यमुना एक्सप्रेस-वे पर हादसा, चार लोगों की मौत, 20 घायल
लखनऊ । उत्तर प्रदेश के मथुरा में यमुना एक्सप्रेस-वे पर आज तड़के करीब साढ़े तीन बजे लखनऊ से दिल्ली जा रही एक तेज रफ्तार वोल्वो बस आगे चल रहे गिट्टी से लदे ट्रेलर में पीछे से जा घुसी। हादसे में चार यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि करीब 20 लोग घायल हो गए। टक्कर इतनी भीषण थी कि बस का अगला हिस्सा ट्रेलर में घुसकर पूरी तरह पिचक गया।

हादसा एक्सप्रेस-वे के माइलस्टोन 112 से 113 के बीच राया कट से करीब दो किलोमीटर पहले हुआ। दुर्घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस, फायर सर्विस, एसडीआरएफ और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं। स्थानीय लोगों की मदद से बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकालकर घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया।

पुलिस अधीक्षक (देहात) सुरेश चंद्र रावत ने बताया कि गिट्टी से लदा ट्रेलर अपनी लेन में जा रहा था, तभी पीछे से आ रही गोला बस सर्विस की वोल्वो बस अनियंत्रित होकर ट्रेलर में जा घुसी। हादसे की सूचना सुबह 3:35 बजे कंट्रोल रूम को मिली, जिसके बाद 8 पीआरबी और 12 एंबुलेंस मौके पर भेजी गईं। घायलों को शीघ्र अस्पताल पहुंचाने के लिए ग्रीन कॉरिडोर भी बनाया गया।
जल जीवन मिशन की जमीनी हकीकत परखेंगे जलशक्ति मंत्री, 15 जुलाई से गांवों का करेंगे दौरा
-  हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने पर सरकार का फोकस, लापरवाही मिलने पर अधिकारियों पर होगी कार्रवाई

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के लक्ष्य को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए अब जमीनी स्तर पर विशेष मॉनिटरिंग अभियान शुरू करने जा रही है। इसके तहत जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह 15 से 25 जुलाई के बीच प्रदेश के एक दर्जन से अधिक जिलों के गांवों का दौरा कर जल जीवन मिशन की वास्तविक स्थिति का स्वयं निरीक्षण करेंगे।
इस विशेष अभियान में जलशक्ति मंत्री नल से जलापूर्ति, पेयजल की गुणवत्ता, परियोजनाओं की प्रगति तथा ग्रामीणों को मिल रही सुविधाओं का मौके पर जायजा लेंगे। साथ ही ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं और सुझाव भी जानेंगे। उनके साथ नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग के अपर मुख्य सचिव अनुराग श्रीवास्तव सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहेंगे।

-  गांवों में रात्रि प्रवास और 'जल अर्पण' कार्यक्रम
अभियान के दौरान जलशक्ति मंत्री और विभागीय अधिकारी चयनित गांवों में रात्रि प्रवास भी करेंगे। इस दौरान ग्रामीणों से सीधा संवाद स्थापित कर योजनाओं की वास्तविक स्थिति का मूल्यांकन किया जाएगा। गांवों में 'जल अर्पण' कार्यक्रम आयोजित कर स्थानीय लोगों को जलापूर्ति व्यवस्था के संचालन, रखरखाव और जल संरक्षण के प्रति जागरूक किया जाएगा।

-  इन जिलों का होगा दौरा
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 15 और 16 जुलाई को ललितपुर, झांसी और जालौन, जबकि 18 और 19 जुलाई को सुल्तानपुर, जौनपुर, मिर्जापुर और सोनभद्र के गांवों का निरीक्षण किया जाएगा। इस दौरान ग्रामीणों से प्राप्त फीडबैक के आधार पर योजनाओं की प्रभावशीलता का मूल्यांकन किया जाएगा।

-  यमुना सफाई अभियान में संतों और ग्रामीणों की होगी भागीदारी
24 जुलाई को मथुरा में जलशक्ति मंत्री संतों के साथ विशेष संवाद करेंगे। बैठक में यमुना नदी की स्वच्छता और संरक्षण को लेकर सुझाव लिए जाएंगे। साथ ही यमुना तटवर्ती गांवों के लोगों को भी इस अभियान से जोड़कर जनभागीदारी को बढ़ावा दिया जाएगा।

