जिला पंचायत अध्यक्ष द्वारा निहारिका पटेल को सामाजिक क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए प्रशस्ति  पत्र देकर सम्मानित किया
फर्रुखाबाद।
जिला पंचायत अध्यक्ष मोनिका यादव  ने सम्मान जिला परियोजना अधिकारी के रूप में कार्यरत निहारिका पटेल को सामाजिक क्षेत्र के साथ-साथ प्रशासनिक,सांस्कृतिक, शैक्षिक  एवं अन्य क्षेत्रों में सराहनीय कार्य करने हेतु प्रदान किया।जिला पंचायत अध्यक्ष ने कहा कि ऐसे युवा जब हमारे समाज में होते हैं तो हमारे समाज का विकास होता है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक क्षेत्र में युवाओं को आगे बढ़कर सामाजिक क्षेत्र में अपना योगदान देना चाहिए जिससे समाज का विकास हो सके। निहारिका पटेल के द्वारा समय-समय पर विभिन्न कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है जिसमे प्रमुख रूप से गंगा संरक्षण एवं पर्यावरण संरक्षण पर जोर दिया जा रहा है। वर्तमान समय में उनके द्वारा जनपद स्तर पर लगभग दो हजार युवाओं को जागरुक कर इस अभियान का हिस्सा बनाया  गया है जिनके द्वारा समय-समय पर विभिन्न स्थानों पर सामाजिक क्षेत्र में अन्य लोगों को भी कार्य करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। साथ ही समय-समय पर अन्य  कार्यक्रम जैसे- स्वच्छता अभियान, घाट संरक्षण, जल संरक्षण,वृक्षारोपण,प्लास्टिक मुक्त अभियान आदि का आयोजन कराया जा रहा है।इसके साथ-साथ रक्तदान शिविर,महिला सशक्तिकरण आदि सहित विभिन्न कार्यों में अपनी पूर्ण रूप से भागीदारी दी जा रही है जिससे समाज को एक अच्छा संदेश पहुंच रहा है।
बीआरसी पर सामयिक विषयों पर चर्चा हुई, कृषि वैज्ञानिकों ने दी मोटे अनाज और बैंक प्रबंधकों ने दी योजनाओं की जानकारियां

फर्रुखाबाद। गुरुवार को सामयिक विषयों को लेकर बीआरसी मोहम्मदाबाद के सभागार में आयोजित कार्यक्रम में शिक्षकों के साथ सीधे संवाद और चर्चा की गई। इस दौरान कृषि वैज्ञानिकों ने मोटे अनाज के पौष्टिक आहार के बारे में शिक्षकों को जानकारियां उपलब्ध कराई। साथ ही उसके खाने से शरीर को किस तरह का लाभ मिलेगा। इस दौरान बैंक प्रबंधकों ने शिक्षकों को सरकार की चल रही तमाम सरकारी योजनाओं के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि यदि किसी को कोई बात समझ में नहीं आ रही है तो वह बैंक आकर जानकारी कर सकता है।
डीएम का एक्शन जिले के 14 गुंडो पर गुंडा एक्ट की कार्रवाई 9 जिला बदर किए गए, सरकार की मंशा के अनुरूप दो परिवार विवाद निपटाए

फर्रुखाबाद। जिले के गुंडो के खिलाफ जिला अधिकारी डॉक्टर अंकुर लाठर द्वारा एक्शन लेने के बाद 14 गुंडो के खिलाफ गुंडा एक्ट की कार्रवाई की गई । 9 अपराधियों को के खिलाफ जिला बदर की कार्रवाई की गई है साथ ही उनको निर्देश दिए गए हैं यदि जनपद की सीमा में दिखाई देने पर जेल भेज दिया जाएगा, जिला अधिकारी ने कहा कि सरकार की मंशा है कि अपराध अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए जिससे अपराधों पर अंकुश लग सके । उन्होंने कहा कि तीन अपराधी प्रवृत्ति के लोगों को तीन माह के लिए अपनी प्रतिदिन रिपोर्ट थाने में दर्ज कराने की कार्रवाई की गई है । उन्होंने कहा कि दो पारिवारिक विवाद थे जो अपराध की श्रेणी में नहीं आते हैं।
उन्होंने बताया कि राजेपुर पुलिस ने एक गुंडा अपराधी मनीष पुत्र जंग बहादुर निवासी विरसिंहपुर को जिला बदर कर थाना पुलिस ने फर्रुखाबाद की सीमा से बाहर बैंड और मुनादी के बाद शाहजहांपुर की सीमा में छोड़ा गया। उन्होंने बताया कि शमशाबाद थाना अध्यक्ष ने बताया कि जिलाधिकारी द्वारा जिला बदर की कार्यवाही करने के बाद चिलसरा निवासी बड़े लल्ला को गिरफ्तार कर शाहजहांपुर की सीमा पर छोड़ कर तीन माह तक जिले में न घुसने की चेतावनी दी गई। उन्होंने कहा कि थाना क्षेत्र में 61 हिस्ट्रीशीटर हैं पुलिस सभी का सत्यापन कर रही है।
नाव, ट्रैक्टर और पैदल सफर... गंगा की बाढ़ के बीच राहत की कमान संभाल रहीं फर्रुखाबाद की महिला अधिकारी, वीरांगनाओं जैसा दिखा साहस

