अमृतपुर में ऑनलाइन ठगी के आरोपित युवकों पर वेस्ट बंगाल पुलिस का अभियान, कार्रवाई पर उठे सवाल

अमृतपुर, फर्रुखाबाद। थाना अमृतपुर क्षेत्र में रविवार को वेस्ट बंगाल पुलिस की एक टीम, जिसमें टीम सदस्य यश बनर्जी सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे, स्थानीय पुलिस के सहयोग से ऑनलाइन ठगी के आरोपित युवकों की तलाश में पहुंची। अभियान के दौरान पुलिस ने करीब 15 युवकों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया।

स्थानीय लोगों के अनुसार, पुलिस कार्रवाई की सूचना मिलते ही क्षेत्र के अन्य संदिग्ध युवक अपने-अपने वाहनों से इधर-उधर चले गए, जिससे कई लोग पुलिस की पकड़ से बाहर रहे।

सोमवार को हिरासत में लिए गए युवकों के परिजन थाना अमृतपुर पहुंचे। इसके बाद सभी युवकों को छोड़ दिए जाने की चर्चा क्षेत्र में रही। हालांकि, वेस्ट बंगाल पुलिस ने मीडिया को यह स्पष्ट नहीं किया कि युवकों को किस मामले और किन धाराओं के तहत हिरासत में लिया गया था तथा उन्हें किस आधार पर छोड़ा गया।

इस पूरे घटनाक्रम को लेकर क्षेत्र में कई तरह की चर्चाएं हैं। कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि परिजनों से धनराशि लेकर युवकों को छोड़ा गया। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है और न ही पुलिस की ओर से इसकी आधिकारिक पुष्टि की गई है।

वेस्ट बंगाल पुलिस का कहना था कि ऑनलाइन ठगी में संलिप्त लोगों के विरुद्ध अभियान जारी है और स्थानीय पुलिस के सहयोग से आगे भी कार्रवाई की जाएगी।

अब इस मामले में लोगों की मांग है कि पुलिस पूरी कार्रवाई का आधिकारिक विवरण सार्वजनिक करे, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि हिरासत में लिए गए युवकों पर क्या आरोप थे और उन्हें किन परिस्थितियों में छोड़ा गया। इससे उठ रहे सवालों का भी जवाब मिल सकेगा।
अमृतपुर में ऑनलाइन ठगी के आरोपित युवकों पर वेस्ट बंगाल पुलिस का अभियान, कार्रवाई पर उठे सवाल
अमृतपुर, फर्रुखाबाद। थाना अमृतपुर क्षेत्र में रविवार को वेस्ट बंगाल पुलिस की एक टीम, जिसमें टीम सदस्य यश बनर्जी सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे, स्थानीय पुलिस के सहयोग से ऑनलाइन ठगी के आरोपित युवकों की तलाश में पहुंची। अभियान के दौरान पुलिस ने करीब 15 युवकों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया।

स्थानीय लोगों के अनुसार, पुलिस कार्रवाई की सूचना मिलते ही क्षेत्र के अन्य संदिग्ध युवक अपने-अपने वाहनों से इधर-उधर चले गए, जिससे कई लोग पुलिस की पकड़ से बाहर रहे।

सोमवार को हिरासत में लिए गए युवकों के परिजन थाना अमृतपुर पहुंचे। इसके बाद सभी युवकों को छोड़ दिए जाने की चर्चा क्षेत्र में रही। हालांकि, वेस्ट बंगाल पुलिस ने मीडिया को यह स्पष्ट नहीं किया कि युवकों को किस मामले और किन धाराओं के तहत हिरासत में लिया गया था तथा उन्हें किस आधार पर छोड़ा गया।

इस पूरे घटनाक्रम को लेकर क्षेत्र में कई तरह की चर्चाएं हैं। कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि परिजनों से धनराशि लेकर युवकों को छोड़ा गया। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है और न ही पुलिस की ओर से इसकी आधिकारिक पुष्टि की गई है।

वेस्ट बंगाल पुलिस का कहना था कि ऑनलाइन ठगी में संलिप्त लोगों के विरुद्ध अभियान जारी है और स्थानीय पुलिस के सहयोग से आगे भी कार्रवाई की जाएगी।

