7 दिन बाद भी मदर केयर हॉस्पिटल कर्मचारियों के खिलाफ नहीं हुई कार्रवाई, पति ने जिला अधिकारी को दिया पत्र, दिया आश्वासन

फर्रुखाबाद। शहर के मदर केयर हॉस्पिटल में 7 दिन पहले जच्चा-बच्चा की मौत होने के बाद जिलाधिकारी के निर्देश पर अस्पताल को सील कर दिया गया था, लेकिन अभी तक ऑपरेशन करने वाले डॉक्टर और कर्मचारियों के खिलाफ किसी भी तरीके की कार्रवाई नहीं हुई है पीड़ित पति ने जिलाधिकारी से कहा कि जो आशा बहू वहां लेकर गई थी उसके खिलाफ भी जिला प्रशासन द्वारा अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है पीड़ित ने डॉक्टर और आशा के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की जिला अधिकारी से गुहार लगाई है
रतनपुर पमारान में झोलाछाप डॉक्टरों पर मेहरबानी के आरोप, कार्रवाई की मांग तेज
फर्रुखाबाद। विकास खंड राजेपुर के अंतर्गत ग्राम रतनपुर पमारान में झोलाछाप डॉक्टरों के बढ़ते नेटवर्क को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है। आरोप है कि गांव में कुकुरमुत्तों की तरह फैले अवैध चिकित्सक बिना मान्यता के मरीजों का इलाज कर रहे हैं, जिससे लोगों के स्वास्थ्य और जीवन पर गंभीर खतरा बना हुआ है।

ग्रामीणों का कहना है कि इन तथाकथित डॉक्टरों द्वारा न तो उचित उपचार दिया जाता है और न ही गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। इसके बावजूद लंबे समय से मरीजों का इलाज कर उनकी जान के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। आरोप यह भी है कि इस पूरे मामले में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र राजेपुर के प्रभारी डॉ. प्रमित राजपूत की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है।

जानकारी के अनुसार, पूर्व में एक कथित बंगाली झोलाछाप डॉक्टर को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था, लेकिन अभी तक उसके जवाब और आगे की कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है। मीडिया द्वारा कई बार जानकारी मांगे जाने के बावजूद संबंधित अधिकारियों की ओर से कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया।

इस संबंध में जब डिप्टी सीएमओ से बातचीत की गई तो उन्होंने कहा कि क्षेत्र में अवैध रूप से चिकित्सा कर रहे लोगों के खिलाफ जल्द ही कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि लोगों की जान से खिलवाड़ करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कानूनी कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी।

अब देखना यह होगा कि स्वास्थ्य विभाग केवल आश्वासन तक सीमित रहता है या वास्तव में झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ अभियान चलाकर प्रभावी कार्रवाई करता है।
रामगंगा तटीय गांवों का एसडीएम श्वेता साहू ने किया निरीक्षण, कटान और जर्जर पुलिया की समस्याओं पर लिया संज्ञान
अमृतपुर, फर्रुखाबाद। संभावित बाढ़ की आशंका को देखते हुए उपजिलाधिकारी श्वेता साहू ने बुधवार को रामगंगा नदी से सटे संवेदनशील गांवों का निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने ग्रामीणों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।

सबसे पहले एसडीएम कोला सोता गांव पहुंचीं, जहां ग्रामीणों ने बताया कि रामगंगा नदी का कटान हर वर्ष गंभीर रूप ले लेता है। कटान रोकने के लिए पूर्व में सरकार द्वारा पोरक्यूपाइन संरचनाएं, रेशम की बोरियां तथा लगभग 1200 मीटर लंबा सुरक्षात्मक कार्य कराया गया था, लेकिन रामगंगा की तेज धाराओं के सामने ये सुरक्षा उपाय भी टिक नहीं सके। ग्रामीणों ने स्थायी समाधान की मांग की। इस पर एसडीएम श्वेता साहू ने कहा कि मामले को गंभीरता से लिया जाएगा तथा संबंधित विभागों को पत्र भेजकर आवश्यक सुरक्षा कार्य शीघ्र शुरू कराने का प्रयास किया जाएगा।

