जनपद प्रशासन बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में पूरी तत्परता से जुटा*

*33 गांव प्रभावित, राहत शिविर, मेडिकल कैंप एवं बचाव दल निरंतर सक्रिय*

फर्रुखाबाद।
जनपद में गंगा एवं रामगंगा नदियों के जलस्तर में वृद्धि के दृष्टिगत जिला प्रशासन द्वारा बाढ़ की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है तथा राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर संचालित किए जा रहे हैं। सिंचाई विभाग से प्राप्त सूचना के अनुसार मंगलवार को गंगा नदी का जलस्तर 136.90 मीटर दर्ज किया गया, जो चेतावनी बिंदु 136.60 मीटर से ऊपर है। वर्तमान में जनपद के कुछ क्षेत्रों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है।
      बाढ़ से तहसील सदर के 9, तहसील कायमगंज के 12 तथा तहसील अमृतपुर के 12 गांव प्रभावित हैं। इस प्रकार जनपद के कुल 33 गांव बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। इन प्रभावित गांवों में कुल 23,367 की आबादी तथा 4,855 परिवार प्रभावित हैं।
      प्रभावित लोगों की सुरक्षा एवं सुविधा के लिए जनपद में 24 अस्थायी बाढ़ शरणालय स्थापित किए गए हैं। वर्तमान में मंडी समिति रामसवाईद एवं रमानिया गर्ल्स इंटर कॉलेज में संचालित शरणालयों में अब तक 240 लोगों को सुरक्षित ठहराया गया है तथा उनके भोजन एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था की गई है। इसके अतिरिक्त 52 अस्थायी बाढ़ चौकियां भी सक्रिय रूप से संचालित हैं।
      राहत एवं बचाव कार्यों के लिए तहसील सदर, कायमगंज एवं अमृतपुर के प्रभावित क्षेत्रों में कुल 50 नावें एवं 5 मोटरबोट तैनात की गई हैं। साथ ही एक टीम एनडीआरएफ तथा एक कंपनी पीएसी फ्लड यूनिट आवश्यक उपकरणों सहित तैनात है। आवश्यकता पड़ने पर 53 स्वयंसेवी गोताखोरों की सेवाएं भी ली जा रही हैं।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाए रखने के उद्देश्य से 35 मेडिकल कैंप लगाए गए हैं, जिनमें अब तक 536 लोगों का उपचार किया जा चुका है। साथ ही 272 ओआरएस पैकेट एवं 896 क्लोरीन टैबलेट का वितरण किया गया है। जनपद में एंटी स्नेक वेनम एवं अन्य आवश्यक दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है।
      पशुधन की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 11 पशु चिकित्सा शिविर संचालित किए जा रहे हैं। इन शिविरों में अब तक 79 पशुओं का उपचार तथा 3,804 पशुओं का टीकाकरण किया जा चुका है। साथ ही पशुओं के लिए चारा एवं भूसे की पर्याप्त व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है।
      जिला प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें, नदी किनारे जाने से बचें तथा किसी भी आपात स्थिति में तत्काल स्थानीय प्रशासन अथवा कंट्रोल रूम से संपर्क करें। जिला प्रशासन द्वारा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य पूरी संवेदनशीलता एवं सतर्कता के साथ निरंतर जारी हैं।
बाढ़ राहत शिविर में स्वास्थ्य सेवाएं सुदृढ़, सीएमओ ने चिकित्सा टीम व एम्बुलेंस की तैनाती कर दिए नियमित निगरानी के निर्देश

फर्रुखाबाद।
जनपद में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लोगों के सुरक्षित ठहराव के लिए रहमानी इंटर कॉलेज में बनाए गए शरणागत स्थल का जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर द्वारा निरीक्षण किए जाने के उपरांत मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आनंद उपाध्याय ने भी राहत शिविर पहुंचकर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने शिविर में रह रहे लोगों के स्वास्थ्य परीक्षण, दवा वितरण एवं संक्रामक रोगों की रोकथाम संबंधी तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की।

