बाढ़ प्रभावितों को हरसंभव राहत उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता : जिलाधिकारी

*शरणार्थियों एवं उनके बच्चों को क्लोरीन, डीहाईड्रेशन, फंगल इन्फेक्शन, एंटी वेनम, कृमिनाशक, एंटीबायोटिक, विटामिन तथा चर्मरोग की दवाओं का वितरण किया जाए*

*बच्चों के अध्ययन कार्य हेतु बाढ़ प्रभावित गांवों एवं शरणालय स्थलों में शिक्षकों की तैनाती की जाए*

*जिलाधिकारी ने अमृतपुर तहसील के बाढ़ प्रभावित ग्राम तीस राम मड़ैया का किया निरीक्षण, नाव से राहत एवं बचाव कार्यों का लिया जायजा*

फर्रुखाबाद । बुधवार को तहसील अमृतपुर अंतर्गत विकासखंड राजेपुर के बाढ़ प्रभावित ग्राम तीस राम की मड़ैया का जिलाधिकारी डॉक्टर अंकुर लाठर ने स्थलीय निरीक्षण कर जिला प्रशासन द्वारा संचालित राहत एवं बचाव कार्यों का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाढ़ प्रभावित प्रत्येक परिवार तक समयबद्ध एवं पारदर्शी ढंग से राहत सामग्री उपलब्ध कराई जाए तथा किसी भी प्रभावित व्यक्ति को आवश्यक सहायता से वंचित न रखा जाए।
जिलाधिकारी ने राहत शिविरों, खाद्यान्न वितरण, पेयजल, चिकित्सा सुविधाओं, स्वच्छता व्यवस्था तथा पशुओं के लिए चारा आदि की उपलब्धता की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रभावित क्षेत्रों में निरंतर निगरानी बनाए रखते हुए आवश्यकतानुसार राहत सामग्री का वितरण सुनिश्चित किया जाए तथा स्वास्थ्य विभाग की टीमें नियमित रूप से भ्रमण कर आवश्यक चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराएं।
उन्होंने बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं तथा उन्हें आश्वस्त किया कि जिला प्रशासन उनकी हर संभव सहायता के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप सभी राहत एवं बचाव कार्य प्राथमिकता के आधार पर किए जा रहे हैं तथा प्रत्येक प्रभावित परिवार तक आवश्यक सहायता पहुंचाई जा रही है।
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि जलस्तर एवं मौसम की स्थिति पर सतत निगरानी रखी जाए तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी विभाग पूर्ण सतर्कता एवं समन्वय के साथ कार्य करें। उन्होंने संवेदनशील स्थलों पर पर्याप्त सुरक्षा एवं निगरानी व्यवस्था बनाए रखने तथा राहत कार्यों में किसी प्रकार की शिथिलता न बरतने के निर्देश भी दिए।
जिलाधिकारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिए कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाए, बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान उन्हें कृमिनाशक, एंटीबायोटिक, विटामिन तथा चर्मरोग की दवा अनिवार्य रूप से वितरित की जाए, इसके साथ ही ग्रामवासियों को क्लोरीन, डीहाईड्रेशन, फंगल इन्फेक्शन एवं एंटी वेनम की दवाओं का वितरण किया जाए। उन्होंने बेसिक के खण्ड शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए कि बाढ़ प्रभावित ग्राम में बच्चों के अध्ययन कार्य हेतु शिक्षक की तैनाती की जाए। ग्राम में नियमित रूप से ब्लीचिंग पाऊडर एवं कीट नाशक दवाओं का छिड़काव कराया जाए। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक संसाधन सदैव उपलब्ध रहें। उन्होंने राहत कार्यों की सतत निगरानी करते हुए सभी व्यवस्थाएं प्रभावी एवं व्यवस्थित रखने पर विशेष बल दिया। जिलाधिकारी ने तहसील अमृतपुर के विकासखंड राजेपुर स्थित रामनिवास महाविद्यालय के अवध इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी भवन में बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए संचालित शरणालय स्थल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने शरणालय में रह रहे लोगों को उपलब्ध कराई जा रही व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा संबंधित अधिकारियों को सभी आवश्यक सुविधाएं गुणवत्तापूर्ण ढंग से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने शरणालय में भोजन, पेयजल, विद्युत, स्वच्छ शौचालय, साफ-सफाई, चिकित्सा सुविधा, दवा उपलब्धता तथा बच्चों एवं महिलाओं के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं का विस्तार से निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शरणालय में रह रहे प्रत्येक व्यक्ति की आवश्यकताओं का संवेदनशीलता के साथ ध्यान रखा जाए तथा किसी भी प्रकार की असुविधा न होने पाए।उन्होंने शरणालय में रह रहे बाढ़ प्रभावित लोगों से संवाद कर उनकी समस्याओं एवं आवश्यकताओं की जानकारी ली तथा उन्हें आश्वस्त किया कि जिला प्रशासन उनकी सुरक्षा एवं राहत के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि बाढ़ की स्थिति सामान्य होने तक सभी प्रभावित परिवारों को शासन की मंशा के अनुरूप समुचित राहत एवं आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती रहेंगी।
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि शरणालय स्थल पर नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाए तथा संबंधित शरणालय स्थल उनके पशुओं को भी संरक्षित रखकर पशुओं का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण एवं उपचार कराकर उनका टीकाकरण भी कराएं। शरणालय में निवासरत शरणार्थियों के बच्चों के लिए बेसिक शिक्षा अधिकारी शिक्षकों को तैनात करें। उन्होंने राहत कार्यों की सतत निगरानी करते हुए सभी व्यवस्थाएं प्रभावी एवं व्यवस्थित रखने पर विशेष बल दिया।
निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक आरती सिंह, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व अरुण कुमार सिंह, उपजिलाधिकारी अमृतपुर स्वेता साहू, नायब तहसीलदार अभिषेक, खंड विकास अधिकारी सुनील जायसवाल, राजस्व, स्वास्थ्य, पुलिस एवं अन्य विभागों के अधिकारी तथा कर्मचारी उपस्थित रहे।
बाढ़ संभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का लिया गया जायजा
फर्रुखाबाद। बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों का उपजिलाधिकारी, कायमगंज द्वारा तहसील क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित/बाढ़ संभावित ग्राम झौआ एवं कटरी तौफीक का स्थलीय निरीक्षण कर वहां की स्थिति एवं उपलब्ध व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया।
निरीक्षण के दौरान संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि जिन ग्रामों एवं स्थानों पर आवश्यकता हो, वहां नाव एवं स्टीमर की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही ग्रामीणों से निरंतर संवाद बनाए रखते हुए उनकी आवश्यकताओं पर सतत दृष्टि रखी जाए।
क्षेत्रीय लेखपालों एवं अन्य संबंधित अधिकारियों/कर्मचारियों द्वारा निरंतर क्षेत्र का भ्रमण कर स्थिति की निगरानी की जा रही है। आवश्यकतानुसार बाढ़ शरणालय, बाढ़ चौकी तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को प्रभावी बनाए रखने हेतु समुचित प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे आवश्यकता पड़ने पर त्वरित सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
जनपद प्रशासन द्वारा बाढ़ संबंधी परिस्थितियों पर सतत निगरानी रखी जा रही है तथा आवश्यकतानुसार सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।
सरकार किसानों के हित में कार्य कर रही

