मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के विज़न से बदली तस्वीर: झारखण्ड का आम अब ग्लोबल मंच पर, 2.15 लाख परिवार आत्मनिर्भर

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन का विज़न और ग्रामीण महिलाओं की मेहनत के अनूठे संगम ने प्रमाणित कर दिया कि यदि दूरदर्शी सोच और कड़ी मेहनत एक साथ मिल जाए, तो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को वैश्विक ऊंचाइयों पर ले जाया जा सकता है।

इसी सोच और कड़ी मेहनत से पलाश ब्रांड के तहत झारखण्ड मैंगो मार्केटिंग इनिशिएटिव ने ग्रामीण महिलाओं और किसानों की तकदीर बदल रही है। आज झारखण्ड का आम न केवल देश के बड़े रिटेल चेन बल्कि सात समंदर पार अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी अपनी मिठास घोल रहा है। 

बड़े पैमाने पर फलदार पौधारोपण और स्थायी आजीविका

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के निर्देश पर ग्रामीण परिवारों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से बिरसा हरित ग्राम योजना की शुरुआत कोरोना संक्रमण काल में हुई थी। सखी मंडल की दीदियों के साथ साथ संक्रमण काल में अपने गांव लौटे प्रवासी श्रमिकों ने भी योजना को अपने आजीविका का साधन बनाया था। इसका असर आज साफ दिख रहा है। राज्य के करीब 1.86 लाख एकड़ क्षेत्र में आम के बगीचे लहलहा रहे हैं, जिससे लगभग 2.15 लाख ग्रामीण परिवारों को सीधे तौर पर स्थायी आजीविका और रोज़गार के अवसर मिले हैं। वर्तमान में लगभग 52,000 एकड़ के बागान पूरी तरह से तुड़ाई के लिए तैयार हैं, जिससे इस सीजन में करीब 50,000 मीट्रिक टन आम के उत्पादन का अनुमान है। 

ग्रामीण महिलाओं की मेहनत को मिला 'पलाश' का सम्मान

इस पूरी मुहिम के केंद्र में झारखण्ड की ग्रामीण सखी मंडल की दीदियाँ और महिला किसान हैं। ग्रामीण महिलाओं की श्रम शक्ति का सम्मान के नारे के साथ ये दीदियाँ आम के कलेक्शन, ग्रेडिंग और पैकेजिंग से लेकर उनकी बिक्री और मार्केटिंग की कमान खुद संभाल रही हैं। जेएसएलपीएस द्वारा किसानों को सक्रिय फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गेनाइजेशन्स (FPOs) से जोड़ा गया है, जिससे उन्हें संगठित बाजार और सही मूल्य मिल पा रहा है। 

दुबई और लंदन तक पहुँचा झारखण्ड का आम

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के नेतृत्व में झारखण्ड के कृषि उत्पादों को वैश्विक पहचान मिल रही है। चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में राज्य ने निर्यात के क्षेत्र में बड़ी सफलता हासिल की है। सिमडेगा ज़िले से जेबी एक्सपोर्टर्स के माध्यम से 1,580 किलोग्राम प्रीमियम आम सीधे लंदन (यूके) भेजे गए हैं। वहीं, रामगढ़ क्लस्टर से 1,500 मीट्रिक टन से अधिक आम दुबई (यूएई) निर्यात किए गए हैं। इस वैश्विक निर्यात पहल में सिमडेगा, रामगढ़ और पूर्वी सिंहभूम जैसे ज़िले अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं। आम की गुणवत्ता और अंतरराष्ट्रीय मानकों को बनाए रखने के लिए ICAR-RCER, पलांडू द्वारा तकनीकी मार्गदर्शन और क्वालिटी प्रोटोकॉल प्रदान किया जा रहा है। 

सुव्यवस्थित बाजार और रिटेल लिंकेज

आमों की गुणवत्ता के आधार पर बाजार को तीन श्रेणियों Grade A, B, C में विभाजित कर सुव्यवस्थित किया गया है ताकि किसानों को अधिकतम लाभ मिल सके। ग्रेड-ए प्रीमियम क्वालिटी के इन आमों को APEDA प्रमाणित निर्यातकों के माध्यम से यूएई, सऊदी अरब और यूके जैसे देशों में निर्यात किया जा रहा है।

साथ ही, घरेलू बाजार में इन्हें पलाश मार्ट और अपना मार्ट के आउटलेट्स पर 60 रुपये प्रति किलो की दर से सह-ब्रांडेड पैकेट में बेचा जा रहा है। गुमला के FPOs ने अकेले अपना मार्ट को 2,000 किलो आम की आपूर्ति की है। ग्रेड-बी के तहत संगठित खुदरा बाजारों और पलाश के रिटेल चैनलों में बाजार दरों पर भेजा जा रहा है।  ग्रेड-सी के तहत आम जनता तक पहुँच बनाने के लिए इन्हें स्थानीय बाजारों, पलाश कैनोपी कियोस्क, बस स्टैंडों, जिला मुख्यालयों और साप्ताहिक हाट-बाजारों के माध्यम से बेचा जा रहा है। 

करोड़ों का कारोबार और भविष्य की योजनाएँ

राज्य में सक्रिय लगभग 115 FPOs को पलाश मैंगो कैनोपी काउंटर्स से जोड़ा गया है, जो जिला-वार संग्रह और बिक्री का काम देख रहे हैं। इन काउंटर्स के माध्यम से अब तक झारखण्ड में लगभग 2,24,200 किलोग्राम आमों की बिक्री की जा चुकी है, जिससे ₹60.51 लाख से अधिक का कारोबार हुआ है।

बाजार को और मजबूत करने के लिए ब्लॉक और जिला स्तर पर फार्मर्स मेला तथा बायर-सेलर मीट आयोजित की जा रही हैं। इसके अलावा, बाजार विस्तार के लिए ब्लिंकिट, रिलायंस फ्रेश और कशिश मॉल जैसे कॉर्पोरेट के साथ भी बातचीत अंतिम चरण में है। 

