गोंडा में तहसील दिवस पर पुलिस अधिकारियों ने सुनीं जनसमस्याएं, समयबद्ध निस्तारण के दिए निर्देश
गोंडा। पुलिस अधीक्षक गोंडा विनीत जायसवाल के निर्देशन में शनिवार को आयोजित तहसील दिवस के दौरान जिले के सभी तहसील परिसरों में पुलिस अधिकारियों ने आमजन की शिकायतें सुनीं। अधिकारियों ने फरियादियों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए उनके गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध समाधान के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

तहसील सदर में अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी राधेश्याम राय ने जनसमस्याएं सुनीं। इसके अलावा क्षेत्राधिकारी नगर योगेंद्र सिंह, क्षेत्राधिकारी तरबगंज उमेश्वर प्रभात सिंह, क्षेत्राधिकारी मनकापुर उदित नारायण पालीवाल, क्षेत्राधिकारी सदर अभिषेक दवाच्या और क्षेत्राधिकारी करनैलगंज आनंद राय ने अपने-अपने क्षेत्रों में तहसील परिसरों में पहुंचकर फरियादियों की शिकायतें सुनीं।

अधिकारियों ने प्राप्त प्रार्थना पत्रों का परीक्षण कर राजस्व और पुलिस विभाग के संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत का निष्पक्ष, पारदर्शी और विधिसम्मत तरीके से निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

तहसील दिवस में भूमि विवाद, पारिवारिक विवाद, आपसी मारपीट, अवैध कब्जे, महिला उत्पीड़न और अन्य कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों पर विशेष ध्यान दिया गया। अधिकारियों ने कहा कि ऐसे मामलों में पुलिस और राजस्व विभाग आपसी समन्वय बनाकर प्रभावी कार्रवाई करें, जिससे पीड़ितों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।

गोंडा पुलिस ने बताया कि आमजन की समस्याओं के त्वरित और निष्पक्ष समाधान के लिए जनसुनवाई प्रक्रिया को प्रभावी बनाया जा रहा है और शासन की मंशा के अनुरूप शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जा रहा है।
विश्व स्तनपान दिवस विशेष: पहले घंटे में स्तनपान की उपलब्धि, अब 6 माह तक केवल मां के दूध पर जोर •

