जटपुरा-करनपुरदत्त मार्ग पर फिर बवाल: ट्रैक्टरों के आगे बैठे ग्रामीण, प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद शुरू हुआ निर्माण
अभिलेखों के अनुसार 3 मीटर चौड़ी बनेगी सड़क, वार्ता के बाद खत्म हुआ गतिरोध

अमृतपुर (फर्रुखाबाद)। जटपुरा-करनपुरदत्त संपर्क मार्ग का निर्माण सोमवार को एक बार फिर विवादों में घिर गया। सड़क निर्माण के लिए मिट्टी लेकर पहुंची लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को ग्रामीणों ने बीच रास्ते में रोक दिया और ट्रैक्टरों के आगे बैठकर निर्माण कार्य ठप कर दिया। कई घंटे तक चले गतिरोध के बाद प्रशासन के हस्तक्षेप से मामला शांत हुआ और निर्माण कार्य दोबारा शुरू कराया गया।

ग्रामीणों का कहना था कि सड़क निर्माण राजस्व अभिलेखों एवं स्वीकृत मानकों के अनुरूप ही होना चाहिए। उनका आरोप था कि यदि सड़क का निर्माण निर्धारित चौड़ाई और सरकारी अभिलेखों के अनुसार नहीं किया गया तो भविष्य में विवाद और बढ़ सकता है। इसी मांग को लेकर ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।

स्थिति बिगड़ती देख पीडब्ल्यूडी के जूनियर इंजीनियर अंकित कुमार ने अमृतपुर थाना पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी दर्शन सिंह सोलंकी एवं चौकी प्रभारी राहुल कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया।

घटना की जानकारी मिलते ही उपजिलाधिकारी श्वेता साहू ने तत्काल नायब तहसीलदार अभिषेक कुमार को मौके पर भेजा। नायब तहसीलदार ने ग्रामीणों और विभागीय अधिकारियों के साथ विस्तृत वार्ता की। बातचीत के बाद इस बात पर सहमति बनी कि सड़क का निर्माण राजस्व अभिलेखों के अनुसार 3 मीटर चौड़ाई में कराया जाएगा तथा कार्य पूरी तरह स्वीकृत मानकों के अनुरूप होगा।

सहमति बनने के बाद ग्रामीणों ने अपना विरोध समाप्त कर दिया और पीडब्ल्यूडी ने पुनः मिट्टी डालने का कार्य शुरू करा दिया।

नायब तहसीलदार अभिषेक कुमार ने स्पष्ट किया कि सड़क निर्माण पूरी तरह सरकारी अभिलेखों एवं स्वीकृत मानकों के अनुसार कराया जाएगा। किसी भी प्रकार की अनियमितता या नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
ग्रामीणों के विरोध के बाद प्रशासन को मौके पर पहुंचकर हस्तक्षेप करना पड़ा। अधिकारियों का कहना है कि सड़क निर्माण में पूरी पारदर्शिता बरती जाएगी और कार्य राजस्व अभिलेखों के अनुरूप ही कराया जाएगा। ताकि भविष्य में कोई समस्या उत्पन्न ना हो
शौचालय का ताला खुलवाए जाने की जिला प्रशासन से मांग की

फर्रुखाबाद। पांचाल घाट पर मेला रामनगरिया द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सामुदायिक शौचालय का निर्माण कराया था लेकिन इस समय शौचालय बंद रहने से दूर जरा से गंगाजल लेने आने वाले कांवरियो को काफी मुसीबतो का सामना करना पड़ रहा है । कांवरियों का कहना है कि इन दोनों शौचालय की जरूरत होती है और ताला लटकने से काफी दिक्कत है सामने आ रही है उन्होंने शौचालय का ताला खुलवाए जाने की जिला प्रशासन से मांग की है।
हर हर महादेव के जयकारों के साथ बच्चा स्वामी की तीसरी कावड़ यात्रा धूम धाम से पांडेश्वर नाथ मंदिर पहुंची
कांवरियों ने बाबा पांडेश्वर नाथ का किया जलाभिषेक

