गांव गांव पहुंचकर जनता के दिलों मे अपनी जगह बना रहे डॉ युवराज सिंह
अमृतपुर - अमृतपुर क्षेत्र से राजनीति मे उतर कर समाज सेवा करने का मन बना चुके फर्रुखाबाद के प्रसिद्ध चिकित्सक डा0 उदय राज सिंह के पुत्र एवम् चिकित्सक डॉ युवराज सिंह क्षेत्र के हर गांव मे हर घर तक पहुंचकर लोगों के दिलों अपनी जगह बना रहे है। वह प्रतिदिन लोगों के बीच पहुंचकर उनके दुःख दर्द मे शामिल हो रहे हैं तथा उनकी समस्याओं से रूबरू हो रहे हैं। वह लोगों के बीच पहुंचकर क्षेत्र की समस्याओं को समझने की कोशिश कर रहें है तथा जनता को हर संभव मदद का भरोसा दे रहे हैं। उन्होंने आज राजेपुर, कड़क्का, बलीपट्टी रानीगांव, मंझा की मड़ैया, आसमपुर,जैनापुर आदि गांवों मे पहुंचकर ग्रामीणों से बातचीत कर हाल चाल लिए तथा क्षेत्र अब तक के विकास की जानकारी ली।गंगापार की जनता डॉ युवराज सिंह मे राजनीतिक संभावनाएं तलाशती नजर आ रही है। नजर आ रही है। डॉ युवराज सिंह ने खास बातचीत मे बताया कि क्षेत्र मे आने से पता चला कि इस क्षेत्र की बाढ़ सबसे बड़ी समस्या है जिसके स्थाई निदान के बाद ही क्षेत्र को पिछड़ेपन से बाहर निकाला जा सकता है।
एफएसएसएआई द्वारा जनपद में वृहद् स्ट्रीट फूड विक्रेता प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन
फर्रुखाबाद ।
भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई), इसके उत्तरी क्षेत्रीय कार्यालय (एनआरओ) तथा उत्तर प्रदेश खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (यूपीएफएसडीए) जनपद में वृहद् स्ट्रीट फूड विक्रेता प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य स्ट्रीट फूड विक्रेताओं में खाद्य सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा सुरक्षित, स्वच्छ एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने के लिए स्वच्छ खाद्य प्रबंधन एवं खाद्य सुरक्षा संबंधी सर्वोत्तम प्रथाओं को बढ़ावा देना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ सांसद मुकेश राजपूत द्वारा मुख्य अतिथि के रूप में किया गया। इस दौरान एफएसएसएआई के संयुक्त निदेशक अंकेश्वर मिश्रा एफएसएसएआई के उत्तरी क्षेत्रीय कार्यालय की प्रबंधक श्रीमती निमांशी तथा उत्तर प्रदेश खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के सहायक आयुक्त सैय्यद शनावाज़ हैदर आबिदी सहित अन्य अतिथि उपस्थित रहे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अतिथियों ने स्थानीय अर्थव्यवस्था में स्ट्रीट फूड विक्रेताओं के महत्वपूर्ण योगदान की सराहना की तथा उपभोक्ताओं को सुरक्षित एवं स्वच्छ भोजन उपलब्ध कराने के लिए खाद्य स्वच्छता एवं साफ-सफाई के उच्च मानकों का पालन करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने विक्रेताओं से अच्छे स्वच्छता अभ्यास अपनाने, खाद्य पदार्थों के निर्माण, भंडारण एवं वितरण के दौरान स्वच्छता बनाए रखने तथा खाद्य सुरक्षा एवं मानक और उसके अंतर्गत बनाए गए विनियमों का अनुपालन सुनिश्चित करने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के अंतर्गत एफएसएसएआई की फूड सेफ्टी ट्रेनिंग एंड सर्टिफिकेशन  पहल के तहत स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को व्यापक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण में व्यक्तिगत स्वच्छता, खाद्य पदार्थों का सुरक्षित प्रबंधन, क्रॉस-कंटैमिनेशन की रोकथाम, सफाई एवं स्वच्छता, अपशिष्ट प्रबंधन, खाद्य पदार्थों का सुरक्षित भंडारण तथा स्वच्छ विक्रय वातावरण बनाए रखने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही खाद्य व्यवसाय संचालकों को  निर्धारित स्वच्छता एवं खाद्य सुरक्षा मानकों से भी अवगत कराया गया।