देवीपाटन मंडल के 3.18 लाख से अधिक नवजातों को मिला पहला प्राकृतिक टीका
• स्वास्थ्य विभाग अब 6 माह के पूर्ण स्तनपान के लिए चला रहा जागरूकता अभियान
*गोंडा, 31 जुलाई 2026।* विश्व स्तनपान दिवस (1 अगस्त) के अवसर पर स्वास्थ्य विभाग जन्म के पहले घंटे के भीतर स्तनपान शुरू कराने की बड़ी उपलब्धि का जश्न मना रहा है। अब विभाग का अगला लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक शिशु को जन्म के बाद शुरुआती छह माह तक केवल मां का दूध ही मिले।
देवीपाटन मंडल में बीते वित्तीय वर्ष के दौरान कुल 32,6040 जीवित शिशुओं का जन्म हुआ, जिनमें से 3,18,603 नवजातों को जन्म के पहले एक घंटे के भीतर स्तनपान कराया गया। यह उपलब्धि दर्शाती है कि स्वास्थ्य संस्थानों में प्रसव के तुरंत बाद स्तनपान शुरू कराने की व्यवस्था प्रभावी रूप से लागू हो चुकी है।
आंकड़ों में देवीपाटन मंडल की उपलब्धि-
मंडल स्तर पर गोंडा में 105212, बहराइच में 98,959, बलरामपुर में 74,622 तथा श्रावस्ती में 39,810 नवजातों को जन्म के पहले घंटे के भीतर मां का दूध उपलब्ध कराया गया।
नवजात के लिए 'प्राकृतिक वैक्सीन' है कोलोस्ट्रम-
चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार जन्म के तुरंत बाद निकलने वाला गाढ़ा पीला दूध, जिसे कोलोस्ट्रम कहा जाता है, नवजात के लिए पहली प्राकृतिक वैक्सीन की तरह काम करता है। इसमें मौजूद एंटीबॉडीज और लैक्टोफेरिन जैसे प्रतिरक्षात्मक तत्व शिशु को शुरुआती संक्रमणों से बचाते हैं और उसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
बीमारियों से सुरक्षा और सर्वांगीण विकास-
गोंडा के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संतलाल पटेल ने बताया कि जन्म के बाद पहले छह माह तक शिशु को केवल मां का दूध ही दिया जाना चाहिए। इस दौरान पानी, शहद, घुट्टी, गाय या भैंस का दूध अथवा कोई अन्य पूरक आहार देने की आवश्यकता नहीं होती। मां का दूध शिशु की सभी पोषण संबंधी जरूरतों को पूरा करता है और दस्त, निमोनिया तथा कुपोषण जैसी गंभीर समस्याओं के खतरे को कम करने के साथ उसके मानसिक एवं शारीरिक विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान देता है।
सुरक्षित प्रसव के साथ सुरक्षित शुरुआत-
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के मंडलीय प्रबंधक राहुल पटेल ने बताया कि स्वास्थ्य संस्थानों में प्रसव के तुरंत बाद स्तनपान शुरू कराने के लिए स्टाफ को प्रशिक्षित किया गया है। वहीं, एचबीएनसी भ्रमण के दौरान आशा कार्यकर्ता परिवारों को पहले छह माह तक केवल स्तनपान और सही स्तनपान की तकनीक के बारे में जागरूक करती हैं।
सामाजिक भ्रांतियाँ हो रहीं दूर-
अपर निदेशक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, देवीपाटन मंडल डॉ. अल्पना रानी गुप्ता ने बताया कि पहले परिवारों में यह धारणा थी कि प्रसव के बाद कई दिनों तक मां का दूध नहीं आता, इसलिए शिशु को शहद या घुट्टी दी जाती थी। अस्पतालों में प्रसव के तुरंत बाद स्तनपान शुरू कराने और नियमित परामर्श से ऐसी भ्रांतियां तेजी से समाप्त हो रही हैं। उन्होंने कहा कि अब स्वास्थ्य विभाग का मुख्य फोकस यह सुनिश्चित करना है कि कामकाजी माताएं भी पहले छह माह तक केवल मां का दूध ही शिशु को उपलब्ध करा सकें। इसके लिए सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों के कंगारू मदर केयर (केएमसी) वार्डों में माताओं को सही स्तनपान तकनीक और आवश्यकता पड़ने पर दूध निकालकर सुरक्षित तरीके से पिलाने का प्रशिक्षण दिया जाता है।
जागरूकता का दिख रहा असर-
स्वास्थ्य केंद्रों और सार्वजनिक स्थानों पर लगाए गए स्तनपान संबंधी संदेशों का सकारात्मक प्रभाव परिवारों की सोच में दिखाई देने लगा है। बहराइच के बालकपुरवा निवासी देवी दयाल बताते हैं कि पहले बच्चे के जन्म के समय अस्पताल की दीवार पर लिखे संदेश पढ़कर उनकी सोच बदली। जब उनकी पत्नी ने दूध न आने की बात कही तो उन्होंने धैर्य रखते हुए स्तनपान जारी रखने के लिए प्रेरित किया। कुछ ही समय में दूध का स्राव सामान्य हो गया और परिवार की वर्षों पुरानी भ्रांति भी दूर हो गई।
भिवंडी में इमारत गिरी गोंडा के 2 सगे भाइयों की मौत