अमृतपुर (फर्रुखाबाद)
संवाददाता राम रहीस राठौर



गंगा इस समय अपने रौद्र रूप में है। गांवों की गलियां पानी में डूबी हैं, खेत जलमग्न हैं और हजारों परिवार सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं। चारों ओर संकट का माहौल है, लेकिन इसी आपदा के बीच फर्रुखाबाद से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जो प्रशासन के मानवीय चेहरे और कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल बन गई है।
जहां एक ओर बाढ़ का पानी लोगों की जिंदगी को थामने की कोशिश कर रहा है, वहीं दूसरी ओर महिला अधिकारी नाव, ट्रैक्टर और पैदल दुर्गम रास्तों को पार कर राहत कार्यों की कमान संभाले हुए हैं। उनका यह जज्बा लोगों के बीच भरोसा और हौसला दोनों पैदा कर रहा है।
भारतीय इतिहास में रानी लक्ष्मीबाई, झलकारी बाई और रानी दुर्गावती जैसी वीरांगनाओं ने कठिन परिस्थितियों में साहस और नेतृत्व का परिचय दिया था। आज फर्रुखाबाद में बाढ़ के बीच महिला प्रशासनिक अधिकारियों की सक्रियता उसी कर्तव्यनिष्ठा और निर्भीक नेतृत्व की याद दिलाती है।
जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर के नेतृत्व में पूरा प्रशासन राहत एवं बचाव कार्यों में जुटा है। पुलिस अधीक्षक आरती सिंह और अमृतपुर की उपजिलाधिकारी श्वेता साहू लगातार बाढ़ग्रस्त गांवों का दौरा कर रही हैं। कहीं नाव से गांवों तक पहुंच रही हैं, कहीं ट्रैक्टर से जलभराव वाले रास्तों को पार कर रही हैं और जहां कोई साधन नहीं पहुंच पा रहा, वहां पैदल चलकर पीड़ित परिवारों का हाल जान रही हैं। राहत शिविरों की व्यवस्थाओं का निरीक्षण हो या जरूरतमंदों तक सहायता पहुंचाना—हर मोर्चे पर उनकी सक्रिय मौजूदगी दिखाई दे रही है।
सबसे अधिक प्रभावित अमृतपुर तहसील में उपजिलाधिकारी श्वेता साहू की लगातार मौजूदगी लोगों के लिए राहत और भरोसे का प्रतीक बन गई है। वे केवल निरीक्षण तक सीमित नहीं हैं, बल्कि हर समस्या को मौके पर सुनकर उसके समाधान का प्रयास भी कर रही हैं। यही कारण है कि बाढ़ पीड़ितों के बीच प्रशासन के प्रति विश्वास लगातार मजबूत हो रहा है।
बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदा में निर्णय लेना जितना कठिन होता है, उतना ही चुनौतीपूर्ण होता है हर पीड़ित तक समय पर सहायता पहुंचाना। ऐसे समय में महिला अधिकारियों ने यह साबित किया है कि संवेदनशीलता, साहस और नेतृत्व किसी एक वर्ग की पहचान नहीं, बल्कि कर्तव्य के प्रति समर्पण की पहचान है।
फर्रुखाबाद की यह तस्वीर केवल राहत कार्यों की नहीं, बल्कि उस बदलते भारत की भी कहानी कहती है, जहां महिलाएं हर चुनौती के बीच अग्रिम पंक्ति में खड़ी होकर जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रही हैं। गंगा की उफनती लहरों के बीच उनका साहस यह संदेश देता है कि संकट चाहे कितना भी बड़ा क्यों न हो, यदि नेतृत्व दृढ़ और संवेदनशील हो तो उम्मीद की किरण कभी नहीं बुझती।
"बाढ़ का पानी गांवों को घेर सकता है, लेकिन सेवा, साहस और समर्पण की भावना को नहीं।" फर्रुखाबाद की महिला अधिकारियों ने अपने कर्मों से इस संदेश को साकार कर दिखाया है।
बाढ़ प्रभावितों को हरसंभव राहत उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता : जिलाधिकारी