कार्यक्रम में लगभग 850 स्ट्रीट फूड विक्रेताओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रशिक्षण कार्यक्रम के सफल समापन पर प्रतिभागी स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को फोस्टैक  प्रशिक्षण प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। इसके साथ ही खाद्य स्वच्छता संबंधी सर्वोत्तम प्रथाओं को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने हेतु प्रतिभागियों को हाइजीन किट भी वितरित की गई।

एफएसएसएआई देशभर में राज्य खाद्य सुरक्षा विभागों के सहयोग से ऐसे क्षमता निर्माण एवं जन-जागरूकता कार्यक्रमों का निरंतर आयोजन कर रहा है ताकि खाद्य व्यवसाय संचालकों एवं खाद्य विक्रेताओं को आवश्यक ज्ञान एवं कौशल से सशक्त बनाया जा सके। इन पहलों के माध्यम से एफएसएसएआई खाद्य सुरक्षा की संस्कृति को सुदृढ़ करने, उपभोक्ताओं का विश्वास बढ़ाने तथा स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को बेहतर स्वच्छता एवं खाद्य सुरक्षा मानकों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने हेतु प्रतिबद्ध है।
यह कार्यक्रम खाद्य सुरक्षा के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने तथा देशभर में सुरक्षित, स्वच्छ एवं गुणवत्तापूर्ण स्ट्रीट फूड को बढ़ावा देने की दिशा में एफएसएसएआई के सतत प्रयासों का एक महत्वपूर्ण कदम है।
संपूर्ण समाधान दिवस में आयीं 43 शिकायतें, 3 का निस्तारण
अमृतपुर फर्रुखाबाद 18 जुलाई। तहसील सभागार अमृतपुर में शनिवार को अपर जिलाधिकारी अरुण कुमार सिंह की अध्यक्षता में संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों से संबंधित समस्याओं को लेकर बड़ी संख्या में फरियादी पहुंचे और अधिकारियों के समक्ष अपनी शिकायतें दर्ज कराईं।
समाधान दिवस में कुल 43 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 3 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। शेष प्रकरणों को संबंधित विभागों को सौंपते हुए शीघ्र एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए गए।
प्राप्त शिकायतों में राजस्व विभाग की 20, पुलिस विभाग की 8, विकास विभाग की 5, विद्युत विभाग की 1, खाद्य एवं रसद विभाग की 1 तथा अन्य विभागों की 8 शिकायतें शामिल रहीं।इस अवसर पर तहसीलदार शशांक सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। अपर जिलाधिकारी अरुण कुमार सिंह ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक शिकायत का समयबद्ध, निष्पक्ष एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि आमजन को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। तहसील सभागार में आयोजित यह कार्यक्रम सुबह 10 बजे से लेकर दोपहर 2 बजे तक चलता रहा। इस दौरान संबंधित थानों की पुलिस राजस्व विभाग के कर्मचारी अधिकारी मीडिया कर्मी फरियादी मौके पर उपस्थित रहे।
इटावा-बरेली हाईवे पर हादसा,पांच यात्री घायल