इसके बाद उपजिलाधिकारी ने राजपुर–गुंडेरा संपर्क मार्ग स्थित अमैयापुर पुलिया का निरीक्षण किया। ग्रामीणों ने बताया कि पूर्व में आई रामगंगा की बाढ़ से पुलिया में दरारें आ गई थीं, जिन्हें लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने केवल डामर डालकर भर दिया। ग्रामीणों का कहना था कि पुलिया आज भी पूरी तरह सुरक्षित नहीं है और यहां हर वर्ष कोई न कोई बड़ा हादसा होता है, जिसमें लोगों की जान तक चली जाती है। उन्होंने बताया कि मजबूरी में ग्रामीण अपनी जान जोखिम में डालकर इस पुलिया से आवागमन करते हैं।

ग्रामीणों ने यह भी बताया कि पूर्व में तत्कालीन अपर जिलाधिकारी सुभाष चंद्र प्रजापति ने पुलिया के दोनों ओर सुरक्षा रेलिंग (बाउंड्री वॉल) बनवाने का आश्वासन दिया था, लेकिन आज तक उस पर कोई कार्य नहीं हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारियों द्वारा केवल आश्वासन दिए जाते हैं, जबकि यह पुलिया दो दर्जन से अधिक गांवों को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मार्ग है। ग्रामीणों ने यह भी कहा कि पूर्व में हादसों में लोगों की जान जाने के बावजूद कई प्रभावित परिवारों को मुआवजा तक नहीं मिल सका।

ग्रामीणों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए उपजिलाधिकारी श्वेता साहू ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को तत्काल रिपोर्ट भेजने तथा पुलिया पर सुरक्षा रेलिंग लगाने की कार्रवाई शीघ्र कराने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के अंतिम चरण में एसडीएम गुंडेरा गांव पहुंचीं, जहां उन्होंने संभावित बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने लेखपाल गौरव यादव तथा कानूनगो को लगातार सतर्क रहने, क्षेत्र की निगरानी बनाए रखने और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
गंगा किनारे मिला युवक का शव, जांच में जुटी पुलिस

