एफआरयू में ब्लड स्टोरेज यूनिट स्थापित होने से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगी नई मजबूती
फर्रुखाबाद।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आनंद उपाध्याय ने जनपद में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से फर्स्ट रेफरल यूनिट की व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी एफआरयू पर ब्लड स्टोरेज यूनिट की स्थापना एवं संचालन की प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रसव के दौरान अत्यधिक रक्तस्राव सहित अन्य आपातकालीन परिस्थितियों में समय पर सुरक्षित रक्त की उपलब्धता मातृ मृत्यु दर में कमी लाने का महत्वपूर्ण माध्यम है।
सीएमओ ने कहा कि ब्लड स्टोरेज यूनिट स्थापित होने से जनपद के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर ही आपातकालीन परिस्थितियों में रक्त उपलब्ध कराया जा सकेगा, जिससे गंभीर मरीजों एवं गर्भवती महिलाओं को उपचार के लिए अनावश्यक रूप से जिला अस्पताल रेफर करने की आवश्यकता कम होगी। इससे उपचार की गति बढ़ेगी और मरीजों को समय रहते जीवनरक्षक सेवाएं मिल सकेंगी।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग केवल ब्लड स्टोरेज यूनिट स्थापित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि स्वैच्छिक रक्तदान को भी निरंतर प्रोत्साहित किया जा रहा है। जनपद में समय-समय पर स्वैच्छिक रक्तदान शिविर आयोजित कर अधिकाधिक रक्त संग्रहित किया जा रहा है, जिससे आवश्यकता पड़ने पर किसी भी मरीज को समय पर सुरक्षित रक्त उपलब्ध कराया जा सके। उन्होंने सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवी संस्थाओं एवं युवाओं से भी नियमित रूप से रक्तदान करने की अपील की।
डॉ. आनंद उपाध्याय ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि ब्लड स्टोरेज यूनिट के संचालन के लिए आवश्यक उपकरण, प्रशिक्षित मानव संसाधन, कोल्ड चेन व्यवस्था एवं गुणवत्ता मानकों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही ब्लड बैंक एवं एफआरयू के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए, जिससे रक्त की उपलब्धता एवं आपूर्ति निर्बाध बनी रहे।
उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप जनपद में सुरक्षित मातृत्व एवं आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक मजबूत बनाया जा रहा है। ब्लड स्टोरेज यूनिट और स्वैच्छिक रक्तदान अभियान के प्रभावी संचालन से जनपद के मरीजों को समय पर बेहतर उपचार उपलब्ध होगा तथा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में उल्लेखनीय सुधार आएगा।
एफआरयू में ब्लड स्टोरेज यूनिट स्थापित होने से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगी नई मजबूती
फर्रुखाबाद।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आनंद उपाध्याय ने जनपद में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से फर्स्ट रेफरल यूनिट की व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी एफआरयू पर ब्लड स्टोरेज यूनिट की स्थापना एवं संचालन की प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रसव के दौरान अत्यधिक रक्तस्राव सहित अन्य आपातकालीन परिस्थितियों में समय पर सुरक्षित रक्त की उपलब्धता मातृ मृत्यु दर में कमी लाने का महत्वपूर्ण माध्यम है।
सीएमओ ने कहा कि ब्लड स्टोरेज यूनिट स्थापित होने से जनपद के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर ही आपातकालीन परिस्थितियों में रक्त उपलब्ध कराया जा सकेगा, जिससे गंभीर मरीजों एवं गर्भवती महिलाओं को उपचार के लिए अनावश्यक रूप से जिला अस्पताल रेफर करने की आवश्यकता कम होगी। इससे उपचार की गति बढ़ेगी और मरीजों को समय रहते जीवनरक्षक सेवाएं मिल सकेंगी।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग केवल ब्लड स्टोरेज यूनिट स्थापित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि स्वैच्छिक रक्तदान को भी निरंतर प्रोत्साहित किया जा रहा है। जनपद में समय-समय पर स्वैच्छिक रक्तदान शिविर आयोजित कर अधिकाधिक रक्त संग्रहित किया जा रहा है, जिससे आवश्यकता पड़ने पर किसी भी मरीज को समय पर सुरक्षित रक्त उपलब्ध कराया जा सके। उन्होंने सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवी संस्थाओं एवं युवाओं से भी नियमित रूप से रक्तदान करने की अपील की।
