बाल तस्करी रोकने के लिए रोडवेज बचे हुए की जाए चेकिंग
फर्रुखाबाद।
मानव तस्करी (विशेषकर बाल तस्करी) के मामलो की प्रभावी निगरानी हेतु “जिला स्तरीय रिव्यू कमेटी “ की बैठक विकास भवन सभागार में मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में  संपन्न हुई ।बैठक में सीनियर अभियोजन अधिकारी,जिला प्रोबेशन अधिकारी , रोडवेज,सहायक श्रमायुक्त,जिला विद्यालय निरीक्षक,आदि उपस्थित रहे ।मुख्य विकास अधिकारी द्वारा निर्देश दिए गए की रेस्क्यू अभियान की संख्या बढ़ाकर अधिक हॉटस्पॉट का चयन किया जाए ।श्रम विभाग को निर्देश दिए गए की टीम और जिला प्रोबेशन अधिकारी की संयुक्त टीम के साथ ढाबे,होटल,दुकानों पर छापेमारी की जाए। एआरएम रोडवेज को निर्देश दिए गए कि ग्रुप के रूप में अन्य जनपदों से बस के माध्यम से बच्चो को ला कर विभिन्न कार्यो में संलिप्त किया जाता है बसों में भी भी अभियान चलाया जाए ।
जिला स्वास्थ्य समिति की मासिक बैठक सम्पन्न, स्वास्थ्य सेवाओं में गुणवत्ता एवं लक्ष्यों की उपलब्धि पर जिलाधिकारी ने दिया जोर
फर्रुखाबाद । जिला स्वास्थ्य समिति की मासिक बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी डॉक्टर अंकुर लाठर की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में जनपद में संचालित विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं, टीकाकरण, संस्थागत प्रसव, परिवार कल्याण कार्यक्रम, आयुष्मान भारत योजना तथा अन्य स्वास्थ्य योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी स्वास्थ्य योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए तथा निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध रूप से पूर्ण किया जाए। आमजन को गुणवत्तापूर्ण एवं सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य इकाइयों पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों को प्रोत्साहित करें। जिलाधिकारी ने नियमित टीकाकरण की प्रगति की समीक्षा करते हुए शत-प्रतिशत पात्र बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की नियमित निगरानी तथा समय पर उपचार एवं संस्थागत प्रसव सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया। जनपद एवं विकासखंड स्तर पर रक्तदान शिविर का आयोजन कराएं।
बैठक में आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत गोल्डन कार्ड निर्माण एवं पात्र लाभार्थियों को योजना का लाभ दिलाने, संचारी रोग नियंत्रण अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करने, स्वास्थ्य केंद्रों पर दवाओं की उपलब्धता, चिकित्सकों एवं पैरामेडिकल स्टाफ की उपस्थिति तथा साफ-सफाई की व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने कहा कि शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र में घर घर जाकर आयुष्यमान कार्ड बनाने हेतु  सभी आशाओं की आभा आईडी तैयार करें इसके साथ ही संतोषजनक कार्य न करने वाली आशा कार्यकत्रियों पर नियमानुसार कार्रवाई पूर्ण करें।
जिलाधिकारी ने कहा कि सभी चिकित्सा अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित भ्रमण कर स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता की निगरानी करें तथा किसी भी प्रकार की समस्या का त्वरित समाधान सुनिश्चित करें। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग एवं संबंधित विभागों के मध्य बेहतर समन्वय स्थापित कर जनहितकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जो प्राइवेट अस्पताल गर्भवती महिलाओं कि प्रसव के आंकड़ों की रिपोर्ट उपलब्ध नहीं कर रहे हैं उन अस्पतालों पर कार्रवाई करें। बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ0 आनन्द उपाध्याय, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक, समस्त चिकित्सा अधीक्षक, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी तथा स्वास्थ्य विभाग के संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
