लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर का जीवन जनसेवा और न्याय की अमर प्रेरणा: केशव प्रसाद मौर्य

-  गाजियाबाद में अहिल्याबाई होल्कर स्मृति द्वार का शिलान्यास, ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत किया पौधारोपण

लखनऊ/गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर का जीवन जनसेवा, न्यायप्रिय शासन और भारतीय संस्कृति के संरक्षण की अमर प्रेरणा है। उन्होंने कहा कि अहिल्याबाई होल्कर ने अपने आदर्श शासन, लोककल्याणकारी कार्यों और धर्मस्थलों के संरक्षण के माध्यम से भारतीय इतिहास में अमिट छाप छोड़ी है।
रविवार को गाजियाबाद में लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की 301वीं जयंती के अवसर पर आयोजित समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे उप मुख्यमंत्री ने लोनी बॉर्डर बस डिपो के निकट विधायक निधि योजना के अंतर्गत बनने वाले 'लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर स्मृति द्वार' का शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान के तहत पौधारोपण भी किया।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर ने धर्मस्थलों के संरक्षण एवं पुनर्निर्माण के साथ-साथ जनकल्याण को अपने जीवन का उद्देश्य बनाया। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक उनके योगदान को अपेक्षित सम्मान नहीं मिला, लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में महान विभूतियों के योगदान को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य किया गया है। उनकी 300वीं जयंती पूरे देश में श्रद्धा और गौरव के साथ मनाई गई।
श्री मौर्य ने कहा कि आज पूरा देश लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर को श्रद्धापूर्वक नमन कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की प्रेरणा से भारतीय संस्कृति, परंपराओं और महापुरुषों को सम्मान देने का कार्य निरंतर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार लोकमाता के आदर्शों पर चलते हुए समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास और कल्याण पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक नन्द किशोर गुर्जर की जनसेवा और विकास कार्यों की भी सराहना करते हुए कहा कि वे क्षेत्र के विकास के लिए निरंतर समर्पित भाव से कार्य कर रहे हैं।
इस अवसर पर सांसद अतुल गर्ग, विधायक नन्द किशोर गुर्जर, भाजपा जिलाध्यक्ष चैनपाल सिंह, महानगर अध्यक्ष मयंक गोयल, ब्लॉक प्रमुख कोमल गुर्जर, पार्षद, बीडीसी सदस्य, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
बरसात से पहले सभी खराब हैंडपंप दुरुस्त करें, पंचायत योजनाएं समयबद्ध पूरी हों: ओमप्रकाश राजभर
-  पंचायतीराज मंत्री ने विभागीय योजनाओं की समीक्षा बैठक में दिए निर्देश, अमृत सरोवर, जल जीवन मिशन, डिजिटल लाइब्रेरी और स्वच्छता कार्यों में तेजी लाने पर जोर

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के पंचायतीराज, अल्पसंख्यक कल्याण एवं मुस्लिम वक्फ मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने रविवार को सचिवालय में पंचायतीराज विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए अधिकारियों को सभी विकास योजनाओं को समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और पारदर्शी तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से बरसात से पहले खराब हैंडपंपों की मरम्मत, अमृत सरोवरों में जलभराव, जल जीवन मिशन, डिजिटल लाइब्रेरी और स्वच्छता योजनाओं में तेजी लाने पर जोर दिया।
बैठक में प्रदेश की 57,694 ग्राम पंचायतों में स्थापित हैंडपंपों की स्थिति, अमृत सरोवरों के निर्माण एवं जलभराव, तालाबों के जीर्णोद्धार, ग्रामीण क्षेत्रों के भूजल स्तर, जल जीवन मिशन के तहत पेयजल टंकियों और पाइपलाइन विस्तार, सड़कों की मरम्मत तथा सामुदायिक एवं व्यक्तिगत शौचालयों की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई।
मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट न हो, इसके लिए सभी खराब और बालूयुक्त हैंडपंपों की प्राथमिकता के आधार पर तत्काल मरम्मत कराई जाए। साथ ही अमृत सरोवरों के निर्माण, जलभराव और पंचायतों को हस्तांतरण की अद्यतन जनपदवार रिपोर्ट भी उपलब्ध कराई जाए।
उन्होंने जल जीवन मिशन के अंतर्गत अधूरे कार्यों को शीघ्र पूरा करने तथा पाइपलाइन बिछाने के दौरान क्षतिग्रस्त हुई ग्रामीण सड़कों की मरम्मत प्राथमिकता से कराने के निर्देश दिए। इसके अलावा सामुदायिक शौचालयों की नियमित सफाई, सफाई कर्मियों के मानदेय का समय पर भुगतान और व्यक्तिगत शौचालयों के लंबित आवेदनों का पारदर्शी निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा।
समीक्षा बैठक में फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट (एफएसटीपी), हैंडपंपों की जियो-टैगिंग एवं जल गुणवत्ता परीक्षण, ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत आईईसी गतिविधियों, ग्राम सचिवालयों में आधार सेवा केंद्रों की स्थापना तथा परिवार रजिस्टर के डिजिटलीकरण की प्रगति पर भी चर्चा हुई। मंत्री ने इन सभी योजनाओं के लिए समयबद्ध कार्ययोजना बनाकर तेजी से क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की सभी पंचायत योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पहुंचे। साथ ही ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी, बारात घर एवं उत्सव भवनों के निर्माण कार्यों में तेजी लाने तथा पिछली बैठकों में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की रिपोर्ट भी प्रस्तुत करने को कहा।
बैठक में प्रमुख सचिव पंचायतीराज अनिल कुमार, निदेशक पंचायतीराज अमित सिंह, विशेष सचिव राजेश त्यागी, स्वच्छ भारत मिशन की निदेशक गुंजन द्विवेदी सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
सोशल मीडिया पर अनुशासनहीनता पड़ी भारी, लखनऊ पुलिस के सिपाही सुनील कुमार शुक्ला सेवा से बर्खास्त

