जिला पूर्ति अधिकारी टीम ने 8 सिलेंडर मौके से किया बरामद, डीएम के निर्देश पर दुकान पर मारा छापा, रिफिलिंग करते पकड़ा

फर्रुखाबाद।
कार्यालय जिला पूर्ति अधिकारी कार्यालय को शिकायत मिलने पर मोहल्ला कसरट्टा फतेहगढ़ स्थित गली में स्व० नन्दराम सक्सेना पुत्र स्व० नारायण प्रसाद सक्सेना निवासी फतेहगढ़ के मकान / घर में पूर्ति निरीक्षक नगरपालिका परिषद फर्रुखाबाद द्वारा पूर्ति निरीक्षक सदर अभिषेक मिश्रा, पूर्ति लिपिक राजीव कुमार एवं कोतवाली फतेहगढ से अर्जुन यादव एवं ओमसिंह कांस्टेबल के साथ छापेमारी की गयी। जांच के समय मौके पर अरविन्द कुमार सक्सेना पुत्र नरेश कुमार सक्सेना एवं घर में ही स्थित दुकान के मालिक राजेन्द्र कुमार सक्सेना पुत्र नरेश कुमार सक्सेना उपस्थित मिले। छापेमारी के दौरान घर में एक कमरे में 04 घरेलू सिलेण्डर पाये गये जिसमें 03 भरे एवं 01 खाली सिलेण्डर पाया गया, जोकि इण्डियन आयल कम्पनी के है। जिसके साथ एक रिफलर भी बरामद हुआ। घर के मुख्य द्वार के शटर लगीं दुकान के अन्दर 05 घरेलू गैस सिलेण्डर पाये गये, जिसमें 02 भरे एवं 03 खाली सिलेण्डर पाये गये। इस सम्बन्ध में पूछने पर कोई सन्तोषजनक उत्तर नही दिया गया और न ही कोई अभिलेख / किताब दिखा सके एवं मौके पर कोई भी अग्निशमन यंत्र भी नही पाया गया। बरामद सिलेण्डरो  व 01 रिफलर को अपनी अभिरक्षा में लेते हुए मे० पटेल गैस सर्विस आवास विकास टीला मसेनी स्थित गैस गोदाम को इस निर्देश के साथ दिया गया कि वह बरामद समस्त सामग्री को सुरक्षित रखे और सक्षम अधिकारी एवं न्यायालय द्वारा मांगे जाने पर प्रस्तुत करेंगें।
इससे स्पष्ट है कि अरविन्द कुमार सक्सेना पुत्र नरेश कुमार सक्सेना एवं घर में ही स्थित दुकान के मालिक राजेन्द्र कुमार सक्सेना पुत्र नरेश कुमार सक्सेना निवासी मोहल्ला कसरट्टा फतेहगढ़ द्वारा अवैध रूप से घरेलू सिलेण्डरो को भण्डार एवं संग्रहण कर गैस की रिफलिंग एवं खरीद / बिकी का कार्य किया जा रहा है। पेट्रोलियम गैस वितरण का कार्य किया जा रहा है, जो धारा 3/7 के अन्तर्गत दण्डनीय अपराध है। अरविन्द कुमार सक्सेना पुत्र नरेश कुमार सक्सेना घर के दुकान के मालिक राजेन्द्र कुमार सक्सेना पुत्र नरेश कुमार सक्सेना के विरूद्ध धारा 3/7 के अन्तर्गत जिलाधिकारी के आदेश पर पूर्ति निरीक्षक नगरपालिका परिषद फर्रुखाबाद द्वारा कोतवाली फतेहगढ़ में मुकदमा पंजीकृत कराया गया ।
जिलाधिकारी ने बाढ़ आपदा नियंत्रण कक्ष एवं राजस्व अभिलेखागार का किया औचक निरीक्षण
फर्रुखाबाद । जिलाधिकारी डॉ0 अंकुर लाठर ने आज कलेक्ट्रेट में बाढ़ आपदा नियंत्रण कक्ष एवं राजस्व अभिलेखागार का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने बाढ़ आपदा नियंत्रण कक्ष में स्थापित संचार व्यवस्था, प्राप्त होने वाली सूचनाओं के संकलन, रजिस्टरों के संधारण तथा विभिन्न तहसीलों एवं संबंधित विभागों से समन्वय की स्थिति की समीक्षा की।
      जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि बाढ़ संबंधी प्रत्येक सूचना का तत्काल संज्ञान लेते हुए उसका समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि नियंत्रण कक्ष 24×7 सक्रिय रहे तथा सभी अधिकारी एवं कर्मचारी पूरी सतर्कता एवं जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें। उन्होंने निर्देशित किया कि जलस्तर, राहत एवं बचाव कार्यों तथा प्रभावित क्षेत्रों की अद्यतन जानकारी नियमित रूप से संकलित एवं प्रेषित की जाए, जिससे किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।