*इटियाथोक के हिंदुनगर खास गांव में मातम, मजदूरी करने गए थे दोनों भाई


गोंडा। महाराष्ट्र के भिवंडी में चार मंजिला इमारत गिरने से उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले के इटियाथोक थाना क्षेत्र के हिंदुनगर खास गांव के दो सगे भाइयों की दर्दनाक मौत हो गई।मृतकों की पहचान अशोक और राकेश के रूप में हुई है। दोनों मजदूरी के लिए महाराष्ट्र गए थे। हादसे के समय दोनों मलबे में दब गए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।प्राप्त जानकारी के अनुसार अशोक पत्नी और 3 बच्चों के साथ करीब 2 साल से भिवंडी में रह रहा था। वहीं राकेश डेढ़ महीने पहले ही रोजगार की तलाश में वहां पहुंचा था और अविवाहित था।घटना की सूचना मिलते ही हिंदुनगर खास गांव में शोक की लहर दौड़ गई। पिता सकतू और मां श्यायपता का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्राम प्रधान पति सिरताज अहमद खान ने घटना की पुष्टि की।परिजनों के अनुसार अशोक की पत्नी रामावती रिश्तेदारों के साथ एंबुलेंस से शव लेकर गांव के लिए रवाना हो चुकी हैं।
मेडिकल कॉलेज की असिस्टेंट प्रोफेसर का इस्तीफा
*स्त्री रोग विभाग की डॉ. ज्योति यादव ने छोड़ी नौकरी,

गोंडा।जिले के स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. ज्योति यादव ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने ई-मेल और लिखित पत्र के माध्यम से मेडिकल कॉलेज प्रशासन को त्यागपत्र भेजते हुए व्यक्तिगत कारणों का हवाला दिया है।मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) डॉ. अनिल तिवारी ने शुक्रवार सुबह इस्तीफे की पुष्टि करते हुए बताया कि डॉ. ज्योति यादव का त्यागपत्र गुरुवार देर शाम प्राप्त हुआ था। नियमानुसार इसे आगे प्राचार्य के पास भेज दिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस्तीफा स्वीकार या अस्वीकार करने का निर्णय मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य के स्तर पर लिया जाएगा।डॉ. ज्योति यादव ने अपने त्यागपत्र में केवल व्यक्तिगत कारणों का उल्लेख किया है। मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने इस्तीफे के पीछे किसी अन्य वजह की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। हालांकि, सूत्रों का दावा है कि विभाग में लंबे समय से चल रहे अंदरूनी विवाद और कार्य वातावरण से जुड़े मुद्दे भी इस फैसले की वजह हो सकते हैं। इस संबंध में फिलहाल कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
डॉ. ज्योति यादव के इस्तीफे के बाद स्त्री रोग विभाग में डॉक्टरों की कमी और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। इसका असर विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं, प्रसव सेवाओं और ओपीडी में आने वाली मरीजों पर पड़ सकता है, क्योंकि विभाग पहले से ही सीमित स्टाफ के साथ कार्य कर रहा है।गौरतलब है कि 23 जून को सदर विधायक और जिलाधिकारी ने मेडिकल कॉलेज के नए प्रसव विंग और वार्ड का उद्घाटन किया था, जिससे महिला स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की उम्मीद जताई गई थी। वहीं उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पिछले करीब डेढ़ वर्ष में विभाग में केवल पांच प्रसव होने को लेकर भी पहले सवाल उठ चुके हैं।
सीएमएस डॉ. अनिल तिवारी ने कहा कि, “डॉ. ज्योति यादव का त्यागपत्र प्राप्त हुआ है। इसे नियमानुसार आगे भेज दिया गया है। इसे स्वीकार करने या नहीं करने का निर्णय प्राचार्य स्तर पर लिया जाएगा।
जनपद पुलिस से अधिवर्षिता आयु पूर्ण करने वाले 03 उपनिरीक्षक व 01 कुक हुए सेवानिवृत्त

रिजर्व पुलिस लाइन स्थित सभागार में सहायक पुलिस अधीक्षक द्वारा शॉल व फूलमाला पहनाकर उज्ज्वल भविष्य की दी गई शुभकामनाएं-*