विभागीय जांच में वरिष्ठ अधिकारियों पर निराधार आरोप, सेवा नियमों और सोशल मीडिया नीति के उल्लंघन की पुष्टि, कमिश्नरेट की सख्त कार्रवाई

लखनऊ। पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ ने विभागीय अनुशासन बनाए रखने की दिशा में बड़ी कार्रवाई करते हुए आरक्षी सुनील कुमार शुक्ला को पुलिस सेवा से बर्खास्त कर दिया है। विभागीय जांच में उन्हें सोशल मीडिया और मीडिया मंचों का अनुचित उपयोग करने, वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ बिना प्रमाण सार्वजनिक आरोप लगाने तथा सेवा आचरण नियमों का उल्लंघन करने का दोषी पाया गया।

पुलिस कमिश्नरेट द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, मामले की जांच के लिए 7 मई 2026 को एक विभागीय समिति का गठन किया गया था। समिति ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की और सभी संबंधित पुलिसकर्मियों के बयान दर्ज किए। जांच के दौरान आरक्षी सुनील कुमार शुक्ला को भी अपना पक्ष रखने और अपने आरोपों के समर्थन में साक्ष्य प्रस्तुत करने का अवसर दिया गया।

जांच में सामने आया कि आरक्षी अपने लगाए गए आरोपों के समर्थन में कोई विश्वसनीय साक्ष्य उपलब्ध नहीं करा सके। समिति ने पाया कि उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों के विरुद्ध सार्वजनिक मंचों पर निराधार आरोप प्रसारित किए, जिससे विभाग की छवि प्रभावित हुई। इसके अलावा अधिकारियों के प्रति अमर्यादित भाषा का प्रयोग कर विभागीय अनुशासन को भी प्रभावित किया गया।

जांच रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया कि आरक्षी ने बिना विभागीय अनुमति सोशल मीडिया का उपयोग किया, जो उत्तर प्रदेश सोशल मीडिया नीति-2023, उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक आचरण नियमावली, 1956 के नियम 3, 6, 7 एवं 27 तथा उत्तर प्रदेश वर्दी विनियम के प्रावधानों के विपरीत है।

विभागीय जांच में गंभीर दुराचार सिद्ध होने के बाद पुलिस कमिश्नरेट ने आरक्षी सुनील कुमार शुक्ला को तत्काल प्रभाव से पुलिस सेवा से बर्खास्त कर दिया। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि विभागीय अनुशासन, सेवा नियमों और सोशल मीडिया नीति के उल्लंघन के मामलों में भविष्य में भी नियमानुसार कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
लखनऊ के हिमालयन कोल्ड स्टोरेज में भीषण आग, मिर्च के धुएं ने बढ़ाई मुश्किलें; 15 दमकल गाड़ियां, हाइड्रोलिक मशीनें राहत कार्य में जुटीं