बाढ़ आपदा नियंत्रण कक्ष में तैनात कार्मिकों को जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि आपात स्थिति के समय बाढ़ पीड़ित का कॉल आने पर संबंधित ग्राम प्रधान, लेखपाल एवं उप जिलाधिकारी से तुरंत संपर्क कर पीड़ित को बाढ़ शरणालय स्थल तक पहुंचाएं, साथ ही मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं पशु चिकित्सा अधिकारी से संपर्क कर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्रत्येक तीन दिवस की अवधि के अंतराल में शिविर आयोजित कराएं, जिससे आपदा पीड़ित व्यक्ति एवं उनके पशुओं को चिकित्सा उपचार का लाभ प्राप्त हो सके एवं बेसिक शिक्षा अधिकारी से संपर्क कर संबंधित बाढ़ प्रभावित गांवों में शिक्षकों के माध्यम से बच्चों का अध्ययन कार्य पूर्ण कराएं। बाढ़ प्रभावित गांवों में हर संभव प्रशासनिक सहायता हेतु निरंतर ग्राम प्रधानों के संपर्क में रहें। जिलाधिकारी ने राजस्व अभिलेखागार का निरीक्षण कर अभिलेखों के रख-रखाव, संरक्षण एवं अभिलेखों के सुव्यवस्थित संधारण की व्यवस्था का अवलोकन किया। उन्होंने अभिलेखों के सुरक्षित संरक्षण, आवश्यक अभिलेखों के डिजिटलीकरण तथा अभिलेखागार में स्वच्छता एवं व्यवस्थित रिकॉर्ड प्रबंधन बनाए रखने के निर्देश दिए।
     जिलाधिकारी ने कहा कि राजस्व अभिलेख शासन एवं आमजन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। इनके संरक्षण एवं उपलब्धता में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने आर0आर0के0 डॉ0 रंजना को निर्देशित किया कि अभिलेखों के रख-रखाव एवं नियंत्रण कक्ष के संचालन में निर्धारित मानकों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। राजस्व अभिलेखों की सुरक्षा हेतु अभिलेखागार में निरंतर कीटनाशक दावों का नियमित रूप से छिड़काव कराएं। आमजनमानस नकल की कॉपी प्राप्त करने के लिए निर्धारित शुल्क (साधारण नकल पर 2.5 रु0, अर्जेंट नकल पर 05 रु0, नक्शे की नकल पर 10 रु0 एवं आदेश की नकल पर 13 रु0) डाक टिकट के माध्यम से ही उपलब्ध कराएं, इसके साथी अभिलेखागार की अतिरिक्त सुरक्षा के दृष्टिगत 02 होमगार्ड तैनात करें
      निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व अरुण कुमार सिंह, उप जिलाधिकारी सदर संजय कुमार, नायब नाजिर महेंद्र सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
स्वतंत्रता दिवस समारोह गरिमापूर्ण एवं राष्ट्रभावना के अनुरूप मनाया जाए : जिलाधिकारी*

   फर्रुखाबाद ।  जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में आगामी 79वें स्वतंत्रता दिवस के आयोजन की तैयारियों के संबंध में आवश्यक बैठक आयोजित की गई। बैठक में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आयोजित होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध एवं प्रभावी तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
      जिलाधिकारी ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस राष्ट्रीय गौरव एवं देशभक्ति का पर्व है। इसके आयोजन में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ निर्धारित कार्यक्रमों का सफल संचालन सुनिश्चित करें तथा प्रत्येक कार्यक्रम गरिमामय, अनुशासित एवं राष्ट्रभक्ति की भावना के अनुरूप संपन्न कराया जाए।
      उन्होंने निर्देशित किया कि 15 अगस्त प्रातः 6:30 बजे प्रभात फेरी का आयोजन जनपद के समस्त विकास खंडों, तहसील मुख्यालयों एवं नगर क्षेत्रों में किया जाए। ग्रामीण क्षेत्रों में विद्यालयों के छात्र-छात्राओं की सहभागिता सुनिश्चित की जाए तथा शहरी क्षेत्र में स्व. ब्रह्मदत्त द्विवेदी स्टेडियम से प्रभात फेरी का आयोजन किया जाए। प्रभात फेरी मार्गों पर साफ-सफाई, पेयजल, सुरक्षा एवं यातायात प्रबंधन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए।