राजेपुर अमृतपुर फर्रुखाबाद 18 जुलाई। राजेपुर थाना क्षेत्र में इटावा-बरेली हाईवे पर शनिवार को एक तेज रफ्तार कार ने सवारियों से भरे टेंपो में पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में टेंपो में सवार पांच यात्री घायल हो गए। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि टेंपो बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और मौके पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही राजेपुर थाना पुलिस और 108 एंबुलेंस मौके पर पहुंची तथा सभी घायलों को उपचार के लिए जिला लोहिया अस्पताल भेजा गया।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टेंपो हुल्लापुर से सवारियां लेकर पांचाल घाट की ओर जा रहा था। जैसे ही वाहन महमदपुर गढ़िया गांव के पास पहुंचा, पीछे से तेज गति से आ रही एक कार ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर के बाद टेंपो सड़क पर असंतुलित होकर क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे के बाद राहगीरों ने तत्काल राहत कार्य शुरू करते हुए घायलों को वाहन से बाहर निकाला और पुलिस को सूचना दी।घटना की जानकारी मिलते ही राजेपुर थाना प्रभारी नागेंद्र सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने एंबुलेंस की सहायता से सभी घायलों को जिला लोहिया अस्पताल भिजवाया, जहां उनका उपचार जारी है। हादसे के कारण कुछ समय तक हाईवे पर यातायात भी प्रभावित रहा। पुलिस ने क्षतिग्रस्त वाहनों को सड़क से हटवाकर यातायात सामान्य कराया।थाना प्रभारी नागेंद्र सिंह ने बताया कि कार और टेंपो की टक्कर में पांच लोग घायल हुए हैं। सभी घायलों को उपचार के लिए जिला लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया है। दुर्घटनाग्रस्त कार और टेंपो को पुलिस ने कब्जे में ले लिया है तथा मामले की जांच शुरू कर दी गई है। प्रारंभिक जांच में हादसे का कारण कार की तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाना माना जा रहा है। पुलिस दुर्घटना के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
4,500 हेक्टेयर उपजाऊ कृषि भूमि के अधिग्रहण प्रस्ताव के विरोध में किसानों का धरना-प्रदर्शन
फर्रुखाबाद ।  जनपद में औद्योगिक गलियारा परियोजना के लिए प्रस्तावित 4,500 हेक्टेयर बहुफसली, सिंचित, अत्यंत उपजाऊ एवं बाग-बगीचों वाली कृषि भूमि के अधिग्रहण प्रस्ताव के विरोध में आज प्रभावित ग्रामों के हजारों किसानों ने किसान आंदोलन के प्रदेश अध्यक्ष अजय अनमोल के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट पहुंचकर शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन किया।
किसानों का कहना है कि यूपीडा की औद्योगिक गलियारा परियोजना के नाम पर बहुफसली एवं अत्यंत उपजाऊ कृषि भूमि के अधिग्रहण का प्रस्ताव किसानों के हितों, खाद्य सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण के विपरीत है। किसानों ने कहा कि जिस भूमि पर आलू, धान, गेहूँ, मक्का, सब्जियों तथा विभिन्न फलदार बागों का उत्पादन होता है, उसके अधिग्रहण से हजारों किसान परिवारों की आजीविका प्रभावित होगी।

धरने के दौरान किसानों ने मुख्यमंत्री के नाम जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर 4,500 हेक्टेयर उपजाऊ कृषि भूमि के अधिग्रहण प्रस्ताव को तत्काल निरस्त करने की मांग की।

किसानों की प्रमुख मांगों में औद्योगिक गलियारा परियोजना के लिए असिंचित, बंजर, अनुपजाऊ अथवा कम उपजाऊ भूमि का चयन करना, उपजाऊ भूमि को मनमाने ढंग से चिन्हित करने वाले अधिकारियों की उच्चस्तरीय जांच कराकर कार्रवाई करना किसानों के हित में पुनः प्रभावी किए जाने की मांग तथा वर्ष 2015 के शासनादेश की आड़ में किसानों पर दबाव बनाकर सीधे बैनामा कराने की व्यवस्था समाप्त करना शामिल है।