*शरणार्थियों एवं उनके बच्चों को क्लोरीन, डीहाईड्रेशन, फंगल इन्फेक्शन, एंटी वेनम, कृमिनाशक, एंटीबायोटिक, विटामिन तथा चर्मरोग की दवाओं का वितरण किया जाए*

*बच्चों के अध्ययन कार्य हेतु बाढ़ प्रभावित गांवों एवं शरणालय स्थलों में शिक्षकों की तैनाती की जाए*

*जिलाधिकारी ने अमृतपुर तहसील के बाढ़ प्रभावित ग्राम तीस राम मड़ैया का किया निरीक्षण, नाव से राहत एवं बचाव कार्यों का लिया जायजा*

फर्रुखाबाद । बुधवार को तहसील अमृतपुर अंतर्गत विकासखंड राजेपुर के बाढ़ प्रभावित ग्राम तीस राम की मड़ैया का जिलाधिकारी डॉक्टर अंकुर लाठर ने स्थलीय निरीक्षण कर जिला प्रशासन द्वारा संचालित राहत एवं बचाव कार्यों का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाढ़ प्रभावित प्रत्येक परिवार तक समयबद्ध एवं पारदर्शी ढंग से राहत सामग्री उपलब्ध कराई जाए तथा किसी भी प्रभावित व्यक्ति को आवश्यक सहायता से वंचित न रखा जाए।
जिलाधिकारी ने राहत शिविरों, खाद्यान्न वितरण, पेयजल, चिकित्सा सुविधाओं, स्वच्छता व्यवस्था तथा पशुओं के लिए चारा आदि की उपलब्धता की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रभावित क्षेत्रों में निरंतर निगरानी बनाए रखते हुए आवश्यकतानुसार राहत सामग्री का वितरण सुनिश्चित किया जाए तथा स्वास्थ्य विभाग की टीमें नियमित रूप से भ्रमण कर आवश्यक चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराएं।
उन्होंने बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं तथा उन्हें आश्वस्त किया कि जिला प्रशासन उनकी हर संभव सहायता के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप सभी राहत एवं बचाव कार्य प्राथमिकता के आधार पर किए जा रहे हैं तथा प्रत्येक प्रभावित परिवार तक आवश्यक सहायता पहुंचाई जा रही है।
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि जलस्तर एवं मौसम की स्थिति पर सतत निगरानी रखी जाए तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी विभाग पूर्ण सतर्कता एवं समन्वय के साथ कार्य करें। उन्होंने संवेदनशील स्थलों पर पर्याप्त सुरक्षा एवं निगरानी व्यवस्था बनाए रखने तथा राहत कार्यों में किसी प्रकार की शिथिलता न बरतने के निर्देश भी दिए।
जिलाधिकारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिए कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाए, बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान उन्हें कृमिनाशक, एंटीबायोटिक, विटामिन तथा चर्मरोग की दवा अनिवार्य रूप से वितरित की जाए, इसके साथ ही ग्रामवासियों को क्लोरीन, डीहाईड्रेशन, फंगल इन्फेक्शन एवं एंटी वेनम की दवाओं का वितरण किया जाए। उन्होंने बेसिक के खण्ड शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए कि बाढ़ प्रभावित ग्राम में बच्चों के अध्ययन कार्य हेतु शिक्षक की तैनाती की जाए। ग्राम में नियमित रूप से ब्लीचिंग पाऊडर एवं कीट नाशक दवाओं का छिड़काव कराया जाए। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक संसाधन सदैव उपलब्ध रहें। उन्होंने राहत कार्यों की सतत निगरानी करते हुए सभी व्यवस्थाएं प्रभावी एवं व्यवस्थित रखने पर विशेष बल दिया। जिलाधिकारी ने तहसील अमृतपुर के विकासखंड राजेपुर स्थित रामनिवास महाविद्यालय के अवध इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी भवन में बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए संचालित शरणालय स्थल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने शरणालय में रह रहे