जीआई क्लब में झारखंड का धमाका: 11 नए उत्पादों को मिला भौगोलिक संकेतक टैग, अब कुल 12 हुई संख्या`

झारखंड सरकार राज्य की अनूठी कला, शिल्प, कृषि उत्पादों और पारंपरिक वस्तुओं को पहचान दिलाने, उन्हें सुरक्षित करने और बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसी दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए, जीआई रजिस्ट्री ने हाल ही में राज्य के 11 और महत्वपूर्ण उत्पादों को भौगोलिक संकेतक (GI) टैग प्रदान किया है। 

इन पहलों का मुख्य उद्देश्य झारखंड के पारंपरिक उत्पादों को कानूनी सुरक्षा प्रदान करना, बाजार में उनकी पहचान बढ़ाना और उन्हें राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर स्थापित करना है। 

ये हैं जीआई क्लब में शामिल

झारखंड के ये उत्पाद हुए जीआई (GI) क्लब में शामिल

हाल ही में जिन उत्पादों को जीआई दर्जा दिया गया है, उनमें कुचाई सिल्क साड़ी और कपड़े, भगैया साड़ी और कपड़े, दुमका चादर बदोनी पुतुल (कठपुतली), झारखंड पंछी परहान पंछी साड़ी और कपड़े, झारखंड की टसर सिल्क साड़ियाँ और कपड़े, झारखंड डोकरा क्राफ्ट (धातु शिल्प)  झारखंड के आदिवासी आभूषण (Tribal Jewellery), झारखंड के बांस शिल्प (Bamboo Crafts), केसरिया कलाकंद, झारखंड बेनाम और झारखंड जादुपटुआ पेंटिंग् शामिल हैं।

इन सभी नए जीआई टैगों का आधिकारिक प्रकाशन अगले कुछ दिनों में कर दिया जाएगा। वर्ष 2019 तक झारखंड के पास केवल एक जीआई-टैग उत्पाद (सोहराई और खोवर पेंटिंग) था, लेकिन अब यह संख्या बढ़कर 12 हो गई है, जो जीआई परिदृश्य में राज्य की बढ़ती ताकत को दर्शाता है।

झारक्राफ्ट की बड़ी उपलब्धि

उद्योग विभाग, झारखंड सरकार के तहत कार्यरत झारक्राफ्ट और मुख्यमंत्री लघु एवं कुटीर उद्यम विकास बोर्ड वर्ष 2019 से ही जीआई पंजीकरण गतिविधियों को सक्रिय रूप से बढ़ावा दे रहे हैं। इसी प्रयास के तहत एक उल्लेखनीय मील का पत्थर तब हासिल हुआ, जब झारक्राफ्ट ने एक साथ तीन उत्पादों झारखंड की टसर सिल्क साड़ियाँ और कपड़े, झारखंड के आदिवासी आभूषण और झारखंड के बांस शिल्प  के लिए जीआई पंजीकरण सुरक्षित किया है। ये पंजीकरण झारखंड के कारीगरों और पारंपरिक समुदायों द्वारा तैयार किए गए उत्पादों की दृश्यता, प्रामाणिकता और बाजार क्षमता को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाएंगे। 

अन्य उत्पाद भी हैं कतार में

झारखंड की यह जीआई यात्रा राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक ज्ञान की रक्षा के लिए एक मजबूत आधार तैयार कर चुकी है। इसके अतिरिक्त, कई अन्य अनूठे उत्पादों के आवेदन भी जीआई रजिस्ट्री में जमा किए गए हैं, इनमें मांदर, प्यतकर पेंटिंग, निमुचा/करनी शॉल, लाह की चूड़ियाँ, देवघर पेड़ा, रागी, रुगड़ा, धुस्का, कुसुमी लाहा, साल के बीज, महुआ का फूल और करंज के बीज शामिल हैं। राज्य में अभी भी कई और स्वदेशी उत्पादों को जीआई ढांचे के तहत लाने और राष्ट्रीय व वैश्विक बाजारों में उन्हें सही पहचान दिलाने की अपार संभावनाएं मौजूद हैं।

भाजपा संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह राष्ट्रीय अम्बेडकर अवाॅर्ड से सम्मानित

झारखंड भाजपा के संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह को राष्ट्रीय अम्बेडकर अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है। अम्बेडकर स्कूल ऑफ मार्शल आर्ट्स के अध्यक्ष, दर्जनों लिम्का बुक रिकॉर्ड होल्डर एवं अन्तर्राष्ट्रीय खिलाड़ी सह बहुजन साहित्य अकादमी के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष अनिल बांसफोर के द्वारा भाजपा प्रदेश कार्यालय आकर यह अवॉर्ड संगठन महामंत्री को सुपुर्द किया गया।

इस बाबत सामाजिक कार्यकर्ता सह राँची में अम्बेडकर स्कूल ऑफ़ मार्शल आर्ट्स के अध्यक्ष अनिल बांसफोर ने बताया कि 15 मार्च, 2026 को जीएसकेआर भवन बैरागीपट्टेदा तिरुपति आंध्रप्रदेश में बहुजन साहित्य अकादमी द्वारा आयोजित 18वाँ राष्ट्रीय सम्मेलन में झारखंड प्रदेश के भाजपा के संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह को राष्ट्रीय अम्बेडकर अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। जिसे उन्होंने 16 जून 2026 को स्वयं राँची स्थित भाजपा कार्यालय पर आकर यह अवॉर्ड संगठन महामंत्री को प्रदान किया।

उन्होंने बताया कि यह अवाॅर्ड इसलिए प्रदान किया गया है क्योंकि संगठन महामंत्री झारखंड प्रदेश के दलित, गरीब, शोषित, पीड़ित, आदिवासी, खिलाड़ी एवं विशेषकर सफाई कर्मचारियों के परिवार को हरसंभव आगे बढ़ाने का प्रयास करते हैं। बताया कि यह अवॉर्ड दलित, गरीब, वंचित समाज के उत्थान हेतु काम करने वाले विशिष्ट जनों को प्रदान किया जाता है।