      बैठक में अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) ने बताया गया कि प्रातः 7:00 बजे फिट इंडिया रन का आयोजन किया जाएगा, जबकि 7:30 बजे महापुरुषों की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण एवं स्वच्छता अभियान संचालित होगा। प्रातः 8:00 बजे समस्त शासकीय एवं अशासकीय कार्यालयों, विद्यालयों तथा संस्थानों में राष्ट्रीय ध्वजारोहण एवं राष्ट्रगान होगा।
      जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि ध्वजारोहण कार्यक्रम भारत सरकार एवं राज्य सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप संपन्न कराया जाए। विद्यालयों में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम, देशभक्ति गीत, वाद-विवाद, चित्रकला एवं अन्य प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाए। साथ ही वृहद वृक्षारोपण अभियान, चिकित्सालयों में मरीजों को फल वितरण, कारागार एवं आश्रय स्थलों में विशेष कार्यक्रम, आंगनबाड़ी केन्द्रों पर गतिविधियां तथा स्वतंत्रता सेनानियों एवं उनके परिजनों के सम्मान कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएं।
      जिलाधिकारी ने सभी अधिशासी अधिकारियों, खंड विकास अधिकारियों एवं संबंधित विभागाध्यक्षों को निर्देशित किया कि नगर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में 13 अगस्त तक विशेष स्वच्छता अभियान चलाकर सार्वजनिक स्थलों, प्रमुख मार्गों, शहीद स्मारकों एवं महापुरुषों की प्रतिमाओं के आसपास साफ-सफाई, चूना छिड़काव एवं सौंदर्यीकरण का कार्य पूर्ण करा लिया जाए। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम स्थलों पर विद्युत, पेयजल, चिकित्सा, सुरक्षा, पार्किंग एवं यातायात व्यवस्था समय से सुनिश्चित की जाए।
      बैठक में मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार गौड़, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक), मुख्य चिकित्साधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक संजीव कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी विश्वनाथ प्रताप सिंह, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका विनोद कुमार तथा विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
ओवरलोड वाहनों के खिलाफ चलाया अभियान, किया जुर्माना

फर्रूखाबाद । जिलाधिकारी डॉ0 अंकुर लाठर के निर्देश पर एआरटीओ-प्रवर्तन सुभाष राजपूत के द्वारा ओवरलोड एवं कर बकाया वाले वाहनों के विरूद्ध सघन चेकिंग अभियान चलाया गया।
अभियान के अन्तर्गत 04 ट्रक ओवरलोड के अभियोग में सीज किये गये, जिनपर  98 हजार रुपए जुर्माना किया गया। इसके साथ ही 02 डग्गेमार बसे सीज की गई, जिनपर 65 हजार रुपए जुर्माना लगाया गया। उक्त के अतिरिक्त 04 बकाया कर के अभियोग में सीज किये गये, जिन पर 75 हजार रुपए कर लगाया गया।
कर बकाया वाले 1158 वाहन स्वामियों को परिवहन विभाग फर्रूखाबाद के द्वारा कर जमा करने हेतु नोटिस जारी किये गये हैं, जिन पर 1193.01 लाख रुपए कर बकाया है। 146 वाहन स्वामियों को वसूली-पत्र भी जारी किये गये हैं, वसूली-पत्र की धनराशि 120.16 लाख रुपए है तथा जिसकी वसूली राजस्व विभाग द्वारा की जायेगी।
कर बकाया वाले वाहनों के विरूद्ध परिवहन विभाग द्वारा कठोर कार्यवाही की गई । साथ ही जनपद के थानों में सीज कर बकाया वाले 30 वाहनों को विभाग द्वारा नीलाम भी किया गया है। जनपद के थानों में सीज कर बकाया वाले अवशेष वाहनों के विरूद्ध भी नीलामी की कार्यवाही प्रस्तावित की जा रही है।