फर्रुखाबाद। श्री श्री श्री 108 बच्चा स्वामी की तीसरी कावड़ यात्रा नगर के मुख्य मार्गो से होती हुई पांडेश्वर नाथ मंदिर पहुंची जहां सैकड़ो कांवरियों ने अप ने आराध्य बाबा भोलेनाथ का जलाभिषेक किया। कांवरियों के पहुंचते ही बम बम भोले के नारों से मंदिर गूंज उठा। प्रशासन की व्यवस्था दुरुस्त होने के कारण सभी को जलाभिषेक करने का आसानी से अवसर मिला और कांवरियों ने अपने में आराध्य को जल चढ़ाया।
कटर छीनने पर छात्र को बनाया मुर्गा, बेहोश होकर गिरा, शिकायत करने पर पिता से प्रधानाचार्य ने की मारपीट

जिलाधिकारी को पिता ने स्कूल के खिलाफ कार्रवाई करने के संबंध दिया पत्र


फर्रुखाबाद। नबावगंज थाना क्षेत्र में स्थित आदर्श पब्लिक स्कूल फतनपुर में कक्षा एक के छात्र को शिक्षक ने कटर छीनने वाले छात्र को सजा न देकर किशोर छात्र को क्लाश रुम में कई घंटे तक मुर्गा बनाकर रखने पर किशोर छात्र बेहोश होकर कक्षा में गिर गया तो शिक्षक ने उसे तत्काल घर भेज दिया। घर पहुंचते ही छात्र ने उसके साथ हुई घटना से पिता को बताया तो पहले उसे दवा दिलाई और दूसरे दिन शिकायत करने स्कूल गए तो प्रधानाचार्य ने शिकायत को सुनने से साफ इंकार कर दिया बल्कि उनके साथ मारपीट करने लगे। पीड़ित पिता ने सोमवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधिकारी डॉ अंकुर लाठर को स्कूल प्रधानाचार्य और शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई करने के संबंध में प्रार्थना पत्र दिया है। जिला अधिकारी ने पीड़ित को कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
महिला आयोग उपाध्यक्ष ने  पीएमश्री की बालिकाओ से किया संवाद, आत्मसुरक्षा की दी जानकारी

फर्रुखाबाद l पीएम श्री बालिका विद्यालय की छात्राओं के साथ महिला आयोग की उपाध्यक्ष ने कॉलेज में पहुंचकर छात्राओं से सीधे संवाद किया और उन्हें महिला मिशन शक्ति की हेल्पलाइन के साथ ही साथ आत्म सुरक्षा करने के संबंध में उन्हें जानकारियां दी उन्होंने कहा कि महिला आयोग सदैव उनके साथ है और संपर्क करने पर आयोग पूरा सहयोग करेगा बिना किसी दबाव के सीधे बात करें उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री महिला मिशन शक्ति पर सबसे ज्यादा ध्यान दे रहे हैं वह चाहते हैं कि बेटियां सुरक्षित रहकर अपने मुकाम तक आसानी से पहुंच सके।
राजेपुर: बदहाली की कगार पर केवल नगला का पंचायत घर, ताला लटका मिला

ग्रामीणों का आरोप— 'निजी काम में लाया जा रहा सरकारी सामान'

