजनक बनाना सरकार की प्राथमिकता है। इसके लिए बसों की उपलब्धता से लेकर बस अड्डों की व्यवस्थाओं और यात्रियों की सहायता तक हर स्तर पर निगरानी की जाएगी।