-  लापरवाही पर तय होगी जवाबदेही
राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन मुख्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में जलशक्ति मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि यदि किसी जिले से जलापूर्ति संबंधी शिकायत मिलती है तो संबंधित चीफ इंजीनियर और अधीक्षण अभियंता की जवाबदेही तय करते हुए सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी चीफ इंजीनियरों को प्रत्येक परियोजना की व्यक्तिगत समीक्षा करने, गुणवत्ता सुनिश्चित करने तथा गांवों में 'जल अर्पण' कार्यक्रम आयोजित कर ग्रामीणों को जल संरक्षण और योजनाओं के संचालन में सहभागी बनाने के निर्देश भी दिए।
सहायक आचार्य भर्ती: 21 जुलाई से शुरू होंगे साक्षात्कार, 910 पदों के लिए 3155 अभ्यर्थी होंगे शामिल
-  33 विषयों के इंटरव्यू 13 अगस्त तक चलेंगे, अभ्यर्थी आज से वेबसाइट से डाउनलोड कर सकते हैं साक्षात्कार पत्र


लखनऊ। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने विज्ञापन संख्या-51 के तहत सहायक आचार्य के 33 विषयों में कुल 910 पदों पर भर्ती के लिए साक्षात्कार कार्यक्रम जारी कर दिया है। आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार ने बताया कि लिखित परीक्षा में सफल घोषित 3155 अभ्यर्थियों के साक्षात्कार 21 जुलाई से 13 अगस्त 2026 तक निर्धारित तिथियों में आयोजित किए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि इन पदों के लिए लिखित परीक्षा का आयोजन 18 एवं 19 अप्रैल 2026 को किया गया था, जबकि 9 जून 2026 को औपबंधिक परिणाम घोषित किया गया था। अब सफल अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए बुलाया गया है।
आयोग के अनुसार, 21 जुलाई को अर्थशास्त्र, 22 जुलाई को वनस्पति विज्ञान एवं दर्शनशास्त्र, 23 जुलाई को रसायन विज्ञान, 24 जुलाई को अंग्रेजी, 28 जुलाई को कृषि अर्थशास्त्र, मानव विज्ञान एवं भूगोल, 29 जुलाई को भौतिक विज्ञान एवं मनोविज्ञान, 30 जुलाई को चित्रकला, संस्कृत एवं उर्दू तथा 31 जुलाई को प्राचीन इतिहास, सैन्य विज्ञान एवं संगीत (गायन) विषय के साक्षात्कार होंगे।
इसी प्रकार 4 अगस्त को शिक्षाशास्त्र एवं इतिहास, 5 अगस्त को पशुपालन एवं दुग्ध विज्ञान, संगीत (तबला), शारीरिक शिक्षा एवं जंतु विज्ञान, 6 अगस्त को विधि एवं राजनीति विज्ञान, 7 एवं 11 अगस्त को हिंदी, 7 अगस्त को गणित तथा 12 अगस्त को एशियन कल्चर, उद्यान विज्ञान, संगीत (सितार), समाजशास्त्र एवं सांख्यिकी विषय के अभ्यर्थियों का साक्षात्कार होगा। 13 अगस्त को वाणिज्य एवं गृह विज्ञान विषय के साक्षात्कार के साथ प्रक्रिया संपन्न होगी।
आयोग के अध्यक्ष ने बताया कि सभी पात्र अभ्यर्थी 29 जून से आयोग की आधिकारिक वेबसाइट से अपना साक्षात्कार पत्र डाउनलोड कर सकते हैं। वेबसाइट पर इंटरव्यू से संबंधित सभी आवश्यक दिशा-निर्देश भी उपलब्ध करा दिए गए हैं।
आयोग ने स्पष्ट किया है कि यह चयन प्रक्रिया उच्च न्यायालय एवं उच्चतम न्यायालय में लंबित मामलों के अंतिम निर्णय के अधीन रहेगी।
पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाया जाए मत्स्य विभाग की सभी योजनाओं का लाभ : डॉ. संजय निषाद