लखनऊ। राजधानी लखनऊ के चिनहट थाना क्षेत्र स्थित हिमालयन कोल्ड स्टोरेज में रविवार सुबह आग लगने से क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलने के बाद फायर ब्रिगेड, पुलिस और प्रशासन की टीमें तत्काल मौके पर पहुंचीं और कई घंटों तक आग पर काबू पाने के लिए राहत एवं बचाव कार्य चलाया गया। घटना में किसी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं है।
अग्निशमन विभाग के अनुसार, आग लगने की सूचना सुबह लगभग 6:10 बजे प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही गोमतीनगर फायर स्टेशन से दो फायर टेंडर रवाना किए गए, जो लगभग 6:26 बजे घटनास्थल पर पहुंच गए। आग की गंभीरता को देखते हुए शहर के अन्य फायर स्टेशनों से भी दमकल वाहन बुलाए गए। मौके पर कुल 10 से अधिक फायर टेंडर, वाटर बाउजर, हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म और अन्य अग्निशमन उपकरणों को लगाया गया।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि सुबह टहलने निकले लोगों ने कोल्ड स्टोरेज से धुआं उठता देखा, जिसके बाद पुलिस और फायर विभाग को सूचना दी गई। कुछ ही देर में आग ने पूरे भवन को अपनी चपेट में ले लिया और दूर-दूर तक धुएं का गुबार दिखाई देने लगा।
कोल्ड स्टोरेज में इस समय हल्दी, मिर्च और अन्य किराना सामग्री रखी हुई थी। मिर्च और मसालों के जलने से उठ रहे तीखे धुएं के कारण दमकल कर्मियों को अंदर प्रवेश करने में काफी कठिनाई का सामना करना पड़ा। धुएं की वजह से आंखों में जलन और खांसी होने लगी, जिसके चलते हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म की सहायता से ऊपर से पानी डालकर आग बुझाने का कार्य किया गया।
राहत कार्य के दौरान लगातार पानी की आवश्यकता पड़ने पर दमकल की गाड़ियों को इंदिरा नहर से पानी भरकर लाया गया। कई घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काफी हद तक नियंत्रण पा लिया गया। इस दौरान पुलिस ने एहतियात के तौर पर कोल्ड स्टोरेज के पीछे स्थित कॉलोनी के 50 से अधिक घरों को खाली करा दिया, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।
करीब 20 वर्ष पुराने इस कोल्ड स्टोरेज के मालिक राहुल गुप्ता भी सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है। फायर विभाग और पुलिस घटना के कारणों की जांच कर रहे हैं।
अधिकारियों का कहना है कि राहत की बात यह रही कि घटना में कोई जनहानि नहीं हुई। आग पर पूरी तरह काबू पाने के बाद नुकसान का आकलन किया जाएगा और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मॉडल संकुल संघ के लेखाकार एवं एमआईएस सहायकों का 10 दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न, प्रतिभागियों को मिले प्रमाण पत्र

- एसआईआरडी में वित्तीय प्रबंधन, लेखांकन और डेटा प्रबंधन की दी गई उन्नत ट्रेनिंग

लखनऊ। दीनदयाल उपाध्याय राज्य ग्राम्य विकास संस्थान (एसआईआरडी), बख्शी का तालाब में उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत आयोजित मॉडल संकुल संघ के लेखाकार एवं एमआईएस सहायकों का 10 दिवसीय राज्य स्तरीय आवासीय प्रशिक्षण शनिवार को संपन्न हो गया। 18 से 27 जून तक चले इस प्रशिक्षण के समापन अवसर पर प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए।
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में आयोजित इस प्रशिक्षण का उद्देश्य मॉडल संकुल संघों के लेखाकारों और एमआईएस सहायकों को वित्तीय प्रबंधन, लेखांकन प्रणाली और डेटा प्रबंधन में दक्ष बनाना था, ताकि ग्रामीण आजीविका मिशन के कार्यों में पारदर्शिता और प्रभावशीलता सुनिश्चित की जा सके।
संयुक्त मिशन निदेशक प्रवीणानंद ने कहा कि मॉडल संकुल संघ ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। प्रशिक्षित लेखाकार एवं एमआईएस सहायक स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने और "गरीबी मुक्त गांव" के लक्ष्य को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को समूह गठन, सामुदायिक संस्थाओं की कार्यप्रणाली, वित्तीय प्रबंधन, दोहरी लेखा प्रणाली, ऋण एवं बचत प्रबंधन, बीमा, डेटा प्रबंधन तथा संकुल स्तरीय संघों की कार्यप्रणाली से जुड़े विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा व्यावहारिक एवं तकनीकी प्रशिक्षण दिया गया।
समापन सत्र में डॉ. सीमा राठौर और डॉ. नन्दकिशोर साह ने प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए। प्रशिक्षण में गाजीपुर, कन्नौज, बिजनौर और शामली जनपदों के प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इस अवसर पर राज्य संसाधन व्यक्ति बैजनाथ राम, अमित कुमार सिंह तोमर, मेघा वर्मा, सोनिया, देवेंद्र मिश्रा, कुमारी विमलेश, राजेंद्र सिंह, सूरज सिंह सहित कई प्रशिक्षक एवं अधिकारी उपस्थित रहे।
1 जुलाई से लागू होगी 'विकसित भारत-जी राम जी' योजना, ग्रामीण परिवारों को मिलेगा 125 दिन का रोजगार