कावड़ यात्रा को लेकर एडीजी ने घाटों का निरीक्षण किया पुलिस अधीक्षक को सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त रखने  के दिए निर्देश
फर्रुखाबाद ।
कावड़ यात्रा मेले की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एडीजी जोन अनुपम कुलश्रेष्ठ कानपुर ने पांचाल घाट के आसपास क्षेत्र का निरीक्षण किया। इस दौरान डीआईजी यमुना प्रसाद और पुलिस अधीक्षक आरती सिंह भी साथ रहीं।
एडीजी अनुपम कुलश्रेष्ठ ने कहा कि मुख्यमंत्री के कड़े निर्देश है कि गंगा घाटों पर बैरिकेडिंग कराई जाए जिससे कोई भी श्रद्धालु वेरीकेटिंग से छलांग ना लगा सके। इस पर ध्यान देने की जरूरत है।
एडीजी ने कहा कि गंगा में डूबने की घटनाओं को रोकने के लिए कड़े निर्देश दिए हैं
उन्होंने कन्नौज और फतेहगढ़ का निरीक्षण किया । इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था को दुरूस्त रखने कड़े निर्देश दिए  हैं । उन्होंने कहा कि
किसी भी कावड़ यात्री को किसी तरह की असुविधा न हो पीने के पानी लाइट की पर्याप्त व्यवस्था की जाए,
एडीजी जोन कानपुर ने कावड़ यात्रियों के रूट का निरीक्षण कर पुलिस अधीक्षक को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के निर्देश दिए हैं।
मॉडिफाइड साइलेंसर गाड़ी का किया चालान लगाया जुर्माना
फर्रूखाबाद ।एआरटीओ-प्रवर्तन सुभाष राजपूत और यातायात प्रभारी ओम प्रकाश पांडेय के द्वारा जिलाधिकारी डॉक्टर अंकुर लाठर के निर्देश पर नगर में मोडिफाइड साइलेन्सर एवं प्रेशर हार्न/हूटर के विरूद्ध सघन चेकिंग अभियान चलाया गया। अभियान के अन्तर्गत 03 ट्रकों को प्रेशर हार्न का प्रयोग करते हुये पाये जाने पर सीज किया गया तथा  इन वाहनों पर 30 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया। अभियान के दौरान 3 बुलेट मोटरसाइकिलों को मोडिफाइड साइलेंसर का प्रयोग करते हुए पाए जाने पर चालान किया गया तथा उन पर ₹67000 का जुर्माना लगाया गया।  इन मोटरसाइकिलों के चालकों के ड्राइविंग  लाइसेंस तथा वाहन की आरसी तीन महीने के लिए निलंबित की जा रही है।
चेकिंग टीम द्वारा कादरी गेट थाना क्षेत्र के अंतर्गत रॉयल एनफील्ड के अधिकृत विक्रेता अंकुर  ऑटो एजेंसी  की वर्कशॉप का निरीक्षण किया। वर्कशॉप के अंदर एक बुलेट मोटरसाइकिल
सर्विस के लिए आई थी और उस में मॉडिफाइड साइलेंसर लगा था। उस बुलेट मोटर साइकिल का वर्कशॉप के अंदर ही चालान किया गया साथ ही उस पर 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाते हुए उसका मोडिफाइड साइलेंसर हटवाया गया। टीम द्वारा इसके उपरांत नगर में मोटर साइकिल की रिपेयरिंग का कार्य करने वाली दुकानों पर सर्वेक्षण किया गया तथा उनमें मोडिफाइड साइलेंसर की जांच की एवं उनको चेतावनी दी गई कि यदि उनके परिसर में मोडिफाइड साइलेंसर पाया गया तो उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