किसान आंदोलन के प्रदेश अध्यक्ष अजय अनमोल ने कहा कि विकास के नाम पर किसानों की बहुफसली और उपजाऊ भूमि को नष्ट नहीं किया जाना चाहिए। औद्योगिक परियोजनाओं के लिए बंजर एवं कम उपजाऊ भूमि का उपयोग किया जाना चाहिए, ताकि विकास के साथ-साथ किसानों की आजीविका, खाद्य सुरक्षा और पर्यावरण भी सुरक्षित रह सके।
उन्होंने कहा कि यदि किसानों की मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो किसान अपने लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक अधिकारों के तहत राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के बताए अहिंसात्मक मार्ग पर व्यापक आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
धरना-प्रदर्शन में प्रमुख रूप से
प्रदेश प्रभारी अशोक कटियार, जिला प्रवक्ता देवेश चतुर्वेदी, कानपुर मंडल महासचिव सुधीर गंगवार, जिला प्रभारी वी.के. गंगवार, जिलाध्यक्ष राजीव यादव ‘लालू’, अरविन्द राजपूत, वैद्य वीरेन्द्र आर्य, युवा नेता हर्ष गंगवार, मृदुल गंगवार, अभिनन्दन गंगवार, प्रधान प्रमोद गंगवार, राजीव कठेरिया, प्रधान देवेन्द्र यादव, पूर्व प्रधान प्रभाकर पाण्डेय, संतोष यादव, संजू यादव, रविन्द्र राठौर, सुजीत कुमार, श्यामवीर राजपूत, रामनिवास शाक्य, राम किशोर, पूर्व प्रधान रमेश पाल, अजय पाल, नीरज पाल, सुनील पाल, विकास पाठक सहित बड़ी संख्या में किसान आंदोलन के पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं प्रभावित किसान शामिल रहे।
जिलाधिकारी ने तहसील कायमगंज का किया निरीक्षण, व्यवस्थाओं का लिया जायजा
फर्रुखाबाद : जनसामान्य को समयबद्ध एवं पारदर्शी राजस्व सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने तहसील कायमगंज का औचक निरीक्षण कर विभिन्न व्यवस्थाओं का गहन जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने तहसील परिसर की साफ-सफाई, अभिलेखों के रखरखाव, न्यायालयों के संचालन, राजस्व अभिलेखों तथा जनसुनवाई व्यवस्था का निरीक्षण किया।
       जिलाधिकारी ने तहसील कार्यालय में लंबित राजस्व वादों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि नामांतरण, वरासत, सीमांकन, खतौनी संशोधन सहित सभी राजस्व प्रकरणों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जनसामान्य की शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अभिलेखागार, रिकॉर्ड रूम, नजारत, उप निबंधक कार्यालय तथा अन्य शाखाओं का निरीक्षण करते हुए अभिलेखों के सुव्यवस्थित रखरखाव पर विशेष बल दिया। उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देशित किया कि कार्यालयों में स्वच्छता बनाए रखें तथा आगंतुकों के साथ शालीन एवं संवेदनशील व्यवहार सुनिश्चित करें।
      जिलाधिकारी ने तहसील परिसर में आने वाले फरियादियों से संवाद कर उनकी समस्याओं की जानकारी भी प्राप्त की तथा संबंधित अधिकारियों को प्राप्त शिकायतों का त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप प्रत्येक नागरिक को पारदर्शी, सुगम एवं समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
      निरीक्षण के दौरान उप जिलाधिकारी कायमगंज, तहसीलदार, नायब तहसीलदार सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
कायमगंज सीएचसी का जिलाधिकारी ने किया निरीक्षण, गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने के दिए निर्देश
      फर्रुखाबाद : जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी, गुणवत्तापूर्ण एवं जनोन्मुखी बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आनंद उपाध्याय के साथ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) कायमगंज का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल में उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं, साफ-सफाई, औषधियों की उपलब्धता, अभिलेखों के संधारण तथा विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के क्रियान्वयन की विस्तृत समीक्षा की गई।
      जिलाधिकारी ने एचपीवी टीकाकरण अभियान की प्रगति का जायजा लेते हुए पात्र बालिकाओं का शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यालयों, अभिभावकों एवं स्वास्थ्य विभाग के बीच प्रभावी समन्वय स्थापित कर जनजागरूकता बढ़ाई जाए, ताकि कोई भी पात्र बालिका टीकाकरण से वंचित न रहे।
      निरीक्षण के दौरान उच्च जोखिम गर्भवती (एचआरपी) एवं एनीमिया से ग्रसित गर्भवती महिलाओं के उपचार एवं नियमित फॉलोअप की समीक्षा भी की गई, यहां पर जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि प्रत्येक उच्च जोखिम गर्भवती महिला की समयबद्ध जांच, आवश्यक उपचार एवं सतत निगरानी सुनिश्चित की जाए, जिससे सुरक्षित मातृत्व के लक्ष्य को प्रभावी ढंग से प्राप्त किया जा सके, साथ ही एनीमिया से पीड़ित गर्भवती महिलाओं को समय पर आयरन थेरेपी, आवश्यक दवाएं एवं चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध कराने पर विशेष बल दिया।
     जिलाधिकारी ने प्रसूता वार्ड का निरीक्षण कर वहां भर्ती माताओं को उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सेवाओं, स्वच्छता व्यवस्था, आवश्यक दवाओं की उपलब्धता एवं मरीजों को प्रदान की जा रही सुविधाओं का अवलोकन किया, उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक प्रसूता को सम्मानजनक, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराया जाए, इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
      अस्पताल परिसर, वार्डों, शौचालयों एवं अन्य विभागों की स्वच्छता व्यवस्था का निरीक्षण करते हुए जिलाधिकारी ने नियमित साफ-सफाई बनाए रखने तथा संक्रमण नियंत्रण के सभी मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, उन्होंने कहा कि स्वच्छ अस्पताल बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की आधारशिला है और इसमें किसी प्रकार की शिथिलता स्वीकार्य नहीं होगी।
     निरीक्षण के दौरान विभिन्न रजिस्टरों एवं अभिलेखों की भी जांच की गई जिसमें जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि सभी अभिलेख अद्यतन, स्पष्ट एवं त्रुटिरहित रखे जाएं तथा शासन की मंशा के अनुरूप प्रत्येक स्वास्थ्य कार्यक्रम का रिकॉर्ड निर्धारित मानकों के अनुसार संधारित किया जाए।
शासन की मंशा के अनुरूप प्रत्येक शिकायत का समाधान प्राथमिकता के आधार पर करें : जिलाधिकारी