फर्रुखाबाद।
जनपद स्तरीय डेयरी कॉन्क्लेव कार्यक्रम का विकास भवन सभागार में आयोजन हुआ। जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में भाजपा जिला अध्यक्ष फतेहचन्द्र वर्मा उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथि  मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार गॉड ,मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, उप-पशु चिकित्साधिकारी, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी, शैलेन्द्र कुमार वर्मा, जिला कृषि अधिकारी, सहायक निदेशक मत्स्य,डा0 अरविन्द कुमार, कृषि वैज्ञानिक एवं अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यालय से सीधा प्रसारण जूम लिंक के माध्यम से हुआ मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ-संवर्धन योजना, मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना एवं नंदिनी कृषक समृद्धि योजना के लाभार्थियों के अनुमति पत्र उपस्थित अतिथियों के द्वारा जारी किया गया। इस दौरान स्थानीय विषय विशेषज्ञों ने अपने-अपने विचार रखें।
उप-पशुचिकित्साधिकारी ने सभी किसानों को अवगत कराया कि आज हमें जैविक खेती को बढ़ावा देने की आवश्यकता है।
मुख्य अतिथि फतेह चन्द्र वर्मा ने सभी लाभार्थियों को शुभकामनाएँ देते हुए बताया कि हमारी सरकार सदैव से किसानों के हित में अपना महत्त्वपूर्ण योगदान देती है। हमारे जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी  किसान भाइयों की मदद के लिए सरकार की मंशा के अनुरूप सदैव खड़े दिखाई देंगे।
विशिष्ट अतिथि मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार गौड़ ने सभी का आभार प्रकट करते हुए उपिस्थित किसानों से इस योजना से अधिक से अधिक जुड़ने हेतु आग्रह किया।
सृजनी महिला मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी के क्लस्टर मैनेजर आदित्य पाण्डेय के द्वारा महिला किसानों को ए०एम०सी०यू प्रशिक्षण और जागरुकता के बारे मे बताया गया। साथ में ज्ञान डेयरी के सहायक प्रबन्धक आर० आर० यादव उपस्थित रहे। वरिष्ठ दुग्ध निरीक्षक, मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ संवर्धन योजना एवं नोडल नंदलाल वर्मा ने कार्यक्रम को व्यवस्थाओं को संभाला। कार्यक्रम का सफल संचालन युवा साहित्यकार वैभव सोमवंशी द्वारा किया गया।
जनपद स्तरीय जिमनास्टिक में जनता कॉलेज और राजकीय बालिका कॉलेज की छात्राओ ने पहने मेडल


फर्रुखाबाद।
पीएम श्रीमहीयसी महादेवी वर्मा राजकीय बालिका इंटर कॉलेज फतेहगढ़ में जनपद स्तरीय जिम्नास्टिक प्रतियोगिता का सफल आयोजन किया गया। प्रतियोगिता का शुभारंभ प्रधानाचार्य दीपिका राजपूत ने किया । इस दौरान विद्यालय की व्यायाम शिक्षिका आरती यादव और सुनील कुमार पाल के नेतृत्व में प्रतियोगिता संपन्न हुई।बालक वर्ग में जनता राष्ट्रीय और बालिका वर्ग में राजकीय बालिका इंटर कॉलेज फ़तेहगढ़ के खिलाड़ियों ने प्रतिभाग किया और प्रतिभागी खिलाड़ियों को मेडल पहनकर सम्मानित किया गया बालक वर्ग में राष्ट्रीय जनता इंटर कॉलेज के आयुष कश्यप व विशाल ने कुशल प्रदर्शन किया बालिका वर्ग में नैंसी आरती अर्जी अंबेडकर का प्रदर्शन अच्छा रहा।
प्राथमिक विद्यालय भावन में एक माह से बच्चों को नहीं मिला दूध? रसोईया के बयान से उठे सवाल, अभिलेखों में वितरण दर्ज होने का आरोप

फर्रुखाबाद

विकासखंड राजेपुर क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय भावन में मिड-डे मील योजना के तहत बच्चों को दिए जाने वाले दूध के वितरण को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों और अभिभावकों का आरोप है कि पिछले करीब एक माह से विद्यालय में बच्चों को दूध नहीं मिला, जिससे शासन की पोषण योजना का लाभ विद्यार्थियों तक नहीं पहुंच सका।

मामले ने उस समय और तूल पकड़ लिया जब विद्यालय की रसोईया ने भी बताया कि लगभग एक माह से बच्चों को दूध का वितरण नहीं कराया गया। उनका यह भी आरोप है कि वास्तविक वितरण न होने के बावजूद विद्यालय के रजिस्टर में दूध वितरित होने की प्रविष्टियां दर्ज की जाती रही हैं।