सीएमओ के निर्देशन में शिविर में मौजूद बाढ़ प्रभावित लोगों का चिकित्सकीय परीक्षण किया गया। सर्दी, जुकाम, बुखार, त्वचा रोग, दस्त एवं अन्य सामान्य बीमारियों से पीड़ित लोगों को तत्काल प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया गया। जिन मरीजों को विशेषज्ञ उपचार की आवश्यकता पाई गई, उन्हें आवश्यकतानुसार उच्च चिकित्सालयों के लिए रेफर किया गया ताकि समय पर बेहतर उपचार मिल सके।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने राहत शिविर में स्वास्थ्य सेवाओं को निरंतर संचालित रखने के लिए एक महिला चिकित्सक, एक शिशु रोग विशेषज्ञ, एक वरिष्ठ फिजीशियन (सीनियर कंसल्टेंट) तथा आवश्यक दवाओं से सुसज्जित एक एम्बुलेंस की तैनाती सुनिश्चित कराई। उन्होंने निर्देश दिए कि चिकित्सा टीम प्रतिदिन दो बार राहत शिविर पहुंचकर सभी लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण करेगी तथा किसी भी प्रकार के संक्रामक रोग के लक्षण मिलने पर तत्काल उपचार एवं आवश्यक नियंत्रणात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करेगी।

सीएमओ ने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जलजनित एवं संक्रामक रोग फैलने की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क है। राहत शिविर में रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति की नियमित स्वास्थ्य निगरानी की जाएगी तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए चिकित्सकीय दल एवं एम्बुलेंस चौबीसों घंटे तैयार रहेंगे। उन्होंने चिकित्सा टीम को निर्देशित किया कि दवाओं की उपलब्धता, स्वच्छता, पेयजल की गुणवत्ता एवं रोगों की रोकथाम संबंधी जनजागरूकता पर विशेष ध्यान दिया जाए, जिससे राहत शिविर में रह रहे सभी लोग सुरक्षित एवं स्वस्थ रह सकें।
जिलाधिकारी ने बाढ़ प्रभावित ग्रामों का किया निरीक्षण, राहत एवं बचाव कार्यों का लिया जायजा*
*रहमानिया इंटर कॉलेज में बनाए गए शरणालय स्थल का निरीक्षण कर सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने के दिए निर्देश*

फर्रुखाबाद । सदर तहसील अंतर्गत विकासखंड बढ़पुर स्थित बाढ़ प्रभावित ग्राम बिलावलपुर तथा ग्राम धर्मपुर कटरी के मजरा पंखे नगला का जिलाधिकारी डॉक्टर अंकुर लाठर ने स्थलीय निरीक्षण कर बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने प्रभावित ग्रामीणों से संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं की जानकारी प्राप्त की तथा संबंधित अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्यों में किसी प्रकार की शिथिलता न बरतने के निर्देश दिए।
      जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में खाद्यान्न, पेयजल, दवाइयों तथा अन्य आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता हर समय सुनिश्चित रहे। उन्होंने कहा कि सभी राहत चौकियां एवं शरणालय पूरी तरह सक्रिय रहें तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए नाव, गोताखोर, स्वास्थ्य टीम एवं आवश्यक संसाधन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रहें।
      निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने जलभराव की स्थिति, संपर्क मार्गों तथा राहत व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में निरंतर निगरानी रखी जाए तथा जलजनित रोगों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा नियमित चिकित्सा शिविर एवं दवा वितरण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही पशुपालन विभाग को पशुओं के लिए चारा एवं चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए। जिलाधिकारी ने ग्रामीणों से प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने तथा अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन पूरी तत्परता के साथ स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है तथा किसी भी प्रकार की सहायता के लिए प्रशासन हर समय उपलब्ध है।
जिलाधिकारी ने विकासखंड बढ़पुर के रहमानिया इंटर कॉलेज में बनाए गए अस्थायी शरणालय स्थल का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से संभावित रूप से विस्थापित होने वाले लोगों के सुरक्षित ठहराव हेतु की गई व्यवस्थाओं का गहन जायजा लिया।
      जिलाधिकारी ने शरणालय में पेयजल, विद्युत, शौचालय, साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था, चिकित्सा सुविधा, भोजन, बच्चों एवं महिलाओं के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं तथा सुरक्षा प्रबंधों की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को सभी व्यवस्थाएं हर समय सुचारु एवं पर्याप्त बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी आपात स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी।
      उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शरणालय में आवश्यक सामग्री का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित किया जाए तथा प्रत्येक अधिकारी अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी संवेदनशीलता एवं तत्परता के साथ करें। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित व्यक्तियों को सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं में पात्रता के अनुरूप शिविर आयोजित कर पंजीकरण कराएं, इसके साथ ही बाढ़ शरणार्थियों के बच्चों पास के प्राथमिक विद्यालयों में भेजा जाए। शरणार्थियों को स्थलों में किसी भी प्रकार की असुविधा न होने पाए तथा आवश्यकता पड़ने पर उन्हें तत्काल राहत उपलब्ध कराई जाए।
      शरणालय स्थल पर जिलाधिकारी सहित अन्य अधिकारियों ने शरणार्थियों एवं उनके बच्चों को अपने हाथों से खाद्य सामग्री वितरित की, इसके साथ ही संबंधित अधिकारियों को शरणालय की नियमित निगरानी करने तथा सभी व्यवस्थाओं को अद्यतन बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और आमजन की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
     निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक आरती सिंह, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व अरुण कुमार सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक गिरीश कुमार सिंह, उपजिलाधिकारी सदर संजय कुमार, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका विनोद कुमार, अधिशाषी अभियंता लोक निर्माण विभाग मुरलीधर, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी योगेश पाण्डेय सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
अमृतपुर में ऑनलाइन ठगी के आरोपित युवकों पर वेस्ट बंगाल पुलिस का अभियान, कार्रवाई पर उठे सवाल