गोण्डा। आज दिनाँक 31.07.2026 को जनपद गोण्डा पुलिस से  03 उपनिरीक्षक व 01 कुक अपनी अधिवर्षिता आयु पूर्ण करने के उपरांत सेवानिवृत्त हुए । इस दौरान रिजर्व पुलिस लाइन स्थित सभागार में विदाई समारोह का आयोजन किया गया। सहायक पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी सदर द्वारा सेवानिवृत्त होने वाले पुलिसकर्मियों को शॉल व फूल-माला पहनाकर छाता व अन्य धार्मिक पुस्तकें भेंट किए। सेवानिवृत्त हुए पुलिस कर्मियों को उनके द्वारा पुलिस विभाग को दिये गये योगदान की सराहना करते हुए प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह देकर विदा किया गया । महोदय ने सेवानिवृत्ति के उपरांत भी उनके द्वारा पुलिस विभाग का यथासंभव सहयोग करने की अपेक्षा की गयी तथा सेवानिवृत्त पुलिसकर्मियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी गयी।
इस अवसर पर प्रतिसार निरीक्षक, सेवानिवृत्त पुलिसकर्मियों के परिवारीजन तथा अन्य पुलिस कर्मचारीगण मौजूद रहे।

*सेवानिवृत्त होने वाले पुलिस कर्मियों का विवरण-*
01- उ0नि0ना0पु0 श्री कैलाश नाथ,
02- उ0नि0नि0पु0 श्री राधेश्याम दूबे,
03- उ0नि0ना0पु0 श्री सुरेन्द्र नाथ तिवारी
4. कुक श्री विरेन्द्र कुमार मिश्रा
पुलिस अधीक्षक गोण्डा द्वारा श्रावण मास के दृष्टिगत पृथ्वीनाथ मंदिर का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्थाओं का लिया जायज़ा
ड्यूटी पर लगे अधिकारी/कर्मचारियों को दिए गए आवश्यक दिशा-निर्देश*

गोण्डा। आज दिनांक 31.07.2026 को श्रीमान् पुलिस अधीक्षक गोण्डा श्री विनीत जायसवाल द्वारा श्रावण मास के दृष्टिगत थाना खरगूपुर क्षेत्रान्तर्गत स्थित पृथ्वीनाथ मंदिर का भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था हेतु की गई तैयारियों का जायजा लिया गया। श्रावण मास में शिवालयों/मंदिरों में जलाभिषेक के दौरान श्रद्धालुओं एवं कांवड़ियों की भारी भीड़ को सकुशल एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने तथा सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था को लेकर सम्बन्धित अधिकारी/कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बताया गया कि श्रावण मास के दृष्टिगत जनपद के समस्त प्रमुख शिवालयों का अधिकारीगण भ्रमण कर सुरक्षा एवं व्यवस्थाओं की समीक्षा कर लें। सभी राजपत्रित अधिकारी एवं थाना प्रभारी धर्मगुरुओं, मंदिर प्रबंधन समिति, आयोजकों एवं शांति समिति के सदस्यों के साथ बैठक कर समन्वय स्थापित करें। सभी संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जाए तथा स्थानीय अभिसूचना तंत्र को सक्रिय रखते हुए प्रत्येक सूचना पर तत्काल प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। पृथ्वीनाथ मंदिर सहित जनपद के समस्त शिवालयों में श्रावण मास के प्रत्येक सोमवार एवं अन्य विशेष अवसरों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं कांवड़िए जलाभिषेक हेतु पहुंचेंगे। इस दौरान नदी/घाटों से जल लेकर आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा के दृष्टिगत बैरिकेडिंग, गोताखोरों एवं आवश्यक सुरक्षा संसाधनों की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। मंदिर परिसरों, कांवड़ मार्गों एवं भीड़भाड़ वाले स्थानों पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती की जाए तथा महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा हेतु महिला पुलिसकर्मियों की भी पर्याप्त ड्यूटी वर्दी एवं सादे वस्त्र में लगाई जाए। जनपद के समस्त राजपत्रित अधिकारियों, थाना प्रभारियों, चौकी प्रभारियों एवं बीट पुलिस कर्मियों को लगातार क्षेत्र में भ्रमणशील रहकर सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण करने हेतु निर्देशित किया गया। किसी भी प्रकार के गैर-परम्परागत आयोजन की अनुमति न दी जाए तथा यदि कोई धार्मिक यात्रा अथवा आयोजन हो तो उसे पूर्व निर्धारित मार्ग से ही पर्याप्त पुलिस बल एवं आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था के साथ सम्पन्न कराया जाए। मिश्रित आबादी एवं संवेदनशील क्षेत्रों में क्यूआरटी (QRT) सहित पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की जाए। श्रावण मास के दौरान कांवड़ मार्गों पर उचित दूरी पर पुलिस पिकेट, मोबाइल गश्त एवं फुट पेट्रोलिंग की प्रभावी व्यवस्था की जाए। यूपी-112 के वाहनों का आवश्यकतानुसार रूट चार्ट तैयार कर उन्हें रणनीतिक स्थानों पर तैनात किया जाए। वैकल्पिक मार्गों का चिन्हीकरण करते हुए आवश्यकतानुसार ट्रैफिक डायवर्जन की व्यवस्था समय से पूर्ण कराई जाए। पीए सिस्टम की कार्यशीलता सुनिश्चित की जाए तथा कांवड़ मार्गों एवं धार्मिक स्थलों के आसपास पोस्टर पार्टी एवं पुलिस बल को सक्रिय रखा जाए।
स्थानीय अभिसूचना इकाई के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सामयिक सूचनाओं के प्रति और अधिक सतर्क रहने के निर्देश दिए गए। प्रत्येक छोटी से छोटी सूचना को गंभीरता से लेते हुए तत्काल आवश्यक वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। सोशल मीडिया के सभी प्लेटफॉर्म की सतत निगरानी रखी जाए तथा किसी भी प्रकार की भ्रामक, आपत्तिजनक अथवा अफवाह फैलाने वाली पोस्ट का तत्काल संज्ञान लेकर विधिक कार्रवाई करते हुए उसका प्रभावी खंडन किया जाए।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की मंडलीय समीक्षा बैठक सम्पन्न
*स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगी : आयुक्त*