इधर इस मौके पर संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी का मतलब ही जनसेवा और राष्ट्रसेवा है। भाजपा के एक एक कार्यकर्ता का जीवन देश सेवा, समाज सेवा और जरूरतमंदो की सेवा में समर्पित है।

इस अवसर पर भाजपा कार्यालय में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सह राज्यसभा सांसद दीपक प्रकाश, प्रदेश महामंत्री गणेश मिश्रा, विकास प्रीतम सिन्हा , सरोज सिंह आदि उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन: अंगदान से कई लोगों को मिल सकती है जीवन की नई शुरूआत

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि Organ & Tissue Donation का विषय महत्वपूर्ण है। इसके लिए लोगों में जागरूकता की आवश्यकता है। इसके कानूनी पहलुओं को भी जानने होंगे। Organ & Tissue Donation के लिए राज्य सरकार भी पहल कर रही है।

अंगदान कई अन्य व्यक्तियों के जीवन की नई शुरूआत बन सकती है। लोगों के जीवन में नई उम्मीद और खुशियाँ ला सकता है। अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए सरकार, स्वास्थ्य संस्थानों, सामाजिक संगठनों तथा आम लोगों को मिलकर कार्य करनी चाहिए।

मुख्यमंत्री आज बारियातू रोड स्थित एक होटल में मोहन फाउंडेशन की ओर से आयोजित 'Best Practices in Organ & Tissue Donation कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कार्यशाला का आयोजन कर संस्थान ने एक अच्छी पहल की है। स्वस्थ समाज के निर्माण को लेकर राज्य सरकार भी गंभीरता से कार्य कर रही है। अस्पतालों में किसी व्यक्ति की मृत्यु उपरांत उनके परिवारवालों से बातचीत की जानी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि अंगदान मानवता, संवेदनशीलता, करुणा और सामाजिक उतरदायित्व का प्रतीक है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में तकनीक आधारित चिकित्सा प्रणाली है। चिकित्सा जगत में बड़े पैमाने पर तकनीक का इस्तेमाल हो रहा है। रोबोटिक ऑपरेशन हो रहे हैं। लिवर, किडनी का प्रत्यारोपण हो रहा है। झारखंड सरकार भी स्वस्थ झारखंड निर्माण के दिशा में सकारात्मक कार्य कर रही है।

कार्यक्रम में स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. इरफान अंसारी, अपर मुख्य सचिव श्री अजय कुमार सिंह, मणिपाल ऑर्गन शेयरिंग के कंट्री हेड कर्नल अवनीश, मोहन फाउंडेशन के कंट्री हेड श्रीमती ललिता रघुराम, क्रिटिकल केयर मणिपाल के अध्यक्ष डॉ० विजय कुमार मिश्रा, कश्यप मेमोरियल आई हॉस्पिटल के संस्थापक निदेशक डॉ० बी० कश्यप सहित गणमान्य अतिथिगण उपस्थित थे।

मोरहाबादी में गूंजा किसानों का सम्मान: CM हेमंत सोरेन ने किया कृषि मेला-2026 का उद्घाटन, जैविक खेती और जल संरक्षण पर दिया जोर"

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने आज ‘झारखण्ड कृषि उत्पाद एवं व्यापार मेला 2026’ के भव्य उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि भारत एक कृषि प्रधान देश है और देश की आजादी के बाद सबसे पहली परिकल्पना हमारे अन्नदाता को लेकर ही की गई थी, इसीलिए 'जय जवान, जय किसान' का नारा बुलंद हुआ।

उन्होंने कहा कि "खेती-बाड़ी और किसान का इतिहास इस धरती पर किसी भी जाति, धर्म, वर्ग या संप्रदाय के वजूद में आने से कहीं पुराना है। कृषि ने ही घुमंतू इंसान को एक जगह ठहरकर समाज की नींव रखना सिखाया। यह मानव सभ्यता की एक अनवरत यात्रा है। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि राज्य की लगभग 80% आबादी आजीविका के लिए खेती पर निर्भर है।

आज जलवायु परिवर्तन के कारण खेती कार्य में नकारात्मक प्रभाव पड़ा है। आने वाले समय में पीने और खेती के पानी का घोर संकट होने जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में भू-जल का लगातार सिर्फ दोहन हो रहा है। नियम यह है कि हम जितना धरती से लेते हैं, उसका कुछ हिस्सा हमें रिचार्ज पिट और सोक पिट के जरिए वापस लौटाना भी होगा, अन्यथा प्रकृति हमें माफ नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि जरूरी है

कि हम पानी बचाएं। जल संचय पर ध्यान केंद्रित करें। खेतों तथा बंजर भूमि पर जल संचय के लिए जगह बनायें। मुख्यमंत्री ने कहा कि दुनिया में आज जो चल रहा है, उससे सबसे अधिक किसान प्रभावित हो रहे हैं। जरूरत है कि इस संकट में हम किस प्रकार अपने किसानों को तैयार करें ताकि कम पानी में अधिक उपज की जा सके। हर जगह जलवायु परिवर्तन की चिंता है। मुख्यमंत्री ने कहा वैसे तो धरती में सबसे अधिक पानी ही है, लेकिन शत प्रतिशत पानी उपयोग का नहीं है। किसानों से आग्रह है कि अपने-अपने खेतों में जल संचय के लिए काम करना शुरु कर दें, यह आने वाली पीढ़ियों के लिए वरदान साबित होगा।