परिवहन आयुक्त, उ0प्र0 के द्वारा मोडिफाइड साइलेन्सर, प्रेशर हार्न अथवा हूटर लगाने वाले डीलर, मोटर गैराज/वर्कशाप पर भी कार्यवाही करने के निर्देश दिये गये हैं । मोडिफाइड साइलेन्सर का प्रयोग कर रहे वाहनों के सम्बन्ध में परिवहन विभाग के हेल्पलाइन नम्बर ( 1800 1800 151 एवं 149 )  पर भी शिकायत की जा सकती है। समस्त वाहन डीलर्स, मोटर गैराज एवं वर्कशाप संचालकों को निर्देशित किया जा चुका है कि वाहनों में मोडिफाइड साइलेन्सर, प्रेशर हार्न अथवा हूटर की स्थापना करने वाले डीलर, मोटर गैराज/वर्कशाप के संचालक के विरूद्ध एक लाख रुपए तक का जुर्माना  किया जा सकता है। वाहन स्वामियों के द्वारा अपने मोटरयान में पुर्जों की फिटिंग के माध्यम से परिवर्तन किया जाता है, तो उसके विरूद्ध कार्यवाही की जा रही है।
सम्बन्धित व्यक्ति प्रथम अपराध के लिए दस हजार रूपये के जुर्माने से दण्ड  होगा और तीन माह की अवधि के लिये ड्राइविंग लाइसेन्स धारण करने के लिये निरहित हो जायेगा और जुर्माने के साथ-साथ उसका ड्राइविंग लाइसेन्स  तीन माह के लिये अयोग्य कर दिया जायेगा। जिन वाहनों में मोडिफाइड साइलेन्सर/ध्वनि प्रदूषण उत्पन्न करने वाले उपकरण लगे पाये जाते हैं तो उनका चालान किया गया है, उनके विरुद्ध प्रमाण-पत्र निलम्बन की कार्यवाही प्राथमिकता के आधार पर की जा रही है।
कर-करेत्तर एवं राजस्व वसूली में तेजी लाने के निर्देश, लक्ष्य के सापेक्ष शत-प्रतिशत उपलब्धि सुनिश्चित करें : जिलाधिकारी
फर्रुखाबाद । गुरुवार को कर-करेत्तर एवं राजस्व वसूली की कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी डॉ अंकुर लाठर की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों की राजस्व वसूली की प्रगति की विभागवार समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप शत-प्रतिशत राजस्व वसूली सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि राजस्व वसूली शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। सभी संबंधित अधिकारी नियमित रूप से प्रवर्तन की कार्रवाई करते हुए बकायेदारों से प्रभावी वसूली सुनिश्चित करें तथा वसूली कार्य में किसी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए। उन्होंने बड़े बकायेदारों की सूची तैयार कर उनके विरुद्ध नियमानुसार प्रभावी कार्रवाई करने तथा प्रतिदिन की वसूली की समीक्षा करने के निर्देश दिए। बैठक में वाणिज्य कर, स्टाम्प एवं पंजीयन, आबकारी, परिवहन, विद्युत, खनन, मंडी समिति तथा अन्य राजस्व अर्जित करने वाले विभागों की प्रगति की समीक्षा की गई। जिन विभागों की वसूली अपेक्षाकृत कम पाई गई, उन्हें विशेष अभियान चलाकर लक्ष्य के अनुरूप प्रगति लाने के निर्देश दिए गए जिलाधिकारी ने कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय स्थापित करते हुए शासन द्वारा निर्धारित राजस्व लक्ष्यों की समयबद्ध पूर्ति सुनिश्चित करें। उन्होंने निर्देशित किया कि जनपद में अवैध खनन की शिकायतों पर नियंत्रण हेतु संबंधित विभाग प्रवर्तन के तहत अधिक से अधिक कार्यवाही करें। प्रत्येक विभाग अपने लंबित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण करें तथा वसूली कार्य की नियमित मॉनिटरिंग करते हुए प्रगति रिपोर्ट उपलब्ध कराएं।
आई0जी0आर0एस0 के प्रकरणों में विभागीय अधिकारी प्राप्त शिकायतों के निस्तारण में समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण पूर्ण कराएं, साथ ही निस्तारण उपरांत शिकायतकर्ता से निस्तारण आख्या पर संतोषजनक फीडबैक भी प्राप्त करें। बैठक में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व अरुण कुमार सिंह, अपर जिलाधिकारी न्यायिक दिनेश कुमार, नगर मजिस्ट्रेट पारुल तरार सहित समस्त उपजिलाधिकारी, संबंधित विभागों के अधिकारी एवं राजस्व वसूली से जुड़े अधिकारी उपस्थित रहे।