*गोण्डा, 31 जुलाई 2026* - राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के अंतर्गत देवीपाटन मंडल की मंडलीय समीक्षा बैठक शुक्रवार को *मंडलायुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल* की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में बहराइच, बलरामपुर, गोण्डा एवं श्रावस्ती के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों (सीएमओ) सहित मंडल एवं जनपद स्तर के स्वास्थ्य अधिकारियों ने प्रतिभाग किया।

बैठक में मंडलायुक्त ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के विभिन्न कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आमजन को समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना सभी अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।

समीक्षा के दौरान मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं, नियमित टीकाकरण, संस्थागत प्रसव, एनीमिया मुक्त अभियान, प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (आयुष्मान भारत), आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के अंतर्गत आभा (ABHA) आईडी निर्माण तथा एचपीवी (HPV) वैक्सीनेशन अभियान की प्रगति का विस्तृत मूल्यांकन किया गया।


मंडलायुक्त ने सभी जनपदों में शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करने, पात्र लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड एवं आभा आईडी तेजी से बनवाने तथा स्वास्थ्य केंद्रों पर आवश्यक दवाओं, चिकित्सकों एवं पैरामेडिकल स्टाफ की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में आने वाले प्रत्येक मरीज एवं उनके तीमारदारों को सभी आवश्यक सुविधाएं पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराई जाएं ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।


बैठक में मंडल एवं जनपदवार मातृ मृत्यु दर, नवजात एवं शिशु मृत्यु दर की वर्तमान स्थिति की भी गहन समीक्षा की गई। इसके साथ ही व्यापक आपात प्रसूति सेवाओं (Comprehensive Emergency Obstetric Care), संस्थागत प्रसव, एफ.आर.यू. (First Referral Unit), एस.एन.सी.यू. (Special Newborn Care Unit), ब्लड बैंक एवं ब्लड स्टोरेज यूनिट की कार्यक्षमता एवं उपलब्धता की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।