      फर्रुखाबाद : "तहसील समाधान दिवस" का आयोजन कायमगंज तहसील में जिलाधिकारी डॉक्टर अंकुर लाठर की अध्यक्षता में किया गया।  
      कार्यक्रम में जिलाधिकारी ने फरियादियों की शिकायतों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्राप्त प्रकरणों का गुणवत्तापूर्ण, निष्पक्ष एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित पूर्ण करें, उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप प्रत्येक शिकायत का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाए, जिससे शिकायतकर्ता को किसी प्रकार की असुविधा न रहे।
      जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि जनसुनवाई शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और प्रत्येक अधिकारी की जिम्मेदारी है कि जनता की समस्याओं का संवेदनशीलता एवं पारदर्शिता के साथ समाधान किया जाए। गंभीर एवं संवेदनशील प्रकरणों में संबंधित अधिकारियों को मौके पर जाकर जांच करने तथा नियमानुसार शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने राजस्व एवं पुलिस विभाग के अधिकारियों को भूमि संबंधी विवादों का संयुक्त निरीक्षण कर समयबद्ध निस्तारण करने के निर्देश भी दिए।
      तहसील समाधान दिवस के दौरान कुल 189 शिकायती पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से 65 प्रकरण राजस्व विभाग, 46 प्रकरण पुलिस विभाग, 21 प्रकरण विकास विभाग, 28 प्रकरण विद्युत विभाग, 08 प्रकरण आपूर्ति विभाग, 05 प्रकरण नगर पालिका/नगर पंचायत तथा 16 प्रकरण अन्य विभागों के सम्मिलित रहे, इनमें से 12 प्रकरण मौके पर निस्तारित किए गए।
      इस मौके पर मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार गौड़, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ0 आनन्द उपाध्याय, अपर पुलिस अधीक्षक गिरीश कुमार सिंह, उप जिलाधिकारी कायमगंज अभिषेक वर्मा, क्षेत्राधिकारी, तहसीलदार, खंड विकास अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) फेज-2 के अंतर्गत ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन कार्यों में तेजी
      फर्रुखाबाद : जिला पंचायत राज अधिकारी ने बताया कि स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) फेज-2 के अंतर्गत जनपद में ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए व्यापक स्तर पर कार्य किया जा रहा है। जनपद की ग्राम पंचायतों में स्थापित आरआरसी (रिसोर्स रिकवरी सेंटर) के माध्यम से अपशिष्ट के वैज्ञानिक प्रबंधन एवं नियमित डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है।
     उन्होंने कहा कि जनपद की 580 ग्राम पंचायतों में से 09 ग्राम पंचायतों में भूमि की पर्याप्त उपलब्धता के अभाव में उन्हें निकटवर्ती ग्राम पंचायतों के आरआरसी से संबद्ध करते हुए संचालन की व्यवस्था की गई है। विकास खंड राजेपुर की ग्राम पंचायत कमालुद्दीनपुर में आरआरसी का निर्माण कार्य अभी प्रारंभ नहीं हो सका है। इसके अतिरिक्त जनपद की 570 ग्राम पंचायतों में से 452 आरआरसी वर्तमान में संचालित हैं तथा इन पंचायतों में नियमित रूप से डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण का कार्य किया जा रहा है।
     स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) फेज-2 के अंतर्गत जनपद की 545 ग्राम पंचायतों को आरआरसी संचालन सहित आवश्यक मदों की क्रेडिट लिमिट दो दिवस पूर्व निर्गत कर दी गई है। भुगतान न होने के कारण कुछ ग्राम पंचायतों के आरआरसी में झाड़ियों की सफाई एवं स्वच्छता कार्य प्रभावित हुआ था।
     इस संबंध में जनपद के समस्त विकास खंडों के सहायक विकास अधिकारियों (पंचायत) को निर्देशित किया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्र की सभी ग्राम पंचायतों के आरआरसी की तत्काल साफ-सफाई कराकर उन्हें पूर्ण रूप से क्रियाशील बनाएं तथा नियमित संचालन सुनिश्चित करें।
     जिला प्रशासन ने निर्देशन में शीघ्र ही जनपद के सभी आरआरसी को पूर्ण क्षमता के साथ संचालित कर स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के उद्देश्यों की प्रभावी पूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। जनपद में स्वच्छता एवं ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए सतत निगरानी एवं आवश्यक कार्रवाई जारी रहेगी।
जेठ पर घर में घुसकर छेड़छाड़ व मारपीट का आरोप, महिला ने एसपी से लगाई न्याय की गुहार