डॉ. आनंद उपाध्याय ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि ब्लड स्टोरेज यूनिट के संचालन के लिए आवश्यक उपकरण, प्रशिक्षित मानव संसाधन, कोल्ड चेन व्यवस्था एवं गुणवत्ता मानकों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही ब्लड बैंक एवं एफआरयू के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए, जिससे रक्त की उपलब्धता एवं आपूर्ति निर्बाध बनी रहे।
उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप जनपद में सुरक्षित मातृत्व एवं आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक मजबूत बनाया जा रहा है। ब्लड स्टोरेज यूनिट और स्वैच्छिक रक्तदान अभियान के प्रभावी संचालन से जनपद के मरीजों को समय पर बेहतर उपचार उपलब्ध होगा तथा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में उल्लेखनीय सुधार आएगा।
सरकारी अस्पतालों में मरीजों को उपलब्ध कराई जाएं सभी आवश्यक दवाएं, बाहर की दवा लिखने पर होगी सख्त कार्रवाई
फर्रुखाबाद l
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आनंद उपाध्याय ने जनपद के समस्त सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में दवा उपलब्धता एवं वितरण व्यवस्था की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों एवं चिकित्सकों को निर्देश दिए कि अस्पतालों में उपचार के लिए आने वाले मरीजों को निर्धारित सूची के अनुसार आवश्यक दवाएं अस्पताल से ही उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि मरीजों को अनावश्यक रूप से बाहर की दवाएं लिखने अथवा खरीदने के लिए बाध्य करना किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
सीएमओ ने कहा कि शासन द्वारा सरकारी चिकित्सालयों में आवश्यक एवं जीवनरक्षक दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित कराई जा रही है। ऐसे में प्रत्येक प्रभारी चिकित्सा अधिकारी नियमित रूप से दवा स्टॉक की समीक्षा करें तथा किसी भी दवा की कमी होने पर समय रहते उसकी मांग भेजकर उपलब्धता सुनिश्चित करें। मरीजों को उपचार के दौरान दवाओं के अभाव का सामना नहीं करना चाहिए।
डॉ. आनंद उपाध्याय ने निर्देश दिए कि अस्पतालों में दवा वितरण व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी एवं व्यवस्थित रखी जाए। चिकित्सक केवल आवश्यकता के अनुरूप ही दवाएं लिखें तथा उपलब्ध सरकारी दवाओं को प्राथमिकता दें। यदि किसी विशेष परिस्थिति में अस्पताल में दवा उपलब्ध न हो तो उसका स्पष्ट अभिलेखीकरण किया जाए और उसकी तत्काल व्यवस्था कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाए।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया कि अस्पतालों के औषधि भंडार, दवा वितरण कक्ष एवं स्टॉक रजिस्टर का नियमित निरीक्षण किया जाए। दवा वितरण में किसी प्रकार की अनियमितता, लापरवाही अथवा शिकायत प्राप्त होने पर तत्काल जांच कर संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
सीएमओ ने कहा कि जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं का उद्देश्य केवल उपचार प्रदान करना नहीं, बल्कि मरीजों का आर्थिक बोझ कम करना भी है। सरकारी चिकित्सालयों में निःशुल्क दवा, जांच एवं उपचार की व्यवस्था का लाभ प्रत्येक पात्र मरीज तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने सभी चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों से अपेक्षा की कि मरीजों के प्रति संवेदनशील व्यवहार अपनाते हुए शासन की मंशा के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण, सुलभ एवं भरोसेमंद स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराएं।
ई कवच पोर्टेल 104 पर गर्भवती महिलाओं की जानकारी दे