मंडलायुक्त ने निर्देशित किया कि जिन जनपदों में एफ.आर.यू. एवं एस.एन.सी.यू. की सेवाएं पूर्ण रूप से संचालित नहीं हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर तत्काल क्रियाशील किया जाए। साथ ही एचपीवी वैक्सीनेशन का व्यापक प्रचार-प्रसार कर पात्र बालिकाओं का अधिकाधिक टीकाकरण सुनिश्चित किया जाए।

बैठक में क्षय रोग (टीबी) उन्मूलन कार्यक्रम, परिवार नियोजन, शहरी स्वास्थ्य कार्यक्रम तथा अन्य राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की भी समीक्षा की गई। मंडलायुक्त ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि शासन की मंशा के अनुरूप प्रत्येक स्वास्थ्य योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए तथा नियमित निगरानी के माध्यम से निर्धारित लक्ष्यों की समयबद्ध पूर्ति की जाए।


बैठक में चारों जनपदों के मुख्य चिकित्सा अधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन से जुड़े अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
एक सप्ताह में धनराशि जमा न करने वाले सचिवों पर दर्ज होगी एफआईआर

*28 सचिवों को जारी हुई थी धनराशि वसूली नोटिस, 9 समितियों ने जमा की पूरी धनराशि, शेष सचिवों पर होगी कार्रवाई*


*एक सप्ताह की अंतिम मोहलत, भुगतान न करने वालों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई एवं एफआईआर होगी दर्ज*


*गोण्डा 31 जुलाई,2026*।
जनपद में सहकारिता विभाग द्वारा वित्तीय अनुशासन सुनिश्चित करने एवं बकाया धनराशि की वसूली के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत 18 जुलाई,2026 को कुल 28 सचिवों को धनराशि जमा करने के संबंध में नोटिस जारी की गई थी। विभाग द्वारा प्राप्त अद्यतन प्रगति रिपोर्ट के अनुसार 9 समितियों के सचिवों ने निर्धारित सम्पूर्ण धनराशि जमा कर दी है, जबकि 5 सचिवों द्वारा आंशिक धनराशि जमा की गई है। इसके अतिरिक्त 11 सचिवों द्वारा अभी तक कोई भी धनराशि जमा नहीं की गई है तथा शेष सचिवों द्वारा भी निर्धारित धनराशि का पूर्ण भुगतान नहीं किया गया है। विभाग द्वारा सभी मामलों की समीक्षा करते हुए वसूली प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए हैं।

जिलाधिकारी श्रीमती प्रियंका निरंजन ने सहकारिता विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक (एआर कोआपरेटिव) श्री रविशंकर चौधरी को निर्देशित किया कि सभी संबंधित सचिवों की अद्यतन स्थिति का विस्तृत एवं तथ्यात्मक प्रतिवेदन तैयार किया जाए। उन्होंने कहा कि जिन सचिवों द्वारा नोटिस जारी होने के बाद भी अपेक्षित धनराशि जमा नहीं की गई है, उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि विभागीय स्तर पर किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी तथा प्रत्येक प्रकरण की नियमित निगरानी की जाएगी।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिया है कि जिन सचिवों द्वारा आगामी एक सप्ताह के भीतर सम्पूर्ण बकाया धनराशि जमा नहीं की जाएगी, उनके विरुद्ध तत्काल विभागीय कार्रवाई प्रारम्भ की जाए। साथ ही संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि ऐसे सचिवों के विरुद्ध नियमानुसार एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई भी पूर्ण की जाए। उन्होंने कहा कि सरकारी धन की सुरक्षा एवं वित्तीय जवाबदेही सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी स्तर पर अनियमितता या लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
जनता दर्शन में जिलाधिकारी की संवेदनशील पहल, गंभीर रूप से बीमार महिला को तत्काल मिला अन्त्योदय राशन कार्ड