राजेपुर विकासखंड क्षेत्र के गांव नगला केवल का सरकार भले ही गांवों को डिजिटल बनाने और पंचायत सचिवालयों के जरिए ग्रामीणों को गांव में ही सभी सुविधाएं देने के बड़े-बड़े दावे कर रही हो, लेकिन विकासखंड क्षेत्र राजेपुर के ग्राम केवल नगला से आई तस्वीर इन दावों की पोल खोलती नजर आ रही है। यहां स्थित पंचायत घर लंबे समय से ताले में बंद है और देख-रेख के अभाव में पूरी तरह जर्जर स्थिति में पहुंच चुका है।
जर्जर इमारत और बंद ताला
तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि पंचायत भवन का ढांचा जर्जर हो चुका है। दीवारों से प्लास्टर उखड़ रहा है, बाउंड्री वॉल पूरी तरह क्षतिग्रस्त है और चारों तरफ झाड़ियां व घास उगी हुई हैं। मुख्य गेट पर ताला लटक रहा है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यहां ग्रामीणों के लिए कोई जनसुविधा उपलब्ध नहीं हो पा रही है।
ग्रामीणों ने बोला हमला, लगाए गंभीर आरोप
पंचायत भवन की बदहाली और सुविधाओं के न मिलने से नाराज ग्रामीणों ने पंचायत घर के बाहर एकत्र होकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।
विरोध प्रदर्शन करने वालों में संतोष सिंह, सुभाष चंद्र पांडे, जसवंत, राजीव, विमल पांडे (उर्फ मुखिया), विनोद सिंह, हनी सिंह और कमलेश समेत बड़ी संख्या में ग्रामवासी मौजूद रहे।
ग्रामीणों के मुख्य आरोप:
सरकारी संपत्ति का निजी इस्तेमाल: ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत भवन के लिए आए सरकारी इनवर्टर, बैटरी सोलर पैनल और कंप्यूटर को ग्राम प्रधान अपने निजी उपयोग में ले रहे हैं।
सुविधाओं से वंचना: पंचायत घर में ताला लटके रहने के कारण ग्रामीणों को आय, जाति, निवास व अन्य डिजिटल सुविधाओं के लिए तहसील व ब्लॉक के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
भवन की उपेक्षा: पंचायत भवन की मरम्मत और रखरखाव पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा, जिससे लाखों की लागत से बनी सरकारी इमारत खंडहर में तब्दील हो रही है।
क्या कहते हैं जिम्मेदार?
ग्राम प्रधान (अखिलेश):
जब इस पूरे मामले और आरोपों पर ग्राम प्रधान अखिलेश से उनका पक्ष जानने के लिए बात की गई, तो उन्होंने ग्रामीणों द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि— "लगाए गए सभी आरोप पूरी तरह निराधार और बेबुनियाद हैं।"
पंचायत सचिव (राजीव सुमन):
वहीं दूसरी ओर प्रशासनिक जिम्मेदारी संभाल रहे पंचायत सचिव राजीव सुमन से जब इस बाबत सवाल किया गया, तो उन्होंने मामले से पूरी तरह अनभिज्ञता जताई। उन्होंने कहा कि— "उन्हें इस मामले की फिलहाल कोई जानकारी नहीं है।"
उठते बड़े सवाल और ग्रामीणों की मांग
एक तरफ ग्रामीण भ्रष्टाचार और लापरवाही के गंभीर आरोप लगा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ जिम्मेदार अधिकारियों का 'अनभिज्ञ' होना प्रशासनिक ढिलाई की ओर इशारा करता है।
ग्रामीणों ने उच्चाधिकारियों व जिला प्रशासन से मांग की है कि:
पंचायत भवन में मौजूद सरकारी सामग्री (कंप्यूटर, इनवर्टर सोलर पैनल आदि) की तत्काल जांच कराई जाए।
पंचायत घर की मरम्मत कराकर इसे नियमित रूप से खुलवाया जाए ताकि ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके।
एफआरयू में ब्लड स्टोरेज यूनिट स्थापित होने से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगी नई मजबूती
फर्रुखाबाद।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आनंद उपाध्याय ने जनपद में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से फर्स्ट रेफरल यूनिट की व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी एफआरयू पर ब्लड स्टोरेज यूनिट की स्थापना एवं संचालन की प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रसव के दौरान अत्यधिक रक्तस्राव सहित अन्य आपातकालीन परिस्थितियों में समय पर सुरक्षित रक्त की उपलब्धता मातृ मृत्यु दर में कमी लाने का महत्वपूर्ण माध्यम है।