जिला पंचायत अध्यक्ष द्वारा निहारिका पटेल को सामाजिक क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए प्रशस्ति  पत्र देकर सम्मानित किया
फर्रुखाबाद।
जिला पंचायत अध्यक्ष मोनिका यादव  ने सम्मान जिला परियोजना अधिकारी के रूप में कार्यरत निहारिका पटेल को सामाजिक क्षेत्र के साथ-साथ प्रशासनिक,सांस्कृतिक, शैक्षिक  एवं अन्य क्षेत्रों में सराहनीय कार्य करने हेतु प्रदान किया।जिला पंचायत अध्यक्ष ने कहा कि ऐसे युवा जब हमारे समाज में होते हैं तो हमारे समाज का विकास होता है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक क्षेत्र में युवाओं को आगे बढ़कर सामाजिक क्षेत्र में अपना योगदान देना चाहिए जिससे समाज का विकास हो सके। निहारिका पटेल के द्वारा समय-समय पर विभिन्न कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है जिसमे प्रमुख रूप से गंगा संरक्षण एवं पर्यावरण संरक्षण पर जोर दिया जा रहा है। वर्तमान समय में उनके द्वारा जनपद स्तर पर लगभग दो हजार युवाओं को जागरुक कर इस अभियान का हिस्सा बनाया  गया है जिनके द्वारा समय-समय पर विभिन्न स्थानों पर सामाजिक क्षेत्र में अन्य लोगों को भी कार्य करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। साथ ही समय-समय पर अन्य  कार्यक्रम जैसे- स्वच्छता अभियान, घाट संरक्षण, जल संरक्षण,वृक्षारोपण,प्लास्टिक मुक्त अभियान आदि का आयोजन कराया जा रहा है।इसके साथ-साथ रक्तदान शिविर,महिला सशक्तिकरण आदि सहित विभिन्न कार्यों में अपनी पूर्ण रूप से भागीदारी दी जा रही है जिससे समाज को एक अच्छा संदेश पहुंच रहा है।
बीआरसी पर सामयिक विषयों पर चर्चा हुई, कृषि वैज्ञानिकों ने दी मोटे अनाज और बैंक प्रबंधकों ने दी योजनाओं की जानकारियां

फर्रुखाबाद। गुरुवार को सामयिक विषयों को लेकर बीआरसी मोहम्मदाबाद के सभागार में आयोजित कार्यक्रम में शिक्षकों के साथ सीधे संवाद और चर्चा की गई। इस दौरान कृषि वैज्ञानिकों ने मोटे अनाज के पौष्टिक आहार के बारे में शिक्षकों को जानकारियां उपलब्ध कराई। साथ ही उसके खाने से शरीर को किस तरह का लाभ मिलेगा। इस दौरान बैंक प्रबंधकों ने शिक्षकों को सरकार की चल रही तमाम सरकारी योजनाओं के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि यदि किसी को कोई बात समझ में नहीं आ रही है तो वह बैंक आकर जानकारी कर सकता है।
डीएम का एक्शन जिले के 14 गुंडो पर गुंडा एक्ट की कार्रवाई 9 जिला बदर किए गए, सरकार की मंशा के अनुरूप दो परिवार विवाद निपटाए

फर्रुखाबाद। जिले के गुंडो के खिलाफ जिला अधिकारी डॉक्टर अंकुर लाठर द्वारा एक्शन लेने के बाद 14 गुंडो के खिलाफ गुंडा एक्ट की कार्रवाई की गई । 9 अपराधियों को के खिलाफ जिला बदर की कार्रवाई की गई है साथ ही उनको निर्देश दिए गए हैं यदि जनपद की सीमा में दिखाई देने पर जेल भेज दिया जाएगा, जिला अधिकारी ने कहा कि सरकार की मंशा है कि अपराध अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए जिससे अपराधों पर अंकुश लग सके । उन्होंने कहा कि तीन अपराधी प्रवृत्ति के लोगों को तीन माह के लिए अपनी प्रतिदिन रिपोर्ट थाने में दर्ज कराने की कार्रवाई की गई है । उन्होंने कहा कि दो पारिवारिक विवाद थे जो अपराध की श्रेणी में नहीं आते हैं।