थाना पुलिस पर कार्रवाई न करने, समझौते का दबाव बनाने और ग्राम प्रधान के प्रभाव में काम करने का आरोप; एसपी से एफआईआर दर्ज कराने की मांग।

अमृतपुर फर्रुखाबाद

थाना अमृतपुर क्षेत्र के ग्राम भावन निवासी एक महिला ने अपने जेठ पर घर में घुसकर छेड़छाड़, मारपीट और गाली-गलौज करने का आरोप लगाते हुए पुलिस अधीक्षक फर्रुखाबाद से न्याय की गुहार लगाई है। पीड़िता का आरोप है कि थाना पुलिस से कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।

एसपी को दिए गए शिकायती पत्र में महिला ने बताया कि उसकी शादी करीब 14 वर्ष पहले ग्राम भावन निवासी मुकेश पुत्र पतीराम के साथ हुई थी। उनके तीन बच्चे हैं। महिला के अनुसार, परिवार में संपत्ति के बंटवारे को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है।
महिला का आरोप है कि 14 जुलाई को उसके जेठ रमेश पुत्र पतीराम ने उसके और उसके पति के साथ गाली-गलौज की थी। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने दोनों पक्षों में समझौता करा दिया। आरोप है कि अगले दिन 15 जुलाई की रात करीब आठ बजे रमेश शराब के नशे में उसके घर में घुस आया और उसके साथ अश्लील हरकत करते हुए छेड़छाड़ की। विरोध करने पर आरोपी ने उसके साथ मारपीट की। बीच-बचाव करने पहुंचे पति और बच्चों के साथ भी मारपीट किए जाने का आरोप लगाया गया है।
पीड़िता का कहना है कि उसने थाना अमृतपुर में दो बार लिखित शिकायत दी, लेकिन न तो मुकदमा दर्ज किया गया और न ही कोई ठोस कार्रवाई हुई। इसके बाद उसने पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
मीडिया से बातचीत में महिला ने आरोप लगाया कि थाना पुलिस ग्राम प्रधान अनिल कुशवाहा के दबाव में कार्य कर रही है। उसका कहना है कि आरोपी ग्राम प्रधान का करीबी होने के कारण पुलिस कार्रवाई से बच रहा है। महिला ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिसकर्मी दो बार उसके घर पहुंचे और कार्रवाई करने के बजाय समझौता करने का दबाव बनाया। समझौते से इनकार करने पर उसे और उसके पति को जेल भेजने तथा "सबक सिखाने" की धमकी दी गई।