-  मत्स्य पालकों के लिए आयोजित किए जाए प्रशिक्षण कार्यक्रम

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मत्स्य विकास मंत्री डॉ. संजय कुमार निषाद ने आज विधान भवन स्थित अपने कार्यालय कक्ष में मत्स्य विकास विभाग के कार्यों एवं विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विभाग की सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समयबद्ध एवं पारदर्शी ढंग से पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाया जाए। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। मत्स्य पालकों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाए और उन्हें नवीन तकनीकों की जानकारी दी जाए ताकि मत्स्य उत्पादकता बढ़े और उनकी आय में वृद्धि हो।
मत्स्य विकास मंत्री ने प्रदेश में मत्स्य उत्पादन एवं उत्पादकता बढ़ाने, मत्स्य पालकों की आय में वृद्धि करने तथा प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना, मुख्यमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना, निषादराज बोट योजना, मत्स्य पालक कल्याण कोष एवं अन्य योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने एवं व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने सख्त निर्देश देते हुए अधिकारियों को कहा कि लाभार्थियों के चयन, अनुदान वितरण तथा विकास कार्यों में पूर्ण पारदर्शिता बनाए रखते हुए योजनाओं की नियमित समीक्षा की जाए।
डॉ. निषाद ने कहा कि मत्स्य क्षेत्र प्रदेश की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। प्रदेश सरकार मत्स्य पालकांे एवं मछुआ समुदाय के उत्थान के प्रति दृढ़संकल्पित है।
बैठक में अपर मुख्य सचिव मत्स्य विकास, मुकेश मेश्राम द्वारा मंत्री जी को बैठक में दिए गए निर्देश के क्रम में ससमय कार्यवाही किए जाने हेतु आश्वस्त किया गया। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिये कि मत्स्य विकास से संबंधित सभी योजनाओं का लाभ लाभार्थियों तक पहुंचाने एवं उन्हें प्रोत्साहित करें। मत्स्य विभाग द्वारा संचालित योजनाओं में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित की जाए।
समीक्षा बैठक में एन.एस. रहमानी, निदेशक मत्स्य,संयुक्त निदेशक अनिल कुमार, पुनीत कुमार उप निदेशक मत्स्य, एजाज अहमद उप निदेशक मत्स्य, सहित अन्य शासन एवं  विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
लखनऊ में वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी को शाहजहांपुर जाने से रोका, पार्टी ने लगाया 'हाउस अरेस्ट' का आरोप

- प्रशासन ने कानून-व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द का हवाला दिया, सहनी बोले- लोकतांत्रिक अधिकारों का हो रहा हनन

लखनऊ। विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के संस्थापक एवं बिहार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी को सोमवार को लखनऊ में शाहजहांपुर जाने से रोक दिया गया। पार्टी ने आरोप लगाया कि उन्हें 'हाउस अरेस्ट' कर दिया गया है और उनके आवागमन पर निगरानी रखी जा रही है।
पार्टी की ओर से जारी बयान के अनुसार, मुकेश सहनी को शाहजहांपुर होते हुए मिर्जापुर पहुंचना था, जहां उनकी प्रेस कॉन्फ्रेंस और रात्रि प्रवास का कार्यक्रम निर्धारित था। हालांकि, पुलिस-प्रशासन ने उन्हें लखनऊ से आगे जाने की अनुमति नहीं दी।
पार्टी का दावा है कि पुलिस अधीक्षक, शाहजहांपुर के पत्र के आधार पर प्रशासन ने यह निर्णय लिया। पत्र में कहा गया कि उनके जनपद भ्रमण से कानून-व्यवस्था एवं सामाजिक सौहार्द प्रभावित होने की आशंका है। इसी आधार पर उन्हें लखनऊ में ही रोकने तथा उनके आवागमन पर निगरानी रखने के निर्देश दिए गए।
इस कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए मुकेश सहनी ने आरोप लगाया कि सरकार जनहित के मुद्दे उठाने वाले नेताओं की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला बताते हुए कहा कि निषाद समाज के हक और अधिकारों की लड़ाई अंतिम दम तक जारी रहेगी।
हालांकि, इस मामले में प्रशासन की ओर से कानून-व्यवस्था बनाए रखने को कार्रवाई का आधार बताया गया है।
जनता दर्शन में सीएम योगी बोले: हर जरूरतमंद के इलाज की जिम्मेदारी सरकार की
-  विभिन्न जिलों से पहुंचे फरियादियों की समस्याएं सुनीं, अधिकारियों को तय समयसीमा में समाधान के दिए निर्देश

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को आयोजित 'जनता दर्शन' कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए फरियादियों की समस्याएं गंभीरता से सुनीं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रत्येक शिकायत का तय समयसीमा के भीतर प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही समाधान के बाद पीड़ित पक्ष से संपर्क कर उनकी संतुष्टि की भी पुष्टि करने को कहा।
मुख्यमंत्री ने फरियादियों को भरोसा दिलाते हुए कहा, "आप निश्चिंत होकर घर जाइए, सरकार हर मामले में न्यायसंगत कार्रवाई सुनिश्चित करेगी।"