अंधाधुंध शहरीकरण अभिशाप, विकास कार्य और प्रकृति में संतुलन जरूरी

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि आज सड़कों और उद्योगों के नाम पर 50-100 साल पुराने जंगलों को उजाड़ा जा रहा है, जिसने शहर कंक्रीट के बेजान जंगल में तब्दील हो रहे हैं। इसके विपरीत, कटते पेड़ों के अनुपात में वृक्षारोपण की रफ्तार चींटी की चाल से भी कम है। उन्होंने कहा कि विकास की लकीर के साथ खिंच रही इस विनाश की लकीर को रोकना होगा और इसमें आम जन-भागीदारी बेहद जरूरी है। हम नये युग में प्रवेश तो कर रहे हैं, लेकिन आने वाले विनाश के बाबत भी हमें संतुलन बनाकर आगे बढ़ने की जरूरत है। उन्होंने पशुधन का जिक्र करते हुए कहा कि ये गाय-बकरियां भी तभी बचेंगी जब धरती पर पानी, पेड़ और हरियाली सुरक्षित रहेगी। इंसानों का वजूद भी पानी और पेड़ पौधों से ही है।

बिरसा हरित ग्राम योजना की वैश्विक गूंज, सिमडेगा का आम जा रहा लंदन

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य सरकार द्वारा संचालित बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत बंजर भूमि और खेतों पर लगाए गए फलदार पौधों का परिणाम दिखने लगा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल दिनों में ही सिमडेगा की जेएसएलपीएस (JSLPS) से जुड़ी दीदियाँ मुझसे मिलने आई थीं। उनके द्वारा बागवानी के माध्यम से उपजाया गया आम आज सीधे लंदन (यूके) निर्यात हो रहा है। व्यक्तिगत प्रयासों और सरकारी योजनाओं के सही समन्वय से हमारे किसानों ने वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में किसानों की आय में वृद्धि हो इसके लिए हमारी सरकार लगातार प्रयासरत रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने पिछले कार्यकाल में बिरसा हरित ग्राम योजना शुरू किया, जहां बंजर भूमि में फलदार पेड़ लगाने की शुरुआत की गई। वर्तमान समय में लगभग 1.50 लाख एकड़ बंजर जमीन में पेड़ लगाने का काम हुआ है।

जैविक खेती पर फोकस करें किसान

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने किसानों से आग्रह किया कि फसलों को उगाने में जहरीला पदार्थ का इस्तेमाल न करें। रासायनिक खाद का इस्तेमाल भी कम से कम हो यह सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि चंद रुपयों की लालच में दूसरों की जान खतरे में न डालें, क्योंकि यह जहरीला अनाज घूमकर हमारे अपने परिवार के पेट में ही जाता है। उन्होंने किसानों से अधिक से अधिक जैविक खाद उपयोग करने की अपील की, मुख्यमंत्री ने बताया कि झारखण्ड सरकार इसके लिए एक सुलभ रास्ता तैयार कर रही है। जिन राज्यों में रासायनिक खाद का इस्तेमाल हुआ, वहां का फसल अब कोई लेने को तैयार नहीं है। उन्होंने कहा कि पूर्व के दौर में झारखण्ड में लोग भूख से मरते थे, लेकिन पिछले 7-8 सालों के कार्यकाल में सरकार ने हर गरीब के घर को सामाजिक और आर्थिक रूप से मजबूत किया है। किसी की मौत भूख से नहीं हुई। राज्य सरकार झारखंड के कृषकों के उत्थान के लिए कृतसंकल्पित होकर कार्य कर रही है।

प्रगतिशील किसानों की मैपिंग और मुख्यमंत्री सम्मान

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कृषि विभाग को निर्देश दिया है कि वे राज्य के सभी बेहतर व आधुनिक खेती करने वाले किसानों की मैपिंग करें। उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसानों को सीधे मुख्यमंत्री की तरफ से सम्मानित किया जाएगा और उन्हें तकनीकी उपकरणों से लैस करने हेतु आर्थिक सहायता दिए जाने की बात मुख्यमंत्री ने कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि व्यापार मेला का आयोजन इस उद्देश्य से किया गया है कि कृषकों की आमदनी कैसे बढ़ाई जा सके। राज्य सरकार अपनी जिम्मेदारी निभा रही है। आपको भी अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। दोनों को समझना होगा कि सरकार कितना और किसान कितना भार उठा सकते हैं।

विशेष किसान डिजिटल पोर्टल का निर्माण करें

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने किसानों के सवालों, जिज्ञासाओं और सुझावों के त्वरित निष्पादन के लिए विभाग को अविलंब एक विशेष पोर्टल तैयार करने का आदेश दिया है, जहाँ किसान अपनी बातें रख सकेंगे और सरकार व वैज्ञानिक उन्हें तुरंत समाधान उपलब्ध कराएंगे।

साझा जिम्मेदारी से बदलेगी झारखंड की तस्वीर

मुख्यमंत्री ने कहा कि आधी जिम्मेदारी सरकार उठाएगी और आधी जिम्मेदारी किसानों को उठानी होगी। जब दोनों मिलकर प्रयास करेंगे तो झारखण्ड के किसानों को कोई हरा नहीं सकता। मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषक तथा राज्य सरकार की साझा सहयोग से ही राज्य की तस्वीर बदलेगी। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर स्वयं कृषि व्यापार मेले में लगे स्टॉलों का भ्रमण किया तथा अधिकारियों को कई अहम दिशा-निर्देश भी दिए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बिरसा कृषि रथ-2026 वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

नवाचारों से रू-ब-रू होंगे राज्य के किसान

रांची के ऐतिहासिक मोरहाबादी मैदान में 16 से 18 जून 2026 तक आयोजित इस मेला में राज्य भर के प्रगतिशील किसान, देशभर के कृषि वैज्ञानिक शामिल हो रहें हैं। सरकारी और ग़ैर सरकारी क्षेत्रों के 200 स्टॉल मेला में लगाया गया है, जहां नवाचारों को प्रदर्शित किया जाएगा। विभिन्न विषयों पर आयोजित सेमिनार में किसान नई तकनीक और नवाचारों से अवगत हो सकेंगे

इस अवसर पर मंत्री डॉ० इरफान अंसारी, मंत्री श्रीमती दीपिका पाण्डेय सिंह, मंत्री श्रीमती शिल्पी नेहा तिर्की, सांसद राज्यसभा श्रीमती महुआ माजी, विधायक श्री सुरेश कुमार बैठा, कुलपति, बिरसा कृषि विश्वविद्यालय डॉ० एस० सी० दुबे, गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष श्री राजीव रंजन प्रसाद,कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग के सचिव अबू बकर सिद्दीक सहित राज्य सरकार के वरीय अधिकारीगण तथा अन्य गणमान्य सहित विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे कृषक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