अमृतपुर, फर्रुखाबाद। थाना अमृतपुर क्षेत्र में रविवार को वेस्ट बंगाल पुलिस की एक टीम, जिसमें टीम सदस्य यश बनर्जी सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे, स्थानीय पुलिस के सहयोग से ऑनलाइन ठगी के आरोपित युवकों की तलाश में पहुंची। अभियान के दौरान पुलिस ने करीब 15 युवकों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया।

स्थानीय लोगों के अनुसार, पुलिस कार्रवाई की सूचना मिलते ही क्षेत्र के अन्य संदिग्ध युवक अपने-अपने वाहनों से इधर-उधर चले गए, जिससे कई लोग पुलिस की पकड़ से बाहर रहे।

सोमवार को हिरासत में लिए गए युवकों के परिजन थाना अमृतपुर पहुंचे। इसके बाद सभी युवकों को छोड़ दिए जाने की चर्चा क्षेत्र में रही। हालांकि, वेस्ट बंगाल पुलिस ने मीडिया को यह स्पष्ट नहीं किया कि युवकों को किस मामले और किन धाराओं के तहत हिरासत में लिया गया था तथा उन्हें किस आधार पर छोड़ा गया।

इस पूरे घटनाक्रम को लेकर क्षेत्र में कई तरह की चर्चाएं हैं। कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि परिजनों से धनराशि लेकर युवकों को छोड़ा गया। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है और न ही पुलिस की ओर से इसकी आधिकारिक पुष्टि की गई है।

वेस्ट बंगाल पुलिस का कहना था कि ऑनलाइन ठगी में संलिप्त लोगों के विरुद्ध अभियान जारी है और स्थानीय पुलिस के सहयोग से आगे भी कार्रवाई की जाएगी।

अब इस मामले में लोगों की मांग है कि पुलिस पूरी कार्रवाई का आधिकारिक विवरण सार्वजनिक करे, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि हिरासत में लिए गए युवकों पर क्या आरोप थे और उन्हें किन परिस्थितियों में छोड़ा गया। इससे उठ रहे सवालों का भी जवाब मिल सकेगा।
अमृतपुर में ऑनलाइन ठगी के आरोपित युवकों पर वेस्ट बंगाल पुलिस का अभियान, कार्रवाई पर उठे सवाल
अमृतपुर, फर्रुखाबाद। थाना अमृतपुर क्षेत्र में रविवार को वेस्ट बंगाल पुलिस की एक टीम, जिसमें टीम सदस्य यश बनर्जी सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे, स्थानीय पुलिस के सहयोग से ऑनलाइन ठगी के आरोपित युवकों की तलाश में पहुंची। अभियान के दौरान पुलिस ने करीब 15 युवकों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया।

स्थानीय लोगों के अनुसार, पुलिस कार्रवाई की सूचना मिलते ही क्षेत्र के अन्य संदिग्ध युवक अपने-अपने वाहनों से इधर-उधर चले गए, जिससे कई लोग पुलिस की पकड़ से बाहर रहे।

सोमवार को हिरासत में लिए गए युवकों के परिजन थाना अमृतपुर पहुंचे। इसके बाद सभी युवकों को छोड़ दिए जाने की चर्चा क्षेत्र में रही। हालांकि, वेस्ट बंगाल पुलिस ने मीडिया को यह स्पष्ट नहीं किया कि युवकों को किस मामले और किन धाराओं के तहत हिरासत में लिया गया था तथा उन्हें किस आधार पर छोड़ा गया।

इस पूरे घटनाक्रम को लेकर क्षेत्र में कई तरह की चर्चाएं हैं। कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि परिजनों से धनराशि लेकर युवकों को छोड़ा गया। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है और न ही पुलिस की ओर से इसकी आधिकारिक पुष्टि की गई है।