फर्रुखाबाद।
ई-कवच पोर्टल पर गर्भवती महिलाओं की प्रत्येक जानकारी समय से अपडेट करें, मातृ स्वास्थ्य सेवाओं की नियमित होगी निगरानी
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आनंद उपाध्याय ने जनपद में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से संबंधित अधिकारियों, प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों, एएनएम एवं आशा कार्यकर्ताओं को निर्देशित किया है कि ई-कवच पोर्टल पर गर्भवती महिलाओं से संबंधित प्रत्येक सूचना का समयबद्ध, शत-प्रतिशत एवं त्रुटिरहित अंकन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि पोर्टल पर दर्ज गुणवत्तापूर्ण डाटा के आधार पर ही गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य सेवाओं की प्रभावी मॉनिटरिंग एवं समय पर आवश्यक हस्तक्षेप संभव हो पाता है।
सीएमओ ने कहा कि ई-कवच पोर्टल के माध्यम से योग्य दम्पतियों की पहचान, गर्भवती महिलाओं का शीघ्र पंजीकरण, प्रसव पूर्व जांच , उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था  की पहचान, सुरक्षित संस्थागत प्रसव, प्रसव परिणाम, मातृ मृत्यु तथा प्रसवोत्तर देखभाल से संबंधित सभी सूचनाएं दर्ज की जाती हैं। इसलिए किसी भी स्तर पर डाटा अधूरा अथवा त्रुटिपूर्ण नहीं होना चाहिए।
डॉ. आनंद उपाध्याय ने निर्देश दिए कि प्रत्येक गर्भवती महिला का प्रथम तिमाही में पंजीकरण सुनिश्चित किया जाए तथा निर्धारित समय पर सभी प्रसव पूर्व जांच कराई जाएं। जिन महिलाओं में उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था के लक्षण पाए जाएं, उन्हें तत्काल चिन्हित कर विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श, आवश्यक उपचार एवं समयबद्ध रेफरल उपलब्ध कराया जाए। ऐसे सभी मामलों का नियमित फॉलोअप भी सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने कहा कि जीवित जन्म, मृत जन्म, गर्भपात, मातृ मृत्यु एवं अन्य प्रसव परिणामों से संबंधित सूचनाएं निर्धारित समय सीमा के भीतर ई-कवच पोर्टल पर अपडेट की जाएं। संबंधित अधिकारी समय-समय पर पोर्टल पर दर्ज डाटा का सत्यापन करें, जिससे शासन स्तर पर होने वाली समीक्षा में जनपद की वास्तविक एवं गुणवत्तापूर्ण प्रगति परिलक्षित हो सके।
104 कॉल सेंटर से प्राप्त कॉल का करें सत्यापन में सहयोग
सीएमओ ने बताया कि राज्य स्तर से 104 स्वास्थ्य हेल्पलाइन के माध्यम से गर्भवती महिलाओं को उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं का समय-समय पर सत्यापन किया जाता है। उन्होंने एएनएम, आशा एवं अन्य स्वास्थ्य कर्मियों को निर्देशित किया कि वे गर्भवती महिलाओं को पहले से जागरूक करें कि 104 हेल्पलाइन से आने वाली कॉल अवश्य रिसीव करें तथा सही जानकारी उपलब्ध कराएं। यदि किसी लाभार्थी को स्वास्थ्य सेवाओं से संबंधित कोई समस्या हो तो उसका तत्काल समाधान सुनिश्चित किया जाए।
जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में  नियमित समीक्षा होगी।
डॉ. आनंद उपाध्याय ने निर्देश दिए कि ई-कवच पोर्टल पर पंजीकरण, एएनसी, उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था, प्रसव परिणाम, मातृ मृत्यु एवं प्रसवोत्तर सेवाओं की प्रगति की प्रत्येक माह जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में विस्तार से समीक्षा की जाए। जहां भी कमियां पाई जाएं, उन्हें तत्काल दूर करते हुए संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए।
उन्होंने कहा कि सुरक्षित मातृत्व प्रत्येक महिला का अधिकार है। स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य केवल शत-प्रतिशत पंजीकरण नहीं, बल्कि प्रत्येक गर्भवती महिला को समय पर गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। ई-कवच पोर्टल पर सही एवं समयबद्ध डाटा, नियमित फील्ड मॉनिटरिंग तथा 104 हेल्पलाइन के माध्यम से होने वाला सत्यापन मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
कांवड़ यात्रा के दृष्टिगत पांचाल घाट पर जिलाधिकारी ने व्यवस्थाओं का किया निरीक्षण, अधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देश*