अब इस मामले में लोगों की मांग है कि पुलिस पूरी कार्रवाई का आधिकारिक विवरण सार्वजनिक करे, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि हिरासत में लिए गए युवकों पर क्या आरोप थे और उन्हें किन परिस्थितियों में छोड़ा गया। इससे उठ रहे सवालों का भी जवाब मिल सकेगा।
अमृतपुर में महिला से चेन व कुंडल झपटकर बदमाश फरार, विरोध में बाइक गिरी; बड़ा हादसा टला
अमृतपुर, फर्रुखाबाद। थाना अमृतपुर क्षेत्र में सोमवार देर शाम बाइक सवार बदमाशों ने एक महिला के गले से सोने की चेन और कान का कुंडल झपट लिया। बदमाशों को रोकने के प्रयास में पीड़ित की बाइक अनियंत्रित होकर सड़क पर गिर गई, जिससे बाइक सवार तीनों लोग घायल हो गए। हालांकि बड़ा हादसा होने से टल गया। घटना के बाद बदमाश मौके से फरार हो गए।

जानकारी के अनुसार, थाना राजेपुर क्षेत्र के गांव रामपुर जोगराजपुर निवासी रामचंद्र पुत्र इंद्रजीत अपनी पत्नी और भाभी के साथ जनपद शाहजहांपुर के थाना परौर क्षेत्र के गांव बलिया में रिश्तेदारी से दावत खाकर सोमवार रात अपने गांव लौट रहे थे। आरोप है कि रात करीब 8:30 बजे, अमृतपुर थाना क्षेत्र में कुटिला झील के पास पीछे से अपाचे बाइक पर सवार दो बदमाश उनकी बाइक के बराबर आए और पीछे बैठी महिला के गले व कान पर झपट्टा मार दिया। बदमाश महिला के गले से सोने की चेन और कान से एक कुंडल झपटकर फरार हो गए।

पीड़ित रामचंद्र ने बताया कि बदमाशों को पकड़ने का प्रयास करने के दौरान उनकी बाइक असंतुलित होकर सड़क पर गिर गई। हादसे में रामचंद्र, उनकी पत्नी और भाभी को चोटें आईं, लेकिन सौभाग्य से कोई गंभीर चोट नहीं आई और तीनों की जान बच गई।

घटना के तुरंत बाद डायल 112 पर सूचना दी गई। सूचना मिलते ही थाना अमृतपुर पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर पीड़ित परिवार से जानकारी जुटाई। इसके बाद रामचंद्र ने थाना अमृतपुर में लिखित तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई की मांग की।

मामले की गंभीरता को देखते हुए क्षेत्राधिकारी ने भी थाना पहुंचकर पीड़ित परिवार से घटना की विस्तृत जानकारी ली। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है तथा संदिग्ध बदमाशों की तलाश में संभावित मार्गों पर जांच और दबिश दी जा रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही घटना का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।
जटपुरा-करनपुरदत्त मार्ग पर फिर बवाल: ट्रैक्टरों के आगे बैठे ग्रामीण, प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद शुरू हुआ निर्माण
अभिलेखों के अनुसार 3 मीटर चौड़ी बनेगी सड़क, वार्ता के बाद खत्म हुआ गतिरोध

अमृतपुर (फर्रुखाबाद)। जटपुरा-करनपुरदत्त संपर्क मार्ग का निर्माण सोमवार को एक बार फिर विवादों में घिर गया। सड़क निर्माण के लिए मिट्टी लेकर पहुंची लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को ग्रामीणों ने बीच रास्ते में रोक दिया और ट्रैक्टरों के आगे बैठकर निर्माण कार्य ठप कर दिया। कई घंटे तक चले गतिरोध के बाद प्रशासन के हस्तक्षेप से मामला शांत हुआ और निर्माण कार्य दोबारा शुरू कराया गया।

ग्रामीणों का कहना था कि सड़क निर्माण राजस्व अभिलेखों एवं स्वीकृत मानकों के अनुरूप ही होना चाहिए। उनका आरोप था कि यदि सड़क का निर्माण निर्धारित चौड़ाई और सरकारी अभिलेखों के अनुसार नहीं किया गया तो भविष्य में विवाद और बढ़ सकता है। इसी मांग को लेकर ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।