वेस्ट बंगाल पुलिस का कहना था कि ऑनलाइन ठगी में संलिप्त लोगों के विरुद्ध अभियान जारी है और स्थानीय पुलिस के सहयोग से आगे भी कार्रवाई की जाएगी।

अब इस मामले में लोगों की मांग है कि पुलिस पूरी कार्रवाई का आधिकारिक विवरण सार्वजनिक करे, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि हिरासत में लिए गए युवकों पर क्या आरोप थे और उन्हें किन परिस्थितियों में छोड़ा गया। इससे उठ रहे सवालों का भी जवाब मिल सकेगा।
अमृतपुर में महिला से चेन व कुंडल झपटकर बदमाश फरार, विरोध में बाइक गिरी; बड़ा हादसा टला
अमृतपुर, फर्रुखाबाद। थाना अमृतपुर क्षेत्र में सोमवार देर शाम बाइक सवार बदमाशों ने एक महिला के गले से सोने की चेन और कान का कुंडल झपट लिया। बदमाशों को रोकने के प्रयास में पीड़ित की बाइक अनियंत्रित होकर सड़क पर गिर गई, जिससे बाइक सवार तीनों लोग घायल हो गए। हालांकि बड़ा हादसा होने से टल गया। घटना के बाद बदमाश मौके से फरार हो गए।

जानकारी के अनुसार, थाना राजेपुर क्षेत्र के गांव रामपुर जोगराजपुर निवासी रामचंद्र पुत्र इंद्रजीत अपनी पत्नी और भाभी के साथ जनपद शाहजहांपुर के थाना परौर क्षेत्र के गांव बलिया में रिश्तेदारी से दावत खाकर सोमवार रात अपने गांव लौट रहे थे। आरोप है कि रात करीब 8:30 बजे, अमृतपुर थाना क्षेत्र में कुटिला झील के पास पीछे से अपाचे बाइक पर सवार दो बदमाश उनकी बाइक के बराबर आए और पीछे बैठी महिला के गले व कान पर झपट्टा मार दिया। बदमाश महिला के गले से सोने की चेन और कान से एक कुंडल झपटकर फरार हो गए।

पीड़ित रामचंद्र ने बताया कि बदमाशों को पकड़ने का प्रयास करने के दौरान उनकी बाइक असंतुलित होकर सड़क पर गिर गई। हादसे में रामचंद्र, उनकी पत्नी और भाभी को चोटें आईं, लेकिन सौभाग्य से कोई गंभीर चोट नहीं आई और तीनों की जान बच गई।

घटना के तुरंत बाद डायल 112 पर सूचना दी गई। सूचना मिलते ही थाना अमृतपुर पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर पीड़ित परिवार से जानकारी जुटाई। इसके बाद रामचंद्र ने थाना अमृतपुर में लिखित तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई की मांग की।

मामले की गंभीरता को देखते हुए क्षेत्राधिकारी ने भी थाना पहुंचकर पीड़ित परिवार से घटना की विस्तृत जानकारी ली। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है तथा संदिग्ध बदमाशों की तलाश में संभावित मार्गों पर जांच और दबिश दी जा रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही घटना का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।
जटपुरा-करनपुरदत्त मार्ग पर फिर बवाल: ट्रैक्टरों के आगे बैठे ग्रामीण, प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद शुरू हुआ निर्माण
अभिलेखों के अनुसार 3 मीटर चौड़ी बनेगी सड़क, वार्ता के बाद खत्म हुआ गतिरोध

अमृतपुर (फर्रुखाबाद)। जटपुरा-करनपुरदत्त संपर्क मार्ग का निर्माण सोमवार को एक बार फिर विवादों में घिर गया। सड़क निर्माण के लिए मिट्टी लेकर पहुंची लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को ग्रामीणों ने बीच रास्ते में रोक दिया और ट्रैक्टरों के आगे बैठकर निर्माण कार्य ठप कर दिया। कई घंटे तक चले गतिरोध के बाद प्रशासन के हस्तक्षेप से मामला शांत हुआ और निर्माण कार्य दोबारा शुरू कराया गया।

ग्रामीणों का कहना था कि सड़क निर्माण राजस्व अभिलेखों एवं स्वीकृत मानकों के अनुरूप ही होना चाहिए। उनका आरोप था कि यदि सड़क का निर्माण निर्धारित चौड़ाई और सरकारी अभिलेखों के अनुसार नहीं किया गया तो भविष्य में विवाद और बढ़ सकता है। इसी मांग को लेकर ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।