अमृतपुर, फर्रुखाबाद 28 जुलाई। थाना कमालगंज क्षेत्र के ग्राम सवासी में मंगलवार को एक व्यक्ति का शव गंगा नदी के किनारे संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे तथा जांच शुरू कर दी।प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम सवासी निवासी हरि नाम पुत्र विक्रम अपने खेत की ओर गए थे। काफी देर तक घर वापस न लौटने पर परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। खोजबीन के दौरान उनका शव गंगा नदी के किनारे पड़ा मिला। घटना की सूचना तत्काल पुलिस को दी गई।
पुलिस के अनुसार, 28 जुलाई 2026 को डायल-112 के माध्यम से शव मिलने की सूचना प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही थाना कमालगंज की पुलिस एवं वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। फील्ड यूनिट ने मौके का निरीक्षण कर आवश्यक साक्ष्य संकलित किए। इसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरते हुए पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
पुलिस का कहना है कि मृत्यु के कारणों का अभी स्पष्ट पता नहीं चल सका है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट एवं अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस सभी पहलुओं पर गहनता से जांच कर रही है।इस संबंध में अपर पुलिस अधीक्षक, फतेहगढ़ ने बताया कि घटना के शीघ्र एवं सफल अनावरण तथा आवश्यक विधिक कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए पुलिस टीम को निर्देशित किया गया है। मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है।
राजकीय एवं निजी आईटीआई में प्रवेश हेतु ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 04 अगस्त 2026
फर्रुखाबाद ।  राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, फर्रुखाबाद के नोडल प्रधानाचार्य ने बताया कि प्रदेश के राजकीय एवं निजी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) में संचालित विभिन्न व्यवसायों में प्रशिक्षण सत्र 2026-27 के प्रवेश हेतु ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया जारी है।
उन्होंने बताया कि इच्छुक अभ्यर्थी www.scvtup.in वेबसाइट पर जाकर "Online Submission of Application for Admission for Session 2026-27" लिंक के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के दौरान अभ्यर्थियों को ओटीपी के माध्यम से अपने मोबाइल नंबर का सत्यापन कराना होगा। आवेदन पत्र पूर्ण करने के बाद "Proceed for Payment" लिंक के माध्यम से ऑनलाइन शुल्क जमा किया जाएगा। शुल्क का भुगतान डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, इंटरनेट बैंकिंग अथवा यूपीआई के माध्यम से किया जा सकता है। भुगतान सफल होने के उपरांत अभ्यर्थी अपने आवेदन पत्र का प्रिंट भी प्राप्त कर सकेंगे।
उन्होंने बताया कि ऑनलाइन आवेदन में किसी प्रकार की त्रुटि होने पर अभ्यर्थियों को संशोधन के लिए 48 घंटे (दो दिन) का अवसर प्रदान किया जाएगा। आवेदन प्रक्रिया से संबंधित विस्तृत जानकारी एवं ई-फॉर्म वेबसाइट www.scvtup.in पर उपलब्ध है, जहां से अभ्यर्थी आवश्यकतानुसार विवरण डाउनलोड अथवा प्रिंट भी कर सकते हैं।
प्रवेश हेतु ऑनलाइन आवेदन की सुविधा 04 अगस्त 2026 की रात्रि 12:00 बजे तक उपलब्ध रहेगी। अतः इच्छुक अभ्यर्थी अंतिम तिथि की प्रतीक्षा किए बिना समय से अपना आवेदन पूर्ण कर लें।
कांवड़ यात्रा की तैयारियों को लेकर जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने पांचाल घाट एवं दुर्वासा ऋषि आश्रम क्षेत्र का किया संयुक्त निरीक्षण
फर्रुखाबाद । श्रावण मास के दौरान आगामी कांवड़ यात्रा को सकुशल, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने, यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने तथा पर्यटन विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर एवं पुलिस अधीक्षक श्रीमती आरती सिंह ने आज पांचाल घाट एवं दुर्वासा ऋषि आश्रम के आसपास के क्षेत्रों का संयुक्त निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने कांवड़ यात्रियों की सुविधा एवं सुरक्षा के दृष्टिगत प्रमुख मार्गों, पार्किंग स्थलों, बैरिकेडिंग, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, साफ-सफाई, शौचालय, चिकित्सा सहायता, सुरक्षा प्रबंध तथा यातायात संचालन की व्यवस्थाओं का गहन निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो तथा सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय से पूर्ण कर ली जाएं। जिलाधिकारी ने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए सभी व्यवस्थाओं को मानक के अनुरूप सुनिश्चित करने तथा संवेदनशील स्थलों पर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण पांचाल घाट एवं महर्षि दुर्वासा आश्रम परिसर की स्वच्छता, सौंदर्यीकरण एवं मूलभूत सुविधाओं को और बेहतर बनाने पर भी बल दिया, जिससे यहां आने वाले श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को बेहतर अनुभव प्राप्त हो सके।जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पांचाल घाट के आसपास पानी की गहराई के चेतावनी चिन्ह लगाए जिससे श्रद्धालुओं एवं कांवड़ियों को स्नान के दौरान एवं पूजा के लिए जल भरने के दौरान किसी प्रकार की कोई असुविधा न हो। उन्होंने कहा कि घाट के आसपास स्थित पूजन सामग्री की दुकानों को व्यवस्थित कारण इसके साथ ही घाट पर उचित संख्या में सफाईकर्मी तैनात कर सफाई व्यवस्था पूर्ण कराएं।
दुर्वासा ऋषि आश्रम के आसपास स्थित गंगा नदी घाट के निरीक्षण में जिलाधिकारी ने निर्देश दिए की गांव पंचायत की निधि से गंगा नदी के आसपास सुव्यवस्थित ढंग से साफ सफाई करें, इसके साथ ही घाट के किनारे कूड़ा दान भी रखवाएं, जेसीबी मशीन से आसपास स्थित झाड़ियों एवं कूड़े की साफ सफाई कराएं।निरीक्षण के दौरान संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए तथा कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए सभी तैयारियां समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।
निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व अरुण कुमार सिंह, अपर जिलाधिकारी न्यायिक दिनेश कुमार, नगर मजिस्ट्रेट पारुल तरार, अपर पुलिस अधीक्षक गिरीश कुमार, उप जिलाधिकारी सदर संजय कुमार, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका विनोद कुमार सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।