रसोईया के बयान के बाद कई सवाल खड़े हो गए हैं। यदि बच्चों को दूध मिला ही नहीं, तो वितरण रजिस्टर में प्रविष्टियां किस आधार पर दर्ज की गईं? ग्रामीणों और अभिभावकों ने दूध वितरण रजिस्टर, स्टॉक रजिस्टर तथा संबंधित अभिलेखों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की है।

ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय से जुड़ी शिकायतें पहले भी कई बार सामने आ चुकी हैं, लेकिन संबंधित अधिकारियों द्वारा प्रभावी कार्रवाई नहीं किए जाने से लोगों में नाराजगी है। उनका कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह केवल लापरवाही नहीं बल्कि सरकारी अभिलेखों में गंभीर अनियमितता का मामला भी हो सकता है।

वर्जन – विश्वनाथ प्रताप सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए), फर्रुखाबाद

> "मामला मेरे संज्ञान में आया है। इसकी जांच कराई जाएगी। यदि जांच में आरोप सही पाए गए और किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता सिद्ध हुई, तो संबंधित के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करते हुए निलंबन की कार्रवाई भी की जाएगी। शासन की योजनाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।"
जिलाधिकारी ने प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षण कार्यों में गुणात्मक वृद्धि हेतु विभागीय अधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देश*

फर्रुखाबाद । जनपद के प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षण कार्य एवं विद्यालय प्रबंधन से संबंधित कार्यों में गुणात्मक प्रगति लाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी डॉ अंकुर लाठर ने बेसिक शिक्षा अधिकारी तथा समस्त खण्ड शिक्षा अधिकारियों के साथ आवश्यक समीक्षा बैठक आयोजित की।
      बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि प्राथमिक शिक्षा बच्चों के भविष्य की आधारशिला है, इसलिए विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षण, नियमित शैक्षणिक गतिविधियों तथा प्रभावी विद्यालय प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक विद्यालय में विद्यार्थियों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने, शिक्षण स्तर में निरंतर सुधार लाने तथा निर्धारित पाठ्यक्रम के अनुसार समयबद्ध शिक्षण कार्य कराया जाए।
      जिलाधिकारी ने बेसिक शिक्षा अधिकारी एवं खण्ड शिक्षा अधिकारियों को प्राथमिक विद्यालयों में स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण, पेयजल, शौचालय, विद्युत, मध्यान्ह भोजन, छात्र-छात्राओं के नामांकन एवं उपस्थिति सहित सभी व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने खण्ड शिक्षा अधिकारियों से कहा कि वे विद्यालयों का नियमित निरीक्षण करें तथा निरीक्षण के दौरान पाई जाने वाली कमियों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित कराएं।
     उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि खण्ड शिक्षा अधिकारी कस्तूरबा गांधी विद्यालयों का निरीक्षण कर साप्ताहिक आख्या उपलब्ध कराएं, विद्यालयों से संबंधित शिकायतों के निस्तारण में शिकायत से संबंधित बिंदुओं की अन्य विद्यालयों में भी क्रॉस चेकिंग करा लें तथा प्रत्येक विद्यालय में मिड डे मील की गुणवत्ता के साथ यह भी सुनिश्चित कर लें कि विद्यालय में नवाचार आधारित शिक्षण गतिविधियों को प्रोत्साहित किया जाए। शिक्षकों की नियमित उपस्थिति, उत्तरदायित्व एवं शैक्षणिक गुणवत्ता पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश भी दिए गए।
      जिलाधिकारी ने कहा कि स्कूलों में जल भराव की समस्याओं को संबंधित खंड विकास अधिकारी एवं ग्राम प्रधान के माध्यम से निस्तारित कराएं, इसके साथ ही क्षतिग्रस्त प्राथमिक विद्यालयों की नियमानुसार मरम्मत कराएं तथा विद्यालयों के मरम्मत कार्य में तकनीकी समस्या होने पर संबंधित विद्यालय के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पूर्ण करें। शिक्षा विभाग के सभी अधिकारी समन्वय के साथ कार्य करते हुए प्राथमिक विद्यालयों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का उत्कृष्ट केंद्र बनाने के लिए निरंतर प्रयास करें, जिससे विद्यार्थियों के सीखने के स्तर में और अधिक वृद्धि हो सके।
     बैठक में बेसिक शिक्षा अधिकारी सहित जनपद के समस्त खण्ड शिक्षा अधिकारी उपस्थित रहे।
जनपद प्रशासन बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में पूरी तत्परता से जुटा*