-  कैंसर पीड़िता को दिलाया भरोसा, कहा- इलाज की चिंता सरकार करेगी
जनता दर्शन में बरेली से पहुंची एक कैंसर पीड़ित महिला ने आर्थिक सहायता और इलाज की गुहार लगाई। मुख्यमंत्री ने अस्पताल का उपचार अनुमान (एस्टिमेट) उपलब्ध कराने को कहा। जब महिला तत्काल एस्टिमेट प्रस्तुत नहीं कर सकीं तो सीएम ने निर्देश दिया कि अस्पताल से एस्टिमेट मंगवाकर उन्हें भर्ती कराया जाए और समुचित उपचार की व्यवस्था की जाए।
मुख्यमंत्री ने महिला को आश्वस्त करते हुए कहा, "आप अपने स्वास्थ्य पर ध्यान दें, इलाज की चिंता सरकार करेगी।"

-  राजस्व मामलों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, समय पर मिले न्याय
जनता दर्शन में आए राजस्व संबंधी मामलों पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि राजस्व विवादों का समयबद्ध निस्तारण किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार अतिक्रमण के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य कर रही है और इस पर लगातार कार्रवाई जारी रहेगी।
सीएम ने कहा कि राजस्व अधिकारी नियमित रूप से न्यायालय में बैठें और मामलों का शीघ्र निर्णय करें, ताकि गरीब और जरूरतमंद वादकारियों को समय पर न्याय मिल सके। उन्होंने दोहराया कि सरकार की मंशा है कि प्रत्येक पात्र व्यक्ति को बिना अनावश्यक विलंब के न्याय मिले।
लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर का जीवन जनसेवा और न्याय की अमर प्रेरणा: केशव प्रसाद मौर्य

-  गाजियाबाद में अहिल्याबाई होल्कर स्मृति द्वार का शिलान्यास, ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत किया पौधारोपण

लखनऊ/गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर का जीवन जनसेवा, न्यायप्रिय शासन और भारतीय संस्कृति के संरक्षण की अमर प्रेरणा है। उन्होंने कहा कि अहिल्याबाई होल्कर ने अपने आदर्श शासन, लोककल्याणकारी कार्यों और धर्मस्थलों के संरक्षण के माध्यम से भारतीय इतिहास में अमिट छाप छोड़ी है।
रविवार को गाजियाबाद में लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की 301वीं जयंती के अवसर पर आयोजित समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे उप मुख्यमंत्री ने लोनी बॉर्डर बस डिपो के निकट विधायक निधि योजना के अंतर्गत बनने वाले 'लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर स्मृति द्वार' का शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान के तहत पौधारोपण भी किया।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर ने धर्मस्थलों के संरक्षण एवं पुनर्निर्माण के साथ-साथ जनकल्याण को अपने जीवन का उद्देश्य बनाया। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक उनके योगदान को अपेक्षित सम्मान नहीं मिला, लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में महान विभूतियों के योगदान को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य किया गया है। उनकी 300वीं जयंती पूरे देश में श्रद्धा और गौरव के साथ मनाई गई।
श्री मौर्य ने कहा कि आज पूरा देश लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर को श्रद्धापूर्वक नमन कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की प्रेरणा से भारतीय संस्कृति, परंपराओं और महापुरुषों को सम्मान देने का कार्य निरंतर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार लोकमाता के आदर्शों पर चलते हुए समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास और कल्याण पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक नन्द किशोर गुर्जर की जनसेवा और विकास कार्यों की भी सराहना करते हुए कहा कि वे क्षेत्र के विकास के लिए निरंतर समर्पित भाव से कार्य कर रहे हैं।
इस अवसर पर सांसद अतुल गर्ग, विधायक नन्द किशोर गुर्जर, भाजपा जिलाध्यक्ष चैनपाल सिंह, महानगर अध्यक्ष मयंक गोयल, ब्लॉक प्रमुख कोमल गुर्जर, पार्षद, बीडीसी सदस्य, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
बरसात से पहले सभी खराब हैंडपंप दुरुस्त करें, पंचायत योजनाएं समयबद्ध पूरी हों: ओमप्रकाश राजभर
-  पंचायतीराज मंत्री ने विभागीय योजनाओं की समीक्षा बैठक में दिए निर्देश, अमृत सरोवर, जल जीवन मिशन, डिजिटल लाइब्रेरी और स्वच्छता कार्यों में तेजी लाने पर जोर