फर्रुखाबाद । शासन के निर्देशानुसार श्रावण मास में आयोजित कांवड़ यात्रा को सकुशल, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने गंगा नदी के पांचाल घाट पर जिला प्रशासन द्वारा की गई व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने घाटों पर सुरक्षा, स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था, बैरिकेडिंग, पेयजल, शौचालय, चिकित्सा सुविधा, कंट्रोल रूम, गोताखोरों एवं जल पुलिस की तैनाती सहित श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु किए गए सभी प्रबंधों का गहन जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न होने पाए तथा सभी व्यवस्थाएं सतत रूप से संचालित रहें।
जिलाधिकारी ने घाटों पर साफ-सफाई की नियमित व्यवस्था सुनिश्चित करने, पर्याप्त संख्या में सफाई कर्मियों की तैनाती, पेयजल की उपलब्धता तथा विद्युत व्यवस्था को निर्बाध बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए तथा संवेदनशील स्थलों पर पुलिस बल एवं गोताखोरों की पर्याप्त तैनाती सुनिश्चित की जाए, साथ ही आपदा की किसी भी स्थिति से निपटने के लिए संबंधित विभाग पूरी तरह सतर्क एवं तैयार रहें।
  उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि यातायात व्यवस्था सुचारु बनाए रखने के लिए निर्धारित डायवर्जन योजना का प्रभावी ढंग से पालन कराया जाए तथा श्रद्धालुओं को आवश्यक जानकारी समय-समय पर उपलब्ध कराई जाए। चिकित्सा टीम, एंबुलेंस एवं अग्निशमन विभाग को भी पूर्ण सतर्कता के साथ तैनात रखने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने कहा कि कांवड़ यात्रा आस्था का महत्वपूर्ण पर्व है और श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं सुविधा जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए शासन की मंशा के अनुरूप यात्रा को शांतिपूर्ण, सुरक्षित एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराएं। निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक आरती सिंह, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व अरुण कुमार सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक गिरीश कुमार सिंह, नगर मजिस्ट्रेट पारुल तरार, उप जिलाधिकारी सदर संजय कुमार, खण्ड विकास अधिकारी बढ़पुर डॉ0 फरहाना खान, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका विनोद कुमार, जिला पंचायत राज अधिकारी अविनाश चंद्र सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।
गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु से ऊपर पहुंचने पर जिलाधिकारी ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों एवं शरणालय स्थलों का किया निरीक्षण