*33 गांव प्रभावित, राहत शिविर, मेडिकल कैंप एवं बचाव दल निरंतर सक्रिय*

फर्रुखाबाद।
जनपद में गंगा एवं रामगंगा नदियों के जलस्तर में वृद्धि के दृष्टिगत जिला प्रशासन द्वारा बाढ़ की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है तथा राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर संचालित किए जा रहे हैं। सिंचाई विभाग से प्राप्त सूचना के अनुसार मंगलवार को गंगा नदी का जलस्तर 136.90 मीटर दर्ज किया गया, जो चेतावनी बिंदु 136.60 मीटर से ऊपर है। वर्तमान में जनपद के कुछ क्षेत्रों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है।
      बाढ़ से तहसील सदर के 9, तहसील कायमगंज के 12 तथा तहसील अमृतपुर के 12 गांव प्रभावित हैं। इस प्रकार जनपद के कुल 33 गांव बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। इन प्रभावित गांवों में कुल 23,367 की आबादी तथा 4,855 परिवार प्रभावित हैं।
      प्रभावित लोगों की सुरक्षा एवं सुविधा के लिए जनपद में 24 अस्थायी बाढ़ शरणालय स्थापित किए गए हैं। वर्तमान में मंडी समिति रामसवाईद एवं रमानिया गर्ल्स इंटर कॉलेज में संचालित शरणालयों में अब तक 240 लोगों को सुरक्षित ठहराया गया है तथा उनके भोजन एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था की गई है। इसके अतिरिक्त 52 अस्थायी बाढ़ चौकियां भी सक्रिय रूप से संचालित हैं।
      राहत एवं बचाव कार्यों के लिए तहसील सदर, कायमगंज एवं अमृतपुर के प्रभावित क्षेत्रों में कुल 50 नावें एवं 5 मोटरबोट तैनात की गई हैं। साथ ही एक टीम एनडीआरएफ तथा एक कंपनी पीएसी फ्लड यूनिट आवश्यक उपकरणों सहित तैनात है। आवश्यकता पड़ने पर 53 स्वयंसेवी गोताखोरों की सेवाएं भी ली जा रही हैं।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाए रखने के उद्देश्य से 35 मेडिकल कैंप लगाए गए हैं, जिनमें अब तक 536 लोगों का उपचार किया जा चुका है। साथ ही 272 ओआरएस पैकेट एवं 896 क्लोरीन टैबलेट का वितरण किया गया है। जनपद में एंटी स्नेक वेनम एवं अन्य आवश्यक दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है।
      पशुधन की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 11 पशु चिकित्सा शिविर संचालित किए जा रहे हैं। इन शिविरों में अब तक 79 पशुओं का उपचार तथा 3,804 पशुओं का टीकाकरण किया जा चुका है। साथ ही पशुओं के लिए चारा एवं भूसे की पर्याप्त व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है।
      जिला प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें, नदी किनारे जाने से बचें तथा किसी भी आपात स्थिति में तत्काल स्थानीय प्रशासन अथवा कंट्रोल रूम से संपर्क करें। जिला प्रशासन द्वारा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य पूरी संवेदनशीलता एवं सतर्कता के साथ निरंतर जारी हैं।
बाढ़ राहत शिविर में स्वास्थ्य सेवाएं सुदृढ़, सीएमओ ने चिकित्सा टीम व एम्बुलेंस की तैनाती कर दिए नियमित निगरानी के निर्देश

फर्रुखाबाद।
जनपद में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लोगों के सुरक्षित ठहराव के लिए रहमानी इंटर कॉलेज में बनाए गए शरणागत स्थल का जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर द्वारा निरीक्षण किए जाने के उपरांत मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आनंद उपाध्याय ने भी राहत शिविर पहुंचकर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने शिविर में रह रहे लोगों के स्वास्थ्य परीक्षण, दवा वितरण एवं संक्रामक रोगों की रोकथाम संबंधी तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की।