सीएमओ ने कहा कि ब्लड स्टोरेज यूनिट स्थापित होने से जनपद के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर ही आपातकालीन परिस्थितियों में रक्त उपलब्ध कराया जा सकेगा, जिससे गंभीर मरीजों एवं गर्भवती महिलाओं को उपचार के लिए अनावश्यक रूप से जिला अस्पताल रेफर करने की आवश्यकता कम होगी। इससे उपचार की गति बढ़ेगी और मरीजों को समय रहते जीवनरक्षक सेवाएं मिल सकेंगी।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग केवल ब्लड स्टोरेज यूनिट स्थापित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि स्वैच्छिक रक्तदान को भी निरंतर प्रोत्साहित किया जा रहा है। जनपद में समय-समय पर स्वैच्छिक रक्तदान शिविर आयोजित कर अधिकाधिक रक्त संग्रहित किया जा रहा है, जिससे आवश्यकता पड़ने पर किसी भी मरीज को समय पर सुरक्षित रक्त उपलब्ध कराया जा सके। उन्होंने सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवी संस्थाओं एवं युवाओं से भी नियमित रूप से रक्तदान करने की अपील की।
डॉ. आनंद उपाध्याय ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि ब्लड स्टोरेज यूनिट के संचालन के लिए आवश्यक उपकरण, प्रशिक्षित मानव संसाधन, कोल्ड चेन व्यवस्था एवं गुणवत्ता मानकों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही ब्लड बैंक एवं एफआरयू के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए, जिससे रक्त की उपलब्धता एवं आपूर्ति निर्बाध बनी रहे।
उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप जनपद में सुरक्षित मातृत्व एवं आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक मजबूत बनाया जा रहा है। ब्लड स्टोरेज यूनिट और स्वैच्छिक रक्तदान अभियान के प्रभावी संचालन से जनपद के मरीजों को समय पर बेहतर उपचार उपलब्ध होगा तथा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में उल्लेखनीय सुधार आएगा।
एफआरयू में ब्लड स्टोरेज यूनिट स्थापित होने से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगी नई मजबूती
फर्रुखाबाद।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आनंद उपाध्याय ने जनपद में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से फर्स्ट रेफरल यूनिट की व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी एफआरयू पर ब्लड स्टोरेज यूनिट की स्थापना एवं संचालन की प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रसव के दौरान अत्यधिक रक्तस्राव सहित अन्य आपातकालीन परिस्थितियों में समय पर सुरक्षित रक्त की उपलब्धता मातृ मृत्यु दर में कमी लाने का महत्वपूर्ण माध्यम है।
सीएमओ ने कहा कि ब्लड स्टोरेज यूनिट स्थापित होने से जनपद के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर ही आपातकालीन परिस्थितियों में रक्त उपलब्ध कराया जा सकेगा, जिससे गंभीर मरीजों एवं गर्भवती महिलाओं को उपचार के लिए अनावश्यक रूप से जिला अस्पताल रेफर करने की आवश्यकता कम होगी। इससे उपचार की गति बढ़ेगी और मरीजों को समय रहते जीवनरक्षक सेवाएं मिल सकेंगी।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग केवल ब्लड स्टोरेज यूनिट स्थापित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि स्वैच्छिक रक्तदान को भी निरंतर प्रोत्साहित किया जा रहा है। जनपद में समय-समय पर स्वैच्छिक रक्तदान शिविर आयोजित कर अधिकाधिक रक्त संग्रहित किया जा रहा है, जिससे आवश्यकता पड़ने पर किसी भी मरीज को समय पर सुरक्षित रक्त उपलब्ध कराया जा सके। उन्होंने सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवी संस्थाओं एवं युवाओं से भी नियमित रूप से रक्तदान करने की अपील की।