7 करोड रुपए सिंचाई विभाग को बाढ़ के पानी को रोकने के लिए दिए गए, ठेकेदार कर रहे हैं मनमानी, मानकों के अनुसार नहीं लगाई जा रही बोरियां


फर्रुखाबाद। जनपद कि तहसील सदर के अंतर्गत पंखियों की मढ़ैया, दिलीप की मढ़ैया, कटरी भीमपुर आदि गांवों को बचाने के लिए सिंचाई विभाग के द्वारा 7 करोड़ से अधिक रुपए से पार्कूपाइन एवं जिओ बैग और स्टड लगाकर गावों को कटान से बचने के लिए कार्य कराया जाना था पर ठेकेदार और अधिकारियों की मिली भगत के चलते पूरा कार्य बेहद घटिया और ना के बराबर कराया गया गांव वासियों के द्वारा कई बार ढंग से कार्य करने के लिए कहा गया तो ठेकेदार एवं अधिकारियों ने ग्राम वासियों के ऊपर दबाव डाला और कहा कि सरकारी काम में यह वादा डालोगे तो तुम्हारे खिलाफ मुकदमा दर्ज करा कर जेल में डाल दिया जाएगा जिस वजह से ग्रामवासी चुपचाप हो गए और ठेकेदार एवं अधिकारी मनमानी करके सारा पैसा बंदर बांट कर लिया गंगा जी की जरा सी धारा आने पर जो दिखावा के लिए काम किया गया था वह सब गंगा जी में समा गया और लोगों के मकान कटान पर आ गए तब ग्राम वासियों के द्वारा इस पर आवाज उठाई गई तो ठेकेदार के लोगों ने जाकर लोगों को दबाने का प्रयास किया और अपने कामों पर पर्दा डालने के लिए वन विभाग के द्वारा गौशाला की जमीन पर खड़े शीशम के पेड़ों को बिना किसी परमिशन के काट कर बोरियों और स्टट के आगे लगाया गया कि इससे पानी रुक जाए पर गंगा जी का कटान नहीं रुका ग्राम वासियों के द्वारा जानकारी देने पर फर्रुखाबाद विकास मंच के जिला अध्यक्ष भईयन मिश्रा मौके पर पहुंचे और उन्होंने देखा कि सारे ग्रामवासी भयभीत हैं क्योंकि जो बोरियां लगाई गई थी वह सब गंगा जी में समा गई ग्राम वासियों के द्वारा जानकारी दी गई की जिओ बैग की जगह पर सीमेंट की बोरियों में रहता भरकर लगाया गया केवल ऊपर दिखाने के लिए जिओ बैग भर के लगाए गए वहां पर पहुंचकर सिंचाई विभाग के द्वारा कराए गए कार्य को देखकर भईयन मिश्रा ने कहा कि कार्य बहुत घटिया हुआ है जिसके लिए पूर्ण रूप से जिम्मेदार ठेकेदार एवं विभागीय अधिकारी हैं जिन्होंने सारे धन का बंदरबांट कर लिया है इनके विरुद्ध कार्रवाई जरूर होगी और बहुत जल्द इस पर आंदोलन प्रारंभ किया जाएगा  जिला अधिकारी से प्रतिनिधि मंडल मिलेगा और कार्रवाई करने के लिए रहेगा कार्रवाई न होने पर अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन आदि किया जाएगा किसी भी सूरत में दोषी ठेकेदार और अधिकारियों को छोड़ नहीं जाएगा क्योंकि इनके कारण कई गांव के ऊपर कटान का खतरा मंडरा रहा है अधिकारी मस्त है वहीं पर ग्रामवासी बहुत भयभीत हैं क्योंकि किसी भी समय गंगा जी के कटान में उनके घर मकान जा सकते हैं ग्राम वासियों राजीव वर्मा रामू राजपूत राम लखन वर्मा पंकज राठौर सत्यनारायण शाक्य आदि ने बताया कि जब भी ठेकेदार से सही से काम करने के लिए कहा गया तो ठेकेदार ने बदतमीजी देते हुए जेल में बंद कर देने की धमकी दी जिस कारण से हम लोग नहीं बोल पाए ठेकेदार के लोग हमेशा यह कहते थे कि केवल एक बार पानी आ जाए हमारा काम खत्म भाड़ में जाए तुम्हें जो करना वह कर लेना हम लोगों का कुछ नहीं होने वाला है फर्रुखाबाद विकास मंच के जिला अध्यक्ष भईयन मिश्रा ने कहा की जानकारी मिली है की बड़ी संख्या में हरि शीशम को गौशाला से काटा गया है और उनकी दलों को लाकर कई ट्रैक्टरों से यहां पर डाला गया है आखिरकार इसकी परमिशन किसने दी क्योंकि शीशम काटना प्रतिबंधित है इसकी भी जांच होनी चाहिए वन विभाग अपने स्तर से इन लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करवाएं जाएं।