श्रृंगी रामपुर घाट का जिला अधिकारी ने किया निरीक्षण,लोक निर्माण विभाग को मार्ग ठीक करने के लिए निर्देश

फर्रुखाबाद। सावन मास में कावड़  यात्रा को लेकर आने वाले श्रद्धालु को किसी भी तरीके की दिक्कत ना हो इसको लेकर जिलाधिकारी डॉ अंकुर लाठर ने श्रृंगीरामपुर घाट के साथ ही साथ रूट का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि मुख्य मार्ग से लेकर गंगा घाट तक सड़क को ठीक करने के लिए लोक निर्माण विभाग को निर्देशित कर दिया गया है उन्होंने कहा कि घाट के आसपास कच्चे मार्ग को ही ठीक करने के निर्देश दिए गए हैं।


कावड़ यात्रा को लेकर डीआईजी ने किया निरीक्षण

फर्रुखाबाद।
सावन माह को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में दिखाई दिया। मंगलवार को डीआईजी ने गंगा घाटों का निरीक्षण कर श्रद्धालुओं की सुरक्षा के इंतजामों का जायजा लिया। उन्होंने घाटों पर पुलिस बल की पर्याप्त तैनाती, नाविकों और गोताखोरों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ-साथ आपात स्थितियों से निपटने के लिए प्रभावी रणनीति लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कावड़ यात्रा के दौरान उपद्रव करने वाले के उपद्रवियों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है जिससे कावड़ यात्रा में किसी भी तरीके का व्यवधान उत्पन्न ना हो और शांतिपूर्ण ढंग से यात्रा संपन्न हो सके।
शासन-प्रशासन की खुलेआम धज्जियां उड़ा रहे खनन माफिया, तहसील प्रशासन व थाना पुलिस पर उठे सवाल
अमृतपुर फर्रुखाबाद


जनपद फर्रुखाबाद की तहसील अमृतपुर क्षेत्र के थाना राजेपुर एवं थाना अमृतपुर इलाकों में कथित रूप से अवैध मिट्टी और बालू खनन का सिलसिला जारी है। जुलाई से अक्टूबर तक खनन पर प्रतिबंध रहने के बावजूद क्षेत्र में ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से मिट्टी और बालू का परिवहन होने के आरोप लगाए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि संबंधित विभागों की अनदेखी के कारण खनन माफियाओं के हौसले बुलंद हैं ।मंगलवार को तहसील क्षेत्र के ग्राम अल्हदपुर भटौली निवासी सत्यनारायण पुत्र अमरतीलाल ने उप जिलाधिकारी श्वेता साहू को शिकायती पत्र सौंपकर कार्रवाई की मांग की। शिकायत में उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी निजी भूमि, गाटा संख्या 28, जिसमें धान की फसल खड़ी है, उसके बीच से लईक उर्फ तौले खा निवासी दौलतपुर  थाना राजेपुर अपने ट्रैक्टर-ट्रॉली से लगातार मिट्टी और बालू लेकर आवागमन कर रहा है। इससे उनकी धान की फसल को भारी नुकसान पहुंच रहा है।
शिकायतकर्ता का यह भी आरोप है कि विरोध करने पर संबंधित व्यक्ति गाली-गलौज करता है और जान से मारने की धमकी देता है। उन्होंने प्रशासन से फसल की सुरक्षा सुनिश्चित कराने, अवैध खनन व परिवहन पर रोक लगाने तथा आरोपित के विरुद्ध विधिक कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
अनियंत्रित बाइक से फिसल कर गिरी महिला हुई मौत