स्थिति बिगड़ती देख पीडब्ल्यूडी के जूनियर इंजीनियर अंकित कुमार ने अमृतपुर थाना पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी दर्शन सिंह सोलंकी एवं चौकी प्रभारी राहुल कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया।

घटना की जानकारी मिलते ही उपजिलाधिकारी श्वेता साहू ने तत्काल नायब तहसीलदार अभिषेक कुमार को मौके पर भेजा। नायब तहसीलदार ने ग्रामीणों और विभागीय अधिकारियों के साथ विस्तृत वार्ता की। बातचीत के बाद इस बात पर सहमति बनी कि सड़क का निर्माण राजस्व अभिलेखों के अनुसार 3 मीटर चौड़ाई में कराया जाएगा तथा कार्य पूरी तरह स्वीकृत मानकों के अनुरूप होगा।

सहमति बनने के बाद ग्रामीणों ने अपना विरोध समाप्त कर दिया और पीडब्ल्यूडी ने पुनः मिट्टी डालने का कार्य शुरू करा दिया।

नायब तहसीलदार अभिषेक कुमार ने स्पष्ट किया कि सड़क निर्माण पूरी तरह सरकारी अभिलेखों एवं स्वीकृत मानकों के अनुसार कराया जाएगा। किसी भी प्रकार की अनियमितता या नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
ग्रामीणों के विरोध के बाद प्रशासन को मौके पर पहुंचकर हस्तक्षेप करना पड़ा। अधिकारियों का कहना है कि सड़क निर्माण में पूरी पारदर्शिता बरती जाएगी और कार्य राजस्व अभिलेखों के अनुरूप ही कराया जाएगा। ताकि भविष्य में कोई समस्या उत्पन्न ना हो
शौचालय का ताला खुलवाए जाने की जिला प्रशासन से मांग की

फर्रुखाबाद। पांचाल घाट पर मेला रामनगरिया द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सामुदायिक शौचालय का निर्माण कराया था लेकिन इस समय शौचालय बंद रहने से दूर जरा से गंगाजल लेने आने वाले कांवरियो को काफी मुसीबतो का सामना करना पड़ रहा है । कांवरियों का कहना है कि इन दोनों शौचालय की जरूरत होती है और ताला लटकने से काफी दिक्कत है सामने आ रही है उन्होंने शौचालय का ताला खुलवाए जाने की जिला प्रशासन से मांग की है।
हर हर महादेव के जयकारों के साथ बच्चा स्वामी की तीसरी कावड़ यात्रा धूम धाम से पांडेश्वर नाथ मंदिर पहुंची
कांवरियों ने बाबा पांडेश्वर नाथ का किया जलाभिषेक

फर्रुखाबाद। श्री श्री श्री 108 बच्चा स्वामी की तीसरी कावड़ यात्रा नगर के मुख्य मार्गो से होती हुई पांडेश्वर नाथ मंदिर पहुंची जहां सैकड़ो कांवरियों ने अप ने आराध्य बाबा भोलेनाथ का जलाभिषेक किया। कांवरियों के पहुंचते ही बम बम भोले के नारों से मंदिर गूंज उठा। प्रशासन की व्यवस्था दुरुस्त होने के कारण सभी को जलाभिषेक करने का आसानी से अवसर मिला और कांवरियों ने अपने में आराध्य को जल चढ़ाया।
कटर छीनने पर छात्र को बनाया मुर्गा, बेहोश होकर गिरा, शिकायत करने पर पिता से प्रधानाचार्य ने की मारपीट

जिलाधिकारी को पिता ने स्कूल के खिलाफ कार्रवाई करने के संबंध दिया पत्र


फर्रुखाबाद। नबावगंज थाना क्षेत्र में स्थित आदर्श पब्लिक स्कूल फतनपुर में कक्षा एक के छात्र को शिक्षक ने कटर छीनने वाले छात्र को सजा न देकर किशोर छात्र को क्लाश रुम में कई घंटे तक मुर्गा बनाकर रखने पर किशोर छात्र बेहोश होकर कक्षा में गिर गया तो शिक्षक ने उसे तत्काल घर भेज दिया। घर पहुंचते ही छात्र ने उसके साथ हुई घटना से पिता को बताया तो पहले उसे दवा दिलाई और दूसरे दिन शिकायत करने स्कूल गए तो प्रधानाचार्य ने शिकायत को सुनने से साफ इंकार कर दिया बल्कि उनके साथ मारपीट करने लगे। पीड़ित पिता ने सोमवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधिकारी डॉ अंकुर लाठर को स्कूल प्रधानाचार्य और शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई करने के संबंध में प्रार्थना पत्र दिया है। जिला अधिकारी ने पीड़ित को कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।