लोगों को उपलब्ध कराई जा रही व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा संबंधित अधिकारियों को सभी आवश्यक सुविधाएं गुणवत्तापूर्ण ढंग से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने शरणालय में भोजन, पेयजल, विद्युत, स्वच्छ शौचालय, साफ-सफाई, चिकित्सा सुविधा, दवा उपलब्धता तथा बच्चों एवं महिलाओं के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं का विस्तार से निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शरणालय में रह रहे प्रत्येक व्यक्ति की आवश्यकताओं का संवेदनशीलता के साथ ध्यान रखा जाए तथा किसी भी प्रकार की असुविधा न होने पाए।उन्होंने शरणालय में रह रहे बाढ़ प्रभावित लोगों से संवाद कर उनकी समस्याओं एवं आवश्यकताओं की जानकारी ली तथा उन्हें आश्वस्त किया कि जिला प्रशासन उनकी सुरक्षा एवं राहत के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि बाढ़ की स्थिति सामान्य होने तक सभी प्रभावित परिवारों को शासन की मंशा के अनुरूप समुचित राहत एवं आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती रहेंगी।
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि शरणालय स्थल पर नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाए तथा संबंधित शरणालय स्थल उनके पशुओं को भी संरक्षित रखकर पशुओं का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण एवं उपचार कराकर उनका टीकाकरण भी कराएं। शरणालय में निवासरत शरणार्थियों के बच्चों के लिए बेसिक शिक्षा अधिकारी शिक्षकों को तैनात करें। उन्होंने राहत कार्यों की सतत निगरानी करते हुए सभी व्यवस्थाएं प्रभावी एवं व्यवस्थित रखने पर विशेष बल दिया।
निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक आरती सिंह, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व अरुण कुमार सिंह, उपजिलाधिकारी अमृतपुर स्वेता साहू, नायब तहसीलदार अभिषेक, खंड विकास अधिकारी सुनील जायसवाल, राजस्व, स्वास्थ्य, पुलिस एवं अन्य विभागों के अधिकारी तथा कर्मचारी उपस्थित रहे।
बाढ़ संभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का लिया गया जायजा
फर्रुखाबाद। बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों का उपजिलाधिकारी, कायमगंज द्वारा तहसील क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित/बाढ़ संभावित ग्राम झौआ एवं कटरी तौफीक का स्थलीय निरीक्षण कर वहां की स्थिति एवं उपलब्ध व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया।
निरीक्षण के दौरान संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि जिन ग्रामों एवं स्थानों पर आवश्यकता हो, वहां नाव एवं स्टीमर की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही ग्रामीणों से निरंतर संवाद बनाए रखते हुए उनकी आवश्यकताओं पर सतत दृष्टि रखी जाए।
क्षेत्रीय लेखपालों एवं अन्य संबंधित अधिकारियों/कर्मचारियों द्वारा निरंतर क्षेत्र का भ्रमण कर स्थिति की निगरानी की जा रही है। आवश्यकतानुसार बाढ़ शरणालय, बाढ़ चौकी तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को प्रभावी बनाए रखने हेतु समुचित प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे आवश्यकता पड़ने पर त्वरित सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
जनपद प्रशासन द्वारा बाढ़ संबंधी परिस्थितियों पर सतत निगरानी रखी जा रही है तथा आवश्यकतानुसार सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।
सरकार किसानों के हित में कार्य कर रही