हेमंत कैबिनेट का बड़ा फैसला: नामकुम-डोरंडा पथ 4 लेन, पलामू अमानत बराज को ₹947 करोड़, JharNet 2.0 को विस्तार"

★ पथ प्रमण्डल, राँची अंतर्गत "नामकुम से डोरण्डा पथ (MDR-002) (कुल लंबाई-6. 70 कि०मी०) के चार लेन में चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण कार्य (भू-अर्जन एवं Utility Shifting सहित)" हेतु रू० 162,82,22,100/- (एक सौ बासठ करोड़ बयासी लाख बाईस हजार एक सौ) मात्र की द्वितीय पुनरीक्षित प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

★ श्री मुरारी भगत, सेवानिवृत अभियंता प्रमुख द्वारा सेवा काल में धारित उच्चतर प्रभारी पदों के विरूद्ध वेतन एवं अन्य लाभ देय करने की स्वीकृति दी गई।

★ Widening and Reconstruction to 4 Lane/4 Lane With Service Road including structures from Pokharia More at km 47.600 (Ex. Km 50.230) to Govindpur at km 62.949 (Ex. Km 65.325) of NH-419 में अपयोजित होने वाली भूमि के एवज में धनबाद जिला अंतर्गत पूर्वी टुण्डी अंचलांतर्गत मौजा-बलारडीह में कुल रकबा-5.84 एकड़ पुरानी परती गैर आबाद भूमि क्षतिपूरक वनरोपण हेतु वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, झारखण्ड, राँची को स्थायी हस्तांतरण की स्वीकृति दी गई।

★ राज्य सरकार के विभिन्न कार्यालयों में कम्प्यूटर ऑपरेटर के सृजित पद का वेतनमान तथा संविदा राशि भुगतान की स्वीकृति दी गई।

★ झारखण्ड सरकार के अन्तर्गत सरकारी कर्मचारियों के लिए क्रेडिट सुविधायें, अग्रिम वेतन, बीमा उत्पाद एवं अन्य मूल्यवर्धित सेवाओं की स्वीकृति दी गई।

★ Jharkhand State Wide Area Network (JharNet 2.0) परियोजना की अवधि को वित्तीय वर्ष 2023-24 (दिनांक 01.01.2024) से वित्तीय वर्ष 2026-27 (दि. 31.07.2026 तक) के लिए विस्तारित करने तथा वित्तीय वर्ष 2026-27 (दि. 31.07.2026 तक) में रु. 65.50 करोड़ व्यय की स्वीकृति दी गई।

★ गोड्डा समाहरणालय एवं सम्बद्ध कार्यालय में अनियमित रूप से नियुक्त/कार्यरत 05 (पाँच) कर्मियों की सेवा नियमितीकरण की स्वीकृति दी गई।

★ झारखण्ड राज्य में जंगली जानवरों द्वारा क्षति के फलस्वरूप मुआवजा भुगतान संबंधी आदेश में संशोधन की स्वीकृति दी गई।

★ बोकारो जिला अन्तर्गत चन्दनकियारी अंचल के पर्वतपुर कोल ब्लॉक के मौजा-केन्दुलिया, डिबरदा, बिराजडीह, नावाडीह, तेलगड़िया, देवग्राम, पर्बतपुर, तिलटाँड़, अमलाबाद, करमाटाँड, नयावन, सिलफोर, फतेहपुर के रकवा-2174.52 एकड़ (880 हे०) क्षेत्र पर धारित कोयला खनिज के खनन पट्टा की स्वीकृति दी गई।

★ केन्द्र प्रायोजित मिशन शक्ति (सम्बल) के तहत् संचालित महिला हेल्पलाईन 181 के निर्बाध कार्यशीलता हेतु तत्समय के सेवा प्रदाता एजेंसी MICA Educational Comp (P) Ltd. के अनुबंध को दिनांक-31.10.2025 तक के अवधि विस्तार दिनांक-21.12.2024 के भूतलक्षी प्रभाव से निर्गमण की घटनोत्तर स्वीकृति दी गई।

★ पलामू जिलान्तर्गत अमानत बराज योजना का यथाप्रस्तावित पद्धति से क्रियान्वयन हेतु रू० 947.2671 करोड़ (रूपये नौ सौ सैंतालिस करोड़ छब्बीस लाख इकहत्तर हजार) मात्र के तृतीय पुनरीक्षित प्राक्कलन की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

★ भारत के नियंत्रक-महालेखापरीक्षक का झारखण्ड में प्रधानमंत्री आवास योजना- ग्रामीण के क्रियान्वयन पर प्रतिवेदन, वर्ष 2026 की प्रतिवेदन संख्या-2 (निष्पादन लेखा परीक्षा) को झारखण्ड विधान सभा के पटल पर आगामी सत्र में उपस्थापन की स्वीकृति दी गई।

★ भारत के नियंत्रक-महालेखापरीक्षक का वर्ष 2024-25 के लिए राज्य वित्त पर प्रतिवेदन, झारखण्ड सरकार, वर्ष 2026 की प्रतिवेदन संख्या 03 (राज्य वित्त लेखा परीक्षा प्रतिवेदन ) को झारखण्ड विधान सभा के पटल पर आगामी सत्र में उपस्थापन की स्वीकृति दी गई।

★ झारखण्ड सेवा नियमितीकरण नियमावली, 2015 के तहत बोकारो समाहरणालय एवं सम्बद्ध कार्यालय में अनियमित रूप से नियुक्त / कार्यरत 02 (दो) कर्मियों की सेवा नियमितीकरण की स्वीकृति दी गई।