अमृतपुर फर्रुखाबाद 27 जुलाई। पति द्वारा लापरवाही से बाइक चलाने पर महिला की मौत हो गई। ग्राम दोसपुर नागर थाना मिर्जापुर जिला शाहजहांपुर निवासी रविंद्र अपने गांव से थाना अमृतपुर के गांव राजपुर बाइक से जा रहे थे। उनकी पत्नी 35 वर्षीय अर्चना पीछे बैठी हुई थी। अचानक ग्राम परमापुर के पास बाइक अनियंत्रित हो गई और पत्नी बाइक से उछलकर सड़क पर गिर पड़ी। जिससे उसके सर में गंभीर चोट आई। पति द्वारा तत्काल उसे राजपुर चिकित्सक के यहां दिखाया गया। जहां से मना कर देने पर राजेपुर स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। डॉक्टर द्वारा जांच के उपरांत महिला को मृत घोषित कर दिया गया। थाना पुलिस ने मामले का संज्ञान लेते हुए जांच पड़ताल शुरू कर दी।
सराफा लूट कांड का वांछित आरोपी गिरफ्तार


अमृतपुर फर्रुखाबाद 27 जुलाई। 1 वर्ष पहले सर्राफा व्यापारी के मुनीम के साथ हुई लूट में  वांछित चल रहे आरोपी को आज अमृतपुर थाना पुलिस ने अपने विश्वसनीय मुखबिर की सूचना पर गुजरपुर पमारान बॉर्डर से गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से एक तमंचा व कारतूस भी बरामद किया गया। जब आरोपी से पूछताछ की गई तो उसने अपना नाम सुमित पुत्र कृष्णपाल निवासी ग्राम पहलादपुर थाना जैथरा जिला एटा बताया। इसके खिलाफ विभिन्न थानों में कई आपराधिक मुकदमे भी दर्ज हैं। पुलिस ने जांच पड़ताल करने के बाद दर्ज मुकदमे के आधार पर उसे न्यायालय भेज दिया।
भारतीय गौ सेवा संघ के अल्पसंख्यक मोर्चे की कमान जगदीप सिंह को, राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त
रामराज/मुजफ्फरनगर। भारतीय गौ सेवा संघ के रामराज स्थित कार्यालय पर आयोजित बैठक में संगठन के विस्तार और गौ संरक्षण अभियान को और अधिक सशक्त बनाने के उद्देश्य से ग्राम शाहपुर रामराज, जनपद मुजफ्फरनगर निवासी जगदीप सिंह पुत्र महेंद्र सिंह को अल्पसंख्यक मोर्चे का राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किए जाने की घोषणा की गई।

इस अवसर पर राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल चौधरी ने कहा कि जगदीप सिंह के नेतृत्व में अल्पसंख्यक समाज की भागीदारी गौ सेवा के कार्यों में और अधिक बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि "गौ माता सबकी माता है और उनकी सेवा एवं संरक्षण हम सभी का नैतिक दायित्व है।"

मेरठ के जिला अध्यक्ष विजय कुमार, जिला उपाध्यक्ष परविंदर उर्फ जैन साहब, कोषाध्यक्ष अजय कुमार तथा प्रिंस नितिन ने संयुक्त रूप से कहा कि जगदीप सिंह के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने से संगठन और अधिक मजबूत होगा। उन्होंने विश्वास जताया कि संगठन भविष्य में भी गौ संरक्षण, गौ संवर्धन और जनसेवा के कार्यों को पूरे समर्पण के साथ आगे बढ़ाता रहेगा तथा अधिक से अधिक लोगों को गौ सेवा के इस अभियान से जोड़ेगा।

बैठक में उपस्थित पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने जगदीप सिंह का फूलमालाओं से स्वागत करते हुए उन्हें नई जिम्मेदारी के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। संगठन ने विश्वास व्यक्त किया कि उनके नेतृत्व में अल्पसंख्यक मोर्चा राष्ट्रीय स्तर पर गौ सेवा के अभियान को नई दिशा और गति प्रदान करेगा।