डॉ. आनंद उपाध्याय ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि ब्लड स्टोरेज यूनिट के संचालन के लिए आवश्यक उपकरण, प्रशिक्षित मानव संसाधन, कोल्ड चेन व्यवस्था एवं गुणवत्ता मानकों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही ब्लड बैंक एवं एफआरयू के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए, जिससे रक्त की उपलब्धता एवं आपूर्ति निर्बाध बनी रहे।
उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप जनपद में सुरक्षित मातृत्व एवं आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक मजबूत बनाया जा रहा है। ब्लड स्टोरेज यूनिट और स्वैच्छिक रक्तदान अभियान के प्रभावी संचालन से जनपद के मरीजों को समय पर बेहतर उपचार उपलब्ध होगा तथा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में उल्लेखनीय सुधार आएगा।
सरकारी अस्पतालों में मरीजों को उपलब्ध कराई जाएं सभी आवश्यक दवाएं, बाहर की दवा लिखने पर होगी सख्त कार्रवाई
फर्रुखाबाद l
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आनंद उपाध्याय ने जनपद के समस्त सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में दवा उपलब्धता एवं वितरण व्यवस्था की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों एवं चिकित्सकों को निर्देश दिए कि अस्पतालों में उपचार के लिए आने वाले मरीजों को निर्धारित सूची के अनुसार आवश्यक दवाएं अस्पताल से ही उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि मरीजों को अनावश्यक रूप से बाहर की दवाएं लिखने अथवा खरीदने के लिए बाध्य करना किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
सीएमओ ने कहा कि शासन द्वारा सरकारी चिकित्सालयों में आवश्यक एवं जीवनरक्षक दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित कराई जा रही है। ऐसे में प्रत्येक प्रभारी चिकित्सा अधिकारी नियमित रूप से दवा स्टॉक की समीक्षा करें तथा किसी भी दवा की कमी होने पर समय रहते उसकी मांग भेजकर उपलब्धता सुनिश्चित करें। मरीजों को उपचार के दौरान दवाओं के अभाव का सामना नहीं करना चाहिए।
डॉ. आनंद उपाध्याय ने निर्देश दिए कि अस्पतालों में दवा वितरण व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी एवं व्यवस्थित रखी जाए। चिकित्सक केवल आवश्यकता के अनुरूप ही दवाएं लिखें तथा उपलब्ध सरकारी दवाओं को प्राथमिकता दें। यदि किसी विशेष परिस्थिति में अस्पताल में दवा उपलब्ध न हो तो उसका स्पष्ट अभिलेखीकरण किया जाए और उसकी तत्काल व्यवस्था कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाए।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया कि अस्पतालों के औषधि भंडार, दवा वितरण कक्ष एवं स्टॉक रजिस्टर का नियमित निरीक्षण किया जाए। दवा वितरण में किसी प्रकार की अनियमितता, लापरवाही अथवा शिकायत प्राप्त होने पर तत्काल जांच कर संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
सीएमओ ने कहा कि जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं का उद्देश्य केवल उपचार प्रदान करना नहीं, बल्कि मरीजों का आर्थिक बोझ कम करना भी है। सरकारी चिकित्सालयों में निःशुल्क दवा, जांच एवं उपचार की व्यवस्था का लाभ प्रत्येक पात्र मरीज तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने सभी चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों से अपेक्षा की कि मरीजों के प्रति संवेदनशील व्यवहार अपनाते हुए शासन की मंशा के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण, सुलभ एवं भरोसेमंद स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराएं।
ई कवच पोर्टेल 104 पर गर्भवती महिलाओं की जानकारी दे