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के पंचायतीराज, अल्पसंख्यक कल्याण एवं मुस्लिम वक्फ मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने रविवार को सचिवालय में पंचायतीराज विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए अधिकारियों को सभी विकास योजनाओं को समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और पारदर्शी तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से बरसात से पहले खराब हैंडपंपों की मरम्मत, अमृत सरोवरों में जलभराव, जल जीवन मिशन, डिजिटल लाइब्रेरी और स्वच्छता योजनाओं में तेजी लाने पर जोर दिया।
बैठक में प्रदेश की 57,694 ग्राम पंचायतों में स्थापित हैंडपंपों की स्थिति, अमृत सरोवरों के निर्माण एवं जलभराव, तालाबों के जीर्णोद्धार, ग्रामीण क्षेत्रों के भूजल स्तर, जल जीवन मिशन के तहत पेयजल टंकियों और पाइपलाइन विस्तार, सड़कों की मरम्मत तथा सामुदायिक एवं व्यक्तिगत शौचालयों की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई।
मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट न हो, इसके लिए सभी खराब और बालूयुक्त हैंडपंपों की प्राथमिकता के आधार पर तत्काल मरम्मत कराई जाए। साथ ही अमृत सरोवरों के निर्माण, जलभराव और पंचायतों को हस्तांतरण की अद्यतन जनपदवार रिपोर्ट भी उपलब्ध कराई जाए।
उन्होंने जल जीवन मिशन के अंतर्गत अधूरे कार्यों को शीघ्र पूरा करने तथा पाइपलाइन बिछाने के दौरान क्षतिग्रस्त हुई ग्रामीण सड़कों की मरम्मत प्राथमिकता से कराने के निर्देश दिए। इसके अलावा सामुदायिक शौचालयों की नियमित सफाई, सफाई कर्मियों के मानदेय का समय पर भुगतान और व्यक्तिगत शौचालयों के लंबित आवेदनों का पारदर्शी निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा।
समीक्षा बैठक में फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट (एफएसटीपी), हैंडपंपों की जियो-टैगिंग एवं जल गुणवत्ता परीक्षण, ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत आईईसी गतिविधियों, ग्राम सचिवालयों में आधार सेवा केंद्रों की स्थापना तथा परिवार रजिस्टर के डिजिटलीकरण की प्रगति पर भी चर्चा हुई। मंत्री ने इन सभी योजनाओं के लिए समयबद्ध कार्ययोजना बनाकर तेजी से क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की सभी पंचायत योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पहुंचे। साथ ही ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी, बारात घर एवं उत्सव भवनों के निर्माण कार्यों में तेजी लाने तथा पिछली बैठकों में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की रिपोर्ट भी प्रस्तुत करने को कहा।
बैठक में प्रमुख सचिव पंचायतीराज अनिल कुमार, निदेशक पंचायतीराज अमित सिंह, विशेष सचिव राजेश त्यागी, स्वच्छ भारत मिशन की निदेशक गुंजन द्विवेदी सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
सोशल मीडिया पर अनुशासनहीनता पड़ी भारी, लखनऊ पुलिस के सिपाही सुनील कुमार शुक्ला सेवा से बर्खास्त

विभागीय जांच में वरिष्ठ अधिकारियों पर निराधार आरोप, सेवा नियमों और सोशल मीडिया नीति के उल्लंघन की पुष्टि, कमिश्नरेट की सख्त कार्रवाई

लखनऊ। पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ ने विभागीय अनुशासन बनाए रखने की दिशा में बड़ी कार्रवाई करते हुए आरक्षी सुनील कुमार शुक्ला को पुलिस सेवा से बर्खास्त कर दिया है। विभागीय जांच में उन्हें सोशल मीडिया और मीडिया मंचों का अनुचित उपयोग करने, वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ बिना प्रमाण सार्वजनिक आरोप लगाने तथा सेवा आचरण नियमों का उल्लंघन करने का दोषी पाया गया।

पुलिस कमिश्नरेट द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, मामले की जांच के लिए 7 मई 2026 को एक विभागीय समिति का गठन किया गया था। समिति ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की और सभी संबंधित पुलिसकर्मियों के बयान दर्ज किए। जांच के दौरान आरक्षी सुनील कुमार शुक्ला को भी अपना पक्ष रखने और अपने आरोपों के समर्थन में साक्ष्य प्रस्तुत करने का अवसर दिया गया।