फर्रुखाबाद । नरौरा बैराज से पानी छोड़े जाने के बाद गंगा नदी का जलस्तर चेतावनी बिंदु से ऊपर पहुंचने के दृष्टिगत जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण कर जिला प्रशासन द्वारा की गई तैयारियों का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने ग्राम तीसराम मड़ैया, ग्राम चित्रकूट तथा राजेपुर स्थित महात्मा गांधी इंटर कॉलेज एवं राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में स्थापित शरणालय स्थलों का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों से शरणार्थियों के लिए उपलब्ध कराई जा रही व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी प्राप्त की तथा निर्देश दिए कि किसी भी आपात स्थिति में प्रभावित परिवारों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए।जिलाधिकारी ने शरणालय स्थलों पर पेयजल, विद्युत, शौचालय, साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था, भोजन, चिकित्सा सुविधा, बच्चों एवं महिलाओं के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं तथा पशुओं के चारे की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए राहत एवं बचाव कार्यों के लिए पूर्णतः तैयार रहें तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए उन्होंने बाढ़ प्रभावित कृषि भूमि एवं जलभराव की स्थिति का भी निरीक्षण किया तथा संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रभावित क्षेत्रों की निरंतर निगरानी की जाए। ग्राम स्तर पर तैनात अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सतर्क रहने तथा जलस्तर में किसी भी प्रकार की वृद्धि होने पर तत्काल उच्चाधिकारियों को सूचित करने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद प्रशासन द्वारा संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। राहत सामग्री, नावों, चिकित्सा दलों तथा आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। उन्होंने आमजन से अपील की कि वे प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें, अफवाहों पर ध्यान न दें तथा किसी भी आपात स्थिति में तत्काल प्रशासन को सूचित करें। निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक  आरती सिंह, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व अरुण कुमार सिंह, उपजिलाधिकारी अमृतपुर स्वेता साहू, तहसीलदार शशांक सिंह, खंड विकास अधिकारी राजेपुर सुनील जायसवाल सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
तहसील समाधान दिवस में जिलाधिकारी ने सुनी जनसमस्याएं, गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण के दिए निर्देश*
फर्रुखाबाद । अमृतपुर तहसील के सभा कक्ष में "तहसील समाधान दिवस" का जिलाधिकारी डॉक्टर अंकुर लाठर की अध्यक्षता में आयोजन किया गया। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने आमजन की समस्याओं को गंभीरता से सुना तथा संबंधित विभागीय अधिकारियों को प्रत्येक प्रकरण का गुणवत्तापूर्ण, निष्पक्ष एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप तहसील समाधान दिवस का उद्देश्य नागरिकों की समस्याओं का त्वरित एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि राजस्व, पुलिस, विकास, विद्युत, सिंचाई, ग्रामीण विकास, समाज कल्याण एवं अन्य विभागों से संबंधित प्राप्त शिकायतों का मौके पर जाकर सत्यापन कर नियमानुसार निस्तारण किया जाए। किसी भी शिकायत के निस्तारण में अनावश्यक विलंब अथवा लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
समाधान दिवस के दौरान प्राप्त प्रार्थना पत्रों में मुख्य रूप से भूमि विवाद, पैमाइश, कब्जा, सड़क, जल निकासी, विद्युत आपूर्ति, पेंशन तथा अन्य जनसुविधाओं से संबंधित शिकायतें प्राप्त हुईं। जिलाधिकारी ने गंभीर प्रकृति के मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करने तथा शिकायतकर्ताओं को नियमानुसार राहत उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि समाधान दिवस में प्राप्त सभी प्रकरणों की नियमित समीक्षा की जाए तथा निस्तारण की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए, जिससे आमजन को पारदर्शी एवं प्रभावी प्रशासनिक सेवाएं उपलब्ध हो सकें।
जिलाधिकारी की अध्यक्षता में अमृतपुर तहसील में आयोजित तहसील दिवस के दौरान कुल 138 प्रकरण प्राप्त हुए, जिसमें राजस्व विभाग के 55, पुलिस विभाग के 26, विकास विभाग के 22, विद्युत विभाग के 06, खाद्य एवं रसद विभाग के 08 एवं अन्य विभागों के 21 प्रकरण सम्मिलित रहे, इनमें से 04 प्रकरणों को मौके पर निस्तारित किया गया।
तहसील दिवस के बाद जिलाधिकारी ने अमृतपुर तहसील परिसर में वृक्षारोपण किया, यहां पर उन्होंने आमजनमानस से अपील करते हुए कहा कि वह अपने जीवन में पेड़ अनिवार्य रूप से लगाए जिससे आने वाली पीढियों को स्वच्छ एवं स्वास्थ्यवर्धक वातावरण प्राप्त हो सके। इसके पश्चात जिलाधिकारी ने कुठला झील पर पर्यटन विकास की संभावनाओं की दृष्टिगत पर्यटन विभाग द्वारा किए जाने वाले विकास कार्यों का निरीक्षण किया यहां पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि झील पर व्यवस्थित रूप से साफ सफाई कराते हुए पर्यटन विकास के अंतर्गत आवश्यक कार्य पूर्ण करें, जिससे लोगों को पर्यटन योजनाओं का लाभ प्राप्त हो सके।
इस दौरान पर पुलिस अधीक्षक आरती सिंह, मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार गौड़, प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी राजीव कुमार, उप जिलाधिकारी स्वेता साहू, परियोजना निदेशक डीआरडीए कपिल कुमार, क्षेत्राधिकारी अमृतपुर, तहसीलदार शशांक सिंह सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी तथा तहसील स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
12 सितंबर को होगी राष्ट्रीय लोक अदालत, जनपद न्यायाधीश की अध्यक्षता में 21 से तीन दिवसीय विशेष लोक अदालत