फर्रुखाबाद।
ई-कवच पोर्टल पर गर्भवती महिलाओं की प्रत्येक जानकारी समय से अपडेट करें, मातृ स्वास्थ्य सेवाओं की नियमित होगी निगरानी
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आनंद उपाध्याय ने जनपद में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से संबंधित अधिकारियों, प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों, एएनएम एवं आशा कार्यकर्ताओं को निर्देशित किया है कि ई-कवच पोर्टल पर गर्भवती महिलाओं से संबंधित प्रत्येक सूचना का समयबद्ध, शत-प्रतिशत एवं त्रुटिरहित अंकन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि पोर्टल पर दर्ज गुणवत्तापूर्ण डाटा के आधार पर ही गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य सेवाओं की प्रभावी मॉनिटरिंग एवं समय पर आवश्यक हस्तक्षेप संभव हो पाता है।
सीएमओ ने कहा कि ई-कवच पोर्टल के माध्यम से योग्य दम्पतियों की पहचान, गर्भवती महिलाओं का शीघ्र पंजीकरण, प्रसव पूर्व जांच , उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था  की पहचान, सुरक्षित संस्थागत प्रसव, प्रसव परिणाम, मातृ मृत्यु तथा प्रसवोत्तर देखभाल से संबंधित सभी सूचनाएं दर्ज की जाती हैं। इसलिए किसी भी स्तर पर डाटा अधूरा अथवा त्रुटिपूर्ण नहीं होना चाहिए।
डॉ. आनंद उपाध्याय ने निर्देश दिए कि प्रत्येक गर्भवती महिला का प्रथम तिमाही में पंजीकरण सुनिश्चित किया जाए तथा निर्धारित समय पर सभी प्रसव पूर्व जांच कराई जाएं। जिन महिलाओं में उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था के लक्षण पाए जाएं, उन्हें तत्काल चिन्हित कर विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श, आवश्यक उपचार एवं समयबद्ध रेफरल उपलब्ध कराया जाए। ऐसे सभी मामलों का नियमित फॉलोअप भी सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने कहा कि जीवित जन्म, मृत जन्म, गर्भपात, मातृ मृत्यु एवं अन्य प्रसव परिणामों से संबंधित सूचनाएं निर्धारित समय सीमा के भीतर ई-कवच पोर्टल पर अपडेट की जाएं। संबंधित अधिकारी समय-समय पर पोर्टल पर दर्ज डाटा का सत्यापन करें, जिससे शासन स्तर पर होने वाली समीक्षा में जनपद की वास्तविक एवं गुणवत्तापूर्ण प्रगति परिलक्षित हो सके।
104 कॉल सेंटर से प्राप्त कॉल का करें सत्यापन में सहयोग
सीएमओ ने बताया कि राज्य स्तर से 104 स्वास्थ्य हेल्पलाइन के माध्यम से गर्भवती महिलाओं को उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं का समय-समय पर सत्यापन किया जाता है। उन्होंने एएनएम, आशा एवं अन्य स्वास्थ्य कर्मियों को निर्देशित किया कि वे गर्भवती महिलाओं को पहले से जागरूक करें कि 104 हेल्पलाइन से आने वाली कॉल अवश्य रिसीव करें तथा सही जानकारी उपलब्ध कराएं। यदि किसी लाभार्थी को स्वास्थ्य सेवाओं से संबंधित कोई समस्या हो तो उसका तत्काल समाधान सुनिश्चित किया जाए।
जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में  नियमित समीक्षा होगी।
डॉ. आनंद उपाध्याय ने निर्देश दिए कि ई-कवच पोर्टल पर पंजीकरण, एएनसी, उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था, प्रसव परिणाम, मातृ मृत्यु एवं प्रसवोत्तर सेवाओं की प्रगति की प्रत्येक माह जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में विस्तार से समीक्षा की जाए। जहां भी कमियां पाई जाएं, उन्हें तत्काल दूर करते हुए संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए।
उन्होंने कहा कि सुरक्षित मातृत्व प्रत्येक महिला का अधिकार है। स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य केवल शत-प्रतिशत पंजीकरण नहीं, बल्कि प्रत्येक गर्भवती महिला को समय पर गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। ई-कवच पोर्टल पर सही एवं समयबद्ध डाटा, नियमित फील्ड मॉनिटरिंग तथा 104 हेल्पलाइन के माध्यम से होने वाला सत्यापन मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।