उन्होंने बताया कि राजेपुर पुलिस ने एक गुंडा अपराधी मनीष पुत्र जंग बहादुर निवासी विरसिंहपुर को जिला बदर कर थाना पुलिस ने फर्रुखाबाद की सीमा से बाहर बैंड और मुनादी के बाद शाहजहांपुर की सीमा में छोड़ा गया। उन्होंने बताया कि शमशाबाद थाना अध्यक्ष ने बताया कि जिलाधिकारी द्वारा जिला बदर की कार्यवाही करने के बाद चिलसरा निवासी बड़े लल्ला को गिरफ्तार कर शाहजहांपुर की सीमा पर छोड़ कर तीन माह तक जिले में न घुसने की चेतावनी दी गई। उन्होंने कहा कि थाना क्षेत्र में 61 हिस्ट्रीशीटर हैं पुलिस सभी का सत्यापन कर रही है।
नाव, ट्रैक्टर और पैदल सफर... गंगा की बाढ़ के बीच राहत की कमान संभाल रहीं फर्रुखाबाद की महिला अधिकारी, वीरांगनाओं जैसा दिखा साहस

अमृतपुर (फर्रुखाबाद)
संवाददाता राम रहीस राठौर



गंगा इस समय अपने रौद्र रूप में है। गांवों की गलियां पानी में डूबी हैं, खेत जलमग्न हैं और हजारों परिवार सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं। चारों ओर संकट का माहौल है, लेकिन इसी आपदा के बीच फर्रुखाबाद से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जो प्रशासन के मानवीय चेहरे और कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल बन गई है।
जहां एक ओर बाढ़ का पानी लोगों की जिंदगी को थामने की कोशिश कर रहा है, वहीं दूसरी ओर महिला अधिकारी नाव, ट्रैक्टर और पैदल दुर्गम रास्तों को पार कर राहत कार्यों की कमान संभाले हुए हैं। उनका यह जज्बा लोगों के बीच भरोसा और हौसला दोनों पैदा कर रहा है।
भारतीय इतिहास में रानी लक्ष्मीबाई, झलकारी बाई और रानी दुर्गावती जैसी वीरांगनाओं ने कठिन परिस्थितियों में साहस और नेतृत्व का परिचय दिया था। आज फर्रुखाबाद में बाढ़ के बीच महिला प्रशासनिक अधिकारियों की सक्रियता उसी कर्तव्यनिष्ठा और निर्भीक नेतृत्व की याद दिलाती है।
जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर के नेतृत्व में पूरा प्रशासन राहत एवं बचाव कार्यों में जुटा है। पुलिस अधीक्षक आरती सिंह और अमृतपुर की उपजिलाधिकारी श्वेता साहू लगातार बाढ़ग्रस्त गांवों का दौरा कर रही हैं। कहीं नाव से गांवों तक पहुंच रही हैं, कहीं ट्रैक्टर से जलभराव वाले रास्तों को पार कर रही हैं और जहां कोई साधन नहीं पहुंच पा रहा, वहां पैदल चलकर पीड़ित परिवारों का हाल जान रही हैं। राहत शिविरों की व्यवस्थाओं का निरीक्षण हो या जरूरतमंदों तक सहायता पहुंचाना—हर मोर्चे पर उनकी सक्रिय मौजूदगी दिखाई दे रही है।
सबसे अधिक प्रभावित अमृतपुर तहसील में उपजिलाधिकारी श्वेता साहू की लगातार मौजूदगी लोगों के लिए राहत और भरोसे का प्रतीक बन गई है। वे केवल निरीक्षण तक सीमित नहीं हैं, बल्कि हर समस्या को मौके पर सुनकर उसके समाधान का प्रयास भी कर रही हैं। यही कारण है कि बाढ़ पीड़ितों के बीच प्रशासन के प्रति विश्वास लगातार मजबूत हो रहा है।
बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदा में निर्णय लेना जितना कठिन होता है, उतना ही चुनौतीपूर्ण होता है हर पीड़ित तक समय पर सहायता पहुंचाना। ऐसे समय में महिला अधिकारियों ने यह साबित किया है कि संवेदनशीलता, साहस और नेतृत्व किसी एक वर्ग की पहचान नहीं, बल्कि कर्तव्य के प्रति समर्पण की पहचान है।
फर्रुखाबाद की यह तस्वीर केवल राहत कार्यों की नहीं, बल्कि उस बदलते भारत की भी कहानी कहती है, जहां महिलाएं हर चुनौती के बीच अग्रिम पंक्ति में खड़ी होकर जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रही हैं। गंगा की उफनती लहरों के बीच उनका साहस यह संदेश देता है कि संकट चाहे कितना भी बड़ा क्यों न हो, यदि नेतृत्व दृढ़ और संवेदनशील हो तो उम्मीद की किरण कभी नहीं बुझती।
"बाढ़ का पानी गांवों को घेर सकता है, लेकिन सेवा, साहस और समर्पण की भावना को नहीं।" फर्रुखाबाद की महिला अधिकारियों ने अपने कर्मों से इस संदेश को साकार कर दिखाया है।