स्थिति बिगड़ती देख पीडब्ल्यूडी के जूनियर इंजीनियर अंकित कुमार ने अमृतपुर थाना पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी दर्शन सिंह सोलंकी एवं चौकी प्रभारी राहुल कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया।

घटना की जानकारी मिलते ही उपजिलाधिकारी श्वेता साहू ने तत्काल नायब तहसीलदार अभिषेक कुमार को मौके पर भेजा। नायब तहसीलदार ने ग्रामीणों और विभागीय अधिकारियों के साथ विस्तृत वार्ता की। बातचीत के बाद इस बात पर सहमति बनी कि सड़क का निर्माण राजस्व अभिलेखों के अनुसार 3 मीटर चौड़ाई में कराया जाएगा तथा कार्य पूरी तरह स्वीकृत मानकों के अनुरूप होगा।

सहमति बनने के बाद ग्रामीणों ने अपना विरोध समाप्त कर दिया और पीडब्ल्यूडी ने पुनः मिट्टी डालने का कार्य शुरू करा दिया।

नायब तहसीलदार अभिषेक कुमार ने स्पष्ट किया कि सड़क निर्माण पूरी तरह सरकारी अभिलेखों एवं स्वीकृत मानकों के अनुसार कराया जाएगा। किसी भी प्रकार की अनियमितता या नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
ग्रामीणों के विरोध के बाद प्रशासन को मौके पर पहुंचकर हस्तक्षेप करना पड़ा। अधिकारियों का कहना है कि सड़क निर्माण में पूरी पारदर्शिता बरती जाएगी और कार्य राजस्व अभिलेखों के अनुरूप ही कराया जाएगा। ताकि भविष्य में कोई समस्या उत्पन्न ना हो
शौचालय का ताला खुलवाए जाने की जिला प्रशासन से मांग की

फर्रुखाबाद। पांचाल घाट पर मेला रामनगरिया द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सामुदायिक शौचालय का निर्माण कराया था लेकिन इस समय शौचालय बंद रहने से दूर जरा से गंगाजल लेने आने वाले कांवरियो को काफी मुसीबतो का सामना करना पड़ रहा है । कांवरियों का कहना है कि इन दोनों शौचालय की जरूरत होती है और ताला लटकने से काफी दिक्कत है सामने आ रही है उन्होंने शौचालय का ताला खुलवाए जाने की जिला प्रशासन से मांग की है।
हर हर महादेव के जयकारों के साथ बच्चा स्वामी की तीसरी कावड़ यात्रा धूम धाम से पांडेश्वर नाथ मंदिर पहुंची
कांवरियों ने बाबा पांडेश्वर नाथ का किया जलाभिषेक

फर्रुखाबाद। श्री श्री श्री 108 बच्चा स्वामी की तीसरी कावड़ यात्रा नगर के मुख्य मार्गो से होती हुई पांडेश्वर नाथ मंदिर पहुंची जहां सैकड़ो कांवरियों ने अप ने आराध्य बाबा भोलेनाथ का जलाभिषेक किया। कांवरियों के पहुंचते ही बम बम भोले के नारों से मंदिर गूंज उठा। प्रशासन की व्यवस्था दुरुस्त होने के कारण सभी को जलाभिषेक करने का आसानी से अवसर मिला और कांवरियों ने अपने में आराध्य को जल चढ़ाया।
कटर छीनने पर छात्र को बनाया मुर्गा, बेहोश होकर गिरा, शिकायत करने पर पिता से प्रधानाचार्य ने की मारपीट