सीएमओ के निर्देशन में शिविर में मौजूद बाढ़ प्रभावित लोगों का चिकित्सकीय परीक्षण किया गया। सर्दी, जुकाम, बुखार, त्वचा रोग, दस्त एवं अन्य सामान्य बीमारियों से पीड़ित लोगों को तत्काल प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया गया। जिन मरीजों को विशेषज्ञ उपचार की आवश्यकता पाई गई, उन्हें आवश्यकतानुसार उच्च चिकित्सालयों के लिए रेफर किया गया ताकि समय पर बेहतर उपचार मिल सके।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने राहत शिविर में स्वास्थ्य सेवाओं को निरंतर संचालित रखने के लिए एक महिला चिकित्सक, एक शिशु रोग विशेषज्ञ, एक वरिष्ठ फिजीशियन (सीनियर कंसल्टेंट) तथा आवश्यक दवाओं से सुसज्जित एक एम्बुलेंस की तैनाती सुनिश्चित कराई। उन्होंने निर्देश दिए कि चिकित्सा टीम प्रतिदिन दो बार राहत शिविर पहुंचकर सभी लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण करेगी तथा किसी भी प्रकार के संक्रामक रोग के लक्षण मिलने पर तत्काल उपचार एवं आवश्यक नियंत्रणात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करेगी।

सीएमओ ने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जलजनित एवं संक्रामक रोग फैलने की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क है। राहत शिविर में रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति की नियमित स्वास्थ्य निगरानी की जाएगी तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए चिकित्सकीय दल एवं एम्बुलेंस चौबीसों घंटे तैयार रहेंगे। उन्होंने चिकित्सा टीम को निर्देशित किया कि दवाओं की उपलब्धता, स्वच्छता, पेयजल की गुणवत्ता एवं रोगों की रोकथाम संबंधी जनजागरूकता पर विशेष ध्यान दिया जाए, जिससे राहत शिविर में रह रहे सभी लोग सुरक्षित एवं स्वस्थ रह सकें।
जिलाधिकारी ने बाढ़ प्रभावित ग्रामों का किया निरीक्षण, राहत एवं बचाव कार्यों का लिया जायजा*
*रहमानिया इंटर कॉलेज में बनाए गए शरणालय स्थल का निरीक्षण कर सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने के दिए निर्देश*