फर्रुखाबाद।
जनपद स्तरीय डेयरी कॉन्क्लेव कार्यक्रम का विकास भवन सभागार में आयोजन हुआ। जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में भाजपा जिला अध्यक्ष फतेहचन्द्र वर्मा उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथि  मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार गॉड ,मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, उप-पशु चिकित्साधिकारी, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी, शैलेन्द्र कुमार वर्मा, जिला कृषि अधिकारी, सहायक निदेशक मत्स्य,डा0 अरविन्द कुमार, कृषि वैज्ञानिक एवं अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यालय से सीधा प्रसारण जूम लिंक के माध्यम से हुआ मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ-संवर्धन योजना, मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना एवं नंदिनी कृषक समृद्धि योजना के लाभार्थियों के अनुमति पत्र उपस्थित अतिथियों के द्वारा जारी किया गया। इस दौरान स्थानीय विषय विशेषज्ञों ने अपने-अपने विचार रखें।
उप-पशुचिकित्साधिकारी ने सभी किसानों को अवगत कराया कि आज हमें जैविक खेती को बढ़ावा देने की आवश्यकता है।
मुख्य अतिथि फतेह चन्द्र वर्मा ने सभी लाभार्थियों को शुभकामनाएँ देते हुए बताया कि हमारी सरकार सदैव से किसानों के हित में अपना महत्त्वपूर्ण योगदान देती है। हमारे जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी  किसान भाइयों की मदद के लिए सरकार की मंशा के अनुरूप सदैव खड़े दिखाई देंगे।
विशिष्ट अतिथि मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार गौड़ ने सभी का आभार प्रकट करते हुए उपिस्थित किसानों से इस योजना से अधिक से अधिक जुड़ने हेतु आग्रह किया।
सृजनी महिला मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी के क्लस्टर मैनेजर आदित्य पाण्डेय के द्वारा महिला किसानों को ए०एम०सी०यू प्रशिक्षण और जागरुकता के बारे मे बताया गया। साथ में ज्ञान डेयरी के सहायक प्रबन्धक आर० आर० यादव उपस्थित रहे। वरिष्ठ दुग्ध निरीक्षक, मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ संवर्धन योजना एवं नोडल नंदलाल वर्मा ने कार्यक्रम को व्यवस्थाओं को संभाला। कार्यक्रम का सफल संचालन युवा साहित्यकार वैभव सोमवंशी द्वारा किया गया।
जनपद स्तरीय जिमनास्टिक में जनता कॉलेज और राजकीय बालिका कॉलेज की छात्राओ ने पहने मेडल


फर्रुखाबाद।
पीएम श्रीमहीयसी महादेवी वर्मा राजकीय बालिका इंटर कॉलेज फतेहगढ़ में जनपद स्तरीय जिम्नास्टिक प्रतियोगिता का सफल आयोजन किया गया। प्रतियोगिता का शुभारंभ प्रधानाचार्य दीपिका राजपूत ने किया । इस दौरान विद्यालय की व्यायाम शिक्षिका आरती यादव और सुनील कुमार पाल के नेतृत्व में प्रतियोगिता संपन्न हुई।बालक वर्ग में जनता राष्ट्रीय और बालिका वर्ग में राजकीय बालिका इंटर कॉलेज फ़तेहगढ़ के खिलाड़ियों ने प्रतिभाग किया और प्रतिभागी खिलाड़ियों को मेडल पहनकर सम्मानित किया गया बालक वर्ग में राष्ट्रीय जनता इंटर कॉलेज के आयुष कश्यप व विशाल ने कुशल प्रदर्शन किया बालिका वर्ग में नैंसी आरती अर्जी अंबेडकर का प्रदर्शन अच्छा रहा।
प्राथमिक विद्यालय भावन में एक माह से बच्चों को नहीं मिला दूध? रसोईया के बयान से उठे सवाल, अभिलेखों में वितरण दर्ज होने का आरोप

फर्रुखाबाद

विकासखंड राजेपुर क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय भावन में मिड-डे मील योजना के तहत बच्चों को दिए जाने वाले दूध के वितरण को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों और अभिभावकों का आरोप है कि पिछले करीब एक माह से विद्यालय में बच्चों को दूध नहीं मिला, जिससे शासन की पोषण योजना का लाभ विद्यार्थियों तक नहीं पहुंच सका।

मामले ने उस समय और तूल पकड़ लिया जब विद्यालय की रसोईया ने भी बताया कि लगभग एक माह से बच्चों को दूध का वितरण नहीं कराया गया। उनका यह भी आरोप है कि वास्तविक वितरण न होने के बावजूद विद्यालय के रजिस्टर में दूध वितरित होने की प्रविष्टियां दर्ज की जाती रही हैं।