फर्रुखाबाद। सर्वोच्च न्यायालय द्वारा आयोजित समाधान समारोह (विशेष लोक अदालत) 21, 22  एवं 23 अगस्त 2026 को लेकर शनिवार को  जनपद न्यायाधीश नीरज कुमार अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक सम्पन्न की गयी।

इस बैठक का संचालन बिंदिया भटनागर सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा किया गया।
अध्यक्ष द्वारा बताया कि विशेष लोक अदालत में अधिक से अधिक वादों के निस्तारण के उद्देश्य से सम्बन्धित न्यायालयों के सहयोग से नोटिसों की तामील कराई जा रही है। साथ ही प्री-सिटिंग आयोजित कर पक्षकारों को आपसी सहमति से विवाद सुलझाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। उन्होने बताया कि बैंकों, बीमा कम्पनियाँ, विभिन्न विभागों, बार एसोसियेशन और लोक उपयोगिता सेवा संस्थानों के साथ समन्वय स्थापित कर समझौते योग्य मामलों की पहचान की जा रही है।

अधिकारियों और कर्मचारियों को पक्षकारों से सम्पर्क कर उन्हे विशेष लोक अदालत में शामिल होने के लिए प्रेरित करने हेतु निर्देश दिये गये हैं। विशेष लोक अदालत के प्रचार-प्रसार के लिए न्यायालय व तहसील परिसरों सहित सार्वजनिक स्थानों पर बैनर, पोस्टर और पंपलट लगाये जा रहे हैं। इसके अलावा सोशल मीडिया, व्हाट्सएप ग्रुप, स्थानीय समाचार पत्रों विधिक जागरूकता शिविरों और परा विधिक स्वयंसेवकों के माध्यम से भी लोगों को इसकी जानकारी दी जा रही है।

अध्यक्ष ने जनपद के वादकारियों से अपील की है कि वे समाधान समारोह 2026 का लाभ उठाकर आपसी सहमति से अपने मामलों का त्वरित, सरल और निःशुल्क निस्तारण कराएं, जिससे समय, धन और श्रम की बचत हो सके।
अध्यक्ष द्वारा 12 सितंबर 2026 को होने वाली आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिक से अधिक मामलों को चिन्हित किये * जाने हेतु सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश दिये गये तथा चिन्हित मामलों का विवरण प्रस्तुत करने का भी निर्देश दिया गया है।

बैठक में अभिनितम उपाध्याय अपर जिला जज प्रथम, शैलेन्द्र सचान विशेष न्यायाधीश (एससी/एसटी एक्ट),  संजय कुमार षष्ठम अपर जिला जज एफटीसी प्रथम नोडल अधिकारी राष्ट्रीय लोक अदालत एवं अन्य समस्त न्यायिक अधिकारीगण उपस्थित रहे।
बाहर से आने वाले वाहनों का किया गया रूट डायवर्जन

फर्रुखाबाद। इस वर्ष भी श्रावण मास / कांवड़ यात्रा का पर्व मनाया जा रहा है। श्रावण मास का प्रथम सोमवार 03 अगस्त.2026 को है,। इस दौरान जनपद के प्रमुख गंगा घाट पांचाल घाट, ढाईघाट, श्रंगीरामपुर घाट, बरगदिया घाट एवं रानी घाट-पर प्रातः काल से श्रद्धालुओं के गंगा स्नान एवं पूजा-अर्चना हेतु बड़ी संख्या में आगमन की संभावना है। साथ ही, सोमवती अमावस्या को लेकर बाहरी जनपदों से श्रद्धालुओं का आगमन 01 एक 2026 को सायं काल से प्रारम्भ होने की संभावना है।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं सुगम यातायात व्यवस्था बनाए रखने हेतु जनपद स्तर पर एक अगस्त सायं से  03 अगस्त.2026 को कार्यक्रम समाप्ति तक पुलिस की कड़ी व्यवस्था रहेगी।

> कन्नौज से कानुपर रोड होते हुये फतेहगढ़ को आने वालें माल वाहनों और ट्रक, टेंकर, डीसीएम, डम्फर, लोडर आदि कों गुरसहायगंज जनपद कन्नौज से छिवरामऊ की तरफ डायवर्जन किया जायेगा।