-  उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य बोले- आत्मनिर्भर गांवों और मजबूत ग्रामीण अर्थव्यवस्था की दिशा में ऐतिहासिक कदम


लखनऊ। उत्तर प्रदेश में 1 जुलाई 2026 से "विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025 (VB-GRAM G)" लागू होने जा रहा है। इसके तहत ग्रामीण परिवारों को अब 100 दिनों के बजाय 125 दिनों के रोजगार का अवसर मिलेगा। योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए ग्राम्य विकास विभाग ने प्रदेशभर में व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं।
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि यह योजना ग्रामीण भारत के विकास, रोजगार सृजन और आत्मनिर्भर गांवों के निर्माण की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। इससे ग्रामीण परिवारों की आय सुरक्षा मजबूत होगी, स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और गांवों के समग्र विकास को नई गति मिलेगी।
उन्होंने बताया कि रोजगार की गारंटी अवधि बढ़ाकर 125 दिन किए जाने से ग्रामीण श्रमिकों को अतिरिक्त रोजगार मिलेगा, जिससे उनकी आजीविका सुदृढ़ होगी और विकास कार्यों में तेजी आएगी। यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के "विकसित भारत" के संकल्प को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि वीबी-जी राम जी योजना पारदर्शी व्यवस्था के माध्यम से ग्रामीण श्रमिकों को सम्मानजनक रोजगार और आजीविका के नए अवसर उपलब्ध कराएगी। उन्होंने विश्वास जताया कि इस योजना से गांवों में रोजगार बढ़ने के साथ-साथ आधारभूत विकास कार्यों को भी नई गति मिलेगी तथा उत्तर प्रदेश आत्मनिर्भर और समृद्ध गांवों के निर्माण की दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करेगा।
प्रोजेक्ट प्रवीण' से 36 हजार से अधिक युवाओं को मिलेगा कौशल प्रशिक्षण, 15 जुलाई से शुरू होंगी कक्षाएं

-  राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल बोले— योगी सरकार युवाओं को शिक्षा के साथ रोजगारपरक कौशल से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध


लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश सरकार युवाओं को आत्मनिर्भर और रोजगार के लिए सक्षम बनाने की दिशा में लगातार कदम बढ़ा रही है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए "प्रोजेक्ट प्रवीण" के तहत अल्पकालीन कौशल प्रशिक्षण (STT) का लक्ष्य जारी कर दिया है। इस वर्ष प्रदेश के 36,103 छात्र-छात्राओं को विभिन्न रोजगारपरक क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जाएगा।
प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने बताया कि योगी सरकार का उद्देश्य प्रदेश के प्रत्येक युवा को हुनरमंद बनाना है। उन्होंने कहा कि प्रोजेक्ट प्रवीण के माध्यम से राजकीय माध्यमिक विद्यालयों के विद्यार्थियों को सामान्य शिक्षा के साथ तकनीकी एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण भी उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे वे भविष्य में रोजगार और स्वरोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त कर सकें।
उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण आईटी-आईटीईएस, हेल्थकेयर, इलेक्ट्रॉनिक्स, अपैरल, ब्यूटी एंड वेलनेस, एग्रीकल्चर, मैनेजमेंट तथा ग्रीन जॉब्स जैसे प्रमुख क्षेत्रों में दिया जाएगा। प्रशिक्षण की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक बैच में अधिकतम 35 प्रशिक्षणार्थियों को शामिल किया जाएगा तथा प्रत्येक पाठ्यक्रम की अवधि अधिकतम 300 घंटे निर्धारित की गई है।
प्रदेश के आगरा, बरेली, आजमगढ़, ललितपुर, वाराणसी, रामपुर, शाहजहांपुर, जालौन और सोनभद्र सहित विभिन्न जनपदों के राजकीय विद्यालयों में सूचीबद्ध प्रशिक्षण प्रदाताओं (टीपी) के माध्यम से यह प्रशिक्षण संचालित किया जाएगा।
उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के निदेशक पुलकित खरे द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार सभी प्रशिक्षण प्रदाताओं को 15 जुलाई 2026 तक प्रशिक्षण केंद्रों पर कक्षाएं शुरू करनी होंगी। बैच प्रारंभ होने के सात कार्य दिवसों के भीतर सभी प्रशिक्षणार्थियों को अध्ययन सामग्री वितरित कर उसकी जानकारी और तस्वीरें मिशन के पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य होगा।
निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि यदि कोई प्रशिक्षण प्रदाता निर्धारित समय-सीमा का पालन नहीं करता है अथवा उसके विरुद्ध शिकायत प्राप्त होती है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त विधिक कार्रवाई की जाएगी।
लखनऊ: इटौंजा में मकान का छज्जा गिरा, 2 बच्चों की मौत, 10 घायल
लखनऊ। थाना इटौंजा क्षेत्र के मोहल्ला पखरिया (मोहना) में एक मकान का छज्जा गिरने से बड़ा हादसा हो गया। इस घटना में 2 बच्चों की मौत हो गई, जबकि 10 लोग घायल हो गए हैं।