★ बाँध सुरक्षा अधिनियम, 2021 के तहत झारखण्ड राज्य में वृहद् एवं मध्यम सिंचाई योजनाओं के अंतर्गत विनिर्दिष्ठ बाँधों तथा उनके जलाशयों की स्थिति अवधारित करने के प्रयोजन के निमित विशेषज्ञों का स्वतंत्र पैनल (Independent Panel of Experts) के गठन की स्वीकृति दी गई।

★ वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अन्तर्गत कार्यों के कार्यान्वयन हेतु हाईब्रिड मॉडल (विभागीय / पीस वेजेज एवं ठेकेदार पद्धति लागू किये जाने) को अंगीकृत करने की स्वीकृति दी गई।

★ झारखण्ड राज्य के महाधिवक्ता के पद पर श्री रोहितश्य रॉय, अधिवक्ता की नियुक्ति की घटनोत्तर स्वीकृति दी गई।

★ झारखण्ड राज्य के विभिन्न विभागों द्वारा क्षतिपूरक वनरोपण के निमित्त वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, झारखण्ड को सरकारी भूमि / गैरमजरूआ Deemed Forest (जंगल-झाड़ी, जंगल-सखुआ, जंगल-साल, जंगल इत्यादि) किस्म की भूमि के निःशुल्क स्थायी हस्तांतरण एवं इससे संबंधित सभी मामलों के निस्तार की शक्ति उपायुक्त को प्रत्यायोजित करने की स्वीकृति दी गई।

★ बोकारो जिला के चन्दनकियारी अंचल अंतर्गत सीतानाला कोल ब्लॉक के मौजा-सीतानाला, डकबेरा, पत्थरगढ़ा, शिवबाबुडीह, बनसारा, भौंरा के Cadastral Survey के अनुसार कुल रकवा-792.568 एकड़ एवं Revisional Survey के अनुसार कुल रकवा-792.1434 एकड़ तथा Georeference Cadastral Map के अनुसार कुल रकबा 316.94 हे0 क्षेत्र पर धारित कोयला खनिज के खनन पट्टा की स्वीकृति दी गई।

★ पूर्वी सिंहभूम जिलान्तर्गत हरियान, बारूनमूति, चडरीबुरू एवं गुड़ाबांधा एमराल्ड खनिज ब्लॉक के रकबा 24.47 वर्ग कि०मी० को MMDR Act, 1957 (यथा संशोधित) की धारा 17 (A) (2) के आलोक में आरक्षित करने हेतु केन्द्र सरकार का अनुमोदन प्राप्त करने की स्वीकृति दी गई।

★ गोड्डा जिला के सुन्दरपहाड़ी अंचल अन्तर्गत जीतपुर कोल ब्लॉक के रकवा 497.10 हेक्टेयर क्षेत्र पर M/s Terri Mining Pvt. Ltd. को कोयला खनन पट्टा की स्वीकृति दी गई।

★ श्री अच्युत केशव, अपर महाधिवक्ता संख्या-V, झारखण्ड उच्च न्यायालय, राँची के पद को उत्कमित करते हुए वरीय अपर महाधिवक्ता, झारखण्ड उच्च न्यायालय, राँची के पद पर नियुक्त करने की स्वीकृति दी गई।

★ माननीय उच्च न्यायालय, झारखण्ड, राँची द्वारा Cont. Case (Civil) No.-997 of 2024 ज्योति लाल महतो बनाम राज्य सरकार एवं अन्य, Cont. Case (Civil) No.-999 of 2024 अरूण कुमार दास बनाम राज्य सरकार एवं अन्य, Cont. Case (Civil) No.-977 of 2024 मृणाल कुमार राय बनाम राज्य सरकार एवं अन्य, Cont. Case (Civil) No.-1056 of 2024 अजय कुमार बनाम राज्य सरकार एवं अन्य तथा Cont. Case (Civil) No.-1076 of 2025 चन्द्र प्रकाश सिंह बनाम राज्य सरकार वादों में पारित आदेश के अनुपालन में झारखण्ड कर्मचारी चयन आयोग का विज्ञापन सं०-18/2016 अंतर्गत अनुशंसित अभ्यर्थियों/वादियों को मोटरयान निरीक्षक के पद पर नियुक्ति प्रदान किये जाने की स्वीकृति दी गई।

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने 'नशा मुक्त झारखंड' अभियान का किया शुभारम्भ, प्रचार वाहनों को दिखाई हरी झंडी

नशा मुक्त झारखंड बनने के उद्देश्य से निषिद्ध मादक पदार्थ के सेवन, तस्करी एवं इसके दुष्प्रभावों के प्रति जन सामान्य को जागरूक करने हेतु राज्य सरकार द्वारा संचालित राज्यव्यापी जागरूकता अभियान का आज मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने शुभारम्भ किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने झारखंड मंत्रालय परिसर में जागरूकता प्रचार-प्रसार वाहनों को हरी झंडी दिखाकर राज्य के विभिन्न जिलों के लिए रवाना किया। इन प्रचार-प्रसार वाहनों के माध्यम से नशे की लत के खिलाफ जन जागरूकता फैलाने के साथ-साथ इस अभियान का उद्देश्य युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से बचाना है।

नशा मनुष्य को न केवल बीमार बनाता है, बल्कि परिवार एवं समाज को भी गहरे संकट में डाल देता है

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने अधिकारियों से कहा कि नशीले एवं प्रतिबंधित मादक पदार्थ के सेवन से मनुष्य के स्वास्थ्य में नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। सभी के सहयोग से राज्य को नशा मुक्त बनाने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा इस दिशा में निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि नशा किसी भी व्यक्ति के शारीरिक, मानसिक, आर्थिक और सामाजिक जीवन को पूरी तरह से नष्ट कर देता है। यह न केवल नशा करने वाले व्यक्ति को बीमार बनाता है, बल्कि उसके पूरे परिवार और समाज को भी गहरे संकट में डाल देता है। इसके लिए समाज को भी आगे आना होगा।

मुख्यमंत्री ने लोगों से की अपील..