जिलाधिकारी को पिता ने स्कूल के खिलाफ कार्रवाई करने के संबंध दिया पत्र


फर्रुखाबाद। नबावगंज थाना क्षेत्र में स्थित आदर्श पब्लिक स्कूल फतनपुर में कक्षा एक के छात्र को शिक्षक ने कटर छीनने वाले छात्र को सजा न देकर किशोर छात्र को क्लाश रुम में कई घंटे तक मुर्गा बनाकर रखने पर किशोर छात्र बेहोश होकर कक्षा में गिर गया तो शिक्षक ने उसे तत्काल घर भेज दिया। घर पहुंचते ही छात्र ने उसके साथ हुई घटना से पिता को बताया तो पहले उसे दवा दिलाई और दूसरे दिन शिकायत करने स्कूल गए तो प्रधानाचार्य ने शिकायत को सुनने से साफ इंकार कर दिया बल्कि उनके साथ मारपीट करने लगे। पीड़ित पिता ने सोमवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधिकारी डॉ अंकुर लाठर को स्कूल प्रधानाचार्य और शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई करने के संबंध में प्रार्थना पत्र दिया है। जिला अधिकारी ने पीड़ित को कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
महिला आयोग उपाध्यक्ष ने  पीएमश्री की बालिकाओ से किया संवाद, आत्मसुरक्षा की दी जानकारी

फर्रुखाबाद l पीएम श्री बालिका विद्यालय की छात्राओं के साथ महिला आयोग की उपाध्यक्ष ने कॉलेज में पहुंचकर छात्राओं से सीधे संवाद किया और उन्हें महिला मिशन शक्ति की हेल्पलाइन के साथ ही साथ आत्म सुरक्षा करने के संबंध में उन्हें जानकारियां दी उन्होंने कहा कि महिला आयोग सदैव उनके साथ है और संपर्क करने पर आयोग पूरा सहयोग करेगा बिना किसी दबाव के सीधे बात करें उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री महिला मिशन शक्ति पर सबसे ज्यादा ध्यान दे रहे हैं वह चाहते हैं कि बेटियां सुरक्षित रहकर अपने मुकाम तक आसानी से पहुंच सके।
राजेपुर: बदहाली की कगार पर केवल नगला का पंचायत घर, ताला लटका मिला

ग्रामीणों का आरोप— 'निजी काम में लाया जा रहा सरकारी सामान'