फर्रुखाबाद । सदर तहसील अंतर्गत विकासखंड बढ़पुर स्थित बाढ़ प्रभावित ग्राम बिलावलपुर तथा ग्राम धर्मपुर कटरी के मजरा पंखे नगला का जिलाधिकारी डॉक्टर अंकुर लाठर ने स्थलीय निरीक्षण कर बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने प्रभावित ग्रामीणों से संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं की जानकारी प्राप्त की तथा संबंधित अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्यों में किसी प्रकार की शिथिलता न बरतने के निर्देश दिए।
      जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में खाद्यान्न, पेयजल, दवाइयों तथा अन्य आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता हर समय सुनिश्चित रहे। उन्होंने कहा कि सभी राहत चौकियां एवं शरणालय पूरी तरह सक्रिय रहें तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए नाव, गोताखोर, स्वास्थ्य टीम एवं आवश्यक संसाधन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रहें।
      निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने जलभराव की स्थिति, संपर्क मार्गों तथा राहत व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में निरंतर निगरानी रखी जाए तथा जलजनित रोगों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा नियमित चिकित्सा शिविर एवं दवा वितरण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही पशुपालन विभाग को पशुओं के लिए चारा एवं चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए। जिलाधिकारी ने ग्रामीणों से प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने तथा अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन पूरी तत्परता के साथ स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है तथा किसी भी प्रकार की सहायता के लिए प्रशासन हर समय उपलब्ध है।
जिलाधिकारी ने विकासखंड बढ़पुर के रहमानिया इंटर कॉलेज में बनाए गए अस्थायी शरणालय स्थल का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से संभावित रूप से विस्थापित होने वाले लोगों के सुरक्षित ठहराव हेतु की गई व्यवस्थाओं का गहन जायजा लिया।
      जिलाधिकारी ने शरणालय में पेयजल, विद्युत, शौचालय, साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था, चिकित्सा सुविधा, भोजन, बच्चों एवं महिलाओं के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं तथा सुरक्षा प्रबंधों की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को सभी व्यवस्थाएं हर समय सुचारु एवं पर्याप्त बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी आपात स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी।
      उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शरणालय में आवश्यक सामग्री का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित किया जाए तथा प्रत्येक अधिकारी अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी संवेदनशीलता एवं तत्परता के साथ करें। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित व्यक्तियों को सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं में पात्रता के अनुरूप शिविर आयोजित कर पंजीकरण कराएं, इसके साथ ही बाढ़ शरणार्थियों के बच्चों पास के प्राथमिक विद्यालयों में भेजा जाए। शरणार्थियों को स्थलों में किसी भी प्रकार की असुविधा न होने पाए तथा आवश्यकता पड़ने पर उन्हें तत्काल राहत उपलब्ध कराई जाए।
      शरणालय स्थल पर जिलाधिकारी सहित अन्य अधिकारियों ने शरणार्थियों एवं उनके बच्चों को अपने हाथों से खाद्य सामग्री वितरित की, इसके साथ ही संबंधित अधिकारियों को शरणालय की नियमित निगरानी करने तथा सभी व्यवस्थाओं को अद्यतन बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और आमजन की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
     निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक आरती सिंह, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व अरुण कुमार सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक गिरीश कुमार सिंह, उपजिलाधिकारी सदर संजय कुमार, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका विनोद कुमार, अधिशाषी अभियंता लोक निर्माण विभाग मुरलीधर, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी योगेश पाण्डेय सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
अमृतपुर में ऑनलाइन ठगी के आरोपित युवकों पर वेस्ट बंगाल पुलिस का अभियान, कार्रवाई पर उठे सवाल

अमृतपुर, फर्रुखाबाद। थाना अमृतपुर क्षेत्र में रविवार को वेस्ट बंगाल पुलिस की एक टीम, जिसमें टीम सदस्य यश बनर्जी सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे, स्थानीय पुलिस के सहयोग से ऑनलाइन ठगी के आरोपित युवकों की तलाश में पहुंची। अभियान के दौरान पुलिस ने करीब 15 युवकों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया।

स्थानीय लोगों के अनुसार, पुलिस कार्रवाई की सूचना मिलते ही क्षेत्र के अन्य संदिग्ध युवक अपने-अपने वाहनों से इधर-उधर चले गए, जिससे कई लोग पुलिस की पकड़ से बाहर रहे।

सोमवार को हिरासत में लिए गए युवकों के परिजन थाना अमृतपुर पहुंचे। इसके बाद सभी युवकों को छोड़ दिए जाने की चर्चा क्षेत्र में रही। हालांकि, वेस्ट बंगाल पुलिस ने मीडिया को यह स्पष्ट नहीं किया कि युवकों को किस मामले और किन धाराओं के तहत हिरासत में लिया गया था तथा उन्हें किस आधार पर छोड़ा गया।

इस पूरे घटनाक्रम को लेकर क्षेत्र में कई तरह की चर्चाएं हैं। कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि परिजनों से धनराशि लेकर युवकों को छोड़ा गया। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है और न ही पुलिस की ओर से इसकी आधिकारिक पुष्टि की गई है।

वेस्ट बंगाल पुलिस का कहना था कि ऑनलाइन ठगी में संलिप्त लोगों के विरुद्ध अभियान जारी है और स्थानीय पुलिस के सहयोग से आगे भी कार्रवाई की जाएगी।

अब इस मामले में लोगों की मांग है कि पुलिस पूरी कार्रवाई का आधिकारिक विवरण सार्वजनिक करे, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि हिरासत में लिए गए युवकों पर क्या आरोप थे और उन्हें किन परिस्थितियों में छोड़ा गया। इससे उठ रहे सवालों का भी जवाब मिल सकेगा।