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि वर्तमान समय में युवाओं को नशे के गिरफ्त से बचाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। मादक पदार्थ का सेवन परिवार, समाज और राज्य की प्रगति के लिए गंभीर चुनौती उत्पन्न करते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार पर सख्ती से अंकुश लगाने के लिए निरंतर अभियान चलाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की समस्त जनमानस के साथ-साथ विशेष रूप से युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराने और उन्हें स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवन शैली अपनाने के लिए प्रेरित करने हेतु व्यापक जन जागरूकता कार्यक्रम की शुरुआत की गई है। मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की है कि वह नशे से दूर रहे तथा अपने परिजन, समाज एवं करीबियों को इसके प्रति जागरूक करें।

इस अवसर पर स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ० इरफान अंसारी, मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, अपर मुख्य सचिव गृह विभाग श्रीमती वंदना दादेल, डीजीपी श्रीमती तदाशा मिश्रा सहित अन्य वरीय पदाधिकारीगण उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने ‘MED-TECH INNOVATION DAY’ में ‘District Sandbox’ पहल का शुभारंभ किया

भारतीय विकास ट्रस्ट (BVT) ने PHIA फाउंडेशन के सहयोग से रांची स्थित होटल बी.एन.आर. चाणक्य में ‘MedTech Innovation Day’ का आयोजन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने रिमोट का बटनदबाकर ‘District Sandbox’ पहल का शुभारंभ किया। यह पहल स्वास्थ्य क्षेत्र में नई तकनीकों और नवाचारों के परीक्षण, मूल्यांकन तथा व्यापक उपयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रारंभ की गई है।

भारतीय विकास ट्रस्ट और PHIA फाउंडेशन द्वारा संचालित "डिस्ट्रिक्ट सैंडबॉक्स" इनोवेटर्स को वास्तविक सार्वजनिक स्वास्थ्य परिस्थितियों में अपनी चिकित्सा तकनीकों का परीक्षण करने का अवसर देगा। इससे ऐसे समाधानों के प्रभाव का आकलन किया जा सकेगा और उनके व्यापक उपयोग का मार्ग प्रशस्त होगा। इस पहल का उद्देश्य झारखंड के स्वास्थ्य नवाचार इकोसिस्टम को मजबूत बनाना और विशेष रूप से ग्रामीण, जनजातीय तथा वंचित समुदायों के स्वास्थ्य परिणामों में सुधार लाना है।

झारखंड में नवाचार की अपार संभावनाएँ; तकनीक से सुदृढ़ होगी स्वास्थ्य व्यवस्था

उद्घाटन के अवसर पर मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा, “मैं भारतीय विकास ट्रस्ट, PHIA फाउंडेशन और उनके सभी सहयोगियों को झारखंड में इस पहल को लाने तथा सहयोग और नवाचार को बढ़ावा देने वाला मंच तैयार करने के लिए बधाई देता हूँ। झारखंड इनोवेटर्स के लिए अपार संभावनाएँ प्रस्तुत करता है, जहाँ वे स्थानीय जरूरतों और परिस्थितियों के अनुरूप व्यावहारिक समाधान विकसित कर सकते हैं,

जो लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकें, विशेष रूप से हमारे जनजातीय और ग्रामीण समुदायों में। स्वास्थ्य क्षेत्र आज पूरी दुनिया के लिए एक बड़ी चुनौती है और झारखंड जैसी भौगोलिक व सामाजिक परिस्थितियों वाले राज्य में तकनीक और नवाचार की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। राज्य के दूरदराज और आदिवासी इलाकों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाना सरकार की प्राथमिकता है।”

एआई और नवाचार से सशक्त होगी स्वास्थ्य व्यवस्था, स्टार्टअप्स को सरकार का पूरा सहयोग

मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य क्षेत्र में एआई, बायो-इंजीनियरिंग और रियल-टाइम डेटा के बढ़ते उपयोग पर जोर देते हुए कहा कि भविष्य की स्वास्थ्य व्यवस्था तकनीक-आधारित होगी। उन्होंने वहाँ मौजूद कई नवाचारों की सराहना की और कहा कि स्टार्टअप्स व शोधकर्ताओं द्वारा विकसित तकनीकों को धरातल तक पहुँचाने में राज्य सरकार हर संभव सहयोग करेगी। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कार्यक्रम में प्रदर्शित बिना फिल्म वाली पोर्टेबल डिजिटल एक्स-रे मशीन का अवलोकन किया। इस आधुनिक तकनीक को IIT धनबाद के पूर्व छात्रों द्वारा विकसित किया गया है।

इस कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी, अपर मुख्य सचिव श्री अजय कुमार सिंह, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अभियान निदेशक श्री शशि प्रकाश झा, वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ, इनोवेटर्स, स्वास्थ्यकर्मी और विकास क्षेत्र के साझेदार भी उपस्थित थे।

सभा को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में स्वास्थ्य क्षेत्र में तेजी से विकास हुआ है। उन्होंने मेडिकल कॉलेजों, एमबीबीएस और पीजी सीटों में बढ़ोतरी तथा डॉक्टरों की नियुक्ति को सरकार की बड़ी उपलब्धि बताया। मंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ाने के लिए नए मॉडल पर काम किया जा रहा है। उन्होंने एआई-आधारित स्वास्थ्य सेवाओं और प्रस्तावित एआई कॉन्फ्रेंस का भी उल्लेख किया। साथ ही 745 ‘अबुआ मेडिकल स्टोर’ खोलने की योजना की जानकारी दी। उन्होंने स्वास्थ्य और शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की अपील करते हुए स्वास्थ्य क्षेत्र में नवाचार और तकनीक को बढ़ावा देने का भरोसा दिलाया।

कार्यक्रम में दो पैनल चर्चाएँ भी आयोजित की गईं।

इनमें सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली के लिए मेडटेक समाधान विकसित करने की प्रक्रिया तथा सरकार, इनोवेटर्स, स्वास्थ्य संस्थानों और विकास साझेदारों के बीच सहयोग के माध्यम से स्वास्थ्य नवाचारों को तेजी से अपनाने और उनके विस्तार के उपायों पर चर्चा की गई।