जानकारी के अनुसार, 26 जून 2026 की रात करीब 10:15 बजे मकान के छज्जे से लोगों को पेय पदार्थ बांटा जा रहा था। इसी दौरान छज्जा अचानक गिर गया और लोग उसकी चपेट में आ गए।

घायलों को तत्काल 100 शैय्या संयुक्त चिकित्सालय बीकेटी भेजा गया, जहां इलाज के दौरान दो बच्चों को मृत घोषित कर दिया गया। पांच गंभीर घायलों को केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया है। अन्य घायलों का इलाज चल रहा है।

पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है और क्षेत्र में स्थिति सामान्य है।
एक  लाख का इनामी बदमाश संजय उर्फ संजीव पुलिस मुठभेड़ में ढेर, बिल्डर संदीप सिंह हत्याकांड का था मुख्य शूटर
लखनऊ के इंदिरा कैनाल रोड पर पुलिस से हुई मुठभेड़, कई सनसनीखेज हत्याओं में था वांछित

लखनऊ। राजधानी लखनऊ में शनिवार को पुलिस और एक लाख रुपये के इनामी बदमाश संजय उर्फ संजीव के बीच हुई मुठभेड़ में कुख्यात अपराधी मारा गया। पुलिस के अनुसार, संजय हाल ही में हुए चर्चित बिल्डर संदीप सिंह हत्याकांड का मुख्य शूटर था और उस पर पुलिस आयुक्त लखनऊ द्वारा एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था।

पुलिस के मुताबिक, संजय उर्फ संजीव पुत्र हरीराम, थाना अहिरौली क्षेत्र के ग्राम चक कोदार, जनपद अंबेडकरनगर का निवासी था। वह लंबे समय से हत्या समेत कई संगीन मामलों में वांछित चल रहा था।

इंदिरा कैनाल रोड पर हुई मुठभेड़

शनिवार, 27 जून 2026 को अपर पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने लखनऊ के इंदिरा कैनाल रोड पर घेराबंदी कर आरोपी को पकड़ने का प्रयास किया। पुलिस के अनुसार, इस दौरान हुई मुठभेड़ में संजय उर्फ संजीव गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गया।

घायल अपराधी को तत्काल उपचार के लिए डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

बिल्डर संदीप सिंह हत्याकांड का मुख्य शूटर

पुलिस के अनुसार, संजय उर्फ संजीव 27 मई 2026 को पीजीआई थाना क्षेत्र में हुए चर्चित बिल्डर संदीप सिंह हत्याकांड का मुख्य शूटर था। इस हत्याकांड के बाद से उसकी तलाश तेज कर दी गई थी और उसकी गिरफ्तारी पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था।

कई जिलों में फैला था आपराधिक नेटवर्क

प्रारंभिक पुलिस जानकारी के अनुसार, संजय ने अंबेडकरनगर, बस्ती और अयोध्या समेत कई जिलों में हत्या जैसी सनसनीखेज वारदातों को अंजाम दिया था। वह अंबेडकरनगर के कुख्यात अपराधी दिलीप वर्मा और खान मुबारक गैंग के सदस्यों के साथ मिलकर कई जघन्य अपराधों में शामिल रहा।