*किडनी रोग से जूझ रही महिला को मिला राहत का सहारा, आयुष्मान कार्ड बनवाकर बेहतर उपचार का प्रशस्त होगा मार्ग*


*गोण्डा 31 जुलाई,2026*।
जनसुनवाई को प्रभावी, संवेदनशील एवं जनहितकारी बनाने की दिशा में जिलाधिकारी श्रीमती प्रियंका निरंजन ने एक बार फिर मानवीय संवेदनाओं का परिचय देते हुए गंभीर रूप से बीमार महिला की समस्या का तत्काल समाधान कराया। कलेक्ट्रेट में आयोजित जनता दर्शन के दौरान विकासखण्ड रूपईडीह के ग्राम भुलईडीह निवासी श्रीमती ज्योतिराज, पत्नी श्री फूल चन्द्र चौधरी, अपनी गंभीर स्वास्थ्य समस्या लेकर जिलाधिकारी के समक्ष उपस्थित हुईं।

शिकायतकर्ता ने जिलाधिकारी को अवगत कराया कि उनकी दोनों किडनी खराब हो चुकी हैं, जिसके कारण उन्हें नियमित रूप से महंगी दवाइयों का सेवन करना पड़ता है तथा समय-समय पर डायलिसिस भी करानी पड़ती है। आर्थिक स्थिति अत्यंत कमजोर होने के कारण उनके लिए इलाज का खर्च वहन करना बेहद कठिन हो गया है।

उन्होंने बताया कि उनके पास ऐसा कोई साधन नहीं है, जिससे उन्हें सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ मिल सके। महिला की व्यथा सुनते ही जिलाधिकारी श्रीमती प्रियंका निरंजन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जिला पूर्ति अधिकारी को निर्देशित किया कि शिकायतकर्ता का अन्त्योदय राशन कार्ड तत्काल जारी किया जाए। जिलाधिकारी के निर्देशों का त्वरित अनुपालन करते हुए जिला पूर्ति विभाग ने जनता दर्शन के दौरान ही शिकायतकर्ता का अन्त्योदय राशन कार्ड जारी कर उपलब्ध कराया।

जिलाधिकारी ने बताया कि अन्त्योदय राशन कार्ड जारी होने के उपरांत अब शिकायतकर्ता का आयुष्मान भारत कार्ड भी बनाया जा सकेगा, जिसके माध्यम से उन्हें सूचीबद्ध अस्पतालों में निःशुल्क एवं बेहतर चिकित्सा सुविधा प्राप्त होगी। इससे उनके नियमित उपचार एवं डायलिसिस की प्रक्रिया में आर्थिक राहत मिलने का मार्ग प्रशस्त होगा।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनसुनवाई में आने वाले प्रत्येक पात्र एवं जरूरतमंद व्यक्ति की समस्याओं का त्वरित, पारदर्शी एवं संवेदनशील ढंग से निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक समयबद्ध रूप से पहुंच सके।
नीलगाय से टकराकर फिसली बाइक महिला की मौत
*इटियाथोक-खरगूपुर मार्ग पर हुआ हादसा, पति और बेटा बाल-बाल बचे

इटियाथोक। जिले के  इटियाथोक-खरगूपुर मार्ग पर बृहस्पतिवार देर शाम नीलगाय से टकराकर बाइक फिसल जाने से एक 26 वर्षीय महिला की मौत हो गई।प्राप्त जानकारी के अनुसार खरगूपुर थाना क्षेत्र के इमिलिया गांव निवासी रामतेज वर्मा अपनी पत्नी ममता 26 और बेटे कार्तिक 6 के साथ गोंडा से उपचार कराकर घर लौट रहे थे। बेंदुली गांव के पास अचानक सामने आई नीलगाय से बाइक टकरा गई। टक्कर लगते ही बाइक सवार तीनों सड़क पर गिर पड़े।इसमें ममता को गंभीर चोटें आईं। डायल एंबुलेंस की मदद से उन्हें इटियाथोक सीएचसी लाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
वहीं रामतेज और कार्तिक को मामूली चोटें आई हैं।
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेज दिया है।