राजेपुर विकासखंड क्षेत्र के गांव नगला केवल का सरकार भले ही गांवों को डिजिटल बनाने और पंचायत सचिवालयों के जरिए ग्रामीणों को गांव में ही सभी सुविधाएं देने के बड़े-बड़े दावे कर रही हो, लेकिन विकासखंड क्षेत्र राजेपुर के ग्राम केवल नगला से आई तस्वीर इन दावों की पोल खोलती नजर आ रही है। यहां स्थित पंचायत घर लंबे समय से ताले में बंद है और देख-रेख के अभाव में पूरी तरह जर्जर स्थिति में पहुंच चुका है।
जर्जर इमारत और बंद ताला
तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि पंचायत भवन का ढांचा जर्जर हो चुका है। दीवारों से प्लास्टर उखड़ रहा है, बाउंड्री वॉल पूरी तरह क्षतिग्रस्त है और चारों तरफ झाड़ियां व घास उगी हुई हैं। मुख्य गेट पर ताला लटक रहा है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यहां ग्रामीणों के लिए कोई जनसुविधा उपलब्ध नहीं हो पा रही है।
ग्रामीणों ने बोला हमला, लगाए गंभीर आरोप
पंचायत भवन की बदहाली और सुविधाओं के न मिलने से नाराज ग्रामीणों ने पंचायत घर के बाहर एकत्र होकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।
विरोध प्रदर्शन करने वालों में संतोष सिंह, सुभाष चंद्र पांडे, जसवंत, राजीव, विमल पांडे (उर्फ मुखिया), विनोद सिंह, हनी सिंह और कमलेश समेत बड़ी संख्या में ग्रामवासी मौजूद रहे।
ग्रामीणों के मुख्य आरोप:
सरकारी संपत्ति का निजी इस्तेमाल: ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत भवन के लिए आए सरकारी इनवर्टर, बैटरी सोलर पैनल और कंप्यूटर को ग्राम प्रधान अपने निजी उपयोग में ले रहे हैं।
सुविधाओं से वंचना: पंचायत घर में ताला लटके रहने के कारण ग्रामीणों को आय, जाति, निवास व अन्य डिजिटल सुविधाओं के लिए तहसील व ब्लॉक के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
भवन की उपेक्षा: पंचायत भवन की मरम्मत और रखरखाव पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा, जिससे लाखों की लागत से बनी सरकारी इमारत खंडहर में तब्दील हो रही है।
क्या कहते हैं जिम्मेदार?
ग्राम प्रधान (अखिलेश):
जब इस पूरे मामले और आरोपों पर ग्राम प्रधान अखिलेश से उनका पक्ष जानने के लिए बात की गई, तो उन्होंने ग्रामीणों द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि— "लगाए गए सभी आरोप पूरी तरह निराधार और बेबुनियाद हैं।"
पंचायत सचिव (राजीव सुमन):
वहीं दूसरी ओर प्रशासनिक जिम्मेदारी संभाल रहे पंचायत सचिव राजीव सुमन से जब इस बाबत सवाल किया गया, तो उन्होंने मामले से पूरी तरह अनभिज्ञता जताई। उन्होंने कहा कि— "उन्हें इस मामले की फिलहाल कोई जानकारी नहीं है।"
उठते बड़े सवाल और ग्रामीणों की मांग
एक तरफ ग्रामीण भ्रष्टाचार और लापरवाही के गंभीर आरोप लगा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ जिम्मेदार अधिकारियों का 'अनभिज्ञ' होना प्रशासनिक ढिलाई की ओर इशारा करता है।
ग्रामीणों ने उच्चाधिकारियों व जिला प्रशासन से मांग की है कि:
पंचायत भवन में मौजूद सरकारी सामग्री (कंप्यूटर, इनवर्टर सोलर पैनल आदि) की तत्काल जांच कराई जाए।
पंचायत घर की मरम्मत कराकर इसे नियमित रूप से खुलवाया जाए ताकि ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके।
एफआरयू में ब्लड स्टोरेज यूनिट स्थापित होने से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगी नई मजबूती
फर्रुखाबाद।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आनंद उपाध्याय ने जनपद में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से फर्स्ट रेफरल यूनिट की व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी एफआरयू पर ब्लड स्टोरेज यूनिट की स्थापना एवं संचालन की प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रसव के दौरान अत्यधिक रक्तस्राव सहित अन्य आपातकालीन परिस्थितियों में समय पर सुरक्षित रक्त की उपलब्धता मातृ मृत्यु दर में कमी लाने का महत्वपूर्ण माध्यम है।
सीएमओ ने कहा कि ब्लड स्टोरेज यूनिट स्थापित होने से जनपद के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर ही आपातकालीन परिस्थितियों में रक्त उपलब्ध कराया जा सकेगा, जिससे गंभीर मरीजों एवं गर्भवती महिलाओं को उपचार के लिए अनावश्यक रूप से जिला अस्पताल रेफर करने की आवश्यकता कम होगी। इससे उपचार की गति बढ़ेगी और मरीजों को समय रहते जीवनरक्षक सेवाएं मिल सकेंगी।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग केवल ब्लड स्टोरेज यूनिट स्थापित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि स्वैच्छिक रक्तदान को भी निरंतर प्रोत्साहित किया जा रहा है। जनपद में समय-समय पर स्वैच्छिक रक्तदान शिविर आयोजित कर अधिकाधिक रक्त संग्रहित किया जा रहा है, जिससे आवश्यकता पड़ने पर किसी भी मरीज को समय पर सुरक्षित रक्त उपलब्ध कराया जा सके। उन्होंने सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवी संस्थाओं एवं युवाओं से भी नियमित रूप से रक्तदान करने की अपील की।
डॉ. आनंद उपाध्याय ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि ब्लड स्टोरेज यूनिट के संचालन के लिए आवश्यक उपकरण, प्रशिक्षित मानव संसाधन, कोल्ड चेन व्यवस्था एवं गुणवत्ता मानकों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही ब्लड बैंक एवं एफआरयू के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए, जिससे रक्त की उपलब्धता एवं आपूर्ति निर्बाध बनी रहे।
उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप जनपद में सुरक्षित मातृत्व एवं आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक मजबूत बनाया जा रहा है। ब्लड स्टोरेज यूनिट और स्वैच्छिक रक्तदान अभियान के प्रभावी संचालन से जनपद के मरीजों को समय पर बेहतर उपचार उपलब्ध होगा तथा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में उल्लेखनीय सुधार आएगा।