रविदास की कलश यात्रा बनारस से चलकर कमालगंज पहुंची हुआ स्वागत
फर्रुखाबाद l जनपद में संत शिरोमणि रविदास जी की कलश यात्रा बनारस से आरंभ होकर जनपद के कमालगंज पहुंची, जहां पर भाजपा जिला अध्यक्ष फतेह चंद वर्मा के नेतृत्व में अनेकों भाजपा कार्यकर्ताओं ने इस कलश यात्रा का स्वागत किया. भारतीय जनता पार्टी के द्वारा आयोजित इस सामाजिक समरसता संकल्प अभियान के अंतर्गत निकाली जाने वाली कलश यात्रा पूरे जनपद के सभी मंडलों में जाएगी. ये कलश यात्रा एक सामाजिक समरसता का संदेश देगी. भाजपा जिला अध्यक्ष फतेह चंद वर्मा ने बताया, बनारस में संत शिरोमणि रविदास जी की जन्म स्थली से एकत्रित की गई मिट्टी को कलश में भरकर जनपद लाया गया है. ये यात्रा जनपद के सभी विधानसभाों के अंतर्गत आने वाले सभी मंडलों में जाएगी और एक सामाजिक समरसता संकल्प अभियान चलाकर समाज के प्रत्येक वर्ग एवं संत रविदास जी के विचारों को जन जन तक पहुँचाने का कार्य करेगी. इस कार्यक्रम में पूर्व विधायक कुलदीव गंगवार, जिला महामंत्री अमरदीप दीक्षित, जिला महामंत्री गोपाल राठौर, पूर्व जिला महामंत्री डी-एस राठौर, कमालगंज मंडल अध्यक्ष राजेश वर्मा, खिमसेपुर नगर पंचायत अध्यक्ष पुष्पराज सिंह, जिला मीडिया प्रभारी शिवांग रस्तोगी, डॉक्टर उदय प्रताप सिंह, पिछड़ा मोर्चा जिला महामंत्री कृष्ण मुरारी राजपूत, अभिषेक बाथम, कार्यक्रम संयोजक बीरेन्द्र कठेरिया, मनोज गंगवार आदी लोग मौजूद रहे ।
7 दिन बाद भी मदर केयर हॉस्पिटल कर्मचारियों के खिलाफ नहीं हुई कार्रवाई, पति ने जिला अधिकारी को दिया पत्र, दिया आश्वासन

फर्रुखाबाद। शहर के मदर केयर हॉस्पिटल में 7 दिन पहले जच्चा-बच्चा की मौत होने के बाद जिलाधिकारी के निर्देश पर अस्पताल को सील कर दिया गया था, लेकिन अभी तक ऑपरेशन करने वाले डॉक्टर और कर्मचारियों के खिलाफ किसी भी तरीके की कार्रवाई नहीं हुई है पीड़ित पति ने जिलाधिकारी से कहा कि जो आशा बहू वहां लेकर गई थी उसके खिलाफ भी जिला प्रशासन द्वारा अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है पीड़ित ने डॉक्टर और आशा के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की जिला अधिकारी से गुहार लगाई है
रतनपुर पमारान में झोलाछाप डॉक्टरों पर मेहरबानी के आरोप, कार्रवाई की मांग तेज
फर्रुखाबाद। विकास खंड राजेपुर के अंतर्गत ग्राम रतनपुर पमारान में झोलाछाप डॉक्टरों के बढ़ते नेटवर्क को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है। आरोप है कि गांव में कुकुरमुत्तों की तरह फैले अवैध चिकित्सक बिना मान्यता के मरीजों का इलाज कर रहे हैं, जिससे लोगों के स्वास्थ्य और जीवन पर गंभीर खतरा बना हुआ है।

ग्रामीणों का कहना है कि इन तथाकथित डॉक्टरों द्वारा न तो उचित उपचार दिया जाता है और न ही गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। इसके बावजूद लंबे समय से मरीजों का इलाज कर उनकी जान के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। आरोप यह भी है कि इस पूरे मामले में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र राजेपुर के प्रभारी डॉ. प्रमित राजपूत की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है।

जानकारी के अनुसार, पूर्व में एक कथित बंगाली झोलाछाप डॉक्टर को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था, लेकिन अभी तक उसके जवाब और आगे की कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है। मीडिया द्वारा कई बार जानकारी मांगे जाने के बावजूद संबंधित अधिकारियों की ओर से कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया।