> छिबरामऊ से जहानगंज होकर फतेहगढ़ को आने वालें माल वाहनों और ट्रक, टेंकर, डीसीएम, डम्फर, लोडर आदि को छिवरामऊ जनपद कन्नौज से बेबर जनपद मैनपुरी की तरफ डायवर्जन किया जायेगा।

> बेबर जनपद मैनपुरी की ओर से फतेहगढ़ को आने वालें माल वाहनों और ट्रक, टेंकर, डीसीएम, डम्फर, लोडर आदि को बेबर जनपद मैनपुरी में रोका जायेगा।
जनपद एटा की ओर से फतेहगढ़ को आने वालें माल वाहनों यथा ट्रक, टेंकर, डीसीएम, डम्फर, लोडर आदि को बिराहिमपुर अलीगंज वार्डर जनपद एटा पर रोका जायेगा।
जनपद शांहजहापुर बरेली से फतेहगढ़ को आने वालें माल वाहनों और ट्रक, टेंकर, डीसीएम, डम्फर, लोडर आदि कों थाना अल्लागंज व हुल्लापुर जनपद शाहजंहापुर मे एवं जरियनपुर चैराहे से ढ़ाई घाट शमशाबाद की तरफ आने वाले वाहनों को जरियनपुर जनपद शाहजंहापुर पर रोका जायेगा।

जनपद हरदोई की ओर से फतेहगढ़ को आने वाले माल वाहनों और ट्रक, टेंकर, डीसीएम, डम्फर, लोडर आदि कों रूपापुर थाना सवायजपुर जनपद हरदोई में रोका जायेगा।
पत्रकारों का उत्पीड़न किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगा : अनिल मिश्रा
राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा परिषद की मासिक बैठक में संगठन को मजबूत बनाने पर दिया गया जोर

कायमगंज। राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा परिषद की मासिक बैठक शुक्रवार को नगर के पटवन गली स्थित संगठन के कार्यालय में जिलाध्यक्ष अनिल मिश्रा की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में संगठन की मजबूती, पत्रकार हितों की रक्षा तथा संगठनात्मक गतिविधियों को और प्रभावी बनाने को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष अनिल मिश्रा ने संगठन के पदाधिकारियों से संवाद स्थापित कर उनका हालचाल जाना और संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत बनाने के लिए आवश्यक सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी संगठन की वास्तविक ताकत उसकी स्थानीय इकाइयों में होती है। यदि तहसील और ब्लॉक स्तर पर संगठन सशक्त होगा तो पत्रकारों की समस्याओं और अधिकारों की आवाज को हर स्तर पर मजबूती के साथ उठाया जा सकेगा।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पत्रकार लोकतंत्र का चौथा स्तंभ हैं और उनके सम्मान व सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। यदि किसी पत्रकार का उत्पीड़न होता है तो राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा परिषद उसके साथ मजबूती से खड़ी रहेगी और हर स्तर पर उसके अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष करेगी।
बैठक में तहसील अध्यक्ष उपेंद्रनाथ मिश्रा ने कहा कि संगठन का प्रत्येक पदाधिकारी और सदस्य परिषद की सबसे बड़ी ताकत है। यदि किसी पदाधिकारी या सदस्य को किसी प्रकार की समस्या या कठिनाई का सामना करना पड़ता है तो वह तत्काल संगठन को अवगत कराए, ताकि समय रहते उसका समाधान कराया जा सके। उन्होंने सभी सदस्यों से आपसी समन्वय बनाए रखते हुए संगठन की गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।
बैठक में संगठन की आगामी कार्ययोजना, सदस्यता अभियान तथा पत्रकारों के हितों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया गया। पदाधिकारियों ने संगठन को और अधिक सक्रिय एवं प्रभावी बनाने के लिए अपने-अपने सुझाव भी प्रस्तुत किए।
इस अवसर पर महासचिव भूपेंद्र सिंह वर्मा, महामंत्री आदिल अमान, धर्मेंद्र पाल, अजीम खान, मजहर अली, प्रभीत यादव, नीरज गुप्ता सहित संगठन के अनेक पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।