बाढ़ प्रभावितों को हरसंभव राहत उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता : जिलाधिकारी

*शरणार्थियों एवं उनके बच्चों को क्लोरीन, डीहाईड्रेशन, फंगल इन्फेक्शन, एंटी वेनम, कृमिनाशक, एंटीबायोटिक, विटामिन तथा चर्मरोग की दवाओं का वितरण किया जाए*

*बच्चों के अध्ययन कार्य हेतु बाढ़ प्रभावित गांवों एवं शरणालय स्थलों में शिक्षकों की तैनाती की जाए*

*जिलाधिकारी ने अमृतपुर तहसील के बाढ़ प्रभावित ग्राम तीस राम मड़ैया का किया निरीक्षण, नाव से राहत एवं बचाव कार्यों का लिया जायजा*

फर्रुखाबाद । बुधवार को तहसील अमृतपुर अंतर्गत विकासखंड राजेपुर के बाढ़ प्रभावित ग्राम तीस राम की मड़ैया का जिलाधिकारी डॉक्टर अंकुर लाठर ने स्थलीय निरीक्षण कर जिला प्रशासन द्वारा संचालित राहत एवं बचाव कार्यों का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाढ़ प्रभावित प्रत्येक परिवार तक समयबद्ध एवं पारदर्शी ढंग से राहत सामग्री उपलब्ध कराई जाए तथा किसी भी प्रभावित व्यक्ति को आवश्यक सहायता से वंचित न रखा जाए।
जिलाधिकारी ने राहत शिविरों, खाद्यान्न वितरण, पेयजल, चिकित्सा सुविधाओं, स्वच्छता व्यवस्था तथा पशुओं के लिए चारा आदि की उपलब्धता की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रभावित क्षेत्रों में निरंतर निगरानी बनाए रखते हुए आवश्यकतानुसार राहत सामग्री का वितरण सुनिश्चित किया जाए तथा स्वास्थ्य विभाग की टीमें नियमित रूप से भ्रमण कर आवश्यक चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराएं।
उन्होंने बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं तथा उन्हें आश्वस्त किया कि जिला प्रशासन उनकी हर संभव सहायता के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप सभी राहत एवं बचाव कार्य प्राथमिकता के आधार पर किए जा रहे हैं तथा प्रत्येक प्रभावित परिवार तक आवश्यक सहायता पहुंचाई जा रही है।
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि जलस्तर एवं मौसम की स्थिति पर सतत निगरानी रखी जाए तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी विभाग पूर्ण सतर्कता एवं समन्वय के साथ कार्य करें। उन्होंने संवेदनशील स्थलों पर पर्याप्त सुरक्षा एवं निगरानी व्यवस्था बनाए रखने तथा राहत कार्यों में किसी प्रकार की शिथिलता न बरतने के निर्देश भी दिए।
जिलाधिकारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिए कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाए, बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान उन्हें कृमिनाशक, एंटीबायोटिक, विटामिन तथा चर्मरोग की दवा अनिवार्य रूप से वितरित की जाए, इसके साथ ही ग्रामवासियों को क्लोरीन, डीहाईड्रेशन, फंगल इन्फेक्शन एवं एंटी वेनम की दवाओं का वितरण किया जाए। उन्होंने बेसिक के खण्ड शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए कि बाढ़ प्रभावित ग्राम में बच्चों के अध्ययन कार्य हेतु शिक्षक की तैनाती की जाए। ग्राम में नियमित रूप से ब्लीचिंग पाऊडर एवं कीट नाशक दवाओं का छिड़काव कराया जाए। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक संसाधन सदैव उपलब्ध रहें। उन्होंने राहत कार्यों की सतत निगरानी करते हुए सभी व्यवस्थाएं प्रभावी एवं व्यवस्थित रखने पर विशेष बल दिया। जिलाधिकारी ने तहसील अमृतपुर के विकासखंड राजेपुर स्थित रामनिवास महाविद्यालय के अवध इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी भवन में बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए संचालित शरणालय स्थल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने शरणालय में रह रहे लोगों को उपलब्ध कराई जा रही व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा संबंधित अधिकारियों को सभी आवश्यक सुविधाएं गुणवत्तापूर्ण ढंग से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने शरणालय में भोजन, पेयजल, विद्युत, स्वच्छ शौचालय, साफ-सफाई, चिकित्सा सुविधा, दवा उपलब्धता तथा बच्चों एवं महिलाओं के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं का विस्तार से निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शरणालय में रह रहे प्रत्येक व्यक्ति की आवश्यकताओं का संवेदनशीलता के साथ ध्यान रखा जाए तथा किसी भी प्रकार की असुविधा न होने पाए।उन्होंने शरणालय में रह रहे बाढ़ प्रभावित लोगों से संवाद कर उनकी समस्याओं एवं आवश्यकताओं की जानकारी ली तथा उन्हें आश्वस्त किया कि जिला प्रशासन उनकी सुरक्षा एवं राहत के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि बाढ़ की स्थिति सामान्य होने तक सभी प्रभावित परिवारों को शासन की मंशा के अनुरूप समुचित राहत एवं आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती रहेंगी।
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि शरणालय स्थल पर नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाए तथा संबंधित शरणालय स्थल उनके पशुओं को भी संरक्षित रखकर पशुओं का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण एवं उपचार कराकर उनका टीकाकरण भी कराएं। शरणालय में निवासरत शरणार्थियों के बच्चों के लिए बेसिक शिक्षा अधिकारी शिक्षकों को तैनात करें। उन्होंने राहत कार्यों की सतत निगरानी करते हुए सभी व्यवस्थाएं प्रभावी एवं व्यवस्थित रखने पर विशेष बल दिया।
निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक आरती सिंह, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व अरुण कुमार सिंह, उपजिलाधिकारी अमृतपुर स्वेता साहू, नायब तहसीलदार अभिषेक, खंड विकास अधिकारी सुनील जायसवाल, राजस्व, स्वास्थ्य, पुलिस एवं अन्य विभागों के अधिकारी तथा कर्मचारी उपस्थित रहे।
बाढ़ संभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का लिया गया जायजा
फर्रुखाबाद। बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों का उपजिलाधिकारी, कायमगंज द्वारा तहसील क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित/बाढ़ संभावित ग्राम झौआ एवं कटरी तौफीक का स्थलीय निरीक्षण कर वहां की स्थिति एवं उपलब्ध व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया।
निरीक्षण के दौरान संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि जिन ग्रामों एवं स्थानों पर आवश्यकता हो, वहां नाव एवं स्टीमर की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही ग्रामीणों से निरंतर संवाद बनाए रखते हुए उनकी आवश्यकताओं पर सतत दृष्टि रखी जाए।
क्षेत्रीय लेखपालों एवं अन्य संबंधित अधिकारियों/कर्मचारियों द्वारा निरंतर क्षेत्र का भ्रमण कर स्थिति की निगरानी की जा रही है। आवश्यकतानुसार बाढ़ शरणालय, बाढ़ चौकी तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को प्रभावी बनाए रखने हेतु समुचित प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे आवश्यकता पड़ने पर त्वरित सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
जनपद प्रशासन द्वारा बाढ़ संबंधी परिस्थितियों पर सतत निगरानी रखी जा रही है तथा आवश्यकतानुसार सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।