रसोईया के बयान के बाद कई सवाल खड़े हो गए हैं। यदि बच्चों को दूध मिला ही नहीं, तो वितरण रजिस्टर में प्रविष्टियां किस आधार पर दर्ज की गईं? ग्रामीणों और अभिभावकों ने दूध वितरण रजिस्टर, स्टॉक रजिस्टर तथा संबंधित अभिलेखों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की है।

ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय से जुड़ी शिकायतें पहले भी कई बार सामने आ चुकी हैं, लेकिन संबंधित अधिकारियों द्वारा प्रभावी कार्रवाई नहीं किए जाने से लोगों में नाराजगी है। उनका कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह केवल लापरवाही नहीं बल्कि सरकारी अभिलेखों में गंभीर अनियमितता का मामला भी हो सकता है।

वर्जन – विश्वनाथ प्रताप सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए), फर्रुखाबाद

> "मामला मेरे संज्ञान में आया है। इसकी जांच कराई जाएगी। यदि जांच में आरोप सही पाए गए और किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता सिद्ध हुई, तो संबंधित के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करते हुए निलंबन की कार्रवाई भी की जाएगी। शासन की योजनाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।"
जिलाधिकारी ने प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षण कार्यों में गुणात्मक वृद्धि हेतु विभागीय अधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देश*

फर्रुखाबाद । जनपद के प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षण कार्य एवं विद्यालय प्रबंधन से संबंधित कार्यों में गुणात्मक प्रगति लाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी डॉ अंकुर लाठर ने बेसिक शिक्षा अधिकारी तथा समस्त खण्ड शिक्षा अधिकारियों के साथ आवश्यक समीक्षा बैठक आयोजित की।
      बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि प्राथमिक शिक्षा बच्चों के भविष्य की आधारशिला है, इसलिए विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षण, नियमित शैक्षणिक गतिविधियों तथा प्रभावी विद्यालय प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक विद्यालय में विद्यार्थियों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने, शिक्षण स्तर में निरंतर सुधार लाने तथा निर्धारित पाठ्यक्रम के अनुसार समयबद्ध शिक्षण कार्य कराया जाए।
      जिलाधिकारी ने बेसिक शिक्षा अधिकारी एवं खण्ड शिक्षा अधिकारियों को प्राथमिक विद्यालयों में स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण, पेयजल, शौचालय, विद्युत, मध्यान्ह भोजन, छात्र-छात्राओं के नामांकन एवं उपस्थिति सहित सभी व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने खण्ड शिक्षा अधिकारियों से कहा कि वे विद्यालयों का नियमित निरीक्षण करें तथा निरीक्षण के दौरान पाई जाने वाली कमियों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित कराएं।
     उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि खण्ड शिक्षा अधिकारी कस्तूरबा गांधी विद्यालयों का निरीक्षण कर साप्ताहिक आख्या उपलब्ध कराएं, विद्यालयों से संबंधित शिकायतों के निस्तारण में शिकायत से संबंधित बिंदुओं की अन्य विद्यालयों में भी क्रॉस चेकिंग करा लें तथा प्रत्येक विद्यालय में मिड डे मील की गुणवत्ता के साथ यह भी सुनिश्चित कर लें कि विद्यालय में नवाचार आधारित शिक्षण गतिविधियों को प्रोत्साहित किया जाए। शिक्षकों की नियमित उपस्थिति, उत्तरदायित्व एवं शैक्षणिक गुणवत्ता पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश भी दिए गए।
      जिलाधिकारी ने कहा कि स्कूलों में जल भराव की समस्याओं को संबंधित खंड विकास अधिकारी एवं ग्राम प्रधान के माध्यम से निस्तारित कराएं, इसके साथ ही क्षतिग्रस्त प्राथमिक विद्यालयों की नियमानुसार मरम्मत कराएं तथा विद्यालयों के मरम्मत कार्य में तकनीकी समस्या होने पर संबंधित विद्यालय के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पूर्ण करें। शिक्षा विभाग के सभी अधिकारी समन्वय के साथ कार्य करते हुए प्राथमिक विद्यालयों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का उत्कृष्ट केंद्र बनाने के लिए निरंतर प्रयास करें, जिससे विद्यार्थियों के सीखने के स्तर में और अधिक वृद्धि हो सके।
     बैठक में बेसिक शिक्षा अधिकारी सहित जनपद के समस्त खण्ड शिक्षा अधिकारी उपस्थित रहे।