आगे की कार्रवाई जारी

पुलिस ने मुठभेड़ के बाद आवश्यक विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। साथ ही संजय के आपराधिक नेटवर्क, उसके सहयोगियों और गैंग से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश भी जारी है। अधिकारियों का कहना है कि संगठित अपराध के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
टेलीविजन धारावाहिकों और मॉडलिंग का चेहरा अब बंगाली सिनेमा में
लखनऊ। बंगाली मनोरंजन उद्योग में करियर अक्सर समय के साथ विभिन्न प्रदर्शन माध्यमों से गुजरते हैं। अभिनेता सुशोभन सोनू राय का 2016 से काम नृत्य प्रशिक्षण, टेलीविजन धारावाहिकों, वाणिज्यिक मॉडलिंग असाइनमेंट और फिल्म-संबंधित कार्यों तक फैला हुआ है। वह वर्तमान में बंगाली फिल्म 'टेक केयर भालोबासा' से जुड़े हैं, जिसमें वह 'जय' की भूमिका में दिखाई देते हैं।

सुशोभन का सबसे पहला औपचारिक प्रशिक्षण पश्चिमी नृत्य में था। दमदम मोतीझील रवींद्र महाविद्यालय से बी.कॉम की डिग्री करते हुए, जो उन्होंने 2016 में पूरी की, उन्होंने लगभग दो वर्षों तक प्रशिक्षण लिया और कोलकाता में मंचीय कार्यक्रमों और सांस्कृतिक आयोजनों में भाग लिया। बाद में उनकी रुचि अभिनय की ओर बढ़ी और 2016 से 2018 के बीच उन्होंने निर्देशक एवं निर्माता पियूष साहा के मार्गदर्शन में अभिनय कार्यशालाओं में भाग लिया।

उनकी पहली टेलीविजन उपस्थिति 2019 में आकाश आठ चैनल के धारावाहिक 'आनंदमयी माँ' से हुई, जिसका निर्देशन स्वर्गीय देवीदास भट्टाचार्य ने किया था। इस धारावाहिक में उन्होंने एक वैष्णव भक्त की भूमिका निभाई। 2019 से 2021 के बीच, वह 'मोहर', 'कोड़ापाखी', 'तितली', 'खेलाघर' और 'जमुना ढाकी' सहित कई बंगाली टेलीविजन प्रस्तुतियों में दिखाई दिए। 'कोड़ापाखी' में उन्होंने अभिनेत्री पार्नो मित्रा के विपरीत एक नकारात्मक चरित्र निभाया।

कोविड-19 महामारी के दौरान, जब टेलीविजन उत्पादन धीमा हो गया, सुशोभन वाणिज्यिक मॉडलिंग में शामिल हो गए। 2023 के बाद से, वह हॉलिडे इन होटल, डाबर, टाइटन आई+, वेलोसिटी आईवियर, अमेज़न, स्पेंसर, कैंपस शूज़, बिग बाज़ार, बायोटिक और फियामा डी विल्स सहित ब्रांडों के अभियानों में दिखाई दिए। 2025 में, उन्होंने कोलकाता में आयोजित 'एथनिक एलिगेंस 2025' प्रतियोगिता में भाग लिया, जहाँ वह प्रथम रनर-अप रहे।

सुशोभन बंगाली फिल्म 'टेक केयर भालोबासा' में 'जय' के रूप में दिखाई देते हैं। फिल्म चार दोस्तों के बीच संबंधों और समय के साथ उभरने वाले भावनात्मक बदलावों की पड़ताल करती है। जॉय कई ऐसे क्षणों में दिखाई देता है जहाँ कहानी के आगे बढ़ने के साथ समूह के संबंधों में बदलाव सामने आने लगते हैं।

19 जुलाई 1994 को हावड़ा में जन्मे सुशोभन ने अपना कुछ बचपन गुवाहाटी में बिताया। उन्होंने साढ़े तीन साल की उम्र में अपने पिता को खो दिया, जिसके बाद उनकी माँ ने परिवार के पालन-पोषण की पूरी जिम्मेदारी संभाली।

पर्दे पर आधारित कार्यों में प्रवेश करने के बाद से, सुशोभन अपने करियर के विभिन्न चरणों में टेलीविजन धारावाहिकों, मॉडलिंग अभियानों और फिल्म परियोजनाओं से जुड़े रहे हैं। उनकी स्क्रीन उपस्थिति में विभिन्न परियोजनाओं में भक्ति, नकारात्मक और चरित्र-आधारित भूमिकाएँ शामिल रही हैं।