जांच में सामने आया कि आरक्षी अपने लगाए गए आरोपों के समर्थन में कोई विश्वसनीय साक्ष्य उपलब्ध नहीं करा सके। समिति ने पाया कि उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों के विरुद्ध सार्वजनिक मंचों पर निराधार आरोप प्रसारित किए, जिससे विभाग की छवि प्रभावित हुई। इसके अलावा अधिकारियों के प्रति अमर्यादित भाषा का प्रयोग कर विभागीय अनुशासन को भी प्रभावित किया गया।

जांच रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया कि आरक्षी ने बिना विभागीय अनुमति सोशल मीडिया का उपयोग किया, जो उत्तर प्रदेश सोशल मीडिया नीति-2023, उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक आचरण नियमावली, 1956 के नियम 3, 6, 7 एवं 27 तथा उत्तर प्रदेश वर्दी विनियम के प्रावधानों के विपरीत है।

विभागीय जांच में गंभीर दुराचार सिद्ध होने के बाद पुलिस कमिश्नरेट ने आरक्षी सुनील कुमार शुक्ला को तत्काल प्रभाव से पुलिस सेवा से बर्खास्त कर दिया। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि विभागीय अनुशासन, सेवा नियमों और सोशल मीडिया नीति के उल्लंघन के मामलों में भविष्य में भी नियमानुसार कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
लखनऊ के हिमालयन कोल्ड स्टोरेज में भीषण आग, मिर्च के धुएं ने बढ़ाई मुश्किलें; 15 दमकल गाड़ियां, हाइड्रोलिक मशीनें राहत कार्य में जुटीं

लखनऊ। राजधानी लखनऊ के चिनहट थाना क्षेत्र स्थित हिमालयन कोल्ड स्टोरेज में रविवार सुबह आग लगने से क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलने के बाद फायर ब्रिगेड, पुलिस और प्रशासन की टीमें तत्काल मौके पर पहुंचीं और कई घंटों तक आग पर काबू पाने के लिए राहत एवं बचाव कार्य चलाया गया। घटना में किसी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं है।
अग्निशमन विभाग के अनुसार, आग लगने की सूचना सुबह लगभग 6:10 बजे प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही गोमतीनगर फायर स्टेशन से दो फायर टेंडर रवाना किए गए, जो लगभग 6:26 बजे घटनास्थल पर पहुंच गए। आग की गंभीरता को देखते हुए शहर के अन्य फायर स्टेशनों से भी दमकल वाहन बुलाए गए। मौके पर कुल 10 से अधिक फायर टेंडर, वाटर बाउजर, हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म और अन्य अग्निशमन उपकरणों को लगाया गया।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि सुबह टहलने निकले लोगों ने कोल्ड स्टोरेज से धुआं उठता देखा, जिसके बाद पुलिस और फायर विभाग को सूचना दी गई। कुछ ही देर में आग ने पूरे भवन को अपनी चपेट में ले लिया और दूर-दूर तक धुएं का गुबार दिखाई देने लगा।
कोल्ड स्टोरेज में इस समय हल्दी, मिर्च और अन्य किराना सामग्री रखी हुई थी। मिर्च और मसालों के जलने से उठ रहे तीखे धुएं के कारण दमकल कर्मियों को अंदर प्रवेश करने में काफी कठिनाई का सामना करना पड़ा। धुएं की वजह से आंखों में जलन और खांसी होने लगी, जिसके चलते हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म की सहायता से ऊपर से पानी डालकर आग बुझाने का कार्य किया गया।
राहत कार्य के दौरान लगातार पानी की आवश्यकता पड़ने पर दमकल की गाड़ियों को इंदिरा नहर से पानी भरकर लाया गया। कई घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काफी हद तक नियंत्रण पा लिया गया। इस दौरान पुलिस ने एहतियात के तौर पर कोल्ड स्टोरेज के पीछे स्थित कॉलोनी के 50 से अधिक घरों को खाली करा दिया, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।
करीब 20 वर्ष पुराने इस कोल्ड स्टोरेज के मालिक राहुल गुप्ता भी सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है। फायर विभाग और पुलिस घटना के कारणों की जांच कर रहे हैं।
अधिकारियों का कहना है कि राहत की बात यह रही कि घटना में कोई जनहानि नहीं हुई। आग पर पूरी तरह काबू पाने के बाद नुकसान का आकलन किया जाएगा और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।