डिस्ट्रिक्ट सैंडबॉक्स के महत्व पर प्रकाश डालते हुए पीएचआईए फाउंडेशन के कार्यकारी निदेशक श्री जॉनसन टोपनो ने कहा, “डिस्ट्रिक्ट सैंडबॉक्स सरकार, इनोवेटर्स, शोधकर्ताओं और समुदायों को एक साथ लाकर झारखंड की स्वास्थ्य प्राथमिकताओं से जुड़ी चुनौतियों के समाधान का परीक्षण करने और उन्हें बेहतर बनाने का एक महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करता है।

हमें उम्मीद है कि यह पहल ऐसे नवाचारों को तेजी से अपनाने में मदद करेगी, जो व्यापक स्तर पर लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकें।” डिस्ट्रिक्ट सैंडबॉक्स, बीवीटी और पीएचआईए फाउंडेशन के व्यापक नवाचार इकोसिस्टम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो आशाजनक स्वास्थ्य तकनीकों को परीक्षण और मूल्यांकन के बाद व्यापक उपयोग एवं विस्तार तक पहुँचाने का मार्ग प्रशस्त करेगा।

प्रदेश कार्यालय में भाजपा की बैठक संपन्न, बूथ तक कार्यक्रमों को ले जाने पर जोर

भाजपा प्रदेश कार्यालय में आगामी संगठनात्मक एवं जनसरोकार से जुड़े कार्यक्रमों के निमित्त प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू की अध्यक्षता में पार्टी के प्रदेश पदाधिकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के झारखंड प्रवास के दौरान मिले निर्देशों के अनुपालन को लेकर झारखंड भाजपा पूरी तरह तत्पर है। वहीं राष्ट्रीय अध्यक्ष से मिली राजनीतिक घुट्टी और मार्गदर्शन से झारखंड भाजपा नई ऊर्जा और उत्साह में दिख रही है।

बैठक के बाद मीडिया को ब्रीफिंग करते हुए प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाउरी ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के पदभार ग्रहण करने के पश्चात संगठनात्मक कार्यों को अधिक प्रभावी एवं परिणाममुखी बनाने के उद्देश्य से मंडल, शक्ति केंद्र, बूथ, जिला एवं प्रदेश स्तर पर नियमित मासिक बैठकों की श्रृंखला निर्धारित की गई है। इसी क्रम में प्रत्येक माह की 15 तारीख को प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक सुनिश्चित की गई है। आज से वही बैठक प्रारंभ है।

उन्होंने बताया कि बैठक में गत एक माह के दौरान संपन्न कार्यक्रमों की समीक्षा की गई तथा आगामी कार्यक्रमों की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा हुई।

श्री बाउरी ने कहा कि आगामी दिनों में पार्टी के कई महत्वपूर्ण कार्यक्रम प्रस्तावित हैं। 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर व्यापक स्तर पर योग दिवस कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में चल रहे कार्यक्रमों के अंतर्गत किसान मोर्चा द्वारा प्रत्येक जिले में जैविक (ऑर्गेनिक) खेती पर संगोष्ठियों का आयोजन किया जाएगा।

उन्होंने आगे बताया कि 23 जून को डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी के अमर बलिदान दिवस पर श्रद्धांजलि एवं स्मरण कार्यक्रम आयोजित होंगे। इसके अतिरिक्त 25 जून को देश में लगाए गए इमरजेंसी की वर्षगांठ के अवसर पर लोकतंत्र पर हुए प्रहार को स्मरण करते हुए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

श्री बाउरी ने कहा कि बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष के हालिया झारखंड प्रवास, हाल ही में संपन्न प्रशिक्षण वर्ग तथा प्रधानमंत्री मोदी सरकार के 12 वर्षों को लेकर चल रहे विभिन्न कार्यक्रमों की भी समीक्षा की गई। साथ ही आगामी एक माह के संगठनात्मक कार्यक्रमों को लेकर विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जा रही है।

उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह संगठनात्मक बैठक है, जिसका उद्देश्य पार्टी के कार्यक्रमों को बूथ स्तर तक प्रभावी ढंग से क्रियान्वित करना तथा संगठन को और अधिक सशक्त एवं सक्रिय बनाना है।

प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक में आदित्य साहू के अलावा नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, प्रदेश संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह, प्रदेश उपाध्यक्ष राकेश प्रसाद, नीलकंठ सिंह मुंडा, बालमुकुंद सहाय, भानू प्रताप शाही, सुनील सोरेन, मुनेश्वर साहू एवं गीता कोड़ा, प्रदेश महामंत्री गणेश मिश्रा, अमर कुमार बाउरी एवं मनोज सिंह, प्रदेश मंत्री दिलीप वर्मा, शैलेन्द्र सिंह, सुनिता सिंह, अमरदीप यादव, कृष्णा महतो, अमित सिंह, मनीर उरांव एवं शालिनी बैसखियार, दीपक बंका, हेमंत दास, सूरज गुप्ता चौरसिया, शशांक राज, आरती सिंह, पवन साहू, किशुन दास, अनवर हयात मौजूद थे।

रांची में आईएएस प्रोबेशनर आस्था शरण ने डीसी मंजूनाथ भजन्त्री से की शिष्टाचार भेंट

जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त, रांची मंजूनाथ भजन्त्री से 2025 बैच की आईएएस प्रोबेशनर सुश्री आस्था शरण ने शिष्टाचार भेंट की।

जिला प्रशिक्षण हेतु रांची में योगदान देने के क्रम में सुश्री आस्था शरण ने जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री से मुलाकात की।

इस अवसर पर उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने उन्हें प्रशिक्षण अवधि के लिए शुभकामनाएं दीं।

उन्होंने आशा व्यक्त की कि प्रशिक्षण अवधि के दौरान सुश्री आस्था शरण विभिन्न विभागों के कार्यों का अनुभव प्राप्त कर जनहित एवं सुशासन के क्षेत्र में प्रभावी योगदान देंगी।