इस संबंध में जब डिप्टी सीएमओ से बातचीत की गई तो उन्होंने कहा कि क्षेत्र में अवैध रूप से चिकित्सा कर रहे लोगों के खिलाफ जल्द ही कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि लोगों की जान से खिलवाड़ करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कानूनी कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी।

अब देखना यह होगा कि स्वास्थ्य विभाग केवल आश्वासन तक सीमित रहता है या वास्तव में झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ अभियान चलाकर प्रभावी कार्रवाई करता है।
रामगंगा तटीय गांवों का एसडीएम श्वेता साहू ने किया निरीक्षण, कटान और जर्जर पुलिया की समस्याओं पर लिया संज्ञान
अमृतपुर, फर्रुखाबाद। संभावित बाढ़ की आशंका को देखते हुए उपजिलाधिकारी श्वेता साहू ने बुधवार को रामगंगा नदी से सटे संवेदनशील गांवों का निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने ग्रामीणों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।

सबसे पहले एसडीएम कोला सोता गांव पहुंचीं, जहां ग्रामीणों ने बताया कि रामगंगा नदी का कटान हर वर्ष गंभीर रूप ले लेता है। कटान रोकने के लिए पूर्व में सरकार द्वारा पोरक्यूपाइन संरचनाएं, रेशम की बोरियां तथा लगभग 1200 मीटर लंबा सुरक्षात्मक कार्य कराया गया था, लेकिन रामगंगा की तेज धाराओं के सामने ये सुरक्षा उपाय भी टिक नहीं सके। ग्रामीणों ने स्थायी समाधान की मांग की। इस पर एसडीएम श्वेता साहू ने कहा कि मामले को गंभीरता से लिया जाएगा तथा संबंधित विभागों को पत्र भेजकर आवश्यक सुरक्षा कार्य शीघ्र शुरू कराने का प्रयास किया जाएगा।

इसके बाद उपजिलाधिकारी ने राजपुर–गुंडेरा संपर्क मार्ग स्थित अमैयापुर पुलिया का निरीक्षण किया। ग्रामीणों ने बताया कि पूर्व में आई रामगंगा की बाढ़ से पुलिया में दरारें आ गई थीं, जिन्हें लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने केवल डामर डालकर भर दिया। ग्रामीणों का कहना था कि पुलिया आज भी पूरी तरह सुरक्षित नहीं है और यहां हर वर्ष कोई न कोई बड़ा हादसा होता है, जिसमें लोगों की जान तक चली जाती है। उन्होंने बताया कि मजबूरी में ग्रामीण अपनी जान जोखिम में डालकर इस पुलिया से आवागमन करते हैं।

ग्रामीणों ने यह भी बताया कि पूर्व में तत्कालीन अपर जिलाधिकारी सुभाष चंद्र प्रजापति ने पुलिया के दोनों ओर सुरक्षा रेलिंग (बाउंड्री वॉल) बनवाने का आश्वासन दिया था, लेकिन आज तक उस पर कोई कार्य नहीं हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारियों द्वारा केवल आश्वासन दिए जाते हैं, जबकि यह पुलिया दो दर्जन से अधिक गांवों को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मार्ग है। ग्रामीणों ने यह भी कहा कि पूर्व में हादसों में लोगों की जान जाने के बावजूद कई प्रभावित परिवारों को मुआवजा तक नहीं मिल सका।

ग्रामीणों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए उपजिलाधिकारी श्वेता साहू ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को तत्काल रिपोर्ट भेजने तथा पुलिया पर सुरक्षा रेलिंग लगाने की कार्रवाई शीघ्र कराने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के अंतिम चरण में एसडीएम गुंडेरा गांव पहुंचीं, जहां उन्होंने संभावित बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने लेखपाल गौरव यादव तथा कानूनगो को लगातार सतर्क रहने, क्षेत्र की